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राजस्थान में बम ब्लास्ट की साजिश: पाकिस्तान से भेजा IED, 3 जगह धमाके की योजना

अजमेर  सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजे गए मौत के सामान (RDX) ने राजस्थान से लेकर हरियाणा तक खौफनाक साजिश का जाल बुना था। अंबाला में करीब 2 किलो विस्फोटक के साथ पकड़े गए तीन आतंकियों ने जो खुलासे किए हैं, उसने राजस्थान पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस साजिश का मुख्य सिरा अजमेर के लौंगिया मोहल्ला से जुड़ा है, जहां का निवासी अली अकबर उर्फ बाबू इस आतंकी नेटवर्क का अहम मोहरा निकला। हनुमानगढ़ था 'टारगेट नंबर-1' पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आतंकियों की पहली पसंद अंबाला नहीं, बल्कि राजस्थान का हनुमानगढ़ था। साजिश के मुताबिक, हनुमानगढ़ में बम धमाका करने के लिए आईईडी (IED) तो वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पाकिस्तान से आरडीएक्स की खेप नहीं पहुंच पाई। इस 'सप्लाई फेलियर' की वजह से राजस्थान एक बड़े धमाके से बाल-बाल बच गया। योजना विफल होने पर चार दिन बाद आईईडी को वापस मंगा लिया गया था। अजमेर के 'बाबू' ने भेजी थी लोकेशंस की वीडियो गिरफ्तार आरोपी अली अकबर उर्फ बाबू ने कुबूला है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी की थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर बाकायदा व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे गए थे, ताकि बड़े टारगेट चुने जा सकें। अंबाला में 'एक्टिव बम' के साथ पकड़े गए हनुमानगढ़ का प्लान फेल होने के बाद आतंकियों ने अंबाला के सैन्य ठिकानों और माता बाला सुंदरी मंदिर को निशाने पर लिया। आरोपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर टिफिन बम लेकर जा रहे थे, जो पूरी तरह एक्टिव था। एसटीएफ ने समय रहते इन्हें दबोच लिया, वरना 2 किलो आरडीएक्स 200 मीटर के दायरे में तबाही मचाने और लगभग 250 लोगों की जान लेने के लिए काफी था। NIA की एंट्री, राजस्थान में अलर्ट मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। चूंकि एक आरोपी अजमेर का है और हनुमानगढ़ को निशाना बनाने की कोशिश हुई थी, इसलिए राजस्थान के सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी 7 दिन के रिमांड पर हैं, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

पाकिस्तान ने कंधार में एयरस्ट्राइक की, ड्रोन हमलों के बाद सैन्य ठिकाना हुआ निशाना

कंधार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कंधार इलाके में तालिबान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई हाल ही में उसके शहरों के ऊपर देखे गए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में कई ड्रोन पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों के ऊपर देखे गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने इन ड्रोन को समय रहते रोक लिया, इसलिए वे अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाए. हालांकि कुछ जगहों पर ड्रोन के मलबे गिरने से नुकसान हुआ. क्वेटा में मलबा गिरने से दो बच्चे घायल हो गए, जबकि कोहाट और रावलपिंडी में भी कुछ लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। ड्रोन की गतिविधि सामने आने के बाद एहतियात के तौर पर इस्लामाबाद के आसपास का हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि नागरिक इलाकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना "रेड लाइन पार करने" जैसा है। कंधार में मौजूद ठिकाने से ड्रोन हमले की प्लानिंग का दावा पाकिस्तान का आरोप है कि इन ड्रोन हमलों की योजना अफगानिस्तान के कंधार में मौजूद ठिकानों से बनाई गई थी. इसी वजह से पाकिस्तान ने वहां एयरस्ट्राइक करते हुए तकनीकी ठिकानों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया. समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इन ठिकानों का इस्तेमाल तालिबान से जुड़े लड़ाके करते थे। UN के लिए इस्तेमाल होने वाले फ्यूल डिपो पर PAK का हमला इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. काबुल का कहना है कि शुक्रवार को पाकिस्तान ने राजधानी काबुल और पूर्वी अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम छह आम लोगों की मौत हो गई और करीब 15 लोग घायल हो गए। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी विमानों ने कंधार एयरपोर्ट के पास मौजूद निजी एयरलाइन Kam Air के फ्यूल डिपो को भी निशाना बनाया. उनके मुताबिक यह ईंधन नागरिक और संयुक्त राष्ट्र की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है। ड्रोन हमलों के बीच बम धमाका पाकिस्तान ने आम लोगों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई सिर्फ पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के लड़ाकों और उनके नेटवर्क के खिलाफ है. इसी बीच पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी जिले लक्की मरवत में सड़क किनारे हुए एक बम धमाके में सात पाकिस्तानी पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को X पर दावा किया कि पूर्वी प्रांत कुनार और नंगरहार में सीमा पर तैनात उसकी सेना ने पाकिस्तान की एक चौकी पर कब्जा कर लिया और 14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया. हालांकि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इस दावे को बेबुनियाद बताया और कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

