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नया साल 2026: बरेली पुलिस ने की चेतावनी, गड़बड़ी करने वालों को थाने में मनाना पड़ेगा स्वागत

    बरेली  बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने 31 दिसंबर 2025 की रात के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. पुलिस प्रशासन ने नए साल 2026 के आगमन पर शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु हुड़दंगियों, स्टंटबाजों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का खाका तैयार किया है. शहर के होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों को भी जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं. नियम तोड़ने वालों के वाहन सीज करने और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है. सड़क पर केक काटने या यातायात बाधित करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. सड़क पर केक काटा या स्टंट किया तो खैर नहीं नए साल के जश्न के दौरान अक्सर कुछ लोग सड़कों पर गाड़ियां रोककर नाच-गाना और तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं. एसएसपी ने साफ किया है कि बीच सड़क पर केक काटना, बाइक या कार से स्टंट करना और तेज रफ्तार से वाहन चलाना अपराध माना जाएगा. ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस अलर्ट मोड पर है. यदि जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई, तो पुलिस न सिर्फ वाहन जब्त करेगी, बल्कि आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगी. होटलों और आयोजकों के लिए कड़े निर्देश पुलिस ने शहर के तमाम होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को भी हिदायत दी है. एसएसपी ने बाइट के माध्यम से बताया कि आयोजकों को साफ निर्देश हैं कि वे नियमों के दायरे में रहकर ही सेलिब्रेशन कराएं. किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी कार्यक्रम में हुड़दंग की स्थिति बनती है, तो आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें. थाना अध्यक्षों के माध्यम से सभी प्रोग्राम ऑर्गेनाइजर्स को पहले ही सूचित करा दिया गया है. शांति और सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता बरेली पुलिस का उद्देश्य किसी की खुशियों में खलल डालना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा और शांति बनाए रखना है. एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार, लोग दूसरों को परेशान किए बिना या यातायात को बाधित किए बिना जश्न मनाएं. किसी भी व्यक्ति को कानून से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जोश में आकर की गई एक छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है और नए साल की पहली सुबह हवालात में देखनी पड़ सकती है.

नागदा में टीआई की बहादुरी, फंदे से लटके युवक को सीपीआर देकर बचाई जान, VIDEO; स्वस्थ होकर अस्पताल से निकला

नागदा  मध्य प्रदेश (MP) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) से इंसानियत और पुलिस (Police) की मुस्तैदी की एक दिल जीत लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने एक युवक के लिए ‘देवदूत’ बनकर उसकी जान बचाई, जिसे उसके परिवार ने मृत मान लिया था। गश्त के दौरान मिली सूचना घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी अपनी टीम के साथ मिर्ची बाजार क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति बदहवास हालत में दौड़ते हुए उनके पास पहुंचा और रोते हुए बताया कि उसके बेटे ने घर के अंदर फांसी लगा ली है। बंद दरवाजा तोड़कर युवक को फंदे से उतारा सूचना मिलते ही टीआई गवरी बिना एक पल गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तुरंत तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो युवक धैर्य यादव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। परिवार के सदस्य उसे देखते ही यह मान चुके थे कि धैर्य की मौत हो चुकी है और घर में कोहराम मच गया था। ट्रेनिंग आई काम: CPR से वापस लौटीं सांसें जहाँ परिवार हिम्मत हार चुका था, वहीं थाना प्रभारी ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने तुरंत युवक को फंदे से नीचे उतारा और उसकी नब्ज जांची। युवक की हालत गंभीर थी, जिसे देखते हुए टीआई गवरी ने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सीखी गई CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) तकनीक का इस्तेमाल किया। लगातार कुछ मिनटों तक सीने को पंप करने और जीवन रक्षक प्रयास करने के बाद, युवक के शरीर में हलचल हुई और उसकी सांसें वापस लौट आईं। यह देख परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। डॉक्टर बोले- सीपीआर से बची युवक की जान घटना नागदा में जनमेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास सोमवार रात करीब डेढ़ बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी युवक के पिता उनके पास पहुंचे थे। टीआई बिना देरी किए युवक के घर पहुंच गए। उन्होंने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाई गई सीपीआर तकनीक का उपयोग किया। युवक की सांसें लौटी तो अपने वाहन से उसे एमपी-13 अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तत्काल जांच कर उपचार शुरू किया और बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच गई। युवक की जान बचाने में नगर सुरक्षा समिति के राजेश मोरवाल ने भी पुलिस का सहयोग किया। अस्पताल में भर्ती, परिजनों ने जताया आभार सांसें लौटने के बाद पुलिस ने बिना देरी किए युवक को तुरंत रतलाम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका उपचार जारी है। टीआई अमृतलाल गवरी की इस तत्परता और सूझबूझ की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर आज साहब नहीं होते, तो हमने अपना बेटा खो दिया होता। क्या होता है CPR और क्यों है यह जरूरी? CPR एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है। यह मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है।

