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‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पारित, सदन में हंगामा और कॉपी फाड़ने की घटना

नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को 14वां दिन है. आज विकसित भारत जी राम जी बिल के लोकसभा से पारित होने की संभावना है. इस विधेयक पर बुधवार देर रात तक सदन में चर्चा चली थी. गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान चर्चा का जवाब दे रहे हैं. इस बीच विपक्षी सदस्य इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. उसका कहना है कि इस विधेयक में राज्यों पर बोझ बढ़ाया गया है. साथ ही खेती के सीजन में 60 दिनों तक काम न देने का प्रावधान मजदूर विरोधी है. इसको विपक्षी सदस्यों ने गुरुवार सुबह में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया. लोकसभा से पास होने के बाद इस विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मनरेगा का नाम पहले पहले महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखा गया। वो तो पहले नरेगा थी। बाद में जब 2009 के चुनाव आए तब चुनाव और वोट के कारण महात्मा गांधी याद आए। बापू याद आए। तब उसमें जोड़ा गया महात्मा गांधी। इसके बाद सदन में 'VB-जी राम जी बिल' बिल ध्वनिमत से पास हो गया। इससे पहले विपक्ष ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। इसमें विपक्ष के 50 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया और VB-G-RAM-G बिल वापस लेने के नारे लगाए। इससे पहले बुधवार को लोकसभा में VB-G-RAM-G बिल पर 14 घंटे चर्चा हुई। कार्यवाही देर रात 1:35 बजे तक चली। इसमें 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्तावित कानून को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा। शिवराज चौहान ने याद दिलाई गांधीगीरी विपक्ष के हंगामे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस तरह जो आप बिल फाड़कर फेंक रहे हैं, वह महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति के खिलाफ है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह विधेयक तो मनरेगा स्कीम को ही खत्म करने की साजिश है। विपक्षी सांसदों की ओर से बिल की कॉपी फाड़कर फेंके जाने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आपको सदन में जनता के मुद्दे उठाने चाहिए, लेकिन हंगामा करने और बिल की कॉपी फाड़कर फेंकने से कोई मसला हल नहीं होता। लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्‍थगित लोकसभा में जैसे ही मनरेगा स्‍कीम का नाम बदने वाला बिल पास हुआ, वैसे ही विपक्षी दलों के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कुछ सांसद वेल तक आ गए और बिल की कॉपी को फाड़कर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह सिंह के ऊपर फेंक दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को पूरे दिन तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया है।  विपक्षी सांसदों ने फाड़ी बिल की कॉपी… विपक्षी सदस्यों ने सदन में कागज़ फाड़कर और नारे लगाकर कार्यवाही में बाधा डाली. इससे पहले, उन्होंने बिल वापस लेने की मांग करते हुए संसद परिसर के अंदर विरोध मार्च किया था. कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस कानून को गांधी का अपमान और ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने वाले काम के अधिकार पर हमला बताया. सीनियर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी मकर द्वार पर सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं. संसद में बुधवार की कार्रवाई की बड़ी बातें…     5 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में एक भी स्टूडेंट नहीं- देशभर में 10.13 लाख सरकारी स्कूलों में से 5,149 में एक भी छात्र नहीं है। 2024-25 शैक्षणिक सत्र में जीरो नामांकन वाले इन स्कूलों में से 70% से ज्यादा तेलंगाना व पश्चिम बंगाल में हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने संसद में दी है। शून्य या 10 से कम छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में बीते दो साल में 24% की बढ़ोतरी हुई है।     43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच देशभर में बंद- केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया कि 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को ब्लॉक कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ की गई है, जो कानून द्वारा प्रतिबंधित कंटेंट प्रसारित कर रहे थे।

रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 35 श्रमिकों को राज मिस्त्री बनने की ट्रेनिंग, कुशल श्रमिक तैयार

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास हेतु कुशल श्रमिक हो रहे तैयार, 35 श्रमिक बनेंगे राज मिस्त्री महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम प्रोजेक्ट उन्नति के तहत दी जा रही रूरल मेशन ट्रेंनिंग रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुंगेली जिले में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) की बड़ी संख्या में स्वीकृत आवासों के निर्माण के लिए मिस्त्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट उन्नति के तहत जिले में 35 पात्र श्रमिकों को रूरल मेशन ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है। यह 30 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, कोनी-सेंदरी, बिलासपुर द्वारा आयोजित किया जा रहा है।       प्रशिक्षण में वही श्रमिक शामिल किए गए हैं, जिन्होंने विगत वर्षों में कम से कम 60 मानव दिवस मनरेगा में कार्य पूरा किया है और जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य है। प्रशिक्षणार्थियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों पर व्यावहारिक कार्य के माध्यम से राज मिस्त्री का कौशल सिखाया जा रहा है। संस्था द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क सेफ्टी किट हेलमेट, बेल्ट तथा मिस्त्री उपकरण करनी, शाहुल, टेप, धागा आदि भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण के संचालन में सहायक परियोजना अधिकारी  विनायक गुप्ता तथा कार्यक्रम अधिकारी  अशोक साहू विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं।            मनरेगा श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से श्रमिकों को पूर्ण रोजगार, आत्मविश्वास और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। अधिकारियों ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं। गत वर्ष जनपद पंचायत पथरिया के ग्राम कपुवा में भी 35 लाभार्थियों को रूरल मेशन ट्रेनिंग दी गई थी, जिनमें से अधिकांश लाभार्थी वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य निर्माण कार्यों में प्रतिदिन 600-700 रुपये की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि जिले में आवास निर्माण के लिए कुशल मिस्त्रियों की उपलब्धता भी सुदृढ़ हुई है।

मनरेगा लाभार्थियों को राहत, पंजाब सरकार ने कहा—घर पर किए काम की भी मिलेगी पूरी मज़दूरी

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनरेगा योजना में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब मजदूरों को सिर्फ सरकारी प्रोजेक्ट्स पर ही नहीं, बल्कि अपने घर पर काम करने पर भी पूरी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि जिन मज़दूरों ने नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है और जिनके पास नरेगा कार्ड है, उन्हें अब अपने घर में काम करने का भी पूरा लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। अगर कोई मज़दूर अपने घर पर 90 दिन काम करता है, तो उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे 31,140 रुपये की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना के तहत अब कई सुविधाएं शामिल की गई है।  इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, तालाब निर्माण, नहर की सफाई, वृक्षारोपण और जल संरक्षण के काम शामिल है। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में मेड़बंदी, कुआं खुदाई और सिंचाई की सुविधाएं बनाने के लिए भी मज़दूरी मिलेगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मज़दूर अपने घर पर शौचालय निर्माण, पक्का फर्श बनाना, छत की मरम्मत और अन्य घरेलू निर्माण कार्य करके भी मज़दूरी प्राप्त कर सकेंगे। इससे गरीब परिवारों को दोहरा फायदा होगा – एक तरफ उनके घर का विकास होगा, दूसरी तरफ उन्हें रोज़गार भी मिलेगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा के तहत प्रत्येक मज़दूर को 346 रुपये प्रति दिन की दर से मज़दूरी दी जाती है। एक वित्तीय वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार की गारंटी दी जाती है। अगर किसी मजदूर को 15 दिन के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोज़गारी भत्ता भी दिया जाता है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल कार्यबल का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित है। काम के दौरान कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी अनिवार्य है। छोटे बच्चों वाली महिलाओं के लिए क्रेच की व्यवस्था भी की जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते या डाकघर खाते में किया जाता है, जिससे बिचौलियों का खात्मा होता है। काम शुरू होने के 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान करना जरूरी है। अगर देरी होती है तो मजदूर को मुआवजे के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि नरेगा योजना में रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्र में रहता है और अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार है, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के अंदर जॉब कार्ड जारी किया जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह फैसला गरीब मज़दूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने सभी पात्र मज़दूरों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नरेगा के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। इस योजना से न केवल रोज़गार मिलेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास भी होगा।

ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश

एमसीबी : जिले में 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में होगी ग्रामसभा का आयोजन ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश ग्रामसभा में पंचायत की आय-व्यय एवं  योजनाओं की प्रगति और मनरेगा कार्यों की होगी विशेष समीक्षा एमसीबी छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-6 के प्रावधान तथा शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 24 मार्च 2008 के निर्देशानुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में 02 अक्टूबर 2025 को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त प्रतिवर्ष जून और नवम्बर माह में भी ग्रामसभा आयोजित की जाती है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने समय सीमा की बैठक के दौरान जानकारी दी कि 02 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्राम सभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामसभा कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से जुड़े बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। इस बार आयोजित होने वाली ग्रामसभा में ग्रामसभा की पूर्व बैठक में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी प्रतिवेदन, पंचायतों के विगत तिमाही आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, पिछली वर्ष की योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की स्थिति, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत रोजगार की मांग और उपलब्धता की समीक्षा तथा आगामी कार्यों की सूची का वाचन किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन, जरूरतमंद व्यक्तियों हेतु खाद्यान्न वितरण और लाभान्वितों की सूची का वाचन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की जानकारी, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं चिकित्सकीय सुविधाओं पर चर्चा भी इस बैठक का हिस्सा होगी। ग्राम पंचायतों में कर अधिरोपण एवं संग्रहण को ऑनलाइन करने हेतु समर्थ पंचायत पोर्टल का उपयोग और वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु कर दर निर्धारण पर विचार, पंचायत पदाधिकारियों तथा अधिकारियों/कर्मचारियों से लेखा-हिसाब और बकाया राशि की जानकारी का वाचन, राज्य की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी व्यवस्था, जनजागरूकता और संकल्प पारित करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 1.0 परिणामों में सुधार के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और भागीदारी योजना को बढ़ावा देने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय प्रदर्शन डेटा भी साझा किया जाएगा। अन्य विभागीय एजेण्डा में एचआईवी के कारणों, बचाव उपायों और एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 की जानकारी, गर्भवती महिलाओं को एचआईवी एवं सिफलिस जांच हेतु प्रोत्साहित करने पर चर्चा होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु कृषकों के  Agristack Portal एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन से जुड़ी कार्यवाही, ग्रामवार धान के रकबा एवं कृषकवार डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी विवरण का पठन एवं पंचायत भवन में चस्पा कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह 2025, भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने तथा सहकार से समृद्धि पहल की जानकारी और सहकारी समितियों की सदस्यता से अधिकतम संख्या में जुड़ने पर भी चर्चा होगी। ग्रामसभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर  "ग्राम सभा निर्णय" मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित  "समासार" पोर्टल का उपयोग कर जिले की न्यूनतम 10 पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। साथ ही ग्राम सभा की गतिविधियों को  Vibrant Gram Sabha Portal (https:@@meetingonline-gov-in)  एवं  GPDP  पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त विषय भी इस ग्राम सभा के एजेण्डा में शामिल किये जा सकेंगे।

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण मनरेगा की पारदर्शिता बढ़ाने मनरेगा दर्पण का शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय  ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में हुए मनरेगा के कार्यों का विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है। इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, विधायक  अजय चन्द्राकर, सचिव मती निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।