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वोटर अधिकार यात्रा में राहुल-तेजस्वी के साथ दिखे अखिलेश, विपक्षी एकजुटता से बढ़ी BJP की चिंता

आरा बिहार में एसआईआर के खिलाफ जारी राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शनिवार को सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव शामिल हुए। यात्रा के 14वें दिन आरा में जनसभा को अखिलेश यादव ने संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने बीजेपी, सरकार और अधिकारियों को चुनावी 'तीन तिगाड़ा' बताते हुए कहा कि इन्हें इंडिया गठबंधन तोड़ेगा। अखिलेश ने कहा कि अवध से हम लोगों ने बीजेपी को भगाया है, अब मगध से भाजपा को भगाने की जिम्मेदारी आप लोगों की है। अखिलेश यादव ने इस दौरान एक नारा भी दिया। जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'अबकी बार बिहार से बीजेपी बाहर'। इस दौरान लोगों से उन्होने तेजस्वी यादव को सत्ता में लाने की अपील की। वहीं बिहार में जारी एसआईआर (गहन मतदाता पुनरीक्षण) को सिरफिरा फैसला करार दिया। उन्होने कहा कि ये लोग पहले आपके वोट का अधिकार छीनेंगे, फिर राशन और फिर नौकरी का अधिकार छीनेंगे। चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि ये 'जुगाड़ आयोग' बन गया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो हमें डरा रहे थे, वो आज खुद ट्रंप से डरे हुए हैं। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे पर बात नहीं कर रही। "क्योंकि अमेरिका ने व्यापारियों पर टैरिफ तो लगाया ही है, लेकिन बीजेपी के मुंह पर भी टैरिफ लगाने का काम किया है। उन्होने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा को बिहार के युवाओं और लोगों का समर्थन मिल रहा है, वो बता रहा है कि इस बार सत्ता बदलने वाली है।  

‘दहेज प्रताड़ना के आरोप बेबुनियाद’, सुप्रीम कोर्ट ने बहू की सास को दी राहत

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर दहेज के लिए बहू के साथ क्रूरता करने के 24 साल पुराने केस में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार दी गई एक सास को बरी कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ससुराल वालों द्वारा बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित की बातें हवा से भी अधिक तेज फैलती हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ शुक्रवार को एक याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें महिला की दोषसिद्धि और तीन साल की सजा बरकरार रखी गई थी। आरोपी सास को आईपीसी की धारा 498ए के तहत इस आधार पर दोषी ठहराया गया था कि उसकी मृत बहू ने अपने मायके वालों को दहेज उत्पीड़न होने की बातें बताई थीं।आईपीसी की धारा 498-ए, विवाहित महिला के प्रति उसके पति या उसके ससुरालवालों द्वारा की गई क्रूरता के अपराध से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने पड़ोसन की गवाही को माना अहम सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि ने इस बात पर गौर किया कि केस में गवाह के तौर पर पेश हुई आरोपी महिला की पड़ोसी ने दावा किया कि बहू से कभी दहेज की मांग नहीं की गई थी। बेंच ने कहा, ‘‘सास के साक्ष्य को निचली अदालत और हाईकोर्ट द्वारा इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि वह दहेज की मांग के संबंध में कोई तथ्य पेश नहीं कर सकी थी, क्योंकि यह चारदीवारी के भीतर होता है, जो एक गलत निष्कर्ष है, विशेष रूप से ऐसे मामलों में जब सास-ससुर द्वारा दहेज के लिए बहू को परेशान किए जाने की बातें हवा से भी तेज फैलती हैं।" जून 2001 में दर्ज कराई गई थी शिकायत मृतक बहू के पिता ने जून 2001 में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी ससुराल में मृत पाई गई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि मौत के समय उनकी बेटी गर्भवती थी और वह अक्सर मायकेवालों को बताती थी कि उसकी सास दहेज के लिए उसे ताने ताने मारती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि घटना के वक्त उसका दामाद शहर में नहीं था। मृतका के सास-ससुर और देवर को इस मामले में आरोपी बनाया गया था। हालांकि, निचली अदालत ने ससुर और देवर को बरी कर दिया, लेकिन यह माना कि सास के उत्पीड़न के कारण बहू ने जान दी थी। दोषी करार दी गई सास ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी रूप में दहेज की मांग अपने आप में आईपीसी की धारा 498ए के तहत केस दर्ज करने के लिए काफी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इसी प्रकार, किसी विवाहित महिला को या उसके रिश्तेदार को किसी अवैध मांग को पूरा करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से परेशान करना भी 'क्रूरता' की श्रेणी में आएगा।'' बेंच ने आरोपी महिला की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और उसे बरी कर दिया।  

