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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का किया लोकार्पण

भोपाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को जबलपुर के मानस भवन परिसर में रामायण से संबंधित प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न चित्रों, मूर्तियों व आलेखों को देखा। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों के चित्रण, सनातन संस्कृति तथा अध्यात्मिकता की सराहना की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रशांत पाल, अखिलेश जैन, रत्नेश सोनकर, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जामदार सहित आयोजक व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। जबलपुर में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन जबलपुर में 2 से 4 जनवरी तक मानस भवन में चतुर्थ वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। यह कॉन्फ्रेंस भगवान श्रीराम के आदर्शों को आम जन तक पहुंचाने के साथ आध्यात्मिक और पौराणिकता को अक्षुण्ण बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान मध्यप्रदेश से गुजरे पथों को चिन्हित करने में मदद मिलेगी, जिससे इन स्थानों का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास संभव होगा और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आयोजकों द्वारा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्थानों में सुंदरकांड का पाठ निरंतर किया जा रहा है, ताकि धर्ममय वातावरण में यह कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हो। गौरतलब है कि वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का पहला कार्यक्रम जबलपुर में 2016 में आयोजित किया गया था।  

रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: महाराष्ट्र में 38 परियोजनाओं के लिए ₹89,780 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली केंद्र ने महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में 89,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 38 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं के तहत कुल 5,098 किलोमीटर लंबी पटरियों का निर्माण, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाना है। स्वीकृत योजना में 11 नई रेलवे लाइनें, 2 गेज परिवर्तन और 25 दोहरीकरण या मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं। रेल मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच, औसत वार्षिक व्यय लगभग 1,171 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट आवंटन बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछली राशि से "20 गुना से अधिक" है। फंडिंग में इस वृद्धि का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति पर पड़ा है। नई पटरियों को बिछाने की औसत गति, जो पहले 58.4 किलोमीटर प्रति वर्ष थी, अब बढ़कर 208.36 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गई है। मुंबई लोकल और उपनगरीय नेटवर्क का कायाकल्प मुंबई के व्यस्त उपनगरीय नेटवर्क, जहां प्रतिदिन 3,200 लोकल ट्रेनों और 120 एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है, के लिए भी विशेष अपग्रेड की घोषणा की गई है। क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण II, III और IIIA को मंजूरी दी गई है। मुख्य विशेषताएं     सीएसएमटी और कुर्ला के बीच 5वीं और 6ठी लाइन का निर्माण।     हार्बर लाइन का गोरेगांव से बोरीवली तक विस्तार।     यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 12 डिब्बों वाली 238 नई ट्रेन रेक को मंजूरी दी है। 19,293 करोड़ रुपये की लागत वाली इन नई ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे होंगे। बुलेट ट्रेन और फ्रेट कॉरिडोर पर अपडेट बहुप्रतीक्षित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी प्रगति हुई है। रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र में इस परियोजना के लिए "100% भूमि अधिग्रहण" पूरा हो चुका है, और वर्तमान में पुलों तथा अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC), जो जेएनपीटी (JNPT) पोर्ट को दिल्ली क्षेत्र से जोड़ता है, पर भी काम जारी है। इस कॉरिडोर का 76 किलोमीटर लंबा हिस्सा (न्यू घोलवड से न्यू वैतरणा तक) पूरा हो चुका है और उपयोग में है। भविष्य की योजनाएं और सर्वेक्षण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रेलवे विभाग ने 2022 से 2026 के बीच 98 नए सर्वेक्षण शुरू किए हैं। ये सर्वेक्षण 8,603 किलोमीटर की दूरी को कवर करते हैं, जिनका उद्देश्य महाराष्ट्र में नई रेलवे लाइनों और दोहरीकरण कार्यों की संभावनाओं को तलाशना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई परियोजनाओं का चयन ट्रैफिक की मांग, राज्य सरकार के अनुरोध और उपलब्ध धन जैसे कारकों पर निर्भर करता है। वहीं, परियोजनाओं के पूरा होने की समय सीमा भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

निकाय चुनाव में BJP गठबंधन की बड़ी बढ़त, शिवसेना-NCP संग 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई महाराष्ट्र की 23 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के साथ-साथ इन स्थानीय निकायों में रिक्त सदस्य के 143 पदों के लिए मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। पहले चरण में 263 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। आज सभी 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतों की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझानों में राज्य की सत्ता में काबिज महायुति गठबंधन को बढ़त दिख रही है। दोपहर 12:10 बजे के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद में अकेली भाजपा 99 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा शिवसेना 42 और एनसीपी 31 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है। वहीं, नगर पंचायत में भाजपा 25, शिवसेना 7 और एनसीपी 2 सीटों पर आगे चल रही है। सुबह 11:15 बजे तक के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद की 246 सीटों में से भाजपा 86, शिवसेना 47 और अजीत पवार की एनसीपी 31 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी सिर्फ 8, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 27 पर बढ़त बनाए हुए। अन्य के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं। इसी तरह नगर पंचायत की 42 सीटें में से भाजपा 24, शिवसेना 6 औप एनसीपी 3 सीटें पर आगे चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) एक, एनसीपी (एसपी) शून्य और कांग्रेस 4 पर बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है। नगर परिषद की बात करें तो शुरुआती रुझानों में 243 में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 84 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 41 पर बढ़त बनाए हुई हैं। महायुति में शामिल अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 29 सीटों पर बढ़त है। वहीं, विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन निराशाजनक दिख रहा है। शिवसेना (यूबीटूी) 9, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र में 42 नगर पंचायत पर हुए चुनाव के लिए भी गिनती जारी है। इनमें से भी भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन दिख रहा है। भाजपा 23, शिवसेना 5 और एनसीपी 3 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) 1 और कांग्रेस 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है।

