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मध्यप्रदेश पुलिस के डायल-112 की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 की संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाया भोपाल  मध्यप्रदेश में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली लगातार आम जन की सुरक्षा और जीवन रक्षा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। बीते दिनों रायसेन, देवास और छिंदवाड़ा जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाने में डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। रायसेन जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में मखनी गाँव में एक 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा स्वयं को कमरे में बंद कर आत्महत्या के उद्देश्‍य से फाँसी लगाने का प्रयास कर रहा था। जिसकी सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। आरक्षक संजय श्रीवास्तव एवं पायलेट रोहित कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़ कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल फंदे से उतारा। डायल 112 जवानों ने पीड़ित व्यक्ति को एफआरव्ही वाहन से लेकर तत्काल जिला शासकीय चिकित्सालय रायसेन में भर्ती करवाया। दूसरी घटना देवास जिले के थाना भौंरासा क्षेत्र की है, जहाँ एक 21 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। यह सूचना प्राप्त होते ही आरक्षक अरुण रावत और पायलट अनुराग चौधरी मौके पर पहुँचे। उन्होंने समझाइश, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के माध्यम से महिला को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उसे सुरक्षित थाना भौंरासा लाया गया। तीसरी घटना छिंदवाड़ा जिले के थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहाँ 24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। सूचना प्राप्त होते ही सैनिक गेंदालाल यादव एवं पायलट उमेश पुरी गोस्वामी ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अमरवाड़ा पहुँचाकर उपचार शुरू कराया। युवक का इलाज जारी है। डायल-112 की इन लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाइयों ने यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की यह सेवा आपात पुलिस सहायता के साधन के साथ मानव जीवन की रक्षा करने वाली ‘जीवन-रेखा’ बनती जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुँचाने के बजाय सहायता के लिए पुलिस या अपने निकटवर्ती लोगों से संपर्क करें।  

राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

भागने की कोशिश में दुष्कर्म आरोपी घायल, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

 रायसेन रायसेन में एक 6 साल की बच्ची के साथ रेप का आरोपी सलमान पिछले 5 दिन से भागा-भागा फिर रहा था. उसके पीछे 300 पुलिसवाले लगे हुए थे. सलमान को पकड़ने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. एक दिन पहले सलमान शहर के गौहरगंज इलाके में दिखा था. इसके बाद पुलिस पर दबाव और बढ़ गया था. लेकिन सलमान पुलिस से ज्यादा दिन तक बच नहीं पाया गौहरगंज के ही कीरत नगर में वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया. भागने के दौरान उसका पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई और उसके पैर में गोली लगी. घायल सलमान को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, सलमान पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले पांच दिनों से फरार था. रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, 'कल रात हमारी विशेष टीमों ने आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले पांच दिनों से फरार था और जिसकी सभी टीमें तलाश कर रही थीं. एक सटीक सूचना पर हमने कार्रवाई की और उसे हिरासत में ले लिया. ले जाते समय, उसने अचानक वाहन से कूदने की कोशिश की और हमारे सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल भी छीन ली और पुलिस पर गोली चला दी. आत्मरक्षा में, पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई.' एसपी ने कहा- फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को पुलिस ने देर रात भोपाल से गिरफ्तार किया था। भोपाल से रायसेन लाने के दौरान बीच रास्ते में सलमान ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया। रायसेन (Raisen MP Crime News) के एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, सलमान को भोपाल के गांधीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया और उसे रायसेन ले जाया जा रहा था। इसी बीच, भोजपुर के पास कीरतनगर गांव (MP News) इलाके में पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। सलमान ने सब-इंस्पेक्टर की बंदूक छीनकर पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में सलमान के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश हॉस्पिटल ले जाया गया। इस मालमे में सब इंस्पेक्टर सुनील सिंह का कहना है, आरोपी सलमान को रायसेन ले जाया जा रहा था, तभी उसे ले जा रही गाड़ी पंक्चर हो गई। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान, सलमान ने एक अधिकारी से पिस्टल छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। क्रॉसफायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। कैसे हुआ एनकाउंटर? पुलिस ने सलमान को भोपाल के वार्ड नंबर 11 स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे गोहरगंज पुलिस के हवाले किया गया. जब पुलिस उसे रायसेन ले जा रही थी, भोजपुर के पास सलमान ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी. घायल सलमान को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.

खजुरी क्षेत्र में ट्रक पकड़ा गया, शराब प्लास्टिक दाना बताकर भेजी जा रही थी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डेढ़ करोड़ की अवैध शराब जब्त की है। 12 सौ पेटी अवैध शराब पकड़ी है। नए साल से पहले पुलिस भोपाल के खजुरी थाना क्षेत्र में रात साढ़े तीन बजे अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। ट्रक में बारह सौ पेटी शराब रखी थी। थाने के सामने लगाया स्टॉपर, भागने का प्रयास जानकारी के अनुसार, खजूरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक बड़ा ट्रक अवैध रूप से शराब लेकर इंदौर की दिशा में जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाने के सामने नाकाबंदी की। गुरुवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, लेकिन स्टॉपर लगाकर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में ड्राइवर कोई वैध दस्तावेज दिखाने में असफल रहा। ड्राइवर का कहना है कि उसे भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में माल भरवाया गया था और इंदौर में एक व्यक्ति माल रिसीव करने वाला था। कंटेनर में शराब को प्लास्टिक दाना दिखाकर भेजा जा रहा था। पुलिस ने प्रथमदृष्टया कागज भी फर्जी पाए हैं। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को चमका देकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया साथ ही ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक डेढ़ करोड़ की अवैध शराब भोपाल से गुजरात भेजी जा रही थी। ट्रक में प्लास्टिक दाना बताकर शराब भेजी जा रही थी। ट्रक ड्राइवर के पास जो दस्तावजे मिले वो फर्जी पाए गए। फिलहाल खजुरी पुलिस ने शराब जब्त कर आबकारी विभाग को सूचना दे दी है। आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग करेगा। शराब के ये ब्रांड मिले     सिग्नेचर     ओल्ड मंक     बैक पाइपर     रॉयल स्टेज     रॉयल चैलेंज आगे की जांच आबकारी विभाग करेगा सब इंस्पेक्टर संतराम खन्ना के अनुसार, यह अब तक की साल 2025 की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पूरी जब्ती कर ट्रक और ड्राइवर को थाने लाया गया है। शराब जब्ती की सूचना आबकारी विभाग को दे दी गई है, जो अब आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।

सोची समझी साजिश? रायसेन में मासूम पर हमला, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

 गौहरगंज  रायसेन की गौहरगंज तहसील के एक गांव में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाला आरोपित सलमान इतना शातिर है कि उसने घटना के आठ दिन पहले से अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि यह घिनौना कृत्य  उसकी सोची समझी साजिश की ओर इशारा कर रही है। इस दौरान रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने नाखुशी जताई। साथ ही चक्काजाम पर पुलिस की ढीली कार्रवाई से भी नाराज दिखे। उन्होंने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच करने के निर्देश दिए। उनकी जगह आशुतोष को रायसेन का नया एसपी बनाया गया है। इधर, घटना के विरोध में बुधवार को मंडीदीप और औबैदुल्लागंज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। कुछ स्कूलों ने स्वेच्छा से छुट्‌टी घोषित कर दी है। वहीं कुछ स्कूलों ने मंडीदीप औबेदुल्लागंज रुट की बसें बंद रखने की सूचना रात में पेरेंट्स को मैसेज पर दीं है। गौहरगंज और औबेदुल्लागंज में निजी स्कूल बंद रहेंगे। कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बता दें, रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के एनकाउंटर की मांग को लेकर लोग तीन दिन से गौहरगंज थाने के सामने धरना दे रहे हैं। रात में कड़ाके की ठंड के बावजूद युवतियां और महिलाएं धरने से नहीं उठीं। आरोपी पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया है। इससे पहले सोमवार को घटना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया गया था। डीआईजी प्रशांत खरे ने बताया, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 20 टीमें लगाई गई हैं। करीब 300 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में जुटे हैं। बच्ची एम्स भोपाल में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत में सुधार है। दरअसल, 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान 23 वर्षीय आरोपी सलमान उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल में ले गया। यहां बच्ची से दुष्कर्म कर भाग गया। बच्ची खून से लथपथ हालत में जंगल में मिली थी। र इशारा कर रही है।

MP के मंदसौर जिले में बदलाव, टीआई की पोस्टिंग पर लगी नई सीमा: 6 महीने

मंदसौर  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा। पहला जिला बनेगा मंदसौर! अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी। इस सिस्टम के बाद— कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।” अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई— तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए। रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी? थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा  जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम

फेक करेंसी का खेल फटा: डॉक्टर ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर छापे 20 लाख के नकली नोट, बुरहानपुर RMO का रहा पद

खंडवा  नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था। महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके। भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची। यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया। इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया। एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे। भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए। यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी … Read more

