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ओबीसी आरक्षण पर कल सर्वदलीय चर्चा, मोहन सरकार करेगी सभी दलों से विचार साझा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा टॉप ऑफ द बोर्ड को सौंपा गया है, जो 28 अगस्त के बाद प्रतिदिन इस पर निगरानी रखेगा और राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट भी मांगेगा। ओबीसी आयोग के सर्वे के मुताबिक, प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 52 प्रतिशत है। लेकिन लगातार न्यायालय में चुनौती दिए जाने के कारण भर्ती व अन्य प्रक्रियाओं में इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा। अब सरकार सभी दलों से सुझाव लेकर ओबीसी की हिस्सेदारी के प्रतिशत पर स्पष्ट नीति तय करेगी और उसी आधार पर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी जाएगी। आरक्षण मुद्दे पर गरमाई राजनीति ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल खुद को श्रेय देने की कोशिश कर रहे हैं। अब सर्वदलीय बैठक को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की वजह से ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं पा सका। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार के समय विधानसभा में अध्यादेश लाकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था, जो बाद में कानून भी बन गया, लेकिन उसका क्रियान्वयन अब तक नहीं हो पाया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं ओबीसी आरक्षण देने की प्रतिबद्धता जता रहे हैं, तो फिर सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों है। पार्टी का कहना है कि सरकार को अब और विलंब न करते हुए दो दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामला वापस लेना चाहिए, ताकि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिल सके।

विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश के साथ देश की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का हो रहा है उपयोग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्युत कार्मिकों को प्रदान किए नियुक्ति-पत्र पिछले 11 वर्षों में 30% बढ़ी सौर ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान युग में विद्युत (ऊर्जा) का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम उद्योगों और किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में विद्युत उत्पादन के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। देश में क्लीन एनर्जी के लिए गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रदेश की बिजली कंपनियों में 51 हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। इससे बिजली कम्पनियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। किसान भाइयों को लगभग 20 हजार 267 करोड़ रुपए की सब्सिडी इस वर्ष दी जा रही है। प्रदेश के एक करोड़ से अधिक परिवारों को बिजली विभाग ने 6445 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश में बिजली तैयार करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांची को प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है। राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश में उत्पादित क्लीन एनर्जी से बिजली, उद्योग का रूप ले रही है। प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा अपनी स्वयं की बिजली बनाने की पहल लोक स्वास्थ्य विभाग ने आरंभ की है। इससे ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ेगी तथा प्रबंधन के लिए दक्ष मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संकल्पित है। बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट भी की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव नियुक्त विद्य़त कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सभी बिजली कंपनियों के लिये 51 हजार से अधिक नियमित पद स्वीकृत करने पर ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी पहना कर तथा अंग वस्त्रम और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र का वाचन भी किया गया। इस अवसर पर नव नियुक्त कर्मिकों के अभिभावक भी उपस्थित थे। बिजली कंपनियों को मिला जीवनदान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ी संख्या में नियुक्ति देकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली कंपनियों को जीवनदान प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित पद स्वीकृत किये गये हैं। इसीलिये आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग लगातार बिजली उपभोक्ताओं और किसानों के हित में कार्य कर रहा है। किसानों को अब कड़कड़ाती ठंडी रातों में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब इन्हें सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने अधोसंरचना सुधार के लिये राशि की जरूरत पर भी बल दिया। प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने कहा कि 1000 से अधिक युवा आज ऊर्जा विभाग से नियुक्ति-पत्र लेकर जाएंगे। उनका और उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन है। प्रदेश की 6 ऊर्जा कंपनियों में 51 हजार 700 नए स्थाई पद स्वीकृत किए गए हैं। यह प्रयास प्रदेश को भारत में ऊर्जा क्षेत्र में नए मानकों के साथ स्थापित करेगा। ऊर्जा विभाग ने हमेशा प्रदेश और देश की ऊर्जा मांग को पूरा किया है। प्रदेश का ऊर्जा विभाग सौर ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में नवाचारों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले नए उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों का उनके सहयोग के लिये आभार माना। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक सर्वरामेश्वर शर्मा और विष्णु खत्री, एमडी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

