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राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, BJP में दो तिहाई सांसदों के साथ विलय का किया ऐलान

चंडीगढ़  राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है और  भाजपा का दामन थाम लिया है।  राघव चड्डा  ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में  आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस दौरान उन्होंने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। AAP से इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया था। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलें. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। उनके मुताबिक, वे भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे।   राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं… हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालीवाल और अन्य नेता हमारे साथ हैं।" संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं।

AAP का चौंकाने वाला कदम: राघव चड्ढा की सुरक्षा हटाई, पंजाब में सियासी हलचल तेज

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया और अब पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली है। इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई वाली पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा को दी गई पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटा दी है। गौरतलब है कि चड्ढा को पंजाब के सह-प्रभारी और राज्यसभा सांसद होने के नाते यह सुरक्षा मिली हुई थी। सुरक्षा वापसी को पार्टी के अंदर बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित कर दिया कि अब चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इस फैसले के बाद से ही चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। राघव चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि उन्हें “खामोश” करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे हार मानने वालों में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। इसके जवाब में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान खुलकर सामने आए और चड्ढा पर पार्टी लाइन से हटने के आरोप लगाए। इसी बीच दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि केंद्र सरकार राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देने की तैयारी में है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर केंद्र सरकार चड्ढा पर इतनी मेहरबान क्यों दिख रही है। हालांकि, चड्ढा के करीबी सूत्रों का कहना है कि अभी उन्हें केंद्र से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, लेकिन जल्द ऐसी संभावना बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपनेता पद से हटाने और सुरक्षा वापस लेने जैसे फैसले पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों की ओर इशारा करते हैं। वहीं, केंद्र से संभावित सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने इस पूरे विवाद को और पेचीदा बना दिया है। फिलहाल, राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती दूरी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

AAP में छिड़ा गृहयुद्ध, राघव चड्ढा ने खुद पर लगे आरोपों को बताया ‘मजबूरी में किया गया स्क्रिप्टेड हमला’

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर तीखा हमला बोला है, जिन्होंने हाल ही में उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से AAP के कुछ नेता सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहे थे, जिनमें आरोप लगाया गया था कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं। राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ करीब 3 मिनट का एक वीडियो शेयर कर उन्हें आईना दिखा दिया है। राघव चड्ढा ने आरोपों पर पलटवार करते हुए 'एक्स' पर लिखा, "AAP के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे, उनके लिए पेश है एक छोटा सा ट्रेलर… पिक्चर अभी बाकी है।" राघव ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए आगे कहा किपंजाब उनके लिए केवल राजनीति या चर्चा का विषय नहीं है। उन्होंने लिखा, "पंजाब मेरी भूमि है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है।" उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ संसद में पंजाब के हक की आवाज उठाते हुए अपने पुराने वीडियो का एक संकलन भी शेयर किया, ताकि यह साबित किया जा सके कि उन्होंने हमेशा पंजाब के हितों की बात की है।   राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक करता है। उनके ‘मजबूर किया गया’ शब्द के इस्तेमाल से यह संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर ही कोई गुट उनके खिलाफ सक्रिय है। फिलहाल, इस 'ट्रेलर' के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि राघव की 'पूरी पिक्चर' में क्या खुलासे होते हैं। राघव संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे : ‘आप’ का आरोप ‘आप’ ने कल पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने में संसद में नाकाम रहने का आरोप लगा राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा था कि उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा और पार्टी नेता कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि कई अहम मामलों पर चड्ढा की चुप्पी 'निराशाजनक' है। चीमा ने कहा कि पंजाब के विधायकों द्वारा राज्यसभा के लिए चुने गए चड्ढा से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के मुद्दों का सशक्त प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने इससे जुड़ा 'एक भी संवेदनशील मुद्दा' नहीं उठाया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास निधि के लगभग 8,500 करोड़ रुपये के लंबित बकाया और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित लगभग 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान सहित प्रमुख वित्तीय मुद्दों को संसद में उजागर नहीं किया गया। राघव की की 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत : चीमा उन्होंने जीएसटी मुआवजे में बदलाव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्त पोषण से संबंधित मुद्दों के कारण हुए वित्तीय नुकसान को भी उन मामलों में गिनाया जिन्हें सांसद कथित तौर पर उठाने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि पिछले साल पंजाब में आई बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये की पूरी वित्तीय सहायता पंजाब को नहीं मिली है। चीमा ने कहा कि यह मुद्दा संसद में भी नहीं उठाया गया। मंत्री ने चड्ढा की चुप्पी को 'निराशाजनक' बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी को सांसद से उम्मीद थी कि वह इन मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे, लेकिन उनकी 'निष्क्रियता' पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत है। 'आप' की पंजाब इकाई के प्रमुख अरोड़ा ने कहा कि जनता के मुद्दों को निडर होकर उठाना पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों में से एक है और इससे किसी भी तरह का विचलन 'अप्रत्याशित' है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लंबित वित्तीय और राहत संबंधी मामलों पर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है।

कांग्रेस नेता उदित राज का हमला: AAP पर धोखा और लूट के आरोप, राघव चड्ढा को बताया सही

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से सियासत तेज है। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा है कि राघव ने कुछ भी गलत नहीं किया है बल्कि उन्होंने सही काम किया है। उदित राज ने साथ ही यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को बदनाम करने की काफी कोशिश कि लेकिन वे कुछ भी साबित नहीं कर सके। आप नेता राघव चड्ढा के विवाद पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, ‘आप ने जनता को धोखा दिया, लूट मचाई और कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की, फिर भी उनके खिलाफ कभी कोई आरोप साबित नहीं हुआ। उन्हें इससे सबक लेना चाहिए था। अब वे शिकायत कर रहे हैं कि राघव चड्ढा उनका साथ नहीं दे रहे हैं। राघव चड्ढा ने कुछ भी गलत नहीं किया। वास्तव में, उन्होंने सही काम किया है और दूसरों को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए।’ 'बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा' उदित ने कहा ‘राघव चड्ढा ने इनके साथ (आप) सही किया बल्कि इन्हें तो और सबक सिखाना चाहिए। इन्होंने और नेताओं के साथ क्या किया और अब ये कह रहे हैं कि राघव हमारा साथ नहीं दे रहे हैं। बीजेपी से मिल गए हैं। अरे तुमने बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा। आज अपनी सुविधा के हिसाब से व्यक्तिगत महत्वकांक्षा को हासिल करने के लिए अपनी ही पार्टी बनाई वरना इनके पास दम था रामलीला मैदान में लाखों लोगों को खाना खिलाने में। ये लोग अपने इतिहास को देख लें। राघव चड्ढा ने कोई गलत काम नहीं किया बल्कि एकदम सही काम किया और लोगों को भी करना चाहिए।’ 'आपको बोलना चाहिए' उदित ने इससे पहले  भी इस मुद्दे पर कहा था कि राघव को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए और चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ‘खामोशी होनी ही नहीं चाहिए। अगर राजनीति में हैं तो इस मुद्दे पर तो खामोशी का मतलब ही नहीं होता। राघव जन समस्याओं को उठाते हैं और ऐसे में उन्हें सब साफ कर देना चाहिए। कोई भी खामोश नहीं रहता है। अगर पार्टी ने कोई अपमान नहीं किया है तो ये भी बताएं। और पार्टी से नाखुश हैं तो ये भी बताएं। ये क्या दोहरा चरित्र है। खामोश किसने करवाया है ये भी बताएं। पॉलिटिकल चीजें निजी नहीं होती हैं बल्कि पब्लिक होती हैं। आप क्यों इस तरह से अनुमान लगा रहे हैं या किसी को अंधेरे में रख रहे हो या लुका छिपी कर रहे हो या रहस्य पैदा दर रहे हो। आपको बोलना चाहिए।’ पार्टी के फैसले पर राघव ने क्या कहा? राघव ने पार्टी के इस फैसले पर  आरोप लगाते हुए कहा पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।'

हरियाणा AAP के पूर्व अध्यक्ष का आरोप: राघव चड्ढा को ‘शीशमहल’ में मुर्गा बना पीटा गया था

रोहतक  हरियाणा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष रहे नवीन जयहिंद ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया है कि आप सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास रहे 'शीशमहल' (सीएम हाउस) में मुर्गा बनाकर पीटा गया था। नवीन के मुताबिक राघव के साथ ऐसा चार नेताओं के सामने किया गया था। यही नहीं उनका दावा है कि इस दौरान राघव की आंख पर चोट आई थी जिसका ईलाज करवाने वे इंग्लैंड गए थे जबकि लोगों को यह लग रहा था कि वे हनीमून मनाने गए हैं। यह सभी खुलासे राघव को खुद करने चाहिए। नवीन 2 मिनट के वीडियो में कहते हैं कि ‘आज एक वीडियो देखी हमारे पुराने साथी हैं राघव जी जो कि राज्यसभा में सांसद हैं। उन्हें पार्टी ने उप-नेता पद से हटा दिया। और अभी उनका वीडियो देखा वह कह रहे हैं कि मैं दरिया हूं सैलाब आएगा। तो मैं उन भाई को कहना चाहता हूं कि आप सबको भी बता देना चाहता हूं कि वो राजदार हैं मालदार हैं दिल्ली और पंजाब के तो वे बताएं। राघव वो चीज बताएं कि जब उनको मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीशमहल में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था…तो क्यों नहीं बता रहे वे लोगों को ये बात?’ पूछा- कौन थे वो चार लोग? उन्होंने आगे कहा ‘उस टाइम पर जब सैलाब आया था और रोते हुए उनको आंख में चोट लगी थी तो फिर इंग्लैंड में जाकर उन्होंने अपनी ठीक करवाई। क्यों नहीं बताते वह ये बात। वो जितने मालदार, जितने सूटकेस और जितनी डील हुई थीं वो क्यों नहीं बताते। राघव जी आप राज्यसभा में हैं और आप जब इतना बोलते हैं तो वो भी बोलिए। बताइए कौन-कौन वो चार लोग कौन-कौन थे जो वहां पर बैठे थे। जहां पर आपको मुर्गा बनाया गया और पीटा गया।’ कौन हैं नवीन जयहिंद? आपको बता दें कि नवीन जयहिंद 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े थे। वे आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे। पार्टी ने उन्हें हरियाणा की कमान सौंपी थी। हालांकि उन्होंने 2022 में आपसी मतभेद के चलते खुद को पार्टी से अलग कर लिया। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद क्या बोले राघव? आपको बता दें कि राघव ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा समेत अन्य मुद्दे संसद में उठाए हैं। आप नेता ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं इसके आप सभी का आभार करते हैं।

राघव चड्ढा ने AAP को दिया करारा जवाब, कहा- ‘मैं हारा नहीं, सैलाब बनकर आऊंगा’

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर पहली बार खुलकर बोला है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं. सांसद ने कहा है कि वह हमेशा से आम आदमी की आवाज बनकर संसद में आए और विभिन्न मुद्दे उठाए जिसका सीधा असर जनता पर पड़ता था।  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा- जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं. और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।  उन्होंने कहा कि जी हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने की अनुमति न दी जाए. अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं. एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, टोल प्लाजा पर बैंक चार्जेज की लूट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा, डेटा रोलओवर का मुद्दा, रिचार्ज के बाद इनकम बंद होने का मुद्दा-मैंने ये सभी मुद्दे संसद में उठाए हैं।  'कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा?' सांसद ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ. लेकिन इससे पार्टी के आम आदमी को क्या फायदा हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं. जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा समर्थन करते हैं, मेरी सराहना करते हैं, मुझे प्रोत्साहित करते हैं।  आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं. इसी तरह मेरा हाथ थामे रखिए और मेरा साथ दीजिए. मुझे मत छोड़िए. मैं आपके साथ हूं और आपके लिए हूं. और जिन्होंने संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मेरी आवाज को दबा दिया, मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मैं वह नदी हूं, जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है।   

AAP का बड़ा कदम: राघव चड्डा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाया गया

नई दिल्ली राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ा झटका मिला है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है. इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी कैंची चली है. जी हां, आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा की जगह अब नया उपनेता चुना लिया है. अब आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल राज्यसभा में उपनेता होंगे. आम आदमी पार्टी ने इस बाबत राज्यसभा सचिवालय को पत्र सौंपा है।  सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को यह भी सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए. दरअसल, राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे. लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे. चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।      सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं. वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे।  राघव चड्ढा केजरीवाल के बरी होने पर भी चुप थे हालांकि, आम आमदी पार्टी ने इस फैसले के पीछे का कारण नहीं बताया है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है. राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।  राघव चड्ढा पर यह एक्शन क्यों? पहली वजह: जब दिल्ली में शराब कांड मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कईयों को जमानत मिली तब उस पर भी वह चुप थे।  दूसरी वजह: राघव राज्यसभा में पार्टी के कोटे से तय किए हुए समय में बोल रहे थे. इस वजह से पार्टी के अन्य सांसदों को मौका या तो नहीं मिल पाता था या कम मिलता था।  तीसरी वजह: पार्टी का स्टैंड सही से नहीं रख पा रहे थे या पार्टी के मुद्दों पर बोलने से बचते थे।  चौथी वजह: आप का अंदरूनी कलह  बहरहाल, राघव चड्डा ने इस पर अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. इस घटना से आम आदमी पार्टी का अंदरूनी कलह सामने आ गया है. राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के पास फिलहाल सीमित संख्या में सांसद हैं. संजय सिंह जेल में होने के बाद राघव चड्डा को अनौपचारिक रूप से उपनेता की जिम्मेदारी दी गई थी. वे कई महत्वपूर्ण बहसों में सक्रिय रहे. लेकिन पार्टी का कहना है कि व्यक्तिगत स्टाइल के बजाय सामूहिक फैसला जरूरी है।  राघव ने किन-किन मुद्दों को उठाया:     राइट टू रिकॉल (जनता को नेता वापस बुलाने का अधिकार)     मिडिल क्लास पर टैक्स बोझ:     खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा:     गिग वर्कर्स (10 मिनट डिलीवरी वाले कामगारों) की सुरक्षा     एयरपोर्ट पर महंगा चाय-पानी और फ्लाइट टिकट की समस्याएं  

यूज न किया गया डेटा रात 12 बजे ही क्यों खत्म होता है? राघव चड्ढा ने उठाई आवाज

नई दिल्ली राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों की विवादास्पद नीति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि मोबाइल रिचार्ज प्लान में डेली डेटा लिमिट जैसे 1.5 जीबी, 2 जीबी या 3 जीबी प्रतिदिन दिए जाते हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाते हैं। उपयोग न होने वाला डेटा आधी रात को समाप्त हो जाता है, भले ही उपभोक्ता ने उसके लिए पूरा पेमेंट कर दिया हो। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति 2 जीबी का प्लान लेता है और सिर्फ 1.5 जीबी इस्तेमाल करता है, तो बाकी 0.5 जीबी बिना किसी रिफंड या रोलओवर के खत्म हो जाता है। राघव चड्ढा ने इसे संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी नीति करार दिया, जिसमें उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से डेटा इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाता है, नहीं तो वह बर्बाद हो जाता है। यह मुद्दा करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं से जुड़ा है, क्योंकि ज्यादातर लोग प्रीपेड प्लान पर निर्भर हैं। टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया दैनिक डेटा कोटा लागू करती हैं, जो मध्यरात्रि पर रीसेट होता है। इससे कई बार छात्र, कामकाजी लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपयोगकर्ता प्रभावित होते हैं, जो कम डेटा इस्तेमाल करते हैं लेकिन पूरा भुगतान करते हैं। राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और सवाल किया कि भुगतान किया हुआ डेटा क्यों जब्त किया जाता है? उन्होंने मांग की कि बचे डेटा को अगले चक्र में ट्रांसफर किया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी मेहनत की कमाई से की गई खरीद का पूरा लाभ उठा सकें। चड्ढा का यह बयान उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्होंने इसे डिजिटल लूट जैसा बताया, जहां कंपनियां जानबूझकर ऐसे नियम बनाती हैं जो उनके मुनाफे को बढ़ाते हैं लेकिन आम आदमी को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा रोलओवर की सुविधा लागू करने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और कंपनियों पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि औसत उपयोग से कम डेटा ही बचेगा। यह नीति विदेशों में कई देशों में पहले से लागू है, जहां अप्रयुक्त डेटा अगले महीने या साल में कैरी फॉरवर्ड होता है। इस मुद्दे पर अब बहस तेज हो गई है। राघव चड्ढा की मांग है कि सरकार और ट्राई इस पर विचार करें और उपभोक्ता हित में नियमों में बदलाव लाएं। अगर डेली डेटा रोलओवर लागू होता है, तो लाखों-करोड़ों रुपये उपभोक्ताओं की जेब में बच सकते हैं।  

खाने में मिलावट पर संसद में हंगामा: राघव चड्ढा ने उठाए कड़े सवाल, सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को सदन में देश में खाने में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने इसे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बताया जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करता जा रहा है। आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद में बोलते हुए कंपनियों पर सेहतमंद और एनर्जी बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक उत्पाद बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे रोजमर्रा की जरूरी चीजों में खतरनाक पदार्थ मिलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि दूध खरीदिए, उसमें यूरिया मिलता है, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन है, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा होता है, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर मिलता है, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग होते हैं, खाने के तेल में मशीन का तेल मिलाया जाता है, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा होता है, चाय में सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक ​​कि देशी घी में जो मिठाइयां बनानी चाहिए, वो भी वनस्पति तेल और डालडा से बनाया जाता है। आप सांसद राघव चड्ढा ने आगे बताया कि एक मां अपने बच्चे को दूध का गिलास देती है, ये सोचकर कि उसके सेहत के लिए कैल्शियम और प्रोटीन मिलेगा और मेरा बच्चा दुरुस्त बनेगा। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि वह अपने बच्चे को यूरिया और डिटर्जेंट मिला हुआ दूध पिला रही है। उन्होंने एक रिसर्च स्टडी का हवाला दिया, जिसमें दिखाया गया कि दूध के सैंपल में 71 प्रतिशत यूरिया और 64 प्रतिशत में न्यूट्रलाइजर जैसे सोडियम बाइकार्बोनेट पाए गए। उन्होंने कहा कि देश में दूध का इतना उत्पादन नहीं है, जितना बेचा जा रहा है। सब्जियां जिन्हें हम सेहत का खजाना समझकर खरीदते हैं, उनमें ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाकर फ्रेश करके बेचा जाता है। ऑक्सीटोसिन वह खतरनाक केमिकल है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, हार्ट फेलियर, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि 2014-15 और 2025-26 के बीच जितने भी सैंपल की जांच हुई, उनमें से 25 प्रतिशत सैंपल में मिलावट पाई गई, जिसका मतलब है कि हर चार में से एक सैंपल में मिलावट पाई गई। उन्होंने आगे कहा कि जो प्रोडक्ट भारत में बनते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हो गए हैं, दो बड़ी भारतीय मसाला कंपनियों के उत्पादों पर कैंसर पैदा करने वाले कीटनाशकों के कारण यूके और पूरे यूरोप में बैन लगा दिया गया था, फिर भी वही उत्पाद भारत में खुलेआम बेचे जा रहे हैं। उन्होंने दुख जताया कि जो चीजें विदेशों में पालतू जानवरों के लिए भी ठीक नहीं हैं, उनका यहां बिना सोचे-समझे सेवन किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को पर्याप्त कर्मचारियों और प्रयोगशाला सुविधाओं के साथ मजबूत करने, उल्लंघन करने वालों पर वित्तीय जुर्माना बढ़ाने, मिलावटी उत्पादों का नाम बताने और उन्हें शर्मिंदा करने के लिए एक सार्वजनिक रिकॉल सिस्टम शुरू करने और विज्ञापनों में गुमराह करने वाले स्वास्थ्य दावों पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया।

10-मिनट डिलीवरी ब्रांडिंग पर यू-टर्न, राघव चड्ढा बोले— ‘सत्यमेव जयते, जनता की जीत’

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग को हटाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम डिलीवरी राइडर्स और सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सत्यमेव जयते। साथ मिलकर हमने जीत हासिल की है। मैं केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग को हटाने के लिए समय पर निर्णायक और संवेदनशील कदम उठाया। यह एक बहुत जरूरी कदम था, क्योंकि जब राइडर की टी-शर्ट, जैकेट और बैग पर '10 मिनट' लिखा होता है और ग्राहक की स्क्रीन पर टाइमर चलता है तो दबाव असली, लगातार और खतरनाक होता है।" उन्होंने आगे लिखा, "पिछले कुछ महीनों में मैंने सैकड़ों गिग वर्कर्स से बात की है। उनमें से कई ज्यादा काम करते हैं, कम पैसे मिलते हैं और एक अवास्तविक वादे को पूरा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। मैं हर उस नागरिक को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़ा रहा। आप इंसान की जिंदगी, सुरक्षा और गरिमा के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे।" उन्होंने गिग वर्कर्स से कहा, "आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।" इससे पहले, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें गिग वर्कर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त डिलीवरी टाइम लिमिट को हटाने की सलाह दी। कंपनियों ने भी सरकार को आश्वासन दिया कि वे डिलीवरी टाइम लिमिट को अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे। ब्लिंकिट ने तत्काल प्रभाव के कदम उठाते हुए 10-मिनट डिलीवरी क्लेम को अपने ब्रांड प्लेटफॉर्म से हटाया। बता दें कि राघव चड्ढा ने पिछले कुछ दिनों में लगातार गिग वर्कर्स के लिए आवाज उठाई है। वर्कर्स के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए राज्यसभा सांसद ने सोमवार को पूरा दिन एक वर्कर के साथ बिताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया।