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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, सऊदी को फोन कर पाकिस्तान ने जंग की संभावना जताई

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.  पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.  PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.  अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.  

आसिम मुनीर के लिए संकट का दौर, एक तरफ भारत, दूसरी ओर BLA अटैक और अफगान तनाव

कराची  पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है.  1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है.  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है. अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है. 2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है. जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए. पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है. 3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.  अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा. तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं? पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान. अभी क्या हाल है?  अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.   पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?   पहले समझें पूरा बैकग्राउंड पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए. तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया. Tolo News ने क्या कहा? Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया. सोशल मीडिया पर क्या वायरल है? अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया.  कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट … Read more

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की दो टूक- ‘आसिम मुनीर नहीं हैं मेरे बॉस’

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सरकार में सेना की दखल की बातें लंबे समय से चली आ रहीं हैं। अब मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार कैसे काम करती हैं। उन्होंने इसे हाइब्रिड व्यवस्था कहा है। साथ ही कहा है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं। फ्रांस 24 इंग्लिश से बातचीत में आसिफ से सवाल किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप के फेवरेट फील्ड मार्शल आसिम मुनीर क्या पाकिस्तान के असली शासक हैं। इसपर आसिफ ने जवाब दिया, 'मैं आपसे सहमत हूं, कुछ लोग हैं जो ऐसा कहते हैं। एक व्यवस्था है। देखिए पाकिस्तान का इतिहास सरकार पर सेना के नियंत्रण का रहा है। 50 के दशक की बात हो या 60 के दशक की। एक समय था, जब सेना ने दखल दिया और सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली।' जब पूछा गया कि क्या अब भी ऐसा ही हो रहा है। उन्होंने कहा, 'ऐसा अब नहीं हो रहा है। क्योंकि जिन हालात का अभी हम सामना कर रहे हैं जैसा कि हमने बात की आतंकवाद, अफगानिस्तान से भारत का खतरा और अर्थव्यवस्था जो 3 साल पहले पूरी तरह कमजोर हो गई थी। तो ऐसे में यह राष्ट्रीय संस्थाओं का आपसी सहयोग है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी सेना या सशस्त्र बल सबसे ज्यादा जरूरी राष्ट्रीय संस्थान हैं। वो राजनीतिक सरकार और चुनी हुई सरकार को सहयोग दे रहे हैं। मैं इसे हाइब्रिड अरेंजमेंट कहूंगा। पाकिस्तान में सेना का शासन नहीं है।' आसिम मुनीर पर कर दिया बड़ा दावा इंटरव्यू के दौरान आसिफ से पूछा गया कि क्या फील्ड मार्शल मुनीर उनके बॉस हैं। उन्होंने इससे इनकार कर दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, 'नहीं वह मेरे बॉस नहीं हैं। मेरे बॉस प्रधानमंत्री हैं।' पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ हैं।

पाकिस्तान को नामीबिया से हारने का डर, T20 वर्ल्ड कप सुपर-8 की टक्कर हुई और भी रोमांचक

 कोलंबो आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 61 रनो से हराकर सुपर-8 में आधिकारिक तौर पर जगह पक्की कर ली. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो के आर. प्रेमदासा में खेले गए इस मुकाबले में 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम 114 रन पर सिमट गई. भारत से पहले वेस्टइंडीज की टीम ने नेपाल को मात देकर सबसे पहले सुपर-8 का टिकट कटाया था. चारों ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें सुपर-8 में जगह बनाने वाली हैं. भारतीय टीम के हाथों मिली हार के बाद पाकिस्तान के लिए सुपर-8 की राह कठिन हो गई है. अब उसे अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में नामीबिया को हराना ही होगा. जीत की स्थिति में वो 6 अंकों के साथ सुपर-8 में पहुंच जाएगा, जबकि हार की सूरत में वो टूर्नामेंट से आउट हो जाएगा. वैसे भी नामीबिया सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुका है, ऐसे में उसके लिए खोने को कुछ नहीं बचा है. कुल मिलाकर देखा जाए तो पाकिस्तान के लिए अब अगला मुकाबला वर्चुअल नॉकआउट बन गया है. ग्रुप-ए में भारत 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है और सुपर-8 में उसकी जगह पूरी तरह सुनिश्चित हो चुकी है. भारत का नेट रनरेट (NRR) +3.050 है. भारत से हार के बाद पाकिस्तानी टीम तीसरे नंबर पर आ गई है, वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दूसरी पोजीशन पर आ चुका है. यूएसए और पाकिस्तान दोनों के ही 4-4 अंक हैं, लेकिन नेट रनरेट पाकिस्तानी टीम का उससे खराब है. पाकिस्तानी टीम का नेट रनरेट -0.403 है, जबकि यूएसए का नेट रनरेट +0.787 है. अब पाकिस्तान यदि नामीबिया से हारता है तो उसके 4 ही अंक होंगे. ऐसे में  यूएसए बेहतर नेट रनरेट के चलते सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर सकता है. यदि नामिबिया के खिलाफ मुकाबला धुलता है, तो पाकिस्तानी टीम 5 अंकों के साथ सुपर-8 में जाएगी.  उधर नीदरलैंड्स भी सुपर-8 की रेस से पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है, लेकिन उसे अपने आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम पर बहुत बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रनरेट यूएसए से अच्छा हो जाए. साथ ही उसे दुआ करनी होगी कि नामीबियाई टीम पाकिस्तान को हरा दे. नीदरलैंड्स के 3 मैचों से 2 अंक हैं और उसका नेट रनरेट -1.352 है. ग्रुप-ए में अब केवल दो मुकाबले बचे हैं. भारत-नीदरलैंड्स के बीच 18 फरवरी (बुधवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला होना है. वहीं पाकिस्तान-नामीबिया का मुकाबला 18 तारीख को ही कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में होगा. ग्रुप A की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है भारत (IND)- 3 मैच, 3 जीत, 6 अंक, NRR +3.050 (सुपर 8 के लिए क्वालिफाई) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)-4 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR +0.787 पाकिस्तान (PAK)- 3 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR -0.403 नीदरलैंड्स (NED)- 3 मैच, 1 जीत, 2 अंक नामीबिया (NAM)- 3 मैच, 0 जीत, 0 अंक, NRR -2.443 (बाहर) भारत के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. हार्दिक पंड्या ने साहिबजादा फरहान को डक पर आउट किया, जबकि जसप्रीत बुमराह ने एक ही ओवर में सैम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को पवेलियन भेज दिया. इसके बाद बाबर आजम भी जल्दी आउट हो गए और टीम दबाव से उबर नहीं सकी. इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 7 विकेट पर 175 रन बनाए थे. सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 77 रन की शानदार पारी खेली और मैच का रुख तय कर दिया. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. देखा जाए तो टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की पाकिस्तान पर 9 मैचों में ये 8वीं जीत रही. यानी स्कोर अब भारत ने 8-1 कर दिया है.

घमंड टूटा, बहाने खत्म! PAK की हार से भड़के आफरीदी, दामाद शाहीन और बाबर पर उठाए सवाल

 नई दिल्ली/ इस्लामाबाद    भारतीय टीम के खिलाफ करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो में खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में 61 रनों से मिली शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी ने अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर खुलकर निशाना साधा है. आफरीदी ने अपने दामाद शाहीन आफरीदी को भी नहीं बख्शा.  शाहिद आफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब बार-बार नाकाम हो रहे वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन आफरीदी और शादाब खान को बेंच पर बैठाने की बात कही. शाहिद का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन बड़े मैचों में ये नाकाम हो जाते हैं. शाहिद आफरीदी ने समा टीवी पर कहा, 'अगर फैसला मुझे लेना हो तो मैं शाहीन, बाबर और शादाब तीनों को बैठा दूं. नए लड़कों को मौका दूं, उन पर भरोसा दिखाऊं. नामीबिया के खिलाफ मैच में युवाओं को खिलाकर आत्मविश्वास देना चाहिए. हम इतने अरसे से इन खिलाड़ियों को मौके देते आ रहे हैं. जहां उम्मीद रहती है कि वो इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर सीनियर खिलाड़ी डिलीवर नहीं कर रहे, तो बेंच पर बैठे जूनियर खिलाड़ियों को क्यों नहीं आजमाया जाए.'   मैदान पर शिकस्त के साथ PAK का घमंड भी हुआ चकनाचूर  टीम इंडिया ने एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को आसानी से पटखनी दे दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को ये भी बता दिया कि मैदान पर जवाब प्रदर्शन से दिया जाता है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया. लेकिन ये हार केवल पाकिस्तान के लिए एक मैच की हार तक सीमित नहीं है. बल्कि इस जीत से भारत ने पाकिस्तान की तमाम रणनीतियों, ड्रामेबाजी और प्लान की धज्जियां उड़ा दी.   दरअसल, इस मैच से पहले माहौल कुछ और था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और गृहमंत्री  मोहसिन नकवी की ओर से इस मैच का बायकॉट किया गया. पाकिस्तानी सरकार ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और बांग्लादेश को मोहरा बनाया. बीसीसीआई को बदनाम करने की नापाक साजिश रची. करीब दो हफ्ते तक पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी की. लगातार बयानबाजी की. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने पलटी मारी और मैच खेलने के लिए राजी हो गया.   इसके साथ ही पाकिस्तान ने उस्मान तारिक की मिस्ट्री स्पिन को लेकर भी बड़ा हाइप बनाया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर कहानी अलग निकली. नकवी ने अपनी ड्रामेबाजी के जरिए इस मैच को सियासी संग्राम बनाया. कई देशों को साधने की कोशिश की. लेकिन नकवी की एक न चली और आखिरकार मेदान पर जब पाकिस्तान भारत के सामने आया तो हर बार की तरह एक बार फिर उसे धूल चाटनी पड़ी. सूर्या की कप्तानी, भारत की समझदारी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने मैच को शांत दिमाग से संभाला. शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जल्दबाजी नहीं की. जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया. जिस उस्मान तारिक को लेकर इतनी चर्चा थी, वह असर छोड़ने में नाकाम रहे. भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें संभलकर खेला और कोई बड़ा मौका नहीं दिया. उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी भारत के खिलाफ बेअसर साबित हुई. गेंदबाजी में भी भारत भारी जब पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. पावरप्ले में विकेट गिरे और पाकिस्तान संभल नहीं सका. बड़े शॉट खेलने की कोशिश में बल्लेबाज लगातार आउट होते गए. भारत ने दिखाया कि बड़े मैच सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि संयम और रणनीति से जीते जाते हैं. पाकिस्तान की तरफ से बनाए गए माइंडगेम मैदान पर टिक नहीं सके. बयान बनाम प्रदर्शन मैच से पहले जो शोर था, वह मैदान पर शांत हो गया. न तो बायकॉट की चर्चा काम आई और न ही मिस्ट्री स्पिन का दांव. भारत ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव में खेलने का अनुभव और मैच की समझ ही असली ताकत है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली, जबकि पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई. भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, लेकिन इस बार संदेश साफ था-ड्रामा नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है. शाहीन की जमकर हुई धुनाई, बाबर-शादाब फेल भारत के खिलाफ मुकाबले में शाहीन आफरीदी सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 31 रन लुटाए. इनिंग्स के आखिरी ओवर में शाहीन ने 16 रन खर्च किए, जिससे भारत को 170 प्लस स्कोर बनाने का मौका मिला. बता दें कि शाहीन का निकाह 3 फरवरी 2023 को पूर्व ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बेटी अंशा से हुआ था. शादाब खान का भी दिन खराब रहा. गेंदबाजी में एक ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान बाबर आजम भी टीम को संभालने में नाकाम रहे. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा साबित किया. इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है. भारत की जीत के हीरो 'प्लेयर ऑफ द मैच' ईशान किशन रहे, जिन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की तूफानी पारी खेली. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 114 रनों पर समेट दिया. इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सीनियर खिलाड़ियों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. शाहिद आफरीदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है…  

IND vs PAK से पहले रणनीति तैयार, पाकिस्तान बदल सकता है अपनी प्लेइंग XI

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ''टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। '' उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ''माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। '' उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस 'हाई-प्रोफाइल' मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

PAK ने बांग्लादेश के साथ डबल गेम खेला: पहले बायकॉट का शिकार बनाया, फिर खुद यू-टर्न लिया

 नई दिल्ली    भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का ताजा यू-टर्न सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि उसकी विफल राजनीति की खुली स्वीकारोक्ति है. 2026 टी20 विश्व कप से पहले जिस बायकॉट की धमकी को सिद्धांत, स्वाभिमान और सुरक्षा का मुद्दा बनाकर उछाला गया, वही अंततः पाकिस्तान की कमजोरी बन गई. मैच अब खेला जाएगा- बिना शर्त, बिना रियायत…. और यही इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सच है. धमकी की शुरुआत, लेकिन दिशा विहीन PCB ने जिस आक्रामक भाषा में भारत के खिलाफ खेलने पर आपत्ति जताई, उसने शुरू से यह संकेत दे दिया था कि यह फैसला कम और दबाव की राजनीति ज्यादा है. सुरक्षा जैसे पुराने तर्क दोहराए गए, लेकिन कोई नई परिस्थिति, कोई नया खतरा या कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं रखी गई यह बायकॉट कोई अंतिम निर्णय नहीं था, बल्कि सौदेबाजी का औजार था और यही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बनी. सीधे टकराव से बचने की चाल भारत के खिलाफ सीधे खड़े होने की हिम्मत PCB में नहीं दिखी. इसकी बजाय बांग्लादेश की मांगों को आगे कर दिया गया, ताकि विवाद को क्षेत्रीय सहमति का रूप दिया जा सके. यह एक सोची-समझी रणनीति थी- खुद पीछे रहो, माहौल दूसरों के जरिए बनाओ और ICC पर दबाव डालो. … लेकिन यह चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी. ICC के भीतर यह स्पष्ट हो गया कि बांग्लादेश का नाम केवल ढाल है, असली एजेंडा पाकिस्तान की अपनी राजनीतिक जिद है. बांग्लादेश के साथ 'डबल गेम' यही वह मोड़ था, जहां पाकिस्तान की राजनीति पूरी तरह बेनकाब हो गई.जिस बांग्लादेश को PCB ने बायकॉट की मुहिम में आगे किया, उसी को यू-टर्न के वक्त पूरी तरह किनारे कर दिया गया. न कोई साझा बयान, न कोई संयुक्त विरोध, न कोई नैतिक जिम्मेदारी.दबाव बनाने के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल हुआ, लेकिन जब ICC के सामने चाल नाकाम हुई, तो पाकिस्तान ने अकेले पीछे हटना बेहतर समझा. यह ‘साझा चिंता’ नहीं, बल्कि सुविधाजनक साझेदारी थी- काम निकलते ही खत्म. यहीं PCB का दोहरा चरित्र उजागर होता है.पहले बांग्लादेश को ढाल बनाना और फिर हालात बिगड़ते ही उसे मैदान में अकेला छोड़ देना. क्रिकेट नहीं, आर्थिक हकीकत ने तोड़ा भ्रम PCB शायद यह भूल बैठा कि आधुनिक क्रिकेट भावनाओं और नारों से नहीं चलता. भारत–पाक मुकाबला किसी भी ICC टूर्नामेंट की आर्थिक रीढ़ है. इस एक मैच से जुड़े प्रसारण अधिकार, विज्ञापन, प्रायोजन और वैश्विक दर्शक संख्या पूरे आयोजन की दिशा तय करते हैं. इस मैच के न होने से ICC को झटका जरूर लगता, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ता- आर्थिक रूप से भी और क्रिकेटिंग प्रासंगिकता के लिहाज से भी. ICC के सामने नहीं चलीं शर्तें PCB की उम्मीद थी कि हाइब्रिड मॉडल, विशेष प्रावधान या राजनीतिक सहानुभूति के जरिए वह ICC को झुका लेगा. लेकिन परिषद ने इस बार साफ कर दिया कि टूर्नामेंट किसी एक बोर्ड की जिद से नहीं चलेगा. जब यह संदेश स्पष्ट हो गया कि न तो ढांचा बदलेगा और न ही भारत पर कोई दबाव बनेगा, PCB का सख्त रुख अचानक पिघल गया. भारत–पाक मैच खेलने पर सहमति बन गई, लेकिन यह सहमति किसी समझौते की जीत नहीं, बल्कि मजबूरी की स्वीकारोक्ति है. PCB न तो कोई शर्त मनवा सका, न किसी तरह की नैतिक या कूटनीतिक बढ़त हासिल कर पाया. जिस बायकॉट को ‘सिद्धांत’ बताया गया था, वह अंततः खोखली बयानबाजी साबित हुआ. … साख पर गहरा दाग इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट की विश्वसनीयता को हुआ. बार-बार राजनीतिक दबाव की रणनीति अपनाकर PCB ने यह संदेश दिया कि वह क्रिकेट को खेल की बजाय मंच के रूप में इस्तेमाल करता है. इसका असर सिर्फ बोर्ड की छवि पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर भी पड़ता है. नतीजा पहले से तय था भारत-पाक मुकाबले को लेकर PCB की रणनीति हर मोर्चे पर विफल रही. बायकॉट की धमकी बेअसर रही, बांग्लादेश की आड़ बेनकाब हुई और ICC पर दबाव नहीं बन सका.अंततः वही हुआ, जो शुरू से तय था- मैच खेला जाएगा, नियम ICC तय करेगी और झुकना पाकिस्तान को ही पड़ा.