प्रदेश के सभी थानों में CCTNS की स्वीकृति, 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर अवकाश (Public Holiday) रहेगा। यह फैसला आज कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक में लिया गया। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी पर अवकाश रहेगा। मोहन यादव सरकार ने तय किया है कि अब थानों में दर्ज होने वाले केस की जांच के लिए पुलिस के जांच अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे, जो जीपीएस कनेक्ट रहेंगे। सरकार ने एक अन्य प्रस्ताव में वन कोर्ट वन प्रॉसिक्यूटर नीति के अंतर्गत 610 नए प्रॉसिक्यूटर के पदों का सृजन करने का फैसला किया है। आत्म निर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाना होगा। मिट्टी, गोबर के गणेश बनाने वालो से संपर्क किया है। भारत खिलोने बनाने में विश्व में आगे बढ़ा है। उन्‍होंने कैबिनेट की निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में नगर निगम (Municipal Corporation) और नगर पालिका अध्यक्ष (Municipal Council) के डायरेक्ट चुनाव (Direct Election) कराएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के लिए अध्यादेश लाया जाएगा, अगली कैबिनेट के लिए। प्रदेश के सभी थाने सीसीएनटीएस प्रोजेक्ट के तहत छोटे टेबलेट साथ में लेकर जांच करने जाएगा। एनलाइन पंचनामा से लेकर जांच की जाएगी। जीपीएस आधारित होगा टेबलेट। 1732 टेबलेट खरीदे जा रहे 25 हजार का लक्ष्य है। पुलिस को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 75 करोड़ शुरुआती लागत है। प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। इसी तारतम्य में पुरानी व्यवस्था में शिकायतों के जरिये नगर पालिका नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने से रोकने के लिए सरकार अध्यादेश लाएगी। अभी जो निर्वाचन व्यवस्था है, उसमें अराजकता की स्थिति बनती है। आर्थिक लेन देन भी होता है और विवाद की भी स्थिति बनती है। 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीएनएस की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत थानों को टैबलेट देने का फैसला किया है। ये टैबलेट लेकर जांच अधिकारी विवेचना और जांच के लिए जा सकेंगे। इन टैबलेट के जरिये वीडियो, फोटो लिए जा सकेंगे। हर टैबलेट जीपीएस से लैस होगा। पुलिस अनुसंधान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। शुरुआत में 1732 टैबलेट खरीदे जाएंगे। कुल 25 हजार टैबलेट खरीदे जाना है। इसके चलाने के लिए पुलिसकर्मी को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 75 करोड़ रुपए इस पर खर्च होंगे। शहरी क्षेत्रों में जहां अच्छी कनेक्टिविटी है, पहले वहां इसे चालू किया जाएगा। हर कोर्ट में होगा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर विजयवर्गीय ने कहा कि वन कोर्ट, वन प्रॉसिक्यूटर की नीति के अंतर्गत प्रॉसिक्यूटर बढ़ा रहे हैं। न्यायालयीन मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे लोगों को जल्दी न्याय मिलेगी और सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर हारने से बचेगी। अतिरिक्त लोक अभियोजन के 185 पद, जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 225 और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 100 सहित कुल 610 कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं। इस पर 60 करोड़ 24 लाख 72 हजार का खर्च आएगा। थर्मल पावर में बिजली प्रोडक्शन के लिए कोयला कम नहीं होगा ताप विद्युत गृह का पूरा उपयोग करने के लिए यहां कोयले की आपूर्ति पूर्ण रखने का निर्णय लिया गया है। ग्रीन शो योजना ऊर्जा विभाग की ला रहे हैं। कोयले की भरपाई के लिए भारत सरकार से बात करेंगे। कोयला संग्रहीत कर रखेंगे ताकि बिजली की कमी न होने पाए। गांवों में 100 मेगावाट के सोलर,60 मेगावाट के विंड एनर्जी प्लांट लगेंगे पीएचई विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि गांवों में बिजली बिल कम करने के लिए एमपी जल निगम के माध्यम से नल जल योजना के अंतर्गत विंड और सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। जहां संभावना है, वहां पवन ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। सोलर से 100 मेगावाट और विंड एनर्जी से 60 मेगावाट के संयंत्र लगाने की तैयारी है। इस ऊर्जा का उपयोग नल जल योजना के बिजली बिल कम करने में किया जा सकेगा। उज्जैन-पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने सर्वे होगा उज्जैन से लेकर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सर्वे का काम दिया है। अभी डीपीआर बनाने का काम हो रहा है, जिसमें नौ लाख रुपए प्रति किमी अभी खर्च हो रहे हैं। उज्जैन से पीथमपुर की दूरी 84 किमी तक मेट्रो ट्रेन के लिए काम हो रहा है। सर्वे सिंहस्थ तक हो जाएगा और लेकिन काम नहीं हो पाएगा। इसमें देरी हो गई है। डीपीआर बनाने का काम अभी किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर रहेगा सामान्य अवकाश मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश घोषित किया। उन्होंने कहा कि अब से प्रदेशभर में गणेश चतुर्थी पर अवकाश रखा जाएगा। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को अवकाशों व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि गणेश चतुर्थी पर पहले सामान्य अवकाश दिया जाता था। अभी कलेक्टरों को इस पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित करने के अधिकार दिए गए हैं। यह भी लिए गए निर्णय     अतिरिक्त लोक अभियाजन सहित 610 कर्मचारी पद सृजन 60 करोड़ 24 लाख 672 करोड़ व्यय होंगे। ताप विद्युत गृह के लिए कोयला उपलब्ध कराने भारत सरकार के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाएंगे। ग्रीड शू परियोजना ला रहे हैं। कोयले का संग्रहण करेंगे।     मध्य प्रदेश जल निगम के तहत नल जल योजना के तहत बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट और विंड एनर्जी प्लांट लगाएंगे। 100 और 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे।     उज्जैन इंदौर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मेट्रो के लिए डीपीआर बना रहा है। यह 84 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट होगा।     जीतू पटवारी के महिलाओं के ज्यादा शराब पीने वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं धार्मिक हैं। जीतू पटवारी के इस बयान की मैं निंदा करता हूं।  

मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भारतीय प्रतिभाएं, भारत के विकास में योगदान दें : केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार विश्व एक परिवार है, वसुधैव कुटुंबकम् भारत की संस्कृति है : परमार भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) का द्वादश दीक्षांत समारोह भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में सोमवार को आयोजित 'द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह' में उपाधि प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भारत की उज्ज्वलतम प्रतिभाओं को देश में ही बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से भावनात्मक आह्वान करते हुए कहा कि वे विदेशों में अवसर तलाशने के बजाय, भारत के विकास और नवाचार प्रणाली में सक्रिय योगदान दें। चौहान ने इस बात को रेखांकित किया कि सिलिकॉन वैली जैसे वैश्विक तकनीकी केंद्रों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रतिभाएं काम कर रही हैं। चौहान ने स्नातकों को प्रेरित किया कि वे अपनी योग्यता और कौशल का उपयोग भारत के हित में करें। उन्होंने 'ब्रेन ड्रेन' की प्रवृत्ति को उलटने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा देश में ही सफल करियर और उद्यम खड़े करें, जिससे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की नींव मजबूत हो। चौहान ने विद्यार्थियों को जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर, समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। चौहान ने स्थानीय उत्पादों और व्यवसायों के समर्थन की आवश्यकता पर भी बल दिया। चौहान ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाते और बढ़ावा देते हैं, तब न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं। यह प्रक्रिया ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को सशक्त बनाती है और समावेशी विकास को बढ़ावा देती है। चौहान ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सभी मेधावी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। परमार ने कहा कि विश्व एक बाजार नहीं, अपितु एक परिवार है। "वसुधैव कुटुंबकम्" का यही मूल भाव, भारत की संस्कृति है। यह भारतीय दृष्टिकोण विश्वमंच पर जितना प्रभावशाली एवं व्यापक होगा, वैश्विक परिधियों में लोक कल्याण का मार्ग उतना ही प्रशस्त होगा। परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक भारतीय भाषा सिखाने की कार्य योजना तैयार की जा रही है और इसका विद्यार्थियों को उनके मूल्यांकन में वेटेज देने की भी कार्ययोजना है। प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाने से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव, भारत की सभ्यता एवं विरासत है। किसी के कार्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करना, कृतज्ञता भाव रूपी भारतीय दर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है। परमार ने कहा कि पेड़ों, जलस्रोतों सूर्य आदि प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के पूजन एवं उपासना की पद्धति भारतीय समाज में परंपरागत रूप से विद्यमान है। यह परंपरा प्रकृति सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए, उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भाव है। हम सभी कृतज्ञतावादी है, न कि रूढ़िवादी। समाज में विद्यमान परम्पराओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ समृद्ध करने की आवश्यकता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर अन्य देशों की भी पूर्ति करने में समर्थ होगा। साथ ही वर्ष 2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्म निर्भर होकर अन्य देशों का भरण-पोषण करने में भी सामर्थ्यवान बनेगा। हम सभी की सहभागिता से अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास और ज्ञान के आधार पर हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। समारोह में संस्थान के विभिन्न संकायों बीएस में 51, बीएस-एमएस में 227, एम.एससी./एम.एस. में 56 एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम में 89, इस प्रकार कुल 423 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विशिष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में संस्थान द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रपति स्वर्ण पदक एवं निदेशक स्वर्ण पदक कौशिक मेधी (बीएस-एमएस) को दिया गया। समारोह में 16 छात्र- छात्राओं को प्रवीणता पदक और 6 विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में संस्थान की इनोवेशन मैगजीन का विमोचन भी हुआ। समारोह में संस्थान के शासक मंडल के अध्यक्ष प्रो. अरविंद ए नातू एवं संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के एचओडी, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।  

