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टीम इंडिया छोड़कर मुंबई लौटे शुभमन गिल, जानें अचानक आने की वजह

गुवाहटी इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दो मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से  में खेला जाना है। इस मैच से पहले टीम इंडिया के लिए बुरी खबर आ रही है। खबर है कि कप्तान शुभमन गिल टीम का साथ छोड़ गुवाहटी से मुंबई रवाना हो गए हैं और वह इस टेस्ट मैच में हिस्सा नहीं लेने वाले। शुभमन गिल को कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान गर्द में चोट लगी थी, जिस वजह से वह पहली पारी में रिटायर हर्ट हुए थे, वहीं दूसरी पारी में बैटिंग करने तक नहीं आए थे। बीसीसीआई ने 19 नवंबर को अपडेट देते हुए कहा था कि गिल टीम के साथ गुवाहटी जाएंगे, मगर उनके खेलने पर फैसला उनकी चोट को देखते हुए आगे लिया जाएगा।  रिपोर्ट के अनुसार, शुभमन गिल को गुवाहाटी टेस्ट से पहले टीम से रिलीज कर दिया गया है और वे शुक्रवार को ही मुंबई के लिए निकल चुके हैं। यह युवा खिलाड़ी 19 नवंबर को टीम के साथ गया था, लेकिन 20 नवंबर को ट्रेनिंग के लिए नहीं आया। पता चला है कि वह अगले दो-तीन दिन मुंबई में आराम करेगा और फिर डॉ. दिनशॉ पारदीवाला से स्पेशलिस्ट की राय लेगा। अभी तक, BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाने का कोई प्लान नहीं है और आने वाले दिनों में और क्लैरिटी मिलने की उम्मीद है। शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया की कमान संभालते हुए नजर आएंगे। पंत टीम के उप-कप्तान है। पहले टेस्ट मैच में भी गिल के चोटिल होने के बाद उन्होंने कप्तानी की थी, हालांकि भारत उस मैच में 30 रनों से हारा था। शुभमन गिल के गुवाहटी टेस्ट से बाहर होने के बाद प्लेइंग XI में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनकी जगह साई सुदर्शन को टीम में जगह मिल सकती है, वहीं अक्षर पटेल की जगह नीतिश कुमार रेड्डी को भी मौका दिया जा सकता है।

भारतीय टीम को मिली राहत: गिल फिट, गुवाहाटी मैच में रहेंगे टीम के साथ

मुंबई भारत और साउथ अफ्रीका के बीच शनिवार से दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत होगी, जिसके लिए भारतीय कप्तान शुभमन गिल बुधवार को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। हालांकि, सीरीज के निर्णायक मुकाबले में गिल के खेलने पर अभी तक मुहर नहीं लगी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन गर्दन में चोट लग गई थी। दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद निगरानी में रखा गया और अगले दिन छुट्टी दे दी गई। शुभमन को दिए गए उपचार का अच्छा असर हो रहा है। वह 19 नवंबर को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी करती रहेगी और दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी पर उसी के अनुसार फैसला लिया जाएगा।” कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान गिल चोटिल हुए थे। भारतीय पारी के 35वें ओवर में साउथ अफ्रीकी ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर चौका लगाने के बाद गिल को गर्दन में परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इसके बाद भारतीय कप्तान मैच में दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद गिल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गर्दन में सर्वाइकल कॉलर लगा हुआ था। तीसरे दिन की शुरुआत से पहले बीसीसीआई ने घोषणा कर दी थी कि कप्तान गिल मैच के शेष हिस्से से बाहर हो गए हैं। भारतीय टीम को इस रोमांचक मुकाबले में 30 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसी के साथ साउथ अफ्रीका ने दो मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली। अब सीरीज बराबरी पर खत्म करने के लिए टीम इंडिया को गुवाहाटी टेस्ट जीतना होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में गिल गर्दन में अकड़न की समस्या से जूझते नजर आए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट से पहले उन्हें यह समस्या हुई, जिसके कारण वह मैच से बाहर हो गए थे। इसी समस्या के कारण गिल जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल सके थे।  

शुभमन गिल की तबीयत में सुधार, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज; खेलने पर अब भी संशय

