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बिहार वोटर अधिकार यात्रा में तेजस्वी यादव ने कहा, राहुल गांधी को बनाएंगे पीएम

नवादा  राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगली बार जब भी लोकसभा चुनाव होगा, हम राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे। वोटर अधिकार यात्रा मंगलवार को तीसरे दिन नवादा पहुंची। यहां राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी को जमकर कोसा। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग चुनाव आयोग के साथ मिलकर गरीबों के वोट का अधिकार छीन रहे हैं। एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कई लोगों को नाम काट दिया गया है। जो जीवित हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट दिया था, उन्हें अभी मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव आयोग और भाजपा के लोग समझते हैं कि बिहार के लोगों को चूना लगा देंगे, लेकिन हम बिहारी हैं। एक बिहारी सब पर भारी। इस बार जनता पाई-पाई का हिसाब लेगी।" तेजस्वी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएम से अब बिहार नहीं सभल रहा है। 20 साल से चल रही सरकार को उखाड़कर फेंकना है। नीतीश सरकार हमारी योजनाओं को चुराने का काम कर रही है। पूर्व डिप्टी सीएम ने दावा किया कि चाहे कोई धर्म का हो, तेजस्वी सबको साथ लेकर चलेगा। अब बिहार को तेज रफ्तार के साथ तेजी के साथ आगे बढ़ाना है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहारियों के साथ खिलवाड़ किया है। राहुल गांधी बोले- भाजपा और चुनाव आयोग की पार्टनरशिप नवादा में सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने साझेदारी कर ली है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में नए तरीके से वोटों की चोरी हो रही है, लेकिन वह इसे रोक कर रहेंगे।

पंजाब सरकार की निगरानी कर रहे हैं केजरीवाल, बोले AAP नेता

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि राजधानी में पार्टी की हार के बाद से अरविंद केजरीवाल का फोकस गोवा, पंजाब और गुजरात पर है। वह इन राज्यों में संगठन को मजबूती और विस्तार देने में जुटे हैं। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल कर रहे हैं। भारद्वाज का ऐसा कहना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल आरोप लगाते हैं कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक को विपक्षी दल 'सुपर सीएम' भी कहकर तंज कसते हैं। सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि केजरीवाल खाली बैठने वाले नहीं है। 8 फरवरी को दिल्ली में उनकी पार्टी की हार हुई और अगले दिन सुबह से वह गुजरात, गोवा और पंजाब पर काम कर रहे हैं। हार के बाद अधिकतर समय दिल्ली से बाहर रहने से जुड़े एक सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा, 'उनके पास टाइम नहीं है मिलने का छोटी-मोटी चीजों के लिए। मैं उनके पास जाता हूं कभी गुजरात के लिए लोग बैठे होते हैं, भी पंजाब के लिए बैठे होते हैं, कभी गोवा के लिए बैठे होते हैं। कभी सोशल मीडिया टीम बैठी होती है।' केजरीवाल के तीन लक्ष्य, पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल भी: भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल लगातार पार्टी को विस्तार देने के लिए काम कर रहे हैं। उनके तीन लक्ष्य हैं, वह गोवा में पार्टी को विस्तार दे रहे हैं, दूसरा- गुजरात में विस्तार कर रहे हैं। तीसरा पंजाब में जो सरकार के काम चल रहे हैं उसकी थोड़ी देखभाल कर रहे हैं और पंजाब में जो हमारा संगठन है उसको लगातार मजबूत कर रहे हैं।' अभी कम हैं दिल्ली में दिखने को मौके: सौरभ भारद्वाज यह पूछे जाने पर कि उन्होंने खुद को दिल्ली का बेटा कहा था और हारते ही बाहर चले गए, क्या यह धोखा नहीं है? इस सवाल के जवाब में भारद्वाज ने कहा कि उनकी दिल्ली पर नजर है, लेकिन कम दिख रहे हैं। सही समय पर वह दिल्ली में भी दिखेंगे। भारद्वाज ने कहा, ‘जब झुग्गी झोपड़ी वाला मुद्दा हुआ तो अरविंद जी ने हमें बुलाया और कहा कि यह बहुत क्रूर है। इसके लिए आंदोलन करना पड़ेगा। रूपरेखा बनाई, हम लोग गली-गली गए, बड़ा आंदोलन किया। हमने स्कूल के लिए जो पर्चा बांटा है, उन्हें दिखाया उन्होंने संशोधन कराए। एक-एक चीज पर उनकी नजर है। हां, सार्वजनिक रूप से कम दिख रहे हैं, क्योंकि एक मुख्यमंत्री के तौर पर ऐसा ज्यादा होता था, अब आप विपक्ष में है, इसलिए मौके कम है। जब सही समय आएगा वह दिल्ली में दिखेंगे। राष्ट्रीय राजनीति में भी कम उठाते हैं मुद्दे हैं, जहां उनका फोकस है वह बता दिया मैंने आपको।’  

