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विमानन निदेशालय ने ऑपरेटर चयन के लिए जारी किया आरएफपी, जबलपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट बढ़ोतरी पर सुनवाई

जबलपुर  डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित नहीं होने पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई हुई. पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा. इस दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में पेश जवाब में बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन हेतु आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया है. याचिका की सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया था कि पहले जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थीं. डुमना एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने आरएफपी जारी जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर और भोपाल के सामान थी. फ्लाईट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है. विमानन कंपनियों की तरफ से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करना काफी महंगा पड़ता है. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इसके पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किये थे. पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई थी. इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहें. 9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को 3 बिन्दुओं पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है. याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की तरफ से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया. उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि "इंदौर शहर से लगभग 80, भोपाल से 50 और ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि जबलपुर से सिर्फ 9 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि सरकार ने इस एयरपोर्ट पर 400 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे और केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय हैं. इसके अलावा 4 टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में हैं. इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार और विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं." 

रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान : 17 सितम्बर से चलेगा आदि सेवा पखवाड़ा रायपुर: 17 सितम्बर से शुरू होगा ‘आदि सेवा पखवाड़ा’, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आयोजन आदि कर्मयोगी अभियान: रायपुर में 17 सितम्बर से चलेगा विशेष सेवा पखवाड़ा लोगों की समस्या व शिकायत का निराकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का होगा आयोजन रायपुर आदि कर्मयोगी अभियान के तहत बलौदाबाजार जिले के आदिवासी बाहुल्य 46 ग्राम पंचायतों में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक आदि सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी -कर्मचारी द्वारा लोगों की समस्या एवं शिकायतों का निरकारण करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को जिला स्तरीय कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से अभियान के सम्बन्ध में जरूरी निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सभी सम्बधित विभाग योजनाओं का शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने मिशन मोड़ में काम करें। फिल्ड में कर्मचारियों की मौजूदगी हो। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करें। स्व सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ें। बताया गया कि जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 46 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियो का चिन्हांकन कर लिया गया है। इसके साथ ही इन ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी कराया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक चयनित ग्राम में आदि सेवा केंद्र स्थापित किये जाएंगे जो शासकीय सेवाओं की प्रदायगी एयर जनभागीदारी को बढ़ावा देने का केंद्र बनेंगे। चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, स्वयं सेवी संगठन और युवाओं को शामिल किया जाएगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत  विकास कार्य तीन स्तर पर क किया जाएगा जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना है। इसमें प्रशासनिक अमले से जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी।आदि सहयोगी  ग्राम स्तर पर कार्य करेंगे जिसमें शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया जैसे व्यक्ति ग्राम के विकास की रूपरेखा व्यक्तिगतमूलक, पारिवारिकमूलक एवं समुदाय मूलक अनुसार तैयार करेंगे। तीसरे क्रम पर आदि साथी होंगे जिन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाना है। उल्लेखनीय है कि जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा पिछड़े और जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के कार्य को नई दिशा देने हेतु एक नई पहल की गई है जिसे “आदि कर्मयोगी अभियान”नाम दिया गया है। कार्यशाला में डीएफओ धम्मशील गणवीर सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ ऑनलाइन जुड़े थे।

चुनावी सर्वे: NDA को मिली बड़ी बढ़त, BJP का अकेला प्रदर्शन पर्याप्त नहीं

 नई दिल्ली देश में अगर आज आम चुनाव हो जाएं तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की सीटें बढ़कर 324 हो जाएंगी. यही नहीं, बीजेपी की सीटें भी 240 से बढ़कर 260 हो जाएंगी. हालांकि पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से नीचे ही रहेगी. इंडिया टुडे और सी-वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में ये नतीजे निकलकर आए हैं.   ये सर्वे देश के सभी राज्यों और लोकसभा क्षेत्रों में 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच हुआ. हर आयु वर्ग जाति, धर्म, लिंग वाले 54 हजार 788 लोग इसमें शामिल हुए. इसके अलावा पिछले 24 हफ्तों में 1 लाख 52 हजार 38 लोगों से भी राय ली गई थी. उसका विश्लेषण भी इसमें शामिल किया गया. इस तरह कुल 2 लाख 6 हजार 826 लोगों की राय से तैयार हुए मूड ऑफ द नेशन के नतीजे. हालांकि इन आंकड़ों में भी मोटे तौर पर 3 प्रतिशत और बारीक स्तर पर 5 प्रतिशत का मार्जिन एरर हो सकता है. MOTN सर्वे में पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो परिणाम क्या होगा, किस गठबंधन को कितनी सीटें मिलेंगी? सर्वे में सामने आया कि NDA को 324 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि INDIA ब्लॉक को 208 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य के खाते में 11 सीटें जा सकती हैं. हालांकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 293 सीटें मिली थीं, जबकि INDIA ब्लॉक के खाते में 234 सीटें आई थीं. फरवरी-2025 में सर्वे किया गया था, जिसमें एनडीए को 343 सीटें और INDIA ब्लॉक को 188 सीटें मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितने वोट? अगर गठबंधन वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक NDA गठबंधन को 46.7%, INDIA ब्लॉक को 40.9% और अन्य को 12.4% वोट शेयर मिल सकता है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए को 43% वोट शेयर मिला था, जबकि INDIA ब्लॉक को 40% वोट मिला था. फरवरी में हुए सर्वे में एनडीए को 47% और INDIA ब्लॉक को 41% वोट शेयर मिलने का अनुमान था. आज चुनाव हुए तो किसको कितनी सीट? सर्वे में ये पूछा गया कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी. सर्वे में सामने आया कि बीजेपी को 260 , कांग्रेस को 97 और अन्य को 186 सीटें मिलने का अनुमान है. 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 सीटें मिली थीं. फरवरी में हुए सर्वे में बीजेपी को 281 सीटें और कांग्रेस को 78 सीटें मिलने का अनुमान था. पार्टी वाइज वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक बीजेपी के खाते में 40.6%, कांग्रेस के खाते में 20.8% और अन्य के खाते में 38.6%  वोट जा सकते हैं. 

