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मुख्यमंत्री के निर्णय से युवाओं में खासा उत्साह, आगामी वर्ष से पुलिस में भर्तियां करेगा पुलिस भर्ती बोर्ड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत आगामी 3 वर्षों में पुलिस विभाग में 22500 पदों पर भर्ती की जाएगी। अभी तक पुलिस विभाग में भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल द्वारा होती हैं। पुलिस को जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अब मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' का गठन किया जाएगा और यही बोर्ड पुलिस की भर्तियां करेगा। इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा से युवाओं में खासा उत्साह है और वे इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती 'मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' की ओर से 'कर्मचारी चयन मंडल' करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां 'पुलिस भर्ती बोर्ड' द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में पुलिस विभाग के सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गृह विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं के आधुनिकीकरण एवं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शीघ्र ही गृह एवं वित्त विभाग की संयुक्त बैठक कर सभी लंबित मामलों का समुचित समाधान कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियां में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिये जाने की घोषणा भी की है। वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी पात्रता अनुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिये जाने का निर्णण भी लिया गया है। पुलिस विभाग को दी जा रही इन सहुलियतों से विभाग की कार्यप्रणाली में सक्रियता आयेगी और अधिकारी एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और आमजन को सुरक्षा कवच मिलेगा।

शहर का पहला कमर्शियल सेंटर रेवाड़ी में, 1.67 करोड़ की लागत और आधुनिक सुविधाओं के साथ

रेवाड़ी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) की ओर से शहर के राजीव चौक पर करीब एक एकड़ जमीन में कमर्शियल सेंटर बनाया जाएगा। जिसके लिए एक करोड़ 67 लाख व 57 हजार रुपये के बजट की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही प्राधिकरण की ओर से इसके टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही टेंडर होने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। शहर की सबसे पाॅश जगह पर बनने वाला यह शहर का पहला कमर्शियल भवन होगा, जिसमें सबसे बड़ी पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। यह लघु सचिवालय व न्यायिक परिसर से सटा होने के साथ ही दिल्ली-जयपुर हाईवे को जोड़ने वाले बावल पर रोड पर स्थित है। बता दें कि सेक्टर तीन में आने वाले राजीव चौक के समीप बावल रोड पर एक एकड़ भूमि में व्यावसायिक सेंटर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। प्राधिकरण की ओर से प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए 29 जुलाई 2024 को पंचकूला हेड ऑफिस भेजा गया था। 19 सितंबर को इसके विकसित करने के लिए बजट मंजूर को किया गया था। प्राधिकरण की मंजूरी मिलने के बाद अन्य प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब इसके टेंडर की प्रक्रिया को शुरू कर दी गई है। यहां पार्किंग स्थल, सीवरेज एवं पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद यहां बनने वाली दुकानों की नीलामी की जाएगी। यहां 22 दो मंजिला दुकानें एवं 48 बूथ बनाए गए जाएंगे।  

राज्यपाल पटेल 20 अगस्त को मंडला में आयुष विभाग की कार्यशाला में होंगे शामिल, आयुष मंत्री परमार भी उपस्थित

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल 20 अगस्त को मंडला जिले के सेमर खापा में आयुष विभाग द्वारा "परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी शामिल होंगे। कार्यशाला में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित रहेंगे। एकदिवसीय यह कार्यशाला मंडला जिले के सेमरखापा स्थित एकलव्य विद्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में प्रातः10.30 बजे आयोजित होगी। प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जनस्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने एवं क्षेत्र-विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में मंडला एवं समीपवर्ती जिलों के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की व्यापकता एवं पारंपरिक वैद्यों की सक्रिय भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श होगा। कार्यशाला में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुभव साझा किए जाएंगे एवं उनके ज्ञान का संवर्द्धन भी किया जाएगा।  

