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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, विक्रमादित्य के सुशासन आदर्श 2 हजार साल बाद भी प्रासंगिक

विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का पर्व है नव संवत्सर मुख्यमंत्री ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नवसंवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना रवीन्द्र भवन में हुआ कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम सम्राट विक्रमादित्य नाटक का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे। उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। विक्रमोत्सव-2026 के आयोजन में निहित भावों और इसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात्र किया। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। आज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव परिलक्षित होता है कि भारत राष्ट्र की सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज स्वस्फूर्त और अनुशासित समाज है। हमने हमेशा जियो और जीने दो सहित सबको लेकर चलने की भावना से जीना सीखा है। सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र को बढ़ावा दिया, इसी से लोकतंत्र के सूत्र हम भारतीयों के शरीर में रक्त की तरह प्रवाहित है और अब यह हमारे अस्तित्व की पहचान भी बन गया है। स्वागत उद्बोधन देते हुए विधायक श्रीभगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। वीर विक्रमादित्य की कर्मभूमि उज्जैन से देश में लोकतंत्र का दीप प्रज्ज्वलित हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उसी दीप को और अधिक प्रकाशमान बना रहे हैं। कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी नाट्य कलाकारों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, कमिश्नर भोपाल डिवीजन श्री संजीव सिंह, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण एवं स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।  

पं. कुंजीलाल दुबे का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पं. कुंजीलाल दुबे का विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल भुलाया नहीं जा सकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने तीन बार विधानसभा अध्यक्ष रहे स्व. पं. दुबे की 130वीं जन्म जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्व. पं. कुंजीलाल दुबे तीन बार मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने हिन्दी भाषा को प्रतिष्ठित स्थान दिलाने में बड़ा योगदान दिया। स्व. पं. दुबे के विधानसभा अध्यक्षीय कार्यकाल की सुदीर्घ सेवाओं और संसदीय परम्पराओं को और भी समृद्ध बनाने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को स्व. पं. कुंजीलाल दुबे की 130वीं जन्म जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा भवन परिसर में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. पं. दुबे की समाजोन्मुखी सेवाओं के लिए वर्ष 1964 में इन्हें पद्मभूषण की उपाधि विभूषित किया गया। विद्या और ज्ञान के क्षेत्र में की गई सेवाओं और उपलब्धियों के लिए स्व. पं. दुबे को 1965 में एलएलडी की उपाधि दी गई, वहीं 1967 में विक्रम विश्वविद्यालय ने इन्हें डी-लिट की उपाधि प्रदान की थी। वे सदैव हमारी स्मृतियों में बने रहेंगे। म.प्र. विधानसभा के भूतपूर्व अध्यक्ष स्व. पं. कुंजीलाल दुबे का जन्म 19 मार्च 1896 को वर्तमान नरसिंहपुर जिले के ग्राम आमगांव में हुआ था। वकालत के पेशे से एक सुघड़ राजनीतिज्ञ के रूप स्थापित होकर स्व. पं. दुबे प्रथम विधानसभा (1956-57), द्वितीय विधानसभा (1957-62) एवं तृतीय विधानसभा (1962-67) में कुल तीन बार मप्र विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सेवारत रहे। पुष्पांजलि कार्यक्रम में म.प्र. विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रमुख सचिव विधानसभा अरविन्द शर्मा तथा भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. पं. दुबे के परिजन सहित विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।  

सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सीएम ने की दिन की शुरुआत, प्रदेशभर में आयोजित किए गए भव्य कार्यक्रम

भोपाल  हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर दिन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति और उज्जैन की गौरवशाली परंपरा को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित परंपराएं आज भी समाज को प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उज्जैन में आयोजित हो रहा विक्रमोत्सव अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय पंचांग और सभी प्रमुख पर्व विक्रम संवत पर आधारित हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसी क्रम में 19 मार्च 2026 को सृष्टि आरंभ दिवस और वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  मंत्री प्रभार वाले जिलों में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल  राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में मौजूद रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा मंदसौर और राजेंद्र शुक्ला रीवा में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा कई कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री अपने-अपने आवंटित जिलों में कार्यक्रमों की अगुवाई करेंगे। विक्रमोत्सव–2026 का आयोजन 15 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा। इस दौरान उज्जैन में विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देशभर से आए कलाकार, विद्वान और सांस्कृतिक साधक अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा की समृद्ध झलक प्रस्तुत कर रहे हैं। भारतीय परंपरा को जन जन तक पहुंचाने का प्रयास  उत्सव के अंतर्गत संगीत, नृत्य, नाटक, लोककला और संगोष्ठियों के जरिए सम्राट विक्रमादित्य की परंपरा और भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों की भागीदारी से उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और भी सशक्त रूप में उभरकर सामने आ रही है। बता दें कि विक्रमोत्सव 2025 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें “लॉन्गस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर” और WOW अवॉर्ड शामिल हैं। आने वाले समय में यह उत्सव भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार का सशक्त माध्यम बनेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, जल गंगा अभियान की सफलता के लिए स्थानीय निकायों की सक्रियता आवश्यक

जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय निकाय हों सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत और नव वर्ष त्योहारों पर दी बधाई मं‍त्रि-परिषद की बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में आगामी 19 मार्च से राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ हो रहा है। प्रदेश के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान का यह तीसरा वर्ष है। कुओं, बावड़ियों, नदियों के पुनरुद्धार के अभियान से सभी वर्गों को जोड़ने के लिए नगरीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय निकाय सक्रिय भूमिका का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले महत्वपूर्ण विषयों पर मंत्रीगण को जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान से जन-जन को जोड़कर इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए। समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा जाए। युवाओं को विशेष भागीदारी का अवसर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 3000 से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जा चुका है। गत वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए 86 हजार से अधिक खेत तालाब और 550 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए। भू-जल संवर्धन के लिए एक लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण कार्य भी प्रारंभ किया गया। नदियों की निर्मलता के लिए प्रदेश की 57 प्रमुख नदियों और 194 प्रदूषण जल स्रोतों की पहचान कर उनके शोधन की पहल की गई। लगभग 145 नदियों के उद्गम क्षेत्र में हरित विकास के लिए गंगोत्री हरित योजना भी प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि जन भागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जाएगा। जल महोत्सव की गतिविधियों को सफल बनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल महोत्सव की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आगामी 22 मार्च तक जल महोत्सव के तहत विभिन्न कार्य हो रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की भी जल संरक्षण कार्यो में महत्वपूर्ण भूमिका है। 'हर घर जल' के लिए मध्यप्रदेश के हित में नई दिल्ली में हुआ महत्वपूर्ण करारनामा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति और पेयजल मंत्रालय के साथ नई दिल्ली में आज एक महत्वपूर्ण करारनामा हुआ है, जिसके अंतर्गत पेयजल योजना के लिए पाइप लाइन बिछाने और हर व्यक्ति तक जल पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और राजस्थान 2 राज्यों का चयन हुआ है। यह मध्यप्रदेश के लिए प्रतिष्ठा की बात है। इस अवसर पर प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उईके मंगलवार को नई दिल्ली में उपस्थित थीं। स्वच्छ जल प्रदाय के लिए वर्ष 2028 तक जल जीवन मिशन की अवधि बढ़ाने और जल जीवन मिशन 2.0 पुनर्गठित कर लागू करने की स्वीकृति दी गई है,जिसका लाभ मध्यप्रदेश को मिलेगा और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थाओं को सशक्त टिकाऊ बनाने में सहयोग मिलेगा। किसान कल्याण वर्ष में विभागों की गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण वर्ष-2026 में 17 विभाग के सहयोग से वर्ष भर होने वाली विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसानों के हित में अभिनव पहल की जा रही है। कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए राज्य सरकार बहु आयामी प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री का 4-लेन निर्माण स्वीकृति के लिए माना आभार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा हाल ही में 3839 करोड़ रुपए की लागत से एनएच 752 डी पर बदनावर पेटलावद थांदला टिमरवानी सेक्शन में 4-लेन निर्माण की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से यह स्वीकृति अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के अनेक जिलों को मिलेगा। इंदौर पीथमपुर उज्जैन देवास के औद्योगिक इलाकों तक पहुंच को सुगम बनाया जा सकेगा। धार और झाबुआ जनजातीय बहुल जिलों के आर्थिक विकास में भी सहयोग मिलेगा। भावांतर योजना में सरसों को जोड़े जाने से किसानों को मिलेगी मदद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के किसानों के लिए भावांतर योजना में सरसों को शामिल करने को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि 7 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को सरकार 1500 करोड. रुपए की राशि भावांतर योजना में दे चुकी है। अब सरसों उत्पादक किसानों को भी योजना का लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने किसानों के हित में सबसे पहले सफलतापूर्वक भावांतर जैसी महत्वपूर्ण योजना लागू की है। सर्वाइकल कैंसर को रोकेगी वैक्सीन, मध्यप्रदेश में चल रहा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से 14 वर्ष और उससे अधिक उम्र की बेटियों को बचाने के लिए टीका लगाने का अभियान प्रदेश में चल रहा है। सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के लिए निःशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और इससे हमारी बेटियां आजीवन सुरक्षित जीवन जिएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने प्रभार के जिलों में इस महत्वपूर्ण अभियान की सतत समीक्षा करें। विक्रम संवत् वर्षारंभ की बधाइयां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी 19 मार्च को गुड़ी पड़वा और विक्रम संवत वर्ष आरंभ होने की सभी मंत्रीगण को बधाई दी और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नववर्ष के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम भी हो रहे हैं निश्चित ही इनसे जन-जन जुड़ता है। यह अवसर हमारे लिए महत्वपूर्ण है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, राज्य में औद्योगिक विकास के लिए बना है अनुकूल वातावरण

राज्य में बना है औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 इकाईयां देंगी 12 हजार जरूरतमंदों को रोजगार मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद समिति सीसीआईपी की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रस्ताव पर उद्योग संवर्धन नीतियों के प्रावधानों के साथ ही नीति से अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने पर भी सैद्धांतिक अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में उद्योग और रोजगार वर्ष के अंतर्गत हुई गतिविधियां राज्य में नए निवेश को लाने में कारगर सिद्ध हुई हैं। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। पूरे राज्य में औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण बना है। 12 इकाईयों के निवेश प्रस्तावों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग संवर्धन नीति के प्रावधानों का पूरा लाभ औद्योगिक इकाइयों को देने के निर्देश दिए। बैठक में जिन इकाइयों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। उनमें मेसर्स पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्रा.लि., मेसर्स पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा.लि., मेसर्स ट्राइडेंट लि., अंबुजा कंक्रीट नॉर्थ प्रा.लि., अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि., बालाजी वेफर्स प्रा.लि., बारमॉल्ट मॉल्टिंग इंडिया प्रा.लि., एसीसी लि., एलेंबिक फार्मास्युटिकल्स लि., रॉलसर टायर लि. एवं दौलतराम एन.आर.ई.सी. लोकोमोटिव्स शामिल हैं। इन इकाइयों की स्थापना से लगभग 12 हजार व्यक्तियों को रोजगार सुलभ होगा। सीहोर और शिवपुरी जिलों में होगा ट्राइडेंट और अदाणी डिफेंस के प्रस्तावों पर क्रियान्वयन बैठक में जानकारी दी गई कि मेसर्स ट्राइडेंट लि. द्वारा सीहोर जिले में टेरी टॉवेल निर्माण की नई इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। करीब 1190 करोड़ के निवेश प्रस्ताव से 3 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। कंपनी द्वारा सीहोर जिले में ही एक बेड शीटिंग निर्माण इकाई भी प्रस्तावित है, जो करीब एक हजार करोड़ रूपए की लागत से स्थापित होगी। इससे 2800 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इसी तरह अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि. द्वारा शिवपुरी जिले में रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 2145 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा। इस इकाई से 1600 व्यक्तियों को सीधा रोजगार प्राप्त होगा। अदाणी ग्रुप की ही कंपनी एसीसी लि. कटनी जिले में इंटीग्रेटेड सीमेंट निर्माण इकाई का संचालन कर रही है। इससे 780 व्यक्तियों को रोजगार मिल रहा है। बैठक में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव के अंतर्गत उज्जैन विक्रम उद्योगपुरी में पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स लि. का शीतल पेय के लिए कच्चा माल तैयार करने की निर्माण इकाई का भी रखा गया, जिससे 500 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, पर्यटन राज्यमंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री  गौतम टेटवाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।  

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि "वन रूट वन फेयर" के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े 7 देशों के युवा प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास आए उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्यप्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, लंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्यप्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्यप्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्यप्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर  मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।  

राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें

राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन उज्जैन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा। नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा। नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान- जल है तो कल है, बूंद-बूंद बचाने के लिए किए जाएंगे हर संभव प्रयास

तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 जल है तो कल है का नहीं है कोई विकल्प, बूंद-बूंद बचाने के करेंगे हर संभव प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. नदियों का मायका, जल आत्मनिर्भरता से ही बनेगा समृद्ध प्रदेश प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान 100 दिवसीय अभियान में जल संरक्षण के होंगे कार्य नववर्ष प्रतिपदा पर शिप्रा तट उज्जैन में होगा राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ वृहद् अभियान के लिए सरकार कर रही व्यापक तैयारियाँ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है। इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम हर गांव, हर शहर और हर नागरिक को जल संरक्षण के कार्यों से जोड़ना चाहते हैं। समाज और सरकार जब साथ मिलकर काम करेंगे, तो मध्यप्रदेश समृद्धि की दिशा में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। प्रदेश के नागरिकों को पानी बचाने के लिए सक्रिय रूप से जुड़ना होगा, इससे मध्यप्रदेश जल संचयन और प्रबंधन में देश का एक मॉडल स्टेट बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संबंधी जरूरतों की पूर्ति और भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की सुरक्षा की मंशा से प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़े पैमाने पर जल गंगा संवर्धन अभियान शुरु करने जा रही है। भारतीय नववर्ष प्रतिपदा (गुढ़ी पड़वा) के शुभ अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन की शिप्रा नदी तट से इस राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 30 जून तक अनवरत् चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरक्षण एक सामाजिक आंदोलन बनाना है। प्रदेश की जनता, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न शासकीय विभागों की साझेदारी से यह अभियान प्रदेश में जल संवर्धन की नई मिसाल स्थापित करेगा। जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण की परम्परा सदियों पुरानी है। प्राचीन काल से ही तालाब, कुएं और बावड़ियां सिर्फ़ जल के स्रोत न होकर सामाजिक जीवन का केंद्र हुआ करते थे। सरकार उसी परम्परा को आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के जरिए पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य नई जल संरचनाएं बनाने के साथ ही प्रदेश में जल संरक्षण की संस्कृति को समृद्ध करना भी है। अभियान से गांव-गांव में लोगों को यह समझाया जाएगा कि वर्षा जल का संरक्षण, भूजल का पुनर्भरण और जल स्रोतों का संरक्षण जीवन और विकास दोनों के लिए अनिवार्य है। जनभागीदारी है अभियान की सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार जनभागीदारी है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जल संरक्षण के इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करे। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में श्रमदान कर तालाब और कुओं की सफाई की जाए। वर्षा जल के संचयन की व्यवस्था घरों में भी करने के उपाय करे। जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे, तो प्रदेश जल समृद्ध राज्य बन सकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही इसके दूरगामी पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ भी होंगे। इस अभियान से भू-जल स्तर में सुधार, किसानों को सिंचाई के लिए और अधिक पानी, जल अभाव/अल्प वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों को राहत, पर्यावरण-संरक्षण को बल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही भविष्य के लिए बेहतर जल प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। जलवायु परिवर्तन और अनियमित वर्षा की चुनौती के दृष्टिगत जल प्रबंधन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार का यह अभियान इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण में बनीं 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2024 में राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का पहला चरण प्रारंभ किया गया था। इसमें जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए। पहले चरण में कुल 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से तालाब निर्माण एवं पुनर्जीवन, कुएं और बावड़ियों की मरम्मत नहर निर्माण, सूखी नदियों का पुनर्जीवन एवं जल संरक्षण से जुड़ी अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इन कामों से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल भी उपलब्ध हुआ है। दूसरे चरण के काम भी हो रहे तेजी से वर्ष-2025 में चलाए गए जल संरक्षण अभियान के दूसरे चरण में भी व्यापक स्तर पर कार्य हुए। इस चरण में प्रदेश में 72 हजार 647 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 64 हजार 395 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य अभी भी प्रगति पर है। इन कार्यों में खेत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, नहर, कुएं, बावड़ियां तथा अन्य जल संचयन संरचनाएं बनाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।  