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

भारतीय महिला टीम का वर्ल्ड कप स्क्वाड तैयार, देखें पूरा चयनित खिलाड़ी सूची

नई दिल्ली बीसीसीआई ने आईसीसी विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय महिला टीम का एलान कर दिया। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भी टीम का एलान कर दिया गया है। हरमनप्रीत कौर को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। मंधाना उनकी डिप्टी होंगी। धाकड़ सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की टीम में वापसी नहीं हुई है। उनकी जगह प्रतिका रावल ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगी।  युवा खिलाड़ियों को मिला मौका प्रतिका रावल, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, अमनजोत कौर और श्री चरणी जैसी युवा खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप टीम में जगह मिली है। कुछ समय से यह खिलाड़ी गजब की फॉर्म में रही हैं। 30 सितंबर से खेला जाएगा टूर्नामेंट महिला विश्व कप 30 सितंबर से 2 नवंबर के बीच भारत में खेला जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान के सभी मैच कोलंबो में खेले जाएंगे। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम की नजरें पहली बार वैश्विक ट्रॉफी जीतने पर टिकी होंगी। इंग्लैंड को सीमित ओवरों की दोनों सीरीज में हराने और श्रीलंका तथा साउथ अफ्रीका के खिलाफ अप्रैल में वनडे ट्राई सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम काफी आत्मविश्वास के साथ विश्व कप में उतरेगी। क्रिकेट विश्व कप 2025 के लिए भारतीय महिला टीम:- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, अमनजोत कौर, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर) और स्नेह राणा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम:- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा  

25% टैरिफ वार्निंग बेअसर, इंडियन ऑयल रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले पर अडिग

नई दिल्ली  सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि चालू तिमाही में रूस से तेल आयात जारी रहेगा। हालांकि, यह निर्णय कंपनी की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। कंपनी ने यह भी बताया कि अब रूसी तेल पर मिलने वाली छूट घटकर केवल 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, जो पहले की तुलना में काफी कम है। अमेरिका की चेतावनी, ट्रंप की धमकी इंडियन ऑयल का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने का खतरा बना हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी, तो उसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। "भारत भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है और उसे मुनाफे पर खुले बाजार में बेच भी रहा है। भारत को इस बात की परवाह नहीं है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में कितने लोगों की मौत हो रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि इस पर फैसला लेने के लिए उन्हें दो से तीन हफ्ते का समय चाहिए।   रूसी तेल का आयात बढ़ा इंडियन ऑयल ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में उसके कुल कच्चे तेल आयात में रूस का हिस्सा 24 प्रतिशत रहा, जबकि 2025 में यह 22 प्रतिशत था। कंपनी ने कहा कि वर्तमान तिमाही में भी वह आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रूसी तेल की खरीद जारी रखेगी। रिफाइनिंग क्षमता में भारी निवेश इंडियन ऑयल वित्त वर्ष 2026 में अपने कारोबार पर 34,000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसमें से 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये रिफाइनरी संचालन पर और 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये पेट्रोकेमिकल्स, मार्केटिंग, पाइपलाइन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पर खर्च किए जाएंगे। कंपनी देशभर में अपनी रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर भी काम कर रही है: पानीपत रिफाइनरी की क्षमता को 15 MMTPA से 25 MMTPA तक बढ़ाया जा रहा है, जो साल के अंत तक चालू हो सकती है। बरौनी (बिहार) रिफाइनरी की क्षमता को 6 MMTPA से 9 MMTPA किया जाएगा। वहीं, गुजरात की कोयली रिफाइनरी का विस्तार 13.7 MMTPA से 18 MMTPA तक किया जाएगा।  

बारिश ने बदला मौसम, नोएडा में सुहानी राहत

नोएडा  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मंगलवार की सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। बीते कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली है। सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई थी और देखते ही देखते कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक मौसम में आए इस बदलाव से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, बारिश के कारण नोएडा के सेक्टर-18, सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, परी चौक और दादरी रोड जैसे इलाकों में सड़कों पर पानी भरने की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, हल्की ट्रैफिक दिक्कतों के बावजूद लोग मौसम का खूब आनंद ले रहे हैं। पार्कों और खुले मैदानों में बच्चे बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। वहीं दफ्तर जाने वाले कई लोगों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि अचानक हुई बारिश में कई लोग इसमें फंस गए। मौसम विभाग ने पहले ही इस हफ्ते एनसीआर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और बीच-बीच में हल्की से तेज बारिश जारी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से जहां किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं लगातार बनी हुई उमस से भी निजात मिलेगी। लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से गर्मी और नमी के चलते हालत खराब हो गई थी। घरों के अंदर भी पंखे और कूलर बेअसर साबित हो रहे थे। लेकिन मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने पूरे माहौल को बदल दिया। मौसम ठंडा हो गया और हवा में ताजगी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा।  

टोल प्लाजा पर सैनिक की पिटाई महंगी पड़ी, 20 लाख जुर्माना ठोका गया, लाइसेंस भी गया

मेरठ मेरठ जिले में ड्यूटी पर जा रहे सेना के एक जवान से टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। यह घटना रविवार को सरूरपुर इलाके के भूनी टोल प्लाजा पर उस वक्त हुई, जब गोटका गांव के निवासी कपिल छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे।टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार थी और जल्दी निकलने को लेकर कपिल की टोलकर्मियों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर टोलकर्मियों ने कपिल से मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सैकड़ों लोगों ने टोल प्लाजा पर हंगामा करना शुरू कर दिया, तोड़फोड़ और नारेबाजी कर दी। अब इस मामले में टोल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया गया है।  लोगों ने किया जमकर हंगामा  बता दें कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में सैकड़ों लोगों ने सोमवार को टोल प्लाजा पर हंगामा करना शुरू कर दिया, तोड़फोड़ और नारेबाजी कर दी। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों शांत कराने की कोशिश की। लेकिन, गांव वाले मानने को भी तैयार नहीं थे। हंगामा कर रहे ग्रामीण टोल वसूली एजेंसी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ इस तरह मारपीट होना बेहद शर्मनाक है। टोल प्लाजा पर 20 लाख रुपए का जुर्माना  आरोप है कि टोलकर्मियों ने जवान का आईडी कार्ड छीन लिया और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। जवान घायल हुआ और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज जारी है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई करते हुए टोल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उस पर टोल प्लाजा पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा है। 

श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी, इस साल नहीं होगी किन्नर कैलाश यात्रा

हिमाचल  खराब मौसम के चलते इस साल की किन्नर कैलाश यात्रा रद्द कर दी गई है। यह फैसला लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और रास्तों की खराब स्थिति को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। इस यात्रा में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। यात्रा काफी कठिन मानी जाती है क्योंकि इसमें ऊंचे पहाड़ों और खतरनाक रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इस साल मौसम की अप्रत्याशित स्थिति ने यात्रा को असंभव बना दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रास्तों पर कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया है। इसके अलावा, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा करने का प्रयास न करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। यह निर्णय सभी की भलाई के लिए लिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

