samacharsecretary.com

निवेशकों को बड़ा झटका: बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड गिरावट

मुंबई ईरान की ओर से कतर के बड़े एलएनजी प्लांट पर हमले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। हालात इतने बिगड़े कि गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक का गोता लगाकर 74,207.24, एनएसई निफ्टी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 अंक पर बंद हुआ। दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी भारतीय शेयर में आए भूचाल के बीच गुरुवार को कई प्रमुख और मिडकैप शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बड़े-बड़े दिग्गज स्टॉक्स भी धराशायी हो गए। सेंसेक्स पर इटरनल 5.46, बजाज फाइनेंस 5.34, महिंद्रा एंड महिंद्रा 4.86, एलएंडटी 4.57, एचडीएफसी बैंक 4.35, इंडिगो 4.21, बजाज फिनसर्व 4.08 प्रतिशत लुढ़क गए। केमिकल सेक्टर की कंपनी Camlin Fine Sciences में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई, जिसका शेयर करीब 6.87% टूटकर ₹120.60 पर आ गया। वहीं राम-कृष्ण Forgings में 3.92% और सोलर इंडस्ट्री में 3.65% की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का असर बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर भी पड़ा है। हनीवेल करीब 2.05% टूटा, जबकि फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सिप्ला में भी 2% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की आंधी में शुगर सेक्टर के कुछ शेयर डटे रहे। अवध शुगर एंड एनर्जी (2.52% ऊपर) और बलरामपुर चीनी मिल्स (1.90% ऊपर) हैं। शेयर मार्केट में चौतरफा गिरावट है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 2164 अंको का गोता लगाकर 74,539 पर आ गया है। निफ्टी 672 अंकों के नुकसान के साथ 23,105 पर पहुंच गया है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बाजार में चौतरफा गिरावट है। निफ्टी मिड कैप, स्मॉल कैप इंडेक्स में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से केवल एक ओएनजीसी ही हरे निशान पर है। इसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी है। सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान पर हैं। निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस 6.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर है। इटरनल में 5.22, बजाज फिनसर्व में 4.71, एलएंडटी में 4.27 और टाटा मोटर्स में 4.20 प्रतिशत की गिरावट है। शेयर मार्केट की गाड़ी गिरावट की पटरी से उतरने का नाम ही नहीं ले रही। सेंसेक्स अभी 1808 अंकों की गिरावट के साथ 74895 पर है। जबकि, निफ्टी 587 अंकों का गोता लगाकर 23190 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.15 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। बजाज फाइनेंस में 4.55 पर्सेंट और एलएंडटी में 4.16 प्रतिशत का नुकसान है। एचडीएफसी बैंक में गिरावट अब 3.71 प्रतिशत की रह गई है। जबकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व भी करीब 4 फीसद लुढ़क गए हैं। शेयर मार्केट में अभी भी गिरावट बड़ी है। सेंसेक्स अभी 1664 अंकों की गिरावट के साथ 75039 पर है। जबकि, निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 23247 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में अभी भी सभी स्टॉक्स लाल निशान पर हैं और अब इटरनल 5.26 पर्सेंट की गिरावट के साथ टॉप लूजर। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच बैंक निफ्टी में 2.70 प्रतिशत की गिरावट है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में भी 2.86% का नुकसान है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.65 प्रतिशत नीचे है। आईटी में 2.38 और एफएमसीजी में 1.80% की गिरावट है। मीडिया में 0.94, मेटल में 1.61 प्रतिशत का नुकसान है। पीएसयू बैंक 2.09, प्राइवेट बैंक 2.77, फार्मा 1.48, हेल्थ केयर 1.61, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स 2.86 प्रतिशत लुढ़का है। सेंसेक्स अभी 1741 अंकों की गिरावट के साथ 74963 पर है। जबकि, निफ्टी 534 अंकों का गोता लगाकर 23241 पर ट्रेड कर रहा है। शेयर मार्केट में हाहाकार के बीच सेंसेक्स अभी 1716 अंकों की गिरावट के साथ 74988 पर है। जबकि, निफ्टी 516 अंकों का गोता लगाकर 23261 पर ट्रेड कर रहा है। एनएसई पर केवल 400 स्टॉक्स ही ग्रीन जोन में हैं। 2303 शेयरों में गिरावट है। जबकि, सेंसेक्स ब्लड बाथ कर रहा है। सभी शेयर लाल हैं और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर। शेयर मार्केट में आज भूचाल है। सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए हैं। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1953 अंकों की गिरावट के साथ 74751 पर खुला। जबकि, निफ्टी 589 अंकों का गोता लगाकर 23198 पर खुला।

शेयर बाजार में बड़ी उछाल, गिरावट के बाद एक घंटे में सेंसेक्स पहुंचा 76,000 पर

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के 'हीरो' Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

आखिरी घंटे में पलटी बाजी, शेयर बाजार ने दिखाई ताकत, सेंसेक्स 900 अंक बढ़ा

मुंबई शेयर बाजार की चाल ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को जमकर हैरान किया. कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में सेंसेक्स-निफ्टी कारोबार करते नजर आए, लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास अचानक बाजी पलट गई और दोनों इंडेक्स रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. बाजार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 938 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257 अंक उछलकर क्लोज हुआ. इस तेजी के बीच HDFC Bank, M&M, Trent जैसे शेयर जोरदार उछाल के साथ बंद हुए।  सुस्त शुरुआत के बाद रॉकेट बना सेंसेक्स शेयर बाजार में धीमी शुरुआत के बीच BSE Sensex सोमवार को अपने पिछले शुक्रवार के बंद 74,563 की तुलना में गिरकर 74,415 के लेवल पर ओपन हुआ था और शुरुआती कारोबार के दौरान 73,949 तक फिसला था. हालांकि, आखिरी कारोबारी घंटे में 2.20 बजे के आसपास अचानक 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स गदर मचाने लगा और अंत में 938 अंक या 1.26 फीसदी की उछाल के साथ 75,502.85 पर क्लोज हुआ।   Nifty ने भी मचाया गदर  सेंसेक्स ही नहीं, NSE Nifty की भी चाल बदली-बदली नजर आई. एनएसई का ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,151 की तुलना में गिरकर 23,116 पर खुला था. खराब शुरुआत के बाद ये तेजी से फिसलता चला गया और 22,955.25 के लेवल आ गया था, लेकिन सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए इस इंडेक्स ने भी रफ्तार पकड़ी और बाजार बंद होने पर ये 257.70 अंक चढ़कर 23,408.80 पर क्लोज हुआ।  इन 10 शेयरों ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक लौटी तेजी के बीच जिन टॉप-10 शेयरों ने दम दिखाया, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Trent Share (3.01%), HDFC Bank Share (2.88%), M&M Share (2.86%), Eternal Share (2.80%), Bajaj Finance Share (2.79%), ITC Share (2.22%) और Tata Steel Share (2.04%) की तेजी के साथ बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Paytm Share (3.86%) चढ़कर क्लोज हुआ, तो वहीं स्मॉलकैप में शामिल शेयरों में Poonawalla Share (4.40%) और Apollo Tyre Share (3.38%) उछलकर बंद हुआ।  बाजार में तेजी के ये बड़े कारण  सोमवार को बाजार में अचानक लौटी तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो निचले स्तरों से वैल्यू बाइंग देखने को मिली. मेटल, ऑटो, बैंक और FMCG शेयरों ने मार्केट को सपोर्ट किया. इसके अलावा शेयर बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX करीब 5% फिसल गया। 

निफ्टी 23,500 से नीचे फिसला, बाजार ने कमजोर शुरुआत की लगातार तीसरे दिन

मुंबई शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई है. सुबह 9:15 बजे पर सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला है. निफ्टी 159 अंक गिरकर 34,480 पर ओपन हुआ है.  आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे गिरा है. आज निफ्टी आईटी 0.78%, निफ्टी बैंक, 0.86 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट और निफ्टी मेटल और फाइनेंशियल में भी बिकवाली है. वहीं, एनर्जी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी है।  निफ्टी लूजर्स में एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील शामिल हैं. इनके शेयर्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं. वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में रिलायंस, इटरनल, पॉवर ग्रिड शामिल हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर्स में गिरावट देखी गई. साथ ही, निफ्टी बैंक के सारे शेयर्स में बिकवाली नजर आई है. आपको बता दें कि ईरान और इजराल के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर रहने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 92.35 पर पहुंच गया।  अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, V. K. Vijayakumar के अनुसार पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी हुई है और बाजार फिलहाल अस्थिर स्थिति में हैं. अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहा है कि बाजार में तेजी आने में अभी समय लग सकता है. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास रहने से निवेशक सतर्क हैं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बड़े ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि, फार्मा सेक्टर बाकि के मजबूत बना हुआ है क्योंकि इस पर बाहरी दबाव कम है. रुपये की कमजोरी निर्यात करने वाली फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद होती है. उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहकर नियमित निवेश जारी रखना चाहिए।  शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 533 अरब डॉलर से ज्यादा घटा साल 2026 में अब तक भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) 533 अरब डॉलर से ज्यादा घट चुका है, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 2011 में पूरे साल के दौरान करीब 625 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि भारत के बाजार में आई यह गिरावट कई देशों जैसे Mexico, Malaysia, South Africa, Norway, Finland, Vietnam और Poland के पूरे मार्केट वैल्यू से भी ज्यादा है. वहीं यह गिरावट Chile, Austria, Philippines, Qatar और Kuwait जैसे देशों के मार्केट वैल्यू से लगभग दोगुनी है।  अमेरिकी बाजारों का हाल डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट गुरुवार को 1.5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए, क्योंकि ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं थी. इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी. डाउ जोन्स 739.42 अंक (1.56%) गिरकर 46,677.85 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 103.22 अंक (1.52%) और नैस्डैक में 404.15 अंक (1.78%) की गिरावट दर्ज की गई. बड़ी बिकवाली के बीच एनर्जी और कुछ डिफेंस शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में तेज गिरावट देखी गई। 

