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6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन

प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों से कल करेंगे परीक्षा पे चर्चा 6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृाष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा की कन्या स्कूल में होंगे शामिल भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 6 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान कर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेंगे। परीक्षा पे चर्चा का राष्‍ट्रीय आयोजन 6 फरवरी को होगा। शुक्रवार 6 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखण्ड के ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहकर कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम में परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रात: 10 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई के साथ ही विभिन्‍न रेडियों चैनल्‍स, नेटफ्लिक्‍स, जीओ हॉट स्‍टार एवं अमेजन प्राइम वीडियो आदि से भी सीधा प्रसारण होगा। अन्य निजी चैनल भी कार्यकम का सीधा प्रसारण करेगें। परीक्षा पे चर्चा का राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशिष्‍ट जन, वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अभिभावकगण विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रदेश में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विगत 1 दिसम्‍बर से 11 जनवरी तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई थी। इसमें मध्‍यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित 24 लाख 41 हजार 390 व्‍यक्तियों ने सहभागिता की। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार मध्‍यप्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को समारोहपर्वूक आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की जा रही है। आयोजन की सुचारू व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में समस्‍त कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को संचालक लोक शिक्षण द्वारा निर्देश भी जारी किये गये है।  

राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

खुशखबरी मिलते ही PM मोदी ने साझा किया श्लोक, आत्मविश्वास को बताया सफलता की कुंजी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, विकास और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बात

चंडीगढ़   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने पर भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।'' उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत बजट’ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।'' सीएम नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''पंजाब के 'आदमपुर एयरपोर्ट' का नाम 'श्री गुरु रविदास महाराज जी' एयरपोर्ट किया जाना सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'' हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में मुलाकात के बाद लिखा, ''नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।''

पीएम मोदी के दौरे के बाद पंजाब से भाजपा को मिला शुभ संकेत, क्या सिद्धू परिवार लौटेगा?

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के अगले ही दिन प्रदेश से शुभ संदेश आया है. इसके साथ ही कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि क्‍या सिद्धू परिवार की घर वापसी मतलब भाजपा में वापसी होने जा रही है. पीएम मोदी के पंजाब विजिट से एक दिन पहले कांग्रेस से नाता तोड़ने वालीं नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उनका दिल से स्‍वागत किया है. उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा कि पंजाब की जनता भोलीभाली है, जिन्‍हें हमारी सरकार अपने हितों और स्‍वार्थ के चलते हमेशा मूर्ख बनाती रहती है. नवजोत कौर सिद्धू ने आगे लिखा – मोदीजी पंजाब में आपका दिल से स्‍वागत है. नवजोत कौर के इस सोशल मीडिया पोस्‍ट से प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. नवजोत कौर सिद्धू ने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘जब हमारे देश के प्रमुख हमारे राज्य को कुछ देने आते हैं, तो सभी राजनीतिक चोर उनके घर वापसी कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए एक मंच पर क्यों इकट्ठा हो जाते हैं? हमें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि उन्होंने वह पद और शक्ति अपने परिश्रम से अर्जित की है, ताकि वे हमारे राज्य को कुछ महान दे सकें. आभारी बनें. पंजाब के लोग भोले-भाले हैं और स्वार्थी सरकारें अपने हितों के चलते उन्हें हमेशा धोखा देती रही हैं. उन्होंने अपने परिवारों के लिए भारी संपत्ति बना ली है. पंजाब के लिए कुछ करना है नहीं. मोदी जी का प्यार भरे दिल से स्वागत है, यही पंजाबी लोगों की सच्ची प्रकृति है सच्‍चा स्‍वभाव है.’ बीजेपी या AAP ने संपर्क तो नहीं किया? नवजोत कौर सिद्धू ने एक अन्‍य पोस्‍ट में लिखा, ‘मैं संभवतः उन बहुत कम लोगों में से हूं, जिन्होंने किसी भी राजनीतिक कारण से न तो बीजेपी न आप और न ही किसी अन्य पार्टी के किसी नेता से मुलाकात की है और न ही किसी पार्टी ने मुझसे संपर्क किया है. मैं अपनी व्यक्तिगत दृष्टि और चेतना से बात कर रही हूं, क्योंकि मैं केवल वाहेगुरु जी के प्रति उत्तरदायी हूं और किसी और के प्रति नहीं. मैं सिर्फ पंजाब के लोगों की सेवा करना चाहती हूं, जिसे मैं एक एनजीओ बनाकर कर सकती हूं और गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं को समझकर तथा जीवित विकसित संतों के सान्निध्य में रहकर निस्वार्थ सेवा और आत्मा के विकास के बारे में थोड़ा सीखते हुए अपनी आत्मा के उत्कर्ष के लिए कार्य करना चाहती हूं. हाल ही में भगवद गीता के उपदेशों के साथ तीन दिन का अद्भुत और आनंदमय समय बिताया और प्रेमानंद महाराज जी जैसे प्रबुद्ध संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिन्होंने अनेक आत्माओं को उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है.’ सीएम भगवंत मान से सीधा सवाल नवजोत कौर सिद्धू ने एक और पोस्‍ट में लिखा, ‘पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने तीन बार स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की, क्योंकि वे गुजरात के हर नागरिक के प्रति जवाबदेह रहे और सभी विभागों के उपयोग प्रमाणपत्र (utilisation certificates) जमा करते थे, क्योंकि तभी केंद्र से जितनी राशि चाहिए उतनी मिल सकती है. आप पंजाब के लोगों के पैसे का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि के लिए करने के बजाय अपने फायदे के लिए मुफ्त योजनाओं में नहीं कर सकते. मुफ्त बिजली देने के बजाय आपने चंडीगढ़ और कई अन्य राज्यों की तरह सोलर पावर को अनिवार्य क्यों नहीं किया? आपकी खनन और शराब नीति कहां है? यह तो बड़े लोगों के साथ साझेदारी में सिर्फ आपकी जेब भरने के लिए है. पहले अकाली दल और कांग्रेस के साथ यह 75:25 था और अब आप और कांग्रेस/अकाली के साथ 80:20 है. हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और आपके शासन में यह सबसे अधिक है, क्योंकि आप अपने निजी हितों के लिए खरीदे हुए मीडिया चैनलों की एक छोटी टीम के साथ अकेले काम कर रहे हैं, जो आपकी महिमा गान में लगे हैं. आपने आपके खिलाफ बोलने वालों की आवाज दबा दी है. हर व्यक्ति का एक समय होता है और वाहेगुरु जी ही सभी के वास्तविक न्यायाधीश हैं. आप उनसे कुछ भी नहीं छुपा सकते.’