3 करोड़ नकदी के साथ दो गिरफ्तार, कार में कैश ले जा रहे थे रायपुर से नागपुर

बालोद बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महाराष्ट्र पासिंग हुंडई क्रेटा गाड़ी से तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया है. पुलिस मामले में गाड़ी में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, बालोद कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ीभाट गांव के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा (MH 04 MA 8035) को रोककर तलाशी ली, जिसमें गाड़ी में करीबन तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया. गाड़ी में सवार दो लोग रकम के संबंध में जानकारी देने में नाकामयाब रहे. मामला संदिग्ध देख पुलिस टीम गाड़ी को कोतवाली थाना लेकर पहुंची. थाने में दोनों गाड़ी सवार को हिरासत में लेकर रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है. प्रथम दृष्टया रकम हवाला का प्रतीत हो रहा है. जिसे रायपुर से एकत्रित कर नागपुर ले जाया जा रहा था.

कुतुल से नीलांगुर महाराष्ट्र बॉर्डर तक एनएच-130-डी का होगा निर्माण

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत : मुख्यमंत्री साय रायपुर, बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सड़क के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर देने वाले ठेकेदार से अनुबंध की प्रक्रिया शर्तों सहित पूरी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर को दिए गए हैं। कुल तीन खंडों में निर्मित होने वाले 21.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु लगभग 152 करोड़ रुपए न्यूनतम टेंडर दर प्राप्त हुई है, जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। यह उल्लेखनीय है कि कुतुल, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है और कुतुल से महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नीलांगुर की दूरी 21.5 किलोमीटर है। यह नेशनल हाईवे 130-डी का हिस्सा है। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एनएच-130डी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुँचता है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा और व्यापार, पर्यटन एवं सुरक्षा को बड़ी मजबूती प्राप्त होगी। नेशनल हाईवे 130-डी का कोण्डागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहाँ से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोण्डागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा सुलभ हो सकेगी।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से इस नेशनल हाईवे के अबूझमाड़ इलाके में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लियरेंस और निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता खुल गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल सड़क नहीं बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। हमारी सरकार ने इस परियोजना को तेजी देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगी, बल्कि बस्तर अंचल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

कोटा रेल मंडल के यात्रियों के लिए त्योहारी स्पेशल ट्रेन, MP-महाराष्ट्र के रूट पर चलेगी

कोटा दिवाली और छठ पूजा सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए अतिरिक्त यात्री भार को कम करने के लिए रेलवे की ओर से महत्वपूर्ण मार्गों पर स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं। ऐसे में महाराष्ट्र और यूपी जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन ने दो और स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ये विशेष ट्रेनें ज्यादा किराए पर चलाई जा रही हैं। ये दोनों ट्रेनें कोटा से गुजरेंगी, जिससे कोटा से महाराष्ट्र और दिल्ली सहित जयपुर जाने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। इसके पहले 5 विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा हो चुकी है, जिसमें यात्रियों को रेलवे की अधिकारिक वेबसाइट से टिकट मिल सकेंगे। बांद्रा-सांगानेर वीकली सुपर फास्ट एसी स्पेशल ट्रेन रेलवे की ओर से चलाई जा रही बांद्रा-सांगानेर विकली सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन 2 अक्तूबर से 28 नवंबर के बीच चलेगी। ट्रेन नंबर 09023 बांद्रा टर्मिनस से सांगानेर के बीच हर गुरुवार शाम 4ः45 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी, जो कि अगले दिन सुबह 8ः25 बजे कोटा और दोपहर 12ः30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 09024 सांगानेर से बांद्रा टर्मिनस के बीच हर शुक्रवार शाम 4ः50 बजे रवाना होकर रात 8ः10 पर कोटा और अगले दिन सुबह 11ः15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ये ट्रेन आते और जाते समय बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड़, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चैमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा व सवाई माधोपुर स्टेशन रुकेगी। इसमें थर्ड एसी इकोनामी, थर्ड एसी, सेकेंड और फर्स्ट एसी के कोच लगाए गए। इंदौर-हजरत निजामुद्दीन वीकली सुपरफास्ट एसी स्पेशल ट्रेन ये ट्रेन 3 अक्तूबर से 1 दिसंबर तक चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 09309 इंदौर से हजरत निजामुद्दीन के लिए 3 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच सप्ताह में दो बार शुक्रवार और रविवार को इंदौर से चलेगी। ट्रेन शाम 5ः00 बजे इंदौर से रवाना होकर रात 10ः35 बजे कोटा और अगले दिन सुबह 5ः00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 09310 हजरत निजामुद्दीन से इंदौर के बीच 4 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच हर सोमवार और शनिवार को चलेगी। ट्रेन निजामुद्दीन से सुबह 8ः20 बजे रवाना होगी। दोपहर 2ः35 बजे कोटा और रात 9ः00 बजे इंदौर पहुंचेगी। रास्ते में मथुरा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन और देवास रुकेगी। इसमें केवल थर्ड और सेकंड एसी कोच रहेंगे।