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धमतरी में 25 साल की बड़ी उपलब्धि: 623 ग्राम और 3,265 बसाहटों में 100% पेयजल पहुंचा

 विशेष लेख : रजत जयंती वर्ष 2025 पर विशेष धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों में जिले के जल संसाधन एवं पेयजल आपूर्ति विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2001 की तुलना में 2025 तक ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर जहाँ पहले केवल तीन इकाइयाँ कार्यरत थीं, वहीं आज चार इकाइयाँ संचालित हो रही हैं। इनमें एक संभागीय कार्यालय, एक उप-संभागीय कार्यालय, एक जिला स्तरीय एवं दो ब्लॉक स्तरीय पेयजल परीक्षण प्रयोगशालाएँ सम्मिलित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की उपलब्धियाँ धमतरी जिले के सभी 623 ग्राम एवं 3,265 बसाहटों में अब शत-प्रतिशत पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्ष 2001 में केवल 2,769 ग्राम एवं बसाहटों तक ही पेयजल सुविधा पहुँच पाई थी, जबकि आज सभी 3,265 बसाहटें कवर हो चुकी हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि जिले ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का मानक भी पूरा कर लिया है। वर्ष 2001 में यह सुविधा मात्र 2,622 बसाहटों तक सीमित थी, लेकिन आज सभी 3,265 बसाहटें इस मानक के अंतर्गत आ चुकी हैं। जिले में हैंडपंप स्थापना में भी बड़ी प्रगति हुई है। वर्ष 2001 में जहाँ केवल 3,451 हैंडपंप उपलब्ध थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 10,168 हो गई है। हर घर नल कनेक्शन (FHTC) योजना के अंतर्गत अब तक 1,53,514 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्ष 2001 में मात्र 27 ग्रामों में ही नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत थीं। अब यह संख्या बढ़कर 623 ग्रामों तक पहुँच गई है, जिनमें से 418 ग्रामों में पाइप लाइन आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूरी तरह लागू हो चुकी हैं। इन सभी ग्रामों में ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली भी स्थापित की गई है। जल संकटग्रस्त एवं खारे पानी प्रभावित ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत बहु-ग्राम योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इस क्रम में धमतरी जिले में स्वीकृत दो बहु-ग्राम योजनाओं से नगरी के वनांचल क्षेत्र के 76 ग्रामों के निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। समूह जल प्रदाय योजना संकरा के अंतर्गत उपचारित पानी गाँवों में पहुँचाया जाएगा। इसके लिए 3.5 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र 80% तक पूर्ण हो चुका है। 180 केएल क्षमता का संपवेल निर्मित हो गया है तथा 330 केएल क्षमता का 28 स्टेज एमबीआर निर्माणाधीन है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। यह परियोजना नगरी वनांचल क्षेत्र को पेयजल संकट से मुक्त करने में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। नई तकनीकों को अपनाते हुए जिले में अब तक 182 सोलर डुअल पंप, 370 सौर आधारित मिनी जल प्रदाय योजनाएँ तथा 1,364 सिंगल फेज पावर पंप स्थापित किए गए हैं। पारदर्शिता एवं जल स्रोतों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 1,477 जल स्रोतों का जियो-टैगिंग किया गया है। नगरीय क्षेत्रों की उपलब्धियाँ नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। धमतरी नगर निगम क्षेत्र में संपूर्ण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी पाँच नगर परिषदों में नल आधारित जल प्रदाय योजनाएँ पूर्ण रूप से लागू हो चुकी हैं। पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले की पेयजल व्यवस्था में हुई प्रगति सुदृढ़ प्रशासन, समर्पित विभागीय अधिकारियों तथा सक्रिय जनभागीदारी का परिणाम है। वर्ष 2001 की सीमित सुविधाओं से लेकर आज की शत-प्रतिशत कवरेज तक, जिला न केवल हर घर तक पेयजल पहुँचा रहा है बल्कि आधुनिक तकनीकों और सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से सतत एवं सुरक्षित जल आपूर्ति की दिशा में भी अग्रसर है।   विशेष लेख : शशिरत्न पराशर, उप संचालक

अवमानना केस: MP हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर व तहसीलदारों को किया तलब