रायसेन : लापता निकिता का पंजाब में पता चला, हार्वेस्टर चलाने वाले प्रेमी संग ब्याह

रायसेन  मध्य प्रदेश इन दिनों युवतियों के रहस्यमयी ढंग से गायब होने की घटनाओं से हलाकान है. कटनी की अर्चना तिवारी के नेपाल बॉर्डर से मिलने के बाद अब रायसेन जिले की निकिता लोधी संगरूर (पंजाब) से बरामद हुई है. पुलिस ने निकिता को पंजाब से दस्तयाब किया है. वह हार्वेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागकर शादी कर चुकी थी. रायसेन के गैरतगंज के टेकापार निवासी निकिता लोधी 18 अगस्त से लापता थी. परिजनों ने बहुत ढूंढने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. निकिता 8 दिन से लापता थी और परिजन उसे तलाश रहे थे.  वह 18 अगस्त को कॉलेज की फीस जमा करने कंप्यूटर शॉप गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी. परिजनों ने रिश्तेदारों सहित हर जगह तलाश की, फिर गैरतगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने 19 अगस्त को गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की. 8 दिन बीतने पर परिजन परेशान थे. उन्होंने भोपाल, रायसेन और आसपास तलाश की. परिजनों ने डीजीपी और सीएम मोहन यादव से गुहार लगाई ताकि पुलिस अर्चना तिवारी की तरह निकिता को भी गंभीरता से ढूंढे. पुलिस ने CCTV फुटेज और CDR खंगालना शुरू किया.  परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निकिता की लोकेशन कभी पंजाब, कभी तेलंगाना के हैदराबाद में बताई, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई. मध्य प्रदेश के बाहर उनका कोई संपर्क नहीं था. पुलिस को पंजाब के संगरूर में निकिता की लोकेशन मिली और गुरुवार शाम उसे वहां से बरामद किया गया.  रायसेन एसपी पंकज पांडे ने बताया, निकिता हारवेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागी थी. दोनों ने पंजाब में मंदिर में शादी कर ली थी. दोनों ने पंजाब पुलिस से प्रोटेक्शन के लिए आवेदन दिया था. रायसेन पुलिस निकिता को लेकर रायसेन लौट रही है.

जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम

रायपुर : अब बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं: जीपीएम जिले के पंप संचालकों ने उठाया कदम जीपीएम जिले के सभी पंप संचालक बने रेडक्रॉस के आजीवन सदस्य, शुरू की हेलमेट मुहिम बिना हेलमेट पेट्रोल बंद, जीपीएम पंप संचालकों ने बढ़ाया सुरक्षा और समाजसेवा का कदम रायपुर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में हुई बैठक में तय किया गया कि अब जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। बैठक में सभी पंप संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया और सहमति जताई। तय हुआ कि आने वाले एक हफ्ते तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि पेट्रोल लेने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। इसके लिए सभी पंपों पर चेतावनी वाले फ्लैक्स लगाए जाएंगे और चौक-चौराहों पर भी घोषणाएं की जाएंगी। इसके बाद प्रशासन हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करेगा। बैठक में मानवता की सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्यता लेने पर भी चर्चा हुई। इसमें सभी पंप संचालकों ने 1000 रुपये शुल्क जमा कर आजीवन सदस्यता ली। इसके साथ ही, गौरेला के मथुरा पेट्रोल पंप संचालक उमेश अग्रवाल और पेंड्रा के काव्या पेट्रोल पंप संचालक आदित्य साहू ने 25 हजार रुपये सेवा शुल्क देकर संरक्षक सदस्यता भी ग्रहण की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा सहित जिले के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से जुड़े विभिन्न पंप संचालकों ने भी भाग लिया और इस जनहितकारी निर्णय का समर्थन किया। इस तरह प्रशासन और पंप संचालकों के संयुक्त प्रयास से जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और हेलमेट पहनने की आदत से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया मदद का हाथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की विशेष सहायता-CM  CM विष्णु देव साय का बड़ा कदम: 72 मरीजों को मिली 2.85 करोड़ की मदद रायपुर जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

DVC ने उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू किए, स्मार्ट मीटर विवाद में मिली राहत

बेरमो स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रहे विरोध और आंदोलन के बीच डीवीसी प्रशासन ने उपभोक्ताओं को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। डीवीसी ने स्पष्ट किया है कि संविदा श्रमिकों, बैंक कर्मचारियों, डाकघर कर्मचारियों, विद्यालयों के कर्मचारियों, डीवीसी के पेंशनरों और अन्य केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब एलटी बिजली आपूर्ति प्रीपेड मीटर प्रणाली के तहत मिलेगी। जारी आदेश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 से प्रीपेड बिलिंग व्यवस्था लागू होगी। इस व्यवस्था के आरंभ में उपभोक्ता का खाता शून्य शेष राशि से शुरू होगा। वहीं, उपभोक्ताओं पर पूर्व में बकाया बिल की राशि को संबंधित एचओपी के स्तर पर सामंजस्य स्थापित करने के बाद छह समान मासिक किस्तों में वसूला जाएगा। डीवीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस अचानक खत्म हो जाता है तो उसकी बिजली आपूर्ति तत्काल बाधित नहीं होगी। उपभोक्ताओं को (-) 200 रुपये तक का अतिरिक्त उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यदि इस अवधि में खाता रिचार्ज नहीं किया गया तो आपूर्ति अस्थायी रूप से काट दी जाएगी। डीवीसी का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को समय पर रिचार्ज करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए की गई है। इसके अलावा, सभी एचओपी को निर्देश दिया गया है कि वे पूर्व बकाया राशि की वसूली पर अपने स्तर से सामंजस्य स्थापित करने के बाद मासिक एमआईएस रिपोर्ट डीवीसी मुख्यालय को भेजें। प्रशासनिक स्तर पर यह भी कहा गया है कि उपभोक्ताओं को जानकारी देने के लिए नोटिस चिपकाए गए हैं और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।  

रसोई में बरतें सावधानी! कीटनाशक स्प्रे और सिलेंडर पर पानी डालना पड़ सकता है भारी

संत हिरदाराम नगर खाना बनाते समय सतर्क रहना चाहिए। रसोई गैस का उपयोग सुरक्षा मापदंड के अनुरूप ही करना चाहिए। कीटनाशक स्प्रे के प्रयोग से भी आग लग सकती है।  संत हिरदाराम कॉलेज में आयोजित फायर ड्रिल एवं इवैक्यूएशन कार्यशाला को संबोधित करते हुए अग्निशमन विशेषज्ञ साजिद खान ने यह बात कही। खान ने छात्राओं को आग लगने की विभिन्न परिस्थितियों विशेष रूप से एलपीजी गैस और पेट्रोल से उत्पन्न अग्निकांड से निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि रसोई में खाना बनाते समय या कीटनाशक स्प्रे के प्रयोग से भी आग लग सकती है, और ऐसे हालात में क्या सावधानियां अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लगी आग को पानी से नहीं बुझाना चाहिए। आग बुझाने के लिए अग्निशामक यंत्र का ही प्रयोग करना चाहिए। आग बुझाते समय घबराएं नहीं खान ने कहा कि आग बुझाते समय घबराएं नहीं। उन्होंने लेक्ट्रिक शाक से बचाव के उपायों, अग्निशामक यंत्रों के विभिन्न प्रकारों तथा उनके उपयोग की जानकारी भी व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से दी। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षा के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान भी किया। प्राचार्य डालिमा पारवानी ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि हमें जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा मिली है। इस मौके पर एनसीसी इकाई की प्रभारी शांति शर्मा सहित अनेक लोग मौजूद थे।  

हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत, महिलाओं के लिए 2100 रुपए की सुविधा

हरियाणा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मिटिंग के बाद प्रेस कॉन्फेंस की। प्रेस कॉन्फेंस में सीएम सैनी ने बड़ी घोषणा की कि महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 25 सितंबर से मिलेगा। कैबिनेट मीटिंग में महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए "लाडो लक्ष्मी योजना" को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का शुभारम्भ पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जयंती पर 25 सितंबर 2025 से होगा।    23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ  इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 सितंबर 2025 को हरियाणा की 23 वर्ष आयु या उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें विवाहित और अविवाहित दोनों ही तरह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। पहले चरण में उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगा। इस योजना में आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से अन्य आय समूह को भी शामिल किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला या विवाहित महिला के पति का हरियाणा में पिछले 15 साल से मूल निवासी होने चाहिए।    परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं इस योजना के तहत एक परिवार में महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यदि एक परिवार में 3 महिलाएं हैं, तो उन तीनों महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा पहले से चलाई जा रही ऐसी 9 योजनाओं, जिनमें आवेदिका को पहले से ही अधिक राशि की पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। स्टेज 3 और 4 कैंसर पीड़ित मरीजों (महिलाओं), सूचीबद्ध 54 दुर्लभ बीमारियों, हीमोफिलिया, थैलेसिलमिया और सिकल सेल से पीड़ित मरीज़ों पहले से पेंशन मिल रही है। पहले चरण में लगभग 20 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ- सीएम सैनी इन महिलाओं को इस योजना का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। जिस दिन कोई अविवाहित लाभार्थी 45 वर्ष की आयु पूरा करेगी उस दिन वे ऑटोमैटिक विधवा और निराश्रित महिला को वित्तीय सहायता योजना के लिए पात्र हो जाएंगी। जिस दिन लाभार्थी महिला 60 वर्ष की आयु की होगी, उस दिन वे ऑटोमैटिक वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के लिए पात्र हो जाएगी। पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 19-20 लाख महिलाओं को मिलेगा। आज की कैबिनेट के बाद आने वाले 6 या 7 दिनों में हम न केवल योजना की गजट नोटिफिकेशन कर देंगे, वरन एक ऐप भी लॉन्च करेंगे।

अगले साल तक उपलब्ध होंगी गेहूं की 14 और जौ की 4 नई किस्में

ग्वालियर देश में अगले वर्ष तक किसानों को 18 नई किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें 14 किस्में गेहूं की और चार किस्में जौ की शामिल हैं। इन किस्मों की खास बात यह है कि ये न केवल उच्च उत्पादन क्षमता वाली हैं, बल्कि पोषण की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध हैं। हाल ही में देश में कृषि विज्ञानियों द्वारा अनुसंधान से विकसित की गईं इन किस्मों में जिंक और आयरन की मात्रा 45 पीपीएम और प्रोटीन की मात्रा 13.5 प्रतिशत तक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन किस्मों के अनाज से खासकर कुपोषण से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों में पोषण संबंधी कमी को दूर किया जा सकेगा। सेंट्रल वैरायटी रिलीज कमेटी को भेजेंगे जौ की चारों किस्में भी उत्पादन और पोषण के लिहाज से अहम हैं। इनमें डीडब्ल्यूआरबी-223 एक विशेष किस्म है, जो छिलका रहित है। इसे गेहूं में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है, जिससे पोषण में और भी वृद्धि होगी। ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 64वीं अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी के समापन अवसर बुधवार को इन नई किस्मों को अंतिम परीक्षण और मंजूरी के लिए सेंट्रल वैरायटी रिलीज कमेटी को भेजने की सहमति दी गई। समापन समारोह की अध्यक्षता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डॉ. एसके प्रधान ने की, जबकि सह-अध्यक्षता भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने की। डॉ. तिवारी ने जौ की छिलका रहित किस्म को किसानों के लिए उपयोगी बताया। गोष्ठी के समापन सत्र में फसल सुधार, फसल सुरक्षा, गुणवत्ता, मूलभूत और सामाजिक विज्ञान, एवं जौ नेटवर्क की प्रमुख अनुशंसाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दलहन-तिलहन को मिलेगा बढ़ावा गोष्ठी में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन राज्यों में गेहूं का उत्पादन सीमित है, वहां के किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल पोषण सुरक्षा में वृद्धि होगी बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। जल्द ही किसानों को उपलब्ध होंगी ये किस्में गेहूं की किस्में     एनआइएडब्ल्यू – 4114 (निफाड)     डब्ल्यूएच – 1306 (हिसार)     केबी – 2031 (कानपुर)     यूपीबी – 1106 (पंतनगर)     एचडी – 3428 (नई दिल्ली)     डीबीडब्ल्यू – 386, डीबीडब्ल्यू – 443 (करनाल)     पीबीडब्ल्यू – 891 (लुधियाना)     लोक – 79 (सनोसरा)     एनडब्ल्यूएस – 2222 (नुजिवीडु)     एकेएडब्ल्यू – 5100 (अकोला)     जीडब्ल्यू – 543 (विजापुर) जौ की किस्में     डीडब्ल्यूआरबी – 219     डीडब्ल्यूआरबी – 223 (करनाल) इन राज्यों को मिलेगा सीधा लाभ महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के किसानों को इन नई किस्मों से पोषण और उत्पादन दोनों के स्तर पर लाभ मिलेगा।