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मप्र अपडेट: आज रात से भारी बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम आज रात से बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है और आसमान से पानी बरसने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है।  बादल छाने से अगले दिन  कहीं-कही बारिश भी हो सकती है। बारिश का ये सिलसिला संडे और मंडे को तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते आज शाम या रात से मौसम करवट बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आज 3000 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक कल यानी एक फरवरी से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज हो सकती है। एक से तीन फरवरी तक राज्य के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। साथ ही 2800 मीटर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। चार फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। पांच फरवरी को समूचे प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। छह फरवरी को फिर से तीन पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शनिवार से बादल छाने लगेंगे और  इससे ठंड से भी राहत मिल सकती है। रविवार-सोमवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश कराने वाले सिस्टम हैं एक्टिव मौसम विभाग का कहना है कि  पूर्वोत्तर असम पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के उत्तर-पूर्वी भाग पर चक्रवात के तौर पर एक्टिव है। 2 फरवरी यानि सोमवार को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम के  प्रभावित होने भी संभावना है। लिहाजा इस  बारिस से जहां प्रदेश के लोगों को ठंड से निजात मिलेगी वहीं फसलों के लिए भी ये बारिश लाभ पहुंचा सकती है। तीन दिन के लिए यलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक एक से तीन फरवरी तक समूचे राज्य में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। एक फरवरी को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, यूएस नगर जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। तीन फरवरी तक विभिन्न इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। बता दें कि साल 2022 में भी फरवरी पहले सप्ताह में मौसम काफी खराब रहा था। तब भी तीन फरवरी को उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई थी। 

पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3 फरवरी को बारिश की संभावना

रायपुर. ठंड का प्रभाव खत्म होने के साथ प्रदेश में गर्मी धीमे-धीमे अपना प्रभाव दिखाने लगी है. पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 11.9 तक पहुंच गया, वहीं रायपुर का पारा 18.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. अभी पश्चिमी विक्षोभ भी लगातार असर दिखा रहा है, जिसके प्रभाव से 3 फरवरी को बारिश भी होने की संभावना है. जनवरी के अंतिम दिनों में आए पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड बढ़ने के सिलसिले को रोक दिया था. विक्षोभ की लगातार सक्रियता की वजह से तापमान में गिरावट का दौर रुक गया और धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही मौसम में मामूली बदलाव हो, मगर अब ठंड का दायरा सिमटता जाएगा. अभी इसका प्रभाव सुबह के वक्त महसूस हो रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर भी कम हो जाएगा. पिछले चौबीस घंटे में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दिखी है. अंबिकापुर का सामान्य से 2 डिग्री अधिक और रायपुर का पारा 3.8 डिग्री अधिक रहा. दिन का अधिकतम तापमान उत्तरी इलाकों को छोड़कर शेष क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हो चुका है. अभी एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पूर्व ईरान के ऊपर 4.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. दो नया पश्चिमी विक्षोभ 2 और 5 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. अभी न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, मगर 2 फरवरी से न्यूनतम तापमान में क्रमशः वृद्धि होने और 3 फरवरी को उत्तरी भाग में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाए रहने की संभावना है. आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ आज से आंधी-तूफान के साथ करवाएगी वर्षा

हिसार. मौसम में परिवर्तन के साथ ही शनिवार रात से उसमें बदलाव होगा। नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही चार जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गई है। एक फरवरी को पूरे प्रदेश में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तेज वर्षा होने की संभावना है। छह फरवरी के बाद फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि की चेतावनी के चलते हरियाणा के किसान भी चिंतित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में वर्षा की संभावना है। इसमें सामान्य रूप से वर्षा हो सकती है। रविवार को पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेगी। एक फरवरी को सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हल्की वर्षा की संभावना है। बाकी प्रदेश के जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तीन फरवरी तक वर्षा की संभावना है। उसके बाद दो दिन तक मौसम साफ रहेगा और छह फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। वहीं, शुक्रवार को रात के तापमान में उछाल आया है। सुबह के समय काफी जगह पर कोहरा छाया रहा। महेंद्रगढ़ का तापमान सबसे कम रहा। न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही हैं। हरियाणा में वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा छह फरवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ, तीन तक वर्षा की संभावना, फिर दो दिन मौसम साफ