MP कांग्रेस में घमासान, राहुल ने दिल्ली में बुलाकर की जिला अध्यक्षों से बैठक

भोपाल  मध्य प्रदेश में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की हुई नियुक्ति के बाद असंतोष के स्वर जोर पकड़ने लगे हैं, बयानबाजी हो रही है और इस्तीफे का दौर भी शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर, नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया गया है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी संवाद करेंगे। कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत राज्य के 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इन जिला अध्यक्षों में विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। इनमें कई जिला अध्यक्ष ऐसे हैं जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाते रिश्तेदार भी हैं। इतना ही नहीं, कई जिला अध्यक्षों को एक बार फिर कमान सौंपी गई है। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी में नाराजगी बढ़ने लगी है और इन नियुक्तियों को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। गुना का जिला अध्यक्ष पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह को बनाया गया है, इससे उनके समर्थकों में नाराजगी है। समर्थकों का कहना है कि प्रदेश स्तरीय नेता को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। विरोध में उतरे कार्यकर्ताओं ने जीतू पटवारी का पुतला तक दहन किया। इसी तरह डिंडोरी से आदिवासी चेहरे ओंकार सिंह मरकाम को अध्यक्ष बनाया गया है, जिससे उनके समर्थक सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। इसके अलावा अगर हम देखें तो इंदौर में चिंटू चैकसे और विपिन वानखेड़े को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध हुआ है और संभागीय प्रवक्ता सन्नी राजपाल ने तो इस्तीफा तक दे दिया है। इतना ही नहीं, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी डागा ने भी प्रदेश अध्यक्ष पटवारी पर हमला बोला है। इसके अलावा, भोपाल के जिला अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप उर्फ मोनू सक्सेना ने प्रवीण सक्सेना को फिर भोपाल का जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजगी जताई है और कांग्रेस नेताओं की भाजपा के साथ-गांठ का भी आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शनों के बीच गुना के जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह से मीडिया ने बात की तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जब भोपाल में आकर संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की थी तो उन्होंने कहा था कि जिले के सबसे सक्षम और ताकतवर नेता को जिला अध्यक्ष बनाया जाएगा और उन्होंने यह किया है, जिससे पार्टी को लाभ होगा। वहीं उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि आगामी दिनों में जिला अध्यक्षों को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। बताया गया है कि राज्य में जिन जिला अध्यक्षों को नियुक्त किया गया है उन सभी को 24 अगस्त को दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जाने वाला है। इस प्रशिक्षण के कार्यक्रम में राहुल गांधी भी उपस्थित रहेंगे। 

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, शहरी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को मिलेगा सुधार—CM भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करें। साथ ही, अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य पर फोकस करें जिससे जनता को समय से इनका लाभ मिले। शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। इसी क्रम में उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं आवास संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। हाउसिंग बोर्ड अपनी योजनाओं का करें व्यापक प्रचार-प्रसार मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं की जरूरत एवं वर्तमान प्रचलन को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि बोर्ड की राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड निजी विकासकर्ता से प्रतिस्पर्धा करते हुए आमजन को गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य में उपलब्ध करवाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करे, परियोजनाओं में नवाचार लाए और इनके विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल करे, ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ मिल सके। द्रव्यवती नदी का करें सौंदर्यीकरण शर्मा ने कहा कि जयपुर में द्रव्यवती नदी के दोनों ओर से अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, इस क्षेत्र का पर्यटन की दृष्टि से उन्नयन किया जाए, ताकि आमजन के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें। उन्हांने कहा कि द्रव्यवती नदी पर पौधारोपण के कार्य में भी गति लाई जाए। बैठक में बताया गया कि जयपुर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आमजन की सुगम आवाजाही के लिए रिद्धि-सिद्धि चौराहे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। साथ ही, अपेक्स सर्किल पर एलिवेटेड रोड़ के निर्माण की डीपीआर के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है। शहरी विकास से जुडे़ प्रोजेक्टस को चरणबद्व करें पूरा मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, लोक परिवहन हेतु कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना शुरु की जाएगी जिससे प्रदेष के सभी नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव का प्रबंधन हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं के एनआईटी, टेण्डर, वर्कऑर्डर तथा डीपीआर बनाने सहित विभिन्न कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टस को चरणबद्व पूरा करें। साथ ही, हर चरण पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए। बजट घोषणाओं के भूमि आवंटन में लाएं तेजी शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाडी एवं विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) मेट्रो संचालित की जाएगी। अधिकारी इसके काम में गति लाएं, ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो। उन्होंने जोधपुर के बड़ली में आवासीय योजना लाने तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की सभी बजट घोषणाओं में जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, अधिकारी योजनाओं की अनुमानित लागत के आधार पर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने बजट की विभिन्न घोषणाओं के अंतर्गत बाड़मेर, धौलपुर, फुलेरा सहित अन्य शहरों की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में भीम-राजसमंद ड्रेनेज सिस्टम, सूरजगढ़-झुंझुंनू में सीवरेज लाईन, दौसा शहर मे सीवरेज मास्टर प्लान तारानगर-चुरु, नगर व सीकरी-डीग में ड्रेनेज के प्रस्तावित कार्यां की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सीवरेज कार्य भी समयबद्ध रूप से करवाए जाएं, ताकि आमजन को बेहतर यातायात एवं स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़, झुंझुनूं में निर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शीघ्र प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही, किसानों की सहभागिता से इस संबंध में एक सेमिनार भी आयोजित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि बैठक में शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक सेवा को मजबूती देने के लिए तथा ई-बसों के सुगम संचालन हेतु मॉडर्न शेल्टर कम चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। बैठक में बजट 2024-25 एवं 2025-26 की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा एवं मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

2027 चुनाव में संदेश: सपा ने पूजा पाल को बाहर कर दिखाया कड़ा रुख

लखनऊ  विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने विधायक पूजा पाल को बाहर का रास्ता दिखाकर पिछड़ों को एक संदेश देने का काम किया है। वे 2027 के चुनाव में किसी प्रकार का जोखिम नहीं चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार वे इस कारण ऐसे कदम उठा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि सपा विधायक पूजा पाल ने राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करके पार्टी के अनुशासन को तोड़ा था, लेकिन सपा मुखिया ने उसे नजरअंदाज कर उनको पार्टी में बरकरार रखा था। इसके बाद सत्र के दौरान पूजा पाल ने योगी सरकार के कसीदे पढ़कर दूसरी बड़ी गलती की, जिसे सपा प्रमुख ने बर्दाश्त नहीं किया और उन्हें पार्टी से निकाल दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि पूजा पाल को अखिलेश ने राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद से ही निष्कासित सूची में डाल रखा था। बस उनको मौके का इंतजार था। विधानसभा सत्र में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान पूजा ने कहा कि सभी को पता है उनके पति राजू पाल की हत्या कैसे और किसने की थी। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी बात सुनी और न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में मुझ जैसी कई महिलाओं को न्याय दिलाया और अपराधियों को दंड दिया। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुसार मिट्टी में मिलाने का काम किया। इस बयान के बाद ही सपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि पूजा पाल ने जिस प्रकार से सदन में भाजपा सरकार की तारीफ की है, वह लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा था। ऐसे में सपा के पास कोई और विकल्प नहीं था। अब तक सपा ने जितने भी एक्शन किए हैं, चाहे विधायक राकेश प्रताप हों, मनोज पाण्डेय हों, या अभय सिंह हों, यह सभी अपर कास्ट के थे। पूजा पाल ने भी क्रॉस वोट किया, लेकिन उनके खिलाफ एक्शन नहीं हुआ। शायद पीडीए से थीं, यही कारण होगा। राजीव श्रीवास्तव आगे कहते हैं कि अब विधानसभा चुनाव आ रहा है, इसलिए अखिलेश अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वो पार्टी में समर्पित लोग ही चाहते हैं जिन पर कोई संदेह न हो। अब देखना है कि अभी क्रॉस वोटिंग वाले जो बचे, उन पर क्या एक्शन होगा। क्योंकि अभी बुंदेलखंड के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी बचे हैं जिन पर कोई एक्शन नहीं हुआ है। हालांकि वह भी अभी शांत हैं। सपा 2027 की तैयारी में है। वो चाहती है कि पार्टी में अवसरवादियों की जगह वहीं लोग रहें जो पूर्णतया सपा के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि अखिलेश को लगता है कि वह पीडीए के फॉर्मूले से भाजपा को पटखनी दे सकते हैं। लिहाजा वह हर कदम ठोक बजाकर उठा रहे हैं। सपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि पूजा पाल बार-बार कहती हैं कि मुझे न्याय मुख्यमंत्री ने दिया है। जबकि हमारी विधायक बिजमा यादव अभी भी न्याय के लिए भटक रही है। पूजा पाल को मिला न्याय नैसर्गिक नहीं है। योगी सरकार का हर कदम पीडीए के खिलाफ है। यह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही। लगातार उसे आगे बढ़ाती रही है। ऐसे में उन पर उठाया गया कदम बिल्कुल ठीक है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता आनंद दुबे का कहना है कि सपा अपने किसी भी कार्यकर्ता के ऊपर कार्यवाही करे। उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यह भेदभावपूर्ण हैं। एक पिछड़ी महिला ने अपने पति के हत्यारे के न्याय दिलाने के लिए सरकार की तारीफ की। एक माफिया के सम्मान में अखिलेश मैदान में उतर जाते हैं। माफियाओं से उनकी इतनी हमदर्दी है कि पीडीए का नारा देने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देती है, जबकि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले तमाम लोग अभी पार्टी में हैं। अखिलेश यादव सिर्फ पिछड़ों को धोखा दे रहे हैं। 

