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जयपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, 400 वाहनों के कटे चालान

जयपुर. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर राजधानी जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर के सभी थाना इलाकों में दो चरणों में आकस्मिक नाकाबंदी की गई, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर पहली आकस्मिक नाकाबंदी दोपहर 3:30 से शाम 5:30 बजे तक की गई, जबकि दूसरी रात 8:00 से 9:00 बजे के बीच हुई। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई और चालकों के दस्तावेज की गहन जांच की गई। कार्रवाई में सर्वाधिक जब्ती एसयूवी की हुई है। आंकड़ों में कार्रवाई का लेखा-जोखा 17 वाहन शराब पीकर वाहन चलाने पर जब्त किए गए 401 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अनदेखी पर किए गए 196 वाहनों को बिना वैध दस्तावेज और नियमों के गंभीर उल्लंघन पर जब्त किया गया 6 अन्य संदिग्ध मामलों में भी कार्रवाई की गई 250 चालान और जब्ती की कार्रवाई यातायात पुलिस ने की सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। इस तरह की आकस्मिक नाकाबंदी आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। देर रात तक चली इस कार्रवाई से अराजक तत्वों में भय का माहौल देखा गया। आकस्मिक नाकाबंदी की गई – यातायात नियमों की पालना और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आकस्मिक नाकाबंदी की गई। नियमों की घोर अवहेलना करने पर वाहन जब्त किए गए। – राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर, जयपुर

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की अवैध शस्त्रों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई,  5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्यवाही कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मय मैगजीन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाही उप पुलिस अधीक्षक STF इंदौर श्री राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमों द्वारा की गई। इनमें प्रथम टीम में इंस्पेक्टर श्री रमेश चौहान, प्र.आर. भूपेन्द्र गुप्ता एवं आर. विवेक द्विवेदी तथा द्वितीय टीम में प्र.आर. आदर्श दीक्षित, आर. देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे। STF को प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ हेतु दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। विधिवत तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें एवं मैगजीन बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन के रहना बताया। दोनों आरो‍पी किसी भी प्रकार का वैध शस्त्र लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है।  

मध्य प्रदेश में 26 जिलों में सर्च ऑपरेशन, पुलिस ने 3278 बांग्लादेशी संदिग्धों को चिह्नित किया

भोपाल:  मध्य प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा बड़ा अभियान छेड़ दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य के 26 जिलों में चलाए जा रहे इस विशेष सर्च ऑपरेशन में अब तक 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। खुफिया इनपुट और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अवैध पाए गए 31 घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। धार बना कार्रवाई का केंद्र इस विशेष अभियान में सबसे बड़ी सफलता धार जिले में मिली है, जहां से सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया। इसके अलावा ग्वालियर से 10, जबलपुर से 3 और भोपाल-इंदौर जैसे महानगरों से भी अवैध नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। वर्तमान में चिह्नित किए गए अन्य संदिग्धों की वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है, जिसके बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैतूल में शरणार्थियों का बड़ा डेरा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 5 जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। इनमें अकेले बैतूल जिले में 5,669 परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा पन्ना, मंदसौर, इंदौर और देवास में भी बड़ी संख्या में शरणार्थी सदस्य रह रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर हाई अलर्ट 26 जनवरी से पहले आतंकी साजिशों की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी संदिग्ध तत्व राज्य की सुरक्षा में सेंध न लगा पाए। फर्जी पहचान पत्र बनाकर छिपे बैठे लोगों की धरपकड़ के लिए अब प्रदेशव्यापी चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। आकाश सिकरवार

स्टेट टाइगर सेल की बैठक में वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए साझा की जाएंगी जानकारी

 भोपाल  वन्यजीव अपराध पर सख्ती के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। स्टेट टाइगर सेल की तीन साल बाद हुई बैठक में तय किया गया कि अपराधियों को पकड़ने, मामलों के त्वरित निराकरण और डिजिटल निगरानी को मजबूत करने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। बैठक में तय हुआ कि वन्यजीव अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न विभाग आपस में सूचनाएं साझा करेंगे। हॉट स्पॉट की जानकारी वन विभाग पुलिस को देगा, ताकि त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और वन विभाग के स्वान दस्ते की संयुक्त गश्त भी शुरू की जाएगी। न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने पर जोर न्यायालय में लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके शीघ्र निपटारे के प्रयास किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आरोपितों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, आईटी एक्ट और बीएएनएस के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए भी सभी एजेंसियां सहयोग करेंगी। संयुक्त प्रशिक्षण और पुनर्गठन वन अमले की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य, संभागीय और जिला स्तर पर स्टेट टाइगर सेल को प्रभावी बनाने और पुनर्गठन के लिए राजस्व विभाग को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। डिजिटल निगरानी और पर्यटन ठगी पर कार्रवाई वन्यजीव से जुड़े मामलों में डिजिटल निगरानी बढ़ाने, ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ी ठगी रोकने और टाइगर रिजर्व में पारदर्शिता लाने पर चर्चा हुई। सभी एजेंसियां अपना खुफिया तंत्र मजबूत करेंगी। बैठक में शामिल एजेंसियां यह बैठक विशेष पुलिस महानिदेशक एसटीएफ पंकज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में वन भवन में हुई। इसमें वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, साइबर पुलिस, डीआरआई, सीबीआई, कस्टम, इंटेलिजेंस ब्यूरो, एनटीसीए, स्टेट फॉरेंसिक साइंस, ईडी सहित कई एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।

20 लड़कियों और एक लड़के की अजीब घटना, मेरठ में मांगी गई लोकेशन, मामला सनसनीखेज

 मेरठ मेरठ शहर में अनधिकृत रूप से चल रहे स्पा सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और एक साथ की गई कार्रवाई में ऐसा सच उजागर किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. बाहरी तौर पर मसाज और रिलैक्सेशन के नाम पर चल रहे इन स्पा सेंटरों के भीतर क्या हो रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस की छापेमारी में चार स्पा सेंटरों से 20 लड़कियों के साथ एक युवक को हिरासत में लिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं कि मेरठ के विभिन्न इलाकों में कुछ स्पा सेंटर बिना किसी वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं. इन सेंटरों की आड़ में अनैतिक गतिविधियां कराए जाने की भी आशंका जताई जा रही थी. इन्हीं सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने योजना बनाकर एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की. ऑनलाइन बुकिंग और ‘लोकेशन शेयर’ का खेल जांच में सामने आया कि इन स्पा सेंटरों की बुकिंग पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से की जाती थी. ग्राहक सीधे सेंटर पर नहीं पहुंचते थे, बल्कि पहले संपर्क किया जाता था. इसके बाद उनसे लोकेशन मांगी जाती थी या उन्हें सेंटर की लोकेशन भेजी जाती थी. यही वजह रही कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में ग्राहक को सीधे सेंटर पर न बुलाकर पहले बातचीत की जाती थी और ‘सर्विस’ से जुड़ी जानकारी दी जाती थी. इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होती थी. इस तरीके ने न सिर्फ गोपनीयता बनाए रखी, बल्कि कानून से बचने का रास्ता भी तैयार किया. एक साथ चार जगह छापेमारी मंगलवार को पुलिस ने चार अलग-अलग टीमों का गठन किया और एक तय समय पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों पर छापा मारा. अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मौके से 20 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया. सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. छापेमारी के दौरान पुलिस को स्पा सेंटरों से रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज बताई जा रही है. इसके अलावा कई मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं. प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुकिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है. मोबाइल से मिले सबूत  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कुछ मोबाइल फोन में ऐसे फोटो और चैट मिले हैं, जो स्पा सेंटरों में हो रही गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन स्पा सेंटरों को कौन संचालित कर रहा था, इनके पीछे कौन लोग थे और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों के खिलाफ अनधिकृत रूप से संचालन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. सिर्फ एक युवक, 20 लड़कियां कई सवाल छापेमारी में 20 युवतियों के साथ केवल एक युवक का होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है. जांच अधिकारी इसे महज संयोग नहीं मान रहे हैं. माना जा रहा है कि युवतियों को अलग-अलग स्थानों से यहां लाया गया था और उनका इस्तेमाल स्पा सेंटर की ‘सर्विस’ के नाम पर किया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन युवतियों को किसी दबाव या लालच में यहां काम करने के लिए मजबूर किया गया था या वे स्वयं इसमें शामिल थीं. इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के मानव तस्करी या जबरन काम कराने के पहलू को नजरअंदाज न किया जाए. लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम ने बताया कि पुलिस को बीते कई दिनों से इन स्पा सेंटरों को लेकर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं. कुछ स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि इन जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां होती हैं और देर रात तक आवाजाही बनी रहती है. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि फिलहाल हिरासत में ली गई सभी युवतियों और युवक से पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि किसी बड़े नेटवर्क या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. पूरे नेटवर्क की जांच जारी पुलिस फिलहाल पूरे मामले को एक नेटवर्क के तौर पर देख रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन बुकिंग का संचालन कौन कर रहा था, भुगतान कैसे होता था और क्या इसमें किसी तीसरे व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी. डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में ऐसे अन्य स्पा सेंटरों पर भी नजर रखी जाएगी, जो बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं. फिलहाल चारों स्पा सेंटरों को सील करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी. पुलिस का दावा है कि शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

मध्यप्रदेश पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चोरी, डकैती और नकबजनी के मामलों में किए गए बड़े खुलासे

मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं विगत चार दिनों में लगभग 89 लाख40हजार रूपए से अधिककी संपत्ति जब्‍त भोपाल   मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। विदिशा जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है। छतरपुर जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  इंदौर शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  देवास जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।  उज्जैन पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।  सीहोर जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।  मुरैना जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।   मंडला थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।  

नोएडा से बड़ी चोरी का खुलासा: नेपाल ले जाने से पहले पुलिस ने 821 मोबाइल फोन बरामद किए

नोएडा दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा पुलिस ने अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. थाना फेज-2 पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ते हुए उनके कब्जे से 821 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह झारखंड से दो-तीन महीने के लिए दिल्ली-एनसीआर आता था. यहां किराये पर कमरे लेकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहता और मौके का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करता था. पकड़े जाने से बचने के लिए गिरोह के सदस्य चोरी के तुरंत बाद मोबाइल एक-दूसरे को पास कर देते थे. जब चोरी किए गए मोबाइलों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी, तो उन्हें बैग और बोरियों में भरकर ट्रेन और बस के जरिए झारखंड और बिहार ले जाया जाता था. नेपाल में भी करते थे सप्लाई इसके बाद इन मोबाइलों को नेपाल बॉर्डर के इलाकों में बेहद सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था. सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ा गया है, जिनमें छह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 821 मोबाइल फोन की बरामदगी नोएडा पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है. फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करने और गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.

सतना पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 56 पुलिसकर्मियों के तबादले

सतना  सतना जिले की पुलिस व्यवस्था में कसावट लाने के लिए बड़ा फेरबदल किया गया है। एसपी हंसराज ने जिले के थानों, चौकियों और शाखाओं में पदस्थ 56 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। तबादला सूची में एसआई, एएसआइ, हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल है। कई पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन, यातायात शाखा, महिला थाना, अजाक, कंट्रोल रूम, साइबर सेल एवं थानों में नई पदस्थापना दी गई है। 30 पुलिसकर्मियों को थाने भेजा गया कई कर्मचारियों को प्रशासनिक शाखाओं से हटाकर मैदानी थानों में भेजा गया है। जबकि लंबे समय से थानों में पदस्थ कर्मियों को पुलिस लाइन और अन्य शाखाओं में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस लाइन से 30 कर्मचारियों को थानों में भेजा गया है। इसमें उन आठ पुलिसकर्मी को भी शामिल किया गया है। जो कि पूर्व में शिकायत के आधार पर थानों से लाइन अटैक किए गए थे। चार महीने हुआ बड़ा बदलाव जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद दोबारा थाना में पदस्थ कर दिया गया। सतना पुलिस की कमान संभालने के चार माह बाद एसपी ने बड़ा बदलाव किया है। आगामी दिनों में जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरीक्षक स्तर में तबादले हो सकते हैं। एसआई नेहा ठाकुर को पुलिस लाइन से सिविल लाइन थाना, एसआइ मकरध्वज पांडेय को महिला थाना से डीएसपी अजाक कार्यालय, एएसआइ रामकेश सिंह अजाक से मझगवां, एएसआइ कल्लू रावत को पुलिस लाइन से कोलगवां, एएसआइ प्रदीप लढ़िया को पुलिस लाइन से यातायात, एएसआइ रावेंद्र मिश्रा को अजाक से रामपुर बाघेलान व रामायण सिंह को पुलिस लाइन से उचेहरा थाना भेजा गया है। इनके अलावा 49 पुलिसकर्मियों के नाम सूची में हैं।

राजू की तलाश में 6 राज्यों की पुलिस जुटी, देशभर में डेरे को संरक्षण देने वालों का डेटा तैयार

भोपाल  भोपाल के  ईरानी डेरा अमन कॉलोनी में फिलहाल 6 राज्यों की पुलिस ने डेरा जमा रखा है. क्योंकि पुलिस को कुख्यात राजू ईरानी और उसके गिरोह के पांच सदस्यों की तलाश है. पुलिस देशभर में डेरे को संरक्षण देने वालों का डेटा भी तैयार करने में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए. डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग भी जारी है. बता दें कि 2014 में 39 घरों में आगजनी के बाद यह ईरानी डेरा चर्चा में आया था. पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है. क्योंकि राजू ईरानी पर कई केस चल रहे हैं.  6 राज्यों में नेटवर्क  पुलिस ने बताया कि ईरानी गैंग के सदस्यों का नेटवर्क दूसरे राज्यों में भी फैला है. किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद वह मुंबई, बैंगलुरू, दिल्ली, छत्तीसगढ़ के अलावा एमपी के ही देवास, नर्मदापुरम जैसे जिलों में फरारी काटते हैं, जबकि दूसरे राज्यों से उनके रिश्तेदार यहां आकर फरारी काटते हैं, ऐसे में सभी राज्यों की पुलिस अब तेजी से इस गिरोह के खिलाफ अभियान चला रही है. भोपाल नगर निगम की तरफ से भी बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा की तरफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है. माना जा रहा है कि यहां जो नियम विरुद्ध मकान बने हैं, उन पर जल्द ही बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिल सकती है.  ईरानी डेरे के अपराध के तार 12 राज्यों तक अपराध का अड्डा बना चुका ईरानी डेरा पर पुलिस के साथ ही जिला प्रशासन की भी नजर टेढ़ी हो चुकी है. ईरानी डेरा की जमीन की जांच शुरू हो गई है. भोपाल में 6 राज्यों की पुलिस डटी हुई है. ईरानी गिरोह का नेटवर्क सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है. गिरोह के तार देश के 12 राज्यों से जुड़े होना बताए जा रहे हैं. कई राज्यों की पुलिस टीमें मिलकर गिरोह के नेटवर्क, फरार आरोपियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं. डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग जारी अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे के कागजात की छानबीन प्रशासन की टीम कर रही है। इसी के साथ नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा भी डेरे पर बने मकानों की जांच कर रही है। नियम विरुद्ध बने मकानों पर जल्द प्रशासन का बुल्डोजर चल सकता है। वहीं पुलिस को राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर की तलाश है। यह सभी पुलिस की कार्रवाई के बाद से फरार हैं। वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भोपाल पुलिस ने हाल में गिरफ्तार किए गए ईरानी गैंग के सदस्यों से गहन पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। इनमें यह सामने आया है कि गैंग के सदस्य चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों के बाद नर्मदापुरम, देवास, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे शहरों में छिपते रहे हैं। इसी तरह, अन्य राज्यों में सक्रिय उनके रिश्तेदार और सहयोगी वारदातों के बाद भोपाल की अमन कॉलोनी में शरण लेते थे। पुलिस अब उन सभी लोगों का डेटा तैयार कर रही है, जो अलग-अलग राज्यों में ईरानी डेरे को संरक्षण देते आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार है जब इस नेटवर्क को राज्य सीमा से बाहर निकलकर तोड़ने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज हो गई है। अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे की जमीन के कागजातों की सघन जांच की जा रही है। नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा ने भी नियम विरुद्ध बने मकानों की पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अनियमित निर्माण पाए जाने पर जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी गैंग वारदातों के लिए महीनों तक अपने कबीले से दूर रहता था, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं। इस दौरान गिरोह के कुछ सदस्य सीधे अपराध करते थे, जबकि दो अन्य युवक केवल चोरी या लूट का माल सुरक्षित रूप से भोपाल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते थे। कई बार ये आरोपी लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। अमन कॉलोनी का ईरानी डेरा पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2014 में यहां शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें करीब 39 मकानों में आगजनी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। उसी घटना के बाद यह इलाका प्रदेशभर में चर्चा में आया था। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर जैसे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ भोपाल बल्कि देशभर में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ एक अहम कदम मानी जा रही है। इन अपराधियों की तलाश में पुलिस गिरोह का सरगना राजू ईरानी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. पुलिस को आशंका है कि वह शहर या राज्य छोड़कर फरारी काट रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. सादिक, गुलाम, राजू, हैदर मामू की भी तकनीकी सर्विलांस के साथही पुराने संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा की जमीन को लेकर राजस्व रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. ईरानी डेरे की जमीन की जांच प्रशासन का मानना है कि इस जमीन पर अवैध … Read more

पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए

अमृतसर में पाकिस्तान से जुड़े ड्रग गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार पाकिस्तान लिंक वाले ड्रग्स गिरोह पर अमृतसर पुलिस ने की कार्रवाई, सात आरोपी पकड़े गए अमृतसर: ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़, पाकिस्तान से संबंध होने पर सात आरोपी गिरफ्तार अमृतसर   पंजाब की अमृतसर पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भांडाफोड किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे लोगों से था। इस ऑपरेशन में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 4.75 किलो हेरोइन, 1 किलो मेथाम्फेटामाइन और एक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान से भारत में लाई जा रही थी और पंजाब में छोटे-छोटे ग्रुप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूट की जा रही थी। इन ग्रुप्स का संचालन सोशल मीडिया के जरिए होता था। इनके द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ चैटिंग या मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स का कारोबार करने के लिए भी किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह गिरोह और कहां-कहां तक फैला हुआ है और इससे कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। पंजाब पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स तस्करी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्य को ड्रग्स से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और पुलिस हर स्तर पर सतर्क है। आम लोगों से भी अपील है कि अगर किसी को किसी तरह की ड्रग्स या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पहले 28 दिसंबर को फाजिल्का में भी पंजाब पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस ने पांच किलो से ज्यादा हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था। यह ऑपरेशन फाजिल्का राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर किया गया। जांच में पता चला कि हेरोइन पाकिस्तान स्थित तस्करों ने ड्रोन के जरिए भेजी थी और इसे आगे पूरे राज्य में फैलाया जाना था। पुलिस की समय पर कार्रवाई की वजह से यह खेप पकड़ी गई और तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।