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इंडियन हमले के बाद नूर खान बेस में नई हलचल: अफगानियों ने फिर किया हमला

लाहौर  पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस की हालत इस समय बहुत खराब हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट भी सूखा नहीं था कि अफगानों ने फिर खोद दिया. यह मजाक इसलिए बन रहा है क्योंकि मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर सटीक हमले किए थे. उस समय नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया गया था. बेस पर काफी नुकसान हुआ था.  पाकिस्तान की सेना दिन-रात मेहनत करके उसे ठीक कर रही थी. लेकिन अब मार्च 2026 में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने अचानक हवाई हमला कर दिया. अफगान रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा कि यह हमला पाकिस्तान के हाल के हवाई हमलों का जवाब था. नतीजा यह हुआ कि नूर खान बेस की मरम्मत अधूरी रह गई और उसकी हालत पहले से भी ज्यादा खराब हो गई. आम पाकिस्तानी नागरिक भी डर रहे हैं कि उनकी सेना अब कितने दिनों तक टिक पाएगी. नूर खान एयरबेस पर अफगान हमला, रावलपिंडी का दिल दहल गया नूर खान एयरबेस रावलपिंडी शहर के पास स्थित है. यह पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण बेस माना जाता है. यहां कमांड सेंटर, फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और कई गोला-बारूद के गोदाम हैं. 2 मार्च 2026 को अफगान एयर फोर्स ने सटीक हवाई हमले किए. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके पायलटों ने बिना किसी गलती के निशाना साधा. हमले में बेस के कई हिस्से पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय लोगों ने रात भर विस्फोटों की तेज आवाजें सुनीं. पाकिस्तान की तरफ से अभी तक पूरा नुकसान बताना बाकी है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें धुआं और आग दिख रही है. यह हमला इसलिए ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि बेस को जल्दी ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन अफगानों ने इतनी जल्दी जवाब दे दिया कि पाकिस्तानी सेना हैरान रह गई. अब बेस की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है लेकिन लोग कह रहे हैं कि हालत पूरी तरह से बेहाल है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय पर हमला, बलूचिस्तान में अफरा-तफरी अफगान हमलों का दूसरा बड़ा निशाना बलूचिस्तान प्रांत का क्वेटा शहर है. यहां पाकिस्तान आर्मी की 12वीं डिवीजन का मुख्यालय है. यह मुख्यालय पूरे बलूचिस्तान की सुरक्षा देखता है. यहां हजारों सैनिक तैनात रहते हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके ड्रोन और हवाई हमलों ने इस मुख्यालय को भी सीधा नुकसान पहुंचाया. हमला इसलिए किया गया क्योंकि पाकिस्तान ने पहले काबुल और कंधार पर बमबारी की थी. क्वेटा में हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ने लगे. 12वीं डिवीजन का मुख्यालय बलूच अलगाववादियों से भी लड़ता है इसलिए इसका नुकसान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका है. अफगान पक्ष कह रहा है कि यह हमला सिर्फ बदला है और वे आगे भी पाकिस्तानी ठिकानों पर नजर रख रहे हैं. पाकिस्तान सरकार ने क्वेटा में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि खबरें ज्यादा न फैलें. मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप पर हमला, सीमा पर तनाव चरम पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई मिलिट्री कैंप भी अफगान हमलों का शिकार बना. यह कैंप अफगानिस्तान की सीमा से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर है. यहां पाकिस्तान की फौज की कई यूनिट्स तैनात रहती हैं जो सीमा पर निगरानी करती हैं. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान के सीमा उल्लंघन का सीधा जवाब था. हमले में कैंप के कई टेंट और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. दोनों तरफ से गोलीबारी भी हुई. स्थानीय आदिवासी लोग अब डर के मारे घरों में छिपे बैठे हैं। स्कूल और बाजार बंद हैं. ख्वाजाई कैंप का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से टीटीपी जैसे समूहों पर कार्रवाई होती है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान इन समूहों को मदद देता है. इस हमले के बाद सीमा पर तनाव और बढ़ गया है. दोनों देशों की फौजें अलर्ट पर हैं और हर घंटे नई खबरें आ रही हैं. पेशावर एयरबेस और अन्य सीमा ठिकानों पर भी हमले  अफगान सेना ने सिर्फ तीन ठिकानों तक हमले नहीं रोके. उनके बयान के मुताबिक पेशावर एयरबेस और सीमा के पास कई छोटे-बड़े मिलिट्री पोस्ट भी निशाने पर आए. पेशावर एयरबेस पाकिस्तान एयर फोर्स का दूसरा बड़ा केंद्र है जहां कई लड़ाकू विमान रखे जाते हैं. अफगानों ने यहां भी ड्रोन हमले किए जिससे कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. इसके अलावा बन्नू और वाना जैसे इलाकों के कैंपों पर भी गोलीबारी हुई.  अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये सब हमले पाकिस्तान के काबुल और कंधार पर किए गए हमलों का बदला हैं. पिछले छह महीनों में दोनों देशों के बीच झड़पें बढ़ गई हैं. इन सब हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. सेना को अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है. तनाव क्यों बढ़ रहा है और आगे क्या हो सकता है? अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुरानी दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों देशों की सीमा को डूरंड लाइन कहते हैं लेकिन इसे लेकर बहुत विवाद है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान से टीटीपी आतंकी आकर हमले कर रहे हैं. तालिबान सरकार पाकिस्तान पर आरोप लगाती है कि वह उनके खिलाफ ग्रुपों को मदद देता है.  मई 2025 के भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान कमजोर हुआ तो अफगानिस्तान ने इसका फायदा उठाते हुए जवाबी हमले शुरू कर दिए. अब मार्च 2026 में स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि दोनों तरफ से हवाई हमले हो रहे हैं. आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. हजारों परिवार सीमा से भाग रहे हैं.      

अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारी हमला, 23 की मौत, स्थिति गंभीर

 कराची इजरायली-अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में जमकर हंगामा हुआ. कराची में शिया संगठनों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास तोड़फोड़ और आगजनी की थी, जिसके बाद यूएस मिलिट्री ने फायरिंग कर दी थी. इस झड़प में मारे जाने वाले पाकिस्तानियों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है. प्रदर्शनकारी सुल्तानाबाद से माई कोलाची होते हुए कॉन्सुलेट की ओर बढ़ रहे थे. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया. कराची के अलावा पाकिस्तान के स्कार्दु और लाहौर में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन हुए. स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कार्यालय में आग लगा दी थी, इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शनकारियों में से दो लोगों की जान चली गई. कराची में कड़ी सुरक्षा हिंसा के बाद कराची प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है. एमटी खान रोड और माई कोलाची रोड को पूरी तरह बंद कर दिया है. ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को प्रभावित इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है.  खामेनेई की मौत के बाद जगह-जगह प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से कई जगहों पर शोक का माहौल है. कराची में मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मौत का मातम मनाने के लिए शोक सभाएं आयोजित की गईं. ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान में भी खामेनेई समर्थक सड़कों पर उतरे और अमरिका-इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

ईरान संकट की चिंगारी पाकिस्तान तक पहुंची, कराची में हिंसा, अमेरिकी दूतावास फूंका, 9 मारे गए