नए साल से पहले मध्यप्रदेश में मंदिरों की सुरक्षा चाक-चौबंद, DGP कैलाश मकवाना के आदेश

भोपाल नए साल के जश्न और हालिया सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए मध्यप्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और पहलगाम की घटना के मद्देनज़र प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्कता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि नए साल के अवसर पर मॉल, बाजार, होटल, रिसॉर्ट और पिकनिक स्पॉट पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। हुड़दंग, शांति भंग करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है। छेड़खानी, अभद्र व्यवहार और महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों, तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने स्पष्ट किया कि नए साल के दौरान प्रदेशभर में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखेगी, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क रहेगी।

भोपाल पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: ईरानी गैंग का गिरोह तोड़ा, दिल्ली तक फैली दहशत

भोपाल  राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक शहरों सहित दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरू सहित दर्जन भर सहित बड़े शहरों में अब तक सैकड़ों वारदात को अंजाम देने वाले भोपाल के ईरानी गैंग पर पुलिस ने छापा मारा है। देर रात भोपाल डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने एक साथ करोंद क्षेत्र में स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे में छापा मारा। छापेमारी काम्बिंग गश्त के तहत की गई।  पुलिस की इस कार्रवाई में 24 पुरुष आरोपी और 10 महिला अपराधी गिरफ्तार की गई हैं। एक साथ 34 ईरानी बदमाशों के खिलाफ भोपाल पुलिस की यह कार्रवाई वर्षों बाद की गई है। कार्रवाई का विरोध करने के लिए अपराधियों ने महिलाओं और बच्चों को आगे किया, लेकिन पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ गई थी, इसलिए टीम में भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।    ईरानी डेरा … भोपाल में स्थित यह वह जगह है, जहां पुलिस भी जाने से डरती है। पुलिस इस इलाके में घुसने के लिए पूरी पलटन लेकर जाती है। रविवार अहले सुबह जब, पुलिस की टीम पहुंची तो हमला हो गया। हालांकि पुलिस की टीम डरी नहीं है और करीब 32 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इस डेरे में रहने वाले लोगों का आतंक दिल्ली से मुंबई तक है। देश के अलग-अलग शहरों इनका आतंक रहा है। पीट गई भोपाल पुलिस दरअसल, ईरानी डेरे में रहने वाले कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए गई थी। 40 गाड़ियों में करीब 150 जवानों की टीम गई थी। पुलिस की टीम जब ईरानी डेरे में घुसी तो उस समय भोपाल का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस था। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही डेरे की महिलाएं जाग गईं और पुलिस पर हमला बोल दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए, उनसे डरी नहीं। डेरे से करीब 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 महिलाएं भी शामिल हैं। दिल्ली से मुंबई तक है इनका खौफ ईरानी डेरे में रहने वाले अधिकांश लोग अपराध में शामिल रहते हैं। दिल्ली से लेकर मुंबई तक की पुलिस को इनकी तलाश है। अलग-अलग शहरों में जाकर ये लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। डेरे में कुछ नामी बदमाश भी रहते हैं। समय के हिसाब से अलग-अलग रूप धारण कर ईरानी डेरे के लोग ठगी भी करते हैं। सीबीआई अफसर से लेकर पत्रकार तक बन जाते वहीं, ईरानी डेरे के लोगों को फर्जी अफसर बनने में भी महारत हासिल है। ये लोग सीबीआई के नकली अफसर बनकर भी लोगों को डराते हैं। उनसे रुपए लूट लेते हैं। यही नहीं, लोगों को डराने के लिए डेरे के लोग पत्रकार भी बनते थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से चैनल की आईडी भी मिली है। पत्रकार बनकर ये पुलिस और लोगों को चकमा देते थे। हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने का था लक्ष्य भोपाल पुलिस मुख्य रूप से एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाकर पहुंची थी। पुलिस ने छापेमारी में आरोपियों के ठिकानों से एक नकली पिस्तौल, 21 दोपहिया वाहन और 51 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।  हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी पुलिस डीपीसी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि नकली पुलिस बनकर अमन कॉलोनी के कुछ बदमाशों द्वारा भोपाल के ग्रामीण क्षेत्र सहित आसपास के जिलों में कुछ लोगों को ठगने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पकड़ा गया गिरोह मुख्य रूप से बड़े शहरों में बड़ी चोरियां, भोपाल और आसपास के जिलों में मोबाइल और चेन लूट की वारदातों को अंजाम देता है। रविवार सुबह हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने गई थी। डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने घरों की तलाशी लेनी चाही तो महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। वे पुलिसकर्मियों के सामने खड़ी हो गईं। जल्द ही पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल होकर हंगामा करने लगे। महिला पुलिसकर्मियों सहित जवानों से खींचातानी करने लगे। तलाशी अभियान के दौरान बदमाश काला ईरानी के घर से एक नकली पिस्तौल मिली। काला ईरानी नकली पुलिस बनकर कई लोगों को ठग चुका है। हालांकि ठगी का शिकार अधिकांश लोगों ने प्रकरण दर्ज नहीं कराया।  दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को पकड़ा था इसी साल जुलाई महीने में दिल्ली पुलिस ने अमन कॉलोनी निवासी ईरानी गैंग के दो सदस्यों- मुर्तजा अली उर्फ दमार (38) और सिराज अली (40) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को उनके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इंद्रप्रस्थ पार्क के पास रात में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। वे कई मामलों में फरार चल रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ नया केस दर्ज किया था। अमेरिका और ईरान की करेंसी मिली अपराधी इतने खूंखार हैं कि इन्हें किसी दूसरे शहर में भी लूट करने से डर नहीं लगता है। छापेमारी के दौरान इनके घरों से अमेरिकी और ईरानी की करेंसी मिली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विदेशी करेंसी लूट के ही हैं। विदेशों में बेचते हैं लूट के सामान जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ईराने डेरे का नेटवर्क विदेशों में भी फैला है। ये लोग लूट के फोन विदेशों में भी बेचते थे। जांच में यह बात सामने आई है कि लूट के मोबाइल दुबई में बेचते थे। लूट के फोन पहले मुंबई भेजते थे। इसके बाद वहां से दुबई जाता था। अपराधियों का घर है ईरानी डेरा दरअसल, ईरानी डेरा भोपाल के बाहरी इलाके में बसा हुआ है। इनकी बस्ती इतनी सघन है कि बाहरी लोगों का घुसना मुश्किल है। इसी का फायदा उठाकर अपराधी यहां शरण लेते हैं। इन अपराधियों के लिए महिलाएं शिल्ड का काम करती हैं। पुलिस जब आती है तो पहले महिलाओं से उनका सामना होता है। बताया जाता है कि देश भर से अपराध करने के बाद अपराधी यहीं शरण लेने आते हैं। भोपाल के निशातपुरा और … Read more

महाराष्ट्र के शोलापुर से 53 मजदूरों को आज़ादी दिलाई, प्रतापगढ़ पुलिस ने किया रेस्क्यू

प्रतापगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी मानवीय कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में बंधक बनाए गए 53 आदिवासी मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करना है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन में थाना घंटाली के उप निरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 13 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं, जो जिले के विभिन्न आदिवासी बहुल गांवों से संबंधित हैं। मजदूरी का झांसा देकर बनाया गया बंधक : दिनांक 22 दिसंबर 2025 को जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना प्राप्त हुई कि प्रतापगढ़ जिले के थाना घंटाली, पीपलखूंट एवं पारसोला क्षेत्र के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला, कुमारी सहित अन्य गांवों के महिला-पुरुषों को मजदूरी दिलाने के नाम पर महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र के जाबुड़ गांव ले जाया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दलाल सीताराम पाटिल (महाराष्ट्र निवासी) एवं खान निवासी अलवर (राजस्थान) ने स्थानीय व्यक्ति की मदद से मजदूरों को इंदौर में ₹500 प्रतिदिन मजदूरी, मुफ्त भोजन व आवास का झांसा दिया। इसके बाद लगभग 100 मजदूरों को शोलापुर ले जाकर अलग-अलग जमींदारों के यहां गन्ने के खेतों में काम पर लगा दिया गया। दलालों द्वारा लाखों की रकम हड़पी : जांच में यह भी सामने आया कि दलाल खान ने जमींदारों से मजदूरों की मजदूरी के रूप में करीब 9.50 लाख रुपये अग्रिम लेकर फरार हो गया, वहीं दलाल सीताराम पाटिल ने भी लगभग 18 लाख रुपये एडवांस के रूप में प्राप्त किए। इसके बाद मजदूरों को न तो मजदूरी दी गई और न ही वापस जाने दिया गया। अत्याचार और अमानवीय व्यवहार : मजदूरों द्वारा मजदूरी मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जबरन खेतों के फार्म हाउसों और बाड़ों में बंद कर बंधक बनाकर रखा गया। महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी सामने आई है। कई मजदूर मौका पाकर किसी तरह वहां से भाग निकले, जबकि 53 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया था।पुलिस की तत्परता से रेस्क्यू : सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उप निरीक्षक श्री सोहनलाल मय टीम मजदूरों के परिजनों के साथ महाराष्ट्र रवाना हुए। कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से सभी 53 मजदूरों को सकुशल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान मजदूरों के पास न भोजन था और न ही वापसी का किराया। ऐसे में थाना घंटाली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से भोजन, यात्रा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर सभी मजदूरों को सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया। मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी : इस प्रकरण में थाना घंटाली पर प्रकरण संख्या 128/2025 के तहत आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। सभी रेस्क्यू किए गए मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जिला पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल 53 परिवारों को राहत मिली है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि प्रतापगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है।

3 साल की बच्ची की मासूम शिकायत ने जीता दिल, थाने पहुंचते ही पुलिस हरकत में आई

शाजापुर जिले के शुजालपुर में एक रोचक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में पढ़ने वाली एक 3 साल की मासूम छात्रा चेरी का स्कूल बैग गुम हो गया. मासूम बच्ची इसकी शिकायत लेकर अपने पिता के साथ पुलिस तक पहुंच गई और पुलिस को अपनी परेशानी बताई. बच्ची ने कहा कि उसका स्कूल बैग गुम हो गया है और स्कूल बैग ना होने से मैं अपना होमवर्क कैसे करूंगी ? नन्ही चेरी के आंसू और स्कूल की नोट बुक्स, बॉटल के लिए उसका लगाव देखकर पुलिस तुरंत हरकत में आई और स्कूल बैग की तलाश शुरू कर दी. पूछताछ में पता चला कि मासूम छात्रा अपने परिजनों के साथ ऑटो रिक्शा में घर लौट रही थी. इसी दौरान स्कूल बैग ऑटो रिक्शा में छूट गया. इसके लिए पुलिस ने शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे तलाशे. इसी दौरान शहर के पुलिस चौकी चौराहा से बच्ची और उसके परिजनों को सवारी ऑटो में बैठते हुए सीसीटीवी कैमरा फुटेज पुलिस को मिल गया. बस फिर क्या था पुलिस ने उस ऑटो की तलाश शुरू कर दी. ऐसे मिला मासूम का बैग वीडियो के आधार पर ऑटो को पुलिस सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र परस्ते, यातायात पुलिस प्रधान आरक्षक सुनील ने ढूंढने कोशिश की, लेकिन वाहन पर नंबर नहीं होने से दिक्कत आई. हालांकि वाहन के आगे लिखे नाम और ऊपर लगे लोहे के स्टैंड से आखिरकार खासी मशक्कत के बाद पुलिस इस ऑटो तक पहुंच ही गई. फिर ऑटो ड्राइवर परवेज खान से शुजालपुर सिटी ने स्कूल बैग जब्त किया. मासूम छात्रा का स्कूल बैग मिलते ही उसे एसडीओपी कार्यालय शुजालपुर पहुंचाया गया, जहां शुजालपुर एसडीओपी निमिष देशमुख ने मासूम छात्रा और उसके परिवार वालों को बुलाकर उसका स्कूल बैग सौंपा. पुलिस अंकल को थैंक्स अपना स्कूल बैग पाकर मासूम बेहद खुश नजर आई और उसने कहा कि बैग गुम होने से वह टेंशन में थी कि अब होमवर्क कैसे करेगी. सब वर्कबुक भी बेग में थी. मैंने पुलिस अंकल को बताया और उन्होंने बैग लाकर दिया, पुलिस अंकल को थैंक्स. यातायात पुलिस ने बच्ची के कंधों पर बेग टांगकर उसे घर रवाना किया, परिवार के आग्रह पर पुलिस ने ऑटो चालक को भी समझाइश देकर छोड़ दिया कि आगे से कोई भी बैग, सामान यात्री भूले तो तत्काल पुलिस को सौंपे. क्या बोले अधिकारी? एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची का अपने स्कूल बैग के लिए लगाव देखकर पुलिस ने प्रयास किया और कैमरे फुटेज की मदद से बैग सौंपा. साथ ही उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि अगर किसी का कोई सामान वाहन में छूट जाए तो उस सामान को पुलिस को सौंपकर सामाजिक जिम्मेदारी निर्वाह करना चाहिए, बच्ची के दादा, पिता ने भी पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया.

एसपी के आदेश पर हरियाणा में तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित, 6 लाख रुपये बरामद

सिरसा  एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान की टीम द्वारा सिरसा की साइबर टीम से छह लाख रुपये बरामदगी मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने तीनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस मामले में पूरी तरह से जांच में राजस्थान की एसीबी की टीम जुटी हुई है। बता दें कि रविवार देर रात को मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया था। उसके बाद सुबह एसपी को मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में पीएसओ  सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र व कांस्टेबल जगजीत सिंह शामिल हैं।  यह है मामला  राजस्थान में जांच के दोरान हरियाणा पुलिस की दो अलग-अलग टीमों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप रविवार को सामने आए थे।  इस मामले में सिरसा साइबर क्राइम टीम की गाड़ी से छह लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे साइबर क्राइम के नाम पर वसूली रिश्वत बताया जा रहा है।  जानकारी के मुताबिक राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को  सूचना मिली थी कि कुछ पुलिस टीमें राजस्थान में साइबर फ्रॉड के मामलों में धमकाकर पैसे वसूल रही है। जब सिरसा थाने की पुलिस राजसमंद से लौट रही थी तभी कचामन सिटी थाना क्षेत्र में उन्हें रूकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान गाड़ी से छह लाख रुपये की बरामदगी हुई। इस मामले में टीम द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर एसीबी की टीम मामले की जांच में जुट गई।

