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मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू

मोहला : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में 12 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू शिक्षकीय व गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन पीजीटी, टीजीटी सहित कई पदों के लिए साक्षात्कार, सुबह 8 बजे से पंजीयन शुरू मोहला  एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मानपुर में रिक्त शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह साक्षात्कार 12 अप्रैल 2026 रविवार को विद्यालय के संचालन स्थल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंचल चौकी के पास आयोजित होगा। अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि साक्षात्कार सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा।            जारी सूचना के अनुसार स्नातकोत्तर शिक्षक पीजीटी के अंतर्गत रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य विषयों के पदए प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक टीजीटी के अंतर्गत विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान एवं कला विषय के पद, साथ ही छात्रावास अधीक्षिका, काउंसलर एवं स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रत्येक पद के लिए विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट  http://www.emrsmanpur.org.in  पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों से निर्धारित समय में पंजीयन कर साक्षात्कार में उपस्थित होने की अपील की गई है।

जालंधर: DPS और मेयर वर्ल्ड स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी

जालंधर   पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जालंधर के डीपीएस स्कूल, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एक अन्य डीपीएस स्कूल को ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीमें बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं और स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया है। जालंधर के स्कूलों को बनाया निशाना जालंधर के प्रमुख निजी स्कूलों को भेजी गई धमकी भरी ईमेल ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीपीएस और मेयर वर्ल्ड स्कूल जैसे संस्थानों को सीधे निशाना बनाया गया। ईमेल में आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हुए बच्चों को लेकर चेतावनी दी गई, जिससे स्कूल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के अनुसार, हर कोने की जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। फिरोजपुर कोर्ट में दोपहर दो बजे तक काम बंद  फिरोजपुर कोर्ट काम्प्लेक्स को एक फिर बम से उठाने की धमकी मिली है। दोपहर दो बजे तक कामकाज बंद कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कोर्ट खाली करवाई और छानबीन शुरू कर दी है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है। ईमेल कहां से भेजा गया, इसका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस तरह की धमकियों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। ईमेल में लिखी गई गंभीर धमकियां धमकी भरी ईमेल में जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट की बात कही गई है और बच्चों को बचाने की चेतावनी दी गई है। इसमें कुछ राजनीतिक और अलगाववादी बयान भी शामिल हैं। ईमेल में बम और ग्रेनेड से हमले का जिक्र करते हुए समय भी लिखा गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। बड़े नेताओं और अमृतसर का भी जिक्र ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को 14 अप्रैल को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। इस कारण पूरे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पंजाब में 8 और 14 अप्रैल को सरकारी छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 14 अप्रैल मंगलवार को भी रहेगी छुट्टी जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इन छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी अपने पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। 

भोपाल में अधिकारी बने शिक्षक, 102 स्कूलों में अफसरों ने दी क्लास और बच्चों से किया संवाद

भोपाल/ इंदौर  इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान बाल सभाओं का आयोजन हुआ। साथ ही छात्रों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। अब ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत 4 अप्रैल को प्रदेशभर के स्कूलों में कलेक्टर समेत प्रशासनिक अधिकारी कक्षाएं लेने पहुंचे। इंदौर जिले में 162 प्रशासनिक अधिकारी सरकारी स्कूलों में पहुंचे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 में विद्यार्थियों से संवाद किया। इधर, राजधानी भोपाल में 102 स्कूलों में 102 अधिकारी छात्रों के साथ चर्चा की। वहीं, उज्जैन में 106 अधिकारी स्कूलों में पहुंचे। सत्र के पहले दिन स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि सत्र की शुरुआत व्यवस्थित रूप से हो सके। इंदौर निगम कमिश्नर स्कूल पहुंचे इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल नेहरू पार्क स्थित बाल विनय मंदिर स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स को समझा। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को करीब से देखा। सिंघल ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। बच्चों का आत्मविश्वास देखकर उन्हें खुशी हुई और उनके द्वारा प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति ने उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला दी। उन्होंने लैब में बच्चों के काम की सराहना करते हुए कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं। कलेक्टर बोले-कभी निराश न हों कलेक्टर शिवम वर्मा प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक-2 पहुंचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कभी निराश ना हों। प्रतियोगिता में भाग लेना ही बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने अपने जीवन के बारे में बताया कि एक छोटे से गांव से उन्होंने पढ़ाई शुरू की। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश को अपना लक्ष्य बनाया और इसे पूरा भी किया। बाद में एक ऑयल कंपनी में नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी की और सफल हुए। घर-घर संपर्क से बढ़ेगा नामांकन सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को प्रवेश के लिए प्रेरित करेगा। 85% से अधिक अंक वालों के अभिभावकों का सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य नर्सरी से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करना है। इसके लिए सत्र की शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों की कार्ययोजना लागू की जा रही है। नए सत्र के साथ खास शुरुआत प्रदेशभर में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। भोपाल में भी पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित हुईं और बच्चों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।  अभियान का उद्देश्य: बढ़े नामांकन इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाना और पढ़ाई के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाना है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर स्कूल से एक शिक्षक अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करेगा। अभिभावकों का भी होगा सम्मान पिछले सत्र में 85% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की तैयारी शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं और गुणवत्ता दी जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए सत्र की शुरुआत से ही अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों की योजना लागू की जा रही है। 