अजित पवार के निधन की खबरों पर सस्पेंस, बारामती विमान हादसे से जुड़ा बताया जा रहा मामला

  नई दिल्ली महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब उनका चार्टर्ड विमान बारामती में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था. DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है और कोई भी जीवित नहीं बचा. इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर हालात की जानकारी ली. हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. महाराष्ट्र सरकार की ओर से बताया गया कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने मुख्यमंत्री से संपर्क कर हादसे पर दुख जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक जाहिर किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अजित पवार जननेता थे और उनका लोगों से गहरा जुड़ाव था. वह महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में हमेशा आगे रहने वाले मेहनती नेता के रूप में जाने जाते थे. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने का उनका जज़्बा सराहनीय था. उनका असमय निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और असंख्य समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति. इस बीच, शरद पवार परिवार में भी शोक का माहौल है. जानकारी के मुताबिक, सुप्रिया सुले, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं. तीनों शरद पवार के आवास पर एक साथ मौजूद थे. अजित पवार के निधन पर नेताओं ने जताया शोक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर दुख जताया. राष्ट्रपति ने एक पोस्ट में कहा, "महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है. उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा. मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं. ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें."     महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, श्री अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार जी का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव…      राजनीतिक जगत से लगातार शोक संदेश आ रहे हैं. शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "बारामती के विकास में अजित पवार की बड़ी भूमिका रही. पूरे पवार परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं." कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भी उनके निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया. शिवसेना (UBT) MP अरविंद सावंत ने कहा, "मैंने हमेशा वही किया जो उन्होंने (अजित पवार) कहा" वह एक हिम्मत वाले आदमी थे. बारामती इलाके के विकास में उनका बड़ा रोल था. मैं पूरे पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर करता हूं." सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं. भावभीनी श्रद्धांजलि."     महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम श्री अजीत पवार जी का विमान दुर्घटना में निधन, अत्यंत दुःखद !     ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।     शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्स पोस्ट में कहा, "अजीत पवार साहब की विमान दुर्घटना में मौत की ख़बर बेहद अफ़सोसनाक है. ख़ुदा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र अता करे, भारत सरकार दुर्घटना की गहन जॉंच करवाये ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके." पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा, "महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत की खबर से गहरा सदमा लगा है. यह एक बेहद दुखद घटना है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं." डीएमके सांसद टी शिवा ने कहा, "यह बहुत दुखद है. मेरे पास अपने शोक को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. वह एक बेहद ऊर्जावान नेता थे." केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसे "बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर" बताया. वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "यह देश के लिए अपूरणीय क्षति है." केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "यह सच में एक बुरी घटना है…खबरें आ रही हैं कि अजित पवार भी विमान में थे. अगर यह सच है, तो यह बहुत बुरा दिन है…यह दिल दहला देने वाली घटना है. भगवान पीड़ित परिवारों को हिम्मत दे…वह सिर्फ़ महाराष्ट्र के डिप्टी CM ही नहीं, बल्कि देश के जाने-माने नेता भी थे. यह एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती." DGCA के मुताबिक, "विमान में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें 3 यात्री और 2 क्रू मेंबर शामिल थे. यात्रियों में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके एक पीएसओ और एक अटेंडेंट मौजूद थे. वहीं क्रू में पायलट-इन-कमांड (PIC) और फर्स्ट ऑफिसर (FO) शामिल थे."