भारत-पाक मैच पर अड़ंगा! PAK ने रखीं 3 शर्तें, ICC के सामने बड़ी चुनौती

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम 'बुलबुल' ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

नीदरलैंड्स से भिड़कर पसीने-पसीने हुआ पाकिस्तान, आखिरी ओवर में हासिल की मुश्किल जीत

 कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में बड़ा उलटफेर होते-होते बचा. पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच ये मुकाबला कोलंबो में खेला गया. जिसमें पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था. लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी. लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. ऐसे रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी 148 के जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. साहिबजादा फरहान और सैम अयूब ने तेज शुरुआत की. लेकिन तीसरे ही ओवर में पाकिस्तान को पहला झटका लगा, जब सैम अयूब आउट हुए. अयूब ने 24 रन बनाए. लेकिन कप्तान सलमान आगा भी ज्यादा नहीं चल सके. उनके बल्ले से केवल 12 रन आए. इसके बाद साहिबजादा फरहान और बाबर आजम के बीच अच्छी साझेदारी हुई. 10 ओवर में पाकिस्तान का स्कोर 90-2 था. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने कमाल की वापसी की. बैक-टू-बैक पाकिस्तान को 3 झटके दिए. आलम ये हुआ की 13 ओवर में पाकिस्तान के 103 रन पर 5 विकेट गिर गए. बाबर आजम 18 गेंद में 15 रन बनाकर आउट हुए. फरहान भी फिफ्टी से चूक गए. और उस्मान खान खाता भी नहीं खोल सके. 16वें ओवर में पाकिस्तान को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब मोहम्मद नवाज 13 गेंद में 6 रन बनाकर आउट हो गए. तब पाकिस्तान को 4 ओवर में 34 रन चाहिए थे. लेकिन 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर शादाब भी चलते बने. इसके बाद पाकिस्तान को 3 ओवर में 33 रन चाहिए थे. लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ ने 24 रन ठोक दिए और मैच पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया. आखिरी ओवर में केवल 5 रन चाहिए थे. पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. फहीम पाकिस्तान के लिए गेम चेंजर बने, जिन्होंने 11 गेंद में 29 रन ठोके. जिसमें 3 छक्के शामिल थे. ऐसे रही नीदरलैंड्स की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी हुई. चौथे ओवर में पहला विकेट मैक्स का गिरा. इसके बाद अगले ही ओवर में माइकल भी चलते बने. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने अच्छी बल्लेबाजी. खास बात ये रही की रनों की गति नहीं रुकी. 13वें ओवर में जब नीदरलैंड्स को चौथा झटका लगा जब उसका स्कोर 105 था.  नीदरलैंड्स की ओर से सबसे ज्यादा रन स्कॉट एडवर्ड्स ने बनाए. उन्होंने 37 रन बनाए. उनकी इस पारी के दम पर नीदरलैंड्स ने 147 रन बनाए. वहीं, पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. वहीं, सैम अयूब, अबरार और नवाज को 2-2 विकेट मिले. शाहीन आफरीदी को 2 ओवर में 28 रन पड़े और केवल 1 विकेट मिला.  

PAK में कंगाली की हालत, गटर के ढक्कन तक हो गए गायब, सख्त कानून लाने की तैयारी

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में खुले मैनहोल का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर ट्रेंड कर रहा है. दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक कराची और लाहौर से कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क पर चलते-चलते अचानक 'गायब' होते दिखते हैं. ये कोई मैजिक या ट्रिक वीडियो नहीं, बल्कि खुले मैनहोल और चोरी हुए ढक्कनों की वजह से हो रहे खतरनाक हादसे हैं. 3 साल के बच्चे का दर्दनाक वीडियो वायरल पाकिस्तान के कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे कई मामलों का जिक्र है, जहां ढक्कन चोरी या गायब होने के कारण लोगों की जान पर बन आई है. सबसे ज़्यादा वायरल वीडियो कराची के निपा चौरंगी का है, जहां 3 साल का बच्चा इब्राहिम दुकान से बाहर निकलकर दौड़ता है और अचानक खुले मैनहोल में गिर जाता है. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और पूरे पाकिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई. लोगों ने नगरपालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. मां-बेटी की मौत ने हिला दिया पंजाब लाहौर के भत्ती गेट इलाके में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां एक मां और उसकी 10 महीने की बच्ची खुले मैनहोल में गिरकर डूब गईं. यह वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ और पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया. इसके अलावा शहर में बच्चों और महिलाओं के अचानक सड़क के भीतर गिरने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए, जिन्होंने आम जनता में डर और नाराजगी दोनों बढ़ा दी. डेली पाकिस्तान के मुताबिक, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इन हादसों के बाद कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने घोषणा की कि अब मैनहोल ढक्कन चुराने, खरीदने या बेचने वालों को 1 से 10 साल की जेल और भारी जुर्माना लगेगा. मरियम ने अफसरों को फटकारते हुए कहा कि वे हर रात यह जांचती हैं कि कहां-कहां ढक्कन गायब हैं, क्योंकि यह लोगों की जान का मामला है.मरियम नवाज ने पूरे पंजाब में ऐसे नए ढक्कन लगाने का आदेश दिया है जिन्हें बेचा न जा सके. कुछ जिलों में GPS ट्रैकर वाले कवर लगाने की योजना भी चर्चा में है, ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. ढक्कन चोरी का बढ़ता रैकेट ढक्कन चोरी की घटनाओं ने पाकिस्तान की सड़कों को और असुरक्षित बना दिया है. कई वायरल क्लिप्स में देखा गया कि कुछ लोग महंगी कारों से उतरकर मैनहोल के ढक्कन चुरा रहे हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इस्लामाबाद में 1600 से ज्यादा मैनहोल कवर गायब होने की रिपोर्ट सामने आई है. सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते दिखे-पाकिस्तान में अब गटर के ढक्कन भी सुरक्षित नहीं! पाकिस्तान में (खासकर लाहौर, कराची जैसे बड़े शहरों में) गटर के ढक्कन की चोरी का मुख्य कारण आर्थिक संकट और स्क्रैप (कबाड़) में लोहे की ऊंची कीमत है.इस लोहे को चुराकर कबाड़ी बाजार, फैक्ट्रियों या हार्डवेयर दुकानों में बेच दिया जाता है, जिससे चोरों को तुरंत कुछ सौ से हजार रुपये मिल जाते हैं.