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सबसे बड़ी पार्टी की कमान नितिन नवीन के हाथ, निर्विरोध अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने बताया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन के पक्ष में 37 सेट नॉमिनेशन पेपर फाइल किए गए। बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के नाम का प्रस्ताव करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। नामंकन में मौजूद रहे बीजेपी के दिग्गज नितिन नवीन के नामांकन में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण को कागजात का पहला सेट सौंपा, जबकि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और कई राज्यों के नेताओं द्वारा अतिरिक्त नामांकन प्रस्तुत किए गए, जो नबीन के लिए समर्थन की व्यापकता को रेखांकित करता है।   कैसे होता है भाजपा अध्यक्ष का चुनाव? भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस पूरे प्रकिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिवेदक द्वारा की जाती है। किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं जो चार कार्यकाल तक पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हो और उससकी सदस्यता के 15 साल हो चुके हों। लेकिन ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम-से-कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव हो चुके हों।  

दिल्ली में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से की मुलाकात

नई दिल्ली/ रायपुर आज दिल्ली प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी ने भाजपा के नव नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष (राष्ट्रीय) और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी माननीय श्री  नितिन नबीन जी से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें नव दायित्व के लिए मंगलकामनायें व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने नितिन नबीन जी से विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा कर उनको उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

नितिन नवीन भाजपा आलाकमान का ‘संदेश’ लेकर दो दिन के दौरे पर आए पटना

पटना. पटना एयरपोर्ट पर गुरुवार को जो दृश्य दिखा, वह सिर्फ एक नेता का स्वागत नहीं था, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर बदले सियासी मिजाज और संगठनात्मक अनुशासन का सार्वजनिक प्रदर्शन भी था। बिहार मूल के युवा नेता और भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पटना आगमन पर जिस तरह दिग्गज नेताओं की कतार लगी, उसने साफ कर दिया कि अब संदेश ऊपर से आया है और उसका पालन जमीन पर दिख रहा है। दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे नितिन नवीन का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कैबिनेट में भाजपा कोटे के कई मंत्री, वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह नजारा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि कुछ समय पहले तक ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिलता था। दरअसल, नितिन नवीन के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जब वे पहले पटना आए थे, तब कई बड़े भाजपा नेता एयरपोर्ट पर नजर नहीं आए थे। इस पर पार्टी आलाकमान ने नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिया था कि नितिन नवीन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में हैं और उनके हर दौरे पर वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर दिखी एकजुटता को उसी निर्देश का सीधा असर माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने इस मौके पर कहा कि भाजपा में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है और इसे लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा कि संगठन में अनुशासन और नेतृत्व के प्रति सम्मान ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उनके बयान को संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है। मकर संक्रांति के अवसर पर वे शुक्रवार को पटना में पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन करेंगे। खास बात यह है कि हर साल वे इस भोज का आयोजन करते रहे हैं, लेकिन कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मकर संक्रांति कार्यक्रम है, जिसे सियासी रूप से काफी अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि अध्यक्ष चुने जाने से महज पांच दिन पहले नितिन नवीन अचानक पटना पहुंचे थे, जिसने पहले ही राजनीतिक हलकों में अटकलों को हवा दे दी थी। अब उनके स्वागत और आगामी भोज को संगठन में उनकी मजबूत होती स्थिति और आलाकमान के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, नितिन नवीन का पटना आगमन भाजपा के भीतर नेतृत्व, अनुशासन और संदेश की राजनीति का स्पष्ट संकेत बनकर उभरा है- जहां अब स्वागत भी निर्देश के साथ होता है और संदेश भी पूरे दमखम के साथ जाता है।

पटना में नितिन नबीन ने किए दर्शन-पूजन, काली मंदिर और अखंडवासिनी मंदिर के बाद गुरुद्वारे में टेकेंगे मत्था

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बिहार दौरे पर नितिन नबीन ने बुधवार को राजधानी पटना के दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भाजपा के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य नेताओं के साथ नितिन नबीन ने सबसे पहले शहर के बांस घाट के पास स्थित सिद्धेश्वरी काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक गोलघर के पास स्थित मां अखंडवासिनी मंदिर में भी पूजा की। भाजपा की बिहार इकाई के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘नितिन नबीन का पदभार ग्रहण करने के बाद बिहार के पहले दौरे पर मंगलवार को भव्य स्वागत किया गया। बुधवार सुबह उन्होंने काली मंदिर में दर्शन किए, जो हम सभी के लिए आस्था का केंद्र है और गोलघर के पास स्थित मंदिर में भी पूजा की। वह अपने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और लोगों से भी संवाद करेंगे।” तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी टेकेंगे मत्था इकबाल ने यह भी बताया कि दिल्ली रवाना होने से पहले नितिन नबीन बुधवार को तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब गुरुद्वारे में भी दर्शन करेंगे। नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उन्होंने अगले दिन पदभार ग्रहण किया। बिहार दौरे के पहले दिन मंगलवार को उन्होंने पटना में हवाई अड्डे के पास स्थित अरण्य भवन से वीरचंद पटेल पथ पर भाजपा कार्यालय के निकट मिलर हाई स्कूल मैदान तक रोड शो का नेतृत्व किया। इसके बाद मिलर हाई स्कूल मैदान में आयोजित अभिनंदन समारोह में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आधिकारिक आवास पर शिष्टाचार मुलाकात भी की। नितिन नबीन बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं। वह पूर्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

कल पटना में नितिन नबीन का रोड शो, कई इलाकों में बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम; जानिए कौन-से रास्ते रहेंगे बंद

पटना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के मंगलवार को प्रस्तावित रोड शो को लेकर पटना पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। यह रोड शो दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक या वीआईपी कार्यक्रम समाप्ति तक आयोजित होगा। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। रोड शो पटना एयरपोर्ट से शुरू होकर अरण्य भवन, शेखपुरा मोड़, पटेल भवन, पुनाईचक, पटना उच्च न्यायालय, ऊर्जा भवन, आयकर चौराहा होते हुये भाजपा प्रदेश कार्यालय और मिलर हाई स्कूल तक जायेगा। वीरचंद पटेल पथ पर आर ब्लॉक गोलंबर से आयकर चौराहे तक दोनों लेन में सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं जगदेव पथ और वीरचंद पटेल पथ पर पार्क भी वर्जित रहेगी। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, मरीजों और न्यायिक कार्यों से जुड़े वाहनों और पासधारी वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। रोड शो में शामिल होने वाले छोटे वाहनों की पार्किंग जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक तक और बड़ी गाड़ियों और बसों की पार्किंग अटल पथ पर निर्धारित की गई है। वैकल्पिक मार्गों का करें उपयोग जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से मुख्य मार्गों पर जाने से बचें और तय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन, बिहार मंत्रिमंडल से किया किनारा

पटना भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने बिहार में मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। बताया गया कि पार्टी में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर अमल करते हुए उन्होंने ऐसा किया। जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। नितिन नबीन बिहार की नीतीश सरकार में पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसकी जिम्मेदारी किसे सौंपते हैं।  14 जनवरी के पहले बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की कोई संभावना नहीं दिख रही है। बता दें कि दो दिन पहले बिहार के मंत्री नितिन नबीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने इसकी घोषणा की। राष्ट्रीय महासचिव ने नियुक्ति पत्र में कहा कि भाजपा के संसदीय बोर्ड ने बिहार के मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने आगे यह भी लिखा है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इस आदेश की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों को प्रेषित कर दी गई है। नितिन नबीन ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पदभार भी ग्रहण कर लिया। पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है। नितिन नबीन की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि भाजपा लगातार संगठन में बदलाव कर रही है। भाजपा ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी दिलीप जायसवाल को हटाकर दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को जिम्मेदारी सौंपी है।

नितिन नवीन बने वर्किंग प्रेसिडेंट, बीजेपी की नई परंपरा और प्रमोशन के बीच क्या है बड़ा संकेत?

नई दिल्ली बीजेपी ने 45 साल के नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर सभी को चौंका दिया है. 1980 में जन्मे नितिन नबीन अब बीजेपी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. लेकिन उनकी यह नियुक्ति सिर्फ युवा होने के कारण खास नहीं है. अगर आप बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों की सूची देखें, तो पता चलता है कि नितिन नबीन का कद और उम्र का समीकरण सबसे अलग क्यों है. किसी भी बीजेपी मुख्यमंत्री से छोटे हैं नबीन नितिन नबीन की उम्र महज 45 साल है. अगर हम देश भर में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची देखें, तो एक भी मुख्यमंत्री ऐसा नहीं है जो उम्र में उनसे छोटा हो. बीजेपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू हैं, जिनकी उम्र 46 वर्ष है. नितिन नबीन उनसे भी एक साल छोटे हैं. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (53), उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी (50) और असम के हिमंत बिस्वा सरमा (56) जैसे फायरब्रांड नेता भी उम्र में नबीन से बड़े हैं. त्रिपुरा के सीएम मणिक साहा (72) और गुजरात के भूपेंद्र पटेल (63) तो उनसे एक पीढ़ी आगे हैं.यह आंकड़ा साबित करता है कि बीजेपी ने नेतृत्व की कमान अब पूरी तरह से ‘नेक्स्ट जेन’ (Next Gen) को सौंप दी है. प्रदेश अध्यक्षों की भीड़ में भी सबसे अलग सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, देश के प्रमुख राज्यों में बीजेपी की कमान संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष भी नितिन नबीन से उम्रदराज हैं. राजस्थान के अध्यक्ष मदन राठौड़ (71) और झारखंड के बाबूलाल मरांडी (67) उम्र में उनसे काफी बड़े हैं. यहां तक कि उनकी खुद की होम स्टेट बिहार के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (62) और उत्तर प्रदेश के भूपेंद्र चौधरी (57) भी वरिष्ठ हैं. केवल तमिलनाडु के के. अन्नामलाई (41) ही ऐसे नेता हैं जो नबीन से छोटे हैं, लेकिन बीजेपी ने उनकी जगह अब नैनार नागेंथिरन को प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया है. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 45 साल की उम्र में पहुंचना अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. कर्नाटक के युवा चेहरा माने जाने वाले बी.वाई. विजयेंद्र भी 50 साल के हैं. युवा जोश और अनुभव का अनोखा संगम नितिन नबीन की खासियत यह है कि 45 साल की उम्र में उनके पास वो अनुभव है जो कई 60 साल के नेताओं के पास भी नहीं होता. इतनी कम उम्र में लगातार 5 बार विधायक (MLA) बनना यह दिखाता है कि वे जनता के बीच कितने लोकप्रिय हैं. उन्होंने बांकीपुर जैसी सीट को अपना गढ़ बना लिया है. वे बिहार सरकार में पथ निर्माण जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं. यानी उनके पास संगठन के साथ-साथ सरकार चलाने का भी हुनर है. वे रातों-रात नेता नहीं बने. उन्होंने 2 दशक संगठन को दिए हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष से लेकर छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रभारी बनने तक का उनका सफर संघर्ष और सफलता का रहा है. बीजेपी की इस खास परंपरा के नायक बनेंगे नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपनी ‘युवा चेहरों को प्रमोट करने’ की रणनीति को मजबूत करते हुए बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट) नियुक्त किया है. यह फैसला पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा मंजूर किया गया है और वर्तमान राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) अरुण सिंह द्वारा जारी आदेश से यह निर्णय सार्वजनिक किया गया है. नितिन नबीन वर्तमा में बिहार सरकार में पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री हैं, अब वह इस पद (राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) पर जेपी नड्डा की जगह लेंगे. यह नियुक्ति न केवल बिहार में भाजपा की मजबूती को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करती है, बल्कि पार्टी की उस पुरानी परंपरा को भी जोड़ती है जहां राष्ट्रीय महासचिव या कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए नेता बाद में पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाते हैं. युवा चेहरा, बड़ा संदेश 45 वर्ष के नितिन नबीन का यह प्रमोशन युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकेत है, लेकिन सवाल उठ रहा है- क्या वे अगले पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं? नितिन नबीन का BJP में सफर संघर्षपूर्ण और तेजी से ऊपर उठने वाला रहा है. पार्टी ने उन्हें हमेशा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं जो उनकी संगठनात्मक क्षमता और चुनावी सफलता का प्रमाण हैं. वे दो बार राष्ट्रीय महामंत्री (युवा मोर्चा) रह चुके हैं जहां उन्होंने युवाओं को पार्टी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई. बिहार में वे प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) के रूप में सक्रिय रहे, जिससे राज्य स्तर पर BJP की युवा शाखा मजबूत हुई. इसके अतिरिक्त वे सिक्किम के प्रभारी और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में भी काम कर चुके हैं जहां उन्होंने पूर्वोत्तर और मध्य भारत में पार्टी का विस्तार किया. संगठन से सत्ता तक का संतुलन चुनावी मोर्चे पर नितिन नबीन का रिकॉर्ड भी शानदार है. 2006 में वे पहली बार विधायक बने जब बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर (पटना शहर का एक विधानसभा क्षेत्र) जीत दर्ज की. तब से वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं-2010, 2015 और 2020 में भी बांकीपुर से ही BJP के टिकट पर सफल रहे. 2021 में नीतीश कुमार सरकार में उन्हें पहली बार पथ निर्माण मंत्री बनाया गया और अब वे पथ निर्माण के साथ-साथ नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इन उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और आज यह नियुक्ति उनके संगठनात्मक कौशल का इनाम है. BJP की ‘अध्यक्ष परंपरा’ का पैटर्न बिहार के नितिन नबीन की नियुक्ति BJP की उस परंपरा से जुड़ती है जहां राष्ट्रीय महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) या कार्यकारी अध्यक्ष जैसे पदों पर रहते हुए कई नेता बाद में पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं. पार्टी के इतिहास में यह एक साफ पैटर्न दिखता है, जहां RSS पृष्ठभूमि वाले या संगठन प्रबंधक नेता इस ‘ट्रांजिशन’ से गुजरते हैं. प्रमुख उदाहरणों की बात करें तो अमित शाह (Amit Shah) बीजेपी के वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह 2010 में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने. इस पद पर रहते हुए उन्होंने 2014 लोकसभा चुनावों में पार्टी को 282 सीटें दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उसी वर्ष जुलाई 2014 में वे पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए और … Read more

