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अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सुनवाई टली, अगली तारीख 17 नवंबर तय

सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को स्थगित हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण आज कोर्ट में कंडोलेंस था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। यह मामला वर्ष 2018 का है। कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विजय मिश्रा का आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। पांच साल तक चली अदालती कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है जबकि दूसरे गवाह से जिरह शुरू हुई है। अक्सर हड़ताल और गवाहों के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

बिहार को शिक्षा का नया केंद्र बनाने का ऐलान, राहुल बोले — ‘हम लाएंगे देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय’

पूर्णिया कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्णिया के कसबा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार की बदहाली के लिए एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने न सिर्फ राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि महाबंधन के लिए केंद्र और राज्य में निर्णायक जीत का आह्वान भी किया। सभा का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कसबा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी मो. इरफान आलम मंच पर रो पड़े। राहुल गांधी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि जब मैं यहां आया, तो इरफान आलम रो रहे थे। आप MLA के बेटे नहीं हैं, लेकिन आप एक डाकिया के बेटे भी हैं। हमें आपके संघर्ष पर गर्व है। यह चुनाव आपका नहीं, बल्कि बिहार के हर युवा और हर गरीब का चुनाव है। लोग आपको इस बार विधायक बना रहे हैं, आप बस इन्हें (जनता को) अपना पूरा समर्थन दें। गांधी ने इरफान आलम के माध्यम से आम लोगों के संघर्ष और सादगी को सम्मानित करने की कोशिश की, जिससे स्थानीय जनता में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सके। राहुल गांधी ने बिहार की मूलभूत समस्याओं पर सीधा प्रहार करते हुए 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनने पर बड़े सुधारों का वादा किया है। राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए पूर्णिया सदर से महागठबंधन समर्पित कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र कुमार और कसबा से इरफान आलम क पक्ष में अपना वोट मांगा। उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र इंडिया गठबंधन की सरकार बनते ही बिहार में देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोला जाएगा, ताकि बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर दुख व्यक्त किया। बिहार में आज लोग अस्पताल में जीने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं, उन्होंने वोट चोरी का आरोप दोहराया है। दिल्ली में लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार संविधान पर आक्रमण कर रही है और वोट चोरी करके चुनाव जीतने की साजिश रच रही है। वोट चोरी का जिक्र उन्होंने केंद्र और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में 20 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है, लेकिन वे बिहार के युवाओं को मजदूर बनाया है। बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अडाणी के लिए सरकार के पास जमीन है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, हरियाणा का चुनाव वोट चोरी करके जीता गया। हरियाणा के वोटर लिस्ट में दो बूथ में एक महिला का चेहरा 200 बार दिखाया गया। वहीं, दूसरी महिला का 100 बार। हजारों लोग यूपी में वोट करते हैं। वहीं हरियाणा में वोटिंग करते हैं। ब्राजील की एक महिला हरियाणा की वोटर हैं, उसने वहां वोट दिया। महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी करने के बाद बिहार में वोट चोरी किया जा रहा है। उन्होंने जनता से खासकर जनरेशन जेड से अपने भविष्य को बचाने के लिए आगे आने और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन को वोट देने की अपील की। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया राहुल गांधी ने कहा, मैं बिहार के युवाओं से सवाल पूछना चाहता हूं। मैं देश के किसी भी प्रदेश में जाता हूं तो वहां मुझे बिहार के लोग दिखाई देते हैं। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया है। मेरा आपसे सवाल है कि जब आप दुबई और बेंगलुरु जैसा शहर बना सकते हो तो ये बिहार में क्यों नहीं कर पाते हो। एक समय होता था जब नालंदा की यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया में मशहूर थी। जापान, कोरिया, इंग्लैंड से लोग पढ़ाई करने आते थे। दुनिया की शिक्षा का सेंटर नालंदा था। आज बिहार की यूनिवर्सिटी के बार में दूसरे लोगों से पूछिए। कहते हैं यहां सिर्फ पेपर लीक होता है। जिनकी सेटिंग है उन्हें पेपर मिल जाता है। यहां परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता बिहार के बाकी युवा देखते रह जाते हैं। बिहार का युवा सपना देखता है कि इंजीनियर बनूंगा, डॉक्टर बनूंगा। मां-पिता के पास जाता है और कहता है कि मुझे पढ़ाई करनी है। महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है और बिहार का ईमानदार युवा देखता रह जाता है। राहुल ने कहा नीतीश कुमार कहते हैं कि 20 साल में बिहार को बदल दिया, लेकिन मैं पूछता हूं कि क्या बिहार में अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य मिल सकता है। बिहार के अस्पतालों में लोग जीने नहीं, मरने जाते हैं। दूसरी तरफ PM मोदी खड़े हैं। PM के हाथ में नीतीश का रिमोट है। नीतीश से जो करवाना है PM करवा देंगे। बिहार को नीतीश नहीं चलाते हैं। सरकार अमित शाह-मोदी चलाते हैं।

