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छह साल बाद बदल रही MPCA की कार्यकारिणी, अध्यक्ष पद पर महाआर्यमन की ताजपोशी तय

इंदौर  मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी छह साल बाद बदलने जा रही है। इस बार सभी नए चेहर अलग-अगल पद संभालेंगे। पहली बार एमपीसीए अध्यक्ष पद पर सबसे कम उम्र के महाआर्यमन सिंधिया पद संभालेंगे। उनकी उम्र 29 साल है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फार्म दाखिल किया। उन्हे इस पद पर अन्य किसी सदस्य ने चुनौती नहीं दी। वे सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के रुप में इस पद की कमान संभालेंगे। वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी है। 2 सितंबर को एसोसिएशन की वार्षिक साधारण सभा में कार्यकारिणी के नामों की घोषणा हो जाएगी। महाआर्यमन के अलावा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर विनीत सेठिया,सचिव सुधीर असनानी, कोषाध्यक्ष संजय दुआ भी लगभग तय है। कार्यकारिणी सदस्य में राजीव रिसोडकर, प्रसुन कनमड़ीकरण, विजेस राणा व संध्या अग्रवाल के नाम भी तय हैं। कोषाध्यक्ष बनने वाले संजय दुआ के पिता नरेंद्र दुआ और भाई एमपीसीए के सदस्य हैं। उपाध्यक्ष के पद पर काबिज होने वाले विनित सेठिया के पिता महेंद्र सेठिया भी एमपीसीए के सदस्य रहे हैं। नई कार्याकारिणी के बाद स्टेडियम में होंगे महिला वर्ल्ड कप मैच एमपीसीए की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह से ज्यादा मैच होंगे। पिछली कार्यकारिणी के दौरान भी इंदौर स्टेडियम को आईपीएल मैच मिले, लेकिन टिकट और प्राॅपर्टी टैक्स को लेकर एसोसिएशन के नगर निगम अफसरों से विवाद भी हुए। अब कार्यकारिणी के सामने भी अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के मैच कराना चुनौती भरा होगा।  

युवक गिरा ट्रेन से, प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार, मेडिकल टीम की देरी से बढ़ी मुश्किलें

भोपाल भोपाल रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह हुई घटना ने रेलवे प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया। सुबह 7:52 बजे नर्मदा एक्सप्रेस से एक युवक प्लेटफॉर्म नंबर चार पर गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक प्लेटफॉर्म पर घंटों पड़ा रहा, लेकिन समय पर न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही रेलवे स्टाफ ने उचित मदद की। ट्रेन से प्लेटफॉर्म चार पर गिरा युवक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन नर्मदा एक्सप्रेस भोपाल से इंदौर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक युवक किसी तरह ट्रेन से फिसलकर प्लेटफॉर्म नंबर चार पर गिर पड़ा। हादसे में युवक के पैर में गहरी चोट आई, जिसके बाद वह उठने तक की स्थिति में नहीं था। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दी, लेकिन मदद मिलने में बेहद देर हो गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डॉक्टरों की टीम हमेशा मौजूद रही है, मगर उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर चार तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। इस दौरान घायल युवक असहाय होकर वहीं तड़पता रहा। घायल को नहीं मिली समय पर मदद जानकारी के मुताबिक, घायल युवक झारखंड का रहने वाला है। स्टेशन पर मौजूद सफाई कर्मी का कहना है कि अगर प्राथमिक उपचार समय पर मिल जाता तो युवक को राहत मिल सकती थी। राजधानी जैसे बड़े स्टेशन पर भी अगर हादसे के घायल यात्री को तुरंत मदद न मिले, तो छोटे स्टेशनों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। वहीं, स्टेशन प्रशासन का कहना है कि घायल युवक को इलाज के लिए भेजा गया है।

महाराजाम लगा हाईवे पर, बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें गुरुग्राम और नोएडा में