कनाडा में उज्जैन के युवक की हत्या, पहले पीटा फिर कार से रौंदा, सीएम ने जताया शोक

 उज्जैन   उज्जैन शहर के बेकरी कारोबारी के बेटे की कनाडा में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में हुई, जहाँ कॉलेज के छात्रों ने पहले गुरकीरत सिंह मनीचा (24) की पिटाई की और फिर उस पर कार चढ़ा दी। गंभीर घायल गुरकीरत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरकीरत देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी के निवासी थे। वह कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वह पढ़ाई के साथ वॉलमार्ट में काम भी करते थे। घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकोरत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी कनाडा में रह रहे गुरकीरत के दोस्त ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात फोन कर दी। बताया गया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र गुरकीरत को अपने साथ ले गए। वहीं पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान 10-12 युवकों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उस पर गाड़ी चढ़ा दी। परिवार के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में 7-8 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर छोड़ दिया गया। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पिता को अफसोस, वह आखिरी बातचीत हो गई परिजनों के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुरकीरत सिंह मनोचा की पिता गुरजीत सिंह मनीचा से फोन पर बात हुई थी। उस समय गुरजीत सिंह दिल्ली में आयोजित फूड एग्जीबिशन से उज्जैन लौट रहे थे। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। परिवार वालों का कहना है कि उसके पिता को अफसोस है। वह बार बार कह रहे है कि क्या पता था कि बेटे से आखिरी बातचीत हो रही है। परिवारजन ने बताया कि गुरकीरत ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई करने के बाद विक्रम यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था। करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था। वहीं नॉदर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का पोस्ट डिग्री डिप्लीमा कर रहे थे। पढ़ाई के साथ गुरकीरत कनाडा में वॉलमार्ट स्टोर में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था क्योंकि कनाडा का नियम है कि अगर कोई छात्र वहां रह रहा है, ती तीन दिन काम करना जरूरी है। कनाडा जाने से पहले गुरकीरत अपने पिता के फूड सप्लाई और बेकरी कारोबार में हाथ चंटाता था। भविष्य में विदेश में ही अपना करियर बनाने का सपना देख रहा था। परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई गुहार गुरकीरत का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें करीब तीन सप्ताह लगने की संभावना है। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शब जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है। गुरकीरत के परिवार वालों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्य सरकार से अपील की है कि औपचारिकताएं जल्द पूरी कर गुरकीरत का पार्थिव शरीर शीघ्र उज्जैन पहुंचाने में मदद करें ताकि परिवार अंतिम दर्शन कर सके। इसके साथ ही उसकी हत्या करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही और सजा करवाने के अपील की।