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अचानक बदला मौसम: रांची में दिन में ही छाया अंधेरा, बिजली-गर्जन के साथ बारिश

रांची झारखंड के रांची में रविवार को दोपहर 4 बजे अचानक आसमान काले बादलों से छा गया और वज्रपात, बिजली और गर्जन के साथ मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि बारिश केवल हल्की ही हुई। झारखंड के जमशेदपुर, कोडरमा और कई अन्य जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री और न्यूनतम 18.1 डिग्री दर्ज हुआ। यहां दोपहर में तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। लातेहार में अधिकतम तापमान केवल 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री दर्ज हुआ। यहां हल्की ठंडी हवा ने दिन को आरामदायक बनाया। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में असम की तरफ बने अपर ऐयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। आज अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, रांची, खूंटी, हजारीबाग, बोकारो, पलामू और कोडरमा जैसे जिलों में तापमान 32-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। दक्षिणी जिलों में जमशेदपुर, सरायकेला खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री रह सकता है। न्यूनतम तापमान 18-21 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी, रामगढ़, देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, सरायकेला खरसावां और जमशेदपुर में। हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।  येलो अलर्ट: पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा, चतरा और सिमडेगा में। हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और गर्जन के साथ बारिश की भी संभावना है। वहीं, झारखंड में मौसम आज थोड़ी राहत देगा, लेकिन वज्रपात और तेज हवा के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  

IMD की बड़ी चेतावनी: 13-14 दिसंबर को मूसलाधार बारिश, इन राज्यों में रेडी रहें अलर्ट पर

नई दिल्ली  इस साल मानसून का सीजन बेहद शानदार रहा। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और पिछले सालों की तुलना में इस बार बारिश का स्तर अधिक रहा। मानसून के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश और ठंड का असर जारी है। मौसम विभाग ने 12 से 14 दिसंबर तक देश के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश: घना कोहरा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं उत्तर प्रदेश में 13 और 14 दिसंबर को कई जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। प्रभावित जिले है बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, मऊ, देवरिया और गाजीपुर। मौसम विभाग ने इस दौरान बारिश का कोई अलर्ट नहीं दिया है। सुबह-सुबह कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने की संभावना है, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड: शुष्क मौसम और तेज धूप उत्तराखंड में 13 और 14 दिसंबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में तेज धूप देखने को मिलेगी। दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, लेकिन रात के समय न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से ठंड बढ़ सकती है। दिल्ली: बढ़ती ठंड और शीतलहर का खतरा दिल्ली में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 और 14 दिसंबर के बीच शीतलहर चल सकती है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और आवश्यक सावधानी बरतें।   बारिश और बर्फबारी का अलर्ट मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है।      कर्नाटक के कुछ जिले, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी और कराईकल में 12 से 14 दिसंबर तक रुक-रुककर भारी बारिश की संभावना।     हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 13 दिसंबर से तेज बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है।     तमिलनाडु में 12 से 14 दिसंबर के बीच जमकर बादल बरसेंगे। इस दौरान बिजली गिरने और तेज हवा चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों की सलाह     सुबह और शाम को घने कोहरे और कम दृश्यता के समय वाहन चलाते समय सतर्क रहें।     पहाड़ों और नदियों के किनारे रहने वाले लोग अलर्ट रहें।     ठंड और बारिश से बचाव के लिए गर्म कपड़े और जरूरी इंतजाम रखें।     स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। देश में 12 से 14 दिसंबर के बीच कोहरा, ठंड, बारिश और बर्फबारी के रूप में मौसम सक्रिय रहेगा। लोगों को मौसम की स्थितियों के अनुसार अपनी सुरक्षा और गतिविधियों की तैयारी करनी चाहिए।  

तेज बारिश का खतरा! IMD ने जारी किया अलर्ट, अगले पांच दिन रहें सतर्क

नई दिल्ली  अगले दो से तीन दिनों के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार के बचे हुए भागों, संपूर्ण झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से दक्षिण पश्चिम मॉनसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वहीं, अगले पांच दिनों तक दक्षिण भारत के हिस्सों में मूसलाधार भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई ह। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार, 12-17 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, केरल, 11 और 12 अक्टूबर को लक्षद्वीप, 11 को तटीय कर्नाटक, 11 से 15 के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, 11 से 14 अक्टूबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम व रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश और 11 अक्टूबर को उत्तरी तमिलनाडु व केरल में बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, 11-12 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम व रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चलेंगी। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो 11 और 12 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। 11 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्रों और 11-13 अक्टूबर को ओडिशा में बिजली व तेज हवा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि 11 अक्टूबर को असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में और 11 व 12 अक्टूबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बिजली के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

