samacharsecretary.com

India Plan-B on Tariff: ट्रंप की चाल हुई फेल, मोदी सरकार की रणनीति ने किया बड़ा असर

ट्रंप टैरिफ की हवा निकाल दी! मोदी सरकार के प्लान-B ने बचाई भारतीय अर्थव्यवस्था—जानें कैसे हुआ कमाल India Plan-B on Tariff: ट्रंप की चाल हुई फेल, मोदी सरकार की रणनीति ने किया बड़ा असर मोदी सरकार का प्लान-B आया काम, ट्रंप टैरिफ का असर किया बेअसर—भारत ने ऐसे पलट दिया खेल   नई दिल्ली यह कहना कि अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव पूरी तरह असफल हो गया, थोड़ी जल्दबाजी होगी. लेकिन ये तो अब कहा ही जा सकता है कि भारत ने अमेरिकी टैरिफ का तोड़ निकाल लिया है. दूसरी तिमाही में जीडीपी के आंकड़े बता रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर ट्रंप की दबाव नीति काम नहीं आई.  दरअसल, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.2% रही, जो कि उम्मीद से बढ़कर है. क्योंकि RBI ने 6 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया था. तमाम रेटिंग एजेंसियों ने भी 7.0-7.6 फीसदी के बीच जीडीपी ग्रोथ रहने का भरोसा जताया था, यानी हर पैमाने पर भारतीय अर्थव्यवस्था में बेहतर करती दिख रही है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग में 9.1% और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 7.2% उछाल देखने को मिली है. सर्विस-सेक्टर का भी शानदार प्रदर्शन रहा है. अमेरिका ने थोपा एकतरफा टैरिफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रणनीति अब फेल होती नजर आ रही है, ट्रंप ने भारत में एकतरफा 50 फीसदी टैरिफ थोप दिया, उन्हें लगा है कि टैरिफ के दबाव में भारत झुक जाएगा, और वो अपनी बातें मनवाने में कामयाब हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और अब उसका परिणाम भी दिख रहा है कि ट्रंप की दबाव नीति की हवा निकल चुकी है. बड़ेबोले ट्रंप ने तो भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डैड इकोनॉमी' तक करार दे दिया था.  लेकिन हकीकत में भारतीय अर्थव्यवस्था को रोकने के लिए ट्रंप ने चाल चली थी, उसे सरकार ने अपने प्लान-बी से फ्लॉप कर दिया, और भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में दूसरी तिमाही में जीडीपी के आंकड़े ट्रंप की दबाव नीति को करारा जवाब है. कहा तो ये भी जा रहा है कि तीसरी तिमाही में और बेहतर जीडीपी के आंकड़े आ सकते हैं.  क्या है भारत का प्लान-B अब आइए जानते हैं कि आखिर भारत ने ऐसा क्या किया, जिससे ट्रंप टैरिफ बेअसर हो गया. दुनिया जानती है कि खपत के लिहाज भारत आज के दौर में सबसे बड़ा बाजार है, हर कोई इस बाजार में प्रवेश करना चाहता है. क्योंकि भारत में डिमांड बनी हुई है. यही देश की सबसे बड़ी ताकत है.  दरअसल, बात बेनतीजा होने के बाद अमेरिका ने जिस तरह से भारत पर रूसी तेल खरीदने का बहाना बनाकर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया, उसी दिन से भारत ने अपना प्लान-B को जमीन पर उतारने के लिए काम करना शुरू कर दिया. टैरिफ के शुरुआत असर को कम करने के लिए भारत ने काफी हद तक घरेलू मांग, निवेश और नीतियों पर फोकस किया. इसी कड़ी में आयकर में छूट (12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं) की व्यवस्था लागू की गई.  टैरिफ से विदेशी मांग थोड़ी मंद पड़ी, लेकिन इस बीच घरेलू खपत, निर्माण और सेवाएं तेज हो रही हों, जिससे GDP में कम असर दिखना स्वाभाविक है. टैरिफ को बेअसर करने के लिए सरकार ने खपत, कैपेक्स और रिफॉर्म पर जबरदस्त काम किया, जिसे आप Plan-B कह सकते हैं.  एकसाथ उठाए गए कई कदम सरकार की रणनीति दोतरफा रही, एक घरेलू मांग को बरकरार रखना और निवेश को प्रोत्साहित करना. अमेरिकी टैरिफ से निर्यात सेक्टर प्रभावित हुआ, जो अभी भी कुछ हद तक जूझ रहे हैं. लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेस की ताकत से GDP मजबूत बनी हुई है. अमेरिकी टैरिफ का इकोनॉमी पर कम प्रभाव के लिए ब्याज दरों में कटौती, और जीडीपी दरों में बदलाव जैसे भी कदम उठाए गए, जिससे घरेलू डिमांड को ताकत मिली.  बता दें, सितंबर महीने में भारत का कुल निर्यात 6.75% बढ़ा, जबकि अमेरिका को भेजे गए सामान में 11.9% की गिरावट दर्ज की गई. यह दर्शाता है कि भारत ने अमेरिका-व्यापार निर्भरता को कम कर दूसरे बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ा ली है. रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) की रिपोर्ट को मानें, तो अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय प्रोडक्ट्स पर 50% तक के टैरिफ लगाने के बावजूद भारत अपना एक्सपोर्ट को बढ़ाने में सफल रहा है.  अमेरिकी विकल्प के तौर पर करीब 50 नए देशों से भारत की बातचीत चल रही है.  

प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा में दुनिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा का किया अनावरण

कनकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा के पर्तगाली (कनकोण) स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची विश्व की सबसे बड़ी राम प्रतिमा का अनावरण किया. यह भव्य प्रतिमा मशहूर मूर्तिकार राम सुतार ने बनाई है, जिन्होंने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' भी डिजाइन किया था. यह कांस्य प्रतिमा 77 फीट ऊंची है, जो इसे भगवान राम की अब तक की सबसे ऊंची स्थापित प्रतिमा बनाती है. अनावरण के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्तम मठ अपनी स्थापना की 550वीं वर्षगाठ मना रहा है. बीते 550 वर्षों में इस संस्था ने समय के कितने ही चक्रवात झेले हैं. युग बदला, दौर बदला, देश और समाज में कई परिवर्तन हुए लेकिन बदलते युगों और चुनौतियों के बीच इस मठ ने अपनी दिशा नहीं खोई, बल्कि मठ लोगों को दिशा देने वाला केंद्र बनकर उभरा और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है.' इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह के दौरान मठ परिसर में स्थित मंदिर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. यह मठ भारत के सबसे पुराने मठवासी संस्थानों में से एक है, जो अपने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता है और सारस्वत समुदाय में एक प्रमुख स्थान रखता है. मठ का जीर्णोदार श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ, गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का पहला वैष्णव मठ माना जाता है. यह मठ 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु माधवाचार्य द्वारा स्थापित द्वैत वेदांत परंपरा का अनुयायी है. इसका मुख्यालय दक्षिण गोवा के पर्तगाली कस्बे में, शांत कुशावती नदी के किनारे स्थित है, जहां यह सदियों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित है. गोवा लोक निर्माण विभाग मंत्री दिगंबर कामत ने बताया कि सदियों से आध्यात्मिक केंद्र के रूप में कार्यरत मठ परिसर का पूरी तरह से जीर्णोद्धार किया गया है और इसे आधुनिक रूप दिया गया है. समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण

सदियों के घाव भर रहे, वेदना विराम पा रही और संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहाः पीएम मोदी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैः प्रधानमंत्री  सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगाः प्रधानमंत्री अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने अपनी भावनाओं का आगाज ‘सियावर रामचंद्र की जय, जय सियाराम’ से किया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष बिंदु की साक्षी बन रही है। आज संपूर्ण भारत व विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं, आज भगवान श्रीराम मंदिर के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा,  श्रीराम का दिव्य प्रताप इस धर्मध्वजा के रूप में दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिष्ठापित हुआ है।  धर्मध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धर्मध्वज केवल ध्वज नहीं, यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग इस पर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द व अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। यह ध्वज संकल्प, सफलता और संघर्ष से सृजन की गाथा है। यह ध्वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है। यह ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है। सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगा। यह धर्मध्वज आह्वान करेगा कि जीत सत्य की ही होती है, असत्य की नहीं। धर्मध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य ही ब्रह्म का स्वरूप है, सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा ‘प्राण जाय पर वचन न जाई’ अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। यह धर्मध्वज संदेश देगा कि ‘कर्म प्रधान विश्व रचि राखा’ अर्थात विश्व में कर्म व कर्तव्य की प्रधानता हो। धर्मध्वज कामना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा-परेशानी से मुक्ति मिले और समाज में शांति व सुख हो। मंदिर के ध्येय का प्रतीक है धर्म ध्वज  प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मध्वज संकल्पित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी, दुख या लाचारी न हो। हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। धर्म ध्वज भी मंदिर के ध्येय का प्रतीक है। य़ह ध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदेशों व प्रेरणाओं को मानव तक पहुंचाएगा। पीएम मोदी ने करोड़ों रामभक्तों के साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग देने वाले दानवीरों, श्रमवीरों, योजनाकारों, वास्तुकारों का आभार जताया।  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने जीवनपथ शुरू किया था। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति व संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है। जब श्रीराम अयोध्या से वनवास गए तो वे युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान के समर्पण के साथ ही अनगिनत लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है राम मंदिर का दिव्य प्रांगण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। राम मंदिर का दिव्य प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्त मंदिर, मां शबरी, निषादराज गुह्य का भी मंदिर है। यहां एक ही स्थान पर मां अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन ऋषियों के भी दर्शन यहीं होते हैं। जटायु व गिलहरी की मूर्ति भी बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती है।  राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं  पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर आस्था के साथ मित्रता, कर्तव्य व सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को शक्ति देते हैं। हमारे राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें मोक्ष नहीं, मूल्य प्रिय है। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी इसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, वर्ग, क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब सबके प्रयास से ही हमें विकसित भारत का निर्माण करना होगा।  हमें आने वाले दशकों व सदियों को ध्यान में रखकर कार्य करना होगा  पीएम मोदी ने कहा कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर राम से राष्ट्र के संकल्प की चर्चा करते हुए मैंने कहा था कि आने वाले एक हजार वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान की सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में सोचना है। जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था, जब हम नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हमें दूरदृष्टि के साथ ही काम करना होगा। हमें आने वाले दशकों, सदियों को ध्यान में रखना ही होगा।  हमें प्रभु राम के व्यवहार को करना होगा आत्मसात   पीएम मोदी ने कहा कि हमें प्रभु राम और उनके … Read more

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साकेत हैलीपेड पर किया प्रधानमंत्री का स्वागत

अयोध्यावासियों ने जयश्रीराम, जय जय हनुमान के जयकारे संग पुष्पवर्षा से प्रधानमंत्री का किया स्वागत  राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साकेत हैलीपेड पर किया प्रधानमंत्री का स्वागत  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करने मंगलवार को अयोध्या पहुंचे प्रधानमंत्री  अयोध्या  श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के जरिए ‘संकल्प सिद्धि’ के लिए रामनगरी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। जयश्रीराम, जय जय हनुमान के गगनभेदी नारों संग अयोध्यावासियों ने प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्पवर्षा भी की। श्रीराम की अयोध्या ने प्रधानमंत्री का पूरे रास्ते में अभूतपूर्व स्वागत किया। अयोध्यावासियों के एक हाथ में भगवा ध्वज तो दूसरे हाथ में तिरंगा फहरा रहा था। वहीं स्वागत से अभिभूत प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अयोध्यावासियों का अभिवादन किया। अयोध्या पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।  अयोध्यावासियों के एक हाथ में भगवा ध्वज तो दूसरे में तिरंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह अयोध्या पहुंचे। साकेत महाविद्यालय पर उनका हेलीकॉप्टर उतरा। वहां से काफिले संग टेढ़ी बाजार होते हुए उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर में प्रवेश किया। इस दौरान अयोध्यावासियों ने जयश्रीराम, जय जय हनुमान के गगनभेदी नारों संग उनका स्वागत किया। अयोध्यावासी एक हाथ में भगवा ध्वज तो दूसरे हाथ में तिरंगा फहराते हुए प्रधानमंत्री का स्वागत करते रहे। प्रधानमंत्री ने भी पूरे रास्ते में हाथ हिलाकर अयोध्यावासियों का अभिवादन किया।  सप्त मंदिरों में झुकाया शीश, की पूजा-अर्चना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सप्त मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह्य और माता शबरी मंदिर में पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीश झुकाया। प्रधानमंत्री ने शेषावतार मंदिर व माता अन्नपूर्णा मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया।  मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने किया प्रधानमंत्री का स्वागत  प्रधानमंत्री अयोध्या में साकेत विश्वविद्यालय हैलीपेड पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की तरफ प्रस्थान किया। प्रधानमंत्री व सर संघ चालक ने रामलला के दरबार में झुकाया शीश  श्री राम मंदिर परिसर में राम दरबार पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन व आरती की। यहां पुजारियों ने तीनों विशिष्टजनों को राम नामी गमछा ओढ़ाया व प्रसाद दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने विधिविधान से पूजन-अर्चन कर रामलला का भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

मोदी सरकार का बड़ा कदम: साउथ राज्यों की मांगों को ध्यान में रखते हुए परिसीमन पर बनाया जा रहा प्लान

 नई दिल्ली देश में लोकसभा और विधानसभा की सीटों के राष्ट्रव्यापी परिसीमन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस परिसीमन के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा महिला आरक्षण भी इसी के आधार पर लागू होगा। परिसीमन के लिए भौगोलिक क्षेत्र के साथ ही आबादी को भी आधार माना जाता रहा है और उसके अनुसार ही सीटों का आवंटन होता रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों से तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल समेत दक्षिण भारत के सभी राज्यों की ओर से चिंता जताई जाती रही है कि उनकी सीटों का अनुपात कम हो सकता है। इसकी बजाय यूपी, बिहार जैसे राज्यों की लोकसभा सीटों का अनुपात और बढ़ सकता है, जो पहले ही अधिक है। दक्षिण भारत के राज्यों की ओर से यह चिंता जताई जाती रही है कि यदि आबादी के अनुपात को आधार मानते हुए सीटों का आवंटन हुआ तो हमें नुकसान होगा। यही नहीं उत्तर भारत से तुलना करते हुए साउथ के कई नेता कहते रहे हैं कि हमने यदि फैमिली प्लानिंग को अच्छे से लागू किया और आबादी पर नियंत्रण पाया तो उसके लिए परिसीमन में सीटों का अनुपात घटाकर सजा नहीं मिलनी चाहिए। अब जानकारी मिल रही है कि केंद्र सरकार ने दक्षिण भारत के राज्यों की इन चिंताओं पर विचार किया है। खबर है कि सीटों की संख्या भले ही परिसीमन के बाद बढ़ेगी, लेकिन उसके अनुपात में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ है कि साउथ के राज्यों की राजनीतिक शक्ति जस की तस रहेगी। परिसीमन को लेकर जिन प्रस्तावों पर विचार चल रहा है, उनमें से एक यह है कि विधानसभा की सीटों को जनगणना के आंकड़ों के अनुसार बढ़ा दिया जाए। लेकिन राज्यसभा के सदस्यों की संख्या अभी जैसी ही रखी जाए। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रस्ताव को लेकर सरकार का मानना है कि विधानसभा की सीटें बढ़ाना किसी राज्य का आंतरिक मामला है। इसके अलावा राज्यसभा की सीटें तो संसद में सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व के लिए ही हैं। ऐसे में लोकसभा की सीटों का अनुपात सही रखना होगा ताकि किसी राज्य को बढ़त मिलती ना दिखे और कोई राज्य कमजोर भी ना नजर आए। अब तक हुए 4 परिसीमन, 23 साल में क्या-क्या बदल गया इस पर विचार करते हुए कुलदीप नैयर बनाम भारत सरकार वाले केस का भी जिक्र अधिकारियों ने किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यसभा का मुख्य काम लोकसभा द्वारा लिए गए फैसलों को चेक करना है। इसका एकमात्र अर्थ प्रतिनिधित्व से नहीं है। फिलहाल इस संबंध में एक ऐक्ट बनेगा और फिर परिसीमन होगा। इससे पहले देश में 1952, 1962, 1973 और 2002 में परिसीमन हो चुके हैं। तब से अब तक परिसीमन नहीं हुआ है और इस बीच देश की आबादी और उसके अनुपात में बड़ा बदलाव है। एक अहम चीज यह है कि बीते 23 सालों में शहरी आबादी कहीं ज्यादा हो गई है। इसे लेकर भी सरकार विचार कर रही है कि ग्रामीण इलाकों का प्रतिनिधित्व प्रभावित ना हो।

डा. सतीश पूनिया ने कहा, हरियाणा की प्रगति के लिए पीएम मोदी और सीएम सैनी का विशेष प्रयास

चंडीगढ़  हिसार में  आयोजित दादा बाढ़ देव जन्मोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा में मुख्यमंत्री एक जाति का नहीं, बल्कि हरियाणा का मुख्यमंत्री सभी कौम का मुख्यमंत्री है, जनता का मुख्यमंत्री है। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। डा. पूनिया ने कहा कि हर कौम का अपना इतिहास और स्वाभिमान होता है। हरियाणा की धरती ने मुगलों के दांत खट्टे किए और अंग्रेजों को भगाने के लिए अपनी शहादत देकर आजादी की सांस दी। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान से खड़ा होना आजादी की लड़ाई लड़ना यह दुनिया में पराकम्र के मामले कोई धरती अनूठी है तो हरियाणा की धरती है और मैं इस धरती को नमन करता हूं। भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि इतिहास गवाह है जब किसानों का पसीना धरती पर गिरता है तो धरती अन्नपूर्णा होती है और इन्हीं की कोख से जन्मा जवान देश की सीमा पर खड़ा होकर देश की सुरक्षा करता है। उन्होंने कहा कि भारत ओलंपिक के मेडल के लिए तरसता था। उन्होंने कहा कि भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना होती थी। हरियाणा की धरती ने उन्नत खिलाड़ी पैदा किए जिन्होंने मेडल लाकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाने का काम किया। डा. सतीश पूनिया ने कहा कि हमारी पहचान गोत्र से नहीं, बल्कि सभी जातियों को साथ लेकर समाज की सेवा करने और देश के लिए समर्पण के लिए होती है। समय बदल गया, राजनीति में मुद्दे आ गए, सत्ता आई और चली गई। आज भी भारत को कोई ताकत दे सकता है तो किसान देता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत से मुद्दे थे, चुनौतियां थी, आशंकाएं थी, लेकिन हरियाणा की जनता ने भारतीयता और राष्ट्रवाद को चुना, मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में सरकार बनाई जिसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। कार्यक्रम में बिहार चुनाव पर बोलते हुए डा. सतीश पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का बिहार में पगफेरा भी शुभ था। उन्होंने कहा कि बिहार में जलेबियां बंट रही थी, वहां के लोगों ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जलेबियां लेकर आए थे। हरियाणा की जलेबी की करामात है कि आज बिहार में जनता ने प्रचंड जनादेश दिया है। डा. पूनिया ने कहा कि हमें अच्छी सरकार मिली है, अच्छा मुख्यमंत्री मिला है और अच्छे प्रतिनिधि मिले हैं और इस टीम में तड़का इतना खूबसूरत है कि पीएम मोदी हरियाणा से उतना ही प्रेम करते हैं जितना वे गुजरात करते हैं। हरियाणा की तरक्की पीएम मोदी का सपना नहीं बल्कि मिशन है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम देश और प्रदेश को बदलता देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल विहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान किसानों को क्रेडिट कार्ड की सौगात मिली। गांवों को शहरों से जोड़ा गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी सरकार के कामों को मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया है। मोदी सरकार ने गरीबों को छत, फ्री इलाज जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं दी। इंडी गठबंधन और कांग्रेस का नाम लिए बिना डा. पूनिया ने विरोधी पार्टियों पर इशारो-इशारों में हमला करते हुए कहा कि आज भी हरियाणा की पावन भूमि पर धर्म युद्ध जारी है। अब कौरव नहीं है, लेकिन नीयत वही है और रूप अलग-अलग है। जाति को जाति से वर्गों को वर्गों से कैसे लड़ाया जाए, शांति को भंग कैसे किया जाए यही प्रयास विपक्ष द्वारा चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में नायब सरकार ने जो संकल्प पत्र जारी किया था उन संकल्पों को नायब सरकार पूरा कर रही है। डा. सतीश पूनिया ने कहा कि 25 नवंबर को देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म भूमि कुरूक्षेत्र आ रहे हैं। हमें प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन करना है। उन्होंने कहा कि हम सियासी नहीं समाज के लोग हैं, समाज के लिए जो बनेगा अपने पसीने से पूरा करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, हांसी विधायक विनोद भयाणा, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता, पूर्व मंत्री अनूप धानक, पूर्व राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, भाजपा प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, हिसार भाजपा जिलाध्यक्ष आशा खेदड़, हांसी जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, जिला परिषद के चेयरमैन सोनू सिहाग डाटा, महापौर प्रवीण पोपली, पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह धीरू, पूर्व चेयरमैन सतबीर वर्मा, विजय सिंह पुनिया, धर्मपाल मकड़ौली, फणीन्द्र, महामंडलेश्वर देवी शक्ति पुरी बिजेंद्र दास, सरपंच कृष्णा पुनिया, संजीव रेवड़ी, ओमप्रकाश पूनिया, संदीप आजाद तथा अनेक गणमान्य नागरिक तथा भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर में 3 दिन के लिए मिनी PMO तैयार, 500 अफसरों के साथ PM मोदी और गृहमंत्री करेंगे महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक डीजी कांफ्रेंस का आयोजन होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, देशभर के डीजीपी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद, नक्सल, साइबर क्राइम और पुलिस सुधार पर मंथन होगा, जिसकी तैयारियों के लिए प्रशासनिक अमला जुट गया है. बंगला M-01 तीन दिनों के लिए मिनी PMO रायपुर में डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान नवा रायपुर का बंगला M-01 तीन दिनों के लिए मिनी PMO में तब्दील होगा. यह बंगला विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का बंगला है. बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह और अजित डोभाल के अलावा 70 डीजी, पैरामिलिट्री चीफ समेत 500 अफसर जुटेंगे. इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और NSG की तैनाती की जा रही है. इसके अलावा 400 गाड़ियां तैयार की गई है. बैठक में किस रणनीति पर होगी चर्चा? डीजी कॉन्फ्रेंस (DG Conference) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रूप से नक्सलवाद, आतंकवाद, साइबर क्राइम और पुलिस सुधार पर चर्चा करेंगे. नक्सलियों के खात्मे के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन तय है, जिसमें अब सिर्फ पांच महीने का समय बचा है. ऐसे में यह बैठक नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है. डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान देशभर के पुलिस महानिदेशकों और केंद्रीय बलों के प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलवाद खत्म करने पर चर्चा होगी और इसको लेकर रणनीति तय की जाएगी. इसके अलावा आधुनिक पुलिसिंग के तरीकों, तकनीक का उपयोग करके निगरानी (जैसे तकनीकी निगरानी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों और राज्यों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने (इंटेलिजेंस शेयरिंग) जैसे महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा के विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी और योजनाएं बनाई जाएंगी. आईआईएम भवन में होग कॉन्फ्रेस! डीजी कॉन्फ्रेंस सम्मेलन का आयोजन नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) भवन में होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के रात्रि विश्राम के लिए बंगला M-01 के चुनाव के पीछे खास वजह हो सकती है. इस बंगले से आईआईएम और नया विधानसभा भवन बेहद नजदीक हैं, जिससे आवागमन में सहूलियत होगी. 

25 नवंबर को अयोध्या में नया इतिहास: भगवान श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण, विशाल टेंट सिटी तैयार

अयोध्या   भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था कर रहा है. 5 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न होगा. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से अब तक 6000 से अधिक लोगों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं. इन अतिथियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए शहर में लगभग 5000 से ज्यादा कमरे तैयार किए गए हैं. इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं, ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब ढाई हजार लोगों के ठहरने की उच्च स्तरीय व्यवस्था होगी. 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था कार्यक्रम के दिन 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था की गई है. हर अतिथि को सुव्यवस्थित ढंग से नाश्ता, भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या में बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग की विशेष योजना भी तैयार की गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा ताकि कोई जाम या असुविधा न हो. मंदिर ट्रस्ट ने की अतिथियों से ये अपील राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित अतिथियों से आग्रह किया है कि वे 24 नवंबर की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएं, जिससे अगले दिन के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई दिक्कत न हो. अतिथियों का प्रवेश मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग से कराया जाएगा और उनके बैठने की व्यवस्था मंदिर परिसर के परकोटे के कोर्टयार्ड में की जाएगी. ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. पूरी अयोध्या को इस अवसर पर सजाया-संवारा जा रहा है, और पूरे देश की निगाहें 25 नवंबर के इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हुई हैं.

यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की दी सौगात यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनारस से खजुराहो तक दौड़ेगी वंदे भारत! PM मोदी का तोहफा, CM यादव बोले— पर्यटन को मिलेगी नई ऊंचाइयां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ वंदे भारत ट्रेनें गति, प्रगति और गौरव की प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में 'बनारस-खजुराहो' सहित देश को 4 नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात देने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यमान खजुराहो भारतीय कला, संस्कृति और स्थापत्य की अमूल्य धरोहर है। बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन खजुराहो को काशी सहित देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों से जोड़ेगी। इस ट्रेन से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रसार होगा। उन्होंने बनारस-खजुराहों वंदे भारत ट्रेन सुविधा के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी का हार्दिक आभार माना।  

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव समारोह का किया शुभारम्भ

प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव समारोह का किया शुभारम्भ राज्यपाल  मंगुभाई पटेल कार्यक्रम में भोपाल से वर्चुअली हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वें वर्ष स्मरणोत्सव समारोह का शुभारंभ शुक्रवार को किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल  मंगुभाई पटेल भोपाल राजभवन से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह सहित राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।