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संसद में चीन मुद्दे पर टकराव: राहुल के दावे पर गरजे राजनाथ, दे डाला खुला चैलेंज

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।   राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी। इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती। अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है? राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई। मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है।

राहुल नहीं करेंगे अगुवाई! कांग्रेस की अगली यात्रा के लिए नया चेहरा तय, पार्टी ने खेला बड़ा दांव

गुवाहाटी देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने असम में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत पार्टी ने एक बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी राज्य के ज्यादातर जिलों से होकर गुजरने वाली एक मेगा यात्रा निकालने की तैयारी में है जिसका नेतृत्व राहुल गांधी नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई करेंगे। इस यात्रा को फरवरी माह में शुरू करने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हालांकि, इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग चरणों में विभिन्न स्थानों पर शामिल होंगे।   सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी, जिसमें बस-यात्रा के साथ-साथ पदयात्रा, नुक्कड़ सभाएं और बड़ी जनसभाएं शामिल होंगी। इसके जरिए पार्टी सीधे जनता से संवाद स्थापित करने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यात्रा के नाम और तारीख को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभावना है कि संसद सत्र के समाप्त होने के बाद इस यात्रा की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही उल्लेखनीय है कि असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही है और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को चुनावी राज्य में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके और चुनावी बढ़त हासिल की जा सके। गौरव गोगोई न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं बल्कि लोकसभा में सदन के उपनेता भी हैं। इसलिए पार्टी उन्हें ही आगे रखकर और चुनावी चेहरा बनाकर उतरने का प्लान बना रही है, जबकि भाजपा राहुल गांधी पर गमछा विवाद के बाद हमला बोल रहे हैं। पार्टी गौरव गोगोई को आगे रखकर भाजपा के एजेंडे को कमतर करना चाह रही है। अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है और शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी में बदलाव आया था और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए काम कर रही है। शाह ने करेनग चापोरी में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग द्वारा आयोजित 10वें ‘मिसिंग युवा महोत्सव’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील की ताकि राज्य को घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। कांग्रेस पर घुसपैठ करवाने के आरोप उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह बदल गई। घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गये।’’ शाह ने कहा कि मोदी सरकार राज्य में जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति को पलटने के लिए विभिन्न तरीकों से काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप असम में घुसपैठ रोकना चाहते हैं, तो भाजपा सरकार को तीसरी बार चुनकर अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाथों को मजबूत करें। असम में भाजपा सरकारों ने अतिक्रमण की गई 1.26 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।’’

जामताड़ा में जनसभा करने दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जामताड़ा आगमन का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र जामताड़ा आने की सहमति दी। इस अवसर पर जामताड़ा में एक ऐतिहासिक जनसभा और सम्मेलन के आयोजन पर भी सहमति बनी। मुलाकात के दौरान झारखंड की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और सरकार जनहित के मुद्दों पर मजबूती से काम कर रही है। संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी के मार्गदर्शन में कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जनता के बीच सक्रिय हैं। राहुल गांधी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। भाजपा को दें सशक्त जवाब बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा को हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ सशक्त और मुखर जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र और समाज की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी गई। उन्होंने 15 लाख रुपये तक के हेल्थ कार्ड से निश्शुल्क इलाज की योजना की सराहना की और स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। डॉ. अंसारी ने बताया कि झारखंड में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है और बीमा आधारित स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हैं। खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा में पीडीएस प्रणाली को मजबूत करने और फोर जी ई-पॉस मशीनों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। राहुल गांधी ने डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें जनहित में समर्पित भाव से कार्य करते रहने का संदेश दिया।

कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी बोले- ‘मुगल-ब्रिटिश गए, बीजेपी वाले भी चले जाएंगे’

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब भी आप किसी संगठन में काम करते हैं तो सर्वप्रथम आपका काम उस संगठन की मजबूती के लिए प्रयास करना होना चाहिए। जब संगठन मजबूत होता है तो आप भी मजबूत होते हैं। आपको जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्तव्यनिष्ठा से इसे निभाना है। आप कांग्रेस के योद्धा हैं और योद्धा की तरह ही कार्य करना है। सामने भ्रष्ट सत्ता का साम्राज्य एक बड़ी चुनौती है, निर्भीक होकर इन चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाना है। आपकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता, क्योंकि कांग्रेस जैसा मजबूत संगठन आपके साथ खड़ा है। जिस तरह देश से मुगल और ब्रिटिश चले गए, एक दिन भाजपा वाले भी चले जाएंगे। वह सन्निहित सरोवर के निकट पंजाबी धर्मशाला में हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर के के नौवें दिन संबोधित कर रहे थे। जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के इतिहास, विचारधारा और रणनीति को साझा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सख्ती से लागू होना चाहिए। आप सामर्थ्यवान हैं और किसी के दबाव में आकर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं, स्वतंत्र होकर काम करें। उन्होंने कहा कि हम आपकी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश व सहयोग प्रदान करते रहेंगे। राहुल गांधी सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर धर्मशाला पहुंचे और शाम 4:40 बजे अंबाला के लिए निकल गए। यहां पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इनमें प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, प्रफुल्ल गुडधे, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजीव भारद्वाज सहित हरियाणा और उत्तराखंड के कई नेता शामिल रहे। शिविर का वीरवार को समापन होगा। राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनाने में विदेशी ताकतों का हाथ था। वर्तमान केंद्र सरकार भी विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है। राहुल गांधी ने प्रत्येक जिलाध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। विस्तृत चर्चा करने के साथ-साथ जानकारियां साझा की और सुझावों का आदान-प्रदान भी किया। उन्होंने जिलाध्यक्षों और उनके स्वजन संग भोजन किया। उनका यह आत्मीयता और अपनत्व भरा व्यवहार कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर गया। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को कहा कि संगठन की मजबूती के साथ-साथ स्वयं को भी मजबूत बनाना जरूरी है। सेशन के अंतिम घंटे में राहुल गांधी ने स्वयं की मजबूती पर जोर देते हुए 35 मिनट तक जिलाध्यक्षों को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दी। राहुल के ताइक्वांडो के गुर सिखाते हुए जिलाध्यक्षों को स्वयं भी एक्शन करके दिखाए और जिलाध्यक्षों से भी करवाए। उन्होंने कहा कि यह आत्मरक्षा की एक तकनीक है, जिसे सभी को सीखना चाहिए। यह किसी भी बुरे वक्त में काम आती है। साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्षों को पाठ पढ़ाया कि इस तकनीक का कभी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर के निकट स्थित पंजाबी धर्मशाला में चल रहा शिविर 13 जनवरी को शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य पार्टी को जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना रहा। 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर 22 जनवरी वीरवार को संपन्न होगा। इसमें हरियाणा और उत्तराखंड के 60 जिलाध्यक्ष भाग ले रहे हैं। इनमें 33 जिलाध्यक्ष हरियाणा के और 27 जिलाध्यक्ष उत्तराखंड के शामिल रहे। इन जिलाध्यक्षों में चार महिला जिलाध्यक्ष शामिल हैं, जिनमें हरियाणा से एकमात्र सिरसा जिले की संतोष बेनीवाल हैं, जबकि तीन महिला जिलाध्यक्ष उत्तराखंड से हैं।

इतिहास की झलक: राहुल गांधी को मिला फिरोज गांधी का पुराना ड्राइविंग लाइसेंस, मां सोनिया को किया फॉरवर्ड

रायबरेली उत्तर प्रदेश के रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर आए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। उन्हें उनके दादा और पूर्व सांसद फिरोज गांधी का दशकों पुराना ड्राइविंग लाइसेंस भेंट किया गया, जो वर्षों से गुमनाम था। रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने राहुल गांधी को यह ऐतिहासिक दस्तावेज सौंपा।   विकास सिंह ने बताया कि उनके ससुर को यह लाइसेंस कई साल पहले एक कार्यक्रम के दौरान मिला था। उनके निधन के बाद उनकी सास ने इसे एक अमानत की तरह सुरक्षित रखा था। विकास सिंह ने कहा, "हमें लगा कि यह गांधी परिवार की धरोहर है और राहुल जी के रायबरेली दौरे के दौरान इसे उन्हें सौंपना हमारा कर्तव्य है।" जैसे ही राहुल गांधी को यह लाइसेंस मंच पर सौंपा गया, उन्होंने इसे बहुत ध्यान से देखा। पुरानी यादों से जुड़ा यह दस्तावेज देखकर राहुल गांधी काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से लाइसेंस की फोटो खींची और व्हाट्सऐप के जरिए अपनी मां सोनिया गांधी को भेज दी। आपको बता दें कि फिरोज गांधी का जन्म दिसंबर 1912 में हुआ था। उन्होंने 1952 में भारत के पहले आम चुनाव में रायबरेली सीट का प्रतिनिधित्व किया था। 7 सितंबर 1960 को उनका निधन हो गया था। आपको बता दें कि रायबरेली न केवल राहुल गांधी का वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र है, बल्कि उनके दादा फिरोज गांधी और मां सोनिया गांधी का भी कार्यक्षेत्र रहा है।  

कुरुक्षेत्र पहुँचे राहुल गांधी पढ़ाएंगे कांग्रेस जिलाध्यक्षों को सियासी पाठ

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुँचे। धर्मनगरी आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। राहुल गांधी विशेष विमान से अंबाला एयरपोर्ट पर उतरे, जहाँ से वे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग के जरिए कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। उनके काफिले के साथ सुरक्षा बलों की गाड़ियां और स्थानीय नेताओं का हुजूम भी मौजूद रहा। कुरुक्षेत्र पहुँचने पर राहुल गांधी सीधे पंजाबी धर्मशाला पहुँचे। यहाँ सुबह से ही भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके दीदार के लिए एकत्रित थे। जैसे ही राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, कार्यकर्ताओं ने "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद" और "राहुल गांधी संघर्ष करो" के नारों के साथ आसमान गूँज उठा। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी यहाँ पार्टी के संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए हरियाणा और उत्तराखंड के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। राहुल गांधी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है तो पुलिस जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। राहुल गांधी के साथ हरियाणा प्रदेशाध्यक्षा राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी बी के हरिप्रसाद, उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला ही रहेंगे जबकि कुरुक्षेत्र जिला के विधायक अशोक अरोड़ा, रामकरण काला व मनदीप चट्ठा को भी कार्यक्रम स्थल पर एंट्री मिलने की उम्मीद है।

राहुल गांधी के वीडियो से उठा भागीरथपुरा की मौतों और प्रशासन के डेथ ऑडिट पर सवाल

इंदौर. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भागीरथपुरा दौरे के वीडियो से दूषित पानी पीने से हुई मौतों की संख्या पर फिर सवाल खड़ा हो गया है। सवाल राहुल गांधी ने खुद नहीं उठाया है। इंदौर में राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा था कि लोगों को डराया जा रहा है। अब वीडियो में राहुल गांधी से बात करते हुए भागीरथपुरा के रहवासी कहते सुनाई दे रहे हैं कि 29 जनवरी को जब क्षेत्र में फैली बीमारी मीडिया की सुर्खी बनी, उससे पहले ही लोग बीमार हो रहे थे और मौतें भी हुईं। खुद लोगों ने राहुल के सामने कह दिया कि बीमार हुए और मरने वालों का आंकड़ा छुपाया गया है। इस वीडियो के बाद प्रशासन ने जो डेथ ऑडिट किया, उस पर भी सवाल खड़े हुए हैं। रहवासी कह रहे हैं कि जब 200 से 250 मरीज अस्पताल पहुंचे, तब प्रशासन ने संज्ञान लिया। 21 मौतों का ही विश्लेषण किया गया कोर्ट के दबाव में प्रशासन ने जो डेथ ऑडिट किया, उसमें 12 जनवरी तक हुई 21 मौतों का ही विश्लेषण किया गया। इसमें अलग-अलग श्रेणी में मौतों को रखा गया। छह मौतों को सीएमएचओ ने महामारी से हुई मौत बताया। इन मृतकों के नाम उर्मिला, तारा, नंदलाल, हीरालाल, अरविंद और पांच माह का अव्यान है। इसके अलावा चार मौतों को महामारी से जुड़ी संभावित मौत माना गया। इनमें गीता, उमा कोरी, गोमती व श्रवण के नाम हैं। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई चार मौत भी इसी से संभावित मानी गई। इनमें सीमा, जीवन, रामकली व हरकुबाई का नाम शामिल है। दो मौत महामारी से पहले हो चुकी थीं, यह भी डेथ ऑडिट में माना गया। इस श्रेणी के मृतकों में सुमित्रा व संतोष का नाम रखा गया। प्रशासन महामारी 24 दिसंबर से मानता है प्रशासन महामारी 24 दिसंबर से मानता है। कमला पत्नी तुलसीराम व सुनीता पत्नी सतीश इस तारीख से पहले मर चुकी थीं। इसलिए इन दो मौतों को भी भागीरथपुरा त्रासदी की सूची से बाहर रखा गया। इसके अलावा चार मौतों को तो महामारी से अलग कारणों से होना बताया गया। इनमें अशोक, शंकर लाल, कमला व सुनीता का नाम है। मंजुला नामक महिला की रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। जबकि क्षेत्रवासियों के अनुसार अन्य मृतक भी हैं, जिनमें सुमित्रा देवी, अशोकलाल पंवार, गोमती रावत, उर्मिला यादव, जीवनलाल बरेड़े, सीमा प्रजापत, संतोष बिगोलिया, अव्यान साहू, श्रवण खुपराव, रामकली, नंदलाल, उमा कोरी, मंजुला वाढ़े, ताराबाई, हीरालाल, अरविंद लिखर, गीताबाई, हरकुंवर बाई, शंकर भाया, ओमप्रकाश शर्मा, सुनीता वर्मा और भगवानदास का नाम शामिल है। एक अन्य सुभद्राबाई की मौत 15 जनवरी को हुई, जिसका प्रशासन ने खंडन किया और कहा कि डायरिया से इस मौत का कोई वास्ता नहीं है। इस तरह आम लोगों के आंकड़े में इन सभी मौतों को मिलाकर मरने वालों की संख्या 24 हो रही है।

राहुल गांधी ने इंदौर के भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पैदल चलकर दूषित जल पीड़ितों से की मुलाकात

इंदौर भागीरथपुरा दूषित जल कांड से प्रभावित लोगों और मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को पहुंचे। उन्होंने बॉम्बे अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और फिर भागीरथपुरा बस्ती जाकर पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक गीता बाई और जीवन माली के परिजनों से भी मुलाकात की। सुरक्षा कारणों से कुछ बड़े नेताओं को अस्पताल के बाहर ही रोक दिया गया था। 15 मिनट अस्पताल में रहे राहुल गांधी ने बॉम्बे अस्पताल में करीब 15 मिनट बिताए। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना। उनके साथ दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कमल नाथ भी मौजूद थे। मृतकों के घर जाकर दी सांत्वना इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर जाकर उनके परिजनों से बात की। फिर वे मृतक जीवन माली के घर पहुंचे, जिनकी मौत भी दूषित पानी के कारण हुई थी। इस दौरान भीड़ की धक्का-मुक्की से वे थोड़े नाराज भी हुए। मासूम के परिजनों से भी मिले राहुल गांधी संस्कार गार्डन में 5 महीने के अव्यान के परिजन और अन्य पीड़ित परिवारों से भी मिलेंगे। कांग्रेस ने प्रशासन को पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए चार घरों की सूची सौंपी है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि दूषित जल कांड में जान गंवाने वाले सभी 24 मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।  

राहुल गांधी का इंदौर दौरा: भागीरथपुरा पीड़ितों से संवाद, प्रशासन ने कॉन्फ्रेंस पर लगाई रोक

