samacharsecretary.com

सागर में एक ही परिवार की आत्महत्या के पीछे गहरी पारिवारिक कलह, जांच में खुली परतें

 सागर  खुरई के ग्राम टीहर में पति, सास और दोनों बच्चों द्वारा जहर खाकर की गई सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मां व उसके प्रेमी पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला कायम कर लिया है। दरअसल घटना के एक माह पहले महिला की जवान बेटी ने मां को पड़ोसी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद महिला ने घर में क्लेश मचाया और पूरे परिवार को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद पति, सास व बेटा व बेटी ने एक साथ जहर खाकर खुदकशी कर ली थी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। खुरई थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि 25 जुलाई की रात करीब पौने बाहर बजे टीहर गांव में मनोहर उसकी 70 वर्षीय मां फूलरानी, 18 वर्षीय बेटी शिवानी और 16 वर्षीय बेटा अनिकेत ने एक साथ जहरीला पदार्थ खाकर खुदकशी कर ली थी। घटना के समय मनोहर की पत्नी 41 वर्षीय पत्नी द्रौपदी घर पर नहीं थी। पत्नी को मायके भेज दिया मनोहर ने उसे मायके भेज दिया था। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला था, जिसमें उनकी मृत्यु बाद संपत्ति के बंटवारे का जिक्र किया गया था, साथ ही उस संपत्ति में मां को कोई हिस्सा न देने की बात का भी उल्लेख किया गया। इसके बाद से ही पुलिस को पत्नी पर संदेह हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने घर वालों के साथ ही पत्नी के बयान भी लिए। जिसमें यह बात सामने आई कि घटना के एक माह पहले बेटी शिवानी ने अपनी मां को घर में भैंस बांधने वाले स्थान पर गांव के ही 39 वर्षीय सुरेंद्र पिता घनश्याम लोधी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, लेकिन बेटी ने कुछ नहीं कहा। इसके 15 दिन बाद बेटी ने जब फिर दोनों को संबंध बनाते देखा तो उसने अपनी मां को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, जिसके बाद बेटी ने यह बात अपने पिता को बताई। पति और सास ने समझाया था, पर नहीं मानी पति और सास ने द्रौपदी को बैठाकर समझाया, लेकिन वह नहीं मानी, उल्टे पति व सास को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। इसके बाद पति ने आरोपित घनश्याम लोधी को भी समझाया, लेकिन उसने मनोहर की समाज में बदनामी करने की धमकी दी। इसके बाद पति, सास और दोनों बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या करने का निर्णय लिया। पुलिस ने खुरई शहर थाना में मर्ग जांच के बाद 107, 108, 3, 5, बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। शनिवार को महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर खुरई न्यायालय में पेश किया, जहां से घनश्याम को खुरई और महिला को सागर केंद्रीय जेल में भेज दिया है।

सतना में बदमाशों का तांडव! व्यापारी के घर पर गोलियां बरसाईं, परिवार सहमा

सतना  सतना शहर के पॉश इलाकों में शुमार चाणक्यपुरी में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक व्यापारी भागवत गुप्ता के निवास पर रविवार सुबह करीब 9 बजे नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना के समय घर में व्यापारी और उसका पूरा परिवार मौजूद था, जो इस हमले से बुरी तरह दहशत में आ गया। सूचना मिलते ही कोलगवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सभी हमलावर उत्तर प्रदेश नंबर प्लेट लगी गाड़ियों से आए थे। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल पर तीन बुलेट कारतूस मिले हैं। दो अंदर घर में और एक बाहर बरामद किया गया है। दीवार में छेद कर गोली अंदर तक पहुंची गई थी। यह अच्छा रहा कि वह किसी को लगी नहीं। घटनास्थल पर थाना प्रभारी सुदीप सोनी स्वयं पहुंचे और एफएसएल टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। पहले भी दी जा चुकी थी पुलिस को सूचना व्यापारी परिवार ने पूर्व में भी संभावित खतरे की आशंका को लेकर थाने में सूचना दी थी। परिजन इस फायरिंग की घटना को पुराने गुप्ता पैलेस जमीनी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। परिवार की ओर से संदेह व्यक्त किया गया है कि उन्हीं लोगों का हाथ इस हमले में हो सकता है, जो पूर्व विवाद में शामिल थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर विशेष सोशल टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही साइबर सेल को भी सक्रिय कर संदिग्ध नंबरों की निगरानी शुरू कर दी गई है। सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में टीआई सुदीप सोनी ने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया और क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। गोलीबारी की पुष्टि की जा चुकी है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और परिवार की सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

वर्दी पर दाग: स्कॉर्पियो चोरी में कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, गैंग के 5 और साथी पकड़े गए

ग्वालियर  क्राइम को कंट्रोल करने का काम पुलिस करती है, लेकिन अगर पुलिस ही खुद क्रिमिनल बन जाए तो आप क्या कहेंगे. कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है. यहां चोरी के एक मामले में खुद आरक्षक फंस गया. मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई. आरोपी आरक्षक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर गाड़ी चोरी कर ली. फिलहाल पुलिस ने आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस की टीम चोरी के मामले को लेकर आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने चोरी के आरोपियों को किया गिरफ्तार, डबरा शहर के शुगर मिल कैंपस से स्कॉर्पियो चोरी के मामले में बढ़ा खुलसा देखने को मिला है. इस चोरी की घटना में एक पुलिस आरक्षक भी शामिल निकला. आरक्षक 1003 रवि जाटव ग्वालियर का रहने वाला है, जो कि थाना कालीपीथ जिला राजगढ़ में पदस्थ है. बड़ी बात ये रही कि आरक्षक को पकड़ने गाई पुलिस को स्कॉर्पियो चोरी करने वाला एक चोर बॉबी बाथम भी उसी के साथ मिला. पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार दोनों आरोपियों को डबरा सिटी पुलिस गिरफ्तार कर थाने लाई है, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया और 2 दिन का PR लेकर आगे की पूछताछ भी की जा रही है. इस मामले में डबरा सिटी पुलिस ने पहले भी 4 आरोपियों को पकड़ा था. आपको बता दें कि 10 जुलाई की रात डबरा इलाके में रहने वाले अवतार रावत की घर से गई चोरी की स्कॉर्पियो कार और अन्य स्थानों से चोरी गया 6 तोला सोना जब्त किया था. इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे. पुलिस की जांच में पता चला कि 10 जुलाई की रात डबरा निवासी अवतार रावत के घर से स्कॉर्पियो कार चोरी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे 6 तोला चोरी का सोना भी बरामद किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी पुलिस आरक्षक रवि जाटव के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। स्कॉर्पियो चोरी के दिन रवि जाटव भी मौके पर मौजूद था और वही गाड़ी को चलाकर ले गया था।  इसी मामले में डबरा सिटी पुलिस ने सराफा बाजार के व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी हिरासत में लिया था, जिन्होंने चोरी का सोना खरीदा था। टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि राजेंद्र सोनी से चोरी का सोना बरामद कर लिया गया है और उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि चोरी के इस नेटवर्क का और खुलासा हो सके।  एसडीओपी सौरभ कुमार ने कहा कि “हमने स्कॉर्पियो चोरी के मामले में पुलिस आरक्षक रवि जाटव और बॉबी बाथम को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि रवि जाटव चोरी की घटनाओं में शामिल था। अन्य आरोपियों से 6 तोला सोना बरामद किया गया है, और सराफा व्यापारी से भी माल जप्त कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।”   स्कॉर्पियो की चोरी वाले दिन आरक्षक रवि जाटव भी साथ मौजूद था. वहीं स्कॉर्पियो को चलाकर ले गया था. वहीं पुलिस ने चोरी का सोना खरीदने वाले डबरा सराफा बाजार के सराफा व्यापारी राजेंद्र सोनी को भी पकड़ा था, जिसे पुलिस ने पूछताछ कर चोरी का सोना बरामद करने के बाद छोड़ दिया है. टीआई यशवंत गोयल का कहना है कि सोनी से चोरी का माल जब्त कर नोटिस देकर उसे छोड़ा गया है.

10 साल पहले मर चुके, फिर भी नाम FIR में! विदिशा में प्रशासन की बड़ी चूक

विदिशा विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली का अजीब मामला सामने आया है. यहां दो ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जिनकी मौत 8 से 10 साल पहले हो चुकी है. जब स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायत की गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई. हारकर फरियादी जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से न्याय की गुहार लगाई. गंजबासौदा के बरेठ गांव में प्रजापति समाज और गुर्जर समाज के बीच एक विवाद हुआ था. इसी विवाद में पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की, लेकिन इसमें जिन लोगों के नाम शामिल किए गए उनमें से दो व्यक्ति 8 से 10 साल पहले ही दुनिया से विदा हो चुके हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए फरियादी राजकुमार शर्मा जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से पूरे मामले की शिकायत की. शर्मा ने कहा- 'ये दोनों लोग जिन पर FIR की गई है, वो कई साल पहले मर चुके हैं. हमने थाने में भी शिकायत की, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी, इसलिए जिला मुख्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे के यहां आए हैं. हमने जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है. एडिशनल एसपी विदिशा प्रशांत चौबे ने कहा- '17 तारीख को बरेठ गांव में विवाद हुआ था, जिसमें कुछ नामों पर आपत्ति आई है. दो मृत व्यक्तियों के नाम FIR में दर्ज होना गंभीर मामला है. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच कर दस्तावेज प्रस्तुत करें. उचित कार्रवाई की जाएगी.'

सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका! MP में 825 पद खाली, महिला उम्मीदवारों को विशेष आरक्षण

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही 825 पदों पर विशेष पुलिस की भर्ती करने जा रही है. चयनित जवानों को मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिले में पदस्थ किया जाएगा. इनको शुरुआत में 25 हजार रुपए महीने का मानदेय दिया जाएगा. इसकी अधिसूचना मध्य प्रदेश शासन ने जारी कर दी है. इच्छुक अभ्यर्थी 7 अगस्त 2025 तक इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं. महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों के लिए चलाए जा रहे विशेष पुलिस भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा. यानि 825 में से 309 महिलाओं का चयन किया जाएगा. इसके साथ ही 15 प्रतिशत पद होमगार्ड सैनिक और 10 प्रतिशत पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित होगा. 5वीं-8वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन विशेष पुलिस भर्ती में एसटी वर्ग के लिए न्यूनतम योग्यता 5वीं पास और अन्य वर्गों के लिए 8वीं पास रखी गई है. सबसे पहले अभ्यर्थियों का शरीरिक परीक्षण होगा. इसके बाद साक्षात्कार लिया जाएगा. इस साक्षात्कार में संबंधित नक्सल प्रभावित गांव और आसपास की जानकारियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. फिर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन होगा. एसपी ऑफिस से होगा अनुबंध नियुक्ति के लिए जो भी अभ्यर्थी पात्र होंगे, उनका संबंधित जिले के एसपी ऑफिस के साथ अनुबंध किया जाएगा. इन्हें शुरूआत में 25 हजार रुपए वेतन मिलेगा. हर 6 महीने में इन जवानों की समीक्षा की जाएगी. यदि जवान का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहता है, तो इन्हें सेवामुक्त किया जा सकेगा. वहीं यदि ये एसपी या उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तो इनकी सेवा विस्तार की जा सकेगी. 3 महीने दिया जाएगा प्रशिक्षण डीआईजी चयन, पीएचक्यू वीरेंद्र सिंह ने बताया कि "चयनित जवानों को इंदौर और हॉकफोर्स बालाघाट के साथ ही संबंधित जिलों की पुलिस लाइन में 3 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. नियुक्ति अवधि के बाद संतुष्टिजनक ड्यूटी निभाने पर एक-एक वर्ष करके तीन वर्ष के लिए सेवा अवधि बढ़ाई जा सकेगी. हालांकि इसके बाद डीजीपी के आदेश पर 3 साल का और सेवा विस्तार किया जा सकता है." परिजनों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ विशेष पुलिस भर्ती में केवल बालाघाट के बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांजी और किरनापुर अलावा मंडला के बिछिया, मवई और डिंडौरी जिले के बजाग, समनापुर और करंजिया विकासखंड़ो के 595 गांवों के मूल निवासी ही इसमें शामिल हो सकेंगे. भर्ती की आरक्षण तालिका भी जिलों की आबादी के अनुसार बनाई गई. खास बात यह है कि कर्तव्य निवर्हन के दौरान यदि किसी जवान की मृत्यु होती है, तो उसके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी मिलेगा. सबसे अधिक बालाघाट में होगी भर्ती वीरेंद्र सिंह ने बताया कि "825 में से 755 जवानों की नियुक्ति बालाघाट जिले में की जाएगी. यहां 302 ओपेन, 264 महिला, 113 होम गार्ड और 76 पदों पर भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण मिलेगा. वहीं मंडला में 102 पदों पर भर्ती होगी. इसमें 40 पद ओपेन, 10 भूतपूर्व सैनिक, 16 होमगार्ड और 36 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा डिंडौरी जिले में 25 पदों पर भर्ती होगी. जिसमें 10 ओपेन, 2 भूतपूर्व सैनिक, 4 होमगार्ड और 9 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