मन की बात में बोले पीएम मोदी: ‘भारत के युवा हैं दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप्स इकोसिस्टम के हीरो’

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. यह 2026 में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड है. देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग बेहद इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ लेते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का जिक्र कर जन-भागीदारी की ताकत पर जोर दिया. पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी कभी स्थानीय लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी. लेकिन, आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को नया जीवन दिया. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में लंबे समय से सूखे की समस्या थी. यहां 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने करीब 10 जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया. पीएम मोदी ने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आजमगढ़ हो या अनंतपुर, ये देखकर खुशी होती है कि लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. देश के लोग जहां भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इन स्कूलों में तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा, यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.  'स्टार्टअप इंडिया' के हीरो हमारे युवा साथी हैं: पीएम मोदी इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा भी की. 'स्टार्टअप इंडिया' के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' बन चुका है. 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया. तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है. यह 'स्टार्टअप इंडिया' की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के 'हीरो' हमारे युवा साथी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' बना. ये 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' लीक से हटकर हैं. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिखेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. भारत पर दुनिया की नजरें हैं. ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है. वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की. इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें. उन्होंने आगे कहा कि हम सबका एक ही मंत्र हो, 'गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता. हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें. हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक ​​कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब 'उच्च गुणवत्ता' होना चाहिए. 