देवभोग के 36 गांव बारिश की मार से अलग-थलग, बाढ़ और फसल संकट से तनाव बढ़ा

रायपुर छत्तीसगढ़ के अधिकतर हिस्सों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है. बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश से कई इलाकों में नदी-नाले फिर से उफान पर आ गए हैं. कहीं 36 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, तो कहीं बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इधर फसलों को लेकर किसानों की भी टेंशन बढ़ गई है. 36 गांव का टूटा ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क, बाढ़ जैसे हालत गरियाबंद जिले में मानसूनी गतिविधि का असर देखने को मिला है. लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं. बेलाट नाले का जल स्तर बढ़ गया है. इसके कारण देवभोग के झाखरपारा क्षेत्र के 36 गांव का सम्पर्क ब्लॉक मुख्यालय से टूट गया है. इसके अलावा तहसील मुख्यालय अमलीपदर का सुख तेल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं देर रात बिजली के पोल टूटने से 100 गांव में ब्लेक आउट की स्थिति निर्मित हो गई. तहसीलदार देवभोग अजय चंद्रवंशी ने बताया कि जिले में गुरुवार को 7 तहसीलों में 471 मिमी बारिश हो गई. आज दूसरे दिन भी बारिश जारी है. सबसे ज्यादा अमलीपदर तहसील में 101 मिमी बारिश दर्ज हुई है. बारिश के बार नदी नाला में निर्मित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन एलर्ट मोड पर है. देवभोग के बेलाट नाला पर तहसीलदार अमले के साथ पहुंच रस्सी से बेरिकेटिंग कर दिया है, ताकि कोई आवाजाही न कर सके. बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी हो रही बारिश प्रदेश के बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी तेज बारिश हो रही है. अगले दो दिन बारिश होने की संभावना जताई गई है. ऐसे में किसान की अपनी फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है.

तेज बारिश से पंजाब का मौसम हुआ बदल, कौन-कौन से शहरों में मौसम रहेगा खराब

पंजाब  पंजाब में आज सुबह-सुबह मौसम ने करवट लेना शुरू कर दी है। कई इलाकों में तेज धुंध के बाद बारिश हुई, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं, आज दशहरे का पर्व होने के कारण आयोजकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 से 4 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 4 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी असर सक्रिय होने वाला है, जिसके चलते 5 और 7 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 6 अक्टूबर को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और सड़क पर निकलते समय विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। 

दशहरा पर बरसेंगे मेघ: यूपी-बिहार में बारिश के आसार, अन्य राज्यों में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली मॉनसून की वापसी के साथ ही राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। भारत मौसम विभाग के अनुसार, एक सुस्पष्ट कम दबाव क्षेत्र पश्चिम विदर्भ और उससे सटे उत्तर मध्य महाराष्ट्र के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, और गुजरात राज्य में कुछ स्थानों पर 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है। मॉनसून की वापसी रेखा अभी भी गुजरात के वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी और शाहजहांपुर से गुजर रही है। वहीं 28 से 30 सितंबर तक पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है। जानते हैं आपके शहर में कल कैसा मौसम रहेगा… दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? भारत मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, दिल्ली में 28 व 29 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर और एक अक्टूबर को हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री तक रह सकता है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। पूर्वी यूपी के जिलों में अगले दो-तीन दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। दिन का तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दशहरा के मौके पर बारिश होने की संभावना है। लेकिन हल्की-फुल्की ही बारिश होगी। कहीं पर भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम? बिहार में पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी ने लोगों को खूब परेशान किया है। हालांकि अगले दो दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक से 4 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3–4 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तराखंड ने इस साल बारिश बादल फटने के कारण भीषण तबाही का सामना किया है। इस लोगों की प्राकृतिक आपदा से मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोगों का घर तबाह हो गया। उत्तराखंड में कल ज्यादातर इलाकों में साफ या आंशिक बादल रहेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बौछार पड़ सकती है। तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम? राज्य में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक लगातार बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी निकासी की तैयारी रखने की जरूरत है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने कोकण, मुंबई, पालघर, ठाणे, पुणे, नाशिक, विदर्भ व मराठवाड़ा में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 28–29 सितंबर को मुंबई सहित उत्तर कोकण व उत्तर मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी वर्षा संभव है।

बदरा बरसे मुंबई पर, मराठवाड़ा में बारिश ने मचाया कहर; CM ने राहत कार्यों का जायजा लिया

मुंबई सितंबर का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन महाराष्ट्र के तमाम जिलों में लौटते मानसून का कहर जारी है। मुंबई और आसपास के जिलों में शनिवार देर रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया है। कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश के कारण ठाणे में एक व्यक्ति नदी में बह गया। मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित शनिवार रात आधी रात के बाद मुंबई में तेज बारिश शुरू हुई। शुरुआती घंटों में बारिश की रफ्तार बहुत तेज रही, लेकिन रविवार तड़के इसमें थोड़ी कमी आई। अब शहर के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ रही हैं।   24 घंटे में बारिश का आंकड़ा (सुबह 8.30 बजे तक)     कोलाबा: 120.8 मिमी     सांताक्रुज: 83.8 मिमी     जुहू: 88 मिमी     बांद्रा: 82.5 मिमी     महालक्ष्मी: 28 मिमी  

बारिश बनी आफत: इंदौर में मासूम की मौत, उज्जैन के मंदिरों में जलभराव, भोपाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

इंदौर इंदौर शहर में बुधवार रात हुई तेज बारिश में मायाखेड़ी क्षेत्र में ओमेक्स सिटी के करीब एक बच्चा तेज पानी के बहाव में नाले में बह गया। बच्चे का नाम राजवीर मालवीय बताया जा रहा है और उसकी उम्र करीब 8 साल है। जानकारी के मुताबिक देर रात तेज बारिश के दौरान राजवीर के पिता राजपाल उसे एक जगह पर खड़े करके अपनी गाड़ी पार्क करने गए, जब वो वापस लौटे तो बच्चा वहां पर नहीं था। रात में ही परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। अंधेरा होने की वजह से बच्चे को खोजा नहीं जा सका। गुरुवार सुबह लसूड़‍िया थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने एक बार फिर सर्चिंग शुरू की तो राजवीर का शव मिला। बच्चे का शव कुछ दूरी पर एक पुल में फंसा हुआ मिला। आशंका जताई जा रही है कि बारिश में फिसलने की वजह से वो नीचे गिर गया और पानी के बहाव में बह गया। घटना के बाद राजवीर के माता-पिता सदमे में हैं, वो उनका एकलौता बेटा था। उधर इलाके के लोग नाले के आस-पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वहां दीवार या जाली लगी होती तो बच्चा अंदर नहीं बहता। भोपाल में सबसे ज्यादा ढाई इंच पानी गिर गया। शाजापुर में 2.1 इंच, इंदौर में 2 इंच, उमरिया में 1.9 इंच, उज्जैन-सिवनी में 1.8 इंच, रीवा में 1.6 इंच, टीकमगढ़ में 1.3 इंच बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से बादल छाए हुए हैं। कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इस मानसूनी सीजन में औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से 7 इंच ज्यादा है। रायसेन, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दतिया, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, बैतूल, सीधी, नरसिंहपुर, गुना, दमोह, पांढुर्णा, डिंडौरी, विदिशा और सीहोर में भी बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। सीजन में चौथी बार खुले भदभदा डैम के गेट भोपाल में शाम 7:30 बजे से रात 11:30 बजे तक सिर्फ 4 घंटे में लगभग ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़ा तालाब एक बार फिर लबालब भर गया, जिससे रात में भदभदा डैम का एक गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। इस मानसून सीजन में चौथी बार डैम का गेट खोला गया है। 4 दिन प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट नहीं मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन लोकल सिस्टम की वजह से पानी गिर सकता है। पिछले एक सप्ताह से ऐसा ही हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। यदि वापसी की यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में अगले हफ्ते ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

भारी बारिश से रामानुजगंज बेहाल, कन्हर नदी खतरे के निशान पर

रामानुजगंज रामानुजगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं कन्हर नदी अपने पूरे उफान पर है। नदियों के साथ-साथ सभी नाले भी उफान पर हैं, जिससे निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। क्षेत्र के प्रमुख तालाबों और छोटे-बड़े बांधों में पानी लबालब भर गया है, जिससे जलभराव की समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें बांधों और जलाशयों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश को देखते हुए नगर पालिका के समस्त कर्मचारी अलर्ट मोड में हैं। सभी वार्डों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें और नदियों-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और नगर पालिका स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

