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‘5 वर्षों में बिहार में ही मिलेगा रोजगार, अब बाहर नहीं जाना होगा’: सम्राट चौधरी

समस्तीपुर. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हम न्याय यात्रा और प्रगति यात्रा में आपके बीच आए थे। क‌ई योजनाओं को शुरू करने का लक्ष्य लिया था। सभी का कार्य शुरू किया गया है। सभी की समीक्षा जारी है। पूरे वादे को 2026 में पूरा करने का किम किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा बीस साल पहले कैसा बिहार था। गांव में बिजली, सड़क, पानी, पंचायत भवन और हाई स्कूल नहीं था। नीतीश ने पूरी व्यवस्था को बदला। आज विकास गांव गांव तक पहुंचा। मोदी सरकार ने गांव गांव बिजली की बात कही उससे बढ़कर नीतीश कुमार ने घर घर पहुंचने की बात कही।  महिलाओं की अपील पर मुफ्त बिजली सम्राट चौधरी ने कहा महिलाओं की अपील पर मुफ्त बिजली की योजना बनाई गई। जिस बिहार में 17 लाख उपभोक्ताओं थै। 2.54 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचाया। 1.90 घरेलू उपभोक्ताओं। 1.70 करोड़ का बिजली बिल जीरो आ रहा। सीएम संवाद में रोजगार की बात आयी। सीएम ने 1.56 करोड़ को रोजगार के लिए पैसा दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा क‌ई बहनें कह रही कि हम बकरी पालन, दुकान, सिलाई आदि का काम कर रहे। जो बहनें आगे रोजगार करती रहेगी। उसे दो लाख की सहायता मिलेगी। पंचायत सरकार भवन बन रहा। डिग्री कालेज नहीं है। सभी प्रखंड में अगले दो वर्ष में खोला जाएगा। गांव में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था होगी।   पांच साल रोजगार की बात होगी सम्राट चौधरी ने कहा आने वाले पांच साल रोजगार की बात होगी। उद्योग के लिए एक रुपया में जमीन मिलेगी। 500 करोड़ से अधिक का उद्योग लगाने वालों को। रोजगार लेने बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सेमी कंडक्टर के माध्यम से उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इसका जंक्शन समस्तीपुर को बनाया है। सभी फोरलेन का कनेक्शन यहां से ही होगा। विकास की किरण यहां लगातार पहुंच रही है। अंत में उन्होंने कहा अच्छा रोजगार करने प्रदेश जा रहा है तो जाए मजदूरी के लिए जाने की जरूरत नहीं है। उसे पांच वर्ष के भीतर यहां रोजगार दिया जाएगा। 10 में 8 सीट देने के लिए कार्यकर्ता और आम जनता का आभार।

CM नीतीश की बड़ी भविष्यवाणी: सम्राट चौधरी को लेकर पिता शकुनी चौधरी से क्या बोले?

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को यहां वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। शकुनी चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता हैं और उनका तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर है। जन्मदिन के मौके पर नीतीश कुमार शकुनी चौधरी के आवास पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पहले शकुनी चौधरी को बधाई देते नजर आते हैं और फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुलकर प्रशंसा करते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “सम्राट चौधरी जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ हूं।” बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं शकुनी चौधरी बता दें कि शकुनी चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवा दी थी। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरे पिता लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने सेना में सेवा दी और सड़क से लेकर संसद तक बिहार के समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया। हम सभी की कामना है कि वे 190 साल तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहें।” सम्राट चौधरी ने समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्रियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more