पानी के नीचे भारत की ताकत: पनडुब्बियों का ऐसा किला जिसे दुश्मन छू भी नहीं सकते

नई दिल्ली भारत ने अपने दुश्मनों से निपटने के लिए समुद्र के भीतर पनुडुब्बियों का अभेद्य किला बना लिया है। यह किला इतना ताकतवर है यह अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से पार पाने में बेहद कारगर और मारक साबित होगा। भारत के इस किले में न्यूक्लियर पॉवर्ड समेत हर तरह की पनडुब्बियां हैं, जो दुश्मन की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं। भारत ने अपने दोनों तरफ के समुद्र में पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है। भारत ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर स्वदेशी पनडुब्बियां बनाने के लिए भी तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, मगर उसके नौसेना के बेड़े में शामिल होने में अभी एक दशक लग सकता है। भारत ने अपने पश्चिमी और पूर्वी तट पर समंदर के पास पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है, जिससे भारत के चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन अपनी हद पार करने से पहले सौ बार सोचेंगे। इसमें हर तरह की पनडुब्बियां शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय नौसेना के बेड़े में करीब 20-21 मारक पनडुब्बियां हैं। इनमें से 17 तो डीजल पॉवर्ड अटैक पनडुब्बियां हैं। इसके अलावा, कम से कम 2 न्यूक्लियर पॉवर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी हैं। इसके अलावा, एक पनडुब्बी रूस से लीज पर ले रखी है। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) आईएनएस अरिदमन (S-4) को अप्रैल या मई तक सेवा में शामिल किए जाने की उम्मीद है। पनडुब्बी वर्तमान में समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में सेवा में शामिल होने की संभावना है। आईएनएस अरिदमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास सामरिक बल कमान (एसएफसी) के तहत पहली बार तीन परिचालन एसएसबीएन हो जाएंगे। NTI पर छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां पश्चिमी तट मुंबई और पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम के पास समंदर में तैनात हैं। भारत ने हाल ही में दो पनडुब्बी अड्डे बनाए हैं। पहला मुंबई से 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कारवार है। दूसरा, आईएनएस वर्षा नामक एक गुप्त नौसैनिक अड्डा है, जो चीन के हालिया उन्नयन के जवाब में भारत की नौसैनिक परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है। यह अड्डा पूर्वी तट पर काकीनाडा के पास स्थित है और इसमें पनडुब्बियों के लिए भूमिगत ठिकाने होंगे। फरवरी, 2015 में भारत सरकार ने स्वदेशी 6 न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक सबमरींस को अपने जंगी बेड़े में शामिल करने की परियोजना को मंजूरी दी थी। ये पनडुब्बियां विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बननी हैं। भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर है, जिसकी सीमा पाकिस्तान को छूती है। वहीं, पूर्वी तट के पास बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर है, जहां चीन के जासूसी जहाज अक्सर मंडराते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक क्लास की पनडुब्बी की स्वदेशी क्षमता हासिल करना अभी भी एक दशक दूर का लक्ष्य है। माना जा रहा है कि इस तरह की पहली पनडुब्बी 2036 तक ही तैयार हो पाएगी। भारत के पास पहले से ही अरिहंत श्रेणी की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां (एसएसबीएन) मौजूद हैं।

आतंकवाद की नई चाल: पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा ने महिलाओं को बनाया हिस्सा

नई दिल्ली पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा महिलाओं के लिए दो नए ट्रेनिंग सेंटर बनाने की तैयारी कर रहा है. इन सेंटर को ‘मरकज’ के रूप में डेवलप किया जाएगा, जहां महिलाओं को संगठन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए ट्रेनिंग दिया जाएगा. यह कदम इस संगठन की रणनीति में संभावित बदलाव को दर्शाता है, क्योंकि अब तक लश्कर-ए-तैयबा अपने महिला विंग का उपयोग मुख्य रूप से राजनीतिक लामबंदी और प्रचार से जुड़े कामों के लिए करता रहा है. महिला विंग की प्रमुख इफ्फत सईद की हालिया टिप्पणियां इस बदलाव की तरफ इशारा करती हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में महिलाओं को ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) जैसी भूमिकाओं में शामिल किया जा सकता है.  OGW नेटवर्क वे लोग होते हैं जो सीधे हथियारबंद गतिविधियों में शामिल नहीं होते, लेकिन संगठन के लिए जमीन पर सहयोग, सूचना को इकट्ठा और अन्य सहायता प्रदान करते हैं. महिलाओं को इस नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश लश्कर के रणनीतिक विस्तार के रूप में देखी जा रही है. इस क्रम में संगठन के वरिष्ठ आतंकी अब्दुर रऊफ ने इस्लामाबाद स्थित मरकज कुबा अल इस्लाम का दौरा किया है. जानकारी के अनुसार, इस केंद्र का विस्तार किया जा रहा है और इसमें महिलाओं के लिए ख़ास ट्रेनिंग सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और सतर्कता बरत रही हैं. महिलाओं के लिए इन नए कैम्पों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा अपने नेटवर्क को नए और व्यापक तरीकों से मजबूत करने की कोशिश कर सकता है. यह विकसित होती स्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. भारत में सुरक्षाबल लश्कर-ए-तैयबा की हर नए कदम पर खास नजर बनाई हुई है.   

पानी पर बढ़ा तनाव: भारत की योजना से घबराया पाकिस्तान, समाधान नहीं सूझ रहा

इस्लामाबाद पलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसे रणनीतिक कदम उठाए हैं जो कि उसकी टेंशन बढ़ाते ही चले जा रहे हैं। झेलम और चिनाब के बहाव कम करने को लेकर शहबाज सरकार एकदम से बिलबिला गई है। हाल ही में पाकिस्तान में प्रांतीय स्तर की एक बड़ी बैठक हुई और इसमें वॉटर ऐंड पावर डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन मोहम्मद सईद ने कहा कि भारत झेलम और चिनाब प्रोजेक्ट पर 60 अरब डॉलर खर्च कर रहा है और इससे पाकिस्तान में हाहाकार मचने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इन निदियों के जल रोकने की कैपिसीटी 15 दिन से बढ़कर सीधे 60 दिन हो जाएगी। घबरा गया पाकिस्तान पाकिस्तान भारत के इस प्रोजेक्ट से बुरी तरह घबराया हुआ है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को सूखे का डर सताने लगा है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि जब फसलों की पानी की जरूरत होगी तो नदियों का बहाव बेहद कम हो जाएगा। वहीं मॉनसून में भारत ज्यादा पानी छोड़ सकता है इससे पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा डूब जाएगा। भारत के इस कदम से परेशान पाकिस्तान के अधिकारियों ने सरकार को सलाह दी है कि वहां भी बड़े बांध बनाने की जरूरत है जिससे पानी को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि समस्या यही है कि ये नदियां भारत से ही होकर पाकिस्तान में जाती हैं। ऐसे में बांध बनाने के बाद भी उसकी मुसीबत कम होने वाली नहीं है। पाकिस्तान का जल मंत्रालय नदियों के पानी को लेकर बेहद परेशान है। महीने भर पहले पाकिस्तान ने इसको लेकर भारत से जवाब मांगने शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने बगलिहार डैम पर पानी रोक लिया है दिसंबर महीने में देखा गया था कि बगलिहार में पानी की कमी हो गई है। झेलम और चिनाब में कम हआ पानी पाकिस्तान का कहना है कि भारत झेलम और चिनाब का पानी कभी रोकता है और कभी छोड़ता है। इससे पाकिस्तान में पानी की कमी देखी जा रही है। सिंधु जल पर पाकिस्तान के एक अधइकारी ने कहा कि पाकिस्तान में मंगला बांध तक पानी का बहाव काफी कम हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक शहबाज सरकार झेलम के बहाव पर नजर रख रही है। परेशान पाकिस्तान बार-बार पत्र भेजकर भारत के आगे गिड़गिड़ा रहा है। बता दें कि पहलगाम महले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित करदिया था। यह पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा घाव साबित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत अब रावी का पानी भी रोकने का प्लान बना रहा है। जानकारी के मुताबिक शहपुर कंडी डैम का काम भी जल्द पूरा होने वाला है। इससे रावी का पानी रोककर इसे कठुआ और सांबा भेजा जाएगाय़ पाकिस्तान को जाने वाला ज्यादातर पानी रोक लिया जाएगा। पाकिस्तान की लगभग 90 फीसदी खेदी सिंदु नदी सिस्म पर ही निर्भर है। पाकिस्तान के पास पानी रोकने की क्षमता ना के बराबर है।

