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विधायकों के वाहन भत्ते में 3 गुना बढ़ोतरी की तैयारी, तमिलनाडु में ₹75 हजार करने का प्रस्ताव

चेन्नई तमिलनाडु में विधायकों को मिलने वाली सुविधाएं बढ़ सकती हैं. विधानसभा में पेश किए गए एक बिल में वाहन भत्ता ₹25 हजार से बढ़ाकर ₹75 हजार प्रति माह करने का प्रस्ताव है. इसके साथ हर MLA को वाहन की सुविधा देने की बात भी कही गई है. फिलहाल ये बदलाव प्रस्ताव में हैं, लागू नहीं हुए हैं।  यह प्रस्ताव तमिलनाडु वेतन भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2026 में रखा गया है. इसके जरिए 1951 के वेतन-भत्ते वाले कानून में बदलाव किया जाना है. सरकार का कहना है कि इससे विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्र में काम करने के लिए ज्यादा संसाधन मिलेंगे. बिल में सिर्फ वाहन भत्ते की बात नहीं है. कुछ दूसरे भत्तों में बदलाव का भी प्रस्ताव रखा गया है. अब समझते हैं कि इस बिल में विधायकों के लिए क्या-क्या कहा गया है।  हर MLA को वाहन देने का प्रस्ताव बिल में तमिलनाडु विधानसभा के हर सदस्य को वाहन की सुविधा देने का प्रावधान रखा गया है. यानी इसे मंजूरी मिलने के बाद हर MLA को वाहन से जुड़ी सुविधा मिल सकेगी. इसके साथ वाहन भत्ते को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है. अभी यह राशि ₹25 हजार प्रति माह है. बिल में इसे बढ़ाकर ₹75 हजार प्रति माह करने की बात कही गई है।  इसका मतलब यह नहीं है कि विधायकों को अभी से ₹75 हजार मिलना शुरू हो गया है. पहले बिल को मंजूरी मिलनी होगी. इसके बाद सरकार जिस तारीख की अधिसूचना जारी करेगी, उसी के मुताबिक नया प्रावधान लागू होगा।  पर्सनल असिस्टेंट के लिए भी भत्ता नए संशोधन के मुताबिक सिर्फ वाहन की सुविधा या उसका भत्ता ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कामकाज के लिए भी अलग से मदद मिलेगी. जिन विधायकों के पास बिल में बताए गए खास पदों में से कोई पद नहीं है, उन्हें पर्सनल असिस्टेंट (PA) रखने के लिए हर महीने 25 हजार रुपये का भत्ता देने का प्रस्ताव है. सरकार का कहना है कि इन अतिरिक्त संसाधनों से विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा सकेंगे. इसका मकसद उन्हें जनता की सेवा के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।  मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आया बिल यह बिल 19 अगस्त 2026 को विधानसभा में की गई मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद लाया गया है. सरकार ने कहा है कि संशोधन के जरिए उस घोषणा को कानूनी रूप दिया जाएगा. बिल में विधायकों को मिलने वाली आने-जाने की सुविधा यानी कन्वेयंस से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव का प्रस्ताव है. इसका मकसद विधायकों की मौजूदा सुविधाओं को नए प्रावधानों के हिसाब से तय करना है।  कब से लागू होगा नया नियम? अभी इसे लेकर अंतिम तारीख तय नहीं हुई है. बिल में साफ किया गया है कि नए प्रावधान तमिलनाडु सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होंगे।  यानी फिलहाल ₹75 हजार वाहन भत्ता प्रस्तावित राशि है. बिल को मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसकी लागू होने की तारीख तय करेगी. इसके बाद ही बढ़ा हुआ भत्ता प्रभावी होगा। 

Tamil Nadu Politics: स्टालिन का बड़ा हमला, थलपति विजय को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

चेन्नई तमिलनाडु में CM थलपति विजय की सरकार को लेकर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बहुत बड़ा दावा कर दिया है। स्टालिन ने कहा है कि विजय की सरकार जल्द ही गिर सकती है और राज्य में जल्दी चुनाव भी हो सकते हैं। राज्य में बीते महीने आए चुनाव परिणामों के बाद सत्ता से बाहर होने वाली मुख्य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) के अध्यक्ष स्टालिन ने रविवार रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बातें कही हैं। उन्होंने इस दौरान राज्य में बहुत जल्द मध्यावधि चुनाव होने की भविष्यवाणी भी की। स्टालिन ने दावा किया कि अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार के पास बहुमत नहीं है और अगले 3 से 6 महीनों के भीतर राज्य में विधानसभा चुनाव दोबारा हो सकते हैं। पार्टी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए स्टालिन ने टीवीके सरकार के आंकड़ों का गणित भी समझाया। क्या बोले स्टालिन? बता दें कि तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए कम से कम 118 सीटें चाहिए। हालिया विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके सबसे पार्टी बन कर उभरी थी। लेकिन TVK केवल 108 सीटें ही जीत सकी थी। इसके बाद विजय ने कांग्रेस, IUML और VCK जैसे दलों के समर्थन से सरकार बनाई। स्टालिन ने इन दलों का हवाला देते हुए आगे कहा कि टीवीके सरकार अपने दम पर नहीं, बल्कि द्रमुक गठबंधन के पूर्व सहयोगियों के समर्थन के भरोसे ही चल रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव कभी भी आ सकते हैं। यह जल्द ही हो सकते हैं, तीन महीने बाद या छह महीने बाद आ सकते हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार अपने दम पर बहुमत से नहीं जीती है। बहुमत का मतलब 234 सदस्यों वाले सदन में 118 सीटें हासिल करना है, लेकिन उन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों में केवल 108 सीटें ही जीतीं।" कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आदेश स्टालिन ने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए द्रमुक कैडरों को चुनावी मोड में रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “टीएमसी सरकार का इंजन कहां जाकर रुकेगा, कोई नहीं जानता। चुनाव किसी भी क्षण, किसी भी स्थिति में आ सकते हैं। हमें इसके लिए 100 फीसदी तैयार रहना होगा। आप सभी आज और इसी वक्त से चुनावी तैयारियों में जुट जाएं।” कानून व्यवस्था को लेकर घेरा इस दौरान स्टालिन ने कानून-व्यवस्था से लेकर आर्थिक मोर्चे पर सरकार को बुरी तरह घेरा। स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महिला और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं। वहीं राज्य में अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है और सरकार की खराब नीतियों के कारण बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज तमिलनाडु छोड़कर दूसरे राज्यों में जा रही हैं। MDMK ने भी छोड़ा साथ स्टालिन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब द्रमुक के एक और पुराने सहयोगी MDMK ने DMK गठबंधन छोड़ने का ऐलान कर दिया है। 2 महीने में यह स्टालिन के लिए दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले कांग्रेस ने भी DMK लेड अलायंस का साथ छोड़ दिया और विजय की सरकार को समर्थन दे दिया। DMK ने तब इसे विश्वासघात कहा था।

पीएम मोदी का बड़ा बयान: देश के भविष्य की दिशा तय करेगा तमिलनाडु

मदुरै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 'मेक इन इंडिया' की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  

इरोड से सियासी शंखनाद: अभिनेता विजय की जनसभा, DMK सरकार पर जमकर हमला

इरोड (चेन्नई) अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने गुरुवार को इरोड में पार्टी की एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कुछ स्वार्थी तत्व बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। लेकिन वे इसके कामयाब नहीं होंगे। विजय ने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार खेती-किसानी में कोई गंभीर रुचि नहीं दिखा रही है। टीवीके प्रमुख ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री अन्नादुरई (अन्ना) और एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) सभी के लिए प्रेरणा हैं। वे किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं और उन्हें याद करने पर कोई आपत्ति नहीं कर सकता। इरोड में टीवीके की बैठक में विजय ने कहा कि डीएमके और समस्याएं एक-दूसरे की दोस्त हैं और दोनों को अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 'पवित्र शक्ति' टीवीके और 'बुरी शक्ति' डीएमके के बीच है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके केवल उन्हें निशाना बनाने और टीवीके के काम में बाधाएं खड़ी करने में ही रुचि रखती है।

तमिलनाडु में दो बसों की आमने-सामने भिड़ंत, 11 की मौत और कई गंभीर

शिवगंगा तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में रविवार को दो बसों के आमने-सामने जोरदार टक्कर में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और करीब 40 लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा तिरुप्पत्तूर के पास कुम्मानगुडी रोड पर हुआ। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। एक बस तिरुप्पुर से कराईकुड़ी जा रही थी, जबकि दूसरी बस कराईकुड़ी से दिन्दिगुल की ओर जा रही थी। इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. मौके पर पहुंची आपातकालीन टीम पुलिस ने बताया कि एक बस कराईकुडी जा रही थी जबकि दूसरी मदुरै जा रही थी, तभी तिरुपथुर के पास सड़क पर दोनों बसें आपस में टकरा गईं. टक्कर के बाद कई यात्री गाड़ियों में फंस गए, लेकिन स्थानीय निवासियों और आपातकालीन टीमों ने उन्हें बाहर निकाला. घायलों को शिवगंगा सरकारी अस्पताल ले जाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कुछ यात्रियों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पुलिस ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी दोनों बसों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिसमें कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. एक हफ्ते दो बड़ी बस दुर्घटना तमिलनाडु में पिछले एक हफ्ते के दौरान दूसरी बार ऐसा हुआ है जब दो बसों की आपस में टक्कर हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई. राज्य के तेनकासी जिले में सोमवार (23 नवंबर 2025) को दो बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 यात्री घायल हुए थे. मरने वालों में 5 महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे. मदुरै से सेनकोट्टई जा रही बस और तेनकासी से कोविलपट्टी जा रही बस टकरा गई थी. तब जांच में पता चला था कि गलती ड्राइवर की थी. मदुरै से सेनकोट्टई जा रही बस का ड्राइवर लापरवाही और तेज स्पीड में गाड़ी चला रहा था.