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नरसिंहपुर से 10 हजार का इनामी राजा हाशमी पकड़ा गया, इंदौर किन्नर विवाद में फिनाइल पिलाने का मामला

इंदौर    इंदौर पुलिस को किन्नर समाज से जुड़े एक विवादित में बड़ी सफलता हाथ लगी है. झगड़े के दौरान एक को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने की घटना में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी राजा हाशमी को गिरफ्तार कर लिया गया है.   किन्नर समाज से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप. आरोपी राजा हाशमी घटना के बाद से पिछले एक हफ्ते से फरार चल रहा था, जिस पर डीसीपी जोन ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस टीम को तकनीकी जानकारी और मुखबिर की मदद से राजा हाशमी की लोकेशन गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर (जबलपुर के पास) में मिली. पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. आरोपी को हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है और पुलिस पूछताछ के लिए उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. एक आरोपी सपना हाजी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. आरोपी अक्षय कुमायूं और पंकज जैन अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास लगातार जारी हैं. 

MP पुलिस बल में कमी, हर 873 नागरिकों पर एक जवान; 22 हजार भर्ती का रोडमैप तैयार

भोपाल  मध्य प्रदेश में औसतन 873 लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक पुलिसकर्मी पर है। मुख्यमंत्री ने तीन वर्ष के भीतर 22,500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती की घोषणा की है। इसे सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन सच्चाई है कि प्रतिवर्ष दो से ढाई हजार पुलिस आरक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2024 में 60 हजार पुलिस आरक्षकों की भर्ती की। इस वर्ष भी वहां पुलिस आरक्षक और उप निरीक्षकों के लगभग 30 हजार पदों पर भर्ती होने वाली है। मध्य प्रदेश में पुलिस बल की कमी के चलते बड़ी चुनौती वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ में सुरक्षा को लेकर रहेगी। इसमें 60 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी। थाने नहीं बढ़ाने से पुलिस बल भी नहीं बढ़ा प्रदेश में पुलिस आरक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तक के एक लाख 25 हजार 489 पद हैं। इनमें अभी एक लाख 600 ही पदस्थ हैं। जब कोई थाना स्वीकृत होता है, तभी उसके लिए बल स्वीकृत किया जाता है। जरूरत के अनुसार थाने नहीं बढ़ने के कारण पुलिस बल भी नहीं बढ़ा। सरकार का ही मापदंड मान लें, तो पचास हजार की आबादी पर जिला पुलिस बल का एक थाना होना चाहिए, इस हिसाब से प्रदेश की अनुमानित आठ करोड़ 90 लाख की जनसंख्या के हिसाब से 1700 से अधिक थाने होने चाहिए, पर अभी 968 ही हैं। एक साथ भर्ती में यह हैं चुनौतियां     प्रदेश में आठ पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में 7850 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की सुविधा है। उन्हें नौ माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे अधिक पदों पर भर्ती होने पर प्रशिक्षण के लिए प्रतीक्षा करनी होगी।     पुलिस आरक्षक के पदों पर आनलाइन परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की कमी रहती है। इस कारण कर्मचारी चयन मंडल को परीक्षा कराने में दो से तीन माह लग जाते हैं। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा में दो से तीन माह लग जाते हैं। छह से सात हजार पद भरने में ही लगभग डेढ़ वर्ष लग जा रहे हैं।     तीसरा, बजट के अभाव के कारण भी सरकार एक साथ बड़ी भर्ती करने से बच रही है। खुफिया तंत्र को मजबूत करने की जरूरत     जिस तरह से अपराध बढे हैं, उस तरह से पुलिसबल की संख्या बढ़ाने के साथ उसे ताकतवर बनाना होगा। विशेष रूप से खुफिया तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है। सरकार आंकड़े कुछ भी दिखाए, पर स्थिति ठीक नहीं है। जैसे-जैसे बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा अपराध की ओर जा रहे हैं। औसतन देखा जाए तो जितने पुलिसकर्मी रिटायर हो रहे हैं, सरकार उतने भी भर्ती नहीं कर पा रही है। – अरुण गुर्टू, पूर्व, डीजी, विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त  

एक लाख के इनामी शूटर फैसल को एनकाउंटर में किया खत्म, संजीव जीवा गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

शामली  यूपी के शामली में झिंझाना क्षेत्र के वेदखेड़ी मार्ग पर देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच भोगीमजरा के जंगल में मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में झिंझाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश को मार गिराया, जबकि एक सिपाही घायल हो गया। मारा गया बदमाश संजीव जीवा गैंग का सक्रिय शूटर बताया जा रहा है, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था। गुरुवार रात करीब आठ बजे कुछ बदमाश वेदखेड़ी मार्ग पर लूटपाट कर रहे थे। इस दौरान बदमाशों ने वेदखेड़ी निवासी जीतराम पुत्र रामचन्द्र से नगदी, मोबाइल व बाइक लूट ली। सूचना पर झिंझाना थाना पुलिस व एसओजी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया बदमाश संजीव जीवा गैंग का शूटर फैसल निवासी खालापार मुजफ्फरनगर था और उस पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान एसओजी के एक सिपाही दीपक निर्वाण को भी गोली लगी है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक बदमाश का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमों ने जंगल में कॉम्बिंग अभियान चलाया है। मौके से पुलिस ने दो बाइक, दो पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। झिंझाना थाना प्रभारी ने बताया कि फरार बदमाश की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल सिपाही का हालचाल लिया। इस मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह भी घटना स्थल का मुयायना करने पहुंचे। एसपी ने बताया कि मृतक संजीव जीवा गैंग का शूटर था। उस पर विभिन्न थानों में लूट हत्या डकैती आदि के मुकदमे दर्ज है।

भोपाल पुलिस के लिए नया नियम: मौके पर जाने से पहले पहनना होगा बॉडी कैमरा

भोपाल  बहुचर्चित डीएसपी के साले उदित गायकी की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी भोपाल के साथी थानों में तैनात पुलिस जवान के हर कदम और कार्रवाई पर कैमरे की नजर होगी। रात में किसी भी तरह की सूचना पर इस कैमरा को पहनकर ही घटना स्थल पर जाना अनिवार्य है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि शहर के गश्ती जवानों को बॉडी कैमरा(Bhopal Police) और रिकॉर्डिंग डिवाइस से लैस करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए 200 कैमरों का ऑर्डर दिया जा चुका है। कंट्रोल रूम से सीधे होगी कंट्रोलिंग पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआत में यह कैमरे रात में गश्त करने वाली टीमों को दिए जाएंगे। जवानों की वर्दी की जेब और कंधे पर कैमरा लगाया जाएगा, जो वीडियो और ऑडियो की रिकॉर्डिंग करेगा। किसी भी घटना, कार्रवाई के दौरान कैमरा ऑटोमेटिक चालू रहेगा। जिसकी कंट्रोलिंग कंट्रोल रूम से रहेगा। अब पुलिसिंग कार्रवाई में पारदर्शी रहें। पुलिस पर नहीं उठेंगे सवाल पुलिस प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया कि पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना है। उदित की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों पर अब पुलिस पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करेगा। गश्त के दौरान होने वाली कार्रवाई कैमरे में रेकॉर्ड होगी। इससे घटना या शिकायत के मामले में फुटेज साक्ष्य के रूप में काम करेगा। यह शहर के सभी थानों और विशेष इकाइयों में लागू करेंगे, साथ ही पुलिसकर्मियों को कैमरा ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू की जाएगी इससे जवानों की कार्यप्रणाली में अनुशासन बढ़ेगा और जनता के साथ व्यवहार में भी सुधार आएगा। हर बात रेकॉर्ड होगी तो झूठे आरोप की बात नहीं रहेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भोपाल चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा। यह सिस्टम से पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता रहेगी।- हरिनारायण चारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर

मध्य प्रदेश पुलिस के लिए दिवाली पर सौगात, 5 अहम फैसलों से जवानों में उत्साह

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस कर्मियों के लिए इस दिवाली खुशखबरी लेकर आई है। पीएचक्यू ने राज्य स्तरीय संयुक्त पुलिस परामर्शदात्री समिति और पुलिस कल्याण समिति की बैठक के मिनट्स जारी किए हैं, जिनमें पाँच बड़े और कर्मचारी हितैषी फैसले लिए गए हैं। मुख्य फैसले: परोपकार निधि में बड़ा इजाफा – 10 साल बाद इसे बढ़ाकर 1 लाख से 5 लाख किया गया। वित्तीय पावर में वृद्धि – सभी इकाई प्रमुखों की वित्तीय पावर अब 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई। शिक्षा और चिकित्सा में राहत –  पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा और परिजनों के उपचार के लिए शिक्षा निधि और चिकित्सा राहत निधि में वृद्धि। सुविधाएँ और खेल – सभी पुलिस इकाइयों के आवासीय परिसर में खेल मैदान बनाए जाएंगे और सब्सिडियरी कैंटीन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट की जाएंगी। पीएचक्यू ने निर्देश दिए हैं कि सभी निर्णयों का क्रियान्वयन दो सप्ताह में सभी इकाई और शाखाओं द्वारा सूचित किया जाए। इस निर्णय से पुलिसकर्मियों के कल्याण और परिवारों की भलाई को बड़ा सहयोग मिलेगा। दिवाली पर यह तोहफा उनके लिए खास खुशी लेकर आया है।

‘ऑपरेशन जखीरा’ में बड़ी कामयाबी, पटना पुलिस ने 392 किलो विस्फोटक और 5 अपराधियों को पकड़ा

पटना पटना पुलिस ने आतिशबाजी बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, एक देशी पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि पिछले 40 घंटे के दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन जखीरा' के तहत ये बरामदगी और गिरफ्तारियां की गईं। पटना (पश्चिम) के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘पुलिस ने बेऊर और आईआईटी अमहारा थाना क्षेत्रों में समन्वित छापेमारी के दौरान एक वाहन, एक देशी पिस्तौल, तीन कारतूस और 392 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की है, जो संभवतः आतिशबाजी बनाने के लिए रखी गई थी।'' गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिंह ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया, जिसने दोनों स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया कि बेऊर थाना क्षेत्र में विशुनपुर पकरी निवासी मुकुंद कुमार उर्फ मुकेश कुमार को वाहन, देशी पिस्तौल और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ रुपसपुर थाना में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आईआईटी अमहारा थाना क्षेत्र के तरनागर गांव में शनिवार रात चार लोगों मोहम्मद अरमान आलम (37), मोहम्मद राजा (31), मोहम्मद आफताब उर्फ अली इमाम (20) और मोहम्मद सोनू आलम उर्फ प्याजू (35) को विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया। इन चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023, विस्फोटक अधिनियम, 1908 और कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि विस्फोटक सामग्री के स्रोत तथा संभावित उपयोग का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

अख्तर बानो की गिरफ्तारी: नेपाल से भागकर भारत में पकड़ी गई संदिग्ध, संदिग्ध पाकिस्तानी संपर्कों का खुलासा

कोलकाता दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने कथित तौर पर नेपाल जेल से भागी हुई पाकिस्तानी मूल की 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि महिला नेपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी करती थी। उसे कोलकाता से कंचनजंगा एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध व्यवहार करने के बाद हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने अपनी पहचान दिल्ली के पुरानी बस्ती शाहिना परवीन बताई, लेकिन कोई वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी। बाद में पुलिस ने उसके पास मौजूद सामानों की तलाशी ली तो उन्हें पाकिस्तान के कई नंबर मिले। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह तीन साल पहले बंगलादेश पहुंची थी, वहां से फिर अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल होते हुए एक एजेंट की मदद से भारत आई। वह दिल्ली में घरेलू कामकाज करती है और अब बंगलादेश होते हुए पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रही थी। उसने अपनी असली पहचान लुईस निगहत अख्तर बानो बताई और कहा कि वह पाकिस्तान के शेखपुरा जिले के चक नंबर 371, गांव यंगनाबाद के मोहम्मद गोलाफ फराज की पत्नी है। बानो लगभग 12 वर्ष पूर्व पाकिस्तानी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके नेपाल चली गई थी और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो गई थी। वर्ष 2014 में उसे नेपाली अधिकारियों ने एक किलोग्राम ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने बताया कि महिला पिछले महीने तक काठमांडू में कैद थी, फिर वहां हुई हिंसा के बीच वह भाग निकली। दो सप्ताह पहले वह एजेंट के बताये गये अवैध तरीकों से भारत में दाखिल हुई और त्रिपुरा या पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगलादेश पहुंचकर अपने घर लौटना चाहती थी। पश्चिम बंगाल में घुसने में असफल रहने के बाद बानो ने त्रिपुरा जाने वाली ट्रेन पकड़ी और सबरूम पहुंची जहां से वह बंगलादेश जाना चाहती थी। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और अपने बयानों की पुष्टि करने तथा सीमा पार तस्करी से उसके संबंधों का पता लगाने के लिए उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।

उपचुनाव से पहले सुरक्षा समीक्षा: झारखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ की बैठक

रांची झारखंड में 11 नवंबर को होने वाले घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप देने में पुलिस सक्रिय हो गई है। इस कड़ी में आईजी अभियान ने बीते शुक्रवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय सभागार में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव से पहले सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत बनाना था। बैठक में तीनों राज्यों के बीच अंतररज्यीय समन्वय को बढ़ावा देने और संयुक्त कारर्वाई पर जोर दिया गया। विशेष रूप से अवैध शराब, मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और अवैध धन की आवाजाही को रोकने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में मिरर चेक पोस्ट स्थापित करने और उनकी सक्रियता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र के आसपास के जिलों जैसे पश्चिम बंगाल के झारग्राम और पुरुलिया तथा ओडिशा के मयूरभंज में विशेष मिरर चेक पोस्ट बनाए जाएंगे और उन्हें चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाएगा। यह कदम न सिर्फ अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि सीमा पार से अपराधियों और नक्सलियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखने में सहायक होगा। बैठक में अंतररज्यीय वांछित अपराधियों, वारंटियों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करने और खुफिया जानकारी साझा करने पर भी सहमति बनी। इससे प्रभावी और तेज पुलिसिया कार्रवाई सुनिश्चित होगी और संगठित अपराधियों की सक्रियता को कम करने में मदद मिलेगी। इन सभी तैयारियों का उद्देश्य उपचुनाव के दौरान एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और स्वतंत्र मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि सभी मतदाता भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।  

पुलिसकर्मियों की बेरहमी से DSP के साले की मौत, भोपाल में बवाल और जांच शुरू

भोपाल  पिपलानी थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात इसी थाने के  दो पुलिसकर्मियों ने बीटेक पास एक युवक को बीच सड़क पर इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों की मारपीट में जिस युवक की मौत हुई है, उसके जीजा बालाघाट में डीएसपी हैं। साले की मौत की सूचना के बाद वह भी भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पिटाई में युवक की मौत के बाद उसके परिजन और दोस्तों ने आज सुबह पिपलानी थाने का घेराव कर हंगामा मचाया। हंगामा मचने के बाद पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार  22 वर्षीय उचित गायकी पिता राजकुमार गायकी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहता था। उसने  वीआईटी कॉलेज सीहोर से बीटेक की पढ़ाई की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो दोस्तों के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि इंद्रपुरी सी-सेक्टर में पिपलानी थाने के दो पुलिसकर्मियों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उसके साथ इतनी अधिक मारपीट कर दी की उसकी मौत हो गई।  इधर, पुलिस का मानना है कि युवक की मौत घबराहट के कारण हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में पेट्रोलिंग पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल पैनल बनाकर मृतक के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। उदित के दोस्तों के बयान भी लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उदित गाइकी टीआईटी कॉलेज का छात्र था। उसके पिता भेलकर्मी और मां टीचर है। जबकि बहनोई बालाघाट एंटी नक्सल में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उसके दोस्तों के अनुसार इंद्रपुरी सेक्टर- सी में वह पार्टी करके लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उदित और उसके साथियों के साथ मारपीट की और थाने ले गई। इधर, परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। वहां उसकी हालत बिगजड गई। जिसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए एम्स ले गई। इधर, पुलिस का दावा है कि युवक को थाने नहीं लाया गया था। एसीपी ने कहा- पुलिस अभिरक्षा में नहीं हुई मौत  गोविंदपुरा की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अदिति भावसार सक्सेना ने बताया कि बीती रात पिपलानी थाने के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में चार-पांच युवकों के सड़क किनारे शराब पीने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। उदित को पिपलानी थाने नहीं लाया गया था, ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में मौत होना नहीं माना जा सकता। पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम उदित की मौत की सूचना के बाद वीआईटी सीहोर के डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र आज सुबह पिपलानी थाने पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मृतक के पिता बिजली कंपनी में कार्य करते हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। परिजनों ने मीडिया को बताया कि जहां पर पुलिसकर्मियों ने उदित के साथ बीच सड़क पर मारपीट की है, उसके पास ही एक सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही मारपीट की पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक जांच कराई जाए।