विपक्ष पर निशाना साधते हुए राजनाथ सिंह बोले, उनका रवैया निराशाजनक रहा

नई दिल्ली  लोकसभा में अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से जुड़े मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा की शुरुआत की। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के सांसदों ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में विपक्ष के हंगामे को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) यात्रा और उसके बाद की वापसी पर विशेष चर्चा के दौरान जिस तरह से विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और सदन को चलने नहीं दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि अंतरिक्ष जैसे विषय जो भारत की वैज्ञानिक और सामरिक दृष्टि से 21वीं सदी के भविष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, कम से कम उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''आज लोकसभा में भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और इसरो मिशन के पायलट शुभांशु शुक्ला की अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) यात्रा और उसके बाद की वापसी पर विशेष चर्चा के दौरान जिस तरह से विपक्ष ने सदन में हंगामा किया और सदन को चलने नहीं दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह चर्चा ''भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और विकसित भारत 2047 में इसकी भूमिका'' विषय पर थी, जो राष्ट्रीय उपलब्धि और देश के सम्मान, स्वाभिमान और भविष्य की वैज्ञानिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की संभावनाओं से जुड़ी हुई है। इसमें जिस प्रकार से विपक्ष ने बाधा डाली, उनका व्यवहार आज बेहद निराशाजनक रहा है।'' उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरिक्ष में विकास की जिन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है, वह अभूतपूर्व है। विपक्ष चर्चा में भाग लेकर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की रचनात्मक समीक्षा, आलोचना व सुझाव दे सकता था। अंतरिक्ष जैसे विषय जो भारत की वैज्ञानिक और सामरिक दृष्टि से 21वीं सदी के भविष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, कम से कम उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।''