स्कूल चलें हम अभियान के तहत आयोजित हुए सांस्कृतिक, खेल एवं हार के आगे जीत कार्यक्रम

शहडोल  जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में आज "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत सांस्कृतिक, खेल-कूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ "हार के आगे जीत" कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकों की सहभागिता रही, जिससे विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा उपस्थित पालकों को राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और बच्चों की शिक्षा में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम के दौरान पिछले शैक्षणिक सत्र में 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के पालकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने पालकों के सहयोग को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। इसी क्रम में "हार के आगे जीत" कार्यक्रम के तहत ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित किया गया, जो किसी कारणवश कक्षोन्नति प्राप्त नहीं कर सके। पालकों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया और समझाया गया कि असफलता के बाद भी निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक आयोजित कर नए शैक्षणिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और वार्षिक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने सभी बच्चों के विद्यालय में नामांकन हेतु विशेष प्रयास करने का संकल्प लिया।

शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का हुआ आयोजन

अनूपपुर नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ जिले के शासकीय विद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। प्रदेश शासन की मंशा अनुरूप अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा शाला प्रबंधन समिति भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।  इसी अनुक्रम में शैक्षणिक सत्र के द्वितीय दिवस भी शासकीय विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भदरा कालरी (अनूपपुर) में ‘प्रवेश उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन हेतु विधायक अनूपपुर श्री बिसाहूलाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों द्वारा निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।  इसी प्रकार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कल्याणपुर एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय सड़कटोला, पैरीचुआ में अध्ययन कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके, इसके लिए कक्षावार निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के सेट उपलब्ध कराए गए। आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं द्वारा शासन के ‘‘हर बच्चे को शिक्षित करने’’ के लक्ष्य पर प्रकाश डाला गया।  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा जिले के सभी विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए शिक्षण कार्य को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्रवेश उत्सव की शुरुआत: आज से स्कूलों में तिलक और मुफ्त किताबें वितरण

भोपाल  जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ होगी। कलेक्टर संदीप जीआर ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा आने वाले विद्यार्थियों और पालकों का तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को विशेष आमंत्रण देकर विद्यालयों से जोड़ा जाए। सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना है।स्कूल चलें हम अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी कर कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यक्रम और विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा। बालसभा में अभिभावकों को नामांकन, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण होगा । राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे कलेक्टर और 162 अधिकारी, क्या होगा खास?

इंदौर  इंदौर जिले में 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने इस बार सत्र के पहले दिन को उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर और वंदन के साथ किया जाएगा। इस दौरान स्कूलों में विशेष बाल सभाओं का आयोजन होगा, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाया जा सके। सत्र के प्रारंभ में ही विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी सुनिश्चित किया गया है ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।  प्रशासनिक अधिकारियों की अनूठी पहल और कलेक्टर की क्लास स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में एक विशेष कार्यक्रम 4 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस दिन जिले के 162 प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न सरकारी स्कूलों में पहुंचेंगे और वहां विद्यार्थियों की क्लास लेंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं प्रताप नगर स्थित आश्रम क्रमांक 2 में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे और उनके साथ संवाद करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना और छात्रों का मनोबल बढ़ाना है। विशेष भोज और शैक्षणिक गतिविधियों पर जोर सत्र के पहले दिन विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में विशेष मध्यान्ह भोज की व्यवस्था की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी (DPC) द्वारा इस संबंध में लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। विभाग का लक्ष्य नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आकर्षक बनाना है। इसके साथ ही साल की शुरुआत से ही शैक्षणिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है। नामांकन वृद्धि के लिए शिक्षकों का घर-घर संपर्क अभियान सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 'ज्यादा नामांकन' अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षक बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन करेंगे और उन्हें स्कूल में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इस रणनीति से विभाग को उम्मीद है कि इस वर्ष सरकारी स्कूलों में छात्रों का ग्राफ बढ़ेगा। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और अभिभावकों का सम्मान होगा शिक्षा विभाग ने इस बार केवल छात्रों ही नहीं बल्कि उनके अभिभावकों को भी प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। जिन विद्यार्थियों ने पिछली कक्षाओं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनके माता-पिता को स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि अभिभावकों के सम्मान से बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और वे भविष्य में और भी बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रेरित होंगे। 

जालंधर-मोगा के स्कूलों में धमकी का मामला, पेपर से पहले ईमेल आई, परीक्षा रद्द कर बच्चों को घर भेजा

जालंधर  जालंधर में तीन प्रमुख स्कूलों, दिल्ली जाने वाली ट्रेन, विधानसभा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने का मामला सामने आया। यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच शुरू कर दी गई है।  बम की धमकी के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जालंधर के एपीजे स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित एक अन्य निजी स्कूल को धमकी भरी ईमेल भेजी गई है। ईमेल में चेतावनी दी गई है कि जालंधर में स्थित इन संस्थानों के साथ-साथ दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन और विधानसभा को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए। धमकी भरे ईमेल में एक और गंभीर चेतावनी दी गई है। मेल भेजने वाले ने जालंधर जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ईमेल में कहा गया है कि यदि तय समय तक प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं तो उन्हें बम से उड़ाने की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल भी ईमेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।  मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूल गोथेयाला, सरकारी स्कूल उगोके और सरकारी स्कूल झंडियाना को एक धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। गोथेयाला सरकारी स्कूल के अध्यापक जतिन गोयल ने बताया कि आज नाैवीं क्लास के पेपर थे। पेपर शुरू होने से पहले जब स्कूल के स्टाफ ने ईमेल चेक किया तो उसमें खालिस्तान समर्थक की और से ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा गया कि 14 अप्रैल से पहले स्कूल से डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो हटा दी जाए नहीं तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। तुरंत इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दी गई।  उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल में छात्रों के पेपर चल रहे थे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं तुरंत रद्द कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। 

एमपी में रिजल्ट 23 मार्च तक, 1 अप्रैल से स्कूल होंगे खुलेंगे, ड्रॉप-आउट रोकने के लिए शिक्षक घर-घर जाएंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) से मिली जानकारी के अनुसार 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 23 मार्च तक घोषित कर दिए जाएंगे. इसके बाद 24 से 31 मार्च तक विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. वहीं एक अप्रैल से प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में नई कक्षाएं शुरू होंगी और प्रवेशोत्सव के साथ विशेष नामांकन अभियान भी चलाया जाएगा। हर कक्षा में बनाया जाएगा एक वार्डन स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉप-आउट कम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई है. डीपीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक कक्षा में एक शिक्षक को ‘वार्डन’ की जिम्मेदारी दी जाएगी. यह शिक्षक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेगा. जो बच्चे लगातार अनुपस्थित रहेंगे, उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क करेगा। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर जाकर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान शिक्षक अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे. इनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्कॉलरशिप सहित अन्य शासकीय योजनाएं शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कर स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई जाए। सरकारी स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश नए सत्र की तैयारियों को लेकर स्कूलों को भी कई निर्देश दिए गए हैं. एक अप्रैल से पहले सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके. इसके अलावा स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई और साफ-सफाई का काम 30 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। बीते साल 3.43 लाख बच्चों ने रोकी पढ़ाई दरअसल प्रदेश में बढ़ते ड्रॉप-आउट को देखते हुए सरकार और शिक्षा विभाग चिंतित है. पिछले वर्ष प्रदेश में करीब 3.43 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था. इनमें सबसे अधिक 2.66 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. 52 जिलों में सबसे ज्यादा खरगोन जिले से 20 हजार से अधिक बच्चे ड्रॉप-आउट हुए, जिन्होंने कहीं भी दोबारा प्रवेश नहीं लिया। बजट बढ़ा, लेकिन कम हुई विद्यार्थियों की संख्या जानकारी के अनुसार आठ साल पहले प्रदेश में पहली से 12वीं तक के स्कूलों में करीब 1.60 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था. आठ साल बाद इनमें से केवल 1 करोड़ 4 लाख बच्चे ही पढ़ाई में बने रहे. खास बात यह है कि इस दौरान स्कूल शिक्षा का बजट लगभग चार गुना बढ़कर 9 हजार करोड़ से 37 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।