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज माह के आखिरी रविवार को मन की बात कर रहे हैं. यह संस्करण इस साल का पहला है. इस दौरान उन्होंने कहा, 'यह साल 2026 की पहली 'मन की बात' है. कल, 26 जनवरी को हम अपना गणतंत्र दिवस मनाएंगे. हमारा संविधान इसी दिन लागू हुआ था. यह दिन, 26 जनवरी, हमें हमारे संविधान बनाने वालों को श्रद्धांजलि देने का मौका देता है.' पीएम मोदी ने कहा, 'जैसे हम जन्मदिन मनाते हैं और विश करते हैं, वैसे ही जब भी कोई नौजवान पहली बार वोटर बने, तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर को एक साथ आकर उन्हें बधाई देनी चाहिए और मिठाई बांटनी चाहिए. इससे वोटिंग के बारे में अवेयरनेस बढ़ेगी और यह एहसास और मजबूत होगा कि वोटर होना कितना जरूरी है.' स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं को पीएम मोदी का सलाम उन्होंने आगे कहा, 'एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी, आप नाम लीजिए, और आपको उस सेक्टर में कोई न कोई इंडियन स्टार्ट-अप काम करता हुआ मिल जाएगा. मैं अपने उन सभी युवा दोस्तों को सलाम करता हूं जो किसी न किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं, या अपना खुद का स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं. आइए हम जो कुछ भी बनाते हैं उसकी क्वालिटी को बेहतर बनाने का संकल्प लें. चाहे वह हमारा टेक्सटाइल हो, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो, या पैकेजिंग हो, इंडियन प्रोडक्ट का मतलब 'टॉप क्वालिटी' होना चाहिए. आइए हम एक्सीलेंस को अपना बेंचमार्क बनाएं.' भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बना मन की बात के 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, 'आजकल मैं सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प ट्रेंड देख रहा हूँ. लोग साल 2016 की अपनी यादें ताजा कर रहे हैं. इसी भावना के साथ, आज मैं भी अपनी एक याद आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ. दस साल पहले, जनवरी 2016 में, हमने एक बड़ा सफर शुरू किया था. हमें तब एहसास हुआ था कि भले ही यह छोटा हो, लेकिन यह देश के भविष्य और युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है. आज, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है. ये स्टार्ट-अप लीक से हटकर है. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं जिनके बारे में 10 साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था.' कोशिशों से फिर से जीवित हुई नदी पीएम मोदी ने प्रदूषण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,'तमसा नदी, जो अयोध्या से होकर गंगा में मिलती है, कभी इस इलाके के लोगों के लिए जीवन की धुरी थी लेकिन, प्रदूषण की वजह से इसका बिना रुकावट वाला बहाव रुक गया था. यहां के लोगों ने इसे नया जीवन देने के लिए एक कैंपेन शुरू किया और सभी की कोशिशों से नदी फिर से जिंदा हो गई.' आंध्र में जिंदा हुए 10 से अधिक तालाब प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'आंध्र प्रदेश का अनंतपुर एक ऐसा इलाका है जो बहुत ज्यादा सूखे से जूझ रहा है. यहां की मिट्टी लाल और रेतीली है, जिसकी वजह से लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है. यहां (अनंतपुर) कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए, स्थानीय लोगों ने तालाबों को साफ करने का फैसला किया. प्रशासन की मदद से, 'अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट' शुरू किया गया. 10 से ज्यादा तालाबों को फिर से जिंदा किया गया है. साथ ही, 7000 से ज़्यादा पेड़ लगाए गए हैं.' जेन जी में 'भजन क्लबिंग' पॉपुलर पीएम मोदी ने कहा, 'भजन और कीर्तन सदियों से हमारी संस्कृति की आत्मा रहे हैं. आज के युवाओं ने भक्ति की भावना को अपने अनुभवों और लाइफस्टाइल में शामिल कर लिया है. देश भर के अलग-अलग शहरों में बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हो रहे हैं. स्टेज सजा हुआ है. पूरी धूमधाम है, और माहौल किसी कॉन्सर्ट से कम नहीं है लेकिन वहां जो गाया जा रहा है वह भजन है. इस ट्रेंड को आजकल 'भजन क्लबिंग' कहा जा रहा है, और यह खासकर Gen Z के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है.' मलेशिया में भारतीय पर जोर मोदी ने कहा, 'भारतीय त्योहार दुनिया के हर कोने में बड़े जोश और खुशी के साथ मनाए जाते हैं. भारतीय मूल के हमारे भाई-बहन, हर तरह की सांस्कृतिक चमक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. मलेशिया में हमारी भारतीय कम्युनिटी भी इस मामले में बहुत अच्छा काम कर रही है. मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल हैं. तमिल भाषा पढ़ाने के अलावा, दूसरे सब्जेक्ट भी तमिल में पढ़ाए जाते हैं. इसके अलावा, तेलुगु और पंजाबी के साथ-साथ दूसरी भारतीय भाषाओं पर भी बहुत ध्यान दिया जाता है. भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने में एक सोसाइटी का बड़ा रोल है. इसका नाम है 'मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी'. पिछले महीने, मलेशिया में 'लाल पाद साड़ी' आइकॉनिक वॉक ऑर्गनाइज की गई थी. इस साड़ी का हमारे बंगाल के कल्चर से एक खास कनेक्शन रहा है. इस इवेंट ने सबसे ज्यादा लोगों द्वारा यह साड़ी पहनने का रिकॉर्ड बनाया, जिसे मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.' चांदनकी गांव की अनोखी कम्युनिटी किचन पीएम मोदी ने कहा, 'गुजरात के बेहराजी में चांदनकी गांव की परंपरा अनोखी है. यहां के लोग, खासकर बुजुर्ग, अपने घरों में खाना नहीं बनाते हैं. इसकी वजह गांव का शानदार कम्युनिटी किचन है. पूरे गांव के लिए खाना इसी कम्युनिटी किचन में बनता है, और लोग एक साथ बैठकर खाते हैं. यह परंपरा पिछले 15 सालों से चली आ रही है. यह पहल न सिर्फ लोगों को जोड़ती है, बल्कि परिवार की भावना भी बढ़ाती है.'

ट्रंप से ताकतवर निकले मोदी और जिनपिंग, अमेरिकी एक्सपर्ट ने दी राय

नईदिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले जानकार चीनी समकक्ष शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्यादा ताकतवर मान रहे हैं। उनका कहना है कि कई मायने में ये दोनों नेता ट्रंप से ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब ट्रंप लगातार टैरिफ के जरिए अमेरिकी के मोटे मुनाफे, युद्ध रुकवाने और नोबेल के हकदार होने जैसे दावे कर रहे हैं।  राजनीतिक जानकार इयन ब्रेमर ने कहा कि अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है, लेकिन ऐसा ट्रंप की स्थिति में नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप सबसे ताकतवर नेता नहीं हैं। शी जिनपिंग हैं। ऐसा क्यों। क्योंकि जिनपिंग के पास मिडटर्म इलेक्शन नहीं है। उनके पास स्वतंत्र न्यायपालिका नहीं है। ट्रंप तीन सालों में पद पर नहीं रहेंगे, लेकिन जिनपिंग रहेंगे।' उन्होंने कहा, 'जब ट्रंप मीडिया और सुर्खियां बटोर रहे हैं, शी जिनपिंग उनसे ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं। मोदी बेहतर स्थिति में हैं।' ब्रेमर ने कहा कि पीएम मोदी का लंबा कार्यकाल उन्हें बदलाव और लंबी अवधि के फायदे देखने की अनुमति देता है। जबकि, ट्रंप या कई यूरोपीय नेताओं के मामले में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, 'एक नेता के तौर पर, मोदी का लंबे समय तक सत्ता में बने रहना और उनकी नीतियों में निरंतरता उन्हें कई यूरोपीय नेताओं के मुकाबले ज्यादा प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने या दबाव का सामना करने की ताकत देती है। और हमने पिछले कुछ समय में ऐसा होते देखा भी है।' ट्रंप के बोर्ड से कई बड़े नेता दूर ट्रंप ने हमास और इजराइल के बीच हुए युद्धविराम को बनाए रखने के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए गुरुवार को अपने ‘शांति बोर्ड’ का औपचारिक रूप से अनावरण किया। हालांकि अमेरिका के कई शीर्ष सहयोगी इसमें हिस्सा नहीं लेने का विकल्प चुना। रूस फिलहाल विचार कर रहा है, ब्रिटेन ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। फ्रांस के इनकार के बाद नॉर्वे और स्वीडन ने संकेत दिया है कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे। फ्रांसीसी अधिकारियों ने रेखांकित किया कि उनका देश गाजा शांति योजना का समर्थन करता है, लेकिन उसे इस बात की चिंता है कि यह बोर्ड संघर्षों के समाधान के मुख्य मंच के रूप में संयुक्त राष्ट्र की जगह लेने की कोशिश कर सकता है।

‘ये मोदी की गारंटी है’: सबरीमाला मामले में PM ने किया बड़ा वादा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी को लेकर केरल के लोगों से बड़ा वादा किया है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है, तो सबरीमाला सोने मामले की जांच की जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मोदी की गारंटी है। पीएम मोदी ने यह टिप्पणी केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में की, जहां उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।   पीएम मोदी ने कहा, 'पूरे देश में हम सबकी भगवान अयप्पा में अटूट आस्था है। हालांकि, एलडीएफ सरकार ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब यहां से सोने की चोरी की खबरें सामने आ रही हैं। मंदिर से, भगवान के ठीक पास से सोना चुराए जाने की रिपोर्ट्स हैं। मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि जैसे ही यहां भाजपा की सरकार बनेगी, इन आरोपों की गहन जांच होगी और दोषियों की जगह जेल में होगी।' सबरीमाला मामले को लेकर राजनीतिक तूफान प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सबरीमाला सोने की चोरी मामले के विवाद के बीच आई है, जो राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। यह मामला मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम और रक्षक मूर्तियों को ढकने वाली प्लेटों से सोने के गबन से संबंधित है। इसकी जांच फिलहाल केरल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की ओर से की जा रही है, जो राज्य उच्च न्यायालय के आदेश पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने दावा किया कि दशकों से एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने तिरुवनंतपुरम की उपेक्षा की है, जिससे यह शहर बुनियादी सुविधाओं और अवसंरचना से वंचित रह गया है। उन्होंने कहा, ‘वामपंथी और कांग्रेस लगातार हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने में विफल रहे हैं। हालांकि, हमारी भाजपा टीम ने तिरुवनंतपुरम के विकास की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। शहर के लोगों से मैं कहना चाहता हूं – विश्वास रखें, जिस बदलाव की लंबे समय से प्रतीक्षा थी, वह आखिरकार आने वाला है।’