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गौरेला-पेंड्रा- मरवाही: कलेक्टर ने किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का आकस्मिक निरीक्षण

गौरेला पेंड्रा मरवाही फसल सर्वेक्षण को अधिक सटीक, सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से डिजिटल तकनीक की सहायता से भूमि चिन्हांकन और फसल सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आज गौरेला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लालपुर, पटवारी हल्का नंबर 8 में किसान के खेत पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वेयर द्वारा मोबाइल से किसान देवशरण के फसल का फोटो खिंचकर भूलेख पोर्टल में अपलोड करने तथा तहसीलदार के आईडी से अप्रूवल होने आदि की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि सर्वे कार्य की सतत निगरानी हो तथा आंकलन पूरी तरह गुणवत्ता पूर्ण और वास्तविक तथ्यों पर आधारित हो। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सर्वे से किसानों को बेहतर सुविधा और योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसलिए कार्य को गंभीरता से संपादित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता आनंद डोंगरे एवं तहसीलदार श्री शेषनारायण जायसवाल भी उपस्थित थे।

बिलासपुर :अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: प्रार्थना भवन ध्वस्त, मतांतरण के आरोप में तीन महिलाएं हिरासत में

बिलासपुर   बिलासपुर जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दो बड़े मामले सामने आए हैं। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए प्रार्थना भवन को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। यहां पहले मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा था। वहीं, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास होने पर हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। सुर्खियों में आया था प्रार्थना भवन प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बना यह प्रार्थना भवन पिछले माह तब सुर्खियों में आया था जब यहां मतांतरण का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों और संगठनों का कहना था कि भवन के भीतर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और मतांतरण रोकने की मांग की गई थी। शिकायत पर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया और भूमि दस्तावेज मांगे, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। जांच में भूमि शासकीय साबित होने पर सोमवार को प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाकर अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार सकरी, सीएसपी और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पास्टर सहित तीन महिलाएं गिरफ्तार इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में भी प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर विभिन्न संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। आरोप है कि सभा में धार्मिक ग्रंथ और सामग्री के माध्यम से लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर तीन महिलाओं, जिनमें एक पास्टर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया।  

राशन कार्ड धारकों के लिए नई व्यवस्था, मुफ्त गेहूं अब मशीनों के जरिए मिलेगा

लुधियाना  पंजाब में मुफ्त गेहूं पाने वाले राशन कार्ड धारकों के लिए बुरी खबर है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राशन डिपो पर लाभार्थी परिवारों को वितरित किया जा रहा गेहूं फिलहाल केवल उन्हीं लोगों को दिया जा रहा है जिन्होंने ई-के.वाई.सी. करवाया है क्योंकि ई-पॉश मशीन से केवल उनकी ही पर्चियां जारी हो रही हैं। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' से जुड़े परिवारों को दिए जा रहे मुफ्त गेहूं में लंबे समय से चल रहे घोटाले को रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाया है, ताकि सरकारी अनाज की लगातार हो रही कालाबाजारी को रोका जा सके। सरकार ने इस योजना से जुड़े हर सदस्य को आदेश दिया है कि राशन कार्ड धारक अपने क्षेत्र के नजदीकी राशन डिपो पर जाकर मुफ्त में अपना ई-के.वाई.सी. करवा लें, अन्यथा उन्हें राशन डिपो से मिलने वाला मुफ्त गेहूं नहीं मिलेगा। यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस मौजूदा चरण के दौरान, केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से जुड़े लाभार्थी परिवारों को जुलाई से सितंबर तक 3 महीने के लिए मुफ्त गेहूं वितरित कर रही है। 

PA की हरकतों ने चौंकाया, बड़े अफसर और CM तक पहुंचा विवाद

लुधियाना राज्य जी.एस.टी. विभाग में अधिकारियों को पसंदीदा जिले हासिल कराने के नाम पर हो रही कथित धांधली चर्चा का विषय गर्माया हुआ है। सूत्रों के अनुसार इसी सन्दर्भ में एक उच्चाधिकारी के खास इंस्पैक्टर उर्फ पी.ए. को अचानक एक सिंगल ऑर्डर के तहत पटियाला से ट्रांसफर कर दिया गया है। जानकारी मिली है कि उक्त इंस्पैक्टर अधिकारियों से बदलियों व मनचाहे जिलों के लिए पैसे वसूल कर गैर-जरूरी अधिकारियों को पसंदीदा जिलों में तैनात करवा रहा था। इसे लेकर विभाग के ईमानदार अधिकारियों में काफी राहत मिली है क्योंकि इससे कई काबिल अधिकारी दूरस्थ या छोटे जिलों में लंबे समय तक फंसे रहते थे, जबकि कई सिफारशी अधिकारी बड़े व मुख्य स्टेशनों पर बने रहते थे। वहीं यह भी जांच का विषय है कि इंस्पैक्टर स्तर का अधिकारी किस की शह पर और ट्रांसफर रुकवा और करवा रहा था, उक्त किस उच्च अधिकारी के साथ मिलकर बदलियों का नेटवर्क चला रहा था। साथ ही उच्चाधिकारी के खिलाफ डिपार्टौंटल इन्क्वायरी होनी चाहिए या विजिलेंस ब्यूरो को ट्रांसफर धांधली के पीछे मास्टरमाइंड पर बनती कार्रवाई करनी चाहिए। एक स्थानीय कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लुधियाना स्टेशन में कई ऐसे अधिकारी हैं जो लंबे समय से यहीं स्थिर हैं और अधिकतर अधिकारी इस बड़े स्टेशन से हटना ही पसंद नहीं करते। अधिकारियों का कारोबारियों के साथ अच्छी सांठ-गांठ बनी होने के कारण ही ये अधिकारी लुधियाना में टिके रहते हैं। इससे अधिकारियों को कानून का अनुपालन करने में ये अधिकारी ढील देते हैं, जिसके एवज में अधिकारी उक्त अधिकारियों की जरूरतों का ध्यान रखते है।  लुधियाना के कारोबारियों ने अधिकारियों की स्थायी तैनाती पर लगाई आपत्ति  एक कारोबारी ने लुधियाना जिले में पदस्थ कुछ अधिकारियों की 5 से 6 वर्षों से स्थायी तैनाती को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि ये अधिकारी बिना विभागीय ट्रांसफर नीति का पालन किए लंबे समय से एक ही शहर में जमे हुए हैं और इसी दौरान कई अधिकारी लुधियाना में रहकर लगातार प्रमोशन भी प्राप्त कर चुके हैं। कारोबार ने इस स्थिति को प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के मुख्य सचिव को लिखित शिकायत भी सौंपी है। शिकायत में पूछा गया है कि इन अधिकारियों को इतनी लंबी अवधि तक एक ही जिले और पद पर नियुक्त रखने के पीछे क्या कारण है और वे किस आधार पर ट्रांसफर नीति का उल्लंघन कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में तैनाती से बच रहे हैं।

निर्माण समिति अध्यक्ष का दावा: दिसंबर तक राममंदिर का काम पूरा

अयोध्या श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर अंत तक पूरा हो जायेगा। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर आ चुके हैं, जबकि 3डी मूर्तियों में 15 से 30 दिन का विलंब हुआ है। बैठक में इसे लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।   'ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री होगी तैयार'  मिश्र ने बताया कि निर्माण स्थल पर लगाए गए पाँच टाइम-लैप्स कैमरों से रिकॉर्ड हो रही पूरी यात्रा को ‘‘इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स'' घोषित किया गया है। यह अधिकार सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की को शर्तनामा के साथ सौंपे जाएंगे ताकि इस सामग्री का उपयोग शिक्षा-प्रशिक्षण के साथ-साथ पाँच वर्षों की निर्माण यात्रा पर एक ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में किया जा सके। इसमें खुदाई, सॉइल टेस्ट से लेकर प्रस्तावों और चरणबद्ध निर्माण तक की पूरी कहानी दर्ज होगी।   'अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे' समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर स्मारक और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर्स के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार हुआ। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव न पड़े। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे। दिसंबर 2025 तक राम मंदिर के शेष निर्माण को लक्ष्य के अनुसार पूरा करने का विश्वास जताया गया। आज तीन कंपनियों द्वारा फसाद लाइटिंग का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग के विकल्पों में से अंतिम चयन किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था पर 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

तमिलनाडु और केरल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, राष्ट्रपति रेफरेंस पर मंथन

नई दिल्ली  राष्ट्रपति की ओर से सुप्रीम कोर्ट से राय मांगे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सवाल उठाया। अदालत ने केरल और तमिलनाडु सरकारों की अर्जी पर कहा कि यदि राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट से राय लेना चाहें तो इसमें गलत क्या है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के आर्टिकल 143 का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रेफरेंस दायर किया है। इसमें उन्होंने पूछा है कि क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति को शीर्ष अदालत की ओर से आदेश दिया जा सकता है। इसी रेफरेंस का तमिलनाडु और केरल ने विरोध किया है। दोनों राज्यों की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति की ओर से दाखिल रेफरेंस सुनवाई के काबिल नहीं है। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत समेत 5 जजों की बेंच ने कहा कि आखिर इसमें गलत क्या है। अदालत ने राज्य सरकारों से पूछा, 'यदि महामहिम राष्ट्रपति अदालत की राय जानना चाहती हैं तो फिर इसमें गलत क्या है। क्या आप अपनी बात को गंभीरता से कह भी रहे हैं।' अदालत ने यह भी कहा कि हम यहां सलाह या राय देने की स्थिति में हैं। सुप्रीम कोर्ट के ही किसी फैसले के खिलाफ हम अपीलीय प्राधिकारण के तौर पर नहीं बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट ने कोई राय दी है तो हमें उसे करेक्ट कर सकते हैं, लेकिन किसी फैसले को नहीं पलटा जा सकता। वहीं अदालत की इस दलील को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चैलेंज किया। उन्होंने कहा कि अदालत ऐसे किसी फैसले को पलट भी सकती है, जिसमें कोई खामी लग रही हो। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि हम राय को पलट सकते हैं, लेकिन फैसला नहीं बदल सकते। दरअसल राष्ट्रपति ने अप्रैल में दिए अदालत के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें राज्यपालों और राष्ट्रपति से कहा गया था कि वे तय समय के भीतर राज्य सरकार की ओर से पारित विधेयकों पर फैसला लें। अब इसी पर समस्त राज्यपालों और राष्ट्रपति को आपत्ति है। इन लोगों का कहना है कि आखिर राज्यपालों के काम में सुप्रीम कोर्ट दखल कैसे दे सकता है। कैसे वह राष्ट्रपति को निर्देश दे सकता है कि वे तय समय के भीतर ही विधेयक पर फैसले लें।  

तीसरे दिन गया में तनाव, मंदिर में राहुल गांधी का इंतजार बेकार

गया  बिहार के गया में 'वोटर अधिकार यात्रा' के तीसरे दिन हंगामा हो गया. बताया जाता है कि यहां वजीरगंज के पुनावा हनुमान मंदिर पर लोग राहुल गांधी इंतजार करते रह गए, लेकिन वह नहीं पहुंचे. राहुल गांधी को पूजा अर्चना के बाद इसी मंदिर से यात्रा की शुरुआत करनी थी. लेकिन राहुल और तेजस्वी का काफिला सीधे आगे निकल गया. मंदिर में पूजा अर्चना नहीं करने से नाराज हुए स्थानीय लोग राहुल गांधी के मंदिर में पूजा नहीं करने से स्थानीय लोग नाराज हो गए. पूजा के लिए तैयार की गई थाली रखी रह गई. वहीं, राहुल गांधी का काफिला जब मंदिर के पास से गुजर गया और नहीं रुका तो स्थानीय युवा बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. सिर्फ वोट के लिए आते हैं नेता राहुल गांधी द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं किए जाने से वजीरगंज के युवाओं में गुस्सा है. युवाओं ने आज तक से बातचीत में कहा कि  नेता यहां केवल वोट लेने के लिए आते हैं. हमारे लिए यह प्राचीन मंदिर बहुत महत्व रखता है.  आपको बता दें कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की गई है. यह यात्रा रविवार को सासाराम से शुरू हुई और फिर सोमवार को गया जी पहुंचने से पहले औरंगाबाद तक गई. SIR पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को चेतावनी दी कि जब गठबंधन सरकार बनेगी तो "वोट चोरी" पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गांधी ने यह भी कहा कि पूरा देश चुनाव आयोग से हलफनामा मांगेगा और अगर समय मिला तो उनकी पार्टी हर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में "वोट चोरी" का पर्दाफाश करेगी. राहुल गांधी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष पैकेज की बात करते हैं, उसी तरह चुनाव आयोग भी बिहार के लिए एक "नया विशेष पैकेज" लेकर आया है. जिसका नाम SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) है, जो "वोट चोरी का एक नया रूप" है.