मुंबई  भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोलकाता के उस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जहां उन्हें शनिवार शाम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान गर्दन की चोट लगने के बाद ले जाया गया था. गिल अब टीम होटल लौट आए हैं, और वह स्थिर हैं, चल-फिर सकते हैं और अपनी गर्दन घुमा सकते हैं, और वह दर्द, जिसने शुरू में सपोर्ट स्टाफ को चिंतित कर दिया था, अब काफी कम हो गया है. फिलहाल, गिल टीम होटल में कड़ी निगरानी में रहेंगे, जहां डॉक्टर और बीसीसीआई की मेडिकल यूनिट उनकी प्रगति पर नजर रखेगी. वह गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए टीम के साथ यात्रा करेंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है, और आने वाले दिनों में आराम और उपचार पर उनकी प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा. पहले टेस्ट से बाहर हुए थे गिल गिल को पहले टेस्ट के बाकी हिस्से से बाहर कर दिया गया था, जब दूसरे दिन के अंतिम क्षणों में एक चिंताजनक घटना हुई. ड्रिंक्स ब्रेक के बाद वे क्रीज़ पर आए और साइमन हार्मर की पहली गेंद को डिफेंड किया, फिर अगली गेंद को स्लॉग-स्वीप कर चौका लगाया. लेकिन उस शॉट की ताकत से उनके शरीर में एक व्हिपलैश जैसी झटका लगा. गिल ने तुरंत अपनी गर्दन के पीछे हाथ रखा, दर्द से साफ परेशान दिखे और अपना सिर हिलाने में संघर्ष करते रहे. फिजियो तुरंत मैदान में आया, और सिर्फ तीन गेंदों के बाद भारत के कप्तान रिटायर्ड हर्ट हो गए. उसी शाम बाद में, उन्हें एहतियातन सर्वाइकल कॉलर पहनाकर अस्पताल ले जाया गया. गांगुली भी मिलने पहुंचे रविवार को, पूर्व भारतीय कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली 15 मिनट के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने गिल की स्थिति के बारे में जानकारी ली और इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ से बात की. बाद में गांगुली ने कहा कि गिल अच्छी मनोदशा में थे. भारत को मिली हार लेकिन अंतिम पारी में गिल की अनुपस्थिति भारी पड़ी. भारत, जिसे केवल 124 रन का लक्ष्य मिला था, नियंत्रण से अराजकता में फिसल गया, जब ईडन गार्डन्स की टर्निंग पिच पर बल्लेबाज़ संघर्ष करते दिखे. कप्तान के उपलब्ध न होने से मध्यक्रम हिचकिचाता दिखा और भारत 93 पर ढेर हो गया — जो घर में उनका दूसरा सबसे कम स्कोर वाला नाकाम चेज़ है. और इस तरह दक्षिण अफ्रीका को 30 रन की जीत और सीरीज में 1-0 की बढ़त मिल गई. यह देखना बाकी है कि क्या गिल 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए समय पर ठीक हो पाते हैं, जहां भारत सीरीज हारने से बचने और वापसी करने की उम्मीद करेगा.  

ICC ने दिया फैसला: रऊफ सस्पेंड, सूर्या पर जुर्माना, एशिया कप विवाद का अंत

मुंबई  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की बैठक से दुबई में शुरू हुई है. इस मीटिंग में एशिया कप विवाद का मुद्दा उठा. जिसके बाद आईसीसी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी हारिस रऊफ को दो मुकाबले के लिए सस्पेंड कर दिया जबकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पर 30 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगा है. बता दें कि एशिया कप 2025 में भारत-पाक के बीच फाइनल समेत 3 मैच खेले गए थे. इन मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच तनातनी का माहौल था, जिसे आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना है.   दुबई में चल रही इस मीटिंग में आईसीसी ने भारत-पाक मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों द्वारा आचार संहिता उल्लंघन (Code of Conduct Breach) के मामलों पर अपना फैसला सुनाया. आईसीसी ने अपने फैसले में बताया कि कुल 5 खिलाड़ियों के खिलाफ अलग-अलग मैचों में कार्रवाई की गई है, जिनमें सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हरीस रऊफ और साहिबजादा फरहान शामिल हैं. ये सभी मामले सितंबर 2025 में खेले गए एशिया कप के तीन मैचों यानी 14 सितंबर, 21 सितंबर और 28 सितंबर से जुड़े हैं. इन मामलों की सुनवाई एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरीज के सदस्यों द्वारा की गई. 14 सितंबर 2025 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप की पहली भिड़ंत हुई थी. इस मैच में हुए विवाद को लेकर सुनवाई मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने की. इसमें सूर्यकुमार यादव को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया, जो खेल की साख को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार से संबंधित है. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए. वहीं साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान) को इसी अनुच्छेद के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया. जबकि हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को भी इसी उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट्स मिले. 21 सितंबर 2025 – भारत बनाम पाकिस्तान इस मैच की सुनवाई मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने की. इसके लिए अर्शदीप सिंह (भारत) पर अनुच्छेद 2.6 के तहत आरोप लगाया गया था, जो अशोभनीय या आपत्तिजनक इशारों से संबंधित है. लेकिन जांच के बाद उन्हें निर्दोष पाया गया और कोई सजा नहीं दी गई. लेकिन टूर्नामेंट के फाइनल में दो खिलाड़ियों पर कार्रवाई हुई. जसप्रीत बुमराह (भारत) पर अनुच्छेद 2.21 के तहत आरोप लगाया गया और आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट की सजा मिली. उन्होंने सजा स्वीकार की, इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. वहीं हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को एक बार फिर इसी अनुच्छेद का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. रिची रिचर्डसन की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो अतिरिक्त डिमेरिट पॉइंट्स मिले. इसलिए 2 मैच से बैन हुए रऊफ रऊफ को दो बार दोषी पाया गया. इसके साथ ही रऊफ के कुल चार डिमेरिट पॉइंट्स पूरे हो गए हैं, जिससे उन्हें दो सस्पेंशन पॉइंट्स मिले हैं. आईसीसी के अनुशासनात्मक ढांचे के अनुसार, यह सजा उन्हें 4 और 6 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले दो वनडे मैचों से निलंबित कर देती है. दरअसल, आईसीसी नियमों के अनुसार, 24 महीनों में यदि खिलाड़ी के 4 या अधिक डिमेरिट पॉइंट्स हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट्स में बदला जाता है. दो सस्पेंशन पॉइंट्स का मतलब होता है एक टेस्ट या दो वनडे/टी20 मैचों से प्रतिबंध. डिमेरिट पॉइंट्स 24 महीने बाद समाप्त  हो जाते हैं.

अपनी किट भूल गए शुभमन गिल, फील्डिंग करते हुए दिखी ‘स्पेशल जर्सी’ में यह स्टार

एडिलेड भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में खेले गए वनडे मुकाबले में 2 विकेट से हार झेलनी पड़ी.  इस हार के चलते भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज गंवा दिया. वनडे सीरीज का तीसरा एवं आखिरी मुकाबला 25 अक्टूबर (शनिवार) को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाना है, जहां भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी. ऑस्ट्रेलियाई के खिलाफ एडिलेड वनडे में भारतीय टीम की कप्तानी शुभमन गिल ने की. बतौर वनडे कप्तान शुभमन गिल का ये दूसरा मुकाबला रहा. इससे पहले उन्होंने पर्थ वनडे में भी भारतीय टीम की कप्तानी की थी. शुभमन को रोहित शर्मा की जगह भारत की वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया था. एडिलेड वनडे में कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल को मौका नहीं मिला. हालांकि प्लेयर इलेवन से बाहर रहने के बाद भी जुरेल सुर्खियों में रहे. भारतीय कप्तान शुभमन गिल को जुरेल की जर्सी पहनकर फील्डिंग करते देखा गया. मैदान पर खिलाड़ियों को थोड़ी सर्दी महसूस हो रही थी. कप्तान शुभमन गिल शायद अपनी किट लाना भूल गए थे, इसलिए उन्होंने जुरेल का स्वेटर पहन लिया.

