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संयुक्त अंतरिक्ष मिशन से स्टार्टअप्स के लिए बढ़ेंगे सहयोग के अवसर, पीएम मोदी का बयान

टोक्यो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जैक्सा) के संयुक्त अंतरिक्ष मिशन दोनों देशों के उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को नई गति देंगे। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को टोक्यो में कही।  जापान के अखबार द योमिउरी शिम्बुन को दिए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा कि ये संयुक्त मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के छायायुक्त क्षेत्रों की गहन समझ विकसित करने में भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, “अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारी सरकार-से-सरकार साझेदारी इसरो और जैक्सा के बीच सहयोग की ऐसी संस्कृति बना रही है, जिससे दोनों देशों के उद्योग और स्टार्टअप्स भी जुड़ रहे हैं। इससे एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हो रहा है, जहां प्रयोगशालाओं से लॉन्चपैड तक और शोध से वास्तविक जीवन अनुप्रयोगों तक नवाचार का प्रवाह दोनों ओर से हो रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत और जापान चंद्रयान श्रृंखला के अगले मिशन यानी लूपेक्स (लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन) के लिए हाथ मिला रहे हैं। यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी छाया वाले क्षेत्रों की हमारी समझ को और गहरा करेगा।” चंद्रयान-5 चंद्रयान श्रृंखला का पांचवां मिशन है, जिसे लूपेक्स भी कहा जाता है। इसरो और जैक्सा का यह संयुक्त मिशन वर्ष 2027-28 में जापान के एच3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन में जैक्सा का रोवर और इसरो का लैंडर शामिल होगा, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में जल-बर्फ की खोज और विश्लेषण करेगा। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि दोनों देशों की वैज्ञानिक टीमें मिलकर अंतरिक्ष विज्ञान की नई सीमाओं को छुएंगी। उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी न केवल अंतरिक्ष में क्षितिज का विस्तार करेगी, बल्कि धरती पर जीवन को भी बेहतर बनाएगी।” भारत की अंतरिक्ष यात्रा को प्रधानमंत्री ने “हमारे वैज्ञानिकों के संकल्प, मेहनत और नवाचार की कहानी” बताया और कहा कि अंतरिक्ष भारत के लिए अगला आयाम है। उन्होंने कहा, “चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता से लेकर हमारी अंतरग्रहीय मिशनों में प्रगति तक, भारत ने लगातार साबित किया है कि अंतरिक्ष अंतिम सीमा नहीं, बल्कि अगली सीमा है।” पीएम मोदी ने यह भी बताया कि कैसे अंतरिक्ष विज्ञान का प्रभाव हमारे दैनिक जीवन में कृषि से लेकर आपदा प्रबंधन, संचार और अन्य क्षेत्रों में दिखता है। प्रधानमंत्री मोदी 29-30 अगस्त तक जापान की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के आमंत्रण पर हो रही है। यह उनका जापान का आठवां दौरा है। इससे पहले वे मई 2023 में जापान आए थे।

CBI कोर्ट का फैसला: झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का सहित 10 लोग दोषी

रांची झारखंड में लागू जमीन संबंधी विशेष कानून 'छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (सीएनटी एक्ट)' के उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराने मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्तिक कुमार प्रभात सहित 10 लोगों को दोषी करार दिया। इसके तुरंत बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की है। सिमडेगा निवासी एनोस एक्का वर्ष 2005 से 2008 के बीच अर्जुन मुंडा और बाद में मधु कोड़ा सरकार में मंत्री रहे। आरोप है कि मंत्री रहते उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी पते का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन की खरीद-फरोख्त की। रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने उनकी मदद की। प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से यह सौदे किए गए। सीबीआई की जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर विभिन्न इलाकों में जमीन खरीदी गई। इसमें हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल भूमि शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई के सभी आरोप सही पाए। इस मामले की सुनवाई सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने की। अदालत में दलीलों और गवाहों के आधार पर यह साबित हुआ कि जमीन खरीदने-बेचने में सीएनटी एक्ट का खुला उल्लंघन हुआ है। गौरतलब है कि छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट,1908 ब्रिटिश शासनकाल में लागू हुआ था। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय की जमीन की सुरक्षा करना है। इस कानून के तहत आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचना, गिरवी रखना या स्थानांतरित करना प्रतिबंधित है। यहां तक कि कोई आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर के किसी अन्य आदिवासी को भूमि नहीं बेच सकता है।

टैरिफ विवाद पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान– पूरे देश में देशभक्ति का जज्बा जरूरी

