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तेजस्वी ने सम्राट से मिलाया हाथ, विजय सिन्हा ने छुए सीएम नीतीश के पैर—सदन में दिखे रोचक पल

पटना बिहार विधानसभा की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथग्रहण के साथ शुरू हुआ। वहीं, शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में कई रोचक पल भी देखने को मिले। तेजस्वी ने सम्राट से हाथ मिलाया दरअसल, गृहमंत्री सम्राट चौधरी की शपथ के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपनी सीट से खड़े हो गए और सम्राट चौधरी के साथ हाथ मिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुनार के पैर छुए। इसके बाद तेजस्वी यादव से गले मिले। शपथ ग्रहण के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सौहार्द दिखाई दिया। बता दें कि तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले शपथ ली। उनके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली, जो लगातार चौथी बार लखीसराय से विधायक हैं। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने प्रोटेम स्पीकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अभिवादन किया। गौरतलब हो कि राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र खास माना जा रहा है। लगभग 10 वर्षों बाद सत्ता पक्ष में 200 से अधिक विधायक बैठेंगे, जिससे सदन का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रचंड बहुमत के कारण सरकार के लिए विधायी एजेंडा आगे बढ़ाना आसान होगा, जबकि विपक्ष मात्र 38 सदस्यों तक सिमट गया है। ऐसे में विपक्ष पर अधिक प्रभावी ढंग से अपनी भूमिका निभाने का दबाव रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले 2010 में राजग विधायकों की संख्या 200 से अधिक थी। 

ओवैसी की पार्टी का बड़ा दावा: पाँच सीटों के सहारे सरकार बनाने में मदद को तैयार, नीतीश–तेजस्वी से बातचीत के संकेत

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) बेहद उत्साहित है। सीमांचल में 5 सीटों को जीतने के बाद ओवैसी की पार्टी बिहार में सरकार बनाने का सपना भी देखने लगी है। इसके लिए उसने नया समीकरण गढ़ते हुए आरजेडी और जेडीयू को अपने साथ आने का ऑफर दिया है। इतना ही नहीं पार्टी ने मुख्यमंत्री पर पर भी दावेदारी पेश की है और बदले में नीतीश कुमार को 2029 में पीएम उम्मीदवार बनाने का वादा किया गया है। एआईएमआईएम बिहार के एक्स हैंडल पर यह पेशकश की गई है। एआईएमआईएम बिहार के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया कि अभी भी सरकार बनाने का मौका है। पार्टी का कहना है कि जेडीयू, राजद, कांग्रेस, आईएमआईएम, सीपीआईएमएल, सीपीआईएम मिल जाएं तो सरकार बन सकती है। गौरतलब है कि जेडीयू के पास 85 तो आरजेडी के पास 25 सीटें हैं। वहीं कांग्रेस और एआईएमआईएम ने क्रमश: 6 और 5 सीटों पर कब्जा जमाया है। सीपीआई-एमएल और सीपीआई एम ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है। इनका योग 124 होता है, जोकि बिहार में बहुमत के जादुई आंकड़े 122 से दो अधिक है। एआईएमआईम ने कल्पना के घोड़े इतने तेज दौड़ाए कि कैबिनेट की तस्वीर तक बना डाली। पार्टी ने कहा कि उसका मुख्यमंत्री होगा जबकि जेडीयू के कोटे से दो डिप्टी सीएम और 20 मंत्री बनाए जा सकते हैं। राजद को 6 मंत्री दिए जा सकते हैं तो कांग्रेस के पास दो मंत्री पद होगा। सीपीआईएमएल और सीपीआईएम से एक-एक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार को 2029 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया जाएगा ओवैसी की पार्टी ने कहा, 'हम, हमेशा जोड़ने की राजनीति करते हैं, तोड़ने की नहीं। इसीलिए अभी भी मौका है।'

‘चुनाव आयोग BJP का पाप धो रहा’ — तेजस्वी का तीखा हमला, कहा बिहार बदलेगा अब की बार

पटना दूसरे चरण के मतदान से पहले तेजस्वी यादव ने एनडीए और डबल इंजन सरकार पर जोरदार हमला किया है। सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। कल दूसरे चरण का मतदान होगा। हमने 171 जनसभा की। हर जगह लोगों में बदलाव का मूड दिखा। बेरोजगारी, पलायन से लोग परेशान हैं। 20 साल राज करने पर भी एनडीए ने बिहार को अंतिम पायदान पर कर दिया। अब बिहार के लोगों को बिहार में ही सुविधा चाहिए। कोई छठ और दीपावली में ही घर न आये, हमेशा साथ रहे। उन्होंने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर बिहार की जनता को पीछे रखने का आरोप लगाया और कहा कि 14 नवम्बर के बाद सब बदल जाएगा। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार इस बार इतिहास रचेंगे। कलम राज ला रहे हैं। विकसित राज्य बनेगा। बीस सालों में मुख्यमंत्री केवल सुर्खियों में रहे। लेकिन अब बिहार केवल सुर्खियों में नहीं रहेगा। पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई की सुविधा होगी। दूसरे राज्य न जाना पड़े, ऐसा बिहार बनाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभार आरोप लगाया। कहा कि बीजेपी पाप करती है और इलेक्शन कमीशन उसे धोने का काम करता है। नाव आयोग पहले चरण के मतदान के 4 दिन बाद भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किये कि कितने महिला और पुरुषों ने मतदान किया। यह मजाक है। तकनीक के इस युग में ये हाल है। भाजपा के पाप को आयोग धो रहा है। आयोग मर चुका है। चुनाव आयोग बताए कि समस्तीपुर में इतनी वीवीपैट परचियां कहाँ से आई। कहा कि सत्ता में बैठे लोग घबराये हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह पटना में अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। यह बता रहे हैं कि किन किन को उठाना है। जिला को रिटायर्ड अधिकारी निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हमारी पैनी नजर है। तेजस्वी यादव ने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में उद्योग-धंधों की बात नहीं करते,बस नकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपराधियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं, जिनमें आनंद मोहन, अनंत सिंह और हुलास पांडे जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग कोई संत हैं क्या। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में शामिल हो जाने पर किसी के भी सारे पाप धुल जाते हैं।  

राजनीतिक घमासान: तेज प्रताप को RJD समर्थकों ने खदेड़ा, तेजस्वी जिंदाबाद के नारों से हुआ विरोध

पटना  बिहार के महनार विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा करने पहुंचे लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के समर्थक तेज प्रताप को खदेड़ना शुरू कर दिए. भीड़े ने जमकर 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' और 'लालटेन छाप जिंदाबाद' के नारे लगाए. यह घटना तब हुई, जब तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के लिए वोट मांगने पहुंचे थे.  महनार से JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस घटना को RJD के गुंडों द्वारा अंजाम देने की बात कही है. राठौर ने पूरा आरोप यहां के RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह पर लगाया है. सभा वाली जगह पर फजीहत  तेज प्रताप यादव महनार विधानसभा क्षेत्र के हीरानंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में जनसभा करने पहुंचे थे. शाम 5:00 बजे से लेकर 6:00 के आसपास तक उन्होंने सभा को संबोधित किया. इसी दौरान RJD समर्थकों ने तेज प्रताप के सामने जमकर 'लालटेन छाप जिंदाबाद', 'तेजस्वी यादव जिंदाबाद' के नारे लगाए. आक्रोशित समर्थकों ने तेज प्रताप के काफिले को कुछ दूर तक खदेड़ कर भगाया. तेज प्रताप हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे, लेकिन वक्त ज्यादा होने की वजह से हेलीकॉप्टर उन्हें उतार कर फिर उड़ान भर लिया. इसके बाद तेज प्रताप सड़क के रास्ते से सभा वाली जगह पहुंचे थे और बाइ रोड ही अपने इलाके महुआ के लिए रवाना हो रहे थे, जब RJD समर्थकों ने उनका विरोध किया. JJD उम्मीदवार ने लगाया साजिश का आरोप… JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने पूरे घटना को लेकर बताया कि जनसभा के दौरान उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन सभा कर लौटते वक्त आरजेडी के समर्थकों ने नारेबाजी की. राठौर ने कहा कि RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह ने साजिश की तरह इस घटना को अंजाम देने की बात कही है. टिकट खरीदने और जंगलराज का आरोप जय सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि रविंद्र सिंह ने 15-16 करोड़ रुपए में टिकट खरीदा है और 5-6 करोड़ रुपया चुनाव में खर्च करेंगे, लोगों को पैसा और दारू देंगे. उन्होंने कहा कि जीत नहीं होगी तो इसी तरीके का हमला करवाएंगे और जंगल राज स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन जनता सब जान चुकी है. राठौर ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है. परिवार में गहराता तनाव… पिछले कुछ दिनों से लालू यादव के परिवार में तनाव चल रहा है. तेज प्रताप के द्वारा पार्टी बनाए जाने के बाद तनाव और ज्यादा गहरा हो गया. हाल ही में 'जन नायक' विवाद पर भी तेज प्रताप ने तेजस्वी के खिलाफ बयानबाजी की थी. तेज प्रताप यादव ने कहा, ''तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बता रहे हैं, जबकि सच्चे जननायक वे होते हैं जो जनता से सीधे जुड़कर उनके बीच में काम करते हैं. लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग असली जननायक हैं.' इसके अलावा, चुनाव कैंपेन को लेकर भी बयानबाजी हुई थी. पिछले दिनों तेज प्रताप ने कहा था कि अगर तेजस्वी उनके खिलाफ प्रचार करने महुआ आएंगे, तो वो भी राघोपुर प्रचार करने जाएंगे.

अब्दुल बारी सिद्दीकी का बड़ा बयान: तेजस्वी यादव को जननायक बनने में लगेगा समय

पटना जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी के साथ राजनीतिक लड़ाई तेज होती जा रही है। वहीं, महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव को 'जननायक' बताने पर राजद के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आपत्ति जताई है। उन्होने कहा कि अभी उन्हें जननायक बनने में वक्त लगेगा। आरजेडी महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि तेजस्वी यादव को अभी जननायक बनने में समय लगेगा। क्योंकि वो लालू यादव की विरासत हैं। वह उनकी राह पर चलने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बाद राजद के पटना स्थित केंद्रीय कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें तेजस्वी यादव को 'बिहार का नायक' (जननायक) के रूप में बताया गया। वहीं, तेजस्वी को ‘जननायक’ बताने पर एनडीए ने भी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

पंचायत प्रतिनिधियों के लिए खुशखबरी! तेजस्वी ने किए ये बड़े वादे

पटना आगामी चुनाव को देखते हुए तेजस्वी यादव लगातार घोषणाएं कर रहे हैं। माई-बहिन मान योजना, हर घर नौकरी, जीविका और संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के बाद अब तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने रविवार सुबह पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमलोग सबलोग आज कुछ घोषणाएं करने आए हैं। तेजस्वी ने किसी का नुकसान नहीं किया। तेजस्वी से किसी को कोई शिकायत भी नहीं है। जनता ने एनडीए को 20 साल दिया। हमलोग महज 20 महीने का वक्त मांगते हैं। मुझे बिहार की जनता पर पूरा भरोसा है कि इस बार बदलाव भी होगा और महगठबंधन के नेतृत्व में नई सरकार भी बनेगी। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के लिए यह घोषणा तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनते ही त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का मानदेय भत्ता दोगुना होगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरुआत की जाएगी। अन्य राज्यों में यह प्रावधान है। इसलिए अब बिहार में भी किया जाएगा। पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख का बीमा करवाया जाएगा। जन वितरण प्रणाली के वितरकों के मानदेय को दिया जाएगा और  प्रति क्विंटल मिलने वाली मार्जिन मनी को बढ़ाया जाएगा। अनुकंपा में लागू 58 साल की बाध्यता को लागू करेंगे। साथ ही नाई, बढ़ई, कुम्हार और लोहार समेत मेहनती वर्गों के उत्थान के लिए उन्हें पांच लाख रुपये एकमुश्त की आर्थिक सहायता दी जाएगा। ताकि इससे वह अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।   बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव के लिए बेसब्र है। कहीं भी हमलोग जा रहे हैं तो हर जाति, धर्म के लिए भारी संख्या में आ रहे हैं। वह कहते हैं कि वह मौजूदा सरकार से परेशान हैं। लोग बिहार सरकार को बदलना चाहते हैं। 20 साल पुरानी विजनलेस पुरानी खटारा सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम है। अब तो गृह अमित शाह ने मना ही नहीं कर दिया कि बिहार में कहीं भी कारखाना नहीं लग सकता है क्यों कि यहां भूमि की कमी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात में कई कारखाना लगवाए। सबकुछ गुजरात में ही दे दिया। बिहार को केवल अंगूठा दिखाने का काम किया है। लोग अब भारतीय जनता पार्टी के चाल और चरित्र को समझ चुके हैं। बिहारवासी अब इस भ्रष्ट सरकार को बदलने के लिए बेसब्र है। बिहार की जनता बदलाव करेगी।

चुनाव से पहले बड़ा ऐलान! तेजस्वी यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों और पीडीएस डीलरों को दी सौगात

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंन के सीएम उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनावी वादों की झड़ी लगा दी है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज के पूर्व जन प्रतिनिधियों को पेंशन दिया जाएगा और जन वितरण प्रणाली के डीलरों की आमदनी बढ़ जाएगी। मानदेय के साथ प्रति क्वींटल मार्जिन मनी (कमीशन) की राशि भी बढ़ा दी जाएगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने किसी का कोई नुकसान नहीं किया। नीतीश कुमार के 20 साल के बदले तेजस्वी को 20 माह का मौका दें। हम लोग बिहार को नंबर 1 बनाने का का काम करेंगे। उन्होंने का कि हमारी सरकार बनी तो – 1. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय, भत्ता दोगुना किया जाएगा और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देने की शुरूआत की जाएगी। कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है। 2. पंचायत प्रतिनिधियों का पचास लाख का बीमा कराया जाएगा। ग्राम कचहरी की शक्तियां बढ़ाई जाएंगी। 3. पीडीएस डीलरों को मानदेय दिया जाएगा और प्रति क्वींटल कमीशन की राशि भी बढ़ाई जाएगी। 5. पीडीएस डीलरों की अनुकंपा में 58 साल की उम्र सीमा को समाप्त कर दिया जाएगा। 5. लोहार, कुम्हार, बढ़ई, नाई को पांच लाख का ब्याज रहित लोन दिया जाएगा जिसे पांच वर्षों में चुकाना पड़ेगा। नीतीश कुमार,नरेंद्र मोदी, अमित शाह पर हमला बोलते हुए राजद नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार कोई काम नहीं कर रही है। जैसे पानी एक जगह स्थिर रहने पर सड़ जाता है वही हाल इस सरकार की है। बिहार के लोग भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा समझ चुकी है। बिहार के लोग इस भ्रष्ट सरकार को बदलना चाहते हैं। प्रेस कांफ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी बिहार में कोई फैक्ट्री नहीं लगाएगी क्योंकि अमित शाह ने इसकी घोषणा कर दी है। पीएम नरेंद्र मोदी भी बिहार आते हैं तो जुमलेबाजी करके लौट जाते हैं। फैक्ट्री गुजरात में लगाते हैं और वोट मांगने बिहार में आते हैं। इससे पहले तेजस्वी यादव हर घर सरकारी नौकरी देने का वादा कर चुके हैं। सरकार बनने के बीस दिनों के भीतर अध्यादेश लाकर इसकी शुरूआत कर दी जाएगी। वे बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं की बहाली को लेकर बड़ी बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं।  

राजद-कांग्रेस की टक्कर: चार विधानसभा सीटों पर राहुल और तेजस्वी की रणनीति

पटना महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा हो गई। सीएम फेस बने तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में भी निकल गए। वह ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं। लेकिन, एक सवाल अब भी बना हुआ कि जिन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहां पर कांग्रेस में नंबर वन की हैसियत वाले राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव किसके समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे? दूसरे चरण के चुनाव में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान हैं। वहीं दो सीटों में से एक पर राजद- वीआईपी और दूसरे पर कांग्रेस-सीपीआई आमने सामने है। आइए पहले इन सीटों के बारे में जानते हैं… सुल्तानगंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के चंदन सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललन यादव से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार ललित नारायण मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है। कहलगांव विधानसभा सीट     यहां पर राजद के रजनीश भारती का मुकाबला कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार शुभानंद मुकेश को चुनावी मैदान में उतारा है। सिकंदरा विधानसभा सीट     यहां पर राजद के उदयनारयण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के विनोद चौधरी से है। वहीं एनडीए ने हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है। नरकटियागंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के दीपक यादव का मुकाबला कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय से है। वहीं एनडीए ने भाजपा के संजय पांडेय को टिकट दिया है। चैनपुर विधानसभा सीट     यहां पर राजद के ब्रिज किशोर बिंद का मुकाबला वीआईपी के गोविंद बिंद से है। वहीं जदयू ने जमा खान को चुनावी मैदान में उतारा है। करगहर विधानसभा सीट     यहां पर कांग्रेस के संतोष मिश्रा का मुकाबला सीपीआई के महेंद्र गुप्ता से है। वहीं एनडीए ने जदयू के वशिष्ट सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर प्रचार से बचना चाहेंगे राहुल-तेजस्वी राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छठ के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनाव प्रचार शुरू होने जा रहा है। जाहिर सी बात है कि यह लोग कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तेजस्वी यादव ने 24 अक्तूबर से अपनी चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। अब तक वह फ्रेंडली फाइल वाली सीटों पर नहीं गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राहुल और तेजस्वी फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर चुनाव प्रचार करने से बचना चाहेंगे। क्योंकि, अब तक इन सीटों पर इनके चुनाव प्रचार करने की बात सामने नहीं आई है। गहलोत बोले- हमलोग मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और पांच-छह सीटों पर आपसी सहमति से 'फ्रेंडली फाइट' हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग अफवाह फैला रहे हैं, आपलोग उनकी बातों पर ध्यान न दें। महागठबंधन ने अपना सीएम फेस भी घोषित कर दिया है। लेकिन, एनडीए वालों ने अब तक नहीं किया है। भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती है।  

तेजस्वी का बीजेपी पर वार, नीतीश पर प्यार, बोले- बिहार को चलाने का हक सिर्फ बिहारी को

पटना आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर से चुनाव प्रचार का शंखनाद किया। सलखुआ उच्च विद्यालय मैदान में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। हालांकि इस दौरान नीतीश कुमार पर तेजस्वी नरम दिखे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बीस साल में भी बिहार से पलायन नहीं रोक पाए। हमारी सरकार आएगी तो नया बिहार बनाएंगे। मेरी उम्र भले ही कच्ची है, लेकिन जुबान पक्की है। मेरा सपना भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनाने का है। तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। अमित शाह ने खुद कह दिया कि चुनाव के बाद सीएम तय करेंगे। तेजस्वी ने तंज कसते हए कहा कि एक बात तय है कि नीतीश जी अब मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जबकि हमने तय कर लिया है। उन्होंने वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री बनाने की बात कही। तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार के प्रति हमदर्दी भी जताई और कहा, हमारे चाचा नीतीश कुमार को भाजपा ने हाइजैक कर लिया है। उनके साथ नाइंसाफी की जा रही है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार को बाहरी ताकतें नियंत्रित नहीं करेंगी। बिहार को बिहारी ही चलाएगा, कोई बाहरी नहीं। हम बिहारी डरने वाले नहीं हैं। इस दौरान वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईपी गुप्ता, खगड़िया के पूर्व सांसद एवं राजद नेता चौधरी महबूब अली केसर, युसूफ सलाहउद्दीन, सरिता पासवान, गौतम कृष्ण मौजूद रहे।

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तय हुआ, तेजस्वी यादव CM उम्मीदवार और मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पटना के होटल मौर्य में हुई इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर यह फैसला किया कि आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे. बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया. इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी. इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे. बिहार चुनाव के पहले चरण से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर जारी मतभेदों के बीच, महागठबंधन ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. महागठबंधन तेजस्वी यादव को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने महागठबंधन के जीतने पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के नाम का ऐलान किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक गहलोत, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया. VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार था और उन्होंने शपथ ली थी कि बीजेपी को तोड़ने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता. वहीं CPIML के जेनरल सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि NDA सरकार को लग रहा था कि बिहार में अब कुछ नहीं होगा, लेकिन महागठबंधन के साथ पूरे बिहार के युवा, महिला और गरीब ने संकल्प लिया है कि इस बार सरकार बदली जाएगी. अशोक गहलोत ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में ध्रुवीकरण बढ़ गया है और आलोचना करने पर लोगों को जेल में डाल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठते हैं और PM से लेकर गृह मंत्री तक धनबल के आधार पर राजनीति कर रहे हैं. अन्य नेताओं ने भी महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और जनता बदलाव चाहती है। राहुल गांधी और खगड़े द्वारा करवाए गए सर्वे के बाद यह निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में जनता के सामने जाएंगे. प्रेस कांफ्रेंस में यह भी साफ किया गया कि बिहार में महागठबंधन एनडीए के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रहा है. सभी दलों ने जनता से अपील की कि वे गठबंधन को समर्थन दें और इस चुनाव में बदलाव का संकल्प पूरा करें. तेजस्वी यादव ने कहा, "हम लोग को बिहार बनाने का काम करना है. हम आदरणीय लालू जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सभी महागठबंधन के साथियों का धन्यवाद देते हैं. जो विश्वास आप लोगों ने हम पर जताया है, उस उम्मीद पर हम जरूर खरे उतरेंगे." – अशोक गहलोत ने कहा कि डिप्टी सीएम चेहरे के तौर पर मुकेश सहनी होंगे. – अशोक गहलोत ने सीएम फेस का ऐलान करते हुए कहा, "सबकी राय लेकर हमने तय किया है कि इस बार के चुनाव में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे." – अशोक गहलोत ने कहा, "देश के जो हालात हैं, उससे चिंतित होना जरूरी है. देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता. देश में बेरोजगारी है. हम सब की जिम्मेदारी बनती है, कि ऐसे वक्त में देश क्या चाहता है, हर बात का ख्याल रखा जाए. किसान, मजदूर, आम आदमी, छात्र और युवा सभी के लिए हालात वही हैं. जब ऐसा होता है, तो लोग बदलाव चाहते हैं और इस बार बदलाव होगा. जिस तरह से पब्लिक ने रिस्पॉन्स दिया, पूरे देश ने देखा." इससे पहले महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर तनाव की बाते सामने आई थीं. हालांकि, बुधवार को अशोक गहलोत को पटना पहुंचे, उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की. मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि गठबंधन एकजुट है और चुनाव के लिए तैयार है. – वीआईपी के प्रवक्त ने बताया कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होगा. आज उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर किसी तरह का ऐलान नहीं होने वाला है. – पटना में महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव होटल पहुंचे. – महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बने पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है. इस पर पप्पू यादव ने कहा, "किसी और नहीं, राहुल गांधी की फोटो पर ही वोट पड़ेंगे." – पप्पू यादव ने कहा, "जब तक सीट वापस न हो, तब तक गठबंधन को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए. सामूहिक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहिए." – बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल ने कहा, "आपसी मतभेद चल रहा है, एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं. ऑफिस में बैठकर दिखा रहे हैं कि हम सब एक हैं. ये लोग सरकार नहीं चला सकते हैं. कांग्रेस और RJD की दोस्ती संभव नहीं है." गहलोत ने सुलझाई महागठबंधन की गुत्थी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात की. बातचीत के दौरान कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे, जिन्हें बातचीत में आई रुकावट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था. मुख्य विवाद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर था. कांग्रेस पहले इस पर सहमत नहीं थी, जबकि आरजेडी का पूरा प्रचार अभियान ‘तेजस्वी सरकार’ पर केंद्रित था. सूत्रों के मुताबिक अब कांग्रेस इस मुद्दे पर झुक गई है. कांग्रेस ने सीटों के निष्पक्ष बंटवारे पर भी जोर दिया. मतभेद के चलते कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें लगभग छह सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी, चार पर भाकपा-कांग्रेस और दो पर वीआईपी-आरजेडी के बीच टकराव देखने को … Read more