सूर्यकुमार यादव का खुलासा: शुभमन गिल से पहले मुझे मिल सकती थी वनडे की कप्तानी

मुंबई  सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर पिछले महीने टी20 एशिया कप का खिताब जीता। सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने 23 मैच जीते हैं। हालांकि पिछले कुछ से उनका बल्ला खामोश रहा है और वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए हैं। सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में वनडे की कप्तानी की महत्वाकांक्षाओं को लेकर बड़ा खुलासा किया है। स्टार बल्लेबाज ने कहा कि अगर उनका प्रदर्शन वनडे फॉर्मेट में अच्छा रहता, तो उन्हें 50 ओवर के प्रारूप में भी भारतीय टीम की कप्तानी मिल सकती थी। सूर्यकुमार यादव को वनडे फॉर्मेट में भी काफी मौके दिए गए थे। सूर्यकुमार ने वनडे में 37 मैचों में 25.76 के औसत से 773 रन बनाए हैं। उन्होंने 4 अर्धशतक लगाए। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उनको वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था। सूर्यकुमार यादव ने वनडे कप्तानी पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पहले वह इस बारे में नहीं सोचते थे, लेकिन अब जब वह टी20 टीम की कमान संभाल रहे हैं, तो उनके मन में यह विचार आ रहा है। सूर्यकुमार ने कहा, “अब मैं सोचता हूं कि अगर मैंने वनडे फॉर्मेट में अच्छा किया होता, जैसे अभी टी20 कप्तानी चल रही है, वनडे कप्तानी भी मिल सकती थी। मैं अभी सोच रहा हूं। पहले नहीं सोचता था। क्योंकि फॉर्मेट 30 ओवर और थोड़ा लंबा है। बॉल का कलर भी सेम है। जर्सी भी सेम ही है। मैं अभी भी ट्राई करूंगा। 100 परसेंट हारूंगा मैं। ड्रीम तो है ही। घर पे जब रहते हैं, हम यही डिस्कस करते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ''वाइफ के साथ मैं यही बात करता हूं कि अगर ODI क्रिकेट मेरा अच्छा गया होता, तो आप नहीं जानते कब क्या हो जाए। जब रोहित भाई वनडे कप्तानी से रिटायर होंगे, उसके बाद कौन लीड करेगा? अगर आप अच्छा कर रहे हो, तो आप दावेदार हो सकते थे। लेकिन अभी भी मौका नहीं गया है वनडे क्रिकेट का।" रोहित के टी20 से संन्यास लेने के बाद सूर्यकुमार को खेल के सबसे छोटे प्रारूप की जिम्मेदारी सौंपी गई। और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद शुभमन गिल ने टीम की कमान संभाली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले शुभमन गिल को वनडे टीम की कप्तानी भी दी गई है।

WTC में इतिहास रचा शुभमन गिल ने, रोहित शर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली  भारतीय कप्तान शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखा रहे हैं. शुभमन ने 11 अक्टूबर (शनिवार) को वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट मैच के दूसरे दिन शतक जड़ दिया. शुभमन ने भारत की पहली पारी के 130वें ओवर में खैरी पियरे की पांचवीं गेंद पर तीन रन लेकर अपना 10वां टेस्ट शतक पूरा किया. शुभमन ने 13 चौके और एक सिक्स की मदद से 176 गेंदों पर अपनी ये सेंचुरी कम्पलीट की. शुभमन गिल का कप्तान के रूप में 12 पारियों में पांचवां टेस्ट शतक है. केवल एलिस्टेयर कुक (9 पारी) और सुनील गावस्कर (10 पारी) ने बतौर कप्तान शुभमन से कम पारियों में इतने शतक बनाए. शुभमन ने ये पांचों टेस्ट शतक इस साल बनाए हैं. एक कैलेंडर ईयर में बतौर कप्तान 5 टेस्ट शतक जड़ने वाले वो दूसरे भारतीय हैं. शुभमन से पहले विराट कोहली ही ऐसा कर पाए थे. विराट ने दो बार ये उपलब्धि हासिल की थी. शुभमन गिल अब वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन चुके हैं. शुभमन ने रोहित शर्मा को पछाड़ दिया, जिन्होंने डबल्यूटीसी में 9 शतक जड़े थे. शुभमन गिल ने डब्ल्यूटीसी में अब तक 71 पारियों में 43.47 की औसत से 2826 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक शामिल रहे. शुभमन डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन चुके हैं. शुभमन ने इस मामले में भी रोहित शर्मा को पछाड़ा, जिन्होंने 2716 रन बनाए थे. एक कैलेंडर वर्ष में पांच टेस्ट शतक (भारतीय कप्तान) 2017- विराट कोहली 2018- विराट कोहली 2025- शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल ने भी लगाया था शतक शुभमन गिल ने इस इनिंग्स के दौरान बतौर भारतीय कप्तान टेस्ट क्रिकेट में हजार रन भी पूरे कर लिए. शुभमन गिल ने 196 गेंदों का सामना करते हुए 129* रन बनाए, जिसमें 16 चौके और दो छक्के शामिल रहे. शुभमन गिल का घर पर ये सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर रहा. इससे पहले शुभमन का घर पर बेस्ट स्कोर 128 रन था, जो उन्होंने साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहमदाबाद में बनाया था. दिल्ली टेस्ट में भारत की ओर से पहली पारी में शुभमन से पहले यशस्वी जायसवाल ने भी शतक (175 रन) जड़ा था. शुभमन-यशस्वी के शतकों के दम पर भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 518/5 के स्कोर पर घोषित कर दी. 5 टेस्ट शतक बनाने के लिए सबसे कम पारियां (भारतीय कप्तान) 10- सुनील गावस्कर 12- शुभमन गिल 18- विराट कोहली

संभलकर खेलते दिखे यशस्वी और राहुल, भारत ने रखी मजबूत नींव, वेस्टइंडीज का साइलेंट ट्रिब्यूट

नईदिल्ली  भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट शुक्रवार (10 अक्टूबर) से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में हो गया है. इस मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन ग‍िल ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला क‍िया. भारतीय टीम की ओर से इस समय बल्लेबाजी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल कर रहे हैं. इस मैच की लाइव कवरेज और स्कोरबोर्ड देखने के लिए और हर अपडेट के ल‍िए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें.  भारत ने अहमदाबाद में पहले टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों से रौंदा था. इस तरह भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है. इस मुकाबले के ल‍िए भारतीय टीम अनचेंज है. वहीं वेस्टइंडीज की टीम में 2 बदलाव हुए हैं. ब्रैंडन किंग और जोहान लेने बाहर हैं. वहीं एंडरसन फिलिप और टेविम इमलाच टीम में आए हैं.  काली पट्टी बांधकर क्यों उतरी वेस्टइंडीज की टीम   इस मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. यानी वेस्टइंडीज की टीम पहले गेंदबाजी करने उतरी. खास बात यह है कि शुभमन गिल पहली बार टेस्ट क्रिकेट में टॉस जीतने में कामयाब रहे. उन्होंने इससे पहले पिछले 6 टेस्ट मैचों में टॉस गंवाए थे. इस मुकाबले के पहले दिन रोस्टन चेज की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज की टीम के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर फील्डिंग करने उतरे. मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बर्नार्ड जूलियन की याद में ऐसा किया. जूलियन का 4 अक्टूबर को त्रिनिदाद एंड टोबैगो के वाल्सेन में निधन हो गया. जूलियन 75 साल के थे. बर्नार्ड जूलियन ने वेस्टइंडीज के लिए 1973-77 के दौरान 24 टेस्ट और 12 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में जूलियन ने 30.92 की औसत से 866 रन बनाए, जिसमें दो शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. जूलियन ने टेस्ट मैचों में 37.36 के एवरेज से 50 विकेट भी झटके. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी रहे हिस्सा बर्नार्ड जूलियन के नाम पर वनडे इंटरनेशनल में 14.33 की औसत से 86 रन दर्ज हैं. बाएं हाथ के ऑलराउंडर जूलियन ने ओडीआई में 25.72 के एवरेज से 18 विकेट अपने नाम किए. जूलियन 1975 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली विंडीज की टीम का भी हिस्सा रहे. वो वनडे वर्ल्ड कप का पहला संस्करण था. बता दें कि दिल्ली टेस्ट मैच के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम में दो बदलाव किए. ब्रैंडन किंग और जोहान लेन को बाहर का रास्ता दिखाया गया. उनकी जगह क्रमश: विकेटकीपर टेविन इमलाच और तेज गेंदबाज एंडरसन फिलिप की प्लेइंग-11 में एंट्री हुई. दूसरी ओर भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं हुआ. दिल्ली टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11: जॉन कैम्पबेल, तेजनारायण चंद्रपॉल, एलिक अथानाज, शाई होप, रोस्टन चेज (कप्तान), टेविन इमलाच (विकेकीपर), जस्टिन ग्रीव्स, जोमेल वॉरिकन, खैरी पियरे, एंडरसन फिलिप, जेडन सील्स. भारतीय टीम की प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज.