भारत से हार के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर 50 लाख का जुर्माना, नकवी का गुस्सा उबाल पर

इस्लामाबाद  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन का खामियाजा अब पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों को सीधे अपनी जेब से भुगतना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सख्त रुख अपनाते हुए टीम के हर खिलाड़ी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया है. वर्ल्ड कप के सुपर-8 से बाहर होने और टीम इंडिया से ग्रुप स्टेज में मिली करारी हार के बाद यह कार्रवाई की गई है. हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टी20 विश्व कप खेलने वाले पाकिस्तान के हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है. यह रकम खिलाड़ियों की सैलरी या मैच फीस से काटी जाएगी. यानी पीसीबी खुद यह पैसा वसूल करेगा. लगातार चौथे आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में बोर्ड ने साफ संदेश दिया है कि खराब प्रदर्शन अब सीधे आर्थिक नुकसान में बदलेगा. पाकिस्तान क्रिकेट में पहले भी नतीजों को लेकर सख्ती हुई है, लेकिन इस बार इतनी बड़ी रकम का जुर्माना चर्चा का विषय बन गया है. टूर्नामेंट में कैसा रहा प्रदर्शन पाकिस्तान ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले, लेकिन घरेलू जैसे हालात का भी फायदा नहीं उठा सका. शुरुआत में उसने नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया, हालांकि वह मैच भी काफी करीबी था. इसके बाद अमेरिका को 32 रन से हराया. लेकिन भारत के खिलाफ 61 रन की बड़ी हार ने टीम की कमजोरियां उजागर कर दीं. इसके बावजूद पाकिस्तान किसी तरह सुपर-8 में पहुंच गया. सुपर-8 में भी मुंह की खाई  सुपर-8 में कहानी पूरी तरह बदल गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला बारिश में रद्द हो गया. फिर इंग्लैंड ने 2 विकेट से हरा दिया. श्रीलंका के खिलाफ जीत जरूर मिली, लेकिन खराब नेट रन रेट के कारण टीम अगले दौर में जगह नहीं बना सकी. कुल मिलाकर, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और अब खिलाड़ियों को इसकी सजा आर्थिक रूप से भी झेलनी पड़ेगी.  भारत से हार ने बना दिया नकवी का मजाक दरअसल, इस वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान ने जमकर ड्रामेबाजी की थी. पाकिस्तान ने टीम इंडिया के साथ अपने मुकाबले के बायकॉट का ऐलान किया था. कई दिनों तक पीसीबी चीफ नकवी की नौटंकी चली. लेकिन आखिरकार पाकिस्तान मान गया और जब भारत से भिड़ा तो टीम इंडिया ने उसे बुरी तरह से हरा दिया. पाकिस्तान की इस हार ने उसे अपने ही देश में मजाक का पात्र बना दिया. इसलिए पीसीबी अपने खिलाड़ियों से बुरी तरह से खिसियाया हुआ है. 

इंडियन हमले के बाद नूर खान बेस में नई हलचल: अफगानियों ने फिर किया हमला

लाहौर  पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस की हालत इस समय बहुत खराब हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट भी सूखा नहीं था कि अफगानों ने फिर खोद दिया. यह मजाक इसलिए बन रहा है क्योंकि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हमले किए थे. उस समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. बेस पर काफी नुकसान हुआ था.  पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके उसे ठीक कर रही थी. लेकिन अब मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने अचानक हवाई हमला कर दिया. अफगान रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि यह हमला पाकिस्तान के हाल के हवाई हमलों का जवाब था. नतीजा यह हुआ कि नूर खान बेस की मरम्मत अधूरी रह गई और उसकी हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. आम पाकिस्तानी नागरिक भी डर रहे हैं कि उनकी सेना अब कितने दिनों तक टिक पाएगी. नूर खान एयरबेस पर अफगान हमला, रावलपिंडी का दिल दहल गया नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है. यह पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बेस माना जाता है. यहां कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और कई गोला-बारूद के गोदाम हैं. 2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने सटीक हवाई हमले किए. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा. हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय लोगों ने रात भर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं. पाकिस्तान की तरफ से अभी तक पूरा नुकसान बताना बाकी है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें धुआं और आग दिख रही है. यह हमला इसलिए ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि बेस को जल्दी ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन अफगानों ने इतनी जल्दी जवाब दे दिया कि पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई. अब बेस की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है लेकिन लोग कह रहे हैं कि हालत पूरी तरह से बेहाल है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय पर हमला, बलूचिस्तान में अफरा-तफरी अफगान हमलों का दूसरा बड़ा निशाना बलूचिस्तान प्रांत का क्वेटा शहर है. यहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है. यह मुख्यालय पूरे बलूचिस्तान की सुरक्षा देखता है. यहां हजारों सैनिक तैनात रहते हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके ड्रोन और हवाई हमलों ने इस मुख्यालय को भी सीधा नुकसान पहुंचाया. हमला इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने पहले काबुल और कंधार पर बमबारी की थी. क्वेटा में हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगे. 12वीं डिवीजन का मुख्यालय बलूच अलगाववादियों से भी लड़ता है इसलिए इसका नुकसान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है. अफगान पक्ष कह रहा है कि यह हमला सिर्फ बदला है और वे आगे भी पाकिस्तानी ठिकानों पर नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने क्वेटा में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें ज्यादा न फैलें. मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर हमला, सीमा पर तनाव चरम पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप भी अफगान हमलों का शिकार बना. यह कैंप अफगानिस्तान की सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है. यहां पाकिस्तान की फौज की कई यूनिट्स तैनात रहती हैं जो सीमा पर निगरानी करती हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के सीमा उल्लंघन का सीधा जवाब था. हमले में कैंप के कई टेंट और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. दोनों तरफ से गोलीबारी भी हुई. स्थानीय आदिवासी लोग अब डर के मारे घरों में छिपे बैठे हैं। स्कूल और बाजार बंद हैं. ख्वाजाई कैंप का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से टीटीपी जैसे समूहों पर कार्रवाई होती है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान इन समूहों को मदद देता है. इस हमले के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों की फौजें अलर्ट पर हैं और हर घंटे नई खबरें आ रही हैं. पेशावर एयरबेस और अन्य सीमा ठिकानों पर भी हमले  अफगान सेना ने सिर्फ तीन ठिकानों तक हमले नहीं रोके. उनके बयान के मुताबिक पेशावर एयरबेस और सीमा के पास कई छोटे-बड़े मिलिट्री पोस्ट भी निशाने पर आए. पेशावर एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का दूसरा बड़ा केंद्र है जहां कई लड़ाकू विमान रखे जाते हैं. अफगानों ने यहां भी ड्रोन हमले किए जिससे कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. इसके अलावा बन्नू और वाना जैसे इलाकों के कैंपों पर भी गोलीबारी हुई.  अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब हमले पाकिस्तान के काबुल और कंधार पर किए गए हमलों का बदला हैं. पिछले छह महीनों में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं. इन सब हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. सेना को अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है. तनाव क्यों बढ़ रहा है और आगे क्या हो सकता है? अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  मई 2025 के भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान कमजोर हुआ तो अफगानिस्तान ने इसका फायदा उठाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए. अब मार्च 2026 में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं. आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. हजारों परिवार सीमा से भाग रहे हैं.      

अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारी हमला, 23 की मौत, स्थिति गंभीर

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

ईरान संकट की चिंगारी पाकिस्तान तक पहुंची, कराची में हिंसा, अमेरिकी दूतावास फूंका, 9 मारे गए