जयशंकर से मुलाकात के बाद चीन का संदेश, सहयोग से बढ़ सकती दोनों देशों की प्रगति

नई दिल्ली  अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद के बीच चीन और भारत के बीच की नजदीकियां बढ़ रही हैं। दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इस कड़ी में चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। वांग यी और भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बीच अहम बैठक शुरू हो गई है, जहां जयशंकर ने चीनी अधिकारियों का स्वागत किया है। जयशंकर के साथ बैठक में वांग यी ने कहा, "हमने बॉर्डर पर शांति बनाए रखने की कोशिश की है। …हमने सहयोग बढ़ाने और चीन-भारत संबंधों में सुधार और विकास की गति को और मजबूत करने का विश्वास साझा किया है ताकि हम दोनों देशों के विकास के साथ-साथ एक-दूसरे की सफलता में भी योगदान दे सकें। साथ ही एशिया और विश्व में वह स्थिरता लाई जा सके, जिसकी जरूरत है।” मतभेद विवाद का रूप ना ले- एस जयशंकर इससे पहले एस जयशंकर ने कहा है कि चीन और भारत के संबंध कठिन दौर से गुजरे हैं और अब दोनों देशों की साझेदारी से इसे बेहतर बनाने का प्रयास जारी है। जयशंकर ने कहा, “संबंधों में एक कठिन दौर देखने के बाद, दोनों देश अब आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके लिए दोनों पक्षों की ओर से एक स्पष्ट और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इस प्रयास में, हमें तीन मूल्यों, एक दूसरे का सम्मान, संवेदनशीलता और पारस्परिक हितों को ध्यान में रखना चाहिए।” जयशंकर ने कहा है कि यह ध्यान रखने की जरूरत है कि मतभेद विवाद का रूप ना ले, ना ही प्रतिस्पर्धा संघर्ष में बदले। सीमा पर शांति पर जोर वहीं जयशंकर ने इस दौरान यह भी कहा है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सकारात्मक गति तभी आ सकती है जब सीमा पर शांति स्थापित हो। जयशंकर ने अपनी ओपनिंग स्पीच में कहा, “आप कल हमारे विशेष प्रतिनिधि एनएसए अजीत डोभाल के साथ सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे संबंधों में किसी भी सकारात्मक गति का आधार बॉर्डर पर संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखने की क्षमता है। यह भी जरूरी है कि तनाव कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़े।" टैरिफ पर बातचीत की उम्मीद जयशंकर ने इस दौरान टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के भी संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के दो सबसे बड़े देश मिलते हैं, तो कि अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पर चर्चा स्वाभाविक है। जयशंकर ने कहा, “हम एक मल्टीपोलर एशिया सहित एक निष्पक्ष, संतुलित और मल्टीपोलर वैश्विक व्यवस्था चाहते हैं। वर्तमान परिवेश में, वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना और उसे बनाए रखना स्पष्ट रूप से जरूरी है।” उन्होंने चीनी विदेश मंत्री संग और भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद जताई है। PM मोदी जा सकते हैं चीन गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री दो दिवसीय यात्रा के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे। इस बीच इस महीने के अंत में पीएम मोदी भी चीन की यात्रा कर सकते हैं। वह 31 अगस्त और 1 सितंबर मे चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद यह पीएम मोदी का पहला चीन दौरा होगा।  

राजद में इस्तीफों का दौर शुरू, चुनाव से पहले जिलाध्यक्ष और प्रधान महासचिव ने छोड़ा पद

मुंगेर बिहार में विधानसभा चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे पार्टियों में उलटफेर भी शुरू हो गया है। इस क्रम में राजद को मुंगेर में बड़ा झटका लगा है। राजद के जिलाध्यक्ष त्रिलोकी नारायण शर्मा तथा प्रधान महासचिव संतोष कुमार यादव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पत्र जारी कर इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा है। इसे लेकर यह कयास लगाया जा रहा है कि वे इन दिनों राजद में अपनी पूछ को घटता देख खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे तथा इसके कारण पार्टी नेतृत्व से खफा चल रहे थे। बताते चलें कि पिछले दो बार से राजद ने मुंगेर जिले में केवल एक समुदाय की पार्टी होने का दाग मिटाने के खयाल से पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाया था। इसके तहत पहले बरियारपुर प्रखंड निवासी देवकीनंदन सिंह को तथा इस बार सदर प्रखंड निवासी त्रिलोकी नारायण शर्मा को जिलाध्यक्ष बनाया था, पर त्रिलोकी नारायण शर्मा के साथ ही पार्टी के प्रधान महासचिव संतोष कुमार यादव ने भी एक साथ इस्तीफा दिया है। इससे कहीं न कहीं यह जरूर लग रहा है कि शायद पार्टी में उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा था, जो एक जिलाध्यक्ष तथा प्रधान महासचिव को मिलना चाहिए। हालांकि, अंदरखाने से यह बात सामने आ रही है कि 21 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव वोट अधिकार यात्रा के तहत मुंगेर आने वाले हैं, तथा इस कार्यक्रम को लेकर दोनों ही नेताओं को इसमें उचित स्थान नहीं दिया गया अथवा उन्हें इस कार्यक्रम से दूर रखा गया है।  

