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रायपुर: 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कॉल सेंटर नंबर भी उपलब्ध

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव मती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव मती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। मती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। श्रीमती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

धान खरीदी 15 नवंबर से, टोकन जारी करने की तैयारी तेज़

धमतरी,  छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया 15 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। जिले के किसान इस तैयारी में जुट गए हैं। मौसम खुलते ही खेतों में कटाई का दौर तेज हो गया है और किसान खुले आसमान के नीचे फसल सुखाने में लगे हुए हैं, ताकि बिक्री के समय किसी प्रकार की नमी की समस्या न रहे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। जिले में लगभग 100 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया इस सप्ताह से शुरू हो सकती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार टोकन तुहर हाथ पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से टोकन वितरण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विकसित ‘टोकन तुहर हाथ’ एंड्रॉइड एप के माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र व तिथि का चयन कर सकेंगे। इस एप में पंजीकृत किसानों को उनकी भूमि, बैंक खाता, समिति की जानकारी और खरीदी की नवीनतम स्थिति से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध होगी। किसान इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार विभाग ने टोकन वितरण की श्रेणियां तय कर दी हैं। सीमांत कृषक (दो एकड़ तक) को अधिकतम एक टोकन, लघु कृषक (दो से 10 एकड़) को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम तीन टोकन जारी किए जाएंगे। नया टोकन रविवार से शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे तक बनाया जा सकेगा। प्रत्येक ग्राम के लिए टोकन की मात्रा क्विंटल में दर्ज की जाएगी। टोकन जारी करने के लिए किसान का आधार सत्यापन और बैंक शाखा की पुष्टि अनिवार्य होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का बैंक विवरण सत्यापित नहीं होगा, उन्हें टोकन जारी नहीं किया जा सकेगा। धान खरीदी प्रारंभ होने की घोषणा के साथ ही किसानों में उत्साह का माहौल है। अधिकांश किसानों ने खेतों से फसल काटकर सुखाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को और पारदर्शी व सुचारू बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।  

रायपुर में धान खरीदी अब बायोमैट्रिक सिस्टम से, समर्थन मूल्य पर होगी पारदर्शी प्रक्रिया

रायपुर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से होगी उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन 3 से 6 नवंबर तक  किसान कर सकेंगे 9 नवंबर से ऑफलाईन एवं ऑनलाईन टोकन के लिए आवेदन सीमावर्ती जिलों में बनाएं जाएंगे चेक पोस्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धान खरीदी,प्रक्रिया का प्रशिक्षण रायपुर   समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन केन्द्रों में ऑफलाईन के अलावा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन जारी किए जाएंगे। सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, प्रबंध संचालक विपणन संघ एवं संचालक खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में आज सरगुजा एवं दुर्ग संभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी सम्पन्न कराने के लिए पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अलग-अलग संभागों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगी। धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा।   प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेन्टर की स्थापना की जाएगी एवं मोबाईल एप्प के माध्यम से विभिन्न प्रकार के एलर्ट आदि भेजे जाएंगे। उपार्जन केन्द्रों में धान के उचित रखरखाव, किसानों की सुविधाओं के संबंध में व्यवस्था किये जाने हेतु उपार्जन केन्द्र प्रभारियों और इससे जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण में जानकारी दी गई। उपार्जन केन्द्रों को गतवर्षों में दर्ज प्रकरणों एवं संभावित अनियमितताओं के आधार पर संवेदनशील तथा सामान्य में वर्गीकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जावेगी। इन केन्द्रों में पृथक से नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये जायेगें। जिनके द्वारा समय-समय पर उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा इन्टीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर से प्राप्त अलर्ट मैसेज के आधार पर उड़नदस्ता द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है, जिससे अवैध धान के आवक को रोका जा सके।  जिलों में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 का प्रशिक्षण कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक जिला एवं अनुविभाग में पूर्ण करा लिया जावे। गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी बायोमेट्रिक आधारित धान उपार्जन किया जाएगा। वहीं 3 नवंबर से 6 नवंबर के मध्य उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन का आयोजन होगा एवं 9 नवंबर से टोकन आवेदन किया जा सकेगा। धान खरीदी के लिए सीमांत एवं लघु कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों को अधिकतम 03 टोकन प्रदाय किया जा सकेगा। अतः सभी जिलों को 30 अक्टूबर तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारी पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।  प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष समितियों को शार्टेज की मात्रा निरंक करने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुचारू रूप से धान उपार्जन पूर्ण करने पर नियमानुसार इन्सेटिव का भी प्रावधान रखा गया है। भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों के स्वमूल्यांकन हेतु उपलब्ध पोर्टल पीसीएसएपी में उपार्जन केन्द्रों द्वारा धान खरीदी के संबंध मे आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर लेने के उपरांत प्रविष्टि करनी होगी। प्रविष्टि के आधार पर एल-4 ग्रेडिंग पाये जाने पर ही इन्सेटिव की पात्रता उप समिति को होगी। समितियों में डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नियोजन 06 माह के लिए समितियों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान इस वर्ष की पॉलिसी में किया गया है। ऐसी समितियां जहां अनियमितताएं पाई गई हो, वहां के डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नवीन नियोजन किये जाने के निर्देश दिए गये है। 

कैबिनेट का बड़ा फैसला : साय सरकार ने तय की धान की कीमत ₹3100 प्रति क्विंटल, 7 दिन में मिलेगा भुगतान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ धान के व्यपवर्तन एवं पुर्नचक्रण को रोकने की चौकस व्यवस्था व धान खरीदी हेतु मजबूत प्रशासनिक ढांचा अधिक पारदर्शिता के साथ किसानों को किया जाएगा समय से भुगतान (6 से 7 दिन के भीतर) टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से होगी ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था। किसानों का मिलेगी सोसायटियों में लंबी कतारों से मुक्ति राज्य शासन के द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ प्रदेश के किसानो से दिनांक 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी करने का निर्णय लिया गया है। उक्त अवधि में 25 लाख किसानो से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान की खरीदी की जावेगी। धान खरीदी में पारदर्शिता को बढावा देने इस वर्ष ई-केवाईसी के माध्यम से, भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन को अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान की सहीं पहचान हो एवं डुप्लीकेशन/दोहराव न हो। पंजीयन 31 अक्टूबर 2025 तक कराया जा सकता है। डिजीटल क्राप सर्वे के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर रकबे का सर्वे कराया गया है जिसके फलस्वरूप धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजीटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश के 20,000 ग्रामों में दिनांक 02 अक्टूबर से डिजीटल क्राप सर्वे एवं मैन्यूअल गिरदावरी के डेटा को ग्रामसभा में पठन-पाठन कराया जा रहा है। किसानों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु टोकन तुहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है इसके तहत किसान स्वयं अपने सुविधा अनुसार दिनों में धान विक्रय किये जाने हेतु टोकन काट सकेगें। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। 2739 खरीदी केन्द्रो के माध्यम से धान खरीदी किये जाने हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। समितियों को खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में शून्य सुखत आने पर 05 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन दिया जायेगा। धान खरीदी हेतु आवश्यकतानुसार नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु केन्द्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश में धान की रिसाईकलिंग रोके जाने एवं बेहतर मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु पहली बार इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्द्रोल सेंटर मार्कफेड कार्यालय में स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। धान खरीदी केन्द्रो में बेहतर एवं सुगम व्यवस्था हेतु कलेक्टर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को खरीदी केन्द्र प्रभारी बनाने का निर्णय लिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से खरीदी केन्द्रो धान की आवक रोके जाने हेतु विशेष चेकिंग दल जिलेस्तर पर गठित किये जाने के निर्देश दिये गये है। धान के परिवहन व्यवस्था अंतर्गत मितव्ययता को सुनिश्चित किये जाने हेतु धान के उठाव व परिवहन, भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।  

पश्चिमी यूपी में 1 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, 23,500 से ज्यादा किसानों ने किया रजिस्ट्रेशन

पश्चिमी यूपी में पहली अक्टूबर से होगी धान खरीद, साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद  लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी बुधवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद 3300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य   48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान कराएगी योगी सरकार लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद प्रारंभ होगी। पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में खरीद होगी। मंगलवार (30 सितंबर) सुबह 11 बजे तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल याा अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण  30 सितंबर (सुबह 11 बजे) तक साढ़े 23 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय के लिए पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।