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

बड़ी जीत की तलाश में पाकिस्तान, आखिरी मैच में सम्मान बचाने उतरेगा श्रीलंका

पाल्लेकल अगर मगर की कठिन डगर पर फंसा पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीद को जीवंत रखने के लिए शनिवार को यहां वाले टी20 विश्व कप सुपर आठ के अपने अंतिम मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा जबकि संघर्षरत श्रीलंका सम्मानजनक विदाई लेने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। पाकिस्तान का प्रदर्शन अभी तक अच्छा नहीं रहा है और वह अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। इस ग्रुप से इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुका है जबकि न्यूजीलैंड और पाकिस्तान अंतिम चार में जगह बनाने की होड़ में हैं। श्रीलंका अपने पहले दो मैच हार कर पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। अगर पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की बात करें तो कीवी टीम बेहतर स्थिति में नजर आ रही है। न्यूजीलैंड के तीन अंक हैं और उसका नेट रन रेट (3.050) भी पाकिस्तान से बेहतर है। पाकिस्तान का अभी तक केवल एक अंक है और उसका नेट रन रेट भी माइनस 0.461 है। लेकिन पाकिस्तान के लिए अभी सारी उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं और वह सेमीफाइनल में जगह बना सकता है बशर्ते इंग्लैंड शुक्रवार को न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हरा दे और इसके बाद सलमान आगा की अगुवाई वाली टीम श्रीलंका पर बड़ी जीत हासिल कर दे। पाकिस्तान के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चुनौती है क्योंकि अभी तक टूर्नामेंट में वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। पाकिस्तान की तरफ से सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ही अभी तक अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं। उन्होंने 70.75 की औसत से 283 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 158.10 है। फरहान को छोड़कर पाकिस्तान की टीम का कोई भी अन्य विशेषज्ञ बल्लेबाज इस प्रतियोगिता में तिहरे अंक का आंकड़ा नहीं छू पाया है। उसकी तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में ऑलराउंडर शादाब खान दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 111 रन बनाए हैं। कप्तान सलमान आगा (44 रन), साइम अयूब (70) और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम (91) ने निराश ही किया है। ऐसे में पाकिस्तान की उम्मीदें फखर जमां पर टिकी होंगी। पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण में में उस्मान तारिक (10 विकेट) की मौजूदगी से उसे मजबूती मिली है। इसके अलावा शाहीन शाह अफरीदी ने इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट लेकर कुछ हद तक फॉर्म हासिल कर ली है। उस मैच में हालांकि वह अपनी टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे थे। श्रीलंका के पास अपने उत्साही प्रशंसकों को खुश करने का यह आखिरी मौका है लेकिन इसके लिए उसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ेगा। श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह मेजबान है। पिछली बार जब 2011 में श्रीलंका सह-मेजबानी कर रहा था, तब वह उपविजेता रहा था। दासुन शनाका की टीम ने शानदार शुरुआत की और ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त देकर खिताब के दावेदारों में अपना नाम शामिल कर लिया था। लेकिन श्रीलंका उस जीत के बाद जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीन मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पथुम निसांका का शतक सुदूर अतीत की किसी घटना जैसा लगता है, क्योंकि श्रीलंका खेल की प्रत्येक विभाग में जूझ रहा है। श्रीलंका की बल्लेबाजी में गहराई और दृढ़ता दोनों की कमी रही है, जिसके चलते वे नियमित रूप से जल्दी विकेट गंवाते रहे हैं और दबाव वाली परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। उसके गेंदबाज भी विरोधी टीम के बल्लेबाजों के लिए खास परेशानी नहीं खड़ी कर पाए हैं। श्रीलंका के गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को मैच के आखिरी पांच ओवरों में तेजी से रन बनाने का मौका दिया, जबकि मैच पूरी तरह से उनके नियंत्रण में था। इसके बाद बल्लेबाज भी नहीं चल पाए और उसकी टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। आलम यह था कि अपनी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन से क्षुब्ध श्रीलंका के प्रशंसक न्यूजीलैंड के जयकारे लगा रहे थे। टीम इस प्रकार हैं: श्रीलंका: दासुन शनाका (कप्तान), कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), कामिल मिशारा, पथुम निसांका, कुसल परेरा (विकेटकीपर), पवन रत्नायके, चैरिथ असलांका, दुशान हेमंथा, जेनिथ लियानगे, कामिंडु मेंडिस, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका, प्रमोद मदुशन, महीश थीक्षाना, दुनिथ वेललागे। पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमां, ख्वाजा नफे (विकेट कीपर), साहिबजादा फरहान, उस्मान खान (विकेट कीपर), फहीम अशरफ, मोहम्मद नवाज, सैम अयूब, शादाब खान, अबरार अहमद, नसीम शाह, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा।