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आसमान से गायब हुआ इंडोनेशियाई हेलीकॉप्टर, भारतीय नागरिक समेत 8 लोग थे सवार

इंडोनेशिया  इंडोनेशिया के बोर्नेओ द्वीप से एक भारतीय नागरिक समेत आठ यात्रियों को लेकर रवाना हुए लापता हेलीकॉप्टर की तलाश मंगलवार को भी जारी रही। इंडोनेशियाई  अंतरा के अनुसार सोमवार को एक पायलट, एक इंजीनियर और छह यात्रियों को लेकर रवाना हुआ एस्टिंडो एयर बीके 117 डी3 हेलीकॉप्टर का दक्षिण कालीमंतन प्रांत के मेन्टेवे में मंडिन दमार जलप्रपात के पास संपर्क टूट गया। खबर में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर में भारतीय नागरिक संथा कुमार भी सवार थे। हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोगों की पहचान कैप्टन हरियांटो, इंग हेंड्रा, मार्क वेरेन, युडी फेब्रियन, एंडिस रिसा पासुलु, क्लाउडिन क्विटो और इबॉय इरफान रोसा के रूप में हुई है। खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख आई पुतु सुदयाना ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खोज अभियान में दो हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं, क्योंकि एक ही क्षेत्र में एक साथ तैनाती से संयुक्त खोज एवं बचाव दल को खतरा हो सकता है।  

PM मोदी भावुक: मां को गाली देने पर कांग्रेस-आरजेडी से छठी मैया से माफी की मांग

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 'मां की गाली' के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर जमकर बरसे। पीएम ने इमोशनल होते हुए कहा कि मेरी मां को गाली देकर आरजेडी और कांग्रेस ने सिर्फ मेरा नहीं बल्कि देशभर की मां और बहनों का अपमान किया है। बिहार में नवरात्र के दौरान माताओं के 9 स्वरूपों के साथ सत बहिनी की पूजा भी की जाती है। इसके बाद छठी मैया का महापर्व आने वाला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां को गाली देने वाली आरजेडी और कांग्रेस को सत बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीविका बैंक के शुभारंभ के मौके पर वर्चुअल संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार वो धरती है, जहां मां का सम्मान होता है। यहां गंगा, कोसी, गंडकी, पुनपुन जैसी नदियों को मैया के रूप में पूजा जाता है। पूरी दुनिया की माता सीता यहां की बेटी है। छठी मैया को नमन करके हम सब धन्य हो जाते हैं। मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही बिहार की पहचान है। पिछले दिनों दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली दी गई। इस मुद्दे पर पीएम ने विपक्षी दलों को जमकर कोसा। आरजेडी और कांग्रेस के मंच से मेरी मां को गालियां दी गईं। ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं है, यह देश की मां-बहन बेटी का अपमान है। बिहार की हर मां, बेटी, भाई को यह सुनकर बहुत बुरा लगा। इसकी जितनी पीड़ा मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीफ बिहार के लोगों को हुई है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना पीएम ने कहा, “शाही खानदान में पैदा हुए लोग मां की पीड़ा नहीं समझ सकते हैं। वे सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। इन्हें लगता है कि कुर्सी इन्हें ही मिलनी चाहिए। इन्हें लगता है कि नामदारों को कामदारों को गालियां देने का अधिकार है। इसलिए आए दिन गालियों की झड़ी लगा देते हैं। मुझे भी कई गालियां दी गईं। लिस्ट बहुत लंबी है। कभी नीच कहते हैं, गंदी नाली का कीड़ा, जहर वाला सांप बोलते हैं। बिहार चुनाव में भी मुझे तू-तड़ाक करके गाली दी गई। इनके नामदार वाली सोच उजागर हो रही है।” पीएम मोदी ने कहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं है। उनका राजनीति से भी कोई लेना-देना नहीं रहा। इसके बावजूद उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। यह बहुत ही दुखदायी और कष्ट देने वाला है। उस मां का क्या गुनाह है। उन्होंने कहा कि मां-बहन को गाली देने वाली सोच महिलाओं को कमजोर समझने वाली है। ये (आरजेडी-कांग्रेस) महिलाओं को शोषण और अत्याचार की वस्तु मानते हैं। सबसे ज्यादा गालियां माता-बहनों को ही झेलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आरजेडी जैसे दल कभी महिलाओं को आगे नहीं बढ़ना देना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस गरीब घर की आदिवासी बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी लगातार अपमान करती रहती है। पीएम ने कहा, “20 दिन बाद नवरात्र शुरू हो रहे हैं। 50 दिन बाद छठी मैया की पूजा होगी। छठ पर्व मनाया जाएगा। मां को गाली देने वालों को मोदी तो एक बार माफ कर ही देगा, भारत की धरती ने मां का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया है। इसलिए आरजेडी और कांग्रेस को सात बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए। बिहार के लोगों को इस अपमान की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी है।” पीएम मोदी ने लोगों से अपील की है कि आरजेडी-कांग्रेस के नेता जिस गली, जिस शहर में जाएं, उनसे मां-बहन के अपमान का जवाब मांगें। हर मोहल्ले से आवाज आनी चाहिए- "मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, आरजेडी का अत्याचार नहीं सहेंगे, कांग्रेस का वार नहीं सहेंगे, मां का अपमान नहीं सहेंगे।"  

फोन कॉल विवाद: BJP MLA के संपर्क पर हाई कोर्ट जज ने केस से हटाया नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।

SC ने खारिज की जावेद की बेल रद्द करने की याचिका, जानें कन्हैया लाल केस में क्या हुआ

नई दिल्ली उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या के मामले एनआईए और कन्हैया के बेटे को सुप्रीम कोर्ट से मायूसी हाथ लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2022 के कन्हैया लाल मर्डर केस के एक आरोपी की जमानत के खिलाफ एनआईए और कन्हैया के बेटे की याचिकाओं को मंगलवार को खारिज कर दिया। याचिकाओं में जमानत रद्द किए जाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश में दखल से इनकार जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मोहम्मद जावेद को जमानत देने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से जावेद को जमानत देने के आदेश के खिलाफ एनआईए और कन्हैया लाल के बेटे यश तेली की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। इन तथ्यों पर किया गौर रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए इस तथ्य पर विचार किया कि अभियोजन पक्ष ने 170 से अधिक गवाहों में से केवल 8 से ही पूछताछ की है। अदालत ने यह भी देखा कि घटना के समय आरोपी जावेद किशोर था। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं का निपटारा करते हुए जावेद की जमानत बरकरार रखी। यश तेली की क्या दलील? यश तेली के वकील की दलील थी कि जावेद की भूमिका गंभीर है। उसने हमलावरों को बताया था कि कन्हैया उस समय कहां था। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता पर गहराई से विचार किए बिना ही फैसला दिया जो उचित नहीं था। हत्या देश भर में सांप्रदायिक रूप से उत्तेजित माहौल में की गई थी। सुनियोजित हत्या इस याचिका में दावा किया गया कि मुख्य अभियुक्त ने हत्या की साजिश रची, हथियार जुटाए, जगह की रेकी की और ठिकाने की जानकारी के लिए जावेद को लगाया। आरोपी ग्राहक बनकर कन्हैया लाल दर्जी की दुकान में घुसे। जब वह उनका नाप ले रहा था तो आरोपियों ने एक कैमरा लगा दिया साथ ही सांप्रदायिक नारे लगाए, मृतक पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। वीडियो बना जारी किया वहीं एनआईए ने अपनी दलील में कहा कि आरोपी जावेद, कन्हैया लाल की दुकान के पास एक दुकान में काम करता था। जावेद ने ही हमलावरों को जानकारी दी थी कि कन्हैया लाल कहां मिलेगा। इस घटना की जांच एनआईए कर रही है। आरोपी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने इस खौफनाक हत्याकांड का वीडियो बनाया और उसे ऑनलाइन साझा किया था। वीडियो पोस्ट कर ली थी जिम्मेदारी इस्लाम के खिलाफ नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट पर कन्हैया लाल की आरोपियों ने 28 जून, 2022 को उदयपुर के हाथीपोल इलाके में उसकी दुकान पर हत्या कर दी थी। 2022 की पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य अभियुक्त मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद कपड़े सिलवाने के बहाने लाल की दुकान में घुसे और चाकू से हमला कर उसका गला रेत दिया। आरोपियों ने वीडियो में जघन्य कृत्य की जिम्मेदारी भी ली थी। इसलिए की हत्या कन्हैया लाल दर्जी की दिनदहाड़े की गई हत्या, नारेबाजी और सोशल मीडिया में आरोपियों की ओर से वीडियो पोस्ट किए जाने की घटना से पूरा देश स्तब्ध था। आरोपियों ने निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में कथित पोस्ट करने पर कन्हैया लाल दर्जी की हत्या करने की बात कही थी। उदयपुर के इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस जघन्य कृत्य के खिलाफ पूरे देश में जन आक्रोश देखा गया था।  

जीआरडी गोरखपुर में गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण के साथ संग्रहालय बनवाएगा संस्कृति विभाग

4 सितंबर को सीएम योगी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे म्यूज़ियम का शिलान्यास गोरखपुर मां भारती की आन, बान व शान में सर्वस्व न्योछावर करने का जज्बा रखने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। इसके तहत प्रदेश का संस्कृति विभाग गोरखा रेजिमेंट के गोरखा भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर में स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सौंदर्यीकरण कराने के साथ यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) बनवाने जा रहा है। इसका शिलान्यास 4 सितंबर (गुरुवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के हाथों होने जा रहा है।  जनता पहली बार देख और जान सकेगी गोरखा रणबाकुरों की कहानी उल्लेखनीय है कि आम जनता के अवलोकनार्थ बनने वाला यह गोरखा रेजिमेंट का पहला संग्रहालय होगा। इस तरह देश विदेश में अपने शौर्य से खास पहचान बनाने वाले गोरखा रणबाकुरों की कहानी से आम लोग पहली बार रूबरू हो सकेंगे। उस तरह का यह देश का पहला संग्रहालय होगा। गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट 42 का चयन किया गया है। स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय के निर्माण पर 44 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके तहत संग्रहालय, टॉयलेट ब्लॉक, टिकट काउंटर, वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो, सेवन डी थिएटर, म्यूरल पेंटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी रहेंगी।  गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विख्यात हैं। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक भारतीय सेना में गोरखा जवानों ने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। गोरखा जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। देश के आजाद होने के बाद गोरखा सैनिकों ने युद्ध के साथ ही शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन किया है। वर्तमान समय में करीब 40000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।  सौ साल पुराना है गोरखा युद्ध स्मारक 1866 में स्थापित गोरखा भर्ती डिपो गोरखपुर, सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां अभी जो युद्ध स्मारक है उसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में 1925 में हुई थी। इस स्मारक में अब तक आठ ऐसे रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है जिन्होंने युद्धकाल में अपूर्व शौर्य का परिचय दिया और उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें पहले फील्ड मार्शल मानेकशॉ, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, कैप्टन4 मनोज पांडेय, अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस, लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त, मेजर मान बहादुर राय और नायक नर बहादुर की प्रतिमा स्थापित है।

स्कूल छुट्टियों का अपडेट: पंजाब में छुट्टियों का दौर जारी

पंजाब  पंजाब में लगातार हो रही तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ के कारम फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला गंभीर रूप से प्रभावित हैं। हालातों को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही 3 सितंबर तक स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां घोषित की थी। वहीं अब मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को देखते हुए छुट्टियों को और आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं राज्य में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की सरकारी छुट्टी, 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 7 सितंबर को रविवार होने के कारण पहले से ही अवकाश रहेगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा हैं कि छुट्टियां अगले हफ्ते तक खिंच सकती हैं। हालांकि इस बारे में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। 

इजरायल को लेकर ट्रंप की चिंता, बोले- गाजा में जीत तो मिल रही है पर नुकसान भारी

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल गाजा का युद्ध जीत रहा है। लेकिन उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रंप ने कहा कि पब्लिक रिलेशंस की दुनिया में इजरायल की लॉबी को काफी नुकसान पहुंचा है। डेली कॉलर के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में भी कांग्रेस का नियंत्रण कम होता जा रहा है। अगर आप 20 साल पहले जाएं तो कांग्रेस में इजरायल की लॉबी काफी मजबूत थी। गौरतलब है कि इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति का समर्थन हासिल है। हाल ही में नेतन्याहू ने कहा था कि वह हमास के साथ समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि नेतन्याहू के इस फैसले को ट्रंप का समर्थन हासिल है। सात अक्टूबर पर क्या बोले ट्रंप ने कहा कि एक समय था कि अगर किसी को पॉलिटिशियन बनना है तो उसे इजरायल के बारे में बोलने से बचना होता था। इसके साथ ही उन्होंने सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह एक विध्वंसक दिन था। उन्होंने जोर दिया कि इजरायल को इस युद्ध से उबरना होगा। यह जेरुसलम को नुकसान पहुंचा रहा है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल से उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है, यह देश बेहद शानदार है। मैंने इजरायल के लिए सबकुछ किया इस इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी दावा किया उन्होंने जितना कुछ इजरायल के लिए किया है, उतना किसी अन्य ने नहीं किया। उन्होंने ईरान के ऊपर हालिया बम गिराए जाने का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से हमने ईरान के ऊपर से वह जहाज उड़ाए, कोई और नहीं कर सकता। गौरतलब है कि ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने इजरायली परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। ब्रिटेन ने जताई थी नाराजगी इससे पहले ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने सोमवार को गाजा में पर्याप्त सहायता सामग्री नहीं पहुंचने देने पर इजराइल के प्रति आक्रोश जताया था। उन्होंने गाजा के लिए चिकित्सा सहायता हेतु 1.5 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त राशि की घोषणा की। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन के अधिकारी गंभीर रूप से बीमार और घायल बच्चों को गाजा से बाहर निकालकर ब्रिटेन के अस्पतालों में विशेष उपचार दिलाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है, यह 21वीं सदी में एक मानव-निर्मित आपदा है।  

गौरेला-पेंड्रा- मरवाही : स्वामित्व योजना के तहत 24 गांवों में ड्रोन सर्वे जारी

ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित गौरेला पेंड्रा मरवाही स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

महिलाओं के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार देगी 10 हजार रुपए का स्वरोजगार सहायता

पटना  राज्य मंत्रिमंडल ने “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत प्रदेश के सभी परिवारों की एक एक महिला को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए दस-दस हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराने के मद्देनजर ग्रामीण विकास विभाग की मांग पर 20 हजार करोड़ रूपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।  साथ ही, राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 3233 नए पदों के सृजन को भी मंत्रिमंडल की हरी झंडी मिल गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 48 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विगत स्वतंत्रता दिवस के मौके की गई घोषणा के अनुसार राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की बात कही थी। ये सात नए मेडिकल कॉलेज बिहार के किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा जिलों में स्थापित किये जाएंगे। इतना ही नहीं, राज्य मंत्रिमंडल ने विभिन्न खेलों से जुड़े श्रेष्ठ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्यस्तर पर उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर वेतनमान और पदों पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके अलावा सरकार ने युवाओं, महिलाओं, वृद्धों के साथ-साथ राज्य के सरकारी कर्मचारियों के हित में कई अन्य फैसले लिए हैं।   वहीं, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के सम्बंध में जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य में बड़े पैमाने पर महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग को कुल 20 हजार करोड़ रूपये की राशि आकस्मिक निधि से उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसकी स्वीकृति से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए शुरुआत में दस हजार रूपये की राशि दी जा रही है। इसके बाद इन महिलाओं के रोजगार का आकलन करने के बाद उन्हें दो लाख रूपये तक की राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। कुल 3233 नए पदों का सृजन चौधरी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में कुल 3233 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत नवस्वीकृत 40 आवासीय विद्यालयों में जमा-दो तक के नए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कुल 1800 पदों के सृजन को अपनी मंजूरी दी गई है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर जमा-दो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक पदों यथा प्रधानाध्यापक के 40, विद्यालय अध्यापक (कक्षा 11-12) के 760, कक्षा 6 से 10 तक के अध्यापक के 360, कक्षा 1-5 के लिए कुल 280 और गैर शैक्षणिक कुल 360 पदों अर्थात कुल 1800 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में कुल 237 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। चौधरी ने कहा कि इसी तरह कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत दो नए प्रशाखा यथा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा लेखा एवं बजट प्रशाखा का गठन कर कुल 25 नए पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। उधर, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राज्य से उद्भूत सर्वोच्च न्यायालय के सभी रिपोर्टेबुल फैसलों को राजभाषा में अनुवाद करने के लिए “सुवास सेल” में कुल 15 पदों का सृजन किया गया है। राज्य के 12 जिलों में स्थापित किये जा रहे कार्यालयों के लिए सहायक जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी के कुल 12 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। बिहार में गठित होगा मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो बिहार में मादक पदार्थों, स्वापक औषधियों, मन:प्रभावी पदार्थों और शराब से संबंधित अवैध गतिविधियों और कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तर्ज पर “मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो” के गठन के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस ब्यूरो के संचालन के लिए विभिन्न कोटि के कुल 88 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। अब गृह रक्षकों को मिलेगा 1,121 रूपये का दैनिक भत्ता बिहार गृह रक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों के दैनिक भत्ता में वृद्धि के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अपनी हरी झंडी दिखा दी है। अब तक गृह रक्षकों को कर्तव्य भत्ता व प्रशिक्षण भत्ता के रूप में प्रतिदिन 774 रुपए दिए जाते थे। जिसे बढ़ाकर अब 1,121 रूपये कर दिया गया है। जो राज्य के पुलिसकर्मियों के एक दिन के वेतन के सामान है। इसी तरह, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अनुश्रवण और लाभुकों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए संविदा नियुक्त ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, प्रखंड लेखापाल और लेखा सहायकों के मूल मानदेय में भी भारी वृद्धि की गई है।  

नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से नशीली दवाओं का अवैध व्यापार फल-फूल रहा  नशे के कारोबार में सरकारी अफसर की संलिप्तता! ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप दवाओं की आड़ में नशे का काला कारोबार, इंस्पेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल भोपाल राजधानी में दवा दुकानों पर अवैध तरीके से नशीली दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि यह सब ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्ट संगठन के पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, भोपाल जिले की करीब 80% मेडिकल दुकानें बिना फार्मासिस्ट के संचालित की जा रही हैं। नियमों के मुताबिक, प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर लाइसेंसधारी फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। बरखेड़ी जहाँगीराबाद में छापा 24 अगस्त को बरखेड़ी जांगीराबाद स्थित रवि साहू मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह दुकान कई सालों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। जानकारी में सामने आया कि मात्र तीन महीने पहले इसका लाइसेंस जारी किया गया है, जबकि लंबे समय से यह दुकान विभाग की मिलीभगत से अवैध रूप से चल रही थी। फार्मासिस्ट ने भी स्वीकार किया कि उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन किराए पर दिया गया है। देर रात तक बिकती नशीली दवाइयाँ राजधानी की कई मेडिकल दुकानें देर रात 3 से 4 बजे तक खुली रहती हैं और वहां नशीली दवाइयों की खुलेआम बिक्री होती है। ड्रग इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप भोपाल में लंबे समय से पदस्थ ड्रग इंस्पेक्टर तबस्सुम पर गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उनके क्षेत्र में न तो फार्मासिस्ट बैठते हैं और न ही नियमित निरीक्षण होता है। आरोप यह भी है कि वे मेडिकल संचालकों से सांठगांठ करके अवैध वसूली करती हैं। कार्रवाई की मांग मेडिकल कारोबारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा