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ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान में शपथ, शुभेंदु अधिकारी ने संभाली बंगाल की कमान

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की राजनीति ने शनिवार को रवींद्र जयंती पर नया इतिहास लिख दिया. कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने शपथ ली. शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के एनडीए सरकारों के मुखिया की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देश भर के नेता तो आये ही, बंगाल के कोने-कोने से आम लोग भी ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, निशीथ प्रमाणिक और क्षुदीराम टुड्डू ने मंत्री पद की शपथ ली है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में कम से कम 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बीजेपी के दिग्गज नेता पहुंचे हैं। बीजेपी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हारने वाले दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा कल ही पेश कर दिया था। मशहूर ब्रिगेड परेड ग्राउंड ने भव्य शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही टीएमसी के 15 साल का शासन खत्म हो गया है और पहली बार बंगाल में बीजेपी का सियासी सूर्योदय हुआ है। पहली बार लोक भवन के बाहर लोकतंत्र का उत्सव आजादी के बाद यह पहली बार है, जब बंगाल की किसी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन (अब लोक भवन) के बंद कमरों से निकलकर खुले मैदान में आयोजित हो रहा है. बंगाली पंचांग के अनुसार, बैसाख के 25वें दिन पूरा राज्य रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मना रहा है. इसी दौरान रवींद्र संगीत की धुन के बीच राज्यपाल आरएन रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. उनके साथ 5 मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक को भी राज्यपाल ने शपथ दिलायी।  ब्रिगेड परेड ग्राउंड में खुली जीप में पीएम मोदी, शुभेंदु और शमिक अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुली जीप में बंगाल के नये चीफ मिनिस्टर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नये चीफ मिनिस्टर के साथ ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आये लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. पीएम मोदी हाथ हिला रहे थे और शुभेंदु अधिकारी तालियां बजा रहे थे. थोड़ी देर बाद पीएम मोदी, शुभेंदु और शमिक जीप से उतरकर पैदल ही स्टेज की तरफ बढ़े. इस दौरान वह लोगों से मिलते रहे. कभी हाथ जोड़कर, तो कभी दोनों हाथ हिलाकर प्रधानमंत्री ने लोगों का अभिनंदन किया।   शहीद परिवारों को सम्मान भाजपा ने राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले अपने 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है. उनके बैठने के लिए मंच के पास अलग व्यवस्था की गयी थी. मैदान में आने वाले समर्थकों और मेहमानों के लिए बंगाल के पारंपरिक जायके ‘झालमुड़ी’ और ‘रसगुल्ले’ के स्टॉल लगाये गये थे।  निशीथ प्रमाणिक ने ली मंत्रिपद की शपथ माथाभांगा सीट से विधायक निशीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली है। उन्होंनेन राजनीति की शुरुआत टीएमसी से की थी और 2019 मेंबीजेपी में शामिल हुए थे। वह उत्तर बंगाल से आते हैं। वह केंद्र में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वह कूचबेहार से सांसद थे। क्षुदीराम टुड्डू बने मंत्री क्षुदीराम टुड्डू ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह बंगाल का आदिवासी चेहरा हैं। पेशे से शिक्षक हैं और सरकारी स्कूल में अध्यापन करते थे। वह रानीबांध से चुनकर आए हैं। उन्होंने संथाली भाषा में शपथ ली है। अशोक कीर्तिनिया ने मंत्री पद की शपथ ली है।  वह बनगांव उत्तर से विधायक हैं। वह मुतआ समुदाय के लिए ऐक्टिव रहते हैं। सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को सराहा जाता है। वह लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं। इस बार भी बनगांव से उन्हें जीत हासिल हुई है।  अग्निमित्रा पॉल ने ली मंत्रिपद की शपथ  अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। उन्हें भी उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वह आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं और 2019 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। वह बंगाल में मजबूत महिला चेहरा हैं। वह फैशन डिजाइनर से नेता बनी हैं।  दिलीप घोष बने मंत्री दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली है। जानकारों का कहना है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है। वह लंबे समय से आरएसएस से जुड़े हैं और बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं। वह खड़गपुर सदर से विधायक हैं ब्रिगेड परेड ग्राउंड की खास बातें     900 एकड़ में फैला ‘कोलकाता लंग्स’ : ब्रिगेड परेड ग्राउंड का अपना एक गौरवशाली इतिहास है. इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है।      सेना का प्रबंधन : लगभग 900 एकड़ में फैले इस विशाल मैदान का रखरखाव भारतीय सेना की पूर्वी कमान के हाथ में है।      क्रिकेट का जन्मस्थान : कहा जाता है कि भारत में सबसे पहले क्रिकेट के बैट-बॉल इसी मैदान पर चले थे, जहां इयोनिया और कोलकाता के बीच मैच हुआ था।      राजनीति का मक्का : 18वीं सदी में जंगलों को साफ कर बनाये गये इस मैदान में 7 लाख से भी अधिक लोगों की रैलियां हो चुकी हैं. माकपा, कांग्रेस, टीएमसी और अब भाजपा, सभी ने यहां से अपनी सांगठनिक ताकत का लोहा मनवाया है।  सुरक्षा का अभेद्य किला ब्रिगेड परेड ग्राउंड कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के लिए 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था. पूरे मैदान में 1500 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से नजर रखी जा रही थी. वीवीआईपी मेहमानों के लिए कार्यक्रम स्थल के पास ही अस्थायी हेलीपैड बनाया गया था. मैदान में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के लिए 100 से अधिक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगायी गयी है, ताकि हर कोई इस पल को लाइव देख सके। 

अमित शाह ने किया ऐलान, सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री

कोलकाता  गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बंगाल के सीएम के रहस्य से पर्दा हटा दिया. उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि बंगाल के अगले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ही होंगे. साथ ही उन्होंने नाम से पहले चले मंथन के बारे में बात करते हुए कहा कि आज भाजपा की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा सदस्यों की एक मीटिंग रखी गई. उन्होंने कहा कि मुझे और मोहन चरण माझी जी (ओडिशा के सीएम) को पर्यवेक्षक के तौर पर हमें यहां भेजा गया. सभी प्रस्ताव और समर्थन एक ही नाम के मिले हैं, कोई दूसरा नाम नहीं आया है. मैं सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता के रुप में निर्वाचित करता हूं।  पश्चिम बंगाल दशकों तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे के बीच अपनी जमीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार बंगाल के दुर्ग को फतह कर लिया है. प्रचंड बहुमत के साथ मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. बंगाल की कमान राज्य के कद्दावर नेता और ‘भूमिपुत्र’ सुवेंदु अधिकारी को मिलना तय माना जा रहा है. भाजपा आलाकमान की ओर से बस इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है. साथ ही खबर ये आ रही है कि भाजपा बंगाल में कोई भी उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) नहीं बनाएगी. पार्टी का यह फैसला साफ तौर पर सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास और राज्य में सत्ता के एक सशक्त केंद्र को स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।  पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज इतिहास रच दिया गया है. कोलकाता में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है. खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु के नाम का ऐलान किया. अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी की मौजूदगी में विधायकों ने सर्वसम्मति से शुभेंदु को अपना नेता चुना. शुभेंदु अधिकारी कल यानी 9 मई को सुबह 11 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।  श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना हुआ पूरा- अमित शाह अमित शाह ने अपने संबोधन में पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का विशेष जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज बंगाल की धरती पर बीजेपी की सरकार बनना डॉ. मुखर्जी के संघर्षों और उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है. शाह के मुताबिक, जिस राष्ट्रवाद की नींव उन्होंने रखी थी, आज उसी पर चलकर बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनने जा रही है।  शाम 6:30 बजे राज्यपाल से मिलेंगे शुभेंदु अधिकारी, पेश करेंगे दावा कोलकाता में विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. शुभेंदु अधिकारी आज यानी शुक्रवार शाम 6:30 बजे राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वे बीजेपी विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपेंगे और आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।    9 मई का दिन बंगाल के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस दिन रवींद्र जयंती मनाई जाती है. इसी शुभ अवसर पर राज्य की पहली बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. भवानीपुर में ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेंदु के साथ दो डिप्टी सीएम भी बनाए जाने की चर्चा है, जिससे राज्य में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।   बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 7 मई को राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है. कोलकाता गजट में जारी आधिकारिक अधिसूचना का हवाला देते हुए बताया गया है कि विधानसभा को भंग करने का यह कदम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत के बाद उठाया गया है।  चुनाव के बाद प्रदेश के कई हिस्‍सों से हिंसक टकराव की घटनाएं सामने आ रही हैं. मुख्‍यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में शामिल बीजेपी के दिग्‍गज नेता सुवेंदु अधिकारी के निकट सहयोगी और पीए चंद्रनाथ रथ की हत्‍या ने माहौल को और गरमा दिया है. इन सबके बीच बंगाल में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है. पश्चिम बंगाल में भाजपा की संभावित पहली सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. पार्टी का नया मंत्रिमंडल अनुभवी नेताओं और राजनीति में नए चेहरों का मिश्रण हो सकता है. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी सबसे प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं. भाजपा विधायक दल की बैठक शुक्रवार को कोलकाता में होगी, जिसमें विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है. इस अहम बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्‍यमंत्री मोहन चरण माझी करेंगे. चुनाव में जीत के बाद अमित शाह पहली बार बंगाल पहुंच रहे हैं।  अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे और बैठक से पहले राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रारंभिक चर्चा करेंगे. शाम 4 बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ औपचारिक बैठक होगी, जहां मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व इस बार सरकार और संगठन दोनों में वैचारिक प्रतिबद्धता तथा संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देना चाहता है. भाजपा के संभावित मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है. ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें पहली बार विधायक बनीं रत्ना देबनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां हैं. इसके अलावा भारत सेवाश्रम संघ के संत रहे उत्पल महाराज, पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार और पूर्व एनएसजी कमांडो दिपांजन चक्रवर्ती भी मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं. भाजपा इन चेहरों के जरिए सामाजिक और भावनात्मक संदेश देने की कोशिश कर सकती है।  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, माणिकतला से विधायक तपस रॉय को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो रहा है. वहीं पार्टी महिला नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है और एक महिला विधायक को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. हालांकि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सभी नाम चर्चा के स्तर पर … Read more

नंदीग्राम आंदोलन से चमके शुभेंदु अधिकारी, अब भाजपा ने सौंपी बंगाल की कमान

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो गया है। भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी राज्य के अगले सीएम होंगे। कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु के नाम पर मुहर लगी। उनके नाम पर आठ प्रस्ताव और समर्थन प्राप्त हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु के नाम का ऐलान किया और कहा कि दूसरे नाम के लिए भी विधायकों को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन सभी से सिर्फ शुभेंदु का ही नाम मिला। सीएम पद की रेस में शुभेंदु ही सबसे आगे चल रहे थे। कई अन्य नामों पर भी अटकलें लगीं, लेकिन शुभेंदु का ही पलड़ा भारी माना जा रहा था। कांग्रेस से की शुरुआत शुभेंदु अधिकारी का पूरा परिवार राजनीति से जुड़ा है। उनके पिता शिशिर अधिकारी दिग्गज नेता रह चुके हैं और मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। शुभेंदु के एक भाई सांसद और दूसरे विधायक हैं। शुभेंदु ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 1995 में कांथी नगरपालिका में पार्षद चुने गए थे। जब ममता बनर्जी ने 1997 में कांग्रेस से अलग होकर टीएमसी बनाई, तब शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद, 2006 में, अधिकारी कांथी दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए। उसी वर्ष वे कांथी नगरपालिका के अध्यक्ष भी बने। नंदीग्राम आंदोलन में निभाई अहम भूमिका साल 2007 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की अगुवाई की। दरअसल, बंगाल की तत्कालीन लेफ्ट सरकार ने एसईजेड स्थापित करने के लिए एक गांव में दस हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की योजना बनाई थी। ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ आंदोलन किया और उसमें शुभेंदु अधिकारी ने उनका साथ दिया। पूरे आंदोलन के दौरान अधिकारी की अहम भूमिका रही। इसी आंदोलन से ममता बनर्जी की पहली बार सरकार पश्चिम बंगाल में बनी। शुभेंदु की गिनती ममता के करीबी नेताओं में की जाने लगी। वह ममता सरकार में मंत्री भी रहे। इसके अलावा, तमलुक लोकसभा सीट से 2009 और 2014 में सांसद बने। छह साल पहले भाजपा में हुए शामिल तृणमूल कांग्रेस में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के बढ़ते प्रभाव की वजह से शुभेंदु नाराज हुए और साल 2020 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। 17 दिसंबर 2020 को उन्होंने टीएमसी की सदस्यता से इस्तीफा दिया। 19 दिसंबर 2020 को, उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन कर ली। धीरे-धीरे वह अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं की लिस्ट में शामिल हो गए। 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर सभी को चौंका दिया। भले ही भाजपा को 77 सीटें मिलीं, लेकिन पार्टी का जनाधार राज्य में लगातार बढ़ता गया। 2026 विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने भवानीपुर से भी चुनाव लड़ा और ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित कर दिया। अब वे राज्य के अगले व भाजपा के पश्चिम बंगाल में पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

शुभेंदु अधिकारी होंगे नए CM, दो डिप्टी CM भी होंगे नियुक्त, संभावित विधायकों की सूची

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने की लेकर कवायद तेज हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बतौर केंद्रीय पर्यवेक्षक भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल की बैठक के लिए कोलकाता पहुंच चुके हैं। यहां वह भाजपा के तमाम 206 विधायकों को संबोधित भी कर सकते हैं। इस बीच सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आ रही है वह यह है कि शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, उनके साथ दो उपमुख्यमंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। आज शाम तक इसका ऐलान हो सकता है। भाजपा ने हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद की आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन शुभेंदु अधिकारी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दो जीत हासिल करने के बाद इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। उन्होंने नंदीग्राम सीट बरकरार रखी, जहां उन्होंने 2021 में बनर्जी को हराया था और अब उन्होंने वह भवानीपुर सीट भी तृणमूल सुप्रीमो के हाथ से छीन ली है, जिसे लंबे समय से उनका गढ़ माना जाता था। शुभेंदु अधिकारी कभी बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल थे और ग्रामीण पश्चिम बंगाल में तृणमूल के संगठनात्मक विस्तार के प्रमुख सूत्रधार माने जाते थे। वह दिसंबर 2020 में भाजपा में शामिल हुए और राज्य में पार्टी के सबसे आक्रामक प्रचारकों में से एक बन गए। इन्हें मिल सकता है मौका शुभेंदु अधिकारी के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार में बतौर मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, रूपा गांगुली, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष, तापस रॉय, अशोक डिंडा और डॉ. राजेश कुमार को भी मौका मिल सकता है। कोलकाता पहुंचे अमित शाह अमित शाह का आज शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य भाजपा नेताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शाह का स्वागत किया। हवाई अड्डे से वह न्यू टाउन स्थित एक होटल गए। दोपहर में अमित शाह विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। शनिवार को वह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत कर दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा झटका दिया। राज्यपाल आर एन रवि ने बृहस्पतिवार को विधानसभा भंग कर दी, जिससे नयी सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव नहीं हुआ तो सनातन धर्म खत्म हो जाएगा

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर आज पहले चरण में मतदान चल रहा है। बंगाल में दो राउंड में वोटिंग होनी है और अगले राउंड का मतदान 29 अप्रैल को होगा। राज्य के नेता विपक्ष और भाजपा के सीनियर लीडर शुभेंदु अधिकारी ने भी मतदान किया और इस दौरान मीडिया वालों से बात करते हुए हिंदू कार्ड भी चल दिया। उन्होंने कहा कि इस बार परिवर्तन होगा। यही नहीं इसके आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में इस बार बदलाव नहीं हुआ तो फिर सनातन बंगाल में खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहे हैं। फिर भी हर जगह कुछ गुंडे घूम रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमारे पोलिंग एजेंट को ही अरेस्ट कर लिया गया है। इस मामले में सख्त ऐक्शन तुरंत लिया जाना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में अपना वोट डाला। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से किए इंतजामों की तारीफ की। उन्होंने जनता से बढ़-चढ़कर मतदान करने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं शांतिपूर्ण मतदान की प्रार्थना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इस बार टीएमसी ज्यादा व्यवधान नहीं पहुंचा पाएगी। मतदान से पहले की रात बहुत महत्वपूर्ण होती है। हम चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों का धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने व्यवस्था को बनाए रखने में बड़ा सहयोग दिया। नंदीग्राम वही विधानसभा सीट है, जहां से 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर चुनाव जीता था। इस बार ममता बनर्जी ने भबानीपुर से चुनाव लड़ा है और शुभेंदु अधिकारी वहां से भी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने एक बार फिर से यह संदेश देने की कोशिश की है कि ममता बनर्जी को वही टक्कर दे सकते हैं अथवा हरा भी सकते हैं। नंदीग्राम में पहले राउंड में ही मतदान हो रहा है तो वहीं भबानीपुर सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग होगी। ममता का बांग्ला कार्ड बनाम भाजपा का हिंदू कार्ड भाजपा को उम्मीद है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर सकती है। वहीं ममता बनर्जी लगातार बांग्ला कार्ड चल रही हैं, जबकि भाजपा हिंदू कार्ड के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। पहले भी ममता बनर्जी बांग्ला कार्ड चलती रही हैं। इस बार उन्होंने यह आरोप मढ़ दिया है कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो फिर बंगालियों का अंडा और मछली खाना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद से हालात ऐसे बन गए हैं कि भाजपा के नेता कई जगहों पर मछली खा रहे हैं और इसकी तस्वीरें जारी कर रहे हैं।

बंगाल चुनावी विवाद: सुवेंदु अधिकारी ने बताया वोटर वेरिफिकेशन में गड़बड़ी का प्रयास

  कोलकाता   पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की तरफ से वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेराफेरी करने के गैर-कानूनी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी और प्रशासन के बीच गठजोड़ को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "एसआईआर प्रक्रिया में चौंकाने और बेशर्म 'टीएमसी-ममता प्रशासन का गठजोड़' सामने आया। साउथ 24 परगना के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (एडीएम) की ओर से भेजा गया एक कथित व्हाट्सएप मैसेज चुनावी लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के पीछे की सच्चाई को उजागर करता है।"  सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "एडीएम की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीम को बताएं कि अभी किसी भी हालत में 'नॉट वेरिफाइड' ऑप्शन पर क्लिक न करें। किसी भी कन्फ्यूजन की स्थिति में कृपया मेरे साथ या ओसी इलेक्शन के साथ मामला उठाएं। हर हाल में प्रतिदिन 3000 वेरिफिकेशन का टारगेट पूरा करना है।" भाजपा नेता ने कहा कि यह वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी करने का सीधा और गैर-कानूनी आदेश है। अधिकारियों से कहा जा रहा है कि वे जानबूझकर 'नॉट वेरिफाइड' मार्क न करें, भले ही ठीक से वेरिफिकेशन न किया गया हो। उन्होंने कहा, "यह प्रशासनिक अधिकार का खुला दुरुपयोग है, जिसे तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर अयोग्य मतदाताओं और फर्जी एंट्रीज को बचाने व छिपाने के लिए किया जा रहा है, जिन्हें टीएमसी की वोटबैंक की राजनीति को बनाए रखने के लिए व्यवस्थित तरीके से लिस्ट में जोड़ा गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भारत के चुनाव आयोग के साफ और पारदर्शी वोटर लिस्ट के आदेश को खराब करने के लिए जिला प्रशासन का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। टीएमसी डरी हुई है कि असली एसआईआर उनके लंबे समय से चल रहे चुनावी धोखाधड़ी को उजागर कर देगा। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध करते हुए कहा कि वह इस तरह के अनौपचारिक प्रशासनिक दबाव के तरीकों के इस पैटर्न का तुरंत संज्ञान ले और एडीएम और इन गैर-कानूनी निर्देशों को जारी करने या उनका पालन करने में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की उच्च-स्तरीय जांच शुरू करे। उन्होंने यह भी मांग की कि सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने वाले सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।