गुरुग्राम सोमवार को तीन घंटे से हो रही निरंतर बारिश ने गुरुग्राम की सड़कें जाम में बदल दी हैं। दिल्ली-जैपुर हाईवे पर मानेसर रामपुर, नोरंगपुर और गांव नरसिंहपुर के जलमग्न होने से हाईवे पर रजोकरी बॉर्डर तक करीब 20 किलोमीटर लंबा महाजाम लग गया है। खासतौर से इफको चौक के फ्लाईओवर पर भीषण जाम की परिस्थितियां बनी हैं, जो सिरहोल बॉर्डर से मानेसर तक फैली हुई हैं। गुरुग्राम शहर में दोपहर में हुई तेज बारिश ने पूरे इलाके की रफ्तार थमाई रखी। ज़िले की विभिन्न तहसीलों और उपतहसीलों में जहां अलग-अलग मात्रा में बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सबसे अधिक 85 मिलीमीटर बारिश वजीराबाद इलाके में दर्ज की गई। इसके कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। नरसिंहपुर के पास सर्विस लेन पूरी तरह पानी में डूब गई है, जिससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और सड़क पर वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। शहर की प्रमुख सड़कों जैसे शीतला माता रोड, सुभाष चौक और पुराने शहर के बाजारों में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को भारी असुविधा हो रही है। सड़क किनारे कई जगह जलभराव के कारण आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है। ट्रैफिक जाम के चलते लोग लंबा समय सड़क पर फंसे हुए हैं और ट्रैफिक विभाग भी जाम को कम करने में जुटा है। लोग जहां संभव हो वैकल्पिक रास्ते अपनाने की सलाह दी जा रही है। उधर, नोएडा में भी जाम के हालात बद से बदतर हो गए। शाम को ऑफिस से घर जाने के दौरान नोएडा सेक्टर 16ए के पास ग्रेटर नोएडा जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

जीतु पटवारी पर फिर हमला, 24 घंटे में दूसरी बार हुई हिंसा

नीमच सोमवार की दोपहर में नीमच दौरे पर पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पर आज एक बार फिर भीड़ में शामिल अज्ञात शख्स द्वारा हमला किया गया है। एक दिन पहले रतलाम दौरे के दौरान रास्ते में प्रदर्शन कर रहे धाकड़ समाज के लोगों के बीच से किसी अज्ञात हमलावर द्वारा पत्थर से हमला किया गया था, जिससे पटवारी के वाहन का कांच फूट गया। अभी इस मामले में गरमाई प्रदेश की सियासत शांत भी नहीं हुई है कि, आज नीमच दौरे के दौरान एक बार फिर जीतू पटवारी पर भीड़ में मौजूद अज्ञात शख्स ने हमला कर दिया। इस बार हमलावर ने पटवारी की ओर बोतल, कंकड़ और स्याही फेंकी है। शहर में आयोजित 'वोट चोर गद्दी छोड़' यात्रा के दौरान अचानक से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रा जब शहर के 40 सर्किल पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीतू पटवारी के काफिले पर काली स्याही फेंकने की कोशिश की है। साथ ही, पीसीसी चीफ को काले झंडे दिखाते हुए उनके पोस्टर भी फाड़े गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने तो यहां तक दावा किया कि, रैली पर भीड़ से कंकर तक फैंके गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें यात्रा गुजरने के बाद मौके से बोतल, स्याही और कंकड़ पड़े दिख रहे हैं। घटना के बाद कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए थे। जीतू पटवारी पर हुए हमले के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पध एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ाया।

यतीमखाना प्रकरण: गवाह से हुई जिरह, आजम खां की अगली सुनवाई 3 सितंबर

रामपुर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में सोमवार को सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से आए गवाह से अभियोजन ने जिरह की। अब इस मामले में तीन सितंबर को सुनवाई होगी। आजम खां के विरुद्ध यह मामला शहर कोतवाली क्षेत्र की यतीमखाना बस्ती से जुड़ा है। इस बस्ती को वर्ष 2016 में जबरन खाली कराया गया था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। आजम खां के इशारे पर सपाइयों ने पुलिस फोर्स के साथ बस्ती को जबरन खाली करा दिया था। मुकदमे में घरों में घुसकर मारपीट करने, छेड़छाड़ करने, रुपये, जेवर और भैंस-बकरी लूटकर ले जाने के आरोप हैं। इन मुकदमों में आजम खां समेत सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, इस्लाम ठेकेदार आदि भी नामजद हैं। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। यतीमखाना प्रकरण में शहर कोतवाली में 12 लोगों द्वारा अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पहले सभी की अलग-अलग सुनवाई चल रही थी, लेकिन बाद में न्यायालय ने इन सभी को एक मान लिया। इस मामले में अभियोजन की गवाही पूरी हो चुकी है। अब बचाव पक्ष की गवाही चल रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा के अनुसार पिछली तारीख पर बचाव पक्ष ने गुलाम जाफर की गवाही कराई थी। गवाह की मुख्य परीक्षा पूरी हो गई थी। सोमवार को गवाह से अभियोजन ने जिरह की। जिरह पूरी हो गई है। अब तीन सितंबर को बचाव पक्ष द्वारा अगला गवाह पेश किया जाएगा।  

रेलवे ने बढ़ाई सुविधा: त्योहारों के लिए 150 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा

झुमरीतिलैया त्योहारों के मौसम में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख पर्वों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। ये ट्रेनें 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 2024 अतिरिक्त फेरों में चलाई जाएंगी। पूर्व मध्य रेलवे की ओर से 14 ट्रेनों की अधिसूचना जारी की गई है, जो पटना, गया, कोडरमा और धनबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इन ट्रेनों के जरिए कुल 588 फेरे संचालित होंगे। पूर्व रेलवे से भी कोलकाता, सियालदह और हावड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से 24 पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अधिसूचना जारी की गई है, जिनके जरिए 198 फेरे तय किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्व तट रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के तहत भी विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। इनसे प्रयागराज, कानपुर, रांची, टाटानगर, भोपाल, कोटा, रायपुर, बिलासपुर जैसे स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। स्पेशल ट्रेनों की सूची, समय सारणी, रूट और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, आईआरसीटीस पोर्टल और नजदीकी स्टेशनों पर उपलब्ध है। यात्री अग्रिम आरक्षण करा यात्रा की योजना बना सकते हैं।

पीएम मोदी के हर एक्शन ने भेजा संदेश: SCO समिट में हाथ मिलाना और पुतिन से गले मिलना चर्चा में

नई दिल्ली चीन के तियानजन में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज अलग ही दिखा, जिसमे साफ संदेश छिपा था कि कौन भारत का करीबी दोस्त है और कौन नहीं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गले मिलना, चीनी राष्ट्रपति शि चिनफिंग से हाथ मिलाना, तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआम की पीठ थपथपाना और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर देखना तक नहीं, ये सब इशारे अपने आप में काफी कुछ कह गए। 45 मिनट तक कार में साथ थे पीएम मोदी-पुतिन समिट में पीएम मोदी और पुतिन की नजदीकी सबसे अलग दिखी। दोनों नेता एक ही गाड़ी में साथ पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, पुतिन करीब 10 मिनट तक पीएम मोदी का इंतजार करते रहे और फिर दोनों 45 मिनट तक कार में बैठकर बातचीत करते रहे। बाद में उनकी द्विपक्षीय बैठक भी एक घंटे से ज्यादा चली। इसके अलावा, कई मौकों पर पीएम मोदी और पुतिन हंसी-मजाक भी करते नजर आए। इसी दौरान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ किनारे खड़े नजर आए और वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीएम मोदी और पुतिन गहरी बातचीत में डूबे हुए आगे बढ़ गए, जबकि शरीफ सिर्फ देखते रह गए। पाकिस्तानी पीएम को किया नजरअंदाज समिट में पीएम मोदी का शरीफ को नजरअंदाज करना ही काफी नहीं था, बल्कि अपने संबोधन में उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला सिर्फ भारत की आत्मा पर हमला नहीं था, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए चुनौती है। पीएम मोदी ने SCO देशों से अपील की है कि वे आतंकवाद के खिलाफ डबल स्टैंडर्ड छोड़े और एकजुट होकर काम करें। यह बयान शरीफ की मौजूदगी में दिया गया, जिससे संदेश और भी तीखा हो गया। तुर्किये के राष्ट्रपति की थपथपाई पीठ तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन से भी पीएम मोदी ने गर्मजोशी दिखाई। उन्होंने उनसे हाथ मिलाया और पीठ थपथपाई। यह सीन काफी खास था क्योंकि तुर्किये अक्सर पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होता है और भारत के साथ मतभेद रखता है। वहीं, चीन के राष्ट्रपति के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ भी पीएम मोदी की बातचीत हंसी-मजाक भरी रही। अमेरिका की भारी टैरिफ नीति के बीच इन मुलाकातों ने यह संदेश दिया कि भारत बड़े खिलाड़ियों के साथ रिश्ते मजबूत करने में आगे हैं। भारत की बातों को मिली अहमियत समिट के अंत में जारी तियानजन घोषणा में भी भारत की बातों को अहमियत मिली। इसमें 22 अप्रैल को पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई।  

किसानों की शिकायतों, सुझाव व अन्य मदद के लिए एक समर्पित पोर्टल रहेगा : शिवराज सिंह चौहान

किसानों के हित में सभी अधिकारी पूरी पारदर्शिता, विश्वसनीयता व संवेदनशीलता से करें काम: शिवराज सिंह चौहान नकली या घटिया खाद-बीज, कीटनाशक संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से हो समाधान: शिवराज सिंह चौहान किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सिर्फ प्रमाणित बायोस्टियुमिलेंट ही बिकें –  शिवराज सिंह चौहान   नई दिल्ली  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक कर, किसानों से कॉल सेंटर एवं अन्य पोर्टल्स के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों के समाधान के संबंध में समीक्षा की। बैठक में श्री शिवराज सिंह ने अलग-अलग पोर्टल की जगह किसानों की सुविधा के लिए उनकी शिकायतों, सुझाव तथा अन्य सहायता के लिए एक ही समर्पित पोर्टल बनाने और समस्याओं का जल्द से जल्द समुचित निराकरण करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से किसानों से मिली शिकायतों की समीक्षा करेंगे, ताकि उन्हें त्वरित राहत प्रदान की जा सकें।   किसानों से प्राप्त शिकायतों व हेल्पलाइन नंबर पर आ रही कॉल्स को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने गंभीरता दिखाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के हित में सभी अधिकारी पूरी पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं संवेदनशीलता से काम करते हुए व्यवस्था को और सुदृढ करें। व्यवस्था ऐसी होना चाहिए, जिससे कि किसानों की शिकायतों का रीयल टाइम में उचित समाधान हो सकें। हम सभी की कोशिश यहीं होनी चाहिए कि किसान हर हाल में खुशहाल रहें और खेती समृद्ध हो। बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने अधिकारियों से, किसानों से मिलने वाली शिकायतों की जानकारी ली, जिसमें अनेक शिकायतें नकली या घटिया खाद-बीज एवं कीटनाशक के संबंध में हैं। श्री  शिवराज सिंह ने इन शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से करने का निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें राज्यों में प्रवास के दौरान भी ऐसी शिकायतें मिलती हैं, किसानों को हमें लुटने से बचाना चाहिए और इसके लिए अमानक खाद-बीज, कीटनाशक की बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी होगी। केंद्र के अधिकारी अपने स्तर पर कार्रवाई के साथ ही राज्य सरकारों के साथ मिलकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि हमारे किसान भाई-बहनों को राहत मिल सकें। शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों की इन समस्याओं को हल करने में राज्यों की सहभागिता आवश्यक हो। वे स्वयं इस संबंध में मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं, आगे वर्चुअल माध्यम से भी राज्यों से चर्चा करेंगे, ताकि किसानों को पूरी तरह से राहत मिल सकें। अवैध बायोस्टियुमिलेंट (जैव उत्तेजक) की पूर्व में हुई बिक्री को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने एक बार फिर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बायोस्टियुमिलेंट की बिक्री केवल नोटिफाइड प्रोडक्ट्स की ही हो, ये सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया और अब तक नोटिफाइड 146 बायोस्टियुमिलेंट के अलावा अन्य बिना अनुमति प्राप्त बायोस्टियुमिलेंट की बिक्री नहीं हो, सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने अधिसूचित बायोस्टियुमिलेंट के बारे में किसानों को जागरूक करने व प्रमाणित बायोस्टियुमिलेंट की सूची सोशल मीडिया द्वारा किसानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि मिलने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम आदि के संबंध में मिली शिकायतों की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ये दोनों महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिनके संबंध में किसानों की हर शिकायत का निराकरण कर किसानों से संपर्क करके अधिकारी उनका फीडबैक भी लें। हर हाल में हमारे किसान पूर्णतः संतुष्ट होने चाहिए, यही हमारा उद्देश्य है। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी भी मौजूद थे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री चौहान को अपने सुझाव दिए। स्वदेशी अपनाने का संकल्प- बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "स्वदेशी अपनाओ" के आह्वान व इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री  शिवराज सिंह की अपील पर यथासंभव स्वदेशी वस्तुएं अपनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह के साथ ही कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित सभी अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में यथासंभव स्वदेशी वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे।  

अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

हिमाचल में आपदा का एलान, राज्य के लिए क्या बदलेंगे नियम और सुविधाएं

शिमला हिमाचल प्रदेश को मौजूदा बरसात और आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में आपदा से नुकसान पर एक विशेष वक्तव्य में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जब तक बरसात का दौर चलता रहेगा, तब तक हिमाचल आपदा प्रभावित राज्य रहेगा और मौसम सामान्य होने पर इस आदेश को वापस लिया जाएगा। आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू हो जाएंगे। साथ ही आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा। अब तक 3,056 करोड़ का नुकसान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ से अब तक 3,056 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान आंका गया है। इसमें सबसे अधिक क्षति सड़कों, पुलों, पेयजल और बिजली की संरचनाओं को हुई है। सबसे प्रभावित जिलों में चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर शामिल हैं। हेलीकॉप्टर से निकाले जाएंगे श्रद्धालु चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 हजार यात्रियों में से अब तक 10 हजार को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। शेष यात्रियों के लिए भी लगातार निकासी अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने हेलीकॉप्टर, बसों और अन्य माध्यमों से राहत व बचाव कार्य तेज किए हैं। उन्होंने कहा कि 500 श्रद्धालु जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। एनडीआरएफ और SDRF तैनात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह भी बताया कि राहत व बचाव कार्यों को तेजी देने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, पर्वतारोहण संस्थान मनाली की टीम, पुलिस बल और स्वयंसेवी संगठन तैनात किए गए हैं। चंबा-पठानकोट मार्ग खोला सीएम ने बताया कि चंबा के भरमौर और अन्य क्षेत्रों में आवश्यक राशन, दवाइयां और सामग्री भी पहुंचाई गई है। चंबा-पठानकोट मार्ग को खोल दिया गया है और भरमौर की तरफ 25 किलोमीटर तक सड़क बहाल कर दी गई है। मंडी-कुल्लू एनएच की बहाली बयान के मुताबिक, कुल्लू जिले में मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग की बहाली युद्ध स्तर पर जारी है। वैकल्पिक तौर पर कमांद-कटौला मार्ग पर छोटे वाहनों को चलाया जा रहा है। अधिकांश स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। पुराना मनाली पुल भी छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। पांच मरीज एयरलिफ्ट लाहौल-स्पीति में भी स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। यहां मोबाइल नेटवर्क बहाल किया गया है, बिजली उत्पादन शुरू हो गया है और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से राशन व दवाइयां पहुंचाई गई हैं। पांच मरीजों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित कुल्लू लाया गया, जिनमें एक गर्भवती महिला और एक बच्चा भी शामिल है। प्रभावित लोगों को होटल, होमस्टे, महिला मंडलों और विश्राम गृहों में ठहराया गया है। राहत, बचाव के लिए दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिलों, राज्य और केंद्र सरकार के विभागों को युद्ध स्तर पर राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर प्रभावित परिवार को पुनः बसाने और उन्हें आर्थिक तंगी से उबारने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। इस ऐलान से क्या बदलेगा? आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू होंगे। इसके तहत आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा। राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए पैकेज दिया है जो साल 2023 में भी दिया गया था। इस बार पैकेज के तहत राहत की राशि को 70 हजार रुपये बढ़ाया गया है। पहले जिस प्रभावित का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता था, उसे सात लाख दिया जाता था, अब प्रभावित को सात लाख 70 हजार रुपये की राहत राशि रखी गई है। अब प्रदेश में कहीं भी आपदा से नुकसान होता है, उसे ये राशि दी जाएगी।