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धरती का कहर! सूडान में भूस्खलन से गांव तबाह, 1000 लोगों की जान गई

  खारर्तूम  पश्चिमी सूडान के Marra Mountains इलाके में भीषण भूस्खलन ने एक पूरे गांव को तबाह कर दिया. इस हादसे में कम से कम 1,000 लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक व्यक्ति जिंदा बचा है. यह जानकारी सोमवार को सूडान लिबरेशन मूवमेंट/आर्मी ने एक बयान में दी है. सूडानी मूवमेंट ने का नेतृत्व अब्दुलवाहिद मोहम्मद नूर कर रहे हैं और उन्होंने बताया कि कि यह हादसा 31 अगस्त को हुआ. क्षेत्र में लगातार कई दिनों से भारी बारिश हो रही थी, जिसके बाद यह भूस्खलन आया. मूवमेंट की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि गांव अब पूरी तरह से जमीनदोज हो चुका है. संगठन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों से अपील की है कि वे मृतकों के शवों को निकालने और प्रभावित परिवारों को सहायता देने के लिए तुरंत कदम उठाएं. संगठन ने यह भी कहा कि मारे गए लोगों में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. वैश्विक समुदाय से मदद की अपील दारफुर क्षेत्र में स्थित इस क्षेत्र पर नियंत्रण रखने वाले इस आंदोलन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियों से पीड़ितों के शवों को बरामद करने में मदद की अपील की है। मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उत्तरी दारफुर राज्य में सूडानी सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच चल रहे युद्ध से भागकर निवासियों ने मार्रा पर्वतीय क्षेत्र में शरण ली है। यहां भोजन और दवाइयां ना होने से लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। सूडान में बीते दो साल से चल रहे गृहयुद्ध के कारण आधी से ज्यादा आबादी भुखमरी के संकट से जूझ रही है। इसके चलते लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल-फशीर पर भी लगातार गोलाबारी हो रही है। सूडान में दो साल से जारी है गृहयुद्ध यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब सूडान पहले से ही गंभीर संकट का सामना कर रहा है. सूडानी सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के बीच पिछले दो साल से जारी गृहयुद्ध ने देश की स्थिति और बिगाड़ दी है. गृहयुद्ध से बचने के लिए उत्तर दारफुर राज्य से बड़ी संख्या में लोग Marra Mountains में शरण लेने पहुंचे थे. हालांकि, यहां खाद्य सामग्री और दवाइयों की भारी कमी है. सूडान में आधे से ज्यादा लोग भुखमरी की चपेट में गृहयुद्ध ने सूडान की आबादी पर गहरा असर डाला है. आधे से ज्यादा लोग भुखमरी के संकट का सामना कर रहे हैं और लाखों लोग अपने घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं. उत्तर दारफुर की राजधानी अल-फाशिर भी लगातार हमलों की चपेट में है. SLM/A ने कहा कि भूस्खलन की यह त्रासदी देश की मौजूदा मानवीय स्थिति को और भयावह बना रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.

सपा नेता गुलशन यादव पर बड़ी कार्रवाई, ₹1 लाख का इनाम घोषित

प्रतापगढ़ यूपी के प्रतापगढ़ के सपा नेता गुलशन यादव पर एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. यह कार्रवाई एसपी डॉ. अनिल कुमार की सिफारिश पर हुई है. गुलशन यादव पर कुल 53 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. ये मुकदमे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. गुलशन पिछले एक साल से फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.  करोड़ों की संपत्ति हुई कुर्क गुलशन यादव पर इनाम घोषित होने से पहले ही पुलिस उनकी कई संपत्तियां कुर्क कर चुकी है. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक गुलशन यादव की 7 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. ये कार्रवाई उनकी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने के तहत की गई है.  गौरतलब है कि कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद से ही गुलशन यादव लगातार सुर्खियों में रहे हैं. चुनाव में उन्हें राजा भैया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इस दौरान दोनों ओर से सियासी वार-पलटवार हुए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था.  53 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे सपा के कार्यवाहक ज़िलाध्यक्ष गुलशन यादव के खिलाफ 53 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इन मुकदमों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन आरोप शामिल हैं. ये सभी मुकदमे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के थानों में दर्ज हैं. एक साल से ज्यादा समय से फरार चल रहे गुलशन यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. 