केंद्रीय मंत्री नड्डा और CM डॉ. यादव ने माँ नर्मदा की महाआरती में की सहभागिता

केंद्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव माँ नर्मदा की महाआरती में हुए शामिल केंद्रीय मंत्री नड्डा और CM डॉ. यादव ने माँ नर्मदा की महाआरती में की सहभागिता माँ नर्मदा की महाआरती में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव माँ नर्मदा का किया अभिषेक और दीपदान जबलपुर  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुण्य-सलिला माँ नर्मदा के पवित्र तट ग्वारीघाट में सोमवार की शाम माँ नर्मदा की महाआरती में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री नड्डा की धर्मपत्नी श्रीमती मल्लिका बैनर्जी भी महाआरती में शामिल हुईं। केंद्रीय मंत्री नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वस्ति-वाचन, हर-हर नर्मदे, माँ नर्मदा के जयकारों और नर्मदाष्टकम् के श्लोकों की गूँज के बीच पूरे विधि-विधान से पुरोहितों की मौजूदगी में माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना कर देश तथा प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। नड्डा और डॉ. यादव ने माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक कर दीपदान भी किया।  लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा वाल्मिकी, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी माँ नर्मदा की महाआरती में शामिल हुये। महाआरती में विधायक सर्व अशोक रोहाणी, सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे एवं नीरज सिंह, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, हितानन्द शर्मा, आशीष अग्रवाल, संदीप जैन, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष विनोद गोंटिया, पूर्व निःशक्तजन आयुक्त दीपांकर बैनर्जी, धर्माचार्य और संत समाज मौजूद रहे। नर्मदा महाआरती के समापन पर 14 वर्षीय तेजस्विनी दुबे ने माँ नर्मदा को साफ एवं स्वच्छ रखने का सभी को संकल्प दिलाया।  