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

बड़ी जीत की तलाश में पाकिस्तान, आखिरी मैच में सम्मान बचाने उतरेगा श्रीलंका

पाल्लेकल अगर मगर की कठिन डगर पर फंसा पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह बनाने की अपनी उम्मीद को जीवंत रखने के लिए शनिवार को यहां वाले टी20 विश्व कप सुपर आठ के अपने अंतिम मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा जबकि संघर्षरत श्रीलंका सम्मानजनक विदाई लेने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। पाकिस्तान का प्रदर्शन अभी तक अच्छा नहीं रहा है और वह अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर है। इस ग्रुप से इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुका है जबकि न्यूजीलैंड और पाकिस्तान अंतिम चार में जगह बनाने की होड़ में हैं। श्रीलंका अपने पहले दो मैच हार कर पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। अगर पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की बात करें तो कीवी टीम बेहतर स्थिति में नजर आ रही है। न्यूजीलैंड के तीन अंक हैं और उसका नेट रन रेट (3.050) भी पाकिस्तान से बेहतर है। पाकिस्तान का अभी तक केवल एक अंक है और उसका नेट रन रेट भी माइनस 0.461 है। लेकिन पाकिस्तान के लिए अभी सारी उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं और वह सेमीफाइनल में जगह बना सकता है बशर्ते इंग्लैंड शुक्रवार को न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हरा दे और इसके बाद सलमान आगा की अगुवाई वाली टीम श्रीलंका पर बड़ी जीत हासिल कर दे। पाकिस्तान के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चुनौती है क्योंकि अभी तक टूर्नामेंट में वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। पाकिस्तान की तरफ से सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ही अभी तक अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं। उन्होंने 70.75 की औसत से 283 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 158.10 है। फरहान को छोड़कर पाकिस्तान की टीम का कोई भी अन्य विशेषज्ञ बल्लेबाज इस प्रतियोगिता में तिहरे अंक का आंकड़ा नहीं छू पाया है। उसकी तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में ऑलराउंडर शादाब खान दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 111 रन बनाए हैं। कप्तान सलमान आगा (44 रन), साइम अयूब (70) और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम (91) ने निराश ही किया है। ऐसे में पाकिस्तान की उम्मीदें फखर जमां पर टिकी होंगी। पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण में में उस्मान तारिक (10 विकेट) की मौजूदगी से उसे मजबूती मिली है। इसके अलावा शाहीन शाह अफरीदी ने इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट लेकर कुछ हद तक फॉर्म हासिल कर ली है। उस मैच में हालांकि वह अपनी टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे थे। श्रीलंका के पास अपने उत्साही प्रशंसकों को खुश करने का यह आखिरी मौका है लेकिन इसके लिए उसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ेगा। श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह मेजबान है। पिछली बार जब 2011 में श्रीलंका सह-मेजबानी कर रहा था, तब वह उपविजेता रहा था। दासुन शनाका की टीम ने शानदार शुरुआत की और ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त देकर खिताब के दावेदारों में अपना नाम शामिल कर लिया था। लेकिन श्रीलंका उस जीत के बाद जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीन मैच हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पथुम निसांका का शतक सुदूर अतीत की किसी घटना जैसा लगता है, क्योंकि श्रीलंका खेल की प्रत्येक विभाग में जूझ रहा है। श्रीलंका की बल्लेबाजी में गहराई और दृढ़ता दोनों की कमी रही है, जिसके चलते वे नियमित रूप से जल्दी विकेट गंवाते रहे हैं और दबाव वाली परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। उसके गेंदबाज भी विरोधी टीम के बल्लेबाजों के लिए खास परेशानी नहीं खड़ी कर पाए हैं। श्रीलंका के गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को मैच के आखिरी पांच ओवरों में तेजी से रन बनाने का मौका दिया, जबकि मैच पूरी तरह से उनके नियंत्रण में था। इसके बाद बल्लेबाज भी नहीं चल पाए और उसकी टीम को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। आलम यह था कि अपनी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन से क्षुब्ध श्रीलंका के प्रशंसक न्यूजीलैंड के जयकारे लगा रहे थे। टीम इस प्रकार हैं: श्रीलंका: दासुन शनाका (कप्तान), कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), कामिल मिशारा, पथुम निसांका, कुसल परेरा (विकेटकीपर), पवन रत्नायके, चैरिथ असलांका, दुशान हेमंथा, जेनिथ लियानगे, कामिंडु मेंडिस, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका, प्रमोद मदुशन, महीश थीक्षाना, दुनिथ वेललागे। पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमां, ख्वाजा नफे (विकेट कीपर), साहिबजादा फरहान, उस्मान खान (विकेट कीपर), फहीम अशरफ, मोहम्मद नवाज, सैम अयूब, शादाब खान, अबरार अहमद, नसीम शाह, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा।  

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, सऊदी को फोन कर पाकिस्तान ने जंग की संभावना जताई

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.  पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.  PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.  अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.  

आसिम मुनीर के लिए संकट का दौर, एक तरफ भारत, दूसरी ओर BLA अटैक और अफगान तनाव

कराची  पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है.  1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है.  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है. अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है. 2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है. जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए. पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है. 3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.  अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा. तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं? पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान. अभी क्या हाल है?  अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.   पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?   पहले समझें पूरा बैकग्राउंड पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए. तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया. Tolo News ने क्या कहा? Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया. सोशल मीडिया पर क्या वायरल है? अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया.  कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट … Read more

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की दो टूक- ‘आसिम मुनीर नहीं हैं मेरे बॉस’

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सरकार में सेना की दखल की बातें लंबे समय से चली आ रहीं हैं। अब मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार कैसे काम करती हैं। उन्होंने इसे हाइब्रिड व्यवस्था कहा है। साथ ही कहा है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं। फ्रांस 24 इंग्लिश से बातचीत में आसिफ से सवाल किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप के फेवरेट फील्ड मार्शल आसिम मुनीर क्या पाकिस्तान के असली शासक हैं। इसपर आसिफ ने जवाब दिया, 'मैं आपसे सहमत हूं, कुछ लोग हैं जो ऐसा कहते हैं। एक व्यवस्था है। देखिए पाकिस्तान का इतिहास सरकार पर सेना के नियंत्रण का रहा है। 50 के दशक की बात हो या 60 के दशक की। एक समय था, जब सेना ने दखल दिया और सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली।' जब पूछा गया कि क्या अब भी ऐसा ही हो रहा है। उन्होंने कहा, 'ऐसा अब नहीं हो रहा है। क्योंकि जिन हालात का अभी हम सामना कर रहे हैं जैसा कि हमने बात की आतंकवाद, अफगानिस्तान से भारत का खतरा और अर्थव्यवस्था जो 3 साल पहले पूरी तरह कमजोर हो गई थी। तो ऐसे में यह राष्ट्रीय संस्थाओं का आपसी सहयोग है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी सेना या सशस्त्र बल सबसे ज्यादा जरूरी राष्ट्रीय संस्थान हैं। वो राजनीतिक सरकार और चुनी हुई सरकार को सहयोग दे रहे हैं। मैं इसे हाइब्रिड अरेंजमेंट कहूंगा। पाकिस्तान में सेना का शासन नहीं है।' आसिम मुनीर पर कर दिया बड़ा दावा इंटरव्यू के दौरान आसिफ से पूछा गया कि क्या फील्ड मार्शल मुनीर उनके बॉस हैं। उन्होंने इससे इनकार कर दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, 'नहीं वह मेरे बॉस नहीं हैं। मेरे बॉस प्रधानमंत्री हैं।' पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ हैं।

पाकिस्तान को नामीबिया से हारने का डर, T20 वर्ल्ड कप सुपर-8 की टक्कर हुई और भी रोमांचक

 कोलंबो आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 61 रनो से हराकर सुपर-8 में आधिकारिक तौर पर जगह पक्की कर ली. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो के आर. प्रेमदासा में खेले गए इस मुकाबले में 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम 114 रन पर सिमट गई. भारत से पहले वेस्टइंडीज की टीम ने नेपाल को मात देकर सबसे पहले सुपर-8 का टिकट कटाया था. चारों ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें सुपर-8 में जगह बनाने वाली हैं. भारतीय टीम के हाथों मिली हार के बाद पाकिस्तान के लिए सुपर-8 की राह कठिन हो गई है. अब उसे अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में नामीबिया को हराना ही होगा. जीत की स्थिति में वो 6 अंकों के साथ सुपर-8 में पहुंच जाएगा, जबकि हार की सूरत में वो टूर्नामेंट से आउट हो जाएगा. वैसे भी नामीबिया सुपर-8 की रेस से बाहर हो चुका है, ऐसे में उसके लिए खोने को कुछ नहीं बचा है. कुल मिलाकर देखा जाए तो पाकिस्तान के लिए अब अगला मुकाबला वर्चुअल नॉकआउट बन गया है. ग्रुप-ए में भारत 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है और सुपर-8 में उसकी जगह पूरी तरह सुनिश्चित हो चुकी है. भारत का नेट रनरेट (NRR) +3.050 है. भारत से हार के बाद पाकिस्तानी टीम तीसरे नंबर पर आ गई है, वहीं संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दूसरी पोजीशन पर आ चुका है. यूएसए और पाकिस्तान दोनों के ही 4-4 अंक हैं, लेकिन नेट रनरेट पाकिस्तानी टीम का उससे खराब है. पाकिस्तानी टीम का नेट रनरेट -0.403 है, जबकि यूएसए का नेट रनरेट +0.787 है. अब पाकिस्तान यदि नामीबिया से हारता है तो उसके 4 ही अंक होंगे. ऐसे में  यूएसए बेहतर नेट रनरेट के चलते सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर सकता है. यदि नामिबिया के खिलाफ मुकाबला धुलता है, तो पाकिस्तानी टीम 5 अंकों के साथ सुपर-8 में जाएगी.  उधर नीदरलैंड्स भी सुपर-8 की रेस से पूरी तरह बाहर नहीं हुआ है, लेकिन उसे अपने आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम पर बहुत बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रनरेट यूएसए से अच्छा हो जाए. साथ ही उसे दुआ करनी होगी कि नामीबियाई टीम पाकिस्तान को हरा दे. नीदरलैंड्स के 3 मैचों से 2 अंक हैं और उसका नेट रनरेट -1.352 है. ग्रुप-ए में अब केवल दो मुकाबले बचे हैं. भारत-नीदरलैंड्स के बीच 18 फरवरी (बुधवार) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला होना है. वहीं पाकिस्तान-नामीबिया का मुकाबला 18 तारीख को ही कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में होगा. ग्रुप A की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है भारत (IND)- 3 मैच, 3 जीत, 6 अंक, NRR +3.050 (सुपर 8 के लिए क्वालिफाई) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)-4 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR +0.787 पाकिस्तान (PAK)- 3 मैच, 2 जीत, 4 अंक, NRR -0.403 नीदरलैंड्स (NED)- 3 मैच, 1 जीत, 2 अंक नामीबिया (NAM)- 3 मैच, 0 जीत, 0 अंक, NRR -2.443 (बाहर) भारत के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. हार्दिक पंड्या ने साहिबजादा फरहान को डक पर आउट किया, जबकि जसप्रीत बुमराह ने एक ही ओवर में सैम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को पवेलियन भेज दिया. इसके बाद बाबर आजम भी जल्दी आउट हो गए और टीम दबाव से उबर नहीं सकी. इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 7 विकेट पर 175 रन बनाए थे. सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 77 रन की शानदार पारी खेली और मैच का रुख तय कर दिया. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. देखा जाए तो टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की पाकिस्तान पर 9 मैचों में ये 8वीं जीत रही. यानी स्कोर अब भारत ने 8-1 कर दिया है.

घमंड टूटा, बहाने खत्म! PAK की हार से भड़के आफरीदी, दामाद शाहीन और बाबर पर उठाए सवाल

 नई दिल्ली/ इस्लामाबाद    भारतीय टीम के खिलाफ करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो में खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में 61 रनों से मिली शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी ने अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर खुलकर निशाना साधा है. आफरीदी ने अपने दामाद शाहीन आफरीदी को भी नहीं बख्शा.  शाहिद आफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब बार-बार नाकाम हो रहे वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन आफरीदी और शादाब खान को बेंच पर बैठाने की बात कही. शाहिद का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन बड़े मैचों में ये नाकाम हो जाते हैं. शाहिद आफरीदी ने समा टीवी पर कहा, 'अगर फैसला मुझे लेना हो तो मैं शाहीन, बाबर और शादाब तीनों को बैठा दूं. नए लड़कों को मौका दूं, उन पर भरोसा दिखाऊं. नामीबिया के खिलाफ मैच में युवाओं को खिलाकर आत्मविश्वास देना चाहिए. हम इतने अरसे से इन खिलाड़ियों को मौके देते आ रहे हैं. जहां उम्मीद रहती है कि वो इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर सीनियर खिलाड़ी डिलीवर नहीं कर रहे, तो बेंच पर बैठे जूनियर खिलाड़ियों को क्यों नहीं आजमाया जाए.'   मैदान पर शिकस्त के साथ PAK का घमंड भी हुआ चकनाचूर  टीम इंडिया ने एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को आसानी से पटखनी दे दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को ये भी बता दिया कि मैदान पर जवाब प्रदर्शन से दिया जाता है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया. लेकिन ये हार केवल पाकिस्तान के लिए एक मैच की हार तक सीमित नहीं है. बल्कि इस जीत से भारत ने पाकिस्तान की तमाम रणनीतियों, ड्रामेबाजी और प्लान की धज्जियां उड़ा दी.   दरअसल, इस मैच से पहले माहौल कुछ और था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और गृहमंत्री  मोहसिन नकवी की ओर से इस मैच का बायकॉट किया गया. पाकिस्तानी सरकार ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और बांग्लादेश को मोहरा बनाया. बीसीसीआई को बदनाम करने की नापाक साजिश रची. करीब दो हफ्ते तक पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी की. लगातार बयानबाजी की. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने पलटी मारी और मैच खेलने के लिए राजी हो गया.   इसके साथ ही पाकिस्तान ने उस्मान तारिक की मिस्ट्री स्पिन को लेकर भी बड़ा हाइप बनाया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर कहानी अलग निकली. नकवी ने अपनी ड्रामेबाजी के जरिए इस मैच को सियासी संग्राम बनाया. कई देशों को साधने की कोशिश की. लेकिन नकवी की एक न चली और आखिरकार मेदान पर जब पाकिस्तान भारत के सामने आया तो हर बार की तरह एक बार फिर उसे धूल चाटनी पड़ी. सूर्या की कप्तानी, भारत की समझदारी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने मैच को शांत दिमाग से संभाला. शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जल्दबाजी नहीं की. जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया. जिस उस्मान तारिक को लेकर इतनी चर्चा थी, वह असर छोड़ने में नाकाम रहे. भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें संभलकर खेला और कोई बड़ा मौका नहीं दिया. उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी भारत के खिलाफ बेअसर साबित हुई. गेंदबाजी में भी भारत भारी जब पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. पावरप्ले में विकेट गिरे और पाकिस्तान संभल नहीं सका. बड़े शॉट खेलने की कोशिश में बल्लेबाज लगातार आउट होते गए. भारत ने दिखाया कि बड़े मैच सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि संयम और रणनीति से जीते जाते हैं. पाकिस्तान की तरफ से बनाए गए माइंडगेम मैदान पर टिक नहीं सके. बयान बनाम प्रदर्शन मैच से पहले जो शोर था, वह मैदान पर शांत हो गया. न तो बायकॉट की चर्चा काम आई और न ही मिस्ट्री स्पिन का दांव. भारत ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव में खेलने का अनुभव और मैच की समझ ही असली ताकत है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली, जबकि पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई. भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, लेकिन इस बार संदेश साफ था-ड्रामा नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है. शाहीन की जमकर हुई धुनाई, बाबर-शादाब फेल भारत के खिलाफ मुकाबले में शाहीन आफरीदी सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 31 रन लुटाए. इनिंग्स के आखिरी ओवर में शाहीन ने 16 रन खर्च किए, जिससे भारत को 170 प्लस स्कोर बनाने का मौका मिला. बता दें कि शाहीन का निकाह 3 फरवरी 2023 को पूर्व ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बेटी अंशा से हुआ था. शादाब खान का भी दिन खराब रहा. गेंदबाजी में एक ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान बाबर आजम भी टीम को संभालने में नाकाम रहे. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा साबित किया. इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है. भारत की जीत के हीरो 'प्लेयर ऑफ द मैच' ईशान किशन रहे, जिन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की तूफानी पारी खेली. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 114 रनों पर समेट दिया. इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सीनियर खिलाड़ियों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. शाहिद आफरीदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है…  

IND vs PAK से पहले रणनीति तैयार, पाकिस्तान बदल सकता है अपनी प्लेइंग XI

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ''टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। '' उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ''माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। '' उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस 'हाई-प्रोफाइल' मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।