मैसूर  भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबके निशाने पर आ गए हैं। भारत में स्वदेशी प्रोडक्ट्स के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल की अपील की जा रही है। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ऐसी ही अपील करते हुए ट्रंप का बिना नाम लिए उन्हें अधिनायकवादी कह दिया है। उन्होंने कहा है कि आज टैरिफ लगाया जा रहा है, ऐसे में पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रज्वलित होनी चाहिए और स्वदेशी उत्पाद का इस्तेमाल करना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''मैं एक निवेदन करना चाहता हूं, विचारधारा के राजनीतिक मतभेद तो हैं, लेकिन राष्ट्रहित के मुद्दों पर पूरे देश को एक साथ खड़ा होना चाहिए। कुछ देशों के नेता अधिनायकवादी जैसा व्यवहार कर रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए संकट बन गया है। ऐसे में, मैं खड़े होकर यह कहने का साहस करता हूं कि, भौतिकवाद की आग में जलती हुई मानवता को, अगर कोई शाश्वत शांति का मार्ग दिखाएगा, तो वह हमारा भारत, हमारा देश ही होगा। इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है, इसलिए जरूरी है कि हमारा देश मजबूत बने।'' केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ''हमारे देश को दुनिया के लिए एक दिशा निर्धारित करने का प्रयास करना चाहिए। इसलिए, मैं आज भारत के सामने मौजूद चुनौतियों के विस्तार में नहीं जाना चाहता, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अपील की है। आज का ताजा संकट, टैरिफ लगाए जा रहे हैं, ऐसे माहौल में, पूरे देश में देशभक्ति की भावना प्रज्वलित होनी चाहिए। प्रत्येक भारतीय को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने दैनिक जीवन में केवल उन्हीं उत्पादों का उपयोग करेंगे जो हमारे देश में बने हैं। यह जरूरी है कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। मुझे पूरा विश्वास है कि देशवासी इस दिशा में एक नया इतिहास रचेंगे।''  

भारी बारिश ने बिगाड़ा दिल्ली-NCR का हाल, 250 फ्लाइट्स प्रभावित, सड़कें बनी तालाब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी की सड़कें तालाब में बदल गई हैंजिससे ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है। इसके अलावा फ्लाइट ऑपरेशन पर मौसम का असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है तो वहीं flightradar24.com के मुताबिक खराब मौसम के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली करीब 250 फ्लाइट लेट चल रही हैं। भारी बारिश और जलभराव का सिलसिला दिल्ली एनसीआर में आगे भी जारी रह सकता है क्योंकि मौसम विभाग ने फिर भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। दिल्ली एनसीआर में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। नालों का पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे जलभराव की समस्या और भी बढ़ गई है। आईएमडी के अनुसार, अगले 2-3 घंटों में दिल्ली के कई हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम एजेंसी ने लोगों को घर के अंदर रहने और पेड़ों या कमज़ोर ढाचों के नीचे न छिपने की सलाह दी है। उन्हें घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की भी जांच करने की सलाह दी गई है। उधर दिल्ली एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवाइडरी जारी की है।   दिल्ली एयरपोर्ट ने कहा है कि मौसम विभाग ने दिल्ली में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। फिलहाल उड़ान संचालन सामान्य है लेकिन यात्रियों को सलाह दी डाती है कि उड़ानों से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। उधर दिल्ली में बारिश के चलते प्रगति मैदान, डिफेंस कॉलोनी और प्रीत विहार जैसे इलाकों में पानी भर गया है। पश्चिम विनोद नगर, एम्स, पटपड़गंज, मयूर विहार और संगम विहार जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-नोएडा-डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे, मथुरा रोड, विकास मार्ग, आईएसबीटी, गीता कॉलोनी और राजाराम कोहली मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। बदरपुर से आश्रम तक वाहनों की लाइन लग गई, जिससे ऑफिस जाने वालों और स्कूल बसों को भारी असुविधा हुई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने और गाड़ियों के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए टीम को कई स्थानों पर तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया, बारिश और कुछ इलाकों में जलभराव के कारण यातायात धीमा रहा। स्थिति को सामान्य बनाने और यात्रियों की सहायता के लिए हमारे कर्मियों को तैनात किया गया है।  

बिहार बोर्ड 2026: छात्रों के लिए बड़ी राहत, 10वीं-12वीं रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ी