योगी सरकार का डिजिटल अभियान: एआई के जरिए लागू होंगी कल्याण योजनाएं

लखनऊ  योगी सरकार ने समाज कल्याण योजनाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गड़बड़ी-मुक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की शक्ति का उपयोग करने की तैयारी में है। समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक लाभ, छात्रवृत्ति और सामूहिक विवाह जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को तकनीकी रूप से सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाना है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पेपरलेस, तेज और जवाबदेह बनाना भी है। योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं से निपटने के लिए समाज कल्याण विभाग एआई-आधारित निगरानी तंत्र को अपनाने पर विचार कर रहा है। पिछले दिनों समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण की मौजूदगी में 'एआई का समाज कल्याण की योजनाओं में उपयोग' विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इस तकनीक के माध्यम से डाटा सत्यापन, लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं के कार्यान्वयन में सटीकता सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचेगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, वृद्धा पेंशन जैसी योजनाओं में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए पहले ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग को मजबूत किया गया है। छात्रवृत्ति योजना में विद्यार्थियों को बार-बार पंजीकरण की जटिल प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा, क्योंकि विभाग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन नंबर की व्यवस्था लागू की है। यह नई प्रणाली न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि पात्रों को बिना किसी रुकावट के योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगी। एआई के उपयोग से इस प्रक्रिया में और अधिक सटीकता आएगी, जिससे फर्जी आवेदनों पर लगाम लगेगी और पात्रों को त्वरित लाभ मिलेगा। यही नहीं, डाटा विश्लेषण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वास्तविक लाभार्थी ही योजना का लाभ उठा सकें। एआई-आधारित सत्यापन प्रणाली से आवेदनों की जांच तेजी से होगी और फर्जी आवेदनों को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। योगी सरकार की इस पहल से समाज कल्याण विभाग की योजनाएं डिजिटल युग में एक नया मुकाम हासिल करेंगी। पेपरलेस कार्यप्रणाली को अपनाने से न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। एआई तकनीक के उपयोग से डाटा प्रबंधन, लाभार्थी सत्यापन और योजना निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुगम होंगी, बल्कि जनता का विश्वास भी सरकार पर बढ़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। एआई-आधारित निगरानी तंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समाज कल्याण विभाग जल्द ही इसकी विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप देगा।

ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों पर सख्ती, 13 पर गिरी गाज, 20 अगस्त आखिरी मौका

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बिना किसी सूचना के लगातार गैरहाजिर रहने व पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत लखनऊ के सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने ऐसे डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त को समिति के समक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजधानी के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन संविदा पर डॉक्टर और कर्मचारी तैनात हैं। इन डॉक्टरों की तैनाती आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर की गई है। इनमें 11 चिकित्सक और दो कर्मचारियों पर अनुपस्थित रहने और अभद्रता करने के आरोप लगे हैं। जिसकी जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। जांच के दौरान आरोप सिद्ध होने पर इनकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है। 13 डॉक्टर-कर्मचारी गायब, नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक तलब फिलहाल, जिन डॉक्टरों को नोटिस जारी की गई है उनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर दसौली की डॉ. शीतल सोनकर (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदर्श नगर के डॉ. अभय नारापन यादव (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमराईगांव के डॉ. अभिषेक सिंह (एमओ), पीएचसी तोप दरवाजा डॉ. सुभाष प्रसाद (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कल्लन खेड़ा की डॉ. कीर्ति राय (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौपटिया के डॉ. मोहसिन रजा (एमओ), लोकबंधु अस्पताल की डॉ. नीलम गंगवार (ईएमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कटरा विजनबेग के डॉ. मुस्तकुल आफरीन कुरैशी (एमओ), पीएचसी निलमथा की डॉ. शिल्पी गुप्ता (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुबारकपुर के डॉ. देवांश सिंह (एमओ), जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय की डाटा इन्ट्री आपरेटर सरिता कुमारी, सीएचसी माल में तैनात विवेक नवल मिश्रा (बीसीपीएम), केजीएमयू में तैनात डॉ. जिगनेश मिश्रा (ईएमओ) शामिल हैं। पहले भी 4 डॉक्टर बर्खास्त, कार्रवाई का सिलसिला जारी गौरतलब है कि बिना सूचना के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहे 4 डॉक्टर्स को अभी बीते पहली अगस्त को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर बर्खास्त किया गया था। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 3 डॉक्टर सहित कन्नौज मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग के सहायक आचार्य भी शामिल हैं।