बैंक मैनेजर के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों का अनोखा विरोध, कैंटीन में खाया बीफ

तिरुवनंतपुरम केरल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कोच्चि के एक बैंक में मैनेजर ने कैंटीन में बीफ पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके विरोध में बैंक कर्मचारियों ने बीफ पार्टी का आयोजन कर डाला। जानकारी के मुताबिक बैंक के रीजनल मैनेजर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनकी हाल ही में केरल के कोच्चि स्थित बैंक की शाखा में नियुक्ति हुई है। बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के सदस्यों ने अधिकारियों के कथित मानसिक उत्पीड़न को लेकर मैनेजर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। लेकिन बीफ पर प्रतिबंध लगने के बाद विरोध को नई दिशा मिल गई। नहीं चलने देंगे संघ का एजेंडा प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस के बाहर बीफ और परोटा (एक तरह की ब्रेड) परोसी। इस प्रदर्शन को केरल के कुछ नेताओं ने भी समर्थन दिया। लेफ्ट समर्थित निर्दलीय विधायक केटी जलील इस प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि केरल में संघ परिवार के किसी भी एजेंडा को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘क्या पहना जाए, क्या खाया जाए, क्या सोचा जाए इसे वरिष्ठ लोग तय नहीं करेंगे। हमारी जमीन लाल है। इस जमीन का दिल लाल है। जहां तक लाल झंडा फहरा रहा है, आप बिना किसी डर के फासीवाद के खिलाफ बोल सकते हैं। कोई भी आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा।’ पसंदीदा खाना सबका अधिकार बैंक फेडरेशन के एक नेता एसएस अनिल ने कहा कि यहां पर एक छोटी कैंटीन चलती है। चुनिंदा दिनों पर बीफ परोसा जाता है। मैनेजर ने कैंटीन स्टाफ से कहा कि अब बीफ नहीं परोसा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बैंक संविधान के अनुसार चलता है। खाना निजी पसंद का विषय है। भारत में हर व्यक्ति को अधिकार है कि वह क्या खाएगा। हम किसी को बीफ खाने पर बाध्य नहीं कर रहे हैं। यह हमारा विरोध का तरीका है।  

ट्रंप टैरिफ पर बोले राजनाथ सिंह- रिश्तों में स्थायित्व नहीं, हालात तय करते हैं रुख

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि डिफेंस सेक्टर में भारत के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद आवश्यक है और इसके लिए देश किसी विदेशी आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा, 'कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल हित स्थायी होते हैं। वैश्विक स्तर पर अभी व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति है।' उन्होंने कहा कि विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हवाई सुरक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र के तहत अगले 10 वर्षों में देशभर के सभी अहम स्थलों को पूरी तरह हवाई सुरक्षा मुहैया कराने की योजना बना रही है। एनडीटीवी डिफेंस समिट में अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है, जो दुश्मन के किसी भी हमले से बचाव करने और उसका जवाब देने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा, 'जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा आज की लड़ाइयों में हवाई सुरक्षा की अहमियत बहुत बढ़ गई है। ऐसे में सुदर्शन चक्र मिशन एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।' एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में इस एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। यह ऐलान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की ओर से भविष्य में दोनों देशों के बीच किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में सीमा पर भारतीय संपत्तियों को निशाना बनाने के संकेतों के कुछ दिन बाद हुई थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात ने यह साफ कर दिया है कि अब रक्षा क्षेत्र में बाहरी देशों पर निर्भर रहना कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, 'आज की स्थिति में आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।' आर्थिक ढांचे की सुरक्षा पर भी बयान रक्षा मंत्री ने कहा, 'आज रक्षा क्षेत्र केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव नहीं है, बल्कि यह हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उसके भविष्य को सुरक्षित करने का एक प्रमुख आधार भी बन गया है।' उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा, जमीन की हिफाजत या सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे आर्थिक ढांचे की सुरक्षा और स्थिरता की जिम्मेदारी भी निभा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को संरक्षणवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संबंध संरक्षणवाद से नहीं है, बल्कि यह हमारी संप्रभुता, राष्ट्रीय स्वायत्तता और आत्मविश्वास का मुद्दा है।'  

डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ

मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु  बैंकों से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही करायी जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ  मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु बैंकों को प्रेषित प्रस्ताव के सापेक्ष बैंकों से संपर्क कर उनके स्वीकृति की कार्यवाही करायी जाए। साथ ही मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए एवं इससे मत्स्य पालकों/मछुआरों को लाभान्वित कराया जाए।    मत्स्य विकास मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने  कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 20025-26 में जारी वित्तीय स्वीकृत के सापेक्ष शत प्रातश्त व्यय कराते हुए उपभोग प्रमाण पत्र भारत सरकार को प्रेषित करते हुए अगली किश्त की वित्तीय स्वीकृति जारी कराया जाय, ताकि चयनित परियोजनाएं यथा समय पूर्ण हों। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सेक्टर की योजनाओ के अंतर्गत प्राविधानित बजट धनराशि के सापेक्ष अतिशीघ्र लाभार्थी चयन की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए धनराशि का व्यय सुनिश्चित किया जाए। डॉ निषाद ने  कहा कि मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विज़िट कार्यक्रम संचालित उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष एवं एन.एफ.डी. बी. के माध्यम से कराया जाए ताकि उन्हे नई तकनीकी की जानकारी प्राप्त हो। बैठक में मंत्री जी द्वारा विभाग में संचालित केंद्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।  बैठक में महानिदेशक मत्स्य एवं निदेशक मत्स्य द्वारा मा. मंत्री जी को बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में ससमय कार्यवाही किए जाने हेतु आश्वस्त किया गया। समीक्षा बैठक  में श्री राजेश प्रकाश, महानिदेशक मत्स्य, श्री एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य, श्री पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, श्रीमती मोनिशा सिंह उप निदेशक मत्स्य, श्री एजाज अहमद उप निदेशक मत्स्य, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उजड़े घर-परिवार, कटड़ा हादसे में अपनों के शव देखकर फूट-फूटकर रोए परिजन

जम्मू  कटड़ा त्रासदी में सभी 34 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई परिवारों के कई सदस्य शामिल थे, शव देख परिजन रो पड़े। श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मृतकों का सामान परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की है। कटड़ा त्रासदी के सभी 34 मृतकों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को 19 शवों की पहचान की गई। वीरवार को 15 शवों की पहचान हुई थी। अपनों के शव देखकर परिजन फफक उठे। शव लेने के लिए परिजन सुबह से ही जम्मू जीएमसी पहुंचने लगे थे। हर तरफ बेबसी के आंसू थे। दिल पर पत्थर रख उन्होंने शव देख अपने प्रियजनों को पहचाना।शव लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, दिल्ली के बुराड़ी, गाजियाबाद, पंजाब के अमृतसर से परिजन पहुंचे थे। परिजनों की चीखों से पोस्टमार्टम हाउस का हर कोना कराह उठा। हर आंख नम थी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। पत्नी व बेटी के शव को रो पड़े मुज्जफरनगर के इंद्रपालमुज्जफरनगर के गांव रामपुरी निवासी इंद्रपाल पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पत्नी रामवीरी व बेटी आकांक्षा के शव को देख वह कराह उठे। इंद्रपाल ने बताया कि क्या पता था कि जीवनसंगिनी व बेटी का साथ इस तरह छूटेगा। कैसे आगे की जिंदगी कटेगी। रुंधे गले से कहा कि जब मौसम खराब था तो प्रशासन को चाहिए था कि यात्रा रोक देता। उन्होंने बताया कि त्रासदी में भाई रविंद्र की पत्नी ममता, भतीजी अंजलि, भाई अजय घायल हुए हैं जबकि अज्य के बेटे दीपेश की भी मौत हो गई है। परिवार के छह शवों देखकर फफक उठे परिजन दिल्ली के बुराड़ी के एक परिवार ने छह लोगों को खोया है। अभिषेक ने बताया कि उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा व अजय की मौत हो गई है। रिश्तेदारों में तान्या व पुकार निवासी खेड़ा धर्मपुरा (गाजियाबाद) की भी जान गई है। अभिषेक की मां रामकुमारी शवों को देखकर दहाड़ मारकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक व मनोहर ने उनको संभाला।  श्राइन बोर्ड बरामद सामान भी कर रहा सुपुर्दश्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को शवों के पास से बरामद सामान भी सुपुर्द किया। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि बरामद सामान में नगदी व आभूषण शामिल हैं। शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था की है। 