हिमाचल आपदा रिपोर्ट: बादल फटना और बारिश से 3787 करोड़ का नुकसान, तापमान 1.5°C बढ़ा

शिमला हिमाचल प्रदेश मे भारी बारिश के चलते इस बार भी भीषण तबाही हुई है और इस तबाही की गवाही आंकड़े दे रहे हैं. तबाही के लिए अलग-अलग कारण गिनवाए जा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण मानवीय चूक माना जा रहा है. जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का असर साफ तौर पर हिमाचल में देखा जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अब तक के तापमान के अध्ययन से पता चला है कि बीते 100 सालों में हिमाचल प्रदेश में तापमान में औसतन 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ौतरी हुई है. इसी का परिणाम है कि हिमाचल में लगातार प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में बढ़ौतरी हुई है. साल 2023 की त्रासदी के जख्म अभी तक भरे नहीं हैं और 2025 में लगातार जख्म पर जख्म मिल रहे हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस मॉनसून सीजन में 20 जून से 5 सितंबर की सुबह 10 बजे तक 355 लोगों की मौत हो चुकी है  और 49 लोग लापता हैं. इसी तरह 416 घायल हुए हैं. आपदा में 5194 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. साथ ही 1945 मवेशियों की मौत और 25 हजार 755 पोल्ट्री वर्ड्स की भी जान गई है. आपदा से अब तक प्रदेश को 3787 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. बीते 2 सालों में हुए नुकसान की बात करें तो आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में आई भीषण आपदा में हिमाचल में 509 लोगों मौत हुई थी और 12 हजार 034 घरों को नुकसान हुआ था, जिनमें  2944 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए थे. 2023 में 528 घायल हुए थे और 38 लोग लापता हो गए थे. हिमाचल को  9 हजार 712 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ था.  वर्ष 2024 में हिमाचल में आई आपदा में 174 लोगों की जान गई थी, 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और 31 लोग लापता हुए थे. प्रदेश में 1613 करोड़ की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. आठ साल में कितनी बार बादल फटे इस वर्ष जुलाई माह से पहले राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में साल 2018 से लेकर जुलाई 2025 बादल फटने की 148 घटनाएं हो चुकी हैं. इसके अचानक बाढ़ आने की 294 और भूस्खलन की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हो चुकी है. इस बार 20 जून से अब तक 45 बार बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. वहीं, 105 बड़े भूस्खलन, 91 फ्लैश फ्लड आए हैं. फ्लैश और लैंडस्लाइड में 161 लोगों की मौत और 154 लोगों की सड़क हादसों में जान गई है. मौसम में आए इस बदलाव को लेकर टीम ने शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में कार्यरत मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा से बात की. प्रदेश में इस वक्त हो रही लगातार बारिश को लेकर संदीप शर्मा ने बताया कि 8 सितंबर तक मॉनसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस वर्ष इतनी ज्यादा बारिश होने का कारण यही है कि मॉनसून पूरा समय सक्रिय रहा है. संदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष जून माह में सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जुलाई में सामान्य बारिश हुई है जबकि अगस्त में रिकार्ड 68 प्रतिशत अधिकत बारिश हुई है. बीते 100 सालों में 9वीं बार सबसे अधिक हुई बारिश संदीप सिहं बताते हैं कि 1901 से लेकर अब तक के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अगस्त महीने में हुई बारिश बीते 100 सालों में 9वीं बार सबसे अधिक हुई बारिशों में से एक है. इससे पहले 1948 में अगस्त में हिमाचल में 456.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी औऱ इस वर्ष 431 मिलीमीटर बारिश हुई है. संदीप शर्मा ने बताया कि तापमान में अप्रत्याशित बढ़ौतरी हुई है, पिछले 100 सालों में हिमाचल में तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ौतरी हुई है. उन्होंने कहा कि जलवायु में लगातार हो रहे परिवर्तन के लिए बहुत से कारण जिम्मेदार हैं, अब पर्यावरण और पारिस्थितिकी को ध्यान में रख कर हर कार्य करने की जरूरत है.