पटना बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब स्टूडेंट्स 3 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्लास 10 के लिए secondary.biharboardonline.com और क्लास 12 के लिए seniorsecondary.biharboardonline.com पर पूरी होगी। वहीं परीक्षा शुल्क का भुगतान 1 सितंबर 2025 तक करना जरूरी है। बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल्स को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें ताकि अंतिम समय की दिक्कतों से बचा जा सके। दरअसल, बिहार बोर्ड ने यह कदम 2026 परीक्षा सेशन की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए उठाया है। हाल ही में सम्पन्न हुई 2025 की मैट्रिक परीक्षा में कुल 15,58,077 छात्र बैठे थे, जिनमें से 12,79,294 ने सफलता पाई। इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी, कुल 6,49,674 लड़कियां पास हुईं जबकि 6,29,620 लड़के सफल हो सके। पास प्रतिशत 82.11% रहा। BSEB Bihar Board 2026 : ऐसे करें रजिस्ट्रेशन 1. बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.com पर जाएं। 2. होम पेज पर Bihar Board Exam 2026 Secondary/Senior Secondary लिंक पर क्लिक करें। 3. नया पेज खुलेगा, यहां रजिस्ट्रेशन करें। 4. आवेदन फॉर्म भरें और सभी डिटेल्स सही सही डालें। 5. परीक्षा शुल्क का भुगतान करें। 6. सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। 7. भविष्य की जरूरत के लिए इसका प्रिंट आउट रखें।  

AGM में अंबानी का ऐलान – भारत की रफ्तार थामना नामुमकिन, 10% ग्रोथ पूरी तरह संभव

मुंबई  मुकेश अंबानी आज शुक्रवार को रिलायंस की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग को सम्बोधित कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 10 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ सकता है। मुकेश अंबानी ने जोर देते हुए कहा कि भारत को अपनी ग्रोथ के लिए किसी देश को कॉपी करने की जरूरत नहीं है। यह अपने आप एक सबसे अगल डेवलपमेंट स्टोरी होगी। 4 से 5 गुना बढ़ सकती है प्रति व्यक्ति आय मुकेश अंबानी एनुअल जनरल मीटिंग में कहा कि एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, विजनरी लीडरशिप की वजह से भारत की ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि अगले 20 सालों में प्रति व्यक्ति आय 4 से 5 गुना बढ़ सकती है। भारत को कोई रोक नहीं सकता भारत को इसी मॉडल को कॉपी नहीं करने की जरूरत है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत टेक्नोलॉजी के साथ डेमोक्रेसी, इकनॉमी के साथ-साथ कल्चर और साइंस के साथ स्प्रिचुअलिटी की वजह से भारत सबसे अलग ही। इसलिए इसकी डेवलपमेंट स्टोरी सबसे अलग होगी। यह अपने आप में सबसे पहला डेवलपमेंट मॉडल होगा। उन्होंने शेयहोल्डर्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि 1.5 अरब लोगों को यह साझा सपना है कि ऐसा देश बनाया जाए जो दुनिया में समपन्नता लाएगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी? मुकेश अंबानी ने एनुअल जनरल मीटिंग में बताया कि उनका कंसॉलिडिटेड रेवन्यू 10,71,740 करोड़ रुपये रहा है। वहीं, EBITDA इस दौरान 1,83,422 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 81,309 करोड़ रुपये रहा है। बता दें, मुकेश अंबानी ने बताया कि उन्होंने 5.6 लाख करोड़ रुपये बीते 3 साल में निवेश किया गया है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष में 283719 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया गया है।  

जरांगे के दोहरे दांव से BJP परेशान, गणेशोत्सव के बीच बढ़ा आरक्षण का शोर

मुंबई  महाराष्ट्र एक तरफ जहां 10 दिवसीय गणेशोत्सव के रंग में रंगा हुआ है और गणपति की भक्ति में डूबा हुआ है, उसी बीच मराठों को आरक्षण दिलाने के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई के आजाद मैदान में अपना अनशन शुरू कर दिया है। वे राज्य में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार से मराठों के लिए आरक्षण का अपना वादा पूरा करने की मांग कर रहे हैं। जरांगे ने पिछले साल भी मुंबई में मार्च किया था, तब एकनाथ शिंदे सरकार ने उन्हें मराठों को आरक्षण देने का भरोसा दिलाकर मना लिया था। हालाँकि, मनोज जरांगे और मराठा आंदोलनकारियों को सरकार ने कुछ शर्तों के साथ आजाद मैदान में सिर्फ एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है,लेकिन जरांगे ने अनिश्चितकालीन अनशन का ऐलान किया है। लिहाजा, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है। त्योहारों के मौसम में मराठों के प्रदर्शन ने मुंबई पुलिस की भी चिंता बढ़ा दी है। इसकी बानगी तब देखने को मिली, जब शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन के लिए आजाद मैदान पहुंच रहे मराठों की वजह से शहर की सड़कें जाम हो गईं और लोगों को अपने-अपने दफ्तर जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंबई पुलिस ने 1,500 कर्मियों को तैनात किया था लेकिन वे नाकाफी साबित हुए। भाजपा की क्या चिंता? अब बात भाजपा की टेंशन की। पहली चिंता तो गणेशोत्सव के दौरान मंबई में मराठों के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की वजह से टकराव से जुड़ी है। दूसरी, मराठा आंदोलनकारी अब धीरे-धीरे महायुति सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। करीब नौ महीने तक शांत रहने के बाद जरांगे पाटिल ने अब अपनी बयानबाजी तेज कर दी है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली फडणवीस सरकार पर "मराठा समुदाय को मूर्ख" बनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि अगर उन्हें "गोलियों का सामना" करना पड़ा, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले लड़ाई कर दी थी शिथिल बड़ी बात यह है कि 9 महीने पहले इन्हें मराठों ने विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अपनी लड़ाई कम कर दी थी। उस समय सीएम एकनाथ शिंदे, जो खुद एक मराठा हैं, आगे बढ़ते हुए जरांगे को समझाने और शांत कराने में कामयाब रहे थे लेकिन इस बार वही शिंदे इस लड़ाई से दूर बने हुए हैं। भाजपा को इस बात की भी चिंता है कि उसके सहयोगी किनारे क्यों हैं। शिंदे ने यह कदम तब उठाया था, जब लोकसभा चुनावों में मराठा आंदोलन का भारी असर देखने को मिला था। लोकसभा चुनावों में मराठों के विरोध का खामियाजा 2024 के लोकसभा चुनावों में जरांगे पाटिल द्वारा मराठों से भाजपा का बहिष्कार करने का आह्वान कारगर रहा था। यही कारण बना कि सत्तारूढ़ भाजपा 28 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 9 पर ही जीत सकी। जबकि उनके सहयोगी दल 20 सीटों पर लड़कर 8 सीट जीत सके। हालाँकि, विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा और उसके गठबंधन ने उन ओबीसी समुदायों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया, जो कुनबी (सबसे बड़े ओबीसी समूहों में से एक जो अलग से ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहा है) के लिए आवंटित मराठों को आरक्षण का लाभ देने का विरोध कर रहे हैं। इस रणनीति का चुनावों में अच्छा परिणाम मिला और पार्टी 148 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 सीटें जीतकर सत्ता में वापस आ गई। स्थानीय निकाय चुनावों से पहले फिर आंदोलन स्थानीय चुनावों से पहले फिर से शुरू किए गए आंदोलन के बीच इस बार फिर से ओबीसी, जरांगे पाटिल के आरक्षण के विरोध में कमर कस रहे हैं। महाराष्ट्र ओबीसी महासंघ के अध्यक्ष बबनराव तायवाड़े ने दीर्घकालिक रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को नागपुर में एक बैठक बुलाई है। महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुसार, ओबीसी राज्य की कुल आबादी का लगभग 38% हिस्सा हैं। तायवाड़े ने कहा, “ओबीसी एक बड़ी ताकत हैं और अगर कोई भी इससे छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है, तो हम सड़क पर उतरकर आंदोलन के जरिए उसका मुकाबला करेंगे। हम मराठा आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे ओबीसी कोटे से ऊपर और ऊपर होना चाहिए।” MVA सियासी लाभ के फेर में दूसरी तरफ, जारंगे पाटिल के विरोध प्रदर्शन से सियासी लाभ की उम्मीद कर रही कांग्रेस, शरद पवार की NCP और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन ने उनका समर्थन किया है। इंडियन एक्सप्रेस से कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने कहा, "मैं जारंगे पाटिल के आंदोलन की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूँ ताकि मराठों को आरक्षण मिले। साथ ही, सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ओबीसी कोटा बरकरार रहे।"  

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: यूपी समेत कई राज्यों में अगले हफ्ते तक बरसेंगे बादल

नई दिल्ली मॉनसून अपने दूसरे फेज में चल रहा है और कुछ समय बाद धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा। ऐसे में जाने से पहले देशभर में मॉनसून की वजह से झमाझम बरसात हो रही है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश तक में नदियां ऊफान पर हैं, वहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब जैसे मैदानी इलाकों में भी भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाके में 29 अगस्त से दो सितंबर तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, एक और दो सितंबर को भारी बारिश होगी। वहीं, अन्य राज्यों की बात करें तो 30 अग्सत तक कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, केरल, तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। आज गुजरात में अत्यधिक भारी बरसात हो सकती है। अगले पांच दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने वाली है। 29-31 अगस्त के दौरान हिमाचल प्रदेश, 29 अगस्त से दो सितंबर के दौरान उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बरसात होगी। उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में अगले सात दिनों तक, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त से दो सितंबर, पश्चिमी राजस्थान में 31 अगस्त और एक सितंबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त, एक और दो सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 29-31 अगस्त तक, उत्तराखंड में 29 अगस्त से दो सितंबर तक, पंजाब में 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक में अगले सात दिनों तक, केरल में 29, 30 अगस्त और तीन व चार सितंबर, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, लक्षद्वीप, तमिलनाडु में 29 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक में 29 और 30 अगस्त को और केरल में 29 अगस्त को बहुत भारी बरसात होगी। अगले सात दिनों तक इलाके में अधिकांश जगह गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश में अगले सात दिनों तक, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 29-31 अगस्त तक, विदर्भ में 29 अगस्त और चार सितंबर को, बिहार में 29 और 30 अगस्त को, झारखंड में 30 अगस्त, दो सितंबर, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से तीन सितंबर तक अलग-अलग स्थानों में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 29, 30 अगस्त, चार सितंबर, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 29 अगस्त से चार सितंबर तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम में 29 अगस्त को बहुत भारी बरसात होगी।  

आम आदमी पार्टी को गुजरात में बड़ा झटका, रावल ने छोड़ी पार्टी

अहमदाबाद गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता चेतन रावल ने अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। रावल ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन वास्तविक वजहों को लेकर अटकलों को दौर शुरू हो गया है। गुजरात में पार्टी के मुखिया इशुदान गढ़वी को भेजे इस्तीफे में रावल ने कहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों की वजह से तत्काल प्रभाव से आम आदमी पार्टी से से इस्तीफा दे दिया है। चेतन रावल पूर्व टीवी एक्टर हैं और गुजरात के अहमदाबाद में प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं। 2022 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर 'आप' का दामन थाम लिया था। वह अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य महासचिव भी रह चुके हैं। वह असारवा और खाडिया सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। गौरतलब है कि रावल के पिता प्रबोध रावल भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और गुजरात गृह मंत्री भी रह चुके हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह कांग्रेस में सक्रिय हुए और अहमदाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष बने। बाद में खुद को दरकिनार बताते हुए वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। अब तीन साल बाद उन्होंने अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी छोड़ दी है। रावल का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया है।  

अंबानी का नया दांव! जानिए किस बिजनेस में उतरी नई कंपनी

मुंबई  मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में नई कंपनी का ऐलान किया है। मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) नामक एक पूरी तरह से रिलायंस की स्वामित्व वाली नई सब्सिडियरी की घोषणा की। इसका लक्ष्य है भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करना है। मुकेश अंबानी ने क्या कहा रिलायंस देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडियरी कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ स्थापित करेगी। मुकेश अंबानी ने कहा, 'मुझे गर्व है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से ही रिलायंस के डीप-टेक बिजनेस में बदलने की ओर है। इस एजेंडे को और भी अधिक फोकस और गति प्रदान करने के लिए आज मुझे रिलायंस इंटेलिजेंस नामक एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के गठन की घोषणा करते हुए अधिक खुशी और सम्मान का अनुभव हो रहा है। इन 4 बातों पर कंपनी का फोकस 1. AI-Ready डेटा सेंटर: बड़े पैमाने पर (gigawatt-scale) एआई तैयार डेटा सेंटर बनाना, जो ग्रीन एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) से चलेंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर AI ट्रेनिंग और इनफरेंस हो सके। इन सेंटरों का निर्माण पहले से ही गुजरात के जामनगर में शुरू हो चुका है। 2. वैश्विक साझेदारी: रिलायंस इंटेलिजेंस दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटीज़ के साथ मिलकर काम करेगा। इसका मकसद है AI सिस्टम्स में विश्वसनीयता, भारत के मानकों और मजबूत सप्लाई चेन लाना। 3. AI सेवाएं : रिलायंस इंटेलिजेंस का नए यूनिट का लक्ष्य होगा कि आम जनता, छोटे व्यवसाय और बड़े उद्योगों को आसान और भरोसेमंद AI-सक्रिय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही शिक्षा, कृषि जैसे राष्ट्रीय महत्व वाले क्षेत्रों के लिए विशेष AI-आधारित समाधान तैयार किए जाएं। 4. टैलेंट को आगे बढ़ाना: रिलायंस इंटेलिजेंस एक ऐसा मंच भी होगा जहां दुनिया भर के रिसचर्स, इंजीनियर्स, डिजाइनर और प्रोडक्ट्स बिल्डर मिलकर काम करें, ताकि विचार नए उत्पादों और इनोवेशन में बदल सकें। भारत और दुनिया के लिए उपयोगी समाधान बन सकें।