बीजेपी संगठन में बिहार का कद बढ़ा, नितिन नबीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन (45) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस नियुक्ति को बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी की रणनीतिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं. यह नियुक्ति 14 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इस संबंध में पार्टी की ओर से औपचारिक संगठनात्मक आदेश जारी किया गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा की गई है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नितिन नबीन, जो वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं, अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे. बिहार की नीतीश सरकार में सड़क निर्माण मंत्री नितिन नबीन वर्तमान में पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. नबीन छात्र राजनीति से लेकर संगठन के विभिन्न पदों तक का सफर तय कर चुके हैं. उनकी पहचान एक अनुशासित संगठनकर्ता और तेज फैसले लेने वाले नेता के रूप में रही है. बिहार बीजेपी में वे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, जिनमें प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने की भूमिका शामिल है.   पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं नितिन नितिन नबीन का जन्म पटना में हुआ. उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रहे हैं. पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने सक्रिय रूप से चुनावी राजनीति में कदम रखा और जल्द ही अपनी अलग पहचान बनाई. राजनीति में आने से पहले वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं, जहां से उनके संगठनात्मक कौशल को पहचान मिली. पहली बार 2006 में उपचुनाव में जीते थे नितिन नबीन नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और लगातार पांचवीं बार जनता का भरोसा जीत चुके हैं. उन्होंने पहली बार 2006 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. इसके बाद वे 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार विजयी रहे. 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 98,299 वोट हासिल कर आरजेडी उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जो उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है.