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तमिल संस्कृति पर हमला या सियासी फैसला? ‘जन नायकन’ विवाद में विजय के साथ राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' को रोकने की केंद्र सरकार की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे। राहुल का यह बयान तमिल फिल्म जन नायकन के निर्माता के सुप्रीम कोर्ट में मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने के एक दिन बाद आया है। एचसी ने फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड (CBFC) से मंजूरी मिलने के एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी। मद्रास हाई कोर्ट ने 9 जनवरी को एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सीबीएफसी को जन नायकन को तुरंत सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था, जिससे अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए विजय की फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जन नायकन को रोकने की कोशिश तमिल संस्कृति पर हमला है।’ लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज दबाने में कभी कामयाब नहीं होंगे। फिल्म जन नायकन के सर्टिफिकेट पर बवाल केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने पिछले शुक्रवार को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसने बोर्ड को फिल्म का प्रमाणपत्र तुरंत जारी करने के एकल पीठ के निर्देश पर रोक लगा दी थी। विजय ने कुछ महीने पहले अपना राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) बनाया है और जन नायकन को विजय के राजनीति में पूरी तरह से प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जा रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फिल्म पोंगल के अवसर पर 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, सीबीएफसी के समय पर प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के बाद फिल्म को आखिरी समय में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।  

फैक्ट्री स्थापना की रफ्तार पर राहुल गांधी की तारीफ, मंत्री वैष्णव का जवाब— ‘धन्यवाद’

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच हल्की नोक-झोंक सामने आई है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में कर्नाटक सरकार की तारीफ की थी। उनकी यह तारीफ आईफोन निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन द्वारा तेजी से लगाई गई फैक्ट्री और केवल 9 महीनों में करीब 30 हजार कर्मचारियों के भर्ती के संदर्भ में थी। इसमें से 80 फीसदी महिलाएं हैं। हालांकि, राहुल गांधी की इस तारीफ को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेक इन इंडिया की तारीफ बताते हुए धन्यवाद कह दिया।   राहुल गांधी के फेसबुक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र की मोदी सरकार को दिया। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम की सफलता को स्वीकार करने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी स्वीकार किया है कि भारत एक उत्पादक अर्थव्यवस्था बन रहा है।" वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया के जरिए देश की निर्माण क्षमता मजबूत हुई है और भारत वैश्विक स्तर पर लगातार उत्पादन का केंद्र बनता जा रहा है। क्या कहा था गांधी ने? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को फेसबुक पर एक रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कर्नाटक सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने लिखा, "सिर्फ आठ-नौ महीनों में 30 हजार कर्मचारियों की भर्ती, यह भारत में अब तक का सबसे तेज फैक्ट्री रैंप अप है।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राहुल ने लिखा, "यह सिर्फ आंकड़े नहीं है, यह रोजगार को बढ़ाने के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। इस यूनिट को बड़े पैमाने पर महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह उपलब्धि इसे और भी ज्यादा खास बनाती है। कई युवतियों के लिए यह उनकी पहली नौकरी है। कर्नाटक एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहा है, जहां मैन्यूफैक्चरिंग इस स्तर और रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है।" गांधी ने कहा, "यही वह भारत है, जिसे हम बनाना चाहते हैं गरिमा के साथ सभी के लिए नौकरी का अवसर।" गौरतलब है कि ताइवान स्थित फॉक्सकॉन एप्पल के उपकरणों की कॉन्ट्रेक्ट मैन्युफैक्चरर है। भारत में बड़े पैमाने पर इसका प्लांट लगाया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैक्ट्री एप्पल की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहती है।

राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: चुनाव अधिकारियों को दी हिदायत, सत्ता में आते ही कानून बदलने की चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली में रविवार को सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। साथ ही चुनाव अधिकारियों को हिदायत दी कि वे इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म और दुनिया के हर धर्म की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी है। हिंदुस्तान में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हो रही है। इस लड़ाई में चुनाव आयोग, भाजपा की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू, विवेक जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्य-असत्य की इस लड़ाई में ये चुनाव आयुक्त भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, जिसमें ये कुछ भी करें, इन पर कोई एक्शन नहीं लिया जा सकता, लेकिन याद रखिए हम इन चुनाव आयुक्तों की रक्षा करने वाले कानून को बदलेंगे और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि गांधीजी कहते थे, सत्य सबसे जरूरी चीज है। हमारे धर्म में ‘सत्यम शिवम् सुंदरम्’ और ‘सत्यमेव जयते’ के बारे में भी कहा गया है, लेकिन मोहन भागवत कहते हैं, विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है। जिसके पास शक्ति है, उसे माना जाता है। यह आरएसएस और मोहन भागवत की सोच है। जहां एक तरफ हमारा धर्म कहता है कि सत्य सबसे जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ मोहन भागवत कहते हैं, सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है। आज देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है। हम सत्य के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि उन्हें पता है कि हमारी वोट चोरी पकड़ी गई है। अमित शाह भी तभी तक बहादुर हैं, जब तक इनके हाथ में सत्ता है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि आज भाजपा को चुनाव आयोग की जरूरत है, क्योंकि उसके बिना नरेंद्र मोदी चुनाव नहीं जीत सकते। हमें चुनाव आयोग के तीन अधिकारियों के नाम नहीं भूलने हैं, क्योंकि ये लोग लोकतंत्र पर वार कर रहे हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब पूरा विपक्ष कह रहा है कि चुनाव आयोग पर हमें भरोसा नहीं रहा। चुनाव प्रक्रिया के हर कदम को चुनाव आयोग ने संदिग्ध बना दिया है। आज देश की हर संस्था को मोदी सरकार ने अपने सामने झुका दिया है। उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देती हूं, भाजपा एक बार बैलेट पेपर पर निष्पक्ष चुनाव लड़ ले। ये कभी नहीं जीत पाएंगे और यह बात भाजपा भी जानती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हालात ये हैं कि पिछले आम चुनाव में मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला गया, कांग्रेस का बैंक अकाउंट बंद कर दिया गया, भ्रष्टाचार के नाम पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का दिल कमजोर था, जो इस दबाव को सह नहीं पाए, वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ऐसे नेताओं को अपने वॉशिंग मशीन में धोकर पाक-साफ बनाती रही। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जब मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया तो मोदी सरकार नहीं मानी। आखिर में सरकार ने कहा कि हम पहले ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करेंगे, फिर एसआईआर और वोट चोरी पर बात करेंगे। सदन में हम ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा करते रहे, लेकिन मोदी सरकार में जनता के मुद्दों पर बात करने की हिम्मत नहीं दिखी।

चुनाव आयोग पर राहुल गांधी का हमला, बोले— सत्य की लड़ाई में भाजपा का साथ दे रहा है आयोग

नई दिल्ली  कांग्रेस की रामलीला मैदान में आयोजित वोट चोरी महारैली के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ये सत्य और असत्य की लड़ाई और चुनाव आयोग इस लड़ाई में बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।   उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता है केवल तभी तक अमित शाह बहादुर हैं। संसद में उनके हाथ कांप रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, मैंने वोट चोरी को लेकर सवाल किए थे। उसकी सफाई कुछ दिनों बाद अमित शाह ने संसद में दी। उन्होंने कहा, सफाई देते हुए उनके हाथ कांप रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, भाजपा के पास सत्ता है, वे वोट चोरी करते हैं, चुनाव के समय वे 10 हजार रुपये देते हैं, उनके चुनाव आयुक्त हैं- ज्ञानेश कुमार, डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी। चुनाव आयोग-भाजपा सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इनके लिए कानून बदला, नया कानून लेकर आए और कहा कि चुनाव आयुक्त कुछ भी करे उनपर एक्शन नहीं लिया जा सकता, उनपर कार्रवाई नहीं हो सकती। हम इस कानून को बदलेंगे और आपके खिलाफ एक्शन लेंगे क्योंकि हम सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं और आप असत्य के साथ खड़े हो।  

UDF की केरल में जीत पर राहुल गांधी का संदेश, भाजपा ने कसा सियासी तंज

केरल  केरल में नगर निकाय चुनाव के नतीजों का कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वागत किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए यूडीएफ को बधाई भी दी। राहुल गांधी के इस बधाई संदेश को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने बिना किसी सबूत के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। मालवीय ने लिखा कि जब भी किसी राज्य के चुनाव परिणाम राहुल गांधी के पक्ष में नहीं आते हैं तो राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन जब कांग्रेस जीत जाती है, तो इसी प्रक्रिया का स्वागत किया जाता है। केरल निकाय चुनाव जीत में राहुल गांधी के पोस्ट को रिट्वीट करते हुए मालवीय ने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक चयनात्मक भरोसे पर नहीं चल सकता। कोई भी नेता एक ही चुनावी प्रणाली के तहत जीत का जश्न मनाए और हार के बाद उसी प्रणाली को बदनाम करे, यह सही नहीं है। ऐसा रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जगह पर जनता के विश्वास को कमजोर करती है। मालवीय ने लिखा, "अगर भारत में विपक्ष एक विश्वसनीय विकल्प बनना चाहता है, तो उसे निरंतरता और जवाबदेही प्रदर्शित करनी होगी। बार-बार उसी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद बिना किसी सबूत के उस पर सवाल उठाना राजनीतिक निष्ठा और लोकतांत्रिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।" उन्होंने लिखा, "यह किसी नेता या किसी एक पार्टी की बात नहीं है। विपक्ष के लिए यह विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और ईमानदारी राजनीतिक आत्मनिरीक्षण का समय है। लोकतंत्र को बहाने से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है। एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता, जो हार के बाद भी संस्थाओं का सम्मान करे।" क्या कहा था गांधी ने ? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल निकाय चुनावों में पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केरल की जनता को विश्वास जताने के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा, "चुनावी नतीजे राज्य में यूडीएफ पर बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। यह नतीजे आगामी विधानसभा में गठबंधन की बड़ी जीत की ओर इशारा करते हैं। गांधी की जनता एक जवाब देह शासन चाहती है, एक ऐसा शासन जो प्रतिक्रिया देता हो और परिणाम देता हो।" आपको बता दें दोनों नेताओं के बीच में सोशल मीडिया पर यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी लगातार वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी की तरफ से बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक में वोट चोरी के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग की तरफ से की जा रही, एसआईआर प्रणाली पर भी विपक्ष ने जमकर सवाल उठाए हैं।  

राहुल गांधी का बड़ा बयान: राजधानी की समस्या दूर करने में सरकार को पूरा सहयोग देंगे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में इन दिनों वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है। जहरीली हवा की वजह से लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है तो बच्चे से बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार के साथ बिना आरोप-प्रत्यारोप बहस और काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कम ही ऐसे मुद्दे होते हैं जिस पर पक्ष-विपक्ष सहमत हो और यह एक ऐसा विषय है जिसमें टकराव की आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी ने शून्यकाल में देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण और इसकी वजह से लोगों को हो रही स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार और विपक्ष को इस मुद्दे पर एक साथ काम करने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है जिसमें पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेंगे, बल्कि समाधान की तलाश करेंगे। गांधी ने कहा, 'हमारे अधिकतर बड़े शहर जहरीली हवा से ढंके हुए हैं। लाखों बच्चों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। लोगों को कैंसर हो रहा है। बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में संघर्ष करना पड़ रहा है।' सरकार भी चर्चा के लिए तैयार राहुल गांधी ने कहा, 'यह वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस सदन में मौजूद सभी लोग वायु प्रदूषण की वजह लोगों को हो रहे नुकसान पर सहमत होंगे। यह ऐसा विषय है जिस पर हम सहयोग करना चाहेंगे।' कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री वायु प्रदूषण से निपटने का एक प्लान पेश कर सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है और कार्य मंत्रणा समिति समय निर्धारित कर सकती है। हम देश को दिखाएंगे कि इस पर साथ काम करेंगे: राहुल गांधी राहुल ने संसद के बाहर भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी बात को दोहराया और कहा कि हम देश को दिखाएंगे कि इस मुद्दे पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'दिल्ली और बड़े शहरों की बात की मैंने। वायु प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं कि हमारा जो भविष्य है, बच्चे हैं, उनका नुकसान हो रहा है। लोगों को बीमारियां हो रही हैं। सांस नहीं ली जा रही है। मैंने सलाह दी है कि हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए और दूसरे तरीके से करनी चाहिए। आमतौर पर होता है कि आरोप प्रत्यारोप चलता है। इस मुद्दे पर एक राय होनी चाहिए, हम भविष्य की बात करेंगे। इस समस्या को कैसे दूर करना चाहिए कि इस पर बात करेंगे। हम एक्सपर्ट की भी राय लेंगे। हम देश को दिखाएंगे कि हम एक साथ प्रदूषण पर काम कर सकते हैं।'  

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सियासत गर्म: भाजपा का व्यंग्य, कंगना ने कहा— ‘दम नहीं उस इंसान में’

नई दिल्ली  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद सत्र के बीच संभावित जर्मनी यात्रा ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'विदेश नायक' और 'पर्यटन नेता' करार दिया है। वहीं अभिनेत्री व भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 'उस इंसान में कोई दम नहीं है'। यह विवाद तब भड़का जब इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) ने घोषणा की है कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ था और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी के बर्लिन दौरे की जानकारी दी। आईओसी जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को बर्लिन में यूरोपीय देशों के आईओसी नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में एनआरआई मुद्दों, कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने और पार्टी की वैचारिक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में सैम पित्रोड़ा और डॉ. अरती कृष्णा जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का इतिहास रहा है, जहां वे अक्सर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने और भाजपा-आरएसएस द्वारा संस्थाओं पर कब्जा जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। कंगना बोलीं- उस इंसान में कोई दम नहीं राहुल गांधी के जर्मनी दौरे पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा- मैं उनके दौरों पर नजर नहीं रखती, न ही उनके बारे में कोई खबर पढ़ती हूं। तो मैं उनके दौरों के बारे में क्या कह सकती हूं? लेकिन यह सबके लिए साफ है कि उनकी पार्टी सिंगल डिजिट में क्यों आ गई है। मैं इस तरह के इंसान पर कोई कमेंट नहीं करना चाहती क्योंकि आप जानते हैं कि उस इंसान में कोई दम नहीं है, कोई कैरेक्टर की ताकत नहीं है… भाजपा का तंज- विदेश नायक और भारत बदनामी टूर भाजपा ने राहुल गांधी की यात्रा को संसदीय जिम्मेदारियों से बचने का बहाना बताते हुए जोरदार हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- एक बार फिर विदेश नायक वही कर रहे हैं जो वह सबसे अच्छा करते हैं! विदेश दौरे पर जा रहे हैं! संसद 19 दिसंबर तक चल रही है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे! राहुल LoP हैं – लीडर ऑफ पर्यटन। बिहार चुनावों के दौरान भी वह विदेश में थे और फिर जंगल सफारी में। पूनावाला ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि LOP का मतलब 'पर्यटन' (टूरिज्म) का लीडर है। राहुल गांधी एक गैर-गंभीर नेता हैं। लोग काम कर रहे हैं, और वह छुट्टियों के मूड में हैं…जब संसद 19 तारीख तक सेशन में है, तब भी वह विदेश जा रहे हैं। तो उनकी प्राथमिकताएं साफ हैं। अब मुझे नहीं पता कि वह किस वजह से जर्मनी जा रहे हैं, लेकिन हो सकता है कि वह सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगलने जा रहे हों। तो एक बार फिर, वह अपनी छुट्टियों के लिए और भारत को बदनाम करने के लिए विदेश जा रहे हैं।' भाजपा का यह हमला उस समय आया जब संसद में चुनाव सुधारों पर बहस चल रही है। मंगलवार को राहुल गांधी ने लोकसभा में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा से सांठगांठ का इल्जाम लगाया था। भाजपा ने पलटवार में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संवैधानिक संशोधनों से संस्थाओं को कमजोर किया था।

MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में लगेगी राहुल गांधी की पाठशाला, जिलाध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में पाठशाल लगाएंगे। दरअसल, AICC ने छत्तीसगढ़ में 41 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी राहुल गांधी सभी नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे। छत्तीसगढ़ PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि 10 दिनों तक सभी नए जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जाएगी।इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में नए जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, संवाद कौशल, लीडरशिप, बूथ मैनेजमेंट, अनुशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए जगह चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और संभावनाएं हैं कि यह कार्यक्रम बस्तर में आयोजित किया जाएगा। पार्टी चाहती है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आगामी महीनों में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार की नीतियों को मजबूती से चुनौती दे सकें और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएं। सूत्रों के अनुसार ट्रेनिंग अलग- अलग सेशनों में होगी, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता अपने अनुभव साझा करेंगे। 2028 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन कांग्रेस ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मिलने वाली ट्रेनिंग जिला अध्यक्षों को कितना सक्षम बनाती है और इसका असर आने वाले महीनों में संगठन पर कैसे दिखता है। बता दें कि इसके पहले मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा की थी और कांग्रेस कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए टिप्स भी दिए थे। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के सुझाव भी सुने थे। पचमढ़ी दौरे पर आए राहुल गांधी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाघ देखने के लिए नीम घाम में जंगल सफारी का आनंद भी लिया था। दिल्ली में हुई बैठक के बाद अंतिम निर्णय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें AICC महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।  

राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना: ‘विदेशी नेताओं से न मिलने देना लोकतंत्र के ख़िलाफ़’

नई दिल्ली  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि मोदी सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से मिलने से रोक रही है क्योंकि वह खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई विशिष्ट विदेशी मेहमान भारत आता है या वह विदेश जाते हैं तो सरकार की तरफ से कहा जाता है कि उनसे (राहुल से) मुलाकात नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से कुछ घंटे पहले यह दावा किया। पुतिन आज शाम आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे।   कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि आमतौर पर यह परंपरा रही है कि जो विदेशी मेहमान भारत आते हैं उनकी नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात होती है। यह अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय होता था और मनमोहन सिंह जी के समय भी होता था। आजकल यह होता है कि जब बाहर से कोई आता है या मैं कहीं बाहर जाता हूं तो सरकार सुझाव देती है कि बाहर से आने वाले अतिथि या उनके (राहुल के) बाहर जाने पर वहां के लोग नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलें। उनका कहना था कि सरकार यह हर बार करती है। राहुल गांधी ने कहा- हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व हम भी करते हैं, सिर्फ सरकार नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें। उन्होंने दावा किया कि यह परंपरा है, लेकिन मोदी जी इसका पालन नहीं कर रहे हैं, विदेश मंत्रालय पालन नहीं कर रहा है। यह उनकी असुरक्षा की भावना है। राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि यह सरकार असुरक्षा का भाव रखती है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा- एक प्रोटोकॉल होता है। आने वाले सभी बड़े लोग नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार प्रोटोकॉल को तोड़ रही है और उनकी सारी नीतियां इसी पर आधारित हैं। वे नहीं चाहते कि कोई दूसरी आवाज उठे। वे किसी और की राय नहीं सुनना चाहते। उन्हें लोकतंत्र में प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। एक सवाल के जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा किभगवान जाने, उन्हें किस बात का डर है… लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का हक होना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए, और सही कदम उठाया जाना चाहिए… सरकार असुरक्षित महसूस करती है और यह फैसला उसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि खराब हो रही है।

उमा बोलीं, नमाज पढ़ना नहीं बनाता मुस्लिम, राहुल गांधी पर भी निशाना साधा

भोपाल मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंदू एकता, हिंदू राष्ट्र, आरक्षण, शासन–प्रशासन, धर्मांतरण और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात खुलकर कही है और बुंदेलखंड से हमेशा ऐसी विभूतियाँ सामने आती रही हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है- उमा भारती उमा भारती ने कहा ‘भारत हिंदू राष्ट्र है, इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र इसलिए सेक्युलर है क्योंकि हिंदू ने हर मज़हब को स्थान दिया है। जब इस्लाम, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म नहीं थे, तब भी सनातन था। हिंदू विविधता में एकता का प्रतीक है।’ उन्होंने जाति-भेद और सामाजिक विभाजन को हिंदू एकता का सबसे बड़ा बाधक बताया और कहा कि हिंदू समाज की मजबूती का आधार आर्थिक समानता है। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर कड़ा रुख उन्होंने धर्म परिवर्तन को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ‘धर्म परिवर्तन और लव जिहाद राष्ट्रद्रोह है। भारत में हर धर्म का सम्मान है, लेकिन धोखे से धर्मांतरण अपराध है। घुसपैठियों को एक मिनट भी देश में रहने का अधिकार नहीं।’ उमा भारती ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को समझना होगा। ‘सियाराम में सब जग जानी यही भारत की पहचान है। Jihad और Kafir जैसे शब्दों की इस देश में कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने अंत में कहा कि वे न तो हाशिए पर हैं और न ही किसी पद की इच्छुक, लेकिन गंगा और गौ माता से जुड़ी किसी भी जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार हैं। मैं नमाज पढ़ूं, तो मुस्लिम नहीं बन जाऊंगी उमा ने कहा कि धर्म परिवर्तन और लव जिहाद देशद्रोह है। यदि मैं कुरान पढ़ लूं दरगाह में चली जाऊं या अल्लाह बोल दूं इसे मेरा धर्म परिवर्तन नहीं होगा। भारत में बहुसंख्यक सभी धर्म का सम्मान करते हैं और यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह जगन्य अपराध राष्ट्र और देशद्रोह है। राहुल गांधी पर निशाना राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उमा ने कहा कि ‘राहुल जनेऊ पहनने का नाटक करते हैं। कल गाय का मुद्दा बढ़ गया तो गोबर का टीका लगा लेंगे और जेब में गौमूत्र रखकर घूमेंगे। नाटक करने में नंबर वन हैं।’