मध्यप्रदेश पुलिस की मानवीय पहल, विगत एक सप्ताह में 19 बिछड़े बच्चों को सकुशल परिजनों से मिलाया

पुलिस की सक्रियता से मासूमों के चेहरों पर लौटी मुस्कान भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व बिछड़े बच्चों की दस्तयाबी के विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विगत एक सप्ताह में पुलिस ने प्रदेश के मंदसौर, भोपाल, छतरपुर, उज्जैन, झाबुआ और कटनी जिलों से कुल 19बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया है। पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। मंदसौर पुलिस की बड़ी सफलता जिले के जीवागंज क्षेत्र से 14 दिसंबर को एक वर्षीय बालक के अपहरण की घटना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 48 घंटों में बालक को राजस्थान के नागौर जिले (मेड़ता शहर) से सकुशल बरामद किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। भोपाल में चार घंटे में मिली नाबालिग राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने विशेष टीम गठित कर मात्र चार घंटे में ढूंढ निकाला। सार्वजनिक स्थलों पर सघन तलाशी अभियान के बाद बालिका को हर्षवर्धन नगर पार्क से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। छतरपुर मेले में बिछड़े 13 बच्चों को मिलाया जिले के जुझारनगर थाना क्षेत्र में वैदेही बाबा मंदिर परिसर में आयोजित विशालमेले के दौरान 13 बालक-बालिकाएं अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। पुलिस सहायताकेंद्र की सक्रिय टीम ने लगातार गश्त और लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट के माध्यम से सभी बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता से मिलाया। अन्य जिलों में भी दिखाई सजगता उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस ने रात के समय लापता हुए सात वर्षीय बालक को डेढ़ घंटे की कार्रवाई में सुरक्षित बरामद किया। झाबुआ जिले के थांदला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नवापाड़ा से लापता दो मासूम बच्चों को त्वरित समन्वय से मछली माता रोड से खोज निकाला। इसी प्रकार कटनी जिले में एन.के.जे. थाना पुलिस ने आधुनिक CCTV सर्विलांस के जरिए छह घंटे में गुमशुदा बालक का पता लगाकर उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित समन्वय के साथ कार्य कर रही है। अपहरण जैसी संगीन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और बिछड़े बच्चों को घर तक पहुँचाना पुलिस की सजगता और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों के खिलाफ कड़ा अभियान, 10 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार विगत दस दिनों में 15 हथियार बरामद, 10 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पिछले दस दिनों में प्रदेश में उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की गई हैं। इस दौरान बड़वानी, सागर, इंदौर, शिवपुरी, छतरपुर और मुरैना जिलों में की गई कार्रवाईयों में कुल 15 अवैध हथियार (देशी पिस्टल, अधिया, कट्टे) बरामद किए गए हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्यवाही बड़वानी (जुलवानिया पुलिस) मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सीताराम सिकलीगर को तीन देशी पिस्टल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के विरूद्ध आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। सागर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में अवैध हथियार ले जा रहे आरोपी को दबोचा। पुलिस ने मौके से 02 पिस्टल, 04 जिंदा राउंड, 02 चाकू और एक मारुति वैन जप्त की। इंदौर (राऊ पुलिस की बड़ी सफलता) थाना राऊ पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार कर चार देशी पिस्टल व दो मैगजीन बरामद कीं। शिवपुरी (थाना करैरा एवं गोवर्धन) थाना करैरा पुलिस ने एक आरोपी से 315 बोर देशी अधिया और एक कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। वहीं थाना गोवर्धन पुलिस ने भी अवैध हथियार रखने वाले आरोपी पर कार्रवाई करते हुए 315 बोर देशी कट्टा, दो जिंदा राउंड तथा एक मोटरसाइकिल जप्त की। छतरपुर (बड़ामलहरा, सटई, गौरिहार पुलिस) जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बड़ामलहरा पुलिस ने देशी पिस्टल एवं कारतूस के साथ एक आरोपी, थाना सटई पुलिस ने 315 बोर देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक आरोपी वहीं थाना गौरिहार पुलिस ने आदतन अपराधी उदयभान से हथियार बरामद किए। उदयभान हत्या के प्रयास, लूट व अवैध हथियार के 17 अपराधों में लिप्त पाया गया है। मुरैना (थाना अंबाह) सोशल मीडिया पर अवैध हथियार प्रदर्शित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन और 18 राउंड बरामद किए गए। यह कार्रवाई डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सक्रिय, सक्षम और अपराध विरोधी रणनीति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।  