घेराव की तैयारी में तनाव: पुलिस ने कई युवा कांग्रेस नेताओं को लिया हिरासत में

जयपुर युवा कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान बुधवार को पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हो गई। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहीद स्मारक पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इससे नाराज कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में भरकर ले जाया गया। युवा कांग्रेस ने वोट चोरी, खराब कानून व्यवस्था और फसल खराबे के मुआवजे सहित कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा पर निशाना साधते हुए कहा कि “छापेमारी तो की जा रही है, लेकिन कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती।” उन्होंने पूरे राजस्थान में SIR करवाने को अव्यवहारिक बताते हुए हाल ही में हुई BLO की आत्महत्या पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। हालांकि इस बार पिछले प्रदर्शनों की तुलना में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ कम दिखाई दी। इसका असर प्रदर्शन की अवधि पर भी पड़ा। मुख्यमंत्री आवास कूच का कार्यक्रम महज 8 से 15 मिनट में ही समाप्त हो गया। पुलिस की सख्ती और कम जुटी भीड़ के कारण युवा कांग्रेस का यह घेराव अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पाया।

बहुत बड़ी कार्रवाई, हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक को SP ने सस्पेंड किया

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट से एक बड़ी खबर सामने आई है। हेलमेट न पहनने पर पुलिस आरक्षक पर बहुत सख्त एक्शन लिया गया है। हेलमेट न लगाने पर कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप है। आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट पहने वीडियो हुआ था वायरल दरअसल आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे का बिना हेलमेट के सरकारी दो पहिया वाहन चलाते  हुए वीडियो वायरल हुआ था। एसपी आदित्य मिश्रा ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए ये कठोर एक्शन लिया है। बालाघाट में पुलिस के आरक्षक के खिलाफ हेलमेट न लगाने के कारण ये बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी आदित्य मिश्रा का बड़ा एक्शन आरक्षक का वर्दी में बिना हेलमेट के बाइक चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद बालाघाट एसपी ने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे वर्दी में बिना हेलमेट पहने शासकीय दो पहिया वाहन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। आरक्षक के कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई-SP इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस पर कानून को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए आरक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आरक्षक के इस कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है, इसलिए आरक्षक ईश्वरदयाल कोल्हे  को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। आपको बता दें कि  मध्यप्रदेश में इन दिनों हेलमेट न लगाने पर पुलिस अभियान चला रही है, लगातार ऐसे लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है जो नियमों को तोड़ रहे हैं। लिहाजा आरक्षक को  सस्पेंड करके बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। SP आदित्य मिश्रा फुल एक्शन में हैं, और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखा रहे है। इससे पहले हेलमेट चैकिंग अभियान के दौरान आदित्य मिश्रा ने पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे की बाइक को रोका था और पूर्व विधायक का 2300 रुपये का चालान काटा था। एसपी आदित्य मिश्रा सिंघम मूड में हैं और कानून को तोड़ने वालों को सीधा संदेश दे रहे हैं।

रांची धुर्वा डैम त्रासदी: एक और पुलिसकर्मी का शव मिला, पूरे विभाग में मातम

रांची झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम में हुए भीषण हादसे में लापता चल रहे चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र सिंह का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया। इससे पूर्व तीन अन्य पुलिसकर्मियों-उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और चालक अनिल सिंह-के शव कार के अंदर से मिल चुके थे। सोमवार को चौथे शव की बरामदगी के साथ ही घटना में मौत का आंकड़ा चार तक पहुंच गया है। चारों मृतक जमशेदपुर के जगसुलाई इलाके के रहने वाले थे और जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज (पीडीजे) की सुरक्षा टीम में तैनात थे। हादसा 14 नवंबर की देर रात हुआ, जब सुरक्षा में तैनात ये चारों पुलिसकर्मी एक सरकारी वाहन से यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धुर्वा डैम के पास वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पानी में जा गिरा। घटना के समय रात होने के कारण किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 15 नवंबर की सुबह स्थानीय लोगों ने डैम में कार जैसी कोई वस्तु दिखाई देने की आशंका जताई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांची पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया। गोताखोरों ने पानी के भीतर से डूबी हुई कार को ढूंढ़ निकाला। कार खोलने पर उसके अंदर तीन पुलिसकर्मी मृत पाए गए, जो डूबने से अपनी जान गंवा बैठे थे। हालांकि चालक सत्येंद्र सिंह कार के अंदर नहीं मिले, जिससे यह आशंका जताई गई कि वाहन के पानी में गिरते ही उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन तेज बहाव और गहराई में फंसकर वे भी डूब गए। एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों द्वारा जारी तलाशी अभियान के चौथे दिन सोमवार सुबह सत्येंद्र सिंह का शव भी डैम के एक हिस्से से बरामद कर लिया गया। शव की पहचान होते ही पुलिस बल में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमॉटर्म के लिए भेज दिया गया है और विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हादसे ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेतों को और मजबूत करने की मांग की है।