शेयर बाजार में ‘Oil Strike’ का असर, खुलते ही ध्वस्त हुए ये 10 प्रमुख स्टॉक

मुंबई शेयर बाजार में एक बार फिर कोहराम (Stock Market Crash) मचा है. गुरुवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध के चलते पैदा हुआ तेल संकट और भारत में एलपीजी संकंट (LPG Crisis In India) का सीधा असर मार्केट पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही 978 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 275 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच जोमैटो, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक समेत कई दिग्गज स्टॉक धड़ाम नजर आए. बता दें कि गुरुवार को अचानक फिर क्रूड के दाम (Crude Oil Price Surge) में 9 फीसदी के आसपास का उछाल आया।  सेंसेक्स-निफ्टी में फिर हाहाकार मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच तेल संकट के चलते शेयर बाजार पर भी Oil Strike जारी है और ये संभलने का नाम नहीं ले रहा है, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,863 के लेवल से टूटकर 76,369 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में बिखरते हुए 978 अंक फिसकर 75,871 पर आ गया. बात एनएसई निफ्टी की करें, तो इसमें भी खुलने के साथ ही हाहाकार मचा नजर आया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 23,866 के मुकाबले गिरकर 23,674 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स की तरह ही फिसलते हुए 23,556 पर आ गया।  विदेशों से मिले थे खराब सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां बीते कारोबारी दिन अमेरिका शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी, तो वहीं गुरुवार को एशियाई शेयर मार्केट भी क्रैश नजर आए थे. गिफ्ट निफ्टी भी 180 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इन ग्लोबल निगेटिव संकेतों के भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही धराशायी हो गया।   1597 शेयर खुलते ही धड़ाम कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच आई Indian Stock Market में गिरावट के चलते Nifty 23,700 से नीचे आ गया. शुरुआती कारोबार में जहां 643 शेयरों ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया, तो वहीं 1597 कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. इसके अलावा 159 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनकी स्थिति में कोई चेंज नहीं दिखा।  शुरुआती कारोबार में Interglobe Aviation, ICICI Bank, LT, Kotak Mahindra Bank, TMPV, Eternal, IndiGo, ICICI Bank जैसे शेयर सबसे ज्यादा गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  बात करें, बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 शेयरों के बारे में, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal (Zomato) Share 4.30%, M&M Share 3.20%, Maruti Share 2.25%, Trent Share 2.10%, IndiGo Share 2% और ICICI Bank Share 1.90% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.  इसके अलावा मिडकैप में शामिल Bharat Forge Share 4%, APL Apollo Share 2.90%, Supreme India Share 2.74% और Ashok Leyland Share 2.60% टूटकर ट्रेड कर रहे थे। 

कोहराम के बाद बाजार में रैली, क्या खत्म होने वाली है जंग? तेजी के पीछे ये 3 वजहें

मुंबई तीन कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. सेंसेक्‍स 440 अंक या 0.56 फीसदी चढ़कर 79555 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 160 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24640 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी बैंक में भी 220 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था।  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 16 शेयरों में उछाल है और बाकी 14 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा गिरावट हिंदुस्‍तान यूनिलीवर और आईटी शेयरों में आई है. वहीं रिलायंस 3 फीसदी, एनटीपीसी 2.40 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 2 फीसदी की उछाल है. यह तेजी मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग के बीच आया है. ऐसे में कई निवेशक ये कयास लगा रहे हैं कि युद्ध खत्‍म हो सकता है. आइए जानते हैं आज शेयर बाजार में इतनी तेजी क्‍यों आई है।  क्‍यों आई शेयर बाजार में उछाल?      एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में काफी गिरावट आ चुकी है. पिछले तीन दिनों में निवेशकों की वैल्‍यू में 22 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं. इस कारण निचले लेवल से खरीदरी बढ़ी है. निवेशकों ने अच्‍छे और लार्जकैप शेयरों में ज्‍यादा दांव लगाया है।     एशियाई बाजार में भी तेजी रही है. जापान के शेयर बाजार में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. अमेरिकी मार्केट में भी मिला-जुला असर दिखाई दिया है. इसके अलावा साउथ कोरिया के मार्केट में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. इधर, डॉलर की तुलना में रुपया 51 पैसा रिकवर होकर 91.54 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच चुका है।      इंडिया VIX डर का सूचकांक या अस्थिरता सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया. वहीं तकनीकी नजरिए से देखें तो जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स का कहना है कि जंग के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन गैप भरने के तुरंत बाद समापन के समय हुई भारी गिरावट ने कुछ तेजी को कम कर दिया. हालांकि, 24450 के आसपास बंद होने से सकारात्मक रुझान बना हुआ है. हम 24840 का स्तर देख रहे हैं, लेकिन 24625 को एक बड़ी बाधा मानते हैं. दूसरी ओर, 24370 से नीचे फिसलने पर 24000-23550 के स्तर तक पहुंचने की संभावनाएं फिर से बन सकती हैं. अभी बाजार में गिरावट की संभावना कम है।  इन सेक्‍टर्स में मजबूती सिर्फ एफएमजीसी, आईटी और टेलिकॉम सेक्‍टर्स में गिरावट देखी जा रही है, बाकी के सेक्‍टर्स में शानदार तेजी है. ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 3.30 फीसदी की तेजी है, जबकि निफ्टी फार्मा में 1 फीसदी की तेजी है. इसके बाद ऑटो, बैंक और फाइनेंस सेक्‍टर में भी अच्‍छी तेजी है। 

शेयर बाजार में रिकॉर्ड भागीदारी, NSE पर खुले 25 करोड़ से ज्यादा अकाउंट

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, भारत में कुल ट्रेडिंग अकाउंट्स (UCCs) की संख्या 25 करोड़ (250 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह दिखाता है कि अब आम भारतीय नागरिक बचत के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर शेयर बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. Indian Share Market Growth: इतनी तेजी से कैसे बढ़े निवेशक?  रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में निवेशकों की एंट्री अब और भी तेज हो गई है. पिछले एक करोड़ अकाउंट सिर्फ दो महीनों में जुड़े हैं. वहीं, कुल खातों का 20% हिस्सा यानी 5 करोड़ अकाउंट तो पिछले महज 16 महीनों में खुले हैं. इसका मुख्य कारण मोबाइल ऐप के जरिए आसान ट्रेडिंग, कम फीस और बढ़ता डिजिटल इंडिया है. आज एक मिडिल क्लास व्यक्ति भी अपने फोन से सीधे शेयर बाजार में निवेश कर पा रहा है. Indian Share Market Growth: कौन से राज्य हैं सबसे आगे? निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी नंबर वन बना हुआ है. यहां राज्यों की हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार है:     महाराष्ट्र: 4.2 करोड़ अकाउंट (सबसे ज्यादा 17% हिस्सा)     उत्तर प्रदेश: 2.8 करोड़ अकाउंट (दूसरे स्थान पर)     गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट     पश्चिम बंगाल और राजस्थान: 1.4 करोड़ अकाउंट प्रत्येक हैरानी की बात यह है कि देश के टॉप 5 राज्य ही मिलकर लगभग आधा (49%) शेयर बाजार संभाल रहे हैं. क्या SIP के जरिए भी बढ़ रहा है निवेश? जी हां, लोग अब सिर्फ सीधे शेयर ही नहीं खरीद रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड (SIP) के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 6 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं. हर महीने औसतन 28,766 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि SIP के जरिए बाजार में आ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है. क्या निवेशकों का पैसा सुरक्षित है? NSE ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया है. साल 2025 में लगभग 23,000 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. साथ ही, ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड’ (IPF) भी 18.5% बढ़कर 2,791 करोड़ रुपये हो गया है, ताकि किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी होने पर छोटे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे.

वैश्विक बिकवाली का असर, भारतीय बाजार में भारी गिरावट; इन शेयरों को लगा तगड़ा झटका

मुंबई  अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा.  सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.   BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.   बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                 अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं.  अमेरिकी बाजार में कोहराम  अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.

कीमती धातुओं में गिरावट के साथ शेयर बाजार भी धड़ाम, निवेशकों की बढ़ी चिंता

मुंबई     सोना-चांदी की कीमतों में फिर से गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) आई है. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं क्रैश नजर आ रही हैं. एक ओर जहां चांदी का भाव एमसीएक्स पर हाई से 1.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम कम है, तो वहीं सोना भी 35,000 रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा है. कीमती धातुओं के भाव में नरमी के साथ ही भारतीय शेयर बाजार भी सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (BSE Sensex) ने तो ओपनिंग के साथ ही 400 अंकों से ज्यादा का गोता लगा दिया.  सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,233.64 की तुलना में फिसलकर 83,968.43 पर खुला और फिर तेजी से फिसलता ही चला गया. ये शुरुआती कारोबार में ही 438 अंक की गिरावट लेकर 83,795.65 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty का भी हाल नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,953.85के मुकाबले गिरावट के साथ 25,906.70 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 25,822.30 तक टूट गया. इसके शुरुआती कारोबार में ही 131 अंक की गिरावट आई.  IT Stocks भर-भराकर टूटे मार्केट में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा आईटी शेयर फिसले. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (4.50%), Tech Mahindra Share (4.20%), TCS Share (3.80%). HCL Tech Share (3.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. आईटी शेयरों में बीते सप्ताह भी तेज गिरावट देखने को मिली थी, जब अमेरिका में Anthropic AI Tools की एंट्री से कोहराम मचा था और NASDAQ लगातार कई दिन डेढ़ फीसदी के ज्यादा फिसला था.  ये 10 शेयर सबसे बड़े लूजर  भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच सबसे बड़े लूजर शेयरों की लिस्ट देखें, तो आईटी शेयरों के अलावा लार्जकैप में Eternal Share (2%), M&M Share (1.10%) फिसला. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Coforge Share (5%), Mphasis Share (4.10%), Presistent Share (3.90%), Godrej Properties Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप शेयरों में देखें, तो ARE&M Share (4.10%), CYIENT Share (3.50%), KFintech Share (3%) और FSL Share (2.80%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था.  Gold-Silver हाई से इतना सस्ता  एक ओर जहां शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में कारोबार करते नजर आ रहे हैं, तो वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना-चांदी भी फिसल गए हैं. 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते कारोबारी दिन के 2,63,018 रुपये प्रति किलोग्राम से टूटकर 2,60,453 रुपये पर आ गया और 1 Kg Silver Price 2,565 रुपये कम हो गया. वहीं हाई लेवल 4,20,048 रुपये प्रति किलो से ये 1,59,595 रुपये तक सस्ती (Silver Cheaper) हो चुकी है.  सोने का भाव भी फिसला है और 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate पिछले बंद 1,58,755 रुपये से गिरकर गुरुवार को खुलते ही 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. यानी ये 1,054 रुपये सस्ता हुआ. वहीं हाई बीते 29 जनवरी के रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल से ये अभी 35,395 रुपये सस्ता मिल रहा है. 

शेयर बाजार में लगातार उछाल, सेंसेक्स 84,300 के पार, रुपया 90.77 पर टूटा

मुंबई  एशियाई बाजारों में मजबूती और विदेशी निवेशकों के लगातार निवेश से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख बना रहा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों की ओर रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाइयों के करीब पहुंच गए. बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 247.01 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,312.76 अंक पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 80.25 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ़कर 25,947.55 अंक पर कारोबार करता दिखा. इन शेयरों में रही मजबूती सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश के शेयर हरे निशान में रहे. इटर्नल, टाइटन, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मास्युटिकल्स, पावरग्रिड, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. कुछ दिग्गज शेयरों में दबाव हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही. बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, इंडिगो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही. एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे. वहीं चीन का एसएसई कंपोजिट लगभग स्थिर रहा. अमेरिकी शेयर बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजारों पर पड़ा. कच्चे तेल और रुपये की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.85 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं मुद्रा बाजार में रुपया दबाव में रहा. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 90.77 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को शुद्ध खरीदार रहे. उन्होंने 2,254.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों का निवेश करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, जिससे बाजार को मजबूती मिल रही है.