 इंदौर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पर रहेंगे और दूषित पानी की वजह से अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मिलेंगे. वह भागीरथपुरा भी जाएंगे और प्रभावित परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त करेंगे. MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा है कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो गई है और आठ से 10 मरीज गंभीर हालत में हैं. हालांकि, राज्य सरकार ने इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या सात बताई है, जिसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है. उन्होंने आगे दावा किया कि राज्य में सप्लाई होने वाला 70 प्रतिशत पानी दूषित और पीने लायक नहीं है और प्रदूषित पानी को 'धीमा जहर' बताया जो किडनी और दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भागीरथपुरा के निवासियों ने भी दावा किया है कि पिछले महीने इलाके में फैली उल्टी और दस्त की बीमारी से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधते हुए पटवारी ने आरोप लगाया, "इंदौर में दूषित पानी पीने से कई मौतों के बावजूद राज्य के मंत्री बड़े-बड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और हमें गालियां दे रहे हैं, पूछ रहे हैं कि हम इस घटना के बारे में सवाल क्यों उठा रहे हैं?" पटवारी ने बताया कि कांग्रेस गांधी की मौजूदगी में दूषित पीने के पानी की समस्या के समाधान पर चर्चा करने के लिए एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करना चाहती थी, जिसमें राज्य भर के बुद्धिजीवी, पर्यावरणविद और नगर निगम पार्षद शामिल होते, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाज़त नहीं दी. अब हम यह कॉन्फ्रेंस बाद में आयोजित करेंगे." राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के सामने एक स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि इस बीमारी से सात लोगों की मौत हुई है, जिसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है. इस बीच, सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक समिति की 'डेथ ऑडिट' रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 लोगों की मौत किसी न किसी तरह से इस बीमारी से जुड़ी हो सकती है. राहुल गांधी के दौरे के बारे में पूछे जाने पर, पूर्व लोकसभा स्पीकर और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी भूमिका पूरी ताकत से निभानी चाहिए. महाजन ने कहा, "लोकतंत्र में विपक्ष को पूरी ताकत से अपना काम करना चाहिए. उन्हें (गांधी) आने दीजिए. अगर वे कुछ अच्छे सुझाव देते हैं, तो संबंधित लोगों को उन पर विचार करना चाहिए."

राहुल गांधी के 17 जनवरी के कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी, भागीरथपुरा में मृतकों के परिवार से मिलेंगे

इंदौर  कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी 17 जनवरी को इंदौर आएंगे। वे भागीरथपुरा जाकर मृत लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। 17 जनवरी को कांग्रेस नेता गांधी प्रतिमा पर मनरेगा योजना का नाम बदले जाने पर मौन उपवास करेंगे। राहुल उसमें भी शामिल हो सकते थे। पहले वे 11 जनवरी को आने वाले थे, लेकिन तब उनके कार्यालय से सहमति नहीं मिल पाई थी। राहुल गांधी सुबह इंदौर आएंगे और दोपहर तक इंदौर रहेंगे। उनके आगमन से पहले इंदौर में एसपीजी की टीम भी आ गई। राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से आएंगे और सुबह 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।11:15 बजे इंदौर एयरपोर्ट से रवाना होकर 11:45 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचेंगे। वे 12:15 बजे तक अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12:45 बजे भागीरथपुरा पहुंचेंगे। वे करीब एक घंटे भागीरथपुरा बस्ती में रुकेंगे और दूषित पानी से मृत लोगों के परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे बस्ती से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे। शाम चार बजे वे दिल्ली पहुंचेंगे। राहुल गांधी ने इंदौर में प्रदेश भर के कांग्रेस पार्षद व जनप्रतिनिधियों की बैठक भी रखी थी, लेकिन उसकी अनुमति प्रशासन की तरफ से नहीं मिली। इस कारण मिटिंग कांग्रेस ने टाल दी। राहुल गांधी के दौरे के मद्देनजर उनके कार्यालय से टीम के प्रतिनिधि इंदौर पहुंचे और बस्ती का जायजा लिया। प्रस्तावित बैठक को रद्द कांग्रेस ने कहा है कि प्रशासन से अनुमति न मिलने के चलते प्रस्तावित बैठक को रद्द करना पड़ा. पार्टी के संगठन प्रभारी संजय कामले के अनुसार, अनुमति नहीं मिलने के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिसके चलते राहुल गांधी का इंदौर दौरा अब केवल सीमित कार्यक्रमों तक ही सीमित रहेगा.   मरने वालों के घर जाएंगे राहुल गांधी? सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने इंदौर पुलिस से भागीरथपुरा में पांच घंटे तक धरना देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें केवल तीन घंटे की अनुमति दी गई है. ऐसे में राहुल गांधी सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना देकर विरोध दर्ज कराएंगे. फिलहाल उन्हें मृतकों के परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं मिली है. कांग्रेस के दिग्गज भी रहेंगे मौजूद 17 जनवरी को इंदौर के भागीरथपुरा में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी धरने पर बैठेंगे. इनमें मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे. धरना स्थल से राहुल गांधी का संबोधन जिला और ब्लॉक स्तर तक लाइव प्रसारित किया जाएगा.  बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों के मुलाकात करेंगे राहुल  राहुल गांधी इंदौर पहुंचने के बाद सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां वह दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों और उनके परिवारों से मिलेंगे. इसके बाद, वह भागीरथपुरा जाकर दूषित पानी पीने से मरने वालों के परिवारों से मिलेंगे. राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन बता दें कि, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 17 से 31 जनवरी 2026 तक चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. यह आंदोलन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों और उससे मिलने वाले कानूनी अधिकारों से वंचित होने, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और राज्य में पानी की खराब होती गुणवत्ता के विरोध में किया जाएगा.  इंदौर दूषित पानी कांड टाइमलाइन  28–30 दिसंबर 2025 | शुरुआती संकट     इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई शुरू.     उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतें सामने आने लगीं. 29 दिसंबर 2025 | पहली मौत     70 वर्षीय नंदलाल की दूषित पानी पीने के कारण मृत्यु हुई.     यह घटना पूरे इलाके में चिंता और भय का कारण बनी. 30 दिसंबर 2025 | लापरवाही के आरोप      बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे. स‍िलस‍िला थमा ही नहीं.     स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए.   31 दिसंबर 2025 | तकनीकी कारण और कार्रवाई     मेन पाइपलाइन में लीकेज पाया गया.     नगर निगम ने मरम्मत, फ्लशिंग, क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग के बाद ही जल आपूर्ति बहाल करने का निर्णय लिया.     जोनल अधिकारी (जोन 4), सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री PHE को निलंबित.     प्रभारी उपयंत्री PHE को सेवा से पृथक किया. जांच समिति गठित की गई. 1 जनवरी 2026 | पानी की जांच रिपोर्ट     इंदौर नगर निगम को रिपोर्ट में बताया गया कि पानी के एक-तिहाई नमूनों में बैक्टीरियल संक्रमण पाया गया. 2 जनवरी 2026 | लैब रिपोर्ट और स्वास्थ्य आंकड़े     इंदौर CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज से पानी दूषित हुआ. स्वास्थ्य आंकड़े: 294 मरीज अस्पताल में भर्ती, 93 डिस्चार्ज. 3 जनवरी 2026 | स्वास्थ्य संकट और जीबीएस बीमारी     करीब 150 मरीज अभी भी उपचाररत.     भागीरथपुरा की निवासी पार्वती बाई में GBS बीमारी की पुष्टि.     इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटाया गया.     IAS क्षितिज सिंघल को नया नगर निगम आयुक्त नियुक्त किया गया.   11 जनवरी 2026 | कांग्रेस की न्याय यात्रा     इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा. भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने.      कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा व जिम्मेदारों पर हत्या का मामला दर्ज की मांग की.  जनवरी 2026 (दूसरा सप्ताह)     दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 23 तक पहुंची. कई मरीज अब भी अस्पतालों में भर्ती. 14 जनवरी 2026 | राहुल गांधी का दौरा      राहुल गांधी का इंदौर दौरा बना. कांग्रेस ने 71 जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किए. 17 जनवरी 2026 | इंदौर में धरना      राहुल गांधी का भागीरथपुरा में धरना कार्यक्रम प्रस्‍ताव‍ित.     सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रदर्शन करेंगे.     कांग्रेस नेता 71 जिला मुख्यालयों पर समानांतर धरना देंगे.