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13 अगस्त से नया मौसम तंत्र, इंदौर-उज्जैन में धूप और पूर्वी-उत्तरी जिलों में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के दिन मौसम के दो रंग देखने को मिलेंगे। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 में से 13 जिलों में तेज धूप खिलेगी। वहीं, पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 9 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर में भी हल्के बादल छाए रह सकते है।  मौसम विभाग ने शनिवार को श्योपुर, मुरैना, पन्ना, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, धार, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में मौसम साफ रहेगा। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। मंडला-सीधी में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली और हल्की बारिश का दौर रहा। मंडला और सीधी में सवा इंच बारिश हुई। छतरपुर के नौगांव में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में बादल छाए रहे। वहीं, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, मऊगंज में हल्की बारिश हुई। एमपी में अब तक 28.8 इंच बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 28.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल बारिश का 78 प्रतिशत है। जून-जुलाई में स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अब तक 34 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें भी पूर्वी हिस्सा जैसे- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग ठीक है। इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। इंदौर संभाग के 8 में से 5 जिले ऐसे हैं, जहां 13 इंच से कम पानी गिरा है। सिर्फ अलीराजपुर और झाबुआ में ही 20 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। दूसरी ओर, ग्वालियर में सबसे ज्यादा 35 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कुल बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। जबलपुर और भोपाल की तस्वीर भी बेहतर है। 13 अगस्त से नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, शुक्रवार को देश में दो टर्फ की एक्टिविटी रही, जो मध्यप्रदेश से काफी दूर है। शनिवार को कुछ जिलों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने का अनुमान है। इससे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। दो महीने में गिरा 28 इंच, अगस्त में न के बराबर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई, लेकिन 1 से 7 अगस्त के बीच सिर्फ 0.8 इंच पानी ही गिरा। दूसरे सप्ताह में ही तेज बारिश के आसार वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 38% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 39% बारिश अधिक हुई है। जुलाई में बने थे बाढ़ के हालात जुलाई में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। आखिरी दिनों में रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे।वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे।

युवाओं के सपनों को लगेंगे पंख, बनेंगे 34 नए नालंदा परिसर

सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पर देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा।  इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे।  नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।  दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगी राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।   रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगे राजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद – श्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराया, तीन मैचों की सीरीज में बनाई बढ़त

त्रिनिदाद मोहम्मद रिजवान की अगुवाई वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 5 विकेट से हराकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। त्रिनिदाद के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मेजबानों ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 281 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर को मेहानों ने रिजवान और डेब्यूटंट हसन नवाज के अर्धशतकों की मदद से 7 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। अपने पहले ही मैच में कमाल करने वाले हसन नवाज को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे 10 अगस्त को इसी मैदान पर खेला जाएगा। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तान की टीम पूरे 50 ओवर भी पाकिस्तान के आगे टिकन हीं पाई। 49 ओवर में पूरी टीम 280 के स्कोर पर ढेर हो गई। एविन लुईस (60), कप्तान शे होप (55) और रोस्टन चेज (53) ने इस दौरान अर्धशतक जड़े, मगर कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। पाकिस्तान के लिए उनके ऐस पेसर शाहिन शाह अफरीदी ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, वहीं उनके जोड़ीदार नसीम शाह को इस दौरान तीन सफलताएं मिली। 281 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान के लिए सैम अयूब एकमात्र बल्लेबाज थे जो अच्छी शुरुआत करने में नाकाम रहे। बाकी सभी ने महत्वपूर्ण साझेदारियां करने में अपनी भूमिका निभाई और कभी भी रन रेट का दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। बाबर आजम (47) जहां अर्धशतक से चूक गए, वहीं रिजवान (53) अपना अर्धशतक बनाने के बाद लय खो बैठे और 38वें ओवर में आउट हो गए। पाकिस्तान को अंतिम 12 ओवरों में लगभग 100 रन चाहिए थे, और हसन नवाज (अपना पहला मैच खेल रहे) और तलत (2019 के बाद अपना पहला वनडे खेल रहे) की जोड़ी ने खेल को गहराई तक ले जाने और एक ओवर शेष रहते खेल समाप्त करने के लिए काफी परिपक्वता दिखाई। हसन नवाज, विशेष रूप से, अपने शॉट-चयन से बहुत प्रभावशाली थे। उन्होंने शुरुआत में अपना समय लिया और फिर समय पर बाउंड्री लगाकर मांग दर को नियंत्रण में रखा। वेस्टइंडीज के गेंदबाज टुकड़ों में अच्छे थे, लेकिन पूरे समय निरंतरता के लिए संघर्ष करते रहे। हालांकि उन्हें लग सकता है कि वे 20-30 रन कम बना पाए।

चेतावनी और फाइन के बावजूद ओवल टेस्ट में गौतम गंभीर का साहसिक निर्णय

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेले गए 5वें टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारत ने 5 मैच की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। आखिरी दिन मेजबानों को जीत के लिए 35 रनों की दरकार थी, वहीं भारत जीत से महज 4 विकेट दूर था। मोहम्मद सिराज की कातिलाना गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड नहीं टिक पाया और टीम इंडिया ने 6 रनों से यह मैच जीत गया। भारत को इस जीत से WTC पॉइंट्स टेबल में फायदा हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर टीम इंडिया यह मैच हