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बरसाना में प्रेमानंद महाराज ने लगाई गहबर वन की परिक्रमा, राधा अष्टमी की तैयारियां शुरू

मथुरा  प्रेमानंद महाराज शुक्रवार को सुबह राधारानी के धाम बरसाना पहुंचे और गहबर वन की परिक्रमा लगाई। उन्होंने राधारानी के मंदिर में जाकर दर्शन कर लाडली जू का आशीर्वाद लिया। प्रेमानंद महाराज के आने की खबर लगते ही स्थानीय लोग और राधा जनमोत्सव का दर्शन करने पहुंचे भक्त उनके दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। चारों तरफ राधारानी के जयकारे गुंजायमान हो उठे। प्रेमानंद महाराज ने भी राधा रानी के खूब जय कार्य लगाए। बता दें कि राधा अष्टमी से पहले प्रेमानंद महाराज बरसाना पहुंचे हैं। राधा अष्टमी महोत्सव के लिए 16 घंटे खुला रहेगा मंदिर बरसाना में श्री राधाष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान अभिषेक के दर्शन करीब एक घंटे तक श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे। करीब सोलह घंटे तक राधारानी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। जिला प्रशासन कि व्यवस्था के अनुरूप इस बार एकल मार्ग के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ को राधारानी मंदिर की सुदामा चौक की सीढ़ीयों से प्रवेश कराया जाएगा। वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से श्रद्धालुओं को उतारा जाएगा। सखी ललिताजी का जन्मोत्सव आज श्रीराधारानी की नगरी बरसाना में राधाजी की अष्ट सखियों में प्रमुख सखी ललिता जी का जन्मोत्सव ऊंचागांव स्थित ललिता मंदिर सहित बरसाना में भी धूमधाम से 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। कस्बे से दो किमी दूर स्थित ऊंचागांव के ललिताजी मंदिर में मंदिर के पीठाधीश्वर कृष्णानंद तैलंग उर्फ सूसठ महाराज के निर्देशन में राधा जी की प्रधानसखी ललिता जी का जन्मोत्सव 29 अगस्त को मनाया जा रहा है। इसके अलावा राधाजी के गांव बरसाना में सुदामा चौक स्थित अष्टसखी मंदिर और लाडलीजी मंदिर में मध्याह्न 12 बजे ललिताजी का जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर ऊंचागांव व बरसाना के मंदिरों में जन्माभिषेक और मंगल गीत गायन हुआ।  

महाकुंभ में अनुपस्थित रहने पर मोहन भागवत का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली साल की शुरुआत में प्रयागराज में आयोजित हुए महाकुंभ में करोड़ों भक्तों ने संगम में स्नान किया। इसमें राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल थे, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत महाकुंभ में स्नान के लिए नहीं पहुंचे। ऐसे में उस समय लोगों ने सवाल भी किया कि आखिर मोहन भागवत महाकुंभ क्यों नहीं गए। अब आरएसएस चीफ भागवत ने खुद इसकी वजह बताई है। उन्होंने कहा है कि हम लोगों को जहां बताया जाता है, वहां जाते हैं। हमें बताया गया था कि वहां बहुत भीड़ होगी। वहां संघ के लोग थे और कोलकाता में संगम का जल मंगवाकर स्नान किया था। आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन मोहन भागवत से सवाल किया गया, ''पूरा भारत कुंभ में उमड़ा, लेकिन आप इससे दूर रहे, ऐसा क्यों?'' इस पर भागवत ने कहा, ''ऐसा इसलिए, क्योंकि हम लोगों को जहां बताया जाता है, वहां जाते हैं। मैं यहां इसलिए हूं और आपसे बात कर रहा हूं, क्योंकि हमारे लोगों ने तय किया कि यहां कार्यक्रम होना है और आपको बोलना है। मैंने यह भी कहा कि पिछली बार मैंने बोला था तो किसी अन्य लोगों से कहो। लेकिन वे नहीं माने तो मुझे करना पड़ा। ऐसे ही कुंभ में मैंने डेट निकाली थी आने की। वहां हमारे सभी अधिकारी गए थे। वहां संघ था, लेकिन मैं नहीं था। क्योंकि हमको बताया गया कि उस समय बहुत भीड़ रहेगी।'' उन्होंने आगे कहा, ''अन्य कार्यक्रम जो आगे-पीछे तारीख में हैं, उसमें डिस्टर्ब हो सकता है, आप मत आइए। मैंने कहा कि पुण्य सबलोग ले रहे हैं, मुझे आप वंचित कर रहे हो। कम से कम मुझे पानी भेज दो कोलकाता में। ऐसे में कृष्णगोपाल जी ने मेरे लिए कुंभ का जल भेजा और मौनी अमावस्या के दिन उस जल से स्नान किया। संघ अगर कहेगा कि नर्क में जाओगे तो मैं जाऊंगा।'' बता दें कि इस साल जनवरी-फरवरी में यूपी के प्रयागराज में संगम के तट पर महाकुंभ आयोजित किया गया था। यूपी सरकार न दावा किया था कि इसमें देश-दुनिया से 66 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने पवित्र संगम के जल से स्नान किया था।  