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! 47 ट्रेनें रद्द, टिकट बुकिंग भी बंद

जम्मू  भारतीय रेलवे ने जम्मू की रेल लाइन में समस्या आने के कारण 47 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, इसके अलावा 4 ट्रेनों के शॉर्ड टर्मनेट किया गया है। रेल यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि इसी प्रक्रिया के चलते रेलवे द्वारा अंबाला छावनी स्टेशन पर 300 से ज्यादा यात्रियों को करीब अढ़ाई लाख रुपए वापस किए हैं। ऐसा फैसला जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से लिया गया है जैसे ही मुरम्मत का काम पूरा हो जाएगा ट्रेनों का संचालन दोबारा से शुरू किया जाएगा।  Cancel हुई ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है : ट्रेन नंबर 12425, 14661, 14803, 12413, 12355, 19223, 03309, 19027, 13151, 11077, 12331, 74909, 74907, 22401, 22431, 22439, 26405, 22477, 22461, 12588, 11078, 74906, 74910, 22478, 26406, 12920, 12472, 22440, 14610, 14504, 12446,16032, 22462, 12473, 14691 को पूर्ण तौर पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन 12237 को अंबाला कैंट स्टेशन पर और 18309 अमृतसर स्टेशन पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन नंबर 12238 बेगमपुरा का संचालन अंबाला 14609, 12445, 20433, 19803, छावनी से और 18102 जम्मूतवी- टाटा नगर का संचालन अमृतसर से किया गया। Jammu की टिकटें नहीं मिल रही  रेल यात्रियों को बता दें कि फिलहाल छावनी रेलवे स्टेशन पर जम्मू व कटरा के लिए टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। जल्द ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद अंबाला डिवीजन के वरिष्ठ ने बताया है कि जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से 47 ट्रेनों को पूरी से तरह रद्द हैं। उन्होंने बताया है कि 2 ट्रेनों को अंबाला सहित अमृतसर में रद्द किया गया और दो ट्रेनों को इन्हीं दो रेलवे स्टेशनों से संचालित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुल मुरम्मत के बाद ट्रेनें फिर से शुरू की  जाएंगी। 