हरियाणा चुनाव पर राहुल गांधी का बड़ा आरोप — फर्जी वोटर लिस्ट से 25 लाख वोट गायब!

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने वोट चोरी के अपने आरोप दोहराए और अपने दावे के पक्ष में बातें बताईं। राहुल गांधी ने मतदाताओं के फर्जी फोटो और फर्जी मकान के पतों पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या हुआ, सिलसिलेवार ढंग से जानें   राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कई राज्यों के एग्जिट पोल दिखाए। उन्होंने इनके जरिए कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में वोट चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत दिखाई गई। और भी कई जगहों पर ऐसे ही नतीजे पेश किए गए। लेकिन हमें बाद में वोट चोरी की शिकायतें मिलीं।     राहुल ने एक महिला की तस्वीर दिखा कर कहा कि हरियाणा में एक महिला ने अलग-अलग नाम से 10 जगह 22 बार वोट डाला। उन्होंने दावा किया कि यह महिला एक ब्राजील की मॉडल है। उसने स्वीटी, विमला, सरस्वती आदि नाम से वोट डाला। उन्होंने कहा कि ये बूथ स्तर पर नहीं हो रहा है। ये सेंट्रलाइज ऑपरेशन है।     राहुल गांधी ने कहा कि 'हमारे पास 'H' फाइल्स हैं और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरा राज्य चुरा लिया गया है। हमें शक है कि यह सिर्फ अलग-अलग सीटों पर नहीं हो रहा है, बल्कि राज्य और नेशनल लेवल पर हो रहा है। हमें हरियाणा में अपने उम्मीदवारों से बहुत सारी शिकायतें मिलीं कि कुछ गड़बड़ है। हमने ऐसा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में भी अनुभव किया था, लेकिन हमने हरियाणा पर फोकस किया कि वहां क्या हुआ था, उसकी पूरी जानकारी लेने का फैसला किया।'     राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में हर आठ में से एक वोटर नकली है। उन्होंने कहा कि नकली फोटो वाले हरियाणा में एक लाख से ज्यादा मतदाता हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए।     राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कई मतदाताओं के मकान नंबर शून्य होने पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि फर्जी मतदाताओं की कोई पहचान नहीं होती और फर्जी मतदाता वोट डालने के बाद गायब हो जाते हैं और उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जांच में 500 मतदाताओं का एक ही पता पाया गया।       राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई लोगों की वीडियो क्लिप प्रसारित कराई, जिनमें वो लोग कह रहे थे कि उनकी वोट काट दी गई। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि हरियाणा चुनाव के दौरान 3.5 लाख मतदाताओं के वोट काटे गए।     राहुल गांधी ने एक मतदाता का उदाहरण देते हुए कहा कि डालचंद यूपी में भी वोटर हैं, हरियाणा में भी वोटर है। उनका बेटा भी हरियाणा में भी वोटर है, यूपी में भी वोट करता है। ऐसे हजारों की तादाद में लोग हैं, जिनका भाजपा से जुड़ाव है। मथुरा के सरपंच प्रह्लाद का नाम भी हरियाणा में कई जगह वोटर लिस्ट में है।      इससे पहले राहुल गांधी ने एक सितंबर को भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह जल्द ही वोट चोरी’ से जुड़ा हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे, जबकि महादेवपुरा से जुड़ा खुलासा तो केवल एटम बम था। वोटर अधिकार यात्रा अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला था और कहा था कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की, वही अब भारत के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि गांधी अपने पहले के आरोपों को लेकर विस्तार से बात कर सकते हैं।  

कौन है ‘मैथ्यूज फरेरो’? राहुल गांधी की मिस्ट्री गर्ल, जिसने हरियाणा में 22 बार किया मतदान

चंडीगढ़  राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर एक बार फिर हमला बोला है. इस बार उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में धांधली के आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने पास मौजूद कथित ‘H फाइल्स’ का हवाला देते हुए एक मिस्ट्री गर्ल की तस्वीर दिखाई. राहुल गांधी ने दावा किया कि इस एक महिला ने हरियाणा में अलग-अलग नामों से अलग-अलग बूथों पर कई बार वोट डाला है. राहुल गांधी ने इस मिस्ट्री गर्ल को लेकर दावा कि कि इस महिला ने हरियाणा में 22 बार वोट डाला. उन्होंने बताया कि कुछ बूथों पर इसी महिला की तस्वीर सीमा, सरस्वती, विमला जैसे कई नामों पर दर्ज हैं. राहुल ने कहा कि एक ही तस्वीर के साथ 10 अलग-अलग बूथों पर नाम देखकर उनकी टीम हैरान रह गई. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'H फाइल्स' प्रेजेंटेशन में दावा किया है कि ब्राजील की किसी मॉडल के नाम पर हरियाणा में 22 वोट दर्ज हैं. हरियाणा में मॉडल ने नाम बदल-बदल कर 22 वोट डाले. उसने कभी सीमा, कभी स्वीटी और कभी सरस्वती बनकर वोट किया. कांग्रेस की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर Matheus Ferroro नाम की क्या कहानी है… राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस महिला का जिक्र किया है वे ब्राजील की एक मॉडल बताई जा रही हैं. लेकिन, जब  इसकी जांच पड़ताल की तो पता लगा कि इस महिला का नाम Matheus Ferroro नहीं है.  बताया जा रहा है कि ब्राजील की इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro है. लेकिन इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro नहीं है जबकि जिस मॉडल की फोटो राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई है, वो Matheus Ferroro नाम के एक फेमस फोटोग्राफर ने क्लिक की हैं. ऐसे में ये फोटो Matheus Ferroro की ओर से क्लिक की गई हैं, जिसे Unsplash, Pexels पर बनी फोटोग्राफर की प्रोफाइल में देखा जा सकता है. राहुल गांधी ने बताया कि इस ‘मिस्ट्री गर्ल’ की तस्वीर उन्होंने टीम को दिखाई, तो वे भी हैरान रह गए. उन्होंने पता किया तो पता चला कि यह एक ब्राज़ीलियन मॉडल की स्टॉक फ़ोटो है. राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बाहरी/स्टॉक इमेज थी, न कि असली स्थानीय मतदाता की. राहुल गांधी ने कहा कि असल में ये ब्राज़ील की मॉडल है और इसकी तस्वीर पर अलग-अलग फ़र्ज़ी आईडी बनी थी, जिसके आधार पर हरियाणा में बाइस जगह वोट दिए गए थे. राहुल के मुताबिक हरियाणा में इसी तरीके से 25 लाख लोगों ने फ़र्ज़ी वोट दिया था. राहुल गांधी ने कहा कि असल में ये ब्राज़ील की मॉडल है और इसकी तस्वीर पर अलग-अलग फ़र्ज़ी आईडी बनी थी, जिसके आधार पर हरियाणा में बाइस जगह वोट दिए गए थे. राहुल के मुताबिक हरियाणा में इसी तरीके से 25 लाख लोगों ने फ़र्ज़ी वोट दिया था. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सबूत है कि हरियाणा में 25 लाख वोट फेंक थे. इसका मतलब ये है हर आठ में से एक वोट फ़र्ज़ी है. बावजूद इसके कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में सिर्फ 25000 वोट से हार गई.’ अब ये फोटो कई रॉयल्टी फ्री इमेज एजेंसी पर मौजूद है. जिसे कई यूट्यूब वीडियो, ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर प्रोडक्ट के साथ इस्तेमाल किया गया है.  कांग्रेस ने मॉडल का नाम बताया Matheus Ferroro कांग्रेस केरल ने अपनी पोस्ट में बताया कि ये महिला ब्राज़ील के नागरिक मैथियस फेरोरो ने हरियाणा में स्वीटी से लेकर सरस्वती तक, 22 नामों से वोट डाला. कमाल है @ECISVEEP. क्या आपको और सबूत चाहिए कि हरियाणा चुनाव में पूरी तरह से धांधली हुई थी? बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा था — “हाइड्रोजन बम लोडिंग”, यानी कुछ बड़ा खुलासा होने वाला है.  कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “H फाइल्स” नाम की एक प्रेजेंटेशन दिखाई, जिसमें उन्होंने वोट चोरी का बड़ा मुद्दा उठाया हैं.  राहुल ने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से चुनावों में गड़बड़ी की कई शिकायतें आई हैं. राहुल ने यह भी बताया कि जिस फोटो का इस्तेमाल वोट डालने में हुआ, वो असल में ब्राजील की एक मॉडल की तस्वीर थी. राहुल गांधी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ECI फर्जी मतदाताओं को क्यों नहीं हटा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं, तो चुनाव निष्पक्ष होगा, लेकिन EC निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि यह एकदम स्पष्ट प्रमाण है कि बीजेपी क्या कर रही है. 

बिहार की राजनीति में हलचल: उपमुख्यमंत्री पद पर दलित-मुस्लिम गठजोड़, पप्पू यादव ने दी प्रतिक्रिया

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव  ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में INDIA गठबंधन की सरकार बनेगी तो हमारे नेता राहुल गांधी दलित और मुस्लिम समुदाय से एक-एक उपमुख्यमंत्री अवश्य बनाएंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। दरअसल, पप्पू यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर दावा किया कि अगर बिहार में INDIA गठबंधन की सरकार बनेगी तो हमारे नेता राहुल गांधी जी दलित औरमुस्लिम समुदाय से एक-एक उपमुख्यमंत्री अवश्य बनाएंगे! उन्होंने आगे लिखा कि वह सभी समाज को समुचित प्रतिनिधि देने के  पक्षधर रहे हैं। उनके पिता राजीव गांधी जी, तारिक अनवर साहब को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे तो इंदिरा जी ने भोला पासवान शास्त्री जी और गफ़ूर साहब को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था!

गले मिले, संवेदना जताई — हरिओम के परिवार से मुलाकात के दौरान इमोशनल हुए राहुल गांधी

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार की सुबह रायबरेली के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से काफी देर तक मुलाकात की। इस दौरान हरिओम के परिजन राहुल से मिलकर भावुक हो गए। बेटे हरिओम को खोने के बाद परिवार सदमे में है। राहुल गांधी ने संवेदना व्यक्त की और परिवार के सदस्यों का हाथ अपने हाथ में थाम लिया। मार्मिक मुलाकात के दौरान राहुल ने हरिओम के पिता को गले भी लगाया। कांग्रेस नेता के सामने हरिओम की मां फूट-फूटकर रोने लगीं। इसपर राहुल ने उनका हाथ थामकर ढांढस बंधाया। शुक्रवार सुबह जब कांग्रेस नेता मृतक हरिओम के घर पहुंचे तो शोकाकुल परिवार सदमे में डूबा था। राहुल गांधी ने हरिओम के पिता का न केवल हाथ थामा बल्कि उन्हें गले भी लगाया। हरिओम की मां के सामने भी राहुल गांधी भी भावुक हो गए।   हरिओम की मां राहुल के सामने फफक पड़ीं। बेटे की मौत पर दुख जताया। कांग्रेस नेता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान राहुल गांधी ने परिवार को न्याय दिलाने और हर कदम पर उनका साथ देने का आश्वासन दिया।   यूपी के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में 2 अक्तूबर को चोर समझकर भीड़ ने बर्बरता से हरिओम वाल्मीकि की पिटाई की। जिससे उसकी मौत हो गई। मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। बताया जाता है कि पिटाई के दौरान हरिओम ने अपना नाम और पता भी बताया था। इसके अलावा अंतिम सांसों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम भी लिया था। जिसके बाद इस मुद्दे ने बड़ा सियासी रूप ले लिया था। 'हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है' कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दो अक्तूबर को रायबरेली में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि, "कुछ दिन पहले दलित अफसर ने आत्महत्या की थी। मैं वहां गया और आज मैं यहां आया हूं। अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ किया गया है और लग ऐसा रहा है कि यह लोग अपराधी हैं। इन्हें घर में बंद कर रखा है, इन्हें डराया जा रहा है। ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है। उसकी हत्या की गई है। हम केवल न्याय मांग रहे हैं। 'इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए' पूरे देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्याएं, दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं, इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए। जो अपराधी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा करने का प्रयास मत कीजिए…(पीड़ित परिवार) मुझ से मिलें, मुझ से ना मिलें यह जरूरी नहीं है, बल्कि जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। इन्होंने कोई गलती नहीं की है… अपराधी दूसरे लोग हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैंने आज यहां आकर इनसे बातचीत की, इनका दर्द और दुख सुना और कांग्रेस पार्टी और मेरा प्रयास है कि हम जो मदद कर सकते हैं हम करेंगे। 'परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी' लोकसभा नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज सुबह सरकार ने परिवार को मुझसे न मिलने की धमकी दी, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि पीड़ित परिवार मुझसे मिलता है या नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं। उन्होंने कोई गलती नहीं की है। मैंने मृतक के परिवार से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। कांग्रेस पार्टी और मैं परिवार को हर संभव मदद प्रदान करने की पूरी कोशिश करेंगे। देश में जहां भी दलितों के खिलाफ अत्याचार होगा, कांग्रेस वहां होगी और हम हर संभव मदद प्रदान करेंगे और न्याय के लिए लड़ेंगे। राहुल गांधी से मुलाकात करने से कर दिया था इनकार इससे पहले शुक्रवार सुबह परिवार ने राहुल गांधी से मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया था। हरिओम के भाई शिवम ने कहा है कि मैं सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हूं। इस मामले में किसी तरह की राजनीति नहीं चाहते हैं। मेरे भाई के हत्यारों को जेल भेजा गया है और बहन को नौकरी भी दी गई है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस और अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता राजनीति करने न आएं। माना जा रहा है कि परिवार अब राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहना चाहता है, क्योंकि मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है।

सीट बंटवारे पर विवाद जारी, लालू-तेजस्वी ने दिल्ली की उड़ान भरी, राहुल गांधी से करेंगे बातचीत

पटना बिहार में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) गठबंधन के दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर अनिश्चितता कुछ और समय जारी रहने की संभावना है तथा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद अपने पुत्र तेजस्वी यादव के साथ रविवार को दिल्ली रवाना हो गए। पार्टी ने हाल में प्रसाद को सीट वितरण और उम्मीदवार चयन पर अंतिम निर्णय लेने का ‘‘अधिकार'' दिया था। बिहार में ‘‘महागठबंधन'' के रूप में जाने जाने वाले गठबंधन में राजद का दबदबा है। इस ‘‘महागठबंधन'' में कांग्रेस और वाम दल भी शामिल हैं। बाद में यही गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया' नाम से जाना जाने लगा। रविवार सुबह जब पिता-पुत्र और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अपने आवास से रवाना हुए तो वहां मौजूद पार्टी के टिकट दावेदारों में निराशा फैल गई जिन्हें उम्मीद थी कि नेता उनकी बात सुनेंगे। सुरक्षाकर्मियों को 10, सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास से उन्हें हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। यह आवास मुख्यमंत्री निवास के ठीक सामने स्थित है। हवाई अड्डे पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, जबकि तेजस्वी यादव ने बस इतना कहा कि "सब ठीक है"। अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजद नेता दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया के एक वर्ग में आई खबरों के अनुसार, कांग्रेस का मानना है कि वह ‘वोटर अधिकार यात्रा' की सफलता के बाद राज्य में कमजोर नहीं रह गई है और वह लगभग उतनी ही सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है, जितनी उसने पांच साल पहले लड़ी थी। उस समय उसने 70 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से केवल 19 ही जीत पाए थे। राजद प्रमुख के एक करीबी सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “लालू जी और तेजस्वी जी दिल्ली इसलिए गए हैं, क्योंकि कल ‘नौकरी के बदले जमीन' मामले में सुनवाई की तारीख है। हालांकि वहां वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” राजद सूत्र ने कहा, “हमारा मन बन चुका है। हम 243 सीट में से कम से कम आधी सीट अपने पास रखेंगे। हमने 2020 के चुनाव में 140 से अधिक सीट पर चुनाव लड़ा था, इसलिए इस बार नए सहयोगियों को समायोजित करने के लिए यह पहले से ही एक तरह का ‘त्याग' है।” उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ही नहीं, बल्कि छोटे दलों को भी अपनी महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। तभी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ एक विश्वसनीय चुनौती खड़ी की जा सकती है।” पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। इस चरण में 121 सीट पर छह नवंबर को मतदान होगा।

चाईबासा कोर्ट में राहुल गांधी केस की अगली तारीख हुई तय, सुनवाई 9 अक्टूबर

रांची झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़ा मामला 4 अक्टूबर को तय समय पर नहीं सुना जा सका। भाजपा नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में चल रहे इस केस में राहुल गांधी ने अपनी निजी उपस्थिति से छूट की मांग की है। यह आवेदन उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 205 के तहत अदालत में दाखिल किया था। अदालत को इस आवेदन पर 4 अक्टूबर को फैसला सुनाया था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 4 अक्टूबर को फैसले की उम्मीद थी, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत व्यस्त रहते हैं और हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना उनके लिए संभव नहीं होगा। इसलिए, यह आवेदन उनकी व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए दायर किया गया है ताकि राजनीतिक और संसदीय कर्तव्यों में बाधा न आए। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय हुई है जिसमें इस आवेदन पर निर्णय दिए जाने की संभावना है।  

कांग्रेस संगठन में नई हलचल, एमपी के ज़िला अध्यक्ष मैदान में – नवंबर में राहुल और खड़गे की सीधी बैठक

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 71 जिला अध्यक्षों के लिए 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सीधी क्लास लेंगे। राहुल गांधी की क्लास से पहले सभी जिला अध्यक्ष फील्ड में सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्षों को एक महीने में कार्यकारिणी बनानी है, मुद्दों को उठाना है और जनता से सीधा संवाद करना है। यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की नींव बनने जा रहा है। इस विशेष शिविर में कांग्रेस नेतृत्व कार्यकर्ताओं को दिशा दिखाने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।  जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे राहुल शिविर की शुरुआत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि राहुल गांधी दो दिन तक प्रशिक्षण में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे और पूछेंगे कि आप ने  अभी तक संगठन में आपने क्या काम किया? किन मुद्दों पर आंदोलन किए? जनता के बीच कितनी बार पहुंचे? राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लेंगे, जिससे कार्यकर्ताओं को अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। राहुल गांधी दो दिन रहेंगे, प्रभात फेरी में होंगे शामिल  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दो दिन तक यहां मौजूद रहेंगे. राहुल जिला अध्यक्षों को संगठन की चुनौतियों, चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के गुर सिखाएंगे. वे नेताओं से वन टू वन चर्चा कर उनके जिलों की परिस्थितियों को समझेंगे और आगे की कार्ययोजना देंगे. इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. वरिष्ठ नेता महेंद्र जोशी को प्रशिक्षण स्थल की तैयारियां देखने के लिए पचमढ़ी भेजा गया है. अनुशासन और राहुल गांधी की रणनीति  पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के शिविर कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाते हैं. पचमढ़ी का शांत और प्राकृतिक वातावरण इसके लिए उपयुक्त माना गया है. राहुल गांधी का सीधा जुड़ाव शिविर की खासियत होगा. कांग्रेस इस शिविर से दो संदेश देना चाहती है. पहला यह कि पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देती है. दूसरा यह कि राहुल गांधी सीधे रणनीति बना रहे हैं. गौसेवा और प्रभातफेरी जैसी गतिविधियां परंपरा और आधुनिक राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हैं. कांग्रेस का संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. सुबह योग और प्रभात फेरी से दिन की शुरुआत होगी. इसके बाद प्रशिक्षण सत्रों में रणनीति, संवाद और चुनावी प्रबंधन सिखाया जाएगा. गौसेवा और स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर देना चाहती है. नेताओं की मजबूत टीम देगी मार्गदर्शन 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय प्रमुख सचिन राव, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिविर संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा। जनसंवाद की रणनीति 1-सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग 2-जमीनी मुद्दों की पहचान और समाधान 

2 से 12 अक्टूबर तक पचमढ़ी में कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर, राहुल और खरगे बताएंगे जीत की रणनीति

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस के 71 जिलाध्यक्षों को पचमढ़ी में आवासीय प्रशिक्षण (residential training) दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन आगामी 2 से 12 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस खास ट्रेनिंग शिविर में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी उपस्थित होंगे। इस दस दिन के कार्यक्रम में राहुल गांधी दो दिन तक जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देंगे। इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं को आने वाली चुनावी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। वहीं, इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शमिल होंगे। राहुल गांधी जिला अध्यक्षों से करेंगे संवाद     सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस सांसदराहुल गांधी इस कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्षों के साथ न केवल सार्वजनिक रूप से संवाद करेंगे, बल्कि वे उनसे व्यक्तिगत (one-to-one) बातचीत भी करेंगे। इस बातचीत में वे जिला अध्यक्षों से उनके जिलों की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। यह संवाद कांग्रेस को आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत रणनीति तैयार करने में मदद करेगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे भी आएंगे इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, खरगे इस शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस प्रशिक्षण शिविर में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के नेशनल हेड सचिन राव, मप्र के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी शामिल होंगे। अध्यक्षों से खुद चर्चा करेंगे राहुल गांधी सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ट्रेनिंग के दौरान जिला अध्यक्षों को न केवल संबोधित करेंगे, बल्कि, जिला अध्यक्षों से वन टू वन बातचीत भी करेंगे। जिला अध्यक्षों से उनके जिले की सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी ट्रेनिंग के दौरान जिलाध्यक्षों को न केवल संबोधित करेंगे, बल्कि उनसे वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे. इस दौरान जिलाध्यक्षों से उनके जिले की सामाजिक, राजनीतिक हालातों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विचार विमर्श करेंगे. इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान कांग्रेस के कई बड़े-बड़े नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, कांग्रेस ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के नेशनल हेड सचिन राव, एमपी के प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे.  ट्रेनिंग में क्या क्या होगा? मिली जानकारी के मुताबिक, इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिलाध्यक्षों के सुबह उठने से लेकर रात तक सोने तक का मिनट-टू-मिनट का प्रोग्राम निश्चित किया गया है. बता दें कि रोजाना सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 से 8 बजे तक चलेगा. इसके अलावा, सुबह के समय में सैर, योग, ध्यान जैसी गतिविधियां भी कराई जाएंगी. इस प्रशिक्षण का मकसद आगामी समय में होने वाले नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा.      मध्यप्रदेश कांग्रेस के 71 जिलाध्यक्षों को पचमढ़ी में 2-12 अक्टूबर तक आवासीय प्रशिक्षण मिलेगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे।     राहुल गांधी जिला अध्यक्षों से एक व्यक्तिगत संवाद करेंगे और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर चर्चा करेंगे।     कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, और सचिन राव भी इस प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा होंगे।     इस ट्रेनिंग में पार्टी कार्यकर्ताओं को ब्लॉक, मंडल, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन बनाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।     पचमढ़ी को शांति और आरामदायक माहौल के कारण इस प्रशिक्षण के लिए चुना गया है, जो शहर की हलचल से दूर है। जिले में कैडर मैनेजमेंट से लेकर 4 चुनावों तक के लिए तैयार होंगे पचमढ़ी में होने वाली ट्रेनिंग में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को अपने जिले में ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ लेवल तक संगठन बनाने के बारे में बताया जाएगा। आगामी समय में होने वाले नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर कैसे रणनीति बनाना है, इसका पूरा रोडमैप बताया जाएगा। अब जानिए दस दिन की ट्रेनिंग में क्या होगा प्रशिक्षण शिविर में दस दिन की ट्रेनिंग में जिला अध्यक्षों के सुबह उठने से लेकर रात तक सोने का मिनट टू मिनट का प्रोग्राम तय किया गया है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 7-8 बजे तक चलेगा। इसमें सुबह की सैर, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। जिले में कार्यकारिणी से लेकर, ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का चयन कैसे करना है। पार्टी के दिग्गज नेता बताएंगे। पचमढ़ी को क्यों चुना? शहरों की भागदौड़ से दूर एकांत में सतपुड़ा की वादियों के शांत माहौल में दस दिनों तक जिला अध्यक्षों और बाहर से आने वाले विषय विशेषज्ञों और दिग्गजों के रुकने के लिए फाइव स्टार रेटिंग वाले होटल मौजूद हैं। बडे़ नेताओं के आने के लिए भोपाल नजदीकी एयरपोर्ट है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेता हेलिकॉप्टर के जरिए सीधे पहुंच सकेंगे। वहीं जिला अध्यक्षों और प्रदेश के नेताओं को पचमढ़ी तक पहुंचने के लिए ट्रेन और आसान सड़क रूट है। ऐसे में नेताओं को पहुंचने और रुकने में आसानी होगी। भविष्य की चुनावी तैयारी पर ध्यान केंद्रित इस विशेष ट्रेनिंग में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक स्तर पर कार्य करने की पूरी जानकारी दी जाएगी। पचमढ़ी में होने वाली इस ट्रेनिंग में कार्यकर्ताओं को ब्लॉक, मंडल, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन बनाने की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही आगामी नगरीय निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव, और 2028 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी। जानें इस दस दिन के प्रशिक्षण में क्या होगा? प्रशिक्षण शिविर में प्रत्येक दिन का कार्यक्रम सुबह 7 बजे से लेकर रात 7-8 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसमें जिला अध्यक्षों को पूरे दिन के लिए एक विस्तृत शेड्यूल मिलेगा। इसमें सुबह की सैर, योग, और ध्यान जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। इसके अलावा, इस प्रशिक्षण में कार्यकारिणी से लेकर ब्लॉक, मंडल, सेक्टर, वार्ड, ग्राम पंचायत और बूथ स्तर तक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का चयन कैसे करना है, इस पर भी … Read more