कांग्रेस ऑफिस पर BJP का हल्ला बोल, मारपीट-तोड़फोड़ का आरोप

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दरभंगा में कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद के मंच से मां की गाली देने से भड़के भाजपा कार्यकर्ता शुक्रवार की सुबह पटना में सड़कों पर उतर आए और बिहार कांग्रेस के दफ्तर सदाकत आश्रम पर हमला बोल दिया। नीतीश कुमार की सरकार में बीजेपी के मंत्री नितिन नबीन और संजय सरावगी के नेतृत्व में कांग्रेस दफ्तर तक मार्च गया था, जो वहां उग्र हो गया। भाजपा के कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के अंदर घुस गए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा वालों ने दफ्तर में मौजूद लोगों से मारपीट की और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री और उनके बॉडीगार्ड हमले में शामिल थे जबकि पुलिस मिली हुई थी। विपक्षी दलों के महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान बुधवार को दरभंगा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के स्वागत में कांग्रेस नेता नौशाद के मंच से पीएम को मां की गाली दी गई थी। गुरुवार देर रात आरोपी रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को इसी बात को लेकर पटना में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पटना के कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस दफ्तर पहुंचने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। फिर मार्च में शामिल भाजपा कार्यकर्ता सदाकत आश्रम में ही घुस गए। इस पर कांग्रेस वर्कर भी उग्र हो गए। दोनों ओर से लाठी और डंडे चले हैं। सदाकत आश्रम में खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए हैं। झंडे वाले डंडे से मारपीट में दोनों और से कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। पटना जिला के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष परवेज अहमद ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा वालों के साथ मिली हुई थी। मंत्री के बॉडीगार्ड भी मारपीट कर रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा वालों ने सदाकत आश्रम में खड़े एक ट्रक और तीन कार का शीशा फोड़ दिया। उस समय कांग्रेस मुख्यालय में करीब 15 कर्मचारी थी। इन्होंने अंदर घुसे भाजपाइयों का विरोध किया तब भिड़ंत हुई। प्रदर्शनकारियों के पत्थर और डंडे से सेवादल के कार्यालय मंत्री विपिन झा और पूर्व जिलाध्यक्ष परवेज अहमद का माथा फट गया। कांग्रेस ने कहा है कि दफ्तर के स्टाफ विपिन और दिनेश शंकर दास समेत अन्य कर्मचारियों को भी पीटा गया है। पुलिस इस झड़प के बाद पहुंची, तब भाजपा कार्यकर्ता वहां से हटे। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वहां पहले से चार-पांच पुलिसकर्मी थे लेकिन मूकदर्शक बने रहे। प्रदर्शनकारियों ने बस को क्षतिग्रस्त किया मार्च में शामिल मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि पीएम की दिवंगत माता को गालियां दी गईं और विरोध पर कांग्रेस के गुंडों ने भाजपा के जुलूस पर हमला कर दिया। सदाकत आश्रम के अंदर से पत्थर चलाए गए, जिसमें हमारे कई कार्यकर्ता जख्मी हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि देश का अपमान करना कांग्रेस का चरित्र है। पहले राहुल गांधी ने पीएम के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसके बाद उनके कार्यकर्ता भी गाली देने लगे। यह देश का अपमान है, जिसे कोई सहन नहीं करेगा। नितिन नबीन ने कहा कि कांग्रेस ऑफिस में पहले से पत्थर रखे गए थे। हमारे कई कार्यकर्ता जख्मी हैं। लेकिन सही समय पर वोट के चोट से उन्हें जवाब दिया जाएगा।

HC का आदेश: हिन्दू शादी को धार्मिक अनुष्ठान नहीं मानेंगे, मंदिरों के पैसे से नहीं होगा निर्माण

चेन्नई  मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में दिए एक फैसले में कहा है कि हिन्दू विवाह कोई धार्मिक उद्देश्य के लिए किया गया कार्य नहीं है, जिसके लिए मंदिरों के फंड का इस्तेमाल किया जा सके। कोर्ट ने इसके साथ ही राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत सरकार ने पांच मंदिरों को पांच अलग-अलग स्थानों पर मंदिर का फंड इस्तेमाल कर पांच मैरिज हॉल बनाने की अनुमति दी थी। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार का आदेश हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 के नियमों और प्रावधानों का उल्लंघन है और यह 'धार्मिक उद्देश्य' की परिभाषा के तहत नहीं आता है। पीठ ने कहा कि मंदिरों का फंड सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों या चैरिटी के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है, सामाजिक कल्याण के काम के लिए नहीं। सरकार का फैसला नियमों का उल्लंघन लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीठ ने कहा, “इस न्यायालय को इस निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि विवाह समारोहों के लिए किराए पर देने के उद्देश्य से मैरिज हॉल का निर्माण कराया जा रहा है और सरकार का यह फैसला हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 के नियमों और प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आता है।” मंदिर के पैसे से व्यावसायिक कार्य नहीं कर सकते हाई कोर्ट ने कहा कि इस अधिनियम की धारा 66 के अनुसार, मंदिर अपने सरप्लस फंड का इस्तेमाल व्यावसायिक या लाभ कमाने वाले कामों में नहीं कर सकता बल्कि उसे सिर्फ धार्मिक या धर्मार्थ (चैरिटी) उद्देश्यों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि हिंदू विवाह, सिर्फ एक संस्कार है, धार्मिक कार्यकलाप नहीं। कोर्ट ने कहा कि यह एक ऐसा रीति-रिवाज है जो कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से बंधा होता है, इसलिए इसे धार्मिक उद्देश्य नहीं माना जा सकता। बिना भवन योजना मंजूरी के जारी किया गया फंड याचिकाकर्ता ने सरकारी आदेशों को चुनौती देते हुए कहा था कि मंदिर के धन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता और यह निर्णय तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 की धारा 35, 36 और 66 का उल्लंघन है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया था कि विवाह हॉल के निर्माण के लिए कोई भवन योजना मंजूर नहीं की गई थी, बावजूद इसके मंदिर फंड से धनराशि जारी कर दी गई थी। दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि हिंदू विवाह एक धार्मिक कार्यकलाप है और यह निर्णय हिंदुओं को कम खर्च में विवाह संपन्न कराने में सहायता करने के लिए लिया गया था। यह भी तर्क दिया गया कि विवाह हॉल का निर्माण मंदिर गतिविधि के लिए भवन निर्माण के अंतर्गत आता है और अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत है लेकिन हाई कोर्ट ने उन दलीलों को खारिज कर दिया।  

सरकारी फैसले पर RSS समर्थित किसान संगठन नाराज, कहा- तुरंत हो वापसी

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कृषक संगठन भारतीय किसान संघ ने कपास के आयात पर टैक्स छूट 31 दिसंबर तक बढ़ाने पर ऐतराज जताया है। किसान संगठन का कहना है कि इस कदम से घरेलू किसानों को नुकसान होगा और लंबे समय में भारत की निर्भरता आयात पर बढ़ जाएगी। आरएसएस के आनुषांगिक संगठन की ओर से इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा गया है। किसान संघ ने अपने पत्र में कहा है कि 320 लाख बेल्स कपास का सालाना उत्पादन भारत में होता है, जबकि घरेलू डिमांड 391 लाख बेल्स की है। कपास के एक बेल्स में 170 किलोग्राम आता है। भारत की तरफ से हर साल 60 से 70 लाख बेल्स का ही आयात होता है। इसका अर्थ हुआ कि कुल कपास के इस्तेमाल का लगभग 12 फीसदी भारत में बाहर से आता है। भारतीय किसान संघ ने कहा कि यदि हम इंपोर्ट पर छूट देते रहे तो फिर भारत कपास के निर्यातक देश होने की बजाय अगले कुछ सालों में बड़ा आयातक बन जाएगा। किसान संगठन ने कहा कि इस साल कपास उत्पादन का रकबा बीते साल की तुलना में 3.2 फीसदी कम हो गया है। भारतीय किसान संघ ने कहा, 'यदि घरेलू कपास के बीज की उपलब्धता नहीं बढ़ी तो फिर भारत निर्यातक की बजाय आयातक देश बनकर रह जाएगा।' भारतीय किसान संघ ने कहा कि कपास की कीमतें पहले ही 7000 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 6 हजार पर आ चुकी हैं। यदि टैक्स फ्री इंपोर्ट जारी रहा तो कीमतों में और कमी आ सकती है। पत्र में किसान संघ ने लिखा, 'यदि 2000 प्रति क्विंटल में बाहर से कपास आ जाएगा तो फिर भारतीय किसानों से कोई 5000 क्विंटल में क्यों खरीदेगा।' बता दें कि कपास के आयात पर पहले वित्त मंत्रालय ने 11 अगस्त से 30 सितंबर तक छूट दी थी। अब इसे बढ़ाकर साल के अंत तक कर दिया है। भारतीय किसान संघ के महामंत्री मोहन मित्रा का कहना है कि सरकार को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से ऐसे ही यदि आयात पर सब्सिडी जारी रही तो फिर आने वाले वक्त में विदेशी कपास के लिए भारत एक अच्छा बाजार होगा। लेकिन हम स्वदेशी स्तर पर कपास के उत्पादन में पिछड़ जाएंगे।  

‘राजनीति का गिरता स्तर चिंताजनक’ – पीएम मोदी को गाली पर मायावती की प्रतिक्रिया

पटना  बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मां की गाली से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी दुखी हैं। मायावती ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अभद्र टिप्‍पणी किया जाना दुखद और चिंतनीय है। मायावती ने 'एक्‍स' पर लिखा कि देश में खासकर राजनीतिक स्वार्थ के कारण राजनीति का गिरता हुआ स्तर अति-दुखद एवं चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं व विशेषकर राजनीति में उच्च पदों पर बैठे लोगों के बारे में जिस प्रकार की अभद्र, अशोभनीय, अमर्यादित व असंसदीय टिप्पणी करके उनकी व देश की छवि को भी धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं वह अत्यंत दुखद व चिंतनीय है। कहा कि इस संबंध में सभी दलों की राजनीति सिद्धांत आधारित और देश और आमजन के हित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर चुनाव के समय यह प्रक्रिया और भी अधिक विषैली व हिंसक हो जाती है। इसी क्रम में अभी बिहार में भी जो कुछ देखने व सुनने को मिला है वह देश की चिंता को बढ़ाने वाला है। मायावती ने कहा कि बसपा किसी भी प्रकार की दूषित व जहरीली राजनीति के खिलाफ है। भाजपा ने इस मुद्दे पर कहा है कि बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत 'इंडिया' गठबंधन को जनता द्वारा ''दंडित'' किया जाएगा। सोशल मीडिया पर आई एक वीडियो क्लिप में कुछ लोग 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान दरभंगा में एक मंच से प्रधानमंत्री मोदी को मां की गाली देते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने गाली देने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम योगी आक्रोशित इससे पहले सीएम योगी ने इसी लेकर गुस्से का इजहार किया था। योगी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। INDI गठबंधन के नेताओं द्वारा किया गया यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारत वासियों की भावनाओं का अपमान है। याद रहे, एक साधारण माँ ने अपने संघर्षों और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में जन-जन के मन में बसते हैं। बिहार की जनता निश्चित ही इस घृणित राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।  

महुआ मोइत्रा का बयान विवादों में, विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

नई दिल्ली  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा विवादों में आ गईं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाए हैं कि मोइत्रा ने शाह का 'सिर काटने' की बात कही है। खास बात है कि यह मामला ऐसे समय पर आया है, जब बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। बंगाल भाजपा ने लिखा, 'जब महुआ मोइत्रा गृहमंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो ये टीएमसी की निराशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है, जो बंगाल की छवि खराब कर रही है और राज्य को पीछे ले जा रही है।' पार्टी ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें मोइत्रा पत्रकारों से बातचीत करती नजर आ रहीं हैं। पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाला गिरफ्तार पीटीआई भाषा के अनुसार, बिहार पुलिस ने राज्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​रजा (20) के रूप में हुई है, जिसे दरभंगा शहर के सिंहवाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया। भारतीय जनता पार्टी की दरभंगा जिला इकाई के अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी की शिकायत के आधार पर उसके और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।  

सिंधु जल समझौता रोकने का डर दिखाकर पाकिस्तान ने बाढ़ की जिम्मेदारी भारत पर डाली

लाहौर  रावी, सतलुज और ब्यास नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित इजाफा होने से पंजाब में बाढ़ आ गई है। राज्य के ज्यादातर जिलों के निचले इलाके डूबे हुए हैं। सैकड़ों गांवों में जलस्तर इतना बढ़ गया है कि दूर तक पानी-पानी ही दिख रहा है। हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है। यही नहीं रावी नदी के बढ़े जलस्तर से सीमा पार यानी पाकिस्तान में भी बाढ़ आ गई है। पाकिस्तानी पंजाब के बड़े शहर लाहौर में भी पानी घुस गया है। इससे बौखलाये पाकिस्तान ने बाढ़ के लिए भी भारत को ही जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि रावी नदी पर भारत में बने माधोपुर हेडवर्क्स में तकनीकी समस्या के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि इसी के कारण तेजी से पानी का बहाव इस तरफ आया है। यही नहीं पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने इसकी सूचना नहीं दी और हमें तैयारी का भी मौका नहीं मिली। मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह सबसे चिंता की बात है कि भारत ने एक बार जानकारी तक नहीं दी कि ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। पाकिस्तान का कहना है कि सिंधु जल समझौते को रोकने के चलते ऐसे हालात बने हैं वरना ऐसा नहीं होता। पाकिस्तान का कहना है कि रविवार के बाद से अब तीन बार ही भारत से सूचना मिली थी। पहली सूचना यह मिली कि तवी नदी में जलस्तर बढ़ने वाला है। फिर दो बार सतलुज नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बारे में बताया गया। लेकिन रावी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। द न्यूज लिखता है कि ऐसे हालात बने हैं कि पाकिस्तान का सिंधु जल आयोग भारत से इस बारे में बात भी नहीं कर पा रहा है ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि माधोपुर हेडवर्क्स के कम से कम 4 गेट खराब हो गए हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में खेती की जमीन डूब गई है। गांवों में भी पानी घुस आया है और लोग पलायन को मजबूर हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि कुल 54 फ्लडगेट्स हैं, जिनमें से किसी को भी बीते कई सालों से अपग्रेड नहीं किया गया है। माधोपुर हेडवर्क रावी नदी पर गुरदासपुर जिले में स्थित है। इसी के माध्यम से ऊपरी बारी दोआब नहर में सिंचाई के लिए पानी डाला जाता है। यह नहर पंजाब के गुरदासपुर, अमृतसर, तरन तानर और अन्य इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था करती है। पाकिस्तान का कहना है कि लाहौर के पास स्थित शाहदरा में अचानक ही रावी नदी में 2 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी आ गया। इसके चलते हालात बिगड़ गए हैं। क्या होता है हेडवर्क, जिसमें खराबी की बात कर रहा पाकिस्तान नदी में डायवर्जन हेडवर्क्स का निर्माण किया जाता है ताकि नहर में आने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सके। ये नहर में गाद के प्रवेश को नियंत्रित करते हैं। ये बैराज से थोड़े छोटे होते हैं। हेडवर्क्स एक इंजीनियरिंग का शब्द है, जिसका उपयोग जलमार्ग के शीर्ष या मोड़ बिंदु पर किसी भी संरचना के लिए किया जाता है। इसका उपयोग नदी के पानी को नहर में या बड़ी नहर के पानी को छोटी नहर में मोड़ने के लिए किया जाता है।  

ब्रॉन्को टेस्ट पर विवाद, पूर्व खिलाड़ी बोले- रोहित शर्मा को बाहर करने की साजिश

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने विस्फोटक दावा करते हुए कहा है कि कोई है जो रोहित शर्मा को पसंद नहीं करता। वह नहीं चाहता कि हिटमैन वनडे टीम का हिस्सा हों। उन्हें टीम से बाहर करने के लिए ही भारतीय क्रिकेट में नए ब्रोन्को टेस्ट को लाया गया है। आम तौर पर रग्बी खिलाड़ियों को इस टेस्ट से गुजरना पड़ता है लेकिन टीम इंडिया के स्ट्रेंथ ऐंड कंडिशनिंग कोच एड्रिय ले रॉक्स की देखरेख में इसे भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया गया है। अब टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों को क्लियर करना पड़ेगा। क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने दावा किया कि ब्रोन्को टेस्ट लाने की टाइमिंग और इस फिटनेस टेस्ट के पीछे की मंशा से कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब जब भारतीय टीम 2027 वर्ल्ड कप से पहले संक्रमण के दौर से गुजर रही है। मनोज तिवारी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 वर्ल्ड कप की योजना से बाहर रखना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मुझे संदेह है कि वे रोहित शर्मा को लेकर कुछ सोच रहे हैं।’ तिवारी ने कहा कहा, 'देखिए, भारतीय क्रिकेट में क्या कुछ हो रहा है, उसे मैं बहुत ही बारीकी से देखता हूं। और मुझे विश्वास है कि यह ब्रोन्को टेस्ट जिसे कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस किया गया है, मुझे लगता है कि यह रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के लिए है। मुझे लगता है कि कोई है जो नहीं चाहता कि वह भविष्य में टीम का हिस्सा रहे। और इसीलिए इसे इंट्रोड्यूस किया गया है।' बोन्को टेस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'सवाल है कि अभी क्यों? तब क्यों नहीं जब नए हेड कोच आए और पहली सीरीज की जिम्मेदारी संभाले? ये किसका आइडिया है? किसने इंट्रोड्यूस किया? किसने कुछ दिन पहले इस ब्रोन्को टेस्ट को लागू किया? ये वो सवाल हैं जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल रहा लेकिन ऑब्जर्वेशन कहता है कि रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होने वाली है क्योंकि वह अपनी फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करते। और मुझे लगता है कि ब्रोन्को टेस्ट के जरिए उन्हें रोक दिया जाएगा।'  

कमबैक मैच में मोहम्मद शमी हुए महंगे, दलीप ट्रॉफी में जमकर पड़े रन

नई दिल्ली  तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे से भारतीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में वह लगातार टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि शमी की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी निराशाजनक रही और उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2025 के क्वार्टर फाइनल में महंगा स्पेल डाला है। नौ महीने बाद रेड बॉल क्रिकेट में मोहम्मद शमी की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ईस्ट जोन के लिए खेल रहे शमी को नॉर्थ जोन के खिलाफ सिर्फ एक विकेट मिला। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 23 ओवर में 100 रन लुटाए। शमी ने नॉर्थ जोन के बल्लेबाज साहिल लोत्रा को आउट किया। उनके अलावा मनीषी ने ईस्ट जोन के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 22.2 ओवर में 111 रन देकर छह विकेट लिए, जबकि सिराज सिंधु जसवाल (2/44) ने भी दो विकेट लिए। इससे पहले मोहम्मद शमी ने लाल गेंद से रणजी ट्रॉफी में खेला था, जहां उन्होंने दो पारियों में सात विकेट लिए थे। टेस्ट मैचों में उनका आखिरी प्रदर्शन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 के दौरान हुआ था। 34 वर्षीय शमी को हाल ही में फिटनेस समस्याओं के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना गया था। नार्थ जोन ने आयुष बदोनी (63) और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) की पारियों की मदद से पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 308 रन बना लिये हैं। ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी नार्थ जोन के लिए शुभम खजुरिया और कप्तान अंकित कुमार की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। 15वें ओवर में मनीषी ने अंकित कुमार (30) को पगबाधा आउटकर ईस्ट जोन को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने शुभम खजुरिया (26) को भी पगबाधा आउट कर पवेलियन भेज दिया। मनीषी का तीसरा शिकार यश ढुल (39) बने। यश ढुल और आयुष बदोनी के बीच तीसरे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी हुई। 43वें ओवर में मुख्तार हुसैन ने आयुष बदोनी (60 गेंदों में 63 रन) को आउटकर बड़ी सफलता दिलाई। आयुष बदोनी ने अपनी पारी में सात चौके लगाये। निशांत सिंधु (47) और साहिल लूथरा 19 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण दिन का खेल जल्दी समाप्त होने के समय नार्थ जोन ने 75.2 ओवर में छह विकेट पर 308 रन बना लिये थे और कन्हैया वधावन (नाबाद 42) और मयंक डागर (नाबाद 28) क्रीज पर मौजूद थै। ईस्ट जोन की ओर से मनीषी ने 19 ओवर में 90 रन देकर तीन विकेट लिये। मोहम्मद शमी, सूरज सिंधु जायसवाल और मुख्तार हुसैन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।