टैरिफ विवाद पर केंद्र का रुख साफ, पीयूष गोयल ने कहा—भारत कभी झुकेगा नहीं

नई दिल्ली  अमेरिका के साथ जारी टैरिफ विवाद पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के सामने नहीं झुकेगा और न ही कमजोर पड़ेगा। इसके बजाय वह दुनिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में अपनी पैठ बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। एक निजी कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत के निर्यात को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा आने वाले कुछ समय में केंद्र सरकार सभी क्षेत्रों को सपोर्ट करने और निर्यात के लिए तमाम फैसले लेगी। भारत हमेशा केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा होगा।" 27 अगस्त को भारत पर टैरिफ लागू होने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत हमेशा से ही मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है। लेकिन अगर कोई हमारे साथ भेदभाव करता है, तो मैं समझता हूं कि भारत के 140 करोड़ आबादी के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की बात है। इसको ध्यान में रखते हुए हम कभी नहीं झुकेंगे। इसका सामना करते हुए एक साथ आगे बढ़ते रहेंगे। आपको बता दें केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने भारत के ऊपर व्यापार को लेकर 25 फीसदी और रूस से तेल खरीदने के नाम पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात में भारी कमी आने की आवश्यकता है। इसकी वजह से हमारे देश में हजारों लोगों की नौकरी पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। एक तरफ अमेरिका का कहना है कि भारत के ऊपर लगाए गए प्रतिबंध रूस के ऊपर यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए दबाव बनाने का एक प्रयास है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका खुद भी रूस से साथ व्यापार में लगा हुआ है और चीन, जो कि रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार है, उससे कुछ भी कहने में डर रहा है। जहां तक व्यापारिक क्षेत्र में लगे 25 प्रतिशत टैरिफ की बात है, तो भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह डेयरी और कृषि उत्पादों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं देगा। अमेरिका की मांग है कि भारत डेयरी क्षेत्र में उसके प्रोडक्ट्स को भी बाजार में आने का मौका दे, लेकिन यह भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा आत्मघाती कदम साबित होगा। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने लगातार टैरिफ को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसका असर यह है कि पूरी ग्लोबल सप्लाई चैन अस्त-व्यस्त हो गई है।  

हरियाणा को बड़ी सौगात: करोड़ों की लागत से बनेगी सूरजमुखी तेल मिल

हरियाणा  हरियाणा में पहली सूरजमुखी तेल मिल कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में स्थापित होगी। इसके लिए शाहाबाद से 7 KM की दूरी पर स्थित गांव अजराना कलां में 8.97 एकड़ जमीन खरीद के लिए 8.50 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी गई है।  बता दें कि हैफेड द्वारा स्थापित की जाने वाली सूरजमुखी तेल मिल के लिए उपयुक्त जमीन ढूंढने को जिला प्रबंधक हैफेड कुरुक्षेत्र, कार्यकारी अभियंता (मुख्यालय) हैफेड व जिला प्रशासन के प्रतिनिधि की समिति गठित की गई थी। समिति ने सबसे पहले गांव डीग में जमीन की तलाश की थी लेकिन ग्रामीणों की सहमति नहीं मिलने के कारण बिहोली गांव में जमीन देखी गई। यहां भी मिल स्थापित करने के लिए कोई सहमति नहीं बनी। अब कमेटी ने अजराना कलां में मार्केट कमेटी के सबयार्ड के पास जमीन तलाशी है। इसे खरीदने की मंजूरी मिल गई है।

विशेष सत्र बुलाया, ममता बनर्जी की SIR पर सेंसर मोशन की तैयारी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी दोनों ने जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं। पश्चिम बंगाल की सरकार 1 से 4 सितंबर तक विधानसभा का विशेष सत्र बुला रही है। इसमें बीजेपी शासित राज्यों में बंगालियों के साथ कथित अत्याचार को लेकर सेंसर मोशन लाया जा सकता है। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ भी विधानसभा में प्रस्ताव किया जा सकता है। बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर करवाया है जिसका विपक्ष पुरजोर विरोध कर रहा है। बंगाल में तीन दिन विधानसभा का विशेष सत्र चलेगा। ममता बनर्जी ने कई बार राजस्थान से ओडिशा तक बंगालियों पर होने वाले अत्याचार को लेकर बीजेपी पर हमला किया है। ममता बनर्जी ने दूसरे राज्यों से वापसे आने वाले बंगालियों के लिए श्रमश्री योजना की भी शुरुआत की है। इसके तहत मजदूरों को 5 रुपये प्रति महीने की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक विधानसभा में टीएमसी एसआईआर का विरोध करेगी। कई जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग बंगाल में भी विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर करवा सकता है। उधर राहुल गांधी बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाल रहे हैं। टीएमसी नेता यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के अंतिम चरण में सोमवार को हिस्सा लेकर अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। पार्टी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक हैं। बिहार में जारी कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत शुक्रवार को सीवान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ‘‘निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से वोट चोरी करते पकड़ी गई है’, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता घबरा गए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से 65 लाख लोगों के नाम हटाना उनके मताधिकार पर हमला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 17 अगस्त को शुरू की गई इस यात्रा का उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से लोगों के मतदान के अधिकार पर कथित हमले को उजागर करना है।