वर्ल्ड कप 2027: रोहित-कोहली की टीम में वापसी तय, ग‍िल ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली  भारत के नए ODI कप्तान शुभमन गिल ने साफ कर दिया है कि टीम के दो अनुभवी सितारे, रोहित शर्मा और विराट कोहली, ODI वर्ल्ड कप 2027 के लिए पूरी तरह टीम का हिस्सा बने रहेंगे. वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले बातचीत में गिल ने टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका पर भरोसा जताया और कहा कि उनका अनुभव और कौशल टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. शुभमन को भारत का ODI कप्तान बनाए जाने के बाद फैन्स में उत्साह की लहर दौड़ गई. उन्होंने रोहित शर्मा की जगह ली, जिन्होंने विराट कोहली के इस्तीफा देने के बाद टीम का नेतृत्व बेहतरीन ढंग से किया था. इस नेतृत्व परिवर्तन के बाद, अब मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में, रोहित और विराट के सफेद गेंद क्रिकेट में भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. शुभमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'रोहित और विराट का अनुभव और कौशल बहुत कम खिलाड़ियों में होता है. उन्होंने भारत के लिए जितने मैच जीते हैं, उसे बहुत कम खिलाड़ी हासिल कर पाए हैं. उनकी क्षमता, गुणवत्ता और अनुभव टीम के लिए अनमोल हैं. इसलिए दोनों खिलाड़ी ODI वर्ल्ड कप 2027 के लिए पूरी तरह से टीम में हैं.' गिल ने यह भी साझा किया कि उन्होंने रोहित से बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने कहा, 'रोहित भाई से मैंने बहुत-सी खूबियां सीखी हैं. उनकी शांति और टीम के भीतर जो अपनापन और दोस्ती का माहौल वह बनाते हैं, वह मेरे लिए प्रेरणादायक है. यही वो गुण हैं जिन्हें मैं उनसे अपनाना चाहता हूं और अपने भीतर उतारना चाहता हूं.'   विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब नए नेतृत्व समूह के तहत संक्रमण के दौर में है. गिल के ये बयान स्पष्टता और स्थिरता का संदेश देते हैं. टीम भविष्य की ओर देख रही है, लेकिन रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ी अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं. उनका अनुभव बड़े टूर्नामेंट में खासकर वर्ल्ड कप में टीम के लिए बहुत काम आएगा. ODI वर्ल्ड कप के दृष्टिकोण से यह एक सकारात्मक संदेश है. युवा कप्तान शुभमन गिल ने यह भरोसा दिलाया कि टीम में अनुभव और नई ऊर्जा का संतुलन बनाए रखा जाएगा. इससे खिलाड़ियों को आत्मविश्वास मिलेगा और टीम का प्रदर्शन भी बेहतर होगा. शुभमन गिल का यह बयान इस बात का भी प्रमाण है कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के अनुभव और योग्यता को महत्व देता है. रोहित और विराट का योगदान न केवल मैदान पर बल्कि टीम की मानसिकता और नेतृत्व के दृष्टिकोण से भी अहम है. ऐसे में टीम का सफेद गेंद क्रिकेट में प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भी मजबूत बना रहेगा.

कौन था भारत का पहला ODI कप्तान? शुभमन गिल बने 28वें

नई दिल्ली शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कमान सौंप दी गई है। शनिवार, 4 अक्टूबर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए स्क्वॉड का ऐलान करते हुए नए कप्तान का भी ऐलान किया। रोहित शर्मा के बाद गिल भारत के 28वें वनडे कप्तान बनें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला वनडे कप्तान कौन था? टीम इंडिया ने पहला वनडे मैच कब खेला था? अगर आपके जहन में भी कुछ ऐसे ही सवाल है तो आईए आपको इनका जवाब देते हैं। भारत ने पहला वनडे 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, उस मैच में टीम इंडिया की अगुवाई अजीत वाडेकर ने की थी, वो ही भारतीय वनडे टीम के पहले कप्तान थे। हालांकि भारत को उस मैच में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि वाडेकर का कैप्टेंसी करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और दो मैच के बाद ही भारतीय वनडे टीम का कप्तान बदल गया। उनके बाद यह जिम्मेदारी श्रीनिवास वेंकटराघवन को मिली और वह भारत के दूसरे वनडे कप्तान थे। वेंकटराघवन ने 7 मैच में टीम इंडिया को लीड किया, इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी बिशन सिंह बेदी को सौंपी गई जिन्होंने 4 वनडे मैचों में भारत की अगुवाई की। वनडे कैप्टेंसी में हो रहे लगातार बदलाव के बाद भारत को सुनील गावस्कर मिले, जिन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की अगुवाई की। गावस्कर ने 37 मैचों में टीम इंडिया को लीड किया। गावस्कर के बाद एक मैच के लिए गुंडप्पा विश्वनाथ को कप्तान बनाया गया, इसके बाद 1983 से पहले यह जिम्मेदारी कपिल देव को सौंप दी गई। कपिल देव ने 74 मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई की और इस दौरान उन्होंने 1983 का वर्ल्ड कप भी जिताया। गावस्कर के बाद भारतीय वनडे टीम के 5 कप्तान बदले, मगर किसी में लीडरशिप क्वालिटी नजर नहीं आई। इसके बाद 1990 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की एंट्री हुई। अजहरुद्दीन 100 से ज्यादा वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने कुल 175 मैचों में टीम को लीड किया। सचिन तेंदुलकर भी भारतीय वनडे टीम की कमान संभाल चुके हैं, अजहरुद्दीन के बाद 72 मैचों में वह टीम इंडिया के कप्तान रहे। 1999 में आकर सौरव गांगुली ने आकर भारतीय वनडे टीम की तस्वीर बदली और उन्होंने देश के साथ-साथ विदेशी सरजमीं पर भी भारतीय टीम को जीतना सिखाया। गांगुली के बाद द्रविड़, सहवाग, कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने कुछ मैचों में कप्तानी की, फिर एमएस धोनी की एंट्री हुई जिन्होंने भारतीय टीम को अलग स्तर पर पहुंचाया। एमएस धोनी 200 वनडे मैचों में कप्तानी करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उनकी अगुवाई में भारत 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीता था। इसके बाद दो खिलाड़ियों ने बतौर वनडे कप्तान नाम कमाया, विराट कोहली और रोहित शर्मा। कोहली ने 95 तो रोहित ने 56 मैचों में टीम को लीड किया। अब कमान शुभमन गिल के हाथों में है, देखना होगा कि वह कितने लंबे समय तक टीम को लीड कर पाएंगे। भारतीय वनडे कप्तानों की लिस्ट– प्लेयर पहला मैच मैच जीत हार अजीत वाडेकर 13/07/1974 2 0 (0.00%) 2 (100.00%) एस वेंकटराघवन 07/06/1975 7 1 (14.29%) 6 (85.71%) बिशन सिंह बेदी 21/02/1976 4 1 (25.00%) 3 (75.00%) सुनील गावस्कर 06/12/1980 37 14 (37.84%) 21 (56.76%) गुंडप्पा विश्वनाथ 15/02/1981 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) कपिल देव 12/09/1982 74 39 (52.70%) 33 (44.59%) सैयद किरमानी 17/12/1983 1 0 (0.00%) 1 (100.00%) मोहिंदर अमरनाथ 31/10/1984 1 0 (0.00%) 0 (0.00%) रवि शास्त्री 27/01/1987 11 4 (36.36%) 7 (63.64%) दिलीप वेंगसरकर 08/12/1987 18 8 (44.44%) 10 (55.56%) के श्रीकांत 13/10/1989 13 4 (30.77%) 8 (61.54%) मोहम्मद अज़हरुद्दीन 01/03/1990 175 90 (51.43%) 77 (44.00%) सचिन तेंदुलकर 28/08/1996 72 23 (31.94%) 42 (58.33%) अजय जडेजा 20/05/1998 13 8 (61.54%) 5 (38.46%) सौरव गांगुली 05/09/1999 147 76 (51.70%) 66 (44.90%) राहुल द्रविड़ 14/12/2000 79 42 (53.16%) 33 (41.77%) अनिल कुंबले 25/01/2002 1 1 (100.00%) 0 (0.00%) वीरेंद्र सहवाग 16/04/2003 12 7 (58.33%) 5 (41.67%) एमएस धोनी 29/09/2007 200 110 (55.00%) 74 (37.00%) सुरेश रैना 28/05/2010 12 6 (50.00%) 5 (41.67%) गौतम गंभीर 28/11/2010 6 6 (100.00%) 0 (0.00%) विराट कोहली 02/07/2013 95 65 (68.42%) 27 (28.42%) अजिंक्य रहाणे 10/07/2015 3 3 (100.00%) 0 (0.00%) रोहित शर्मा 10/12/2017 56 42 (75.00%) 12 (21.43%) शिखर धवन 18/07/2021 12 7 (58.33%) 3 (25.00%) केएल राहुल 19/01/2022 12 8 (66.67%) 4 (33.33%) हार्दिक पांड्या 17/03/2023 3 2 (66.67%) 1 (33.33%)