MP मौसम अपडेट: 40 से ज्यादा जिलों में तीन दिन तक बारिश की चेतावनी

भोपाल   आधे से ज्यादा मध्य प्रदेश कोहरे के आगोश में है और मौसम लगातार बदलता दिख रहा है। दो दिन से अचानक बढ़ी ठंड और अब बारिश के आसार…। दरअसल मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार 31 जनवरी से मध्य प्रदेश में एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है, जिसके कारण एमपी के कई जिलों में लगातार तीन दिन तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।  एमपी में क्यों बदला मौसम मौसम विभाग (IMD Alert) का कहना है, पिछले एक पखवाड़े से मौसम की चाल में बदलाव हो रहा है। लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बन रही है, जिससे हवा का रूख बार-बार बदल रहा है और कभी मौसम सर्द तो कभी गर्म हो रहा है। हाल ही में एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरा है और उत्तर भारत में हुई बर्फबारी के बाद बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में एंट्री मारी है। जिसके असर से यहां मौसम एक बार फिर सर्द हो गया है।  वेस्टर्न डिस्टर्बैंस लेकर आया बारिश का दौर मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर लौटने को है। 31 जनवरी और 1 से 2 फरवरी को पानी गिरने की संभावना है। इससे पहले कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। आज शुक्रवार 30 जनवरी को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं सुबह भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, चंबल, शहडोल, सागर और रीवा संभाग के 24 जिलों में कहीं हल्का तो कहीं मध्यम कोहरा छाया हुआ है। 3 दिन लगातार बारिश का अलर्ट अब मौसम विभाग ने एमपी के ग्वालियर, शहडोल, रीवा, सागर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, दतिया, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, रीवा, मऊगंज, कटनी में कोहरा बने रहने और अगले तीन दिन बारिश गिरने की संभावना जताई है। 31 जनवरी को इन जिलों में गिरेगा पानी कल शनिवार 31 जनवरी को ग्वालियर, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, गुना और सागर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 फरवरी को यहां बारिश के आसार वहीं 1 फरवरी को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, ग्वालियर, गुना, विदिशा, सतना, सागर, सीहोर, रीवा, रायसेन, राजगढ़, श्योपुर, शाजापुर, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर मालवा, मंदसौर, मुरैना, भिंड, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, दतिया, पन्ना और नीमच में बारिश होने के आसार है। 2 फरवरी को इन जिलों में होगी बरसात मौसम विभाग ने 2 फरवरी को भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, शाजापुर, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, सतना, सीहोर, सागर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, निवाड़ी, रायसेन, राजगढ़, रीवा, मऊगंज, मैहर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, गुना, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, दतिया, दमोह, खरगोन, खंडवा, हरदा, धार, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी और उमरिया में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम बदलेगा मिज़ाज: 3 और 4 फरवरी को बारिश, कोहरे के साथ ठंड बढ़ेगी

रांची झारखंड में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से बढ़े तापमान के कारण लोगों को गर्मी महसूस हो रही थी और गर्म कपड़े कम हो गए थे। लेकिन अब मौसम विभाग ने बारिश और ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। अगले तीन दिनों में तापमान फिर 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 फरवरी को राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ जाएगा। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान फिर 2 से 3 डिग्री बढ़ने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने के कारण लोगों को गर्मी लगने लगी थी। बीते 24 घंटों में राज्य के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इसी वजह से लोग बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलने लगे थे, लेकिन अब मौसम बदलने से ठंड फिर लौट सकती है। सुबह हल्का कोहरा और दिन में बादल छाए रह सकते हैं मौसम विभाग के अनुसार 3 फरवरी को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान सुबह हल्का कोहरा छा सकता है और दिन में आंशिक बादल रहेंगे। वहीं 4 फरवरी को पश्चिमी झारखंड के अलावा सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। बाकी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। सुबह हल्का कोहरा और दिन में बादल छाए रह सकते हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा और कुछ जगहों पर हल्का कोहरा देखा गया। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रांची के कांके में रिकॉर्ड किया गया।  

भीलवाड़ा सड़क हादसा: कोहरे के कारण 6 गाड़ियां टकराईं, मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी

भीलवाड़ा/जयपुर   राजस्थान में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 (भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे) पर कम विजिबिलिटी के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कोहरे के कारण एक के बाद एक 6 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद लगा 4 KM लंबा जाम सुबह करीब 8 बजे हुए इस एक्सीडेंट के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। प्रदेश में कोहरे की स्थिति 27 जनवरी को हुई मावठ (बेमौसम बारिश) के बाद से ही राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नमी और कोहरा छाया हुआ है। आज सुबह की स्थिति कुछ इस प्रकार रही: जयपुर-दिल्ली हाईवे: यहाँ दृश्यता (Visibility) मात्र 10 मीटर तक रह गई। प्रमुख जिले: सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। मौसम विभाग की चेतावनी: बारिश और ओले गिरने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। नया सिस्टम : 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र : जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग में बादल छाए रहेंगे। चेतावनी : 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की भी संभावना है। सावधानी : कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय 'फॉग लाइट्स' का प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के ‘डबल अटैक’ से 11 जिलों में पड़े ओले

हिसार/पानीपत. प्रदेश में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही मंगलवार को मौसम बदला है। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 15 से अधिक जिलों में वर्षा हुई। जिन जिलों में ओलावृष्टि हुई है, उनमें हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी क्षेत्र में ओलावृष्टि अधिक रही। इन जिलों के 200 के करीब गांवों में ओले पड़े हैं। भिवानी, रोहतक, हिसार और यमुनानगर में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं में अभी बालियां नहीं निकली हैं, इसलिए ओलावृष्टि से गेहूं को नुकसान नहीं हुआ। वर्षा से गेहूं, चना और जौ की फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। वहीं प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज हुआ है। मौसम विभाग का अलर्ट कोहरा: पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, पानीपत व जींद। शीत लहर: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी व चरखी दादरी। कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और असर को हिसार: जिले में बुड़ाक, सरसाना, बांडाहेड़ी, खासा महाजन, घुड़साल, बगला और कालीरामन गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। यहां खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। सिरसा: नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के मोरीवाला, डिंग और शक्कर मंदोरी सहित 13 गांवों में ओले गिरे। इससे सरसों और गेहूं को भारी नुकसान पहुंचा है। झज्जर, बहादुरगढ़ और बादली ब्लाक के पेलपा सहित कुल 16 गांवों में ओलावृष्टि हुई। कृषि विभाग के अनुसार फसलों में 15 प्रतिशत तक नुकसान है। चरखी दादरी: बाढड़ा उपमंडल के बाढड़ा, हंसावास और कादमा सहित 10 गांवों में सुबह ओले गिरे। सरसों की फसल में अधिक नुकसान का अंदेशा जताया गया है। रोहतक, महम क्षेत्र के भैणी चंद्रपाल, भैणी सुरजन, सैमान, खेड़ी, बहलबा और भराण गांवों में हल्की ओलावृष्टि दर्ज की गई। यहां फसलों में विशेष नुकसान नहीं है। जींद: उचाना के घोघड़ियां, कुचराना व कसूहन और नरवाना के दनौदा व जाजनवाला गांवों में ओले गिरे। शीतलहर के बीच सरसों की फसल प्रभावित हुई है। फतेहाबाद : दहमान, गोरखपुर, चिंदड़, कुम्हारिया और भोडा होसनाक गांवों में ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और सरसों की पैदावार पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। कुरुक्षेत्र जिले के दयालपुर और बारवा गाँवों में सुबह के समय हल्की ओलावृष्टि हुई। रुक-रुक कर हुई बारिश से क्षेत्र में दोबारा ठंड बढ़ गई है।

ग्वालियर, भोपाल समेत कई शहरों में घना कोहरा, एमपी में मौसम ने बदला रुख; बारिश और ओले से फसलें प्रभावित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक रौद्र रूप ले लिया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हुए हैं। ठंड के बीच बारिश-ओलों के इस दौर ने तापमान और गिरा दिया है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि गुना, उज्जैन, आगर-मालवा और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने की चेतावनी दी है। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। वहीं, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहने के आसार हैं। बारिश के साथ कोहरे की चादर उत्तरी मध्य प्रदेश में जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं सुबह के समय घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर में भी दृश्यता प्रभावित हुई। ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूल बंद लगातार बारिश और बढ़ती ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने एहतियातन बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। शिवपुरी समेत आसपास के इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, खंडवा, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, खंडवा, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज, धार आदि जिलों में 24 घंटे के अंदर बारिश का दौर चला। ग्वालियर में सबसे ज्यादा ढाई इंच, गुना, शिवपुरी-सागर में 1 इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच पानी गिर गया। उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन व अन्य जिलों में ओले भी गिरे। बारिश, आंधी-ओले के मौसम के बीच बुधवार सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिखा। खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर में कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। बारिश के बाद एमपी में बढ़ी ठंड मध्य प्रदेश में मंगलवार को हुई बारिश के बाद एक बार फिर ठंड की वापसी हो गई है। तेज हवाओं के कारण कंपकंपी बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, देवास, खंडवा, शाजापुर, शिवपुरी, मऊगंज, सागर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। जिसके बाद आज ठंड भी बढ़ गई है। ग्वालियर में बारिश के बाद आज कक्षा-8 तक के स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा जिला मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को एमपी में सबसे कम न्यूनतम तापमान शिवपुरी में रहा। यहां पर न्यूनतम पारा 7 डिग्री सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद खुजराहों में 7.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम पारा रिकॉर्ड हुआ। वहीं सबसे कम अधिकतम तापमान मुरैना में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 3 जिलों में 30 डिग्री या उससे ऊपर अधिकतम पारा रहा। जिनमें मंडला, खंडवा और खरगौन शामिल हैं। ओलावृष्टि से खेती को झटका मंगलवार को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में गिरे ओलों से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। रतलाम, शाजापुर और आगर में तेज हवा के चलते खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। कई जगह सड़कों पर पानी बह निकला। रात के समय निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, उज्जैन, खरगोन और धार में आकाशीय बिजली चमकती रही। 

हरियाणा में भारी बारिश और ओले, 12 जिलों में मचा कोहराम, पानीपत में अंधेरा, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम में बारिश के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। लंबा ट्रैफिक जाम रहा, जिससे ऑफिस, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पानीपत में हाईवे और अंबाला में कॉलोनी में जलभराव हो गया। भिवानी में अब तक सबसे ज्यादा 15 एमएम बारिश दर्ज की गई, वहीं मेवात और पलवल एरिया में मौसम शुष्क रहा। उधर, सीएम नायब सैनी बारिश के बीच ही चड़ीगढ़ के सेक्टर तीन स्थित सुभाष पार्क पहुंचे और वहां लगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने नमन किया। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 7 जिलों कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश में 60 किलोमीटर/ घंटे की दर से ठंडी हवाएं चल रही है। प्रदेश में 25 जनवरी तक बारिश के आसार बने रहेंगे। हालांकि, बादलों की आवाजाही से रात के तापमान में 3-4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की ठिठुरन कम होगी, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट की स्थिति बनी रहेगी। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, 12 जिलों में बारिश, सिरसा में ओले, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।