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योगी सरकार के तहत बेसिक शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार, नामांकन से लेकर गुणवत्ता तक बदलाव

योगी सरकार में बदली बेसिक शिक्षा की तस्वीर, नामांकन से लेकर गुणवत्ता तक ऐतिहासिक सुधार  स्कूल चलो अभियान से लाखों बच्चों की वापसी, सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा  ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और DBT योजनाओं से शिक्षा व्यवस्था हुई मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा विभाग ने व्यापक और ठोस बदलाव दर्ज किया है। यह परिवर्तन केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम के रूप में सामने आया है। परिषदीय विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन इसका प्रमाण है। इस वर्ष अप्रैल माह से गतिशील इस अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल तक, यानी मात्र 20 दिनों में ही 8 लाख 79 हजार से अधिक नए बच्चों का नामांकन दर्ज किया जा चुका है, जो परिषदीय शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। योगी सरकार ने आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा है। अवस्थापना के स्तर पर 1.32 लाख से अधिक विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प से जोड़ा गया। 2017-18 में मात्र 36 प्रतिशत स्कूल ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त थे, जो अब बढ़कर 96.30 प्रतिशत हो गए हैं। 75 जनपदों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। तकनीक, प्रशिक्षण और पोषण योजनाओं के साथ शिक्षा को समग्र रूप से मजबूत किया गया है। स्पष्ट है कि योगी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी और परिणाम अब व्यवस्थित रूप में दिख रहे हैं। नामांकन और मुख्यधारा से जुड़ाव प्रदेश में स्कूल चलो अभियान और सर्वे आधारित रणनीति ने शिक्षा से दूर बच्चों को जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाई है। वर्ष 2024-25 में 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 2.69 लाख बच्चों को कक्षा-1 में सीधे प्रवेश दिया गया, जबकि 5.04 लाख बच्चों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ा गया। यह प्रयास केवल आंकड़ों की वृद्धि नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार को धरातल पर लागू करने का उदाहरण है। लगातार बढ़ते नामांकन से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। निःशुल्क सुविधाएं और छात्र हित सरकार ने आर्थिक बाधाओं को कम करने पर विशेष ध्यान दिया है। प्रतिवर्ष 1.30 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को DBT के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी के लिए ₹1200 प्रति छात्र की सहायता दी जाती है। कक्षा 1 से 8 तक सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और कार्यपुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन उपायों से अभिभावकों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हुई। अवस्थापना विकास में बड़ा सुधार ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। 1.32 लाख से अधिक विद्यालय इस अभियान से आच्छादित हुए हैं। हर विद्यालय में डेस्क-बेंच, शौचालय, पेयजल, बिजली और कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं थे, वहां नए आवासीय विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने की दिशा में काम हो रहा है। मॉडल विद्यालयों से नई दिशा प्रदेश में शिक्षा के नए मानक स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। 75 जनपदों में 150 विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक शिक्षा दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत आ रही है और कुल बजट 4500 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। हर विद्यालय में 1500 से अधिक छात्रों के अध्ययन की व्यवस्था होगी, जिससे कुल 2.25 लाख विद्यार्थी सीधे लाभान्वित होंगे। साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी। यह पहल शिक्षा के मानकों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो रही है। तकनीक आधारित शिक्षा का विस्तार शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया है। हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और ICT (इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) लैब स्थापित की गई हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरित किए गए हैं, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनी है। वर्ष 2024-25 में 4.53 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी आधारित चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 2025-26 में 4.33 लाख शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसी क्रम में 1,32,828 परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित कर उन्हें क्रियाशील बनाया गया है। समग्र शिक्षा और पीएम योजना के तहत 2022-23 से 2024-25 तक कुल 25,954 विद्यालयों को स्मार्ट क्लास से आच्छादित किया गया है। 2025-26 में 5,924 अन्य विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए। इसके साथ ही 880 ब्लॉक संसाधन केंद्रों में आईसीटी लैब स्थापित की जा चुकी हैं तथा 2023-24 और 2024-25 में 5,817 विद्यालयों को आईसीटी लैब से जोड़ा गया है, जबकि 2025-26 में 8,291 विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापना की गई।  बालिका शिक्षा को मजबूती कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत 746 विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया गया है। इनमें 87,647 बालिकाएं नामांकित हैं। स्मार्ट क्लास, ICT लैब, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों से बालिकाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल न केवल शिक्षा, बल्कि सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। समावेशी शिक्षा और सामाजिक न्याय दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2024-25 में 29, 241 बच्चों को और 2025-26 में 25,397 बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए गए। इसके साथ ही सहायक उपकरण, एस्कॉर्ट अलाउंस और छात्रवृत्ति DBT के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे हर बच्चे को शिक्षा के दायरे में लाने का प्रयास सफल होता दिख रहा है। पीएम योजना और आरटीई के तहत अवसर पीएम योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1,722 विद्यालयों को आच्छादित किया गया है, जहां स्मार्ट क्लास, ICT लैब और खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं आरटीई के तहत 2024-25 में 1.65 लाख और 2025-26 … Read more

