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चुनाव आयोग पर राहुल गांधी का हमला, बोले— सत्य की लड़ाई में भाजपा का साथ दे रहा है आयोग

नई दिल्ली  कांग्रेस की रामलीला मैदान में आयोजित वोट चोरी महारैली के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ये सत्य और असत्य की लड़ाई और चुनाव आयोग इस लड़ाई में बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।   उन्होंने कहा कि जब तक सत्ता है केवल तभी तक अमित शाह बहादुर हैं। संसद में उनके हाथ कांप रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, मैंने वोट चोरी को लेकर सवाल किए थे। उसकी सफाई कुछ दिनों बाद अमित शाह ने संसद में दी। उन्होंने कहा, सफाई देते हुए उनके हाथ कांप रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, भाजपा के पास सत्ता है, वे वोट चोरी करते हैं, चुनाव के समय वे 10 हजार रुपये देते हैं, उनके चुनाव आयुक्त हैं- ज्ञानेश कुमार, डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी। चुनाव आयोग-भाजपा सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इनके लिए कानून बदला, नया कानून लेकर आए और कहा कि चुनाव आयुक्त कुछ भी करे उनपर एक्शन नहीं लिया जा सकता, उनपर कार्रवाई नहीं हो सकती। हम इस कानून को बदलेंगे और आपके खिलाफ एक्शन लेंगे क्योंकि हम सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं और आप असत्य के साथ खड़े हो।  

UDF की केरल में जीत पर राहुल गांधी का संदेश, भाजपा ने कसा सियासी तंज

केरल  केरल में नगर निकाय चुनाव के नतीजों का कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वागत किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए यूडीएफ को बधाई भी दी। राहुल गांधी के इस बधाई संदेश को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने बिना किसी सबूत के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। मालवीय ने लिखा कि जब भी किसी राज्य के चुनाव परिणाम राहुल गांधी के पक्ष में नहीं आते हैं तो राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन जब कांग्रेस जीत जाती है, तो इसी प्रक्रिया का स्वागत किया जाता है। केरल निकाय चुनाव जीत में राहुल गांधी के पोस्ट को रिट्वीट करते हुए मालवीय ने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक चयनात्मक भरोसे पर नहीं चल सकता। कोई भी नेता एक ही चुनावी प्रणाली के तहत जीत का जश्न मनाए और हार के बाद उसी प्रणाली को बदनाम करे, यह सही नहीं है। ऐसा रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जगह पर जनता के विश्वास को कमजोर करती है। मालवीय ने लिखा, "अगर भारत में विपक्ष एक विश्वसनीय विकल्प बनना चाहता है, तो उसे निरंतरता और जवाबदेही प्रदर्शित करनी होगी। बार-बार उसी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद बिना किसी सबूत के उस पर सवाल उठाना राजनीतिक निष्ठा और लोकतांत्रिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।" उन्होंने लिखा, "यह किसी नेता या किसी एक पार्टी की बात नहीं है। विपक्ष के लिए यह विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और ईमानदारी राजनीतिक आत्मनिरीक्षण का समय है। लोकतंत्र को बहाने से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है। एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता, जो हार के बाद भी संस्थाओं का सम्मान करे।" क्या कहा था गांधी ने ? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल निकाय चुनावों में पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केरल की जनता को विश्वास जताने के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा, "चुनावी नतीजे राज्य में यूडीएफ पर बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। यह नतीजे आगामी विधानसभा में गठबंधन की बड़ी जीत की ओर इशारा करते हैं। गांधी की जनता एक जवाब देह शासन चाहती है, एक ऐसा शासन जो प्रतिक्रिया देता हो और परिणाम देता हो।" आपको बता दें दोनों नेताओं के बीच में सोशल मीडिया पर यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी लगातार वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी की तरफ से बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक में वोट चोरी के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग की तरफ से की जा रही, एसआईआर प्रणाली पर भी विपक्ष ने जमकर सवाल उठाए हैं।  

राहुल गांधी का बड़ा बयान: राजधानी की समस्या दूर करने में सरकार को पूरा सहयोग देंगे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में इन दिनों वायु प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है। जहरीली हवा की वजह से लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है तो बच्चे से बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार के साथ बिना आरोप-प्रत्यारोप बहस और काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कम ही ऐसे मुद्दे होते हैं जिस पर पक्ष-विपक्ष सहमत हो और यह एक ऐसा विषय है जिसमें टकराव की आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी ने शून्यकाल में देश के बड़े शहरों में वायु प्रदूषण और इसकी वजह से लोगों को हो रही स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार और विपक्ष को इस मुद्दे पर एक साथ काम करने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है जिसमें पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं करेंगे, बल्कि समाधान की तलाश करेंगे। गांधी ने कहा, 'हमारे अधिकतर बड़े शहर जहरीली हवा से ढंके हुए हैं। लाखों बच्चों को फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। लोगों को कैंसर हो रहा है। बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में संघर्ष करना पड़ रहा है।' सरकार भी चर्चा के लिए तैयार राहुल गांधी ने कहा, 'यह वैचारिक मुद्दा नहीं है। इस सदन में मौजूद सभी लोग वायु प्रदूषण की वजह लोगों को हो रहे नुकसान पर सहमत होंगे। यह ऐसा विषय है जिस पर हम सहयोग करना चाहेंगे।' कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री वायु प्रदूषण से निपटने का एक प्लान पेश कर सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है और कार्य मंत्रणा समिति समय निर्धारित कर सकती है। हम देश को दिखाएंगे कि इस पर साथ काम करेंगे: राहुल गांधी राहुल ने संसद के बाहर भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी बात को दोहराया और कहा कि हम देश को दिखाएंगे कि इस मुद्दे पर साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'दिल्ली और बड़े शहरों की बात की मैंने। वायु प्रदूषण एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं कि हमारा जो भविष्य है, बच्चे हैं, उनका नुकसान हो रहा है। लोगों को बीमारियां हो रही हैं। सांस नहीं ली जा रही है। मैंने सलाह दी है कि हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए और दूसरे तरीके से करनी चाहिए। आमतौर पर होता है कि आरोप प्रत्यारोप चलता है। इस मुद्दे पर एक राय होनी चाहिए, हम भविष्य की बात करेंगे। इस समस्या को कैसे दूर करना चाहिए कि इस पर बात करेंगे। हम एक्सपर्ट की भी राय लेंगे। हम देश को दिखाएंगे कि हम एक साथ प्रदूषण पर काम कर सकते हैं।'  

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सियासत गर्म: भाजपा का व्यंग्य, कंगना ने कहा— ‘दम नहीं उस इंसान में’

नई दिल्ली  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद सत्र के बीच संभावित जर्मनी यात्रा ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'विदेश नायक' और 'पर्यटन नेता' करार दिया है। वहीं अभिनेत्री व भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 'उस इंसान में कोई दम नहीं है'। यह विवाद तब भड़का जब इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) ने घोषणा की है कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ था और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी के बर्लिन दौरे की जानकारी दी। आईओसी जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को बर्लिन में यूरोपीय देशों के आईओसी नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में एनआरआई मुद्दों, कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने और पार्टी की वैचारिक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में सैम पित्रोड़ा और डॉ. अरती कृष्णा जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का इतिहास रहा है, जहां वे अक्सर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने और भाजपा-आरएसएस द्वारा संस्थाओं पर कब्जा जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। कंगना बोलीं- उस इंसान में कोई दम नहीं राहुल गांधी के जर्मनी दौरे पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा- मैं उनके दौरों पर नजर नहीं रखती, न ही उनके बारे में कोई खबर पढ़ती हूं। तो मैं उनके दौरों के बारे में क्या कह सकती हूं? लेकिन यह सबके लिए साफ है कि उनकी पार्टी सिंगल डिजिट में क्यों आ गई है। मैं इस तरह के इंसान पर कोई कमेंट नहीं करना चाहती क्योंकि आप जानते हैं कि उस इंसान में कोई दम नहीं है, कोई कैरेक्टर की ताकत नहीं है… भाजपा का तंज- विदेश नायक और भारत बदनामी टूर भाजपा ने राहुल गांधी की यात्रा को संसदीय जिम्मेदारियों से बचने का बहाना बताते हुए जोरदार हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- एक बार फिर विदेश नायक वही कर रहे हैं जो वह सबसे अच्छा करते हैं! विदेश दौरे पर जा रहे हैं! संसद 19 दिसंबर तक चल रही है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे! राहुल LoP हैं – लीडर ऑफ पर्यटन। बिहार चुनावों के दौरान भी वह विदेश में थे और फिर जंगल सफारी में। पूनावाला ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि LOP का मतलब 'पर्यटन' (टूरिज्म) का लीडर है। राहुल गांधी एक गैर-गंभीर नेता हैं। लोग काम कर रहे हैं, और वह छुट्टियों के मूड में हैं…जब संसद 19 तारीख तक सेशन में है, तब भी वह विदेश जा रहे हैं। तो उनकी प्राथमिकताएं साफ हैं। अब मुझे नहीं पता कि वह किस वजह से जर्मनी जा रहे हैं, लेकिन हो सकता है कि वह सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगलने जा रहे हों। तो एक बार फिर, वह अपनी छुट्टियों के लिए और भारत को बदनाम करने के लिए विदेश जा रहे हैं।' भाजपा का यह हमला उस समय आया जब संसद में चुनाव सुधारों पर बहस चल रही है। मंगलवार को राहुल गांधी ने लोकसभा में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा से सांठगांठ का इल्जाम लगाया था। भाजपा ने पलटवार में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संवैधानिक संशोधनों से संस्थाओं को कमजोर किया था।

MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में लगेगी राहुल गांधी की पाठशाला, जिलाध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में पाठशाल लगाएंगे। दरअसल, AICC ने छत्तीसगढ़ में 41 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी राहुल गांधी सभी नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे। छत्तीसगढ़ PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि 10 दिनों तक सभी नए जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जाएगी।इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में नए जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, संवाद कौशल, लीडरशिप, बूथ मैनेजमेंट, अनुशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए जगह चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और संभावनाएं हैं कि यह कार्यक्रम बस्तर में आयोजित किया जाएगा। पार्टी चाहती है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आगामी महीनों में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार की नीतियों को मजबूती से चुनौती दे सकें और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएं। सूत्रों के अनुसार ट्रेनिंग अलग- अलग सेशनों में होगी, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता अपने अनुभव साझा करेंगे। 2028 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन कांग्रेस ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मिलने वाली ट्रेनिंग जिला अध्यक्षों को कितना सक्षम बनाती है और इसका असर आने वाले महीनों में संगठन पर कैसे दिखता है। बता दें कि इसके पहले मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा की थी और कांग्रेस कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए टिप्स भी दिए थे। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के सुझाव भी सुने थे। पचमढ़ी दौरे पर आए राहुल गांधी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाघ देखने के लिए नीम घाम में जंगल सफारी का आनंद भी लिया था। दिल्ली में हुई बैठक के बाद अंतिम निर्णय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें AICC महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।  

राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना: ‘विदेशी नेताओं से न मिलने देना लोकतंत्र के ख़िलाफ़’

नई दिल्ली  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि मोदी सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से मिलने से रोक रही है क्योंकि वह खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई विशिष्ट विदेशी मेहमान भारत आता है या वह विदेश जाते हैं तो सरकार की तरफ से कहा जाता है कि उनसे (राहुल से) मुलाकात नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से कुछ घंटे पहले यह दावा किया। पुतिन आज शाम आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे।   कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि आमतौर पर यह परंपरा रही है कि जो विदेशी मेहमान भारत आते हैं उनकी नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात होती है। यह अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय होता था और मनमोहन सिंह जी के समय भी होता था। आजकल यह होता है कि जब बाहर से कोई आता है या मैं कहीं बाहर जाता हूं तो सरकार सुझाव देती है कि बाहर से आने वाले अतिथि या उनके (राहुल के) बाहर जाने पर वहां के लोग नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलें। उनका कहना था कि सरकार यह हर बार करती है। राहुल गांधी ने कहा- हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व हम भी करते हैं, सिर्फ सरकार नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें। उन्होंने दावा किया कि यह परंपरा है, लेकिन मोदी जी इसका पालन नहीं कर रहे हैं, विदेश मंत्रालय पालन नहीं कर रहा है। यह उनकी असुरक्षा की भावना है। राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि यह सरकार असुरक्षा का भाव रखती है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा- एक प्रोटोकॉल होता है। आने वाले सभी बड़े लोग नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार प्रोटोकॉल को तोड़ रही है और उनकी सारी नीतियां इसी पर आधारित हैं। वे नहीं चाहते कि कोई दूसरी आवाज उठे। वे किसी और की राय नहीं सुनना चाहते। उन्हें लोकतंत्र में प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। एक सवाल के जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा किभगवान जाने, उन्हें किस बात का डर है… लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का हक होना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए, और सही कदम उठाया जाना चाहिए… सरकार असुरक्षित महसूस करती है और यह फैसला उसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि खराब हो रही है।

उमा बोलीं, नमाज पढ़ना नहीं बनाता मुस्लिम, राहुल गांधी पर भी निशाना साधा

भोपाल मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंदू एकता, हिंदू राष्ट्र, आरक्षण, शासन–प्रशासन, धर्मांतरण और भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात खुलकर कही है और बुंदेलखंड से हमेशा ऐसी विभूतियाँ सामने आती रही हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है- उमा भारती उमा भारती ने कहा ‘भारत हिंदू राष्ट्र है, इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र इसलिए सेक्युलर है क्योंकि हिंदू ने हर मज़हब को स्थान दिया है। जब इस्लाम, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म नहीं थे, तब भी सनातन था। हिंदू विविधता में एकता का प्रतीक है।’ उन्होंने जाति-भेद और सामाजिक विभाजन को हिंदू एकता का सबसे बड़ा बाधक बताया और कहा कि हिंदू समाज की मजबूती का आधार आर्थिक समानता है। धर्म परिवर्तन और लव जिहाद पर कड़ा रुख उन्होंने धर्म परिवर्तन को गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ‘धर्म परिवर्तन और लव जिहाद राष्ट्रद्रोह है। भारत में हर धर्म का सम्मान है, लेकिन धोखे से धर्मांतरण अपराध है। घुसपैठियों को एक मिनट भी देश में रहने का अधिकार नहीं।’ उमा भारती ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी को भारत की सांस्कृतिक आत्मा को समझना होगा। ‘सियाराम में सब जग जानी यही भारत की पहचान है। Jihad और Kafir जैसे शब्दों की इस देश में कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने अंत में कहा कि वे न तो हाशिए पर हैं और न ही किसी पद की इच्छुक, लेकिन गंगा और गौ माता से जुड़ी किसी भी जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार हैं। मैं नमाज पढ़ूं, तो मुस्लिम नहीं बन जाऊंगी उमा ने कहा कि धर्म परिवर्तन और लव जिहाद देशद्रोह है। यदि मैं कुरान पढ़ लूं दरगाह में चली जाऊं या अल्लाह बोल दूं इसे मेरा धर्म परिवर्तन नहीं होगा। भारत में बहुसंख्यक सभी धर्म का सम्मान करते हैं और यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह जगन्य अपराध राष्ट्र और देशद्रोह है। राहुल गांधी पर निशाना राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी करते हुए उमा ने कहा कि ‘राहुल जनेऊ पहनने का नाटक करते हैं। कल गाय का मुद्दा बढ़ गया तो गोबर का टीका लगा लेंगे और जेब में गौमूत्र रखकर घूमेंगे। नाटक करने में नंबर वन हैं।’

मानहानि मामले में राहत: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर 4 दिसंबर तक रोक बढ़ाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे उस मामले में राहत जारी रखी है, जिसमें उन पर 2022 की 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। अदालत ने गुरुवार को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी अंतरिम रोक 4 दिसंबर तक बढ़ा दी। दो जजों की पीठ, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, ने यह फैसला लिया। इस मामले की सुनवाई टलने का कारण एक स्थगन पत्र बताया गया है। राहुल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती यह मामला राहुल गांधी की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 29 मई वाले आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें उन्होंने लखनऊ की ट्रायल कोर्ट की तरफ से जारी समन को रद्द करने की मांग की थी। पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ऐसा ही फैसला अगस्त में हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी और उत्तर प्रदेश सरकार व शिकायतकर्ता से जवाब मांगा था। उसी दौरान कोर्ट ने राहुल गांधी से यह भी पूछा था कि उन्होंने यह कैसे कहा कि 2000 वर्ग किमी भारतीय भूमि चीन के कब्जे में है, 'क्या आप वहां थे? आपके पास कोई सबूत है?' कोर्ट ने यह भी कहा था कि 'अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसे बयान नहीं देंगे।' राहुल गांधी की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने रखी दलील वहीं राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि विपक्ष के नेता को देश के मुद्दों पर सवाल उठाने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223) के अनुसार, कोर्ट को कोई भी आपराधिक शिकायत स्वीकार करने से पहले आरोपी की बात सुननी चाहिए, जो इस मामले में नहीं हुआ। राहुल गांधी पर दिसंबर 2022 की यात्रा के दौरान हुए चीन-भारत विवाद के संदर्भ में सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं। इसी शिकायत के आधार पर लखनऊ की अदालत ने उनको मानहानि के आरोप में तलब किया था। मामले में 4 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई राहुल गांधी के वकील ने दलील दी कि शिकायत पढ़कर ही आरोप संदिग्ध लगते हैं, और यह भी कहा कि राहुल गांधी लखनऊ के निवासी नहीं हैं, इसलिए कोर्ट को समन जारी करने से पहले आरोपों की जांच करनी चाहिए थी। अब अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी और तब तक ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया रुकी रहेगी।

राहुल गांधी पचमढ़ी पहुंचे, जंगल सफारी के साथ BJP पर साधा निशाना – कहा, वोट चोरी का खेल एमपी में भी

भोपाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रविवार सुबह पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में जंगल सफारी के लिए निकले। दो दिनों से मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पर प्रवास कर रहे राहुल गांधी ने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। रविवार सुबह राहुल गांधी का काफिला रविशंकर भवन से रवाना हुआ। जानकारी के अनुसार, जंगल सफारी का कार्यक्रम शनिवार देर रात लगभग 11 बजे तय किया गया था, जिसके बाद रातभर तैयारी की गई। सुबह काफिला पनारपानी गेट पहुंचा, जहां से राहुल गांधी और जीतू पटवारी ने जिप्सी में बैठकर सफारी शुरू की। इस दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुई है। उस डाटा को देखने के बाद लग रहा है कि यही मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र  और छत्तीसगढ़ में भी हुआ है। अब एसआईआर के जरिए उसको कवर करने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने कहा कि हमारे पास डिटेल में जानकारी हैं, धीरे धीरे उसका उसका भी खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा हैं। बाबा साहब के संविधान पर आक्रमण हो रहा है। अमित शाह जी, मोदी जी और ज्ञानेश जी साथ में मिलकर यह कर रहे हैं।  इससे देश का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। भारत माता का नुकसान हो रहा हैं। 

पचमढ़ी में राहुल गांधी की सक्रियता: जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और गांधी प्रतिमा पर फूल अर्पित करेंगे