रायपुर : किसानों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल : इस माह मिलेगा 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा। मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है। प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश के किसानों को इस माह बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार ने सितंबर माह के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें 58,100 मीट्रिक टन स्वदेशी और 2,700 मीट्रिक टन आयातित यूरिया शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में यूरिया की आपूर्ति लगभग 100 प्रतिशत स्वदेशी कंपनियों के माध्यम से होती है। इसलिए इस माह किसानों को यूरिया की कोई कमी नहीं होगी। कंपनी प्रतिनिधियों से चर्चा के उपरांत यह जानकारी दी गई कि सितंबर माह के कुल स्वदेशी आबंटन का लगभग 30 से 35 प्रतिशत अर्थात् करीब 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्रथम सप्ताह में उपलब्ध हो जाएगा। इसके अतिरिक्त आगामी 15 दिनों में लगभग 60 प्रतिशत यानी 35 हजार मीट्रिक टन तथा शेष मात्रा भी माह के अंत तक आपूर्ति कर दी जाएगी। राज्य सरकार ने सभी कंपनियों को समयबद्ध रेकवार आपूर्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने और किसानों की मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 10 से 12 दिनों में मांग के अनुरूप आपूर्ति कर ली जाएगी और प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की सुविधा के लिए भारत सरकार के इस सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर उपलब्ध यूरिया से खरीफ फसलें सुरक्षित रहेंगी और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी। इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

तत्पर प्रशासन, राहत का सहारा! बाढ़ प्रभावितों को मिला जरूरी राशन

रायपुर दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया। इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो श्रीमती सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं। सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए श्रीमती सोमड़ी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया। इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं। सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत, सीएम मान ने घोषित की लाखों की आर्थिक सहायता

होशियारपुर  पिछले कुछ दिनों से होशियारपुर में हो रही भारी बारिश के कारण हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और 7 लोगों की जान चली गई है। छत गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग लगातार बारिश के कारण आए बाढ़ के पानी में डूब गए। इस त्रासदी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। 7 शोक संतप्त परिवारों में कुल 28 लाख वितरित किए जाएंगे। होशियारपुर के सांसद डा. राज कुमार चब्बेवाल ने नौगराईं गांव के मृतक सुरमू मोहम्मद के परिवार को व्यक्तिगत रूप से 4 लाख का मुआवजा चैक सौंपा। वह बाढ़ के पानी में बह गए थे और उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर डा. राज कुमार ने गहरी संवेदना व्यक्त की और संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े रहने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है और बारिश व बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए शीघ्र सहायता और पुनर्वास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा, "प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और पीड़ितों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। डा. राज ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि वह 24×7 फ़ोन पर उपलब्ध हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करके स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने ख़तरनाक और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर उनके लिए बनाए गए सुरक्षित आश्रय गृहों में जाने का आग्रह किया और लोगों को सलाह दी कि वे बाढ़ग्रस्त चो या पुलों का उपयोग करके अपनी जान जोखिम में न डालें। हाल ही में हुई बारिश ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी हैं। 

मार्केट में वापसी! रिलायंस ने दिलाई रफ्तार, सेंसेक्स 300 अंक उछला

मुंबई  शेयर बाजार में तेजी लगातार दूसरे दिन जारी है, मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी मंगलवार को भी ग्रीन जोन में ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 80500 के पार ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद के मुकाबले उछाल के साथ कारोबार की शुरुआत करता नजर आया. इस बीच काफी दिनों से सुस्त पड़े देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में ओपनिंग के साथ ही जोरदार तेजी देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी जारी बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,364.49 की तुलना में 80,520.09 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 8057.94 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. इसके साथ ही एनएसई का निफ्टी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,625.05 के मुकाबले मामूली उछाल के साथ 24,653 पर खुला और फिर इसके बाद ये तेज रफ्तार पकड़ते हुए नजर आया और 24,685.85 पर ट्रेड करने लगा.  सुस्ती से जागा रिलायंस का शेयर  शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने के साथ ही कई दिनों से गिरावट झेल रहा मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर मंगलवार को ओपनिंग के साथ ही रफ्तार पकड़ता हुआ नजर आया. ये अंबानी स्टॉक 2.05% की उछाल के साथ 1381 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. शेयर में लौटी तेजी के चलते रिलायंस का मार्केट कैपिटल भी उछलकर एक बार फिर 19 लाख करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा.  इसके अलावा लार्जकैप कंपनियों में शामिल एटरनल शेयर (1.74%), एनटीपीसी शेयर (1.36%), पावर ग्रिड शेयर (1.35%), एचयूएल शेयर (1.20%) की तेजी लेकर कारोबार करता दिखा.  मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर नजर  लार्जकैप स्टॉक्स के अलावा अगर नजर डालें, मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों के शेयरों पर, तो सन टीवी शेयर (6.54%), फोनिक्स शेयर (4.47%), जेएसडब्ल्यू इंफ्रा शेयर (2.18%) और ओलेक्ट्रा शेयर (2.10%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा पीएसबी, एमआईएसीएल, सेंट्रल बैंक, गोदरेज प्रॉपर्टी के शेयर भी ग्रीन जोन में बने हुए थे.  वहीं स्मॉलकैप में रेणुका इंडस्ट्री का शेयर 12.20 फीसदी की जोरदार तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा शुगर कंपनियों के स्टॉक्स में भी तेजी देखने को मिली. इनमें शामिल धर्मपुर शुगर जहां 11.59%, अवध शुगर में 8.92%, तो वहीं उत्तम शुगर 8.83% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मोबीक्विक शेयर (9.59%), आईटीआई शेयर (8.30%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. 

इन रूटों पर दौड़ेंगी नई मिनी बसें, नोएडा-ग्रेनो के यात्रियों को बड़ी राहत

नोएडा  उत्तर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब जल्द ही मिनी बसें दौड़ती नजर आएंगी. नोएडा शहर को इसी महीने 10 मिनी बसें मिलने वाली हैं. ये मिनी बसें शहर के 10 रूटों पर चलेंगी. ये बसें जिन रूटों पर चलेंगी उनका निर्धारण किया जा चुका है. इन 10 मिनी बसों के चलने से शहर और गांवों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी. उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसी महीने में ही 10 मिनी बसें निगम को मिलने जा रही हैं. शहर में कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के मकसद के साथ ये मिनी बसें लाई जा रही हैं, ताकि लास्ट माइल तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके. इन 10 मिनी बसों के चलने से जिले की करीब दो करोड़ की आबादी को फायदा मिलेगा. मिनी बसों के लिए रूटों का निर्धारण किया जा चुका है. इन रूटों पर चलेंगी मिनी बसें ये 10 मिनी बसें नोएडा-ग्रेटर नोएडा-रुबुरपूरा-झांझर-रन्हैरा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-जेवर कट-जहांगीरपुर-लौदाना, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-बिलासपुर-दनकौर-झाझर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-झुप्पा, नोएडा-परिचौक-रबुपुरा-तिर्थली-कौली-गोविंदगढ़-कोठरा-झुप्पा, नोएडा-खेड़मोड़-तकीपुर-अनवरपुर-चांदपुर-मोहद्दीनपुर, नोएडा-सुरजपुर-दादरी-महावर, नोएडा-बदौली-सुरजपुर-दादरी-कलौंदा, नोएडा-डेहरा-झाल और नोएडा-छायसा तक संचालित की जाएंगी. लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण लोगों की जेबों पर असर बता दें कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण ही ग्रामीण इलाकों के लोग विशेषतौर पर या तो प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा उनकी निर्भरता ऑनलाइन कैब, बाइक और टैक्सी चालकों पर होती है. ये सब ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए महंगे होते हैं. इसका सीधा असर लोगों की जेबों पर दिखाई देता है. हालांकि इनमें से कुछ रूटों पर निगम अपनी बसें चलाता था. गौरतलब है कि यूपी में कई जिलों में मिनी बसें चल रही हैं.

रेड अलर्ट जारी: हरियाणा में मूसलधार बारिश, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, बच्चों को मिली राहत

चण्डीगढ़/हरियाणा हरियाणा में भारी बारिश ने कहर मचा रखा है। प्रदेश में यमुना, घग्गर, टांगरी सहित अधिकतर नदियां उफान पर है। इसी बीच मौसम विभाग का ताजा अपडेट सामने आया है। IMD ने मंगलवार को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश के तीन जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी रहेगी। इसके अलावा प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। 5 जिलों में स्कूलों की छुट्टी प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को लेकर प्रशासन ने 5 जिलों में यमुनानगर, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सिरसा और पंचकूला में स्कूलों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा गुरुग्राम में सभी कंपनियों ने बारिश को लेकर अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है।  गुरुग्राम में फ्लाईओवर में रिसाव गुरुग्राम में तेज बारिश के कारण फ्लाईओवर में रिसाव हो गया, जिसमें सिग्नेचर टॉवर चौक अंडरपास पानी से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मंगलवार शाम से पुराने रेलवे पुल को भी बंद कर दिया गया है। 18 जिलों में अलर्ट किया जारी मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पंचकूला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद,करनाल, जींद, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और चरखी दादरी में भारी बारिश हो सकती है। किसानों की फसल हुई तबाह भारी बारिश के कारण प्रदेश में जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार किसानों की करीब ढाई लाख एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस और अधिकारियों को मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश जारी किए है। इसके अलावा 5 सितंबर तक कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिए है।

एशिया कप 2025: शुरूआत की तारीख, टीम स्क्वॉड और ग्रुप्स का पूरा विवरण

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 की उल्‍टी गिनती जारी है। 9 सितंबर से टूर्नामेंट का आगाज होगा और फाइनल मुकाबला 28 को खेला जाएगा। इस दौरान 8 टीमों के बीच खिताब के लिए टक्‍कर होगी। सभी टीमों को 4-4 के 2 ग्रुप में बांटा गया है। भारत और पाकिस्‍तान टीम एक ही ग्रुप में है। एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। इससे सभी टीम 2026 में होने वाले टी20 विश्‍व कप की तैयारी भी करेंगी। पिछली बार एशिया कप 2023 में खेला गया था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। उस वक्त फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराया था। ऐसे में आज बताते हैं टूर्नामेंट से जुड़ी कुछ अहम बातें। Asia Cup 2025 की डिटेल्स तारीख: 9 से 28 सितंबर 2025 फॉर्मेट: टी20 इंटरनेशनल (T20I) टीमें: भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, UAE, ओमान, हांगकांग ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, UAE, ओमान ग्रुप B: श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हांगकांग वेन्यू: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दुबई (11 मैच, जिसमें फाइनल भी शामिल है) शेख जायेद क्रिकेट स्टेडियम, अबू धाबी (8 मैच खेले जाएंगे) किस तरह खेला जाएगा टूर्नामेंट? एशिया कप (Asia Cup 2025) में ग्रुप स्टेज के बाद हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सुपर-4 में पहुंचेंगी, जो 20 सितंबर से शुरू होगा। इस टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा। अगर भारत और पाकिस्तान दोनों क्वालिफाई करते हैं, तो क्रिकेट फैंस इस हाई-वोल्टेज मैच का लुत्फ तीन बार उठा सकते हैं।   एशिया कप में भारत का शेड्यूल 10 सितंबर, भारत बनाम यूएई 14 सितंबर, भारत बनाम पाकिस्तान 19 सितंबर, भारत बनाम ओमान सुपर फोर का शेड्यूल 20 सितंबर, B1 बनाम B2 21 सितंबर, A1 बनाम A2 23 सितंबर, A2 बनाम B1 24 सितंबर, A1 बनाम B2 25 सितंबर, A2 बनाम B2 26 सितंबर, A1 बनाम B1 28 सितंबर, फाइनल ये रहेगी भारतीय टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह। स्टैंडबाय प्‍लेयर: प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल।

भोपाल : होम्योपैथी कॉलेज में शुरू हुई थायराइड व मोटापा विशेषज्ञ इकाई, मरीजों को मिलेगा लाभ

भोपाल  भोपाल स्थित शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हाइपोथायरायडिज्म एवं ओबेसिटी के लिए विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है। इस इकाई की स्थापना का उद्देश्य, थायराइड ग्रंथि की अनियमितताएं और उससे होने वाले मोटापे में होम्योपैथी की कारगर दवाओं के माध्यम से अनुसंधान एवं उपचार किया जाना है। इस इकाई के लिए भारत सरकार के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के अतिरिक्त सहायक चिकित्सकों एवं लैब विशेषज्ञों की एक टीम, स्थानीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में उक्त कार्यों के लिए उपलब्ध है। यह इकाई थायराइड ग्रंथि की अनियमिताओं से उत्पन्न होने वाले रोगों के त्वरित उपचार एवं इन रोगों के कारण आने वाले दीर्घकालिक प्रभाव पर केंद्रित कार्य करेगी। यह इकाई प्रतिदिन प्रातः 10 से दोपहर एक बजे तक उक्त रोगियों के पंजीयन एवं उपचार की सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755 299 2972 पर समस्त जानकारी प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इच्छुक लाभार्थियों द्वारा अपना दूरभाष दिए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा संपर्क किया जाएगा। समस्त उपचार शासकीय स्तर पर किया जाएगा। उपचार में होम्योपैथिक दवाओं के अतिरिक्त व्यायाम एवं आहार विशेषज्ञों द्वारा भी संपूर्ण स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाएगा। प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार की हाइपोथायरायडिज्म से जनित मोटापे की यह प्रथम विशेषज्ञ इकाई है, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के माध्यम से स्थापित मापदंडों पर कार्य करेगी। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति प्रकृति के सिद्धांतों के अनुरूप शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमताओं को विकसित करके मनुष्य को दीर्घकालीन स्वास्थ्य एवं उच्च गुणवत्ता का जीवन प्रदान करती है। प्रायः रासायनिक दवाओं के उपयोग के पश्चात भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों का वजन बढ़ता चला जाता है, जो भविष्य में हड्डियों एवं जोड़ों की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है। होम्योपैथी चिकित्सा के माध्यम से हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों को उपचारित करके, इस प्रकार की जटिलताओं से बचाया जा सकता है और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि यह समस्या विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है और समय रहते उपचार प्राप्त न करने के कारण 50 वर्ष के उपरांत महिलाएं हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बहुत बड़ी संख्या में प्रभावित होती हैं। यदि समय रहते प्राकृतिक एवं होम्योपैथी उपचारों से इसका नियंत्रण किया जाए तो व्यक्ति दीर्घायु होने के साथ-साथ रासायनिक पदार्थ से दूर रहकर भी स्वस्थ रह सकता है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के सामान्य परिवर्तन जैसे गर्भावस्था में होने वाले सूक्ष्म हार्मोनल परिवर्तन को भी रोग मानकर उनके लिए रासायनिक उपचार प्रदान किए जाते हैं, जिसके कारण वह महिला पूरे जीवन रसायनों पर आश्रित हो जाती है और एक कुचक्र में फंस जाती है जिससे निकलना असंभव हो जाता है। इस कार्य का उद्देश्य है कि जिन लोगों में सामान्य परिवर्तन एवं होम्योपैथी दवा के साथ उपचार किया जा सकता है, उनके लिए एक विशेषज्ञ इकाई के माध्यम से, उन्हें जीवन यापन के लिए संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाए। शासकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के अतिरिक्त आयुष मंत्रालय भारत सरकार की संस्था द्वारा देश के पांच अन्य शहरों में इस प्रकार की विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की गई है और इन संयुक्त प्रयासों से हाइपोथायरायडिज्म एवं उससे संबंधित मोटापे का कारगर उपाय एवं उपचार प्रदान करने की अद्वितीय पहल की गई है।