यूपी में तड़के मुठभेड़, रेप के बाद हत्या का आरोपी पुलिस की गोली से मारा गया

फर्रुखाबाद यूपी में शुक्रवार तड़के पुलिस ने फर्रुखाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया है। मनु नाम के इस आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। गोली लगने के बाद पुलिस मनु को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले गई थी। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची से रेप और हत्या की यह सनसनीखेज वारदात फर्रुखाबाद में पिछले महीने हुई थी। फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की बच्ची मोहम्मदाबाद क्षेत्र में अपनी बुआ के घर आई थी । 27 जून को वह गांव के बाहर आम खाने गई थी जहां से एक शातिर ने उसे अगवा कर लिया था और रेप के बाद मार दिया था । बच्ची का शव 28 जून को मैनपुरी जिले के भोगॉव कोतवाली के देवीपुर गांव के खेत में पड़ा पाया गया था। इसमें मेरापुर थाना क्षेत्र के पखना गांव निवासी मनु का नाम सामने आया था कैमरे जो खंगाले गए थे उसमें मनु के पीछे ही बच्ची जाती दिखाई दी थी। इसके बाद से पुलिस की टीम इस शातिर को तलाश रही थी शुक्रवार की भोर पुलिस से मुठभेड़ हो गई इसमें मनु मारा गया । पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में मनु की मौत हुई है उन्होंने बताया कि उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि एनकाउंटर के दौरान आरोपी जवाबी फायरिंग में घायल हुआ जिसे अस्पताल ले जाया गया था।  इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। आरोप के खिलाफ पहले भी हत्या और अपहरण जैसी संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। मारा गया 239वां बदमाश बता दें कि अभी गुरुवार को ही यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने जानकारी दी थी कि 2017 से अब तक 238 बदमाश एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। इस हिसाब से बच्ची से रेप के बाद हत्या का आरोपी मनु एनकाउंटर में मारा गया यूपी का 239 वां बदमाश है। इन आठ सालों में 14 हजार से अधिक एनकाउंटर हुए हैं। इन एनकाउंटरों में 9 हजार से अधिक बदमाशों के पैर में गोली लगी है। 30 हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अपनी ही रकम के लिए रिटायर्ड फौजी को देनी पड़ी घूस, पुलिस पर उठे सवाल, SP तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी को उनका ही पैसा लौटाने के एवज में 10 हजार रुपया रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। फौजी का कहना है रिश्वत बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा ने मांगी है। एएसआई की इस हरकत का 15 जून को उन्होंने वीडियो भी बनाया है। उसमें एएसआई शर्मा बोलते हुए दिख रहे हैं कि “13 लाख रुपया नहीं देख रहे हो, 10 हजार रुपए की चिंता कर रहे हो”। जिसकी शिकायत पर पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है। प्लाट धोखाधड़ी से शुरू हुआ था मामला दअरसल, भिंड असहोना निवासी मुन्नालाल जोतिषी ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि उन्होंने दो साल पहले पत्नी बैजंती के नाम से बब्लू बुंदेला की पत्नी रागिनी से 25 गुणा 45 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख 90 हजार रुपये में खरीदा था। इसमें उनके साथ धोखा हो गया। उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया, उसकी जगह रेंच वाले प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने 2023 में एसपी दफ्तर में की थी।  ASI ने बिल्डर से चेक लेकर फरियादी को देने का किया वादा फिर पता चला कि रजिस्ट्री भी गड़बड़ है, तो उन्होंने अपने स्तर पर बब्लू बुंदेला पर दबाव बनाया तो उसने एक लाख रुपया तो तत्काल लौटा दिया था। बाकी रकम 12 लाख 50 हजार रुपये का चेक देने का वादा किया। मामले की जांच बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा के पास है। एएसआई शर्मा ने बबलू से उनके नाम का चेक तो ले लिया लेकिन फरियादी को नहीं दिया और उसके बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।  फोन कर फरियादी से कहा- पैसा दो चेक मिल जाएगा 15 जून को एएसआई राजकुमार शर्मा भिंड मिहोना आए थे। शर्मा ने फोन कर उन्हें बस स्टेंड पर बुलाया था। वहां सीधे कहा था “पैसा दो चेक मिल जाएगा’। मुन्नालाल के मुताबिक उन्होंने एएसआई शर्मा की घूस की डिमांड का वीडियो भी बनाया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दे दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिटायर्ड फौजी ने एएसआई पर घूस मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच की जा रही हैं वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान

नशे से दूरी है जरूरी अभियान का शुभारंभ नशा केवल स्वास्थ्य नहीं सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी मध्यप्रदेश पुलिस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

किसानों से खरीदी मक्का, पैसे दबाए 3 करोड़! छिंदवाड़ा में व्यापारी पर पुलिस की कार्रवाई

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा में किसानों के साथ धोखा करने वाले एक व्यापारी को पुलिस ने पकड़ लिया है। चौरई पुलिस ने इस व्यापारी को गिरफ्तार किया है। इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने किसानों से मक्का खरीदा और लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी भारती जाट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। चौरई पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ा। भारी मात्रा में मक्का जब्त पुलिस ने आरोपी हिमांशु साहू की निशानदेही पर दादा गुरु वेयरहाउस कंडीपार से 4276.840 मीट्रिक टन मक्का जब्त की है। इस मक्के की कीमत लगभग 9 करोड़ 40 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस ने इस फसल को फ्रीज कर दिया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार था। वह दूसरे स्थान पर अलग नाम से रह रहा था। पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। इन धाराओं में मामला दर्ज थाना चौरई में अपराध क्रमांक 502/25 के तहत धारा 318(4), 318(3), 316(5), 3(5) BNS में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ठगी के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं किसानों में भुगतान न होने के कारण असंतोष का भाव है।  

रीवा में महिला थाना प्रभारी की ऑन ड्यूटी रील वायरल, आईजी ने दी सख्त चेतावनी

रीवा  रीवा जिले के पुलिस विभाग से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, मामला ये है कि सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने थाने के अंदर एक रोमांटिक गाने पर रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रीवा रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) राजेश सिंह ने संभाग के समस्त पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर रील बनाने या ऐसी कोई भी पोस्ट डालने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो विभाग की गरिमा के खिलाफ हो। आरजू फिल्म के गाने पर बनाई रील यह मामला शनिवार को सामने आया, जब सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा का बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के एक रोमांटिक गाने पर बनाया गया रील वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंकिता मिश्रा ने आरजू फिल्म का गाना, "अब तेरे दिल में हम आ गए…' पर रील बनाई। अंकिता मिश्रा ने पुलिस स्टेशन के अंदर रील बनाई थी, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे। वर्दी में रील नहीं बनाने का आदेश डीआईजी राजेश सिंह ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने सोमवार को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को एक कड़ा आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी में या सिविल ड्रेस में किसी भी तरह की रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें। उन्होंने आदेश में लिखा है कि ऐसे कृत्यों से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर इस तरह की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और पद की गरिमा के प्रतिकूल हैं, जिससे जनता के बीच पुलिस की छवि खराब होती है। सख्त कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी राजेश सिंह ने अपने आदेश में यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आदेश में लिखा- छवि पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव डीआईजी ने अपने आदेश में लिखा कि प्रायः देखा जा रहा है कि बहुत से पुलिसकर्मी वर्दी में अथवा सिविल में अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में वायरल/अपलोड करते हैं। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में रहकर किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा किया जाना अनुशासन के सर्वथा विपरीत होकर उसकी पद और गरिमा के भी प्रतिकूल है। इससे आज जनता के मध्य पुलिस की छवि पर भी अत्यधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि भविष्य में इस किस्म की कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रकाशित होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए अथवा कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन इस कार्यालय को भेजें। जिसके लिए वह अधिकारी या कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार होगा। तीन मामले जब पुलिसकर्मियों की रील सामने आईं 1. शनिवार को सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा की अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के रोमांटिक गाने पर थाने के अंदर बनाई रील सामने आई थी। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई। लोगों ने थाना प्रभारी को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ ने तो यहां तक लिखा कि आपको पुलिस विभाग नहीं, बल्कि मुंबई में होना चाहिए। 2.16 अप्रैल 2025 को सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक संध्या वर्मा के वीडियो जमकर वायरल हुए थे। जहां प्रधान आरक्षक ने ड्यूटी टाइम में कई फिल्मी और रोमांटिक गानों पर वर्दी में रील बनाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। जिसके बाद सभी वीडियो बैक टू बैक जमकर वायरल हो गए और पुलिस विभाग की जमकर किरकरी हो गई। इस पर इन्हें एसपी विवेक सिंह ने नोटिस जारी किया था। 3. 25 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाना रीवा जिले के एक पुलिस आरक्षक को महंगा पड़ गया था। जिले के सोहागी थाना अंतर्गत त्योंथर चौकी में पदस्थ आरक्षक मुन्ना यादव ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन किया था। आरक्षक ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के पक्ष में प्रचार गीत गाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया गया था। जिसकी रील जमकर वायरल हुई थी जिसमें उसने कहा था कि 400 का नारा धरा रह जाएगा। देखते ही देखते यह वीडियो और रील सोशल मीडिया में वायरल हो था। जिसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए रीवा एसपी विवेक सिंह ने आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। आदेश का सख्ती से पालन कराने के दिए निर्देश डीआईजी ने अपने आदेश में कहा- सभी पुलिस अधीक्षक सख्त निर्देश का पालन सभी पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को देकर इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि वे यह निर्देश सभी कर्मचारियों को 3 दिवस तक रोल काल में पढ़कर सुनाएं और इस आशय की रिपोर्ट रोजनामचा सान्हा में भी दर्ज करें और पुलिसकर्मियों को दें। कृपया निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।