मध्यप्रदेश में रोजगार का तोहफ़ा, सीएम यादव देंगे 1060 कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत कंपनियों के 1060 कर्मचारियों को देंगे नियुक्ति-पत्र मध्यप्रदेश में रोजगार का तोहफ़ा, सीएम यादव देंगे 1060 कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर विद्युत कंपनियों में नई नियुक्तियाँ: सीएम डॉ. यादव बांटेंगे 1060 नियुक्ति-पत्र ऊर्जा मंत्री ने 26 अगस्त के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे रवीन्द्र भवन भोपाल में विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में बिजली कंपनियों के लिए नवीन संगठनात्मक संरचना के तहत 51 हजार 711 नये स्थाई पदों की स्वीकृति के लिये मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया जायेगा। ऊर्जा विभाग की विभिन्न बिजली कंपनियों में रिक्त पदों की परीक्षा के बाद कर्मचारियों का चयन किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को मंत्रालय में 26 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्यक्रम स्थल का भी निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने कार्यक्रम आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संकल्प-पत्र के आधार पर विभिन्न पदों पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भर्ती की गई है। चयनित पदों में बिजली इंजीनिय़र, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटैंड़ेंट, सिक्य़ोरिटी ऑफिसर, पॉवर प्लांट  फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टैक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर आदि पद शामिल हैं। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी कर्मचारी हितों और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर चर्चा भी की जाएगी। बैठक में एम.डी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया और एम.डी. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शॉट पुट खिलाड़ी गिल को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैन्नई में चल रही 64वीं नेशनल स्टेट सीनियर एथेलेटिक्स चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के प्रतिभागी शॉट पुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल को गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री गिल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गिल की इस स्वर्णिम उपलब्धि के लिए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के बेटे की यह उपलब्धि अन्य सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निशानेबाज एश्वर्य प्रताप सिंह को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिमकेन्ट (कजाकिस्तान) में खेली जा रही 16 वें एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश के शूटिंग अकादमी के प्रतिभागी निशानेबाज एश्वर्य प्रताप सिंह को स्वर्ण पदक और टीम स्पर्धा में रजत पदक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन सीनियर पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में एश्वर्य प्रताप सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि से वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री सिंह की यह उपलब्धि सम्पूर्ण प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एश्वर्य प्रताप सिंह को सदैव ऐसे ही निरंतर आगे बढ़ते रहने और प्रदेश को गौरवान्वित करते रहने की मंगलकामना की है।  

देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देहदान का पुण्यकारी निर्णय परोपकार की अद्वितीय मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देहदान करने वाली श्रीमती रमा का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा का भोपाल में हुआ पहली बार अमल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देहदान करने वाली भोपाल निवासी श्रीमती रमा चौदा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि देहदान का यह पुण्यकारी निर्णय समाज में करुणा, सहअस्तित्व की भावना और परोपकार की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार राज्य शासन द्वारा गांधी मेडिकल कॉलेज में देहदान के उपरांत श्रीमती रमा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ ससम्मान अंतिम विदाई दी गई। भोपाल में यह पहला अवसर है जब किसी का राजकीय सम्मान के साथ देहदान संपन्न हुआ। 

प्रदेश की जेलों से आई राहत की खबर, जन्माष्टमी पर 14 हजार पात्र बंदियों को मिली सजा में छूट

गंभीर अपराध के दोषी बंदियों की सजा यथावत रहेगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जेल विभाग को प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। सजा में दी गई इस छूट से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की इस समय पूर्व रिहाई नीति में आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थ और दो से अधिक हत्या जैसे गंभीर अपराध के दोषी बंदी पात्र नहीं होते हैं, उनकी सजा यथावत रहेगी।  इसकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी प्रदेश की जेलों के दंडित बंदियों को सजा में करीब 60 दिन की छूट हेतु जेल विभाग को निर्देश दिए हैं। आतंकवादी गतिविधि, लैंगिक अपराध, हत्या के गंभीर आरोपी इसमें शामिल नहीं हैं। इससे 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार लाभान्वित होंगे। सरकार का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सद्भाव और मानवीय संवेदना का संदेश देते हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे अवसर पर कैदियों को सजा में छूट देकर सुधार की भावना को बल मिलेगा। बता दें कि इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी प्रदेश की जेलों से बड़ी संख्या में कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया। मध्य प्रदेश जेल मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भोपाल केंद्रीय जेल से 25, सतना से 17, उज्जैन से 14, नर्मदापुरम से 11, ग्वालियर से 16, जबलपुर से 14, रीवा से 19, सागर से 14, इंदौर केंद्रीय जेल से 10, नरसिंहपुर से 6 और बड़वानी से 3 बंदियों को रिहा किया गया। इसके अलावा, जिला जेल देवास से 1, टीकमगढ़ से 2, इंदौर से 2 तथा उप जेल पवई और बंडा से 1-1 बंदी को भी स्वतंत्रता दिवस पर रिहा किया गया था।