सागर में सड़क हादसे में मरे चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में दी गई अंतिम विदाई, हर आंख नम

मुरैना ड्यूटी के दौरान हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में बीडीडीएस टीम के चार जांबाज़ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आज पुलिस लाइन का पूरा परिसर शोक में डूबा दिखाई दिया। गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर जैसे ही पुलिस लाइन लाए गए, माहौल अचानक गमगीन हो गया। साथी जवानों की आंखें भर आईं और पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, भारी पुलिस बल मौजूद श्रद्धांजलि समारोह में डीआईजी, एडिशनल एसपी सहित जिलेभर का बड़ा पुलिस अमला मौजूद रहा। चारों शहीद जवानों के ताबूत तिरंगे में लिपटे थे, जिनके सामने खड़े होकर हर किसी की भावनाएं छलक उठीं। पूरे परिसर में सिर्फ एक ही आवाज़ गूंज रही थी— “अमर रहें हमारे वीर जवान”। सागर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मुरैना पुलिस के चार जवानों का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जा रहा है। रात 2 बजे सभी की पार्थिव देह मुरैना पहुंची। यहां पुलिस लाइन में सभी को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि स्थल पर डीआईजी ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए के चेक दिए। वहीं, चार-चार लाख रुपए के चेक बाद में दिए जाएंगे। सरकार अंतिम संस्कार के लिए कुल पांच लाख रुपए देती है। हादसे में जान गंवाने वाले परिमाल सिंह तोमर को मुरैना जिले के ग्राम नख्ती, डॉग मास्टर विनोद शर्मा को मुरैना के जौरा, प्रद्युम्न दीक्षित को भिंड के फूप और अनिल सिंह कौरव को भिंड के ग्राम टेंटोन में अंतिम विदाई दी जाएगी। हादसा बुधवार सुबह सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुआ था। मुरैना बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) पुलिस टीम की गाड़ी (MP03 A 4883) सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी। ये सभी जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस मुरैना लौट रहे थे। 4 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल आरक्षक राजीव चौहान को सागर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल— शव पैतृक गांव रवाना श्रद्धांजलि के बाद चारों जवानों के पार्थिव शरीरों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनके-उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घरों में मातम पसरा हुआ है, परिवार अपने लाड़लों को अंतिम बार देखने के लिए तड़प उठा। अंतिम संस्कार के लिए दी गई एक-एक लाख की सहायता राशि पुलिस विभाग की ओर से मृतक जवानों के परिवारों को अंतिम संस्कार हेतु एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। डीआईजी ने कहा— “हमने अपने चार बहादुर साथी खो दिए हैं, उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।” कैसे हुआ हादसा? डीआईजी ने बताया कि बीडीडीएस की टीम बालाघाट में ड्यूटी पूरी कर मुरैना लौट रही थी, तभी सागर जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन से हुए भीषण हादसे में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। शहर में पसरा मातम— पुलिस परिवार सदमे में पूरा पुलिस बल अपने साथियों की शहादत से स्तब्ध है। जवानों को अंतिम सलामी देते वक्त हर चेहरे पर दुख और गर्व दोनों दिखाई दिए।