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राम-हनुमान से लेकर क्रिकेट तक! पीएम मोदी की वर्ल्ड चैंपियन बेटियों संग दिलचस्प मुलाकात

नई दिल्ली  भारत की वर्ल्ड चैंपियन महिला क्रिकेट टीम जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंची, तो माहौल भावनाओं, हंसी और प्रेरणा से भर गया. बुधवार शाम 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि खेल, जज़्बे और जीवन के अनुभवों पर खुली बातचीत थी. पीएम मोदी ने टीम को विश्व कप जीत पर बधाई दी और कहा कि “आपकी जीत हर भारतीय के गर्व की जीत है.” यह वही टीम है जिसने कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में मुंबई में इतिहास रचते हुए दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों ने जिस तरह हार के सिलसिले और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बाद वापसी की, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणादायक है. आपने दिखाया कि असली चैंपियन वो होते हैं, जो कभी हार नहीं मानते-PM पीएम मोदी ने कहा कि हर खिलाड़ी ने न सिर्फ मैदान पर खेल दिखाया, बल्कि मानसिक मजबूती की मिसाल भी पेश की. उन्होंने टीम की तारीफ करते हुए कहा, “आपने साबित किया कि असली चैंपियन वो हैं जो गिरकर भी उठते हैं और इतिहास रचते हैं.” प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात यह भी उल्लेख किया कि शुरुआती झटकों के बाद खिलाड़ियों को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने अद्भुत मानसिक मजबूती दिखाते हुए शानदार वापसी की और इतिहास रचा.  2017 वर्ल्ड कप के बाद प्रधानमंत्री से हुई पिछली मुलाकात को याद करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि तब टीम बिना ट्रॉफी के आई थी, लेकिन इस बार वे सफलता के साथ लौटी हैं और उम्मीद जताई कि आगे भी उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने के और मौके मिलेंगे. PM मोदी से महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात हरमनप्रीत ने मोदी से पूछा कि वह हर समय चीजे कैसे मैनेज करते हैं. प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि समय के साथ यह उनकी जिंदगी का हिस्सा और आदत बन गई है. वहीं टीम की उपकप्तान स्मृत‍ि मंधाना ने कहा कि पीएम मोदी के शब्दों से मोट‍िवेशन मिला.  हरमनप्रीत की अगुवाई वाली टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए मंगलवार शाम को दिल्ली पहुंची थी. इससे दो दिन पहले ही उसने नवी मुंबई में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता था.  दीप्त‍ि शर्मा से किया हनुमान जी का जिक्र  बातचीत के दौरान टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी दीप्ति शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि वह 2017 से ही उनसे मिलने का इंतजार कर रही थीं. उन्होंने याद किया कि उस वक्त टीम से कहा था कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती रहें.  जब प्रधानमंत्री ने दीप्ति के इंस्टाग्राम बायो में लिखे “जय श्री राम” और उनके हाथ पर बने भगवान हनुमान के टैटू का जि‍क्र किया, तो दीप्ति मुस्कुराईं और बोलीं कि इन्हीं से उन्हें शक्ति मिलती है.  हरलीन के कैच को पीएम मोदी ने याद किया पीएम मोदी ने इस मुलाकात के दौरान कुछ यादगार पलों को भी याद किया, जिनमें 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ हरलीन देओल का शानदार कैच भी शामिल था, जिसके बारे में उन्होंने उस समय सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था.  हरमन के लास्ट बॉल कैच को याद किया प्रधानमंत्री ने उस पल का जिक्र किया जब हरमनप्रीत कौर ने विश्व कप फाइनल के बाद गेंद अपनी जेब में रख ली थी. इस पर हरमनप्रीत ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह खुशकिस्मत थीं कि वह गेंद उनके पास आ गई.  अमनजोत के जगल‍िंग कैच पर क्या बोले PM मोदी  प्रधानमंत्री मोदी ने फाइनल में अमनजोत कौर के Juggling कैच का भी जिक्र किया.  उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “जब तुम कैच ले रही थीं, तब गेंद को देख रही होंगी, लेकिन कैच लेने के बाद जरूर ट्रॉफी को देख रही होंगी.” क्रांत‍ि गौड़ के भाई को दिया बुलावा क्रांति गौड़ ने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके भाई उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं, इस पर मोदी ने उन्हें मिलने के लिए खुला निमंत्रण दिया.   वहीं प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से ‘फिट इंडिया’ संदेश को देशभर में, खासकर लड़कियों के बीच, फैलाने की अपील की. उन्होंने मोटापे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और फिटनेस व शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर जो दिया.   उन्होंने खिलाड़ियों से यह भी कहा कि वे अपने स्कूलों का दौरा करें और बच्चों को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करें.  अब खिलाड़ी अपने-अपने गृह नगर लौटेंगे. हालांकि, शेफाली वर्मा नागालैंड जाएंगी, जहां वह आगामी इंटर-जोनल टी20 टूर्नामेंट में नॉर्थ जोन टीम की कप्तानी करेंगी.  भारत की वर्ल्ड कप जीत देश में महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित हुई, जिसने सालों की मेहनत और अधूरे सपनों को साकार किया. हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया ने मजबूत साउथ अफ्रीका को हराकर ओडीआई खिताब जीतने वाली चौथी टीम बनने का गौरव हासिल किया. 