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी भोपाल कलेक्टर को महंगी पड़ी है। हाईकोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाई है और इसे कोर्ट का अवमानना माना है। साथ भी भोपाल कलेक्टर और दो तहसीलदार को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होने को कहा है। यह पूरा मामला कोलार क्षेत्र की जमीन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने जारी किया था जमानती वारंट कोर्ट ने पहले 12 अगस्त को इनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। वहीं, सोमवार को भोपाल कलेक्टर ने तहसीलदारों को कोर्ट से जुड़े जमीन के मामलों में लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी मामले में अवमानना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तहसीलदारों की होगी। कलेक्टर को हाईकोर्ट ने किया तलब पूरा मामला कोलार क्षेत्र में जमीन से जुड़ा है। इस मामले में एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और दो तहसीलदारों को तलब किया है। उन्हें मंगलवार सुबह कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है। यह मामला अदालत की अवमानना से जुड़ा है। कोर्ट से जुड़े मामलों में ध्यान देने के निर्देश गौरतलब है कि सोमवार को भोपाल में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने तहसीलदारों की एक मीटिंग ली। इस मीटिंग में उन्होंने तहसीलदारों को खूब डांटा। उन्होंने कहा कि कोर्ट से जुड़े जमीन के मामलों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तहसीलदारों को चेतावनी दी कि अगर किसी भी मामले में कोर्ट की अवमानना होती है, तो वे ही जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने अफसरों को यह भी कहा कि जमीन से जुड़े मामलों को समय पर निपटाना चाहिए। अब देखना होगा कि कलेक्टर की बातों पर तहसीलदार कितना अमल करते हैं।

भारत दौरे से बाहर हुए पैट कमिंस, ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जो टीम के शीर्ष तेज गेंदबाज और टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस से जुड़ी है। पैट कमिंस चोट के कारण भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली महत्वपूर्ण सीमित ओवरों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि कमिंस पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं और उन्हें रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह फैसला इस साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ घर पर होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए लिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पैट कमिंस के वर्कलोड मैनेजमेंट और उनकी फिटनेस को प्राथमिकता दी जा रही है। बोर्ड के बयान के अनुसार, "पैट कमिंस को भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना जाएगा और वह इस बीच अपने रिहैबिलिटेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।" बोर्ड का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कमिंस एक गेंदबाज और कप्तान के तौर पर एशेज सीरीज के लिए पूरी तरह फिट रहें। 21 नवंबर से एशेज की शुरुआत होनी है। कमिंस की गैरमौजूदगी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह न केवल गेंदबाजी आक्रमण की अगुआ हैं, बल्कि एक कप्तान के तौर पर भी टीम को मजबूती प्रदान करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का आने वाला कैलेंडर काफी व्यस्त है, क्योंकि टीम को सबसे पहले 1 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है और इसके बाद भारत की मेजबानी करनी है। 3 टी20 और 3 वनडे मैच इस सीरीज में खेले जाने हैं। ये दोनों सीरीज टी20 विश्व कप 2026 की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम हैं। टीम के संतुलन पर पड़ेगा असर पैट कमिंस का टीम में न होना टीम के संतुलन को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा। उनकी आक्रामक गेंदबाजी और कप्तानी कौशल की कमी टीम को निश्चित तौर पर खलेगी। अब देखना यह होगा कि उनकी अनुपस्थिति में टीम की कमान किसे सौंपी जाती है और कौन सा युवा गेंदबाज उनकी जगह लेता है। मिचेल मार्श अभी तक कप्तानी कर रहे थे, क्या वही आगे भी वनडे टीम की कमान संभालेंगे या फिर किसी अन्य खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा।  

रायपुर: प्रदेश में अब तक औसत 891.7 मि.मी. वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 891.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1292.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 432.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 756.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.9 मि.मी., गरियाबंद में 747.1 मि.मी., महासमुंद में 651.2 मि.मी. और धमतरी में 797.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 843.2 मि.मी., मुंगेली में 829.7 मि.मी., रायगढ़ में 1055.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 721.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1038.6 मि.मी., सक्ती में 920.4 मि.मी., कोरबा में 851.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 851.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 627.5 मि.मी., राजनांदगांव में 798.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1143.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 666.9 मि.मी. और बालोद में 977.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 633.1 मि.मी., सूरजपुर में 965.0 मि.मी., बलरामपुर जिले में 1277.8 मि.मी., जशपुर में 871.3 मि.मी., कोरिया में 984.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 894.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 837.9 मि.मी., कांकेर में 1047.0 मि.मी., नारायणपुर में 1135.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1243.6 मि.मी., सुकमा में 988.8 मि.मी. और बीजापुर में 1211.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

सभी प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे और शहर के यातायात तंत्र में बड़ा बदलाव दिखाई देगाः कलेक्टर अबिनाश मिश्रा

धमतरी शहरवासियों को शीघ्र ही आवागमन की और अधिक सुगम सुविधाएँ  सभी प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे और शहर के यातायात तंत्र में बड़ा बदलाव दिखाई देगाः कलेक्टर अबिनाश मिश्रा धमतरी धमतरी शहरवासियों को शीघ्र ही आवागमन की और अधिक सुगम सुविधाएँ मिलने जा रही हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग को शहर के लिए नवीन सड़क निर्माण का नक्शा और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में विभाग द्वारा 12 विभिन्न मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। जिनकी कुल लंबाई 23 किलोमीटर होगी ।   इस स्वीकृति के तहत शहर के मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों और बस्तियों को जोड़ने वाले आंतरिक मार्गों तक सड़क निर्माण का कार्य होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में अमलतास कॉलोनी से पॉलीटेक्निक कॉलेज कलेक्टोरेट मार्ग, श्यामतराई से भटगांव मार्ग, रूद्रेश्वर मंदिर से नहर किनारे के मार्ग, रूद्री बैराज से राज्य मार्ग तक तथा रूद्रेश्वर मंदिर से करैथा गाँव होते हुए राज्य मार्ग तक बी.टी. सड़क का निर्माण शामिल है।   प्रस्ताव में सी.सी. सड़क निर्माण कार्यों में भी शहर को बड़ी सौगात मिली है। इसके अंतर्गत बेंद्रानवागांव चौक से नहर तक पुलिस ग्राउंड मार्ग, डाक बंगला मुक्तिधाम से पंचवटी कॉलोनी मार्ग, दानीटोला स्कूल चौक से कन्या महाविद्यालय होते हुए शीतकुंड मार्ग, कन्या महाविद्यालय से दुलारी नागरा स्ट्रीट, जलविहार कॉलोनी की विभिन्न गलियों तथा जोधपुर गौठान से पंचवटी कॉलेज मार्ग को शामिल किया गया है।   कलेक्टर मिश्रा ने प्रस्तावित नक्शे का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को सुगम व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।   उन्होंने यह भी कहा कि धमतरी शहर तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा। शहर की आंतरिक गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक निर्माण कार्य होने से व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच आसान होगी।   ’कलेक्टर  मिश्रा ने नागरिकों से पहले से ही अपील की कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा होने पर सहयोग दें ताकि कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सके। शासन और प्रशासन की प्राथमिकता है कि सड़कें टिकाऊ, मजबूत और दीर्घकालिक हों, जिससे आने वाले वर्षों तक शहरवासी लाभान्वित हो सकें।   प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर लगभग सभी प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे और शहर के यातायात तंत्र में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। यह कदम न केवल शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर की ओर भी अग्रसर करेगा।

2500 पन्नों की चार्जशीट के बाद आज आएगा यूट्यूबर ज्योति की जमानत पर फैसला

हिसार पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने कोर्ट में डिफॉल्ट बेल के लिए याचिका लगाई है। डिफॉल्ट बेल पर गत सोमवार को सुनवाई हुई। ज्योति के वकील ने बेल दिए जाने की मांग की। वहीं हिसार पुलिस ने 2 केसों का हवाला देकर ज्योति की बेल का विरोध किया। इस मामले पर आज फिर सुनवाई होगी। कोर्ट डिफॉल्ट बेल पर अपना फैसला सुनाएगी। पुलिस ने सीबीआई वर्सेज कपिल वधावन और दिल्ली हाईकोर्ट का इरफान वर्सेज स्टेट मामलों को कोर्ट में रखकर कहा कि इन केसों में भी डिफॉल्ट बेल नहीं दी गई थी। इस पर ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि यह केस इन केसों से अलग है और इसमें तो पुलिस ने खुद माना है कि उनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस पर कल फैसला देंगे।   बता दें कि इससे पहले ज्योति की 25 अगस्त को कोर्ट में पेशी हुई थी और उन्हें चालान रिपोर्ट दी जानी थी, लेकिन पुलिस ने तीन बार एप्लिकेशन लगाकर चार्जशीट देने का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने एप्लिकेशन पर वकील से जवाब मांगा और वकील ने डिफॉल्ट बेल लगाई, यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस ने जांच पूरी किए बिना चार्जशीट दायर की। गौरतलब है कि 90 दिन की जांच के बाद पुलिस ने 14 अगस्त को 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ज्योति लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों और एजेंटों के संपर्क में थी। वह भारत की संवेदनशील जगहों के वीडियो बनाकर उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों को शेयर करती रही। उसे 15 मई को हिसार पुलिस ने घर से गिरफ्तार किया था।   सिविल लाइन थाने में ज्योति पर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि ज्योति लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों व एजेंटों के संपर्क में थी। ज्योति ने भारत में संवेदनशील जगहों के न केवल वीडियो बनाए बल्कि उनको पाक एजेंटों को शेयर भी किया। अभी तक की पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ज्योति पाकिस्तान में ही शादी करके घर बसाना चाहती थी। ज्योति ने पाकिस्तानी एंजेटों के समक्ष शादी करने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि पाक आर्मी अफसर दानिश के साथ उसके रिलेशन किस तरह के थे, इस पर किसी तरह की कोई बात सामने नहीं आई है।   ज्योति पर आरोप है कि वह घूमने के बहाने बॉर्डर एरिया में जाकर वीडियो शूट करती थी। इसके बाद वह इन वीडियो को पाक एजेंटो को भेज देती थी। ज्योति ने कश्मीर डैम और राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के वीडियो बनाकर पाक एजेंटों तक पहुंचाए। पाक एजेंटों से नंबर शेयर कर ज्योति ने इंडियन ट्रैवल एडवाइजरी का भी उल्लंघन किया है। पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है।

रतलाम मंडल से गुजरने वाली आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें निरस्त, जम्मू जाने वाले यात्री सावधान

रतलाम यदि आप रतलाम रेल मंडल से होकर जम्मू और कटरा जाने वाले हैं या इसका प्लान कर रहे हैं तो पहले आप अपनी ट्रेन का स्टेटस चेक कर लें. क्योंकि इस रूट की कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. इससे कुछ अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हो रही हैं. इसलिए घर से निकलने के पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जान लें. बता दें कि उत्तर भारत में हो रही लगातार बारिश की वजह से जम्‍मू मंडल के कठुआ-माधोपुर रेल खंड में ट्रैफिक सस्पेंड है. जिसके कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. जिसमें 7 ट्रेनों को निरस्त रखा गया है. वहीं, 2 यात्री गाड़ियों को शॉर्ट टर्मिनेट और ओरिजिनेट किया गया है. ये ट्रेनें रहेंगी निरस्त     दिनांक 4 एवं 5 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 12471 बान्‍द्रा टर्मिनस श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 2, 3 एवं 5 सितम्‍बर को चलने वाली गाड़ी संख्‍या 12472 श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा बान्‍द्रा टर्मिनल एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 4 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 12474 श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा गांधीधाम एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 2 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 12475 हापा श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 3 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 12477 जामनगर श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 8, 15, 22 एवं 29 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 22941 इंदौर शहीद कैप्‍टन तुषार महाजन उधमपुर एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी.     दिनांक 3, 10, 17 एवं 24 सितम्‍बर को गाड़ी संख्‍या 22942 शहीद कैप्‍टन तुषार महाजन इंदौर उधमपुर एक्‍सप्रेस निरस्त रहेगी. ये ट्रेनें भी होगी प्रभावित दिनांक 02 से 19 सितम्‍बर तक डॉ. अम्‍बेडकर नगर से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 12919 डॉ. अम्‍बेडकर नगर श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा एक्‍सप्रेस, अंबाला रेलवे स्‍टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी और अंबाला से श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा तक निरस्‍त रहेगी. दिनांक 03 से 20 सितम्‍बर, 2025 तक श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 12920 श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा डॉ. अम्‍बेडकर नगर एक्‍सप्रेस, अंबाला रेलवे स्‍टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी यानी श्रीमाता वैष्‍णोदेवी कटरा स्टेशन से अंबाला तक निरस्त रहेगी. रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि "जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर रेलखंड में ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण इन ट्रेनों को निरस्त या प्रभावित किया गया है." इन ट्रेनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यात्री अधिकृत वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर देख सकते हैं.

छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला, CM योगी ने तुरंत लिया एक्शन

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। अब तक की बड़ी कार्रवाई CO हर्षित चौहान सस्पेंड कर दिए गए हैं। नगर कोतवाली इंस्पेक्टर और गदिया चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। IG अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। अयोध्या मंडलायुक्त को रामस्वरूप यूनिवर्सिटी की डिग्री वैधता की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। क्या हुआ था बाराबंकी में? बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की मान्यता रद्द हो चुकी थी, लेकिन फिर भी वहां एडमिशन जारी थे। इसको लेकर छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हो गई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए। राजनीतिक असर और सरकार की सख्ती छात्रों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखी गई। सरकार के एक मंत्री खुद घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की। वहीं योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों पर अत्याचार या पुलिस की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महाआर्यमन सिंधिया बने MPCA अध्यक्ष, पदभार ग्रहण से पहले किया गणेश पूजन

इंदौर  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह एमपीसीए का चेयरमेन चुने जाने से पहले अपने बेटे महाआर्यमन सिंधिया को लेकर मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित देश के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंचे। प्राचीन खजराना गणेश मंदिर में ज्योतिराज सिंधिया और महाआर्यमन ने भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया। मंदिर के पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजा कराई। ईपको बता दें कि आज मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की एजीएम में अध्यक्ष पद के लिए महा आर्यमन सिंधिया के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष पद की घोषणा के बाद प्रेस कांफ्रेंस भी कर ली गई है। इसी पद पर निर्विरोध चुने गए महाआर्यमन घोषणा से पहले अपने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ खजराना गणेश के दर्शन करने पहुंचे थे। 'शुभ कार्य से पहले प्रभु का आशीर्वाद लेना हमारी परंपरा' इंदौर में खजराना गणेश के दर्शन करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, '' ॐ सिद्धिविनायकाय नमः आज इंदौर प्रवास का शुभारम्भ खजराना गणेश मंदिर में सिद्धिविनायक प्रभु के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ किया. हर शुभ कार्य से पूर्व प्रभु का आशीर्वाद लेना न केवल हमारी परंपरा, बल्कि मेरी पारिवारिक विरासत और व्यक्तिगत आस्था का भी अभिन्न हिस्सा है. विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता भगवान श्री गणेश जी से राष्ट्र और प्रदेश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की.'' बेटे को शॉल पहनाकर सिंधिया ने किया स्वागत दरअसल, ये शुभकार्य था महा आर्यमन का मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना जाना. सिंधिया उन्हीं के लिए खजराना गणेश की शरण में पहुंचे थे और प्रभु से मंगलकामना की. महाआर्यमन ने भी साथ किया पूजन खजराना गणेश मंदिर में पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ महाआर्यमन भी पूजन करते नजर आए. पिता पुत्र ने खजराना गणेश के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उनके साथ मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट भी नजर आए. MPCA के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष बता दें कि भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया को निर्विरोध मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) का अध्यक्ष चुन लिया गया है. इसके साथ ही वे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सबसे युवा अध्यक्ष बनने वाले व्यक्ति बन गए हैं. ग्वालियर राजघराने के महाआर्यमन सिंधिया की उम्र 29 वर्ष है. खजराना मंदिर के बाद पहुंचे होल्कर स्टेडियम खजराना गणेश मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजन करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया व महाआर्यम सीधे होल्कर स्टेडियम पहुंचे. होल्कर स्टेडियम में आयोजित मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की बैठक में महाआर्यमन को पदभार ग्रहण कराया गया. इसके साथ ही यहां नई मैनेजिंग कमेटी की घोषणा होगी. बेटे को शॉल पहनाकर सिंधिया ने किया स्वागत मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की बैठक में वो पल भी आया जिसे देख महाआर्यमन भावुक भी हो गए. दरअसल, महाआर्यमन द्वारा अध्यक्ष पद ग्रहण करने के दौरान पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें शॉल पहनाकर स्वागत व सम्मान किया. साथ ही एमपीसीए में उज्जल भविष्य के लिए आशीर्वाद भी दिया.

घोड़ा मालिक और हैदराबाद कंपनी के खिलाफ FIR, जबलपुर में 19 घोड़ों की मौत

जबलपुर : एमपी के जबलपुर में हैदराबाद से आए विभिन्न नस्लों के घोड़ों की मौत का मामला अब पुलिस थाने पहुंच गया है। बीते 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की मौत के बाद मरने वाले घोड़ों की कुल संख्या 19 पर पहुंच गई है। पशु पालन विभाग ने आखिर 4 महीने बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई हैं। जबलपुर के रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में हैदराबाद से चार महीने पहले 57 एलीट घोड़ों को व्यावसायिक उपयोग के लिए लाया गया था। इनमें से अभी तक कुल 19 घोड़ों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो चुकी है। हालांकि पूर्व में जब घोड़ों की मौतों पर हो—हल्ला मचा था उस समय जांच में एक घोड़े में ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण पाए गए थे। अब फिर से आधा दर्जन घोड़ों की मौत से पशु पालन विभाग सहित प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में रैपुरा फॉर्म संचालक और हैदराबाद की हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहले जारी की थी प्रेस रिलीज 23 मई को कलेक्टर ने प्रेस रिलीज जारी की थी और इसमें लिखा था कि 29 अप्रैल से 3 मई के बीच तिवारी घोड़े लेकर जबलपुर आए। उन्होंने ही इलाज के लिए आवेदन दिया। इसके बाद इलाज शुरू हुआ और ब्लड सैंपल हिसार लैब भेजे गए। उस समय 44 घोड़े स्वस्थ बनाए गए, जबकि 9 की रिपोर्ट आना बाकी थी। प्रेस रिलीज में मेनका गांधी के निर्देशों का भी जिक्र था। क्यों पलटा प्रशासन 5 मई से 31 अगस्त तक प्रशासन और वेटरनरी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन 1 सितम्बर को एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसमें कहा गया कि घोड़े जबलपुर लाने या रखने की अनुमति प्रशासन या ग्राम पंचायत से नहीं ली गई। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, माना जा रहा है कि इसी वजह से चार महीने बाद कार्रवाई हुई। हरियाणा स्थित अनुसंधान केंद्र भेजे थे सैंपल पूर्व में जब एक महीने में 13 घोड़ों की मौत हुई थी उस समय बीमारी का पता लगाने के लिए घोड़ों के ब्लड सीरम सैंपल हरियाणा के हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र भेजे गए थे। अनुसंधान केन्द्र से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ एक घोड़े में ग्लैंडस के संभावित लक्षण पाए गए थे। घोड़े के स्वास्थ्य में सुधार होने के कारण जांच के लिए दोबारा सैंपल लैब में नहीं भेजे गए थे। रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई थी गौरतलब है कि हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी हैदराबाद से 29 अप्रैल से 3 मई के बीच 57 विभिन्न नस्लों के घोड़े को जबलपुर लाकर पनागर के रैपुरा ग्राम में रखा गया था। घोड़ों की तबीयत खराब होने के कारण केयरटेकर सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूचित किया था। घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी की सम्भावना तथा जूनोटिक रोगों की निगरानी व निदान के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत जिला कलेक्टर ने रैपिड रिस्पांस टीम गठित करने के आदेश जारी किए थे। हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका एनिमल लवर्स सिमरन इस्सर और अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अब तक प्रशासन, वेटरनरी विभाग, राज्य सरकार और आरोपी पक्ष की ओर से करीब 1600 पेज का जवाब कोर्ट में दिया गया है। अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी। 5 मई को सड़क के रास्ते लाए गए थे 57 घोड़े हैदराबाद से थोरो, काठियावाड़ी और मारवाड़ी प्रजाति के 57 घोड़े सड़क के रास्ते 5 मई को जबलपुर लाए गए थे। सभी को रैपुरा गांव में रखा गया। इनकी देखरेख के लिए स्टड फॉर्म मालिक सचिन तिवारी ने कुछ डॉक्टर और सेवक भी रखे। लेकिन 7 मई से 13 मई के बीच इनमें से 8 घोड़ों की मौत हो गई। उसके बाद एक-एक कर 5 और घोड़े मरे और एक और की मौत के साथ आंकड़ा 14 पहुंच गया। दो सप्ताह पहले तक बचे घोड़ों की संख्या 44 थी, लेकिन अब फिर 6 घोड़ों की जान चली गई और संख्या घटकर 38 रह गई है। 20 दिन में आधा दर्जन घोड़ों की फिर मौत रैपुरा ग्राम स्थित ठाकुर फार्म में रखे गए घोड़ों में से विगत 20 दिनों में आधा दर्जन घोड़ों की मौत हो गई थी। अभी तक 57 में से 19 घोड़ों की मौत हो चुकी है। घोड़े के केयर टेकर सचिन तिवारी ने पशुपालन विभाग की टीम को बताया गया था कि घोड़ों की मौत का कारण परिवहन के तनाव से हुई थी। घोड़ों की मौत को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग ने पनागर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। केयर टेकर और कंपनी के खिलाफ FIR पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने मीडिया केा बताया है कि पशुपालन विभाग की शिकायत पर घोड़ों के केयर टेकर सचिन तिवारी, हेथा नेट इंडिया प्राइवेट कम्पनी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घोड़ों की मेडिकल जांच तथा डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उनका पुनर्वास पर निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।