टोल वसूली पर सुप्रीम कोर्ट का फटकारा, खराब रोड पर पैसे लेने पर आपत्ति

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को NHAI यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पूछा कि अगर केरल के त्रिशूर में 65 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को तय करने में 12 घंटे लगते हैं, तो किसी यात्री को 150 रुपये के टोल (शुल्क) का भुगतान करने के लिए क्यों कहा जाए। प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने यह टिप्पणी एनएचएआई और टोल वसूलने का अधिकार रखने वाली कंपनी ‘गुरुवायूर इंफ्रास्ट्रक्चर’ द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए की। याचिका में त्रिशूर के पलियेक्कारा टोल प्लाजा पर टोल संग्रह पर रोक लगाने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। सीजेआई ने कहा, 'अगर किसी व्यक्ति को सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में 12 घंटे लगते हैं, तो उसे 150 रुपये क्यों देने चाहिए? जिस सड़क पर एक घंटे का समय लगने की उम्मीद है, उसमें 11 घंटे और लगते हैं और उन्हें टोल भी देना पड़ता है।' सुनवाई के दौरान पीठ को सप्ताहांत में इस मार्ग पर लगभग 12 घंटे तक यातायात जाम रहने की जानकारी दी गई। उच्च न्यायालय ने छह अगस्त को राष्ट्रीय राजमार्ग 544 के एडापल्ली-मन्नुथी खंड की खराब स्थिति और निर्माण कार्यों के कारण उत्पन्न गंभीर यातायात जाम के आधार पर टोल निलंबन का आदेश दिया था। एनएचएआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और टोल वसूल करने का अधिकार रखने वाली कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा, 'हम हर पहलू पर विचार करेंगे, आदेश सुरक्षित रखेंगे।' न्यायमूर्ति चंद्रन ने कहा कि जिस दुर्घटना के कारण यह सड़क अवरुद्ध हुई, वह महज 'दैवीय कृत्य' नहीं था, जैसा कि मेहता ने तर्क दिया, बल्कि एक ट्रक के गड्ढे में गिर जाने के कारण हुई थी। मेहता ने कहा कि जहां अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा था, वहां एनएचएआई ने सर्विस रोड उपलब्ध कराई थी, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि मॉनसून की बारिश ने निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी है। उन्होंने एक उदाहरण भी दिया जिसमें टोल को निलंबित करने के बजाय आनुपातिक रूप से कम करने का सुझाव दिया गया था। वहीं, गुरुवायूर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि उसने 60 किलोमीटर का क्षेत्र अपने नियंत्रण में रखा है और उसने सर्विस रोड की रुकावटों के लिए ‘पीएसजी इंजीनियरिंग’ सहित तीसरे पक्ष के ठेकेदारों को दोषी ठहराया। दीवान ने उच्च न्यायालय के फैसले को 'बेहद अनुचित' बताते हुए कहा, 'जब मैं दूसरों को सौंपे गए काम के लिए जिम्मेदार नहीं हूं, तो मेरी आय का स्रोत नहीं रोका जा सकता। मुझे सिर्फ 10 दिनों में ही 5-6 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।' पीठ ने कहा कि टोल वसूली का अधिकार रखने वाली कंपनी को उच्च न्यायालय ने एनएचएआई के खिलाफ नुकसान का दावा करने की अनुमति दे दी है। दीवान ने कहा कि यह अपर्याप्त है, क्योंकि दैनिक रखरखाव लागत जारी है और राजस्व वसूली रुक गई है। शीर्ष अदालत ने 14 अगस्त को टोल वसूली पर रोक लगाने संबंधी उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के प्रति अनिच्छा जताई थी। उच्च न्यायालय ने छह अगस्त को टोल वसूली को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि जब राजमार्ग का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है और यातायात जाम बहुत अधिक है, तो वाहन चालकों से टोल नहीं वसूला जा सकता। उच्च न्यायालय ने फैसले में कहा था कि जनता और एनएचएआई के बीच संबंध 'जन विश्वास' का है और सुचारू यातायात प्रवाह बनाए रखने में विफलता ने उस विश्वास को भंग किया है।