सम्राट चौधरी की नई पहल: पिंक पुलिस करेगी छेड़खानी पर त्वरित कार्रवाई

पटना  पुलिस मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जैसे ही सम्राट चौधरी ने गृह विभाग संभाला, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया दौर शुरू होता दिखा. 1972 के बाद पहली बार किसी गैर-मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय की कमान ली है और सम्राट चौधरी ने आते ही घोषणा कर दी. छेड़खानी हुई तो आरोपी ही नहीं, जिम्मेदार पुलिसकर्मी भी कार्रवाई होगी. अपराधियों-कुख्यातों की संपत्ति जब्ती से लेकर साइबर अपराध पर ‘सफाई अभियान’ पर सख्त फैसला लिया. पदभार ग्रहण करते ही सम्राट चौधरी शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने साफ कर दिया कि अब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एंटी रोमियो स्क्वॉड और पिंक पुलिस तैनात होगी सम्राट चौधरी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉड यूपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा. हर स्कूल-कॉलेज के छुट्टी समय के आसपास पिंक पुलिस तैनात रहेगी और किसी भी तरह की छेड़खानी पर सीधे कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ कहा -अगर किसी युवती, छात्रा या महिला से छेड़खानी हुई, तो आरोपी तो गिरफ्तार होगा ही, लेकिन लापरवाही करने वाली पुलिस पर भी कार्रवाई होगी. डिजिटल अपराध के खिलाफ सफाई अभियान साइबर क्राइम और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए गृहमंत्री ने बड़ा अभियान चलाने का एलान किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अपशब्द, भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो डालने वालों की पहचान तत्काल की जाए और कार्रवाई में देरी न हो. जेल प्रशासन को भी कड़ी चेतावनी दी गई है. जेल में मोबाइल मिलने पर जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. डॉक्टर की अनुमति के बिना कैदियों को बाहर से भोजन भेजने पर रोक होगी. 400 माफियाओं की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू सम्राट चौधरी ने कहा कि संगठित अपराध का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है. राज्य में बालू, शराब और जमीन से जुड़े करीब 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सूची तैयार है. दो माफियाओं की संपत्ति जब्ती की अनुमति कोर्ट से मिल चुकी है. गृहमंत्री ने कहा— बिहार में अपराध करके करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. स्पीडी ट्रायल चलेगा और सजा सुनिश्चित की जाएगी. कानून-व्यवस्था सुधारने की तैयारी पदभार संभालने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में अपराध नियंत्रण, जेल मॉनिटरिंग, स्पेशल कोर्ट बढ़ाने और आर्म्स एक्ट मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करने पर सुझाव मिले. उन्होंने कहा कि सभी सुझावों को लागू किया जाएगा और पुलिस प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा. बिहार में सुशासन कायम रहेगा अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा. यूपी मॉडल की चर्चा पर उन्होंने कहा कि बिहार अपना मॉडल भी प्रभावी तरीके से लागू करेगा.

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

राहुल-तेजस्वी पर बरसे सम्राट चौधरी, बोले- लोकतंत्र के दुश्मनों को सबक सिखाएगी जनता

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर बुधवार को जोरदार निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता दोनों राजकुमारों को सबक सिखाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल होने पर लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार उन लोगों को बिहार बुला रहा है, जिन्होंने बिहार की जनता का अपमान किया और सनातन धर्म का विरोध किया। उन्होंने स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग बिहार के लोगों का अपमान करते हैं, सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ऐसे नेताओं को राजद संरक्षण दे रहा है, जो बिहार और उसके सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस सियासी खेल को समझती है और वह एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है। 'वोटर अधिकार यात्रा' और एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के लिए एसआईआर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि विकास, तरक्की और रोजगार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने एनडीए सरकार के तहत पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को समृद्ध बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' में रेवंत रेड्डी और स्टालिन के जुड़ने को 'घुसपैठिया' करार दिया। डिप्टी सीएम के अनुसार, घुसपैठिये आए हैं, चले जाएंगे। यह बिहार यहां पर था और रहेगा। चौधरी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आपातकाल का जिक्र किया, जब निर्दोष लोगों को जेल में डाला गया। लोकतंत्र की हत्या की गई। इसी तरह उन्होंने लालू यादव पर भी सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में सभी का सहयोग है। भारत का मतलब भगवान राम और श्री कृष्ण के वंशजों से है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कुछ लोगों ने पूजा पद्धति बदली, लेकिन सभी भारतीय हैं। यह सनातन संस्कृति की एकता को दर्शाता है, जो भारत की मूल पहचान है। पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि लगभग 40,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। कई परियोजनाओं का जुड़ना अभी बाकी है। पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।