जॉर्जिया मेलोनी ने व्हाइट हाउस में किया ‘नमस्ते’, बना चर्चा का विषय

 वाशिंगटन वाइट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक से पहले एक रोचक पल देखने को मिला, जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सहायक का स्वागत 'नमस्ते' कहकर किया। यह क्षण भले ही कुछ सेकंड का था, लेकिन वहां मौजूद लोगों के लिए यह अप्रत्याशित और आकर्षक था। जहां अन्य नेता पारंपरिक हैंडशेक और औपचारिक अभिवादन कर रहे थे, वहीं मेलोनी का 'नमस्ते' कहना सबके लिए आश्चर्यजनक रहा। मेलोनी के 'नमस्ते' ने जीता दिल जॉर्जिया मेलोनी का भारतीय शैली में 'नमस्ते' कहना उनकी विनम्रता और वैश्विक संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे एक सम्मानजनक और वैकल्पिक अभिवादन का उदाहरण बता रहे हैं, जो कोरोना महामारी के दौरान भी लोकप्रिय हुआ था। बदले-बदले नजर आए जेलेंस्की यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, जो आमतौर पर सैन्य यूनिफॉर्म या कैजुअल जैकेट में दिखते हैं, इस बार बिना टाई के ब्लैक सूट-स्टाइल जैकेट और शर्ट में नजर आए। यह लुक उन्होंने जून में द हेग (The Hague) में हुए NATO शिखर सम्मेलन में भी अपनाया था। बता दें कि जेलेंस्की सोमवार को यूरोपीय नेताओं के साथ वाइट हाउस पहुंचे थे, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने उनका स्वागत किया। शांति समझौते पर चर्चा यूरोपीय नेताओं ने रूस के साथ संभावित शांति समझौते पर गहरे मतभेदों को दूर करने के लिए ट्रंप के साथ बातचीत की। पिछले सप्ताह अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन को क्रीमिया और अपनी NATO महत्वाकांक्षाओं को त्यागना होगा, जो मॉस्को की दो प्रमुख मांगें हैं।

राधाकृष्णन के खिलाफ ISRO वैज्ञानिक को उतारने पर विचार, विपक्ष जल्द खोलेगा पत्ता

नई दिल्ली विपक्षी नेता उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार पर चर्चा के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर सोमवार शाम बैठक करेंगे। रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने भी नए उपराष्ट्रपति के सर्वसम्मति से चुनाव के लिए राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे सहित कुछ विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क किया है। सूत्रों ने बताया कि विपक्ष देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए ऐसे गैर-राजनीतिक चेहरे को मैदान में उतारना चाहता है, जिसकी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और कद हो। उन्होंने बताया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक वैज्ञानिक का नाम प्रस्तावित किया है, जो तमिलनाडु से हैं और काफी सम्मानित हैं। वरिष्ठ द्रमुक नेता तिरुचि शिवा का नाम भी चर्चा में है लेकिन अन्य विपक्षी नेताओं के साथ अभी इस पर चर्चा होनी बाकी है। शिवा ने हालांकि यह कहते हुए इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इस मामले पर उनका नेतृत्व फैसला लेगा। NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं जहां 2026 में चुनाव होने हैं। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी सहित ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के वरिष्ठ नेताओं के इस बैठक में भाग लेने की संभावना है। यह बैठक सत्तारूढ़ राजग द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद होगी। सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और पश्चिम बंगाल की उनकी समकक्ष ममता बनर्जी सहित अन्य वरिष्ठ नेता विचार-विमर्श में डिजिटल माध्यम से शामिल हो सकते हैं जबकि अखिलेश यादव जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं के व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल होने की संभावना है। विपक्ष आज करेगा उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है. लेकिन विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है. सूत्रों की मानें तो आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक का एक साझा उम्मीदवार मैदान में उतरेगा. इसको लेकर संसद में मौजूद 'सभी विपक्षी दलों के नेताओं' की बैठक आज दोपहर 12:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाई गई है. उम्मीद है कि बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार का नाम घोषित किया जाएगा. किन नामों पर हो रही चर्चा? सूत्रों के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेता कई नामों पर चर्चा कर रहे हैं. इनमें पूर्व इसरो वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई का नाम भी शामिल है, जिन्होंने चंद्रयान-1 परियोजना की अगुवाई की थी. विपक्ष चाहता है कि इस चुनाव को ‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा’ की लड़ाई के रूप में पेश किया जाए. खबरों की मानें तो जिन नामों पर चर्चा हो रही है उनमें एक नाम तमिलनाडु से डीएमके के सांसद तिरुचि सिवा का भी है. चर्चा में शामिल तुषार गांधी का भी नाम इसके अलावा, महात्मा गांधी के परपोते और इतिहासकार तुषार गांधी का नाम भी शुरुआती चर्चा में आया है, ताकि यह चुनाव भाजपा के खिलाफ एक वैचारिक संघर्ष के रूप में दिखाया जा सके. साथ ही महाराष्ट्र से एक दलित बुद्धिजीवी को भी इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में विचार किया जा रहा है. पीएम मोदी से मिले राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन सोमवार को दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. उनका काफिला पहले से तैयार था और इस दौरान गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की.

साढ़े 82 किमी लंबे ग्वालियर-झांसी हाईवे की मरम्मत होगी, खर्च होगा 1.72 करोड़

ग्वालियर ग्वालियर से झांसी के बीच 101 किमी. लंबे फोरलेन हाइवे की मरम्मत का काम नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) द्वारा कराया जाएगा है। एनएचएआइ इस हाइवे पर टोल की वसूली तो कर ही रही है, लेकिन अब हाइवे पर जगह-जगह गड्ढों की समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में अब 1.72 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े 82 किमी की लंबाई में गड्ढों को भरने और जहां-जहां जरूरत है, वहां पेवर्स लगाने का काम भी किया जाएगा। इससे पूर्व में लगभग 1.75 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा के दौरान ग्वालियर-आगरा हाइवे की मरम्मत का काम कराया गया था, लेकिन अब ग्वालियर-झांसी हाइवे पर भी मरम्मत की जरूरत पड़ रही है।   बारिश में भारी वाहन से सड़क हो जाती है खराब दरअसल, वर्षा के सीजन में हाइवे पर निकलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़कों की हालत खराब होती है। गड्ढों के कारण ब्लैक स्पॉट के साथ ही एक्सीडेंट स्पॉट भी तैयार हो जाते हैं। इनके कारण हाइवे पर एक्सीडेंट होने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा इंटरचेंज के आसपास भी ब्रेक लगने के कारण सड़क खराब होती है। इसके चलते इन स्थानों पर काम कराया जाएगा। ग्वालियर-झांसी हाइवे पर हर दिन 30 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। इसके कारण सड़क की स्थिति जल्द खराब हो जाती है। तीन माह में होगी मरम्मत, तीन साल का रखरखाव भी शामिल एनएचएआइ ने हाइवे के गड्ढों को भरने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिसकी शर्तों के अनुसार चयनित कंपनी को तीन माह में साढ़े 82 किमी. लंबाई में जगह-जगह खराब हुई सड़क को ठीक करना होगा। इसके अलावा तीन वर्षों तक इस कार्य का रखरखाव भी करना होगा। यदि किया गया कार्य खराब होता है, तो अगले तीन साल तक उसे दोबारा करना होगा। सांसद ने भी की थी मांग सांसद भारत सिंह कुशवाह ने गत जुलाई माह में भोपाल में एनएचएआइ के क्षेत्रीय अधिकारियों से मुलाकात कर नेशनल हाइवे 44 के ही ग्वालियर-झांसी खंड के अंतर्गत डबरा से ग्वालियर के बीच बिलौआ तिराहा और अरु तिराहा पर बने हुए ब्लैक स्पॉट खत्म करने के साथ ही हाइवे की मरम्मत की भी मांग की थी। सांसद ने मांग की थी कि इन दोनों स्थानों पर फ्लाइओवर का निर्माण कर दिया जाए, ताकि यहां हो रहे हादसों की संभावना काफी कम हो जाए। एनएचएआइ के अधिकारियों ने भी इस दिशा में काम करने का आश्वासन दिया था।