पचमढ़ी  कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शनिवार से दो दिन के मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगे। वे पचमढ़ी में कांग्रेस जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय और आर्थिक नीतियों पर चर्चा करेंगे। बैठक में राहुल गांधी कुछ चुनिंदा नेताओं से अलग-अलग भी बातचीत कर सकते हैं। यह बैठक 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति तय करने में अहम मानी जा रही है।  राहुल गांधी के आगमन को लेकर पचमढ़ी में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। करीब 150 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे। राहुल दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से पचमढ़ी जाएंगे। चप्पे-चप्पे पर तैनात होगी पुलिस पचमढ़ी में गांधी के दौरे को लेकर 150 पुलिस कर्मियों चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। पचमढ़ी के हर चौक चौराहों पर शस्त्र बल तैनात रहेगा। राहुल हेलीपेड से गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने जाएंगे। बताया जाता है कि इस प्रतिमा का वर्ष 1959 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सोनिया गांधी ने अनावरण किया था। यहां से राहुल प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचेंगे। यहां जिला अध्यक्षों से वन टू वन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पचमढ़ी में कांग्रेसियों ने जगह-जगह पोस्टर, बैनर लगाए हैं। रविशंकर भवन से प्रशिक्षण स्थल तक मार्गों विशेष साफ सफाई की गई है। राहुल के दौरे पर शिक्षा मंत्री ने कसा तंज सेठानी घाट पर सामूहिक वंदे मातरम सामूहिक गायन में शामिल हुए शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आजाद मुल्क में किसी भी नागरिक को आने जाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रहती है। राहुल महत्वपूर्ण अवसर पर घूमते ही हैं। देश में चुनाव चलते हैं तो विदेश जाते हैं। बिहार में चुनाव चल रहे है तो मध्य प्रदेश आते हैं। यह तो उनके सही वक्त पर लिए गए निर्णय को प्रमाणित करता है। भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति पर सत्र भारतीय अर्थशास्त्र और राजनीति विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने अपने गहन अनुभव और विशेषजता के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। चक्रवर्ती ने बताया कि किस प्रकार वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार आंकड़ों, जुमलों और भामक प्रस्तुतियों के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने तथ्यों और आर्थिक संकेतकों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति प्रचारित किए जा रहे दावों से भिन्न है। सत्र के दौरान उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से आर्थिक नीतियों और उनके प्रभावों का विश्लेषण किया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में जिला अध्यक्षों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।  पांच माह में दूसरी बार आएंगे मध्यप्रदेश राहुल गांधी पांच माह में दूसरी बात मध्यप्रदेश आ रहे हैं। इसके पहले वे संगठन सृजन अभियान के चलते 3 जून को भोपाल आए थे। कार्यकर्ताओं से संवाद किया था। स्पष्ट तौर से यह भी बताया था कि पार्टी में जिलाध्यक्ष ही पॉवरफुल होंगे। अब जबकि जिलाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं तो राहुल फिर इन्हें संबोधित करने आ रहे हैं। जाहिर है राहुल के आने पर कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज मिलेगा। कार्यकर्ताओं में उत्साह बना रहे पार्टी का यही प्रयास है। अगले विधानसभा और लोकसभा चुनाव को फोकस रखकर पार्टी काम कर रही है। जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी इसी की कड़ी है। पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों एवं विधायकों के लिए ऽजाति, संविधान और राजनीति के विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य भारतीय समाज और राजनीति में जाति की भूमिका, संविधान में उसके प्रावधानों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण की गहराई से समझ विकसित करना था। जाति, संविधान और राजनीति के मुद्दे पर होगी चर्चा सीडब्ल्यूसी के सदस्य एवं झारखंड के प्रभारी के. राजू ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा जाति हमारे सामाजिक और राजनीतिक जीवन की एक सच्चाई है, जिसे केवल परंपरा नहीं बल्कि समानता और सामाजिक न्याय के संदर्भ में समझना चाहिए। संविधान ने समानता और अवसर की समानता के माध्यम से जातीय भेदभाव को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है, और कांग्रेस पार्टी सदैव इस भावना को व्यवहार में लाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। कार्यक्रम में कहा कि जाति जनगणना सामाजिक न्याय की दिशा में नीति निर्माण का सशक्त आधार बन सकती है। जाति, संविधान और राजनीति ये तीनों भारतीय लोकतंत्र के मूल तत्व हैं, और जब तक समानता तथा सामाजिक न्याय का लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक संविधान की आत्मा अधूरी रहेगी। इस सत्र में जिला अध्यक्षों, प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की और संगठन निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।  पचमढ़ी पहुंचने के बाद राहुल गांधी गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और फिर प्रशिक्षण सत्र में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे वे जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग कैंप में शामिल होंगे। इसके बाद रात 8 बजे जिलाध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ डिनर करेंगे। वे रात को रविशंकर भवन में रुकेंगे और रविवार सुबह 11 बजे बिहार के लिए रवाना होंगे।  बैठक में ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति की दिशा’ विषय पर एक विशेष सत्र हुआ। इसमें ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने देश की आर्थिक चुनौतियों पर बात की और सुझाव दिया कि पार्टी को जनता के आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।  राहुल गांधी का यह दौरा केवल बैठक तक सीमित नहीं रहेगा। वे पार्टी संगठन को मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर नई रणनीति बनाने पर जोर देंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी की नई कार्ययोजना की दिशा तय करेगी।