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम रायपुर  आज के दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है—क्या यह लाभदायक है या केवल हानिकारक? और क्या यह वास्तव में आवश्यक है? आइए, इन सभी प्रश्नों पर विचार करें।सोशल मीडिया का प्रचलन दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग घंटों इसका उपयोग करते हैं। स्थिति यह है कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब युवा पीढ़ी इसे ही अपना सच्चा मित्र मानने लगे। इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कोई भी इन्फ्लुएंसर कुछ नया करता है, तो वह तुरंत वायरल हो जाता है। विशेषकर बच्चों को ऐसी चीजें बहुत आकर्षित करती हैं। धीरे-धीरे सोशल मीडिया उनके मनोरंजन का मुख्य साधन बनता जा रहा है। लेकिन यह स्थिति चिंताजनक भी हो सकती है, क्योंकि यदि युवा केवल मनोरंजन में ही उलझ जाएं, तो यह उनके भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है। इसके साथ ही, कई लोगों में घबराहट, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं। इसलिए इसका संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू भी हैं। इसके माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और विश्वभर की घटनाओं की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह शिक्षा, शोध कार्यों और नई जानकारी प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके अलावा, कई लोग सोशल मीडिया का उपयोग आत्मविकास और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भी कर रहे हैं। यह आत्मविश्वास बढ़ाने और सही-गलत की समझ विकसित करने में भी सहायक साबित हो सकता है। अंततः, सोशल मीडिया का प्रभाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। गलत उपयोग इसे बोझ और नुकसानदायक बना सकता है, जबकि सही उपयोग से यह सफलता की राह भी खोल सकता है। आज के समय में सोशल मीडिया आवश्यक तो है, लेकिन इसके प्रति सजग रहना और संतुलन बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। यदि युवा इसका सही दिशा में उपयोग करें, तो वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जान्हवी सिंह ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास CBSE कक्षा 10वीं में शत-प्रतिशत परिणाम, अनुष्का मंडल बनी टॉपर (98.8%) सीपत, बिलासपुर एनटीपीसी सीपत स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई कक्षा दसवीं परीक्षा सत्र (2025–26) में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर उत्कृष्टता की नई मिसाल पेश की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल बेहतरीन अंक हासिल किए, बल्कि समग्र प्रदर्शन से संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी सिद्ध किया। विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा अनुष्का मंडल ने 98.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं शौर्य साहू एवं सस्मित राज ने 98.6% अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अयमान तनवीर ने 98% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया। परिणाम में उत्कृष्टता का प्रमाण कुल 66 विद्यार्थियों में से— 23 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए 47 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक अर्जित किए 61 विद्यार्थियों ने 70% से अधिक अंक हासिल किए यह आँकड़े विद्यालय की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली और अनुशासित वातावरण को दर्शाते हैं। विषयवार शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की— शौर्य साहू – गणित, संस्कृत एवं एआई सस्मित राज – गणित, सोशल साइंस एवं संस्कृत अनुष्का मंडल – संस्कृत एवं एआई अयमान तनवीर – सोशल साइंस एवं एआई गौरव बनर्जी – संस्कृत एवं एआई साईप्रदा साहू – सोशल साइंस एवं संस्कृत इसके अतिरिक्त— दर्शिल सुब्रत (गणित) पान्या सना कुजूर, साग्निक डे सरकार (संस्कृत) यामिनी भार्गव, अवनी जैन, सोहम शर्मा (एआई) ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।   विद्यालय के प्राचार्य शलभ निगम ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि— “यह सफलता विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, शिक्षकों की समर्पित मेहनत एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास—चरित्र, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता—को विकसित करना है।” इस शानदार सफलता के साथ बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने जिले में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक मजबूत किया है तथा आने वाले वर्षों के लिए नई प्रेरणा स्थापित की है।

CBSE Class 10th: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने टॉप किया, अभय सिंह बने टॉपर

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है. इस साल सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसने शहर के शिक्षा मॉडल की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है।  आंकड़ों में बड़ी छलांग इस साल चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत बढ़कर 88.25% पहुंच गया है, जो पिछले साल (81.18%) के मुकाबले 7.07% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या (9,356) पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी, लेकिन पास होने वाले छात्रों की संख्या (8,257) बढ़ गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर दिया गया जोर रंग ला रहा है।  होनहारों ने गाड़े झंडे इस बार न केवल पास होने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि 'हाई स्कोरर्स' की लिस्ट भी लंबी हुई है. 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल 11 थी, जो इस बार लगभग दोगुनी होकर 21 हो गई है. वहीं, 120 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं।  शहर के चमकते सितारे: अभय सिंह (GMSSS सेक्टर 33-D): 98.8% सान्वी बिंजोला (GGMSSS सेक्टर 20-B): 98.4% विष्णु देव (GMSSS सेक्टर 35-D): 98.2% इसके अलावा अनुज शर्मा (97.4%), रिधिमा (96.8%) और जयकृत सिंह (96.8%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।  17 स्कूलों का 'परफेक्ट' स्कोर स्कूल स्तर पर भी नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. शहर के 17 सरकारी स्कूलों ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. वहीं, 23 स्कूल ऐसे रहे जहाँ 95% से ज्यादा छात्र सफल हुए. 10 अन्य स्कूलों ने भी 90 से 95 फीसदी के बीच शानदार प्रदर्शन किया है।  शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे साल भर चली कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति है. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज, स्ट्रक्चर्ड रिवीजन प्लान और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे कदमों ने नतीजों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।  शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ ने इस उपलब्धि पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब 'मिशन 100%' को पूरी तरह हासिल करना है ताकि आने वाले समय में शहर का हर सरकारी स्कूल शत-प्रतिशत रिजल्ट दे सके। 

अबेर की बेटी कृति सिंह ने 92.6% अंक प्राप्त कर गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल सतना का नाम किया रोशन

सतना जिले में संचालित गार्डियन गाइड पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल में अध्ययन कर रही 10वीं की मेधावी छात्रा कृति सिंह पिता श्री कमलेंद्र सिंह(लाला) एवं माता विद्या सिंह निवासी ग्राम पंचायत अबेर हायर एमपी बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते 92.6 प्रतिशत अंक हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। सतना जिले की गार्डियन गाइड पब्लिक विद्यालय की इस मेधावी छात्रा ने कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और अनुशासित अध्ययन के बल पर सभी विषयो में विशेष योग्यता अर्जित कर शानदार परिणाम प्राप्त किया। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई और सहपाठियों ने उन्हें बधाई दी।ग्राम पंचायत अबेर निवासी युवा समाजसेवी कमलेंद्र सिंह ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए ने कहा कि कृति सिंह ने लगन और मेहनत से यह उपलब्धि हासिल की है। माता विद्या सिंह ने बताया कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मेरी बेटी ने स्कूल के साथ मेरा भी मान बढ़ाया है क्योंकि "पढ़ेंगी बेटियां तभी तो आंगें बढ़ेगीं बेटियां"  छात्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों और माता पिता को दिया है।

आत्मानंद स्कूल में एडमिशन की शुरुआत: सीमित सीटों पर लॉटरी से मिलेगा मौका

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मनेंद्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित इस विद्यालय में इच्छुक छात्र-छात्राएं अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। जारी सूचना के अनुसार प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 5 मई 2026 को शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगी। अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए अभिभावक CGSchool Portal के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्यालय द्वारा जारी सीटों के विवरण के अनुसार कक्षा 1वीं में 50 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं कक्षा 3वीं, 4वीं और 5वीं में 1-1 सीट, कक्षा 7वीं में 2 सीटें तथा कक्षा 8वीं में 6 सीटें रिक्त हैं। इसके अलावा कक्षा 11वीं में कॉमर्स, जीव विज्ञान और गणित संकायों में 5-5 सीटें निर्धारित की गई हैं। सभी कक्षाओं में बालक एवं बालिकाओं के लिए समान रूप से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कक्षा में उपलब्ध सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो पात्र अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसकी सूचना अभ्यर्थियों को पूर्व में ही दे दी जाएगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा देने और क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है।

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पंजाब में 8 और 14 अप्रैल को सरकारी छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 14 अप्रैल मंगलवार को भी रहेगी छुट्टी जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इन छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी अपने पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। 

भोपाल में अधिकारी बने शिक्षक, 102 स्कूलों में अफसरों ने दी क्लास और बच्चों से किया संवाद

भोपाल/ इंदौर  इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान बाल सभाओं का आयोजन हुआ। साथ ही छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। अब ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत 4 अप्रैल को प्रदेशभर के स्कूलों में कलेक्टर समेत प्रशासनिक अधिकारी कक्षाएं लेने पहुंचे। इंदौर जिले में 162 प्रशासनिक अधिकारी सरकारी स्कूलों में पहुंचे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में विद्यार्थियों से संवाद किया। इधर, राजधानी भोपाल में 102 स्कूलों में 102 अधिकारी छात्रों के साथ चर्चा की। वहीं, उज्जैन में 106 अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। सत्र के पहले दिन स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि सत्र की शुरुआत व्यवस्थित रूप से हो सके। इंदौर निगम कमिश्नर स्कूल पहुंचे इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल नेहरू पार्क स्थित बाल विनय मंदिर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स को समझा। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को करीब से देखा। सिंघल ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। बच्चों का आत्मविश्वास देखकर उन्हें खुशी हुई और उनके द्वारा प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति ने उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला दी। उन्होंने लैब में बच्चों के काम की सराहना करते हुए कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं। कलेक्टर बोले-कभी निराश न हों कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 पहुंचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कभी निराश ना हों। प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने जीवन के बारे में बताया कि एक छोटे से गांव से उन्होंने पढ़ाई शुरू की। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश को अपना लक्ष्य बनाया और इसे पूरा भी किया। बाद में एक ऑयल कंपनी में नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी की और सफल हुए। घर-घर संपर्क से बढ़ेगा नामांकन सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को प्रवेश के लिए प्रेरित करेगा। 85% से अधिक अंक वालों के अभिभावकों का सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करना है। इसके लिए सत्र की शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों की कार्ययोजना लागू की जा रही है। नए सत्र के साथ खास शुरुआत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।  अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा। अभिभावकों का भी होगा सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है।