महिला क्रिकेट टीम का सम्मान: आज पीएम से मुलाकात, कल राष्ट्रपति से सम्मान समारोह

नई दिल्ली  वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी. टीम का रवाना होने का समय शाम 4:10 बजे तय किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री का आगमन और बैठक का आरंभ शाम 6 बजे होगा.  सूत्रों के अनुसार, महिला टीम कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात कर सकती है. हालांकि इस मुलाकात का समय अभी पुष्टि किया जाना बाकी है.  /ध्यान रहे भारतीय टीम ने रविवार (2 नवंबर) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था; भारतीय महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप खिताब जीता था.  माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान महिला टीम की खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे. प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात महिला खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल होगा. वहीं पीएम मोदी ने महिला टीम की जीत पर एक पोस्ट भी क‍िया था.  पीएम मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद अपने X अकाउंट पर  पोस्ट क‍िया था. पीएम मोदी ने लिखा था, 'आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत हुई. खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन स्किल, आत्मविश्वास और टीमवर्क दिखाया. यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैम्पियंस को इस खेल को अपनाने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी. टीम इंडिया को ढेरों बधाइयां.' भारतीय महिला टीम को खिताब जीतने के बाद आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) से प्राइज मनी के तौर पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिले. यह राशि साल 2022 के वर्ल्ड कप में चैम्पियन बनने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली राशि (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा थी.

छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी का बड़ा कदम: 14,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर रजत महोत्सव का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत माता, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी की जयकारों के साथ भाषण की शुरुआत की। PM मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए हुए सभी मेरे प्यारे भाई और बहनों छत्तीसगढ़ के जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियानों को हाथ जोड़ कर जय जोहर। आज छत्तीसगढ़ राज्य अपन गठन के 25 साल पूरा कर लिया है।  25 साल में सफर का साक्षी रहा हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। 40,000 किलोमीटर तक पहुंचा सड़कों का जाल- पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2000 के बाद छत्तीसगढ़ में एक पूरी पीढ़ी बदल गई है, जिसने 2000 से पहले का दौर नहीं देखा। जब राज्य बना था, तब गांवों तक पहुंचना मुश्किल था। गांवों में सड़कें नहीं थीं। आज छत्तीसगढ़ के गांवों में सड़कों का जाल 40,000 किलोमीटर तक पहुंच गया है। क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग… इस दौरान PM ने जनता से पूछा क्या मेरा एक काम करेंगे आप लोग, सब लोग बताइए। अपना फोन निकालिए और फ्लैश जलाइए। ये अगले 25 साल के सूर्योदय का उदय हो गया है। आपकी हथेली में नए सपनों का सूरज उग गया है। मोदी ने कहा कि नई रोशनी नजर आ रही है। यही रोशनी आपकी भाग्य का निर्माण करने वाली है। साथियों 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने छत्तीसगढ़ को आपको सौंपा था।  छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल जी की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।  आज छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर मिला- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ही  छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर और नया विधानसभा भवन मिला है। यहां आने से पहले भी मुझे आदिवासी संग्रहालय के लोकार्पण करने का अवसर मिला। इस मंच से भी लगभग 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इन विकास कार्यों के लिए आप सभी को बहुत बहुत बधाई देता हूं। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है- पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 25 साल की यात्रा हमने पूरी की है। 25 साल का कालखंड पूरा हुआ है। आज अगले 25 साल के नए युग का सूर्योदय हो रहा है। राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य गठन से पहले का दौर भी देखा है। बीते 25 साल में सफर का साक्षी भी रहा हूं। इसलिए इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनना मेरे लिए भी अद्भुत अनुभूति है। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25 साल पहले अटल की सरकार ने आपके सपनों का छत्तीसगढ़ आपको सौंपा था, साथ ही ये संकल्प भी लिया था कि छत्तीसगढ़ विकास की नई बुलंदी छूएगा। छत्तीसगढ़ आज विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आप सभी भाइयों-बहनों ने मिलकर अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। जो बीज 25 साल पहले बोया गया था। आज यह विकास का वृक्ष बन गया है। आज भी छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र का नया मंदिर, नई विधानसभा मिल रही है। PM मोदी ने सोनिया को सौंपी आवास की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर PM आवास योजना के हितग्राहियों को चाबियां सौंपी। PM मोदी ने धमतरी की सोनिया से बातचीत भी की। पीएम मोदी ने किया कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 14,260 करोड़ रुपये से अधिक की विकासात्मक और परिवर्तनकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। CM साय बोले- PM मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं CM विष्णुदेव साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को बनाया। अब वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश को संवार रहे हैं। CM विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले पीएम मोदी प्रदेश के कोने-कोने में घूम चुके हैं। 14 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे। इसके पहले बिलासपुर में 35 हजार करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। नवा रायपुर को बनाएंगे प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बता दें कि PM मोदी ने नवा रायपुर को प्रदेश की पहली सोलर-सिटी बनाने की बात भी कही। PM ने कहा- प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी मैं दुनिया के विभिन्न देशों में गया हूं, मुझे हर जगह ब्रम्ह कुमारिस के लोग मिले हैं। इससे मुझे न केवल अपनेपन का अहसास होता है, बल्कि शक्ति का भी अनुभव होता है। मैं शक्ति का पुजारी हूं और यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सत्य साईं अस्पताल में 2500 बच्चों से मिले PM मोदी इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट से निकलकर सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान रास्तेभर स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों उनके स्वागत में खड़े रहे। पीएम मोदी सत्य साईं हॉस्पिटल पहुंचें और “दिल की बात” कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, पूर्व क्रिकेटर … Read more

हैं पीएम मोदी पर राहुल गांधी का आरोप– ‘देश को बांटने की राजनीति कर रहे हैं’

पटना/ मुजफ्फरपुर   महागठबंधन घोषणा पत्र जारी के बाद आज से पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुका है। चुनाव की घोषणा होने के बाद पहली बार राहुल गांधी और तेजस्वी यादव चुनावी मैदान में एक साथ नजर आएं। वह मुजफ्फरपुर के सकरा विधानसभा में जनसभा को संबोधित कर रहे। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी मुजफ्फरपुर में पहुंचे। तेजस्वी यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में ही एनडीए पर जमकर हमला बोला। कहा कि अब बिहार की जनता इस खटारा सरकार से उब चुकी है। अब वक्त आ गया है नया बिहार बनाने का। युवाओं का बिहार बनाने का। इसके बाद राहुल गांधी पीएम मोदी और एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट देने की अपील की। आइए जानते हैं राहुल गांधी ने क्या-क्या बातें कहीं… वहीं राहुल गांधी ने कहा कि आप सब बारिश में यहां आएं आपका स्वागत है। मैं देश में जहां भी जाता हूं कि वहां बिहार के युवा मिलते हैं। आपने दिल्ली बनाई। बेंगलुरु, गुजरात, मुंबई समेत सभी बड़े शहरों को बनाने में मदद की। विदेशों के विकास में भी आपने मदद की। लेकिन, आप बताओं जब आप देश विदेश के विकास में मदद कर सकते हो तो बिहार के लिए क्यों नहीं? राहुल गांधी ने कहा कि 20 साल से नीतीश कुमार सरकार चला रहे हैं। खुद को अति पिछड़ा कहते हैं लेकिन बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए उन्होंने क्या किया? क्या आप अपने लिए ऐसा पिछड़ा प्रदेश चाहते हो? हमें वो बिहार चाहिए जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार हो। बिहारियों को यहां ही अपना भविष्य दिखाई दे। आपको पलायन नहीं करना पड़े। हमलोग बिहार को सबसे आगे ले जाना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा नीतीश कुमार के चेहरे का प्रयोग कर रही है। भाजपा के हाथ में ही रिमोट कंट्रोल है। उसे सामाजिक न्याय से कोई लेना देना नहीं है। पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने अदाणी और अंबानी को जो भी चाहिए, वो भी दे दी। देश में दो हिन्दुस्तान बन रहा। एक गरीबों का और दूसरा तीन चार अरबपतियों का। अभी हमने देखा कि एक तरफ यमुना और दूसरी तरफ उसी नदी में तालाब। मोदी ने छठ पूजा पर ड्रामा किया। साफ पानी भरकर तालाब बनाया। पीएम मोदी के लिए यह तालाब बनाया गया था। नरेंद्र मोदी के लिए साफ पानी लाया गया। बाकी हिन्दुस्तानियों के लिए यमुना का गंदा पानी। जब पोल खुल गई तो मोदी ने कहा कि मैं तो नहीं जाऊंगा। पीएम मोदी बिहार के युवाओं से कहते हैं कि हमने आपको कम दाम में डाटा दे दिया लेकिन यह नहीं बताया कि डाटा की कंपनी किसको दी। पैसा तो जियो का मालिक अंबानी बना रहा है। आप झूठ बोल रहे हैं। आपने अंबानी को स्पेक्ट्रम दिया। मुंबई में लाखों-करोड़ों रुपये की जमीन, जिसमें बिहार के लोग रहते हैं, वह जमीन आपने अदाणी को दे दी। बिहार में एक रुपये में आपने अदानी को जमीन दे दी। बिहार के किसानों से जमीनें छीन लीं। राहुल बोले- पीएम मोदी ड्रामा करते हैं राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ड्रामा करते हैं। वह यमुना जी में नहाने का ड्रामा करते हैं। लेकिन, वह यमुना नहीं तालाब था। उन्हें यमुना और छठ पूजा से कोई मतलब नहीं है। वह केवल ड्रामा करने गए थे। वह वोट लेने के लिए कोई भी ड्रामा करने के लिए तैयार हैं। आप उनसे जो भी करवाना चाहते हैं करवा लीजिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, हरियाणा में पीएम मोदी ने वोट चोरी की। अब बिहार में भी ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, बिहार के हर व्यक्ति को घर से बाहर निकलकर महागठबंधन को वोट डालना है। मैं आपसे वादा करता हूं कि हमलोग हर जाति, हर धर्म की सरकार बिहार में बनाएंगे। सबकी सरकार होगी। हर एक व्यक्ति की सरकार बनेगी। यह मेरी और महागठबंधन की गारंटी है। शिक्षा पर हमारा फोकस होगा। हमारी कोशिश होगी कि पांच साल के अंदर हिन्दुस्तान की सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी बिहार में होगी। नालंदा विवि पहले इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी थी। यहां पूरी दुनिया पढ़ाई करने आते थे। बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया को जोड़ने का सिस्टम था। यूपीए सरकार ने नालंदा को फिर से वैसा ही बनाने की कोशिश की। अब बिहार को हिन्दुस्तान का नहीं बल्कि दुनिया का सेंटर बनाना है। राहुल गांधी ने कहा कि आज तक आपको जो भी मिला, वह संविधान के कारण मिला। इस पर पीएम मोदी और आरएसएस आक्रमण कर रहे हैं। लेकिन, आपको इसे रोकना है। संविधान की हमलोग रक्षा करेंगे। इसे कोई नहीं खत्म कर सकता है। मुजफ्फरपुर के सकरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार उमेश कुमार राम हैं। यह सीट अनुसूचित जाति (आरक्षित) श्रेणी की है। वहीं, नगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार विजेंद्र चौधरी हैं, जो वर्तमान में विधायक भी हैं। दोनों ही उम्मीदवार राहुल गांधी की जनसभा में मंच पर मौजूद रहे। इधर, राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने कहा कि करीब दो महीने हो गए राहुल गांधी को बिहार आए हुए। कोलंबिया में छुट्टियां मनाने और वीडियो ब्लॉग बनाने के बीच उन्हें न तो बिहार की परवाह करने का वक्त मिला, न ही गठबंधन संभालने का।

भव्य आयोजन के लिए तैयार राज्योत्सव, 1 लाख लोगों के जुटने का अनुमान, BJP नेता करेंगे भीड़ इकट्ठा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने जा रहे राज्योत्सव 2025 को इस बार बेहद भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को नवा रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर इस बार अस्थायी पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) भी बनाया गया है, जहां से पीएम विजिट की मॉनिटरिंग की जाएगी। पीएम इसी अस्थाई कार्यालय में लंच भी लेंगे। बताया जा रहा है कार्यक्रम में करीब 1 लाख लोगों की भीड़ जुटेगी। इसकी जिम्मेदारी भाजपा नेताओं को दी गई है। PM साढ़े तीन लाख परिवारों को देंगे घर की चाबी इस बार राज्योत्सव में पीएम मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साढ़े तीन लाख परिवारों को घर की चाबी सौंपेंगे। साथ ही करीब 1250 करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। बस्तर, सरगुजा और अन्य जिलों के 5 से 10 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री मंच से खुद चाबी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया. इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुंचे, जहांउन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए. ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके. उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की. राज्य स्थापना दिवस समारोह को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और वन मंत्री केदार कश्यप को दी गई है। वहीं पार्टी संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और क्रेडा चेयरमैन भूपेंद्र सिंह सवन्नी को कार्यकर्ताओं की व्यापक उपस्थिति सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। अनुमान है कि इस आयोजन में करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने. मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए. इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे. सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सख्त प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। एडीजी दीपांशु काबरा को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ 5 से अधिक आईजी, 12 डीआईजी, और करीब 2000 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। 29 अक्टूबर से फोर्स नवा रायपुर में तैनाती शुरू करेगी। 1 नवंबर से भारी वाहनों की नो एंट्री 1 नवंबर को भारी वाहनों और बसों की नो-एंट्री रहेगी। आम लोगों के मार्ग भी बदले जाएंगे। प्रधानमंत्री का रूट एयरपोर्ट से सेक्टर-24, फिर सत्य साईं अस्पताल, विधानसभा भवन और ट्राइबल म्यूजियम तक रहेगा। एयरपोर्ट का मुख्य द्वार बंद रहेगा और यात्रियों को पुराने टर्मिनल से आवाजाही करनी होगी। 16 पार्किंग स्थल बनाए गए भीड़ और जाम से बचने के लिए प्रशासन ने 16 पार्किंग स्थल बनाए हैं, जो मेला स्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर होंगे। यहां 10 हजार बाइक, 5 हजार बसें और 3 हजार कारें पार्क की जा सकेंगी। पार्किंग से लोगों को लाने-ले जाने 100 ई-रिक्शे लगेंगे राज्योत्सव समारोह में आने वाले लोग कहीं भी ट्रैफिक जाम न फंसे और आने-जाने वालों को कोई दिक्कत न हो। इसलिए नवा रायपुर में 16 जगहों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। ये सभी पार्किंग मेला स्थल से एक से सवा किमी दूरी पर हैं। पार्किंग से मेला स्थल पहुंचने के लिए लोगों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो इसलिए वहां हर दिन 100 ई-रिक्शों के साथ ही बसें भी तैनात की जाएंगी। लोग इन पर निशुल्क यात्रा कर मेला स्थल में पहुंच सकेंगे। 30 स्टॉलों में सरकारी योजनाओं की झलक राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन की अलग-अलग योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाने के लिए 30 आकर्षक स्टॉलों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। शिल्पग्राम में झलकेगी लोकसंस्कृति की पहचान राज्योत्सव मेला ग्राउंड के दूसरे हिस्से में शिल्पग्राम और प्रदर्शनी क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है। यहां प्रदेश के कई जिलों से आए शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री भी कर सकेंगे। शिल्पग्राम में प्रवेश से लेकर निकास तक आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक देखने मिलेगी। नवा रायपुर की दिशा से आने वाले दर्शक पहले गेट से सीधे शिल्पग्राम में प्रवेश कर पाएंगे। फन पार्क बनेगा आकर्षण का केंद्र राज्योत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ फन पार्क और मीनाबाजार दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगे। फन पार्क में मनोरंजक गेम जोन बनाए गए हैं, जबकि मीनाबाजार में पारंपरिक झूले और खेलों का आनंद लिया जा सकेगा। दर्शकों की सुविधा के लिए इनके समीप फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां लोग स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इनमें सभी प्रमुख विभागों की योजनाएं प्रदर्शित होंगी। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संबंधित विभागीय मंत्रियों के बड़े कटआउट्स भी लगाए जाएंगे। सरकारी विभागों के … Read more

क्वाड सम्मेलन 2026 की शुरुआत में भारत में, ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने जताई उम्मीद

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने उम्मीद जताई है कि क्वाड देशों की अगली बैठक अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है। उन्होंने चार देशों- भारत, अमेरिका, जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया के गठजोड़ वाले इस समूह को एक अहम मंच करार दिया। गौरतलब है कि भारत में इसी साल क्वाड सम्मेलन होना था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये और जापान में जारी सियासी उठापटक के चलते अब इस बैठक की उम्मीद कम ही है। अल्बनीज  आसियान सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “क्वाड एक अहम फोरम है, जो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान और भारत को जोड़ता है। मुझे उम्मीद है कि इसकी बैठक अगले साल की पहली तिमाही में होगी।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की मेजबानी करेंगे। क्वाड सम्मेलन में देरी को लेकर पर पूछे गए सवाल पर अल्बनीज ने कहा कि यह व्यस्त शिखर सम्मेलन सत्र है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी व्यस्त कार्यक्रम में बंधें हैं। आसियान देशों के दौरे पर हैं ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एशिया के तीन देशों के दौरे पर हैं। वे मलयेशिया में आसियान सम्मेलन में शामिल होने के बाद जापान रवाना हुए और वहां से दक्षिण कोरिया जाएंगे, जहां वे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं। इससे पहले अगस्त में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप ने इस वर्ष भारत यात्रा की योजना रद्द कर दी है, क्योंकि उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते तब से तनाव में हैं जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क और रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर लगा दिया। भारत ने इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य करार दिया था।

