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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश का बेहतर प्रदर्शन

अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच सोलर संयंत्र स्थापना में देश में दूसरा स्थान, घरेलू रूफटॉप सोलर में निरंतर वृद्धि लखनऊ समेत 10 जनपदों में सर्वाधिक रूफटॉप सोलर स्थापित सीएम योगी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता और स्वीकार्यता में तेजी लखनऊ, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में राज्य सोलर संयंत्र स्थापना के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की मासिक स्थापना में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के 10 प्रमुख जनपद लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, प्रयागराज, आगरा, झांसी, रायबरेली, शाहजहांपुर और सहारनपुर में सबसे अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। यह राज्य में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जनजागरूकता और स्वीकार्यता को दर्शाता है। महाराष्ट्र से प्रतिस्पर्धा, गुजरात को पीछे छोड़ा इस अवधि में उत्तर प्रदेश का सीधा मुकाबला महाराष्ट्र और गुजरात से रहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी रहे गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश ने शीर्ष दो राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है। यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की सौर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, जिलावार निगरानी और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण का परिणाम है। देश में कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में तीसरे स्थान पर है, जबकि पीएमएसजीवाई के तहत आवेदनों की संख्या में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इंस्टॉलेशन में हर माह वृद्धि अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर माह घरेलू सोलर कनेक्शनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, सब्सिडी का सीधे उपभोक्ताओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण और डिस्कॉम स्तर पर त्वरित स्वीकृति प्रणाली ने योजना को गति दी है। बढ़ते बिजली बिल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी लोगों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर प्रत्येक परिवार को स्वच्छ एवं मुफ्त ऊर्जा का लाभ दिलाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस योजना की सफलता से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक विद्युत उत्पादन पर दबाव कम होगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे हरित ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी। पहले स्थान की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश देश में पहला स्थान भी हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर इंस्टॉलेशन में विगत सात माह से लगातार शीर्ष दो स्थान में बने रहना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। घरेलू सोलर अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

भारत एआई में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, PM से मुलाकात के बाद बोले गूगल प्रमुख पिचाई

नई दिल्ली गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की। पिचाई भारत में आयोजित ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने आए हैं और 20 फरवरी को समिट में मुख्य भाषण देंगे। भारत पहुंचने पर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत पहुंचने पर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत किया गया।   पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान श्री सुंदर पिचाई से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमने एआई के क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों और इस क्षेत्र में हमारे प्रतिभाशाली छात्रों और पेशेवरों के साथ गूगल कैसे काम कर सकता है, इस बारे में चर्चा की। गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध पिचाई ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए तैयार है और गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एआई हमारे जीवन का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर डायग्नोस्टिक्स से लेकर किसानों को रियल-टाइम अलर्ट देने जैसे बड़े स्तर की चुनौतियों को हल करने में सक्षम है। पिचाई ने भारत की विविधता, बहुभाषी पारिस्थितिकी और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नवाचार के लिए मजबूत आधार बताते हुए कहा कि यह वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतांत्रिक उपयोग का एक मॉडल बन सकता है। उन्होंने जोर दिया कि एआई का विकास भरोसे, सुरक्षा और समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए, ताकि तकनीक स्थानीय भाषाओं और संदर्भों में लोगों तक वास्तविक लाभ पहुंचा सके। इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव की घोषणा इस दौरान पिचाई ने 'इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव' की भी घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए सबसी केबल रूट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गूगल भारत में फुल-स्टैक कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है और भविष्य को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावॉट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा, जिससे रोजगार सृजन और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की घोषणा इसके साथ ही गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की भी घोषणा की, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल है, जो छात्रों और शुरुआती करियर के पेशेवरों को लक्षित करेगा। अन्य पहलों में कर्मयोगी भारत के साथ 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को समर्थन, अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ 10,000 स्कूलों में जेन एआई टूल्स की शुरुआत और 30 मिलियन डॉलर का 'एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज' भी शामिल है। पिचाई ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तब होता है जब इसे समुदायों को समझने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर विकसित और लागू किया जाए, और इसी दिशा में आईआईटी, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए जिम्मेदारीपूर्ण और व्यापक स्तर पर एआई पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।  

‘आभार प्रधानमंत्री जी, डबल इंजन सरकार ने बदल दी हम महिलाओं की जिंदगी’

यूपी की एक  आम महिला ने लिखी मोदी को भावनात्मक चिट्ठी, बताया कि उज्ज्वला योजना से कैसे आया उनकी जिंदगी में बदलाव जवाब में पीएम ने जताया आभार, कहा- ‘करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद एवं नेह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, सबसे बड़ी ताकत’ लखनऊ, हमारे प्रयासों से आपके जीवन में जो सुखद बदलाव आए हैं, उन्हें पत्र के ज़रिये मुझसे साझा करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद एवं नेह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, सबसे बड़ी ताकत है। मुझे विश्वास है कि आप सभी का सहयोग एवं योगदान विकसित भारत के निर्माण में बहुमूल्य सिद्ध होगा। ये शब्द हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र के, जो उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में रहने वाली एक सामान्य घरेलू महिला अरुणा श्री को उनके पत्र के उत्तर में आभार व्यक्त करते हुए लिखे। प्रधानमंत्री जी का यह पत्र अरुणा श्री के उस पत्र के आभार स्वरूप लिखा गया है, जिसमें अरुणा ने विकसित भारत की असली तस्वीर रखते हुए डबल इंजन सरकार की ओर से चलाई जा रही उज्ज्वला योजना से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के संदर्भ में लिखा था। अरुणा ने पत्र में भावनात्मक अनुभव व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी। उन दिनों रसोई गैस कनेक्शन और एलपीजी सिलेंडर मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतज़ार, सिफ़ारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस ख़रीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। लेकिन 2014 के बाद उज्ज्वला योजना के आने से मुफ़्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं से प्रदेश की सामान्य महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अरुणा श्री ने अपने पत्र में हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता था, लेकिन उनके पति के एक फ़ोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी ने पत्र में लिखा, भले ही यह छोटी घटना लगे, लेकिन इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं और उनकी डिलीवरी ने आम लोगों के जीवन में आमूलचूल बदलाव ला दिया है। अरुणा श्री का पत्र 2014 के बाद के नए भारत की तस्वीर पेश करता है, जिसे हम अक्सर सरकारी विज्ञापनों या भाषणों में सुनते हैं, लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कम ही महसूस कर पाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी की आम महिला अरुणा श्री के पत्र के उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को धन्यवाद के लिए लिखा पत्र बताता है कि जब सरकारी नीतियां सही ढंग से आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ़ योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में संतोष और आत्मविश्वास लाती हैं। विकसित होते भारत की यही असली तस्वीर है।

डिप्टी सीएम साव, मंत्री केदार और मंत्री चौधरी ने राज्योत्सव व प्रधानमंत्री के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के साथ राज्योत्सव तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवा रायपुर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने राज्योत्सव की तैयारियों में जुटे अधिकारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को संपूर्ण आयोजन में किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए पूरी क्षमता और योग्यता से समय पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को ऐतिहासिक और यादगार बनाना है। इसके लिए तैयारियों में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान सभी कार्यक्रमों के भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए तेजी से कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मूर्त रूप दें। उप मुख्यमंत्री  साव तथा मंत्रीद्वय केदार कश्यप और ओ.पी. चौधरी ने राज्योत्सव के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम स्थल पर सेक्टर्स की स्थिति, बैठक क्षमता, परिक्रमा पथ के लोकेशन एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था व पेयजल व्यवस्था के साथ ही वीवीआईपी सेक्टर की क्षमता, सुव्यवस्थित पहुंच मार्ग तथा सभी कार्यक्रमों के व्यवस्थित आयोजन की रुपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को मिला श्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया। सीएम साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।

बापू की समाधि पर पीएम और राष्ट्रपति का श्रद्धांजलि अर्पण, कहा- उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक

नई दिल्ली। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत तमाम नेता राजघाट पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी प्रतिमा को नमन किया और पुष्प अर्पित किए। बापू का रास्ता अपनाकर कर विकसित भारत का निर्माण करेंगे: पीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता के आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा को बदल दिया और आज भी भारत के विकास की दिशा तय कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गांधीजी ने दिखाया कि साहस और सादगी बड़े बदलाव के उपकरण बन सकते हैं। उन्होंने सेवा और करुणा की शक्ति में विश्वास रखा, जो लोगों को सशक्त बनाने का मूल आधार है। उन्होंने कहा, गांधी जयंती प्यारे बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास का मार्ग बदल दिया। उन्होंने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े बदलाव ला सकते हैं। वह सेवा और करुणा को लोगों को सशक्त बनाने के जरूरी माध्यम मानते थे। हम उनका रास्ता अपनाकर विकसित भारत के निर्माण की ओर बढ़ेंगे। दो अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी अहिंसा और सत्याग्रह के प्रवर्तक थे। उनके विचारों ने लाखों भारतीयों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में गांधी स्मृति स्थल पर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। भारत की स्वतंत्रता के कुछ महीने बाद यह घटना हुई। उनका जीवन और बलिदान दुनियाभर में शांति और मानव गरिमा का प्रतीक बना हुआ है। सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण कर गांधी के सपनों को साकार करेंगे: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  इससे पहले गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, गांधी जयंती हम सभी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और जीवन मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने का अवसर है। गांधीजी ने विश्व को शांति, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। वह आजीवन अस्पृश्यता, निरक्षरता, नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प से समाज के कमजोर से कमजोर व्यक्ति को संबल और शक्ति प्रदान की। राष्ट्रपति ने कहा, नैतिकता और सदाचार में उनका अटूट विश्वास था जिसका उन्होंने आजीवन पालन किया और जन समुदाय को भी उस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। एक स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत के निर्माण के लिए उन्होंने चरखा चलाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। अपने आचरण एवं उपदेशों के माध्यम से वे सदैव श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करते रहे। उनके जीवन-मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे। आइए, गांधी जयंती के इस शुभ अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे और एक स्वच्छ, समर्थ, सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी के सपनों को साकार करेंगे।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उदघाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रदेश की महिला उद्यमियों ने विस्तार से बताई अपनी सक्सेस स्टोरी अलग-अलग क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का हिस्सा बनीं महिलाओं ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया सपने के सच होने जैसा ग्रेटर नोएडा, कभी लचर कानून-व्यवस्था के कारण महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। साल 2017 से पहले, प्रदेश में उद्यम लगाने की बात तो दूर, महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी हिचकिचाती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में विगत साढ़े 8 वर्ष में आए बदलावों ने उत्त प्रदेश की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में भी इसकी झलक दिखाई दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों से मुलाकात की। इन महिलाओं के लिए यह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा था। इन पांच महिलाओं की कहानियां सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में आए क्रांतिकारी बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। ये कहानियां बताती हैं कि योगी सरकार की नीतियों से अब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक सुरक्षित माहौल मिला है। मेरठ की विद्युत सखी संगीता: मेहनत से लिखी सफलता की दास्तां मेरठ की रहने वाली संगीता एक विद्युत सखी हैं। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ प्रधानमंत्री को बताया कि वह हर महीने लोगों के बिजली बिल जमा करके अच्छी कमाई कर लेती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कहानी को बड़े ध्यान से सुना और उनसे पूछा कि आपको फील्ड में काम करते हुए कोई दिक्कत तो नहीं होती? इस पर संगीता ने गर्व से जवाब दिया कि अब हमें कोई दिक्कत नहीं होती। लोग हमें सम्मान से पहचानते हैं। लखनऊ की बैंकिंग सखी सरला: घर-घर पहुंचा रही हैं बैंकिंग सुविधाएं लखनऊ से आईं बैंकिंग सखी सरला ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह लोगों के बैंक खाते खुलवाती हैं और इस काम से अच्छी कमाई कर लेती हैं। पीएम ने उनसे भी उनके काम के अनुभव के बारे में पूछा। सरला ने बताया कि शुरुआत में लोगों को समझाना मुश्किल था, लेकिन अब लोग भरोसा करते हैं।  सरला ने बताया कि वो अबतक 2000 से अधिक जनधन खाते, 700 से अधिक सुरक्षा बीमा, 200 से अधिक जीवन ज्योति बीमा खाते और 200 से अधिक अटल पेंशन योजना के तहत खाते खोल चुकी हैं। वाराणसी की नमो ड्रोन दीदी नीतू सिंह: तकनीक और उद्यमशीलता का बेजोड़ संगम वाराणसी की नीतू सिंह की कहानी प्रेरित करने वाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक नमो ड्रोन दीदी हैं और उन्होंने ड्रोन चलाना सीखा है। नीतू ने बताया कि वह ड्रोन से खेतों में खाद छिड़कने का काम करती हैं और एक बीघे के लिए ₹200 लेती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लेती हैं। नीतू ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में वो 1000 एकड़ से अधिक खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं। बिजनौर की जूली देवी: 15,000 महिलाओं की आवाज बिजनौर की जूली देवी ने प्रधानमंत्री से मिलकर 15,000 महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया, जो विदुर पेड़ा समिति से जुड़ी हैं। यह समिति साबुन, मसाला, मल्टीग्रेन आटा, बेसन समेत करीब 150 उत्पाद बनाती है। जूली कहतीं हैं कि 2017 से पहले यूपी में महिलाएं उद्यम कर सकती हैं, यह सोचना भी मुश्किल था। घर से बाहर निकलने में डर लगता था। कानून व्यवस्था की हालत बहुत खराब थी। उन्होंने आगे कहा कि अब हम न केवल घर चलाती हैं, बल्कि बेखौफ होकर अपना उद्यम भी करती हैं। गोरखपुर में डेयरी उद्यम से जुड़ी कौशल्या ने भी पीएम से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह एक सफल डेयरी चलाती हैं और हर महीने अच्छी कमाई कर लेती हैं।

भारत से गहरा नाता और बेबाक छवि… कौन हैं सुशीला कार्की जो संभाल सकती हैं नेपाल की कमान

काठमांडू  नेपाल में तख्तापलट और खूनी हिंसा के बाद अब नई सरकार का इंतजार किया जा रहा है। जेन-जी प्रदर्शनकारी पहले काठमांडू के मेयर बालेन शाह को देश की कमान देना चाहते थे, लेकिन अब नया नाम सामने आया है। प्रदर्शनकारी नेपाल की पूर्व सीजेआई सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। यह दावा नेपाल के सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव ने किया। नेपाल की अंतरिम सरकार के मुखिया को चुनने के लिए आयोजित की गई एक वर्चुअल मीटिंग में करीब पांच हजार से ज्यादा जेन-जी युवा शामिल हुए। इसमें सुशीला कार्की को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। उनका भारत से भी कनेक्शन है। दरअसल, कार्की ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पोस्ट ग्रैजुएट की पढ़ाई की है। भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर नेपाल पिछले तीन दिनों से जल रहा है। केपी ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसके बाद बालेन शाह का नाम सबसे आगे आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांग पर अपनी सहमति नहीं दी, जिसके बाद दूसरे नामों पर विचार किया जाने लगा। सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनती दिख रही है। कौन हैं सुशीला कार्की? नेपाल के विराटनगर में सात जून, 1952 को जन्मीं सुशीला कार्की वहां की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं। वह नेपाल की पहली और एकमात्र महिला सीजेआई हैं। उन्होंने 2016 में सीजेआई का पद संभाला। विराटनगर के कार्की परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुशीला कार्की अपने माता-पिता की सात संतानों में सबसे बड़ी हैं। साल 1972 में उन्होंने विराटनगर में ही महेंद्र मोरंग कैंपस से बीए की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने 1975 में वाराणसी की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पीजी किया। उन्होंने 1978 में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से फिर बैचलर की डिग्री हासिल की। उन्होंने 1979 में विराटनगर में ही वकालत की शुरुआत की और फिर असिस्टेंट टीचर के रूप में भी काम किया। 2009 में उन्हें नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में एडहॉक जज के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, 2016 में वे अपने देश की सीजेआई बनीं और सात जून, 2017 तक इस पद पर रहीं।