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मध्यप्रदेश: जल जीवन मिशन के तहत नल जल मेंटेनेंस में PHE लगेगा, लागत करीब 1200 करोड़

भोपाल  मध्यप्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल जल योजनाओं के मेंटेनेंस का काम अब लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) द्वारा किया जाएगा। इस काम में सालाना करीब 1200 करोड़ रूपए का खर्च आएगा। जिसको लेकर पीएचई के अधिकारियों द्वारा पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में पेश करने की तैयारी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, एकल नल जल योजना उन गांवों के लिए है जहां छोटे जल स्रोत है और जहां स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति की जा सकती है। सरकार ने ऐसे 27990 गांवों के लिए एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की हैं। फैक्ट फाइल     27,990 ऐसे गांव जहां एकल नल जल योजनाओं की दी गई स्वीकृति     20,000 करोड़ खर्च कर गांव-गांव सुगम करेंगे पेयजल व्यवस्था जिम्मेदारी को लेकर कई माह से था पेंच एकल नल जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी को लेकर पिछले कई माह से पेंच फंसा हुआ था। पहले मुख्य सचिव और मंत्री स्तर पर कई मर्तबा वार्ता हुई लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया गया कि इसके मेंटेनेंस का काम पीएचई विभाग द्वारा ही देखा जाएगा। 2027 तक प्रदेश में काम पूरा करने का लक्ष्य जल जीवन मिशन के एकल नल जल योजना पर करीब 20 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। ताकि गांवों में आने वाले सालों में सुगम रूप से पानी की सप्लाई हो सके। लेकिन मेटेंनेस की जिम्मेदारी तय नहीं होने से यह योजना खटाई में पड़ सकती थी। इसलिए सरकार द्वारा इस मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए जिम्मेदारी तय की गई है। बता दें प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027 तक का रखा गया है। इमरजेंसी सेवा सेवा के लिए तैनात होंगे वाहन मेंटेनेंस की जिम्मेदारी मिलने के बाद पीएचई विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा आगे की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग के मुताबिक प्रत्येक गांवों में इमरजेंसी वाहन तैनात किए जाएंगे। जो सभी जरूरी मशीनरी जैसे ट्राईपॉड, चैन-पुल्ली सहित अन्य संयंत्रों से लेस होंगे। किसी इमरजेंसी में फोन आते ही गांवों की तरफ मूवमेंट करेंगे।

आबादी असंतुलन पर मोहन भागवत का बयान- हर परिवार में हों 3 संतान

 नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि सभी परिवारों को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में परिवार व्यवस्था बनी रहे और देश की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे, इसके लिए जरूरी है कि तीन बच्चे सभी परिवारों में रहें। मोहन भागवत ने कहा कि हमने विभाजन का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि हम अखंड भारत के समर्थक हैं और हमारा इस पर यकीन है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हम सभी की एक पहचान है। सभी लोग हिंदू हैं और उनकी एक ही पहचान है। आरएसएस चीफ ने कहा कि एकता की बात वहां की जाए, जहां कोई अंतर हो। आरएसएस के 100 साल पूरा होने के मौके पर संघ की ओर से देश भर में कार्यक्रमों का आयोजन होना है। इसकी शुरुआत दिल्ली में तीन दिवसीय सम्मेलन हो रहा है, जिसमें समाज के विविध वर्गों से आने वाले लोगों से संघ प्रमुख मोहन भागवत बात कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को आयोजन के तीसरे दिन कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए। इसके अलावा हमें अपनी भूमिका अवैध घुसपैठ को रोकने में भी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध घुसपैठ रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। 'किसी वर्ग के खिलाफ अन्याय हुआ है तो उसे दूर करना चाहिए' उन्होंने कहा कि धर्मांतरण और अवैध घुसपैठ के कारण ही देश में जनसंख्या का असंतुलन हुआ है। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्तिगत पसंद का विषय है, इसमें किसी प्रकार का प्रलोभन या बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। मोहन भागवत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि हिंदू समाज में एकता की जरूरत है। इसके लिए हमें मंदिर, श्मशान और कुंओं को एक रखना होगा। इस दौरान मोहन भागवत से एक सवाल आरक्षण को लेकर भी हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि एक वर्ग के खिलाफ अन्याय हुआ है और उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उन्हें सहारा मिलना चाहिए। आरक्षण कब तक रहना चाहिए? मोहन भागवत ने खुलकर दिया जवाब मोहन भागवत ने यह भी कहा कि समाज में एकता के लिए यह जरूरी है कि कोई गड्ढे में गिरा है तो उसे हाथ देकर ऊपर खिंचा जाए। इसी से समाज में एकता होगी। उन्होंने कहा कि हमें सद्भाव के साथ इस पर काम करना होगा। मोहन भागवत ने कहा कि जब तक आरक्षण के लाभार्थियों को लगता नहीं है कि अब हम अपने बलबूते खड़े रहेंगे, तब तक हम इसके समर्थन में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत जितना आरक्षण दिया जा रहा है। हम उसके साथ हैं। आरएसएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि हम समाज में जातिगत भेदभाव मिटाना चाहते हैं और इसके लिए हर तरह की खाई समाप्त करनी होगी।  

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में तैयारी जोरों पर, नोडल अधिकारी घोषित

अयोध्या उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2025 को लेकर तैयारी जोरशोर चल रही है। इसके लिए यूपी सरकार ने अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी है। इसे लेकर एक पत्र भी जारी किया गया है। रामनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव 2025 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने दीपोत्सव आयोजन की निगरानी और समन्वय के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। जारी आदेश के अनुसार, अरविंद कुमार मिश्रा और डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह को दीपोत्सव के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये दोनों अधिकारी आयोजन से जुड़े सभी कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और मीडिया समन्वय का कार्य संभालेंगे। यह आदेश सूचना निदेशक विशाल सिंह ने जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, अयोध्या में 19 अक्टूबर 2025 को प्रान्तीयकृत दीपोत्सव मेला का आयोजन होगा। बता दें कि पिछले साल 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भगवान राम के आगमन पर दीपोत्सव का आयोजन हुआ था। इस दौरान 25 लाख 12 हजार 585 दीये जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। इसके साथ 1 हजार 121 लोगों ने एक साथ सरयू आरती कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ पहला दीया जलाकर किया था। सरयू घाट पर लेजर और लाइट शो का आयोजन हुआ था, जिसमें दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता घाट, साउंड-लाइट शो के जरिए रामलीला का वर्णन किया गया। पहली बार 1,121 वेदाचार्यों ने एक साथ सरयू मैया की आरती की थी।

केजरीवाल ने दिल्ली चुनाव में हार पर कहा, ‘जो होता है, अच्छा होता है’

नई दिल्ली  दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली में अपने विधायकों और पार्षदों की बैठक ली। अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दिल्ली चुनाव में पार्टी की हार का भी जिक्र किया और कहा कि उनका विश्वास ईश्वर में है और भगवान जो करता है अच्छे के लिए करता है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की जनता उनकी सरकार को याद करने लगी है और आज चुनाव हो जाए तो सारी सीटें जीत जाएंगे। दिल्ली में 'आप' की तीन बार की सरकार को हटाकर सत्ता में आई भाजपा के कामकाज की आलोचना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में छह महीने से…. मैं भगवान में बहुत यकीन करता हूं। मैं समझता हूं भगवान जो करता है अच्छे के लिए करता है। छह महीने में इन्होंने ऐसा कर दिया दिल्ली के अंदर, शायद भगवान यही दिखाना चाहता था कि आम आदमी पार्टी वाले कितने अच्छे थे। आज जनता याद कर रही है। मेरे पास काफी लोग आते हैं, कोई कहता है कि आज चुनाव हो जाएं तो 60 सीटें आएंगी, कोई कहता है कि 65 सीटें आएंगी, कोई कहता है कि 70 की 70 सीटें आएंगी।’ केजरीवाल ने रेखा गुप्ता सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लुटियंस दिल्ली में भी पांच-पांच बार लाइट जाती है। उन्होंने कहा, ‘10 साल से बिजली नहीं गई थी। सारे इनवर्टर वालों की दुकानें बंद हो गई थीं। दोबारा खुलवा दी। मैं लुटियंस दिल्ली में रहता हूं, पीएम का घर और राष्ट्रपति भवन थोड़ी दूरी पर है। मेरे घर रोज 5-5 बार बिजली जाती है। कभी आधे घंटे के लिए कभी एक घंटे के लिए। बाकी दिल्ली का तो क्या हाल कर दिया, पूरी दिल्ली में बिजली जा रही है। बच्चों की फीस बढ़ गई, सड़कें टूटी पड़ी हैं। एक बारिश में दिल्ली का बुरा हाल हो जाता है। सीवर जाम पड़े हैं, पानी नहीं आ रहा है। चारों तरफ झुग्गियां तोड़ रहे हैं। गरीबों का तो जीना हराम कर दिया।’ कांग्रेस और भाजपा में समझौता: केजरीवाल आप प्रमुख ने कहा कि 15 साल में कांग्रेस का जो हाल हुआ था, वह भाजपा सरकार ने छह महीने में कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता को पांच साल बाद मौका मिलेगा इन्हें हटाने का। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के बीच समझौते का आरोप भी लगाया और कहा कि जनता कह रही है कि उनके इतने नेता गिरफ्तार हो गए, कांग्रेस का एक भी नेता क्यों नहीं जेल गया। मुफ्त बिजली बंद करने जा रहे हैं: केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने अपने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को अगले चुनाव तक जनता के बीच रहकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा, 'जनता के बीच में रहो। मुझे पता चला है कि ये बिजली की सब्सिडी खत्म करने जा रहे हैं। दिल्ली के अंदर जो फ्री बिजली मिल रही है, यह इन्हे तकलीफ दे रही है। जनता के बीच रहे, जनता के सुख दुख में काम आओ। भगवान ने संदेश दिया है कि जब तक अगला चुनाव नहीं होता, अगले चुनाव में फिर सरकार चलाने का मौका मिलेगा। तब तक जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे।'  

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

राज्य में जल्द आएगा ’सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों के लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहां पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।  इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल: पंजीयन नवीनीकरण अब फेस स्कैन से संभव

भोपाल मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की तरह अब फार्मेसी काउंसिल में भी पंजीयन नवीनीकरण के लिए फार्मासिस्ट का भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने की तैयारी है। 60 वर्ष से कम उम्र वालों का आधार केवायसी से सत्यापन किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि वे जीवित है या नहीं। इससे अधिक उम्र वालों को भोपाल में फार्मेंसी काउंसिल में उपस्थित होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी सिर्फ कागजों के आधार पर पंजीयन नवीनीकरण हो जाता है, जिससे यही पता नहीं चलता कि जिसके नाम से पंजीयन वह व्यक्ति जीवित है या नहीं। इसी पंजीयन के आधार पर औषधि प्रशासन विभाग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करता है। कई बार तो ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से भी फार्मासिस्टों के नवीनीकरण आवेदन एकत्र करके काउंसिल में भेजे जाते हैं।       उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने भी पंजीकृत सभी डाॅक्टरों का आधार सत्यापन दो वर्ष पहले शुरू किया था।     कारण, कई डाॅक्टर दुनिया में नहीं रहे तो कुछ दूसरे राज्य या विदेश में चले गए पर काउंसिल में इसके बाद भी वह पंजीकृत हैं। सत्यापन में स्थिति सामने आ गई।     अब ऐसी ही व्यवस्था फार्मेसी काउंसिल करने जा रहा है। प्रदेश में 80 हजार से अधिक फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं। हर पांच वर्ष में पंजीयन नवीनीकरण अनिवार्य है।     इनमें मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले या सरकारी-निजी क्षेत्र में सेवा देने वाले फार्मासिस्टों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ तो वे न तो दुकान चला सकते न ही सेवा दे सकते।     स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसकी तैयारी चल रही है। लगभग एक माह में पंजीयन नवीनीकरण के लिए यह व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी।

PAK ने खुद के शख्स को अपनाने से किया मना, हाईकोर्ट में अटकी सुनवाई

कोलकाता कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने हाल ही में तब बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है कि जब पाकिस्तान ने भारतीय जेल में बंद अपने ही नागरिक की रिहाई के बाद उसे स्वीकारने से ही मना कर दिया है। इससे पहले शख्स को विदेशी नागरिक ठहराया गया था और वह बीते एक दशक से अधिक समय से जेल में बंद था। अब रिहाई के बाद भी पाकिस्तान उसे वापस लेने से मना कर रहा है, जिसके बाद कोर्ट ने शख्स के भविष्य को लेकर केंद्र से राय मांगी है। वहीं फिलहाल दमदम केंद्रीय कारावास में बंद पी. यूसुफ नाम के इस शख्स ने हाईकोर्ट से उसे पाकिस्तान वापस भेजने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस अमृता सिन्हा ने भारत सरकार की ओर से पेश वकील को निर्देश दिया कि वह यूसुफ के संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए उचित निर्देश प्राप्त करें। अदालत ने बुधवार को निर्देश दिया, ‘‘याचिकाकर्ता को रिहा करना है या उसे हिरासत में रखना है, इस बारे में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए जाए।” अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर के लिए निर्धारित की है। 2012 में हुआ था गिरफ्तार जानकारी के मुताबिक यूसुफ को 2012 में बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। चार अप्रैल 2013 को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे 650 दिनों के कारावास की सजा सुनाई गई थी।उसके वकील ने बताया कि यूसुफ को सजा बहुत पहले पूरी कर लेने के बावजूद वापस नहीं भेजा गया और वह अब भी दमदम केंद्रीय कारागार में बंद है। पाकिस्तान ने किया इनकार वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने अदालत में सुधार सेवा निदेशालय के प्रभारी अधिकारी की एक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान यूसुफ को अपना नागरिक नहीं मान रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि यूसुफ को दो बार ‘कांसुलर एक्सेस’ दिया गया और दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ले जाया गया। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यूसुफ के साथ कैद दो अन्य लोगों को पाकिस्तान ने अपना नागरिक स्वीकार कर लिया, जबकि यूसुफ को नागरिक स्वीकार नहीं किया। सरकार ने दिए तर्क कोर्ट को यह भी बताया गया कि पाकिस्तान से इनकार मिलने के बाद शख्स ने हाईकोर्ट की दूसरी पीठ के सामने दावा किया कि वह एक भारतीय नागरिक है और उसने केरल में कुछ जमीन की खरीद के कुछ कागज भी पेश किए। हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने अदालत में दलील दी कि केरल सरकार की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यूसुफ ने कन्नूर के एक स्कूल में सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी लेकिन उसके बाद अपने पिता मीर मोहम्मद के साथ पाकिस्तान चला गया था। केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यूसुफ एक विदेशी नागरिक है।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- वर्तमान के साथ भावी पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सरकार कटिबद्ध

भोपाल  वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी उज्ज्वल हो, इसी ध्येय के साथ सरकार शिक्षा सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इसी भाव के साथ उप नगर ग्वालियर की शिक्षण संस्थाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात गुरुवार को डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह में कही। उन्होंने महाविद्यालय में कुल 4 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक विज्ञान भवन, कम्प्यूटर प्रयोगशाला एवं स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र एवं राज्य सरकार विकास की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने बताया कि उपनगर ग्वालियर में सांदीपनि स्कूल, शिक्षा नगर व डीआरपी लाइन स्थित स्कूल और अन्य स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है। इसी तरह सिविल हॉस्पिटल हजीरा व बिरलानगर प्रसूति गृह को अत्याधुनिक एवं उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उप नगर ग्वालियर व हजीरा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अब बिरलानगर प्रसूति गृह में जटिल ऑपरेशन तक की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भरोसा दिलाया कि डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। महाविद्यालय परिसर में सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य भी कराए जायेंगे। साथ ही कहा कि यहाँ के नौजवानों को ग्वालियर में ही रोजगार मिले, इस दिशा में भी गंभीरता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री रामअवतार सिंह बैस ने विकास कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर की पहल पर महाविद्यालय में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद थे। प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव का किया सम्मान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शॉल-श्रीफल व पुष्पाहारों से डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर के श्रीवास्तव को सम्मानित किया। डॉ. श्रीवास्तव इसी माह 30 अगस्त को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सभी अतिथियों ने डॉ. श्रीवास्तव के सेवाकाल को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

त्योहारी सीजन में ट्रेनें फुल, दीपावली-छठ पर यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

जबलपुर दीपावली घर पर मनाने के लिए लोगों ने तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। बर्थ की कमी से ट्रेनों से त्योहार पर घर पहुंचना आसान नहीं होगा। रेलवे की ओर से त्योहार से पूर्व की तिथियों पर आरक्षण टिकट खिड़की खुलते ही ट्रेनें की सीटें भर जा रही हैं। दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों में उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट बुकिंग बंद हो गई है। दिल्ली, इंदौर और जयपुर से जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी त्योहार से पूर्व की तिथियों पर टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। जिन यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल सकी है वे अब नई स्पेशल ट्रेनों की प्रतीक्षा में हैं। कुछ यात्री तत्काल टिकट में कन्फर्म सीट की उम्मीद में हैं।   कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची जबलपुर से होकर प्रतिदिन लगभग सवा सौ ट्रेनें गुजरती हैं। त्योहार पर शहर की ओर आने वाली ट्रेनों पर यात्री दबाव अधिक है। नवरात्र, दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों पर प्रमुख ट्रेनों की सीटें फुल हो चुकी हैं। सबसे अधिक मारामारी मुंबई से आकर उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में है। इन ट्रेनों की सीटें दीपावली के एक सप्ताह पूर्व से लेकर छठ पूजा तक भरी हुई है। इनमें 90 प्रतिशत ट्रेनों में सीटें रिग्रेट (टिकट बुकिंग बंद) स्तर पर पहुंच गई हैं। दीपावली पर शहर तक पहुंचना और छठ पूजा पर शहर से पटना एवं वाराणसी की यात्रा के लिए नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची है। 15 से 19 अक्टूबर तक रिग्रेट, उसके बाद लंबी वेटिंग मुंबई-जबलपुर के बीच एकमात्र सीधी ट्रेन गरीब रथ है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन औसतन 15 लंबी दूरी की ट्रेनें है, जो जबलपुर होकर संचालित होती है। इन समस्त ट्रेनों की समस्त श्रेणी (स्लीपर से फर्स्ट एसी तक) में 15 से 19 अक्टूबर तक टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। 20 से 28 अक्टूबर के बीच भी एक-दो ट्रेन को अतिरिक्त अन्य सभी ट्रेनों में बुकिंग बंद हो गई। पुणे से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में 14 से 25 अक्टूबर तक फुल है। सप्ताह में एक दिन चलने वाली पुणे-जबलपुर स्पेशल ट्रेन में भी 13 अक्टूबर व 20 अक्टूबर को लंबी प्रतीक्षा सूची है। हड़सपर-रीवा साप्ताहिक एक्सप्रेस में भी टिकट वेटिंग में है। दिल्ली से श्रीधाम के अलावा अन्य ट्रेन में वेटिंग दीपावली से पूर्व इंदौर, जयपुर और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। इंदौर-जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट और नर्मदा एक्सप्रेस में 15 से 19 अक्टूबर तक प्रतीक्षा सूची है। ओवरनाइट एक्सप्रेस में 17 व 18 अक्टूबर को स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 111 और सेकेंड एसी में 75 पहुंच गई है। थर्ड एसी की 17-18 अक्टूबर को टिकट बुकिंग बंद हो गई है। जयपुर से आने वाली दयोदय एक्सप्रेस में 14 से 19 अक्टूबर के बीच सभी श्रेणी के टिकट प्रतीक्षा सूची में है। यशवंतपुर-जबलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस में 19 जुलाई को समस्त श्रेणियों की टिकट प्रतीक्षा सूची में है। दिल्ली से जबलपुर के बीच तीन नियमित ट्रेन संचालित है। जिसमें श्रीधाम के अलावा अन्य दोनों ट्रेनों में 17 और 19 अक्टूबर की कन्फर्म सीटें समाप्त हो गई हैं। हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस में 17 अक्टूबर को थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 87 है। सेकेंड एसी की बुकिंग बंद हो चुकी है।   पांच पूजा स्पेशल ट्रेन की समय-सारिणी जारी, शेष की प्रतीक्षा पश्चिम मध्य रेल ने त्योहार पर यात्रियों की सुविधा के लिए पांच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इनकी समय-सारिणी जारी कर दी गई है। जबलपुर-दानापुर (ट्रेन क्रमांक 01701-02) के बीच का संचालन 26 सितंबर से छह नंवबर के बीच सप्ताह में दो दिन होगा। 

IMD अलर्ट: अगले 3 दिनों में इन राज्यों में आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा

नई दिल्ली  देशभर में मानसून ने इस बार अपना जलवा दिखाया है। हालांकि मानसून की रफ्तार में लगातार बदलाव देखे गए हैं। कभी तेज बारिश के साथ मानसून सक्रिय होता है तो कभी धीमी गति से हल्की बारिश होती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटों में मानसून करवट लेगा और कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान में मानसून का असर जारी राजस्थान के कई जिलों में मानसून ने अच्छी बारिश दी है। राज्य में बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन रफ्तार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ जिलों में हल्की-फुल्की रिमझिम बारिश भी हो सकती है। दिल्ली में मानसून की धीमी चाल देश की राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून अपेक्षाकृत कम सक्रिय रहा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। अगले 72 घंटे में यहां रिमझिम बारिश और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। उत्तरपश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी, दक्षिणी एवं पूर्वी भारत में भी बारिश का दौर गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात-सौराष्ट्र और कोंकण में अगले 72 घंटे में कहीं भारी तो कहीं हल्की-मीठी बारिश होगी। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, लक्षद्वीप और यनम में भी तेज बारिश का अलर्ट है।  बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज बारिश और रिमझिम बरसात का अनुमान है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों से सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी है।