ट्रंप के फैसलों के बीच पीएम मोदी की दूरी — जानिए असली कारण

नई दिल्ली कभी मंच साझा करते हुए ‘दो मजबूत नेताओं’ की दोस्ती का प्रतीक माने जाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अब रिश्तों की गर्माहट noticeably कम हो गई है। न अमेरिका में आमने-सामने मुलाकात, न किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में साझा उपस्थिति बस औपचारिक बधाइयों और प्रशंसाओं का सिलसिला जारी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों के बीच यह दूरी क्यों बढ़ रही है?   निमंत्रण पर ‘ना’ और बढ़ती खामोशी इस साल जून में ट्रंप ने पीएम मोदी को कनाडा से लौटते वक्त अमेरिका रुकने का निमंत्रण दिया, मगर मोदी ने वह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इसके बाद शर्म अल-शेख सम्मेलन के लिए भी आमंत्रण आया — जो ट्रंप की मध्यपूर्व शांति पहल का जश्न था पर प्रधानमंत्री ने इसमें भी शिरकत नहीं की और भारत की ओर से एक जूनियर मंत्री को भेजा गया। अब जब ट्रंप मलेशिया में हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन में पहुंचे, मोदी ने वहां भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। यह पिछले एक दशक में दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री ने आसियान मंच पर भौतिक उपस्थिति दर्ज नहीं की। आगामी नवंबर में जब दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन होगा, ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे उसमें शामिल नहीं होंगे। यानि, दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात अब लगभग एक साल बाद ही संभव दिख रही है।  अब ट्रंप मलेशिया में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में हैं, जिसमें पीएम मोदी ने भाग नहीं लिया, बल्कि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. यह पिछले दस वर्षों में सिर्फ दूसरी बार है, जब उन्होंने आसियान सम्मेलन में उपस्थिति नहीं दर्ज की. और अब नवंबर में प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग जाने वाले हैं, जहां G20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं कि वे उस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे. इसका मतलब है कि दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात अब लगभग एक साल तक नहीं होगी. पिछली बार उनकी मुलाकात फरवरी में वॉशिंगटन डीसी में हुई थी. कई लोगों को यह दूरी कुछ अजीब लग रही है. क्वाड शिखर सम्मेलन की तारीख को लेकर भी अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. कभी दो ‘मजबूत नेताओं’ के बीच हाई-प्रोफाइल ‘ब्रोमांस’ कहा जाने वाला रिश्ता अब एक अजीब कूटनीतिक दूरी में बदल गया है. अब मुलाकातें कम हो गई हैं. हाल ही में दोनों नेताओं के बीच तीन बार फोन पर बातचीत हुई है, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया. इस बीच सार्वजनिक बयानों में गर्मजोशी बनी हुई है. पीएम मोदी ट्रंप की ‘शांति प्रयासों’ की प्रशंसा करते हैं और ट्रंप उन्हें ‘अच्छा दोस्त’ कहते हैं, लेकिन सतह के नीचे यह रिश्ता कुछ तनावपूर्ण दिखाई देता है. तो सवाल है कि आखिर दोनों एक-दूसरे से बच क्यों रहे हैं? पुरानी नज़दीकी कैसे बन गई दूरी 2019-2020 के दौरान मोदी-ट्रंप के रिश्ते बहुत सार्वजनिक रूप से मजबूत दिखाई देते थे. ‘हाउडी मोदी!’ और ‘नमस्ते ट्रंप!’ जैसे विशाल आयोजनों ने इस दोस्ती की झलक पूरी दुनिया को दिखाई. दोनों नेता बड़े वादे करते थे… भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ाना, रक्षा सहयोग गहरा करना, ऊर्जा समझौते करना. भारत के लिए ट्रंप एक ऐसे सहयोगी थे, जिनके साथ नई दिल्ली अपनी वैश्विक भूमिका मजबूत करना चाहती थी, जबकि अमेरिका के लिए भारत हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार था. जब ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति पद संभाला, तो पीएम मोदी ने फरवरी में उनसे मुलाकात की. दोनों ने अगली मुलाकात भारत में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान करने का वादा किया, लेकिन मई आते-आते रिश्तों में दरारें दिखने लगीं. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया था. हालांकि पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया. जून तक आते-आते दोनों के रिश्ते में तनाव और बढ़ गया. रिश्ते में खटास के प्रमुख कारण 1. ट्रेड और टैरिफ: अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार असंतुलन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया गया है और अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में प्रवेश की मांग कर रहा है. मोदी ने साफ कहा है कि भारत समझौता नहीं करेगा. 2. रूसी तेल का खेल: भारत अभी भी रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है. अमेरिका चाहता है कि भारत इसे कम करे. यह विवाद का बड़ा मुद्दा बन गया है. हाल ही में भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के उस दावे को खारिज किया कि भारत ‘लगभग शून्य’ स्तर तक रूसी तेल खरीद घटा देगा. 3. कूटनीतिक छवि: दोनों नेताओं के अपने घरेलू राजनीतिक आधार हैं जो उन्हें ताकतवर छवि बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं, न कि समझौता करने के लिए. 4. रणनीतिक स्वायत्तता बनाम गठजोड़: भारत हमेशा यह रेखांकित करता है कि वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलेगा, किसी एक देश के साथ पूरी तरह नहीं जुड़ेगा. इन सभी तत्वों ने एक गर्मजोशी भरे रिश्ते को कठिन बना दिया है. क्या मोदी ट्रंप से मुलाकात टाल रहे हैं? ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी किसी असहज या अनुचित माहौल में बैठक से बचना चाहते हैं. जैसे 47वें आसियान शिखर सम्मेलन (कुआलालंपुर) में उन्होंने वर्चुअल रूप से शामिल होना चुना, जिसे व्यापक रूप से ट्रंप से आमने-सामने मुलाकात से बचने के रूप में देखा गया. ट्रंप ने अपनी यात्रा के दौरान फिर से यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कराया और भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने वाला है, जबकि भारतीय अधिकारियों ने ऐसे किसी भी फोन कॉल या बातचीत से इनकार किया. ऐसी स्थितियों में सार्वजनिक विरोधाभास से दोस्ती की छवि कमजोर पड़ती है. पीएम मोदी यह दिखाना चाहते हैं कि भारत किसी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा. ट्रंप से मिलना और वहां किसी ‘समझौते’ का संकेत देना, घरेलू राजनीति के लिहाज से मोदी के लिए असुविधाजनक हो सकता है. उसी तरह, ट्रंप भी ऐसी बैठक में दिलचस्पी नहीं रखते जहां उन्हें कोई ‘स्पष्ट जीत’ दिखाई न दे. इसलिए भारत का यह रवैया (बहुत जल्दी मुलाकात न करना) एक रणनीतिक लचीलापन बनाए रखने की कोशिश है. शर्म अल-शेख समिट में क्यों नहीं गए मोदी पीएम मोदी ने शर्म अल-शेख समिट में शामिल होने के लिए अमेरिकी न्योते … Read more

भारत की सराहना करते हुए नोबेल विजेता मारिया मचाडो ने PM मोदी से की बड़ी मांग

नई दिल्ली 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए 20 साल से संघर्ष कर रहीं मारिया कोरिना मचाडो ने भारत को महान लोकतंत्र और दुनिया के लिए आदर्श बताया है. एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में मचाडो ने कहा कि भारत वेनेजुएला का महत्वपूर्ण साथी बन सकता है और दोनों देश लोकतंत्र के बहाली के बाद कई क्षेत्रों में साथ काम कर सकते हैं. मचाडो ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी से बात करना चाहती हूं और उन्हें स्वतंत्र वेनेजुएला में जल्दी आमंत्रित करना चाहती हूं.” उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक भूमिका की भी तारीफ की और कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखना बहुत जरूरी है. मचाडो ने महात्मा गांधी की अहिंसात्मक लड़ाई से प्रेरणा लेने की बात कही. उन्होंने कहा, “शांति रखना कमजोरी नहीं है, गांधी ने पूरी दुनिया को यह दिखाया.” वेनेजुएला के 2024 राष्ट्रपति चुनाव पर क्या कहा? उन्होंने वेनेजुएला के 2024 राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी, लेकिन निकोलस मादुरो सरकार ने चुनाव रद्द कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने मादुरो को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता छोड़ने का प्रस्ताव दिया, लेकिन मादुरो ने इनकार कर दिया और देश में सख्त दमन शुरू कर दिया. मचाडो ने जताई ये उम्मीद मचाडो ने कहा कि यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लोकतंत्र बहाली में उनके मुख्य सहयोगियों में से हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समर्थन के चलते मादुरो समझेंगे कि अब उनका समय खत्म हो गया है और उन्हें शांति से सत्ता छोड़नी होगी. मचाडो ने भारत से कहा कि वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल होने के बाद भारत की कंपनियां ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार में निवेश कर सकती हैं. भारत और वेनेजुएला के संबंधों के लिए अवसर मचाडो ने भारत को भी लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए अपनी आवाज उठाने वाले देशों में शामिल होने का आमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बहाल होने के बाद भारत की कंपनियां ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार के क्षेत्रों में निवेश कर सकती हैं. मचाडो ने यह भी कहा कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत और अनुभव वेनेजुएला के लोकतंत्र के पुनर्निर्माण में मार्गदर्शन कर सकता है.  मचाडो ने अंत में यह संदेश दिया कि लोकतंत्र को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए और भारत जैसे बड़े लोकतंत्र की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, क्योंकि पूरी दुनिया ऐसे उदाहरण से सीखती है.

मोदी नहीं जाएंगे आसियान समिट में! ट्रंप से संभावित मीटिंग की चर्चा तेज, जानें भारत की ओर से कौन जाएगा

नईदिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया में होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे. आसियान समिट की शुरुआत रविवार यानी 26 अक्टूबर से हो रही है. पीएम मोदी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण आसियान शिखर सम्मेलन से संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए संभवत: मलेशिया नहीं जाएंगे. इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों की मानें तो भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस बैठक में हिस्सा लेंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. यहां बताना जरूरी है कि इस आसियान बैठक में डोनाल्ड ट्रंप भी आ रहे हैं. ऐसे में संभावना थी कि अगर मोदी जाते हैं तो ट्रंप संग उनकी मुलाकात हो सकती है. मगर अब मुलाकात का इंतजार बढ़ गया है. दरअसल, आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक कुआलालंपुर में आयोजित किया जा रहा है. आसियान शिखर सम्मेलन से संबंधित विचार-विमर्श में भारत की भागीदारी के स्तर पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. सूत्रों ने बताया कि भारत ने मलेशिया को सूचित किया है कि एस जयशंकर आसियान बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल माध्यम से भाग लेने की संभावना है. ट्रंप हो रहे शामिल प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है. मलेशिया ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ आसियान के कई संवाद साझेदार देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है. डोनाल्ड ट्रंप 26 अक्टूबर को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर जाएंगे. सूत्रों ने बताया कि शुरुआती योजना के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया के साथ-साथ कंबोडिया की यात्रा पर भी विचार किया जा रहा था, चूंकि वह मलेशिया नहीं जा रहे हैं, इसलिए कंबोडिया की प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई है. क्या है आसियान आसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में एक क्षेत्रीय साझेदारी की स्थापना के साथ शुरू हुए. ये दिसंबर 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तर की साझेदारी में परिवर्तित हुए. इन संबंधों को 2012 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया. आसियान के 10 सदस्य देश इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा और कंबोडिया हैं.  

मोदी-ट्रंप रिश्तों में आएगा नया मोड़? जल्द हो सकती है अहम मुलाकात

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी मलयेशिया के दौरे पर आसियान समिट में जा सकते हैं। यदि वह ASEAN समिट में गए तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात हो सकती है और इस पर दुनिया भर की नजरें होंगी। वह आसियान समिट से इतर डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर इस दौरान बात हो सकती है। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बीते कुछ महीनों में करीबी बढ़ती दिखी है और ऐसी स्थिति में नरेंद्र मोदी और ट्रंप की मुलाकात के मायने क्या होंगे, यह देखने वाली बात होगी। अमेरिका ने जिस तरह पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को तवज्जो दी है और उन्हें वाइट हाउस तक बुलाया था, उससे कयास लग रहे हैं कि एक बार फिर से शीत युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। तब भारत गुटनिरपेक्षता की राजनीति करते हुए एक तरह से रूस के ब्लॉक में था। वहीं अमेरिका की गोद में पाकिस्तान बैठा था। एक बार फिर से रूस और भारत का विरोध करते हुए अमेरिका उसी रणनीति पर आगे बढ़ता दिखता है। ऐसे हालात में पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग में क्या निकलता है, यह चर्चा का विषय है। अब तक सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट नहीं किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी का ASEAN समिट में जाना तय है या नहीं। लेकिन दौरे से इनकार भी नहीं है। बता दें कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि वह 26 अक्तूबर से होने वाले ASEAN समिट में जाएंगे और पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की उम्मीद है। इससे पहले दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात इस साल फरवरी में हुई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय वार्ता के लिए अमेरिका गए थे। लेकिन रिश्तों के बिगड़ने की शुरुआत तब हुई, जब अमेरिका की ओर से भारत पर मोटा टैरिफ लगाया गया। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बार-बार दावे हुए कि उन्होंने जंग रुकवाई है। इस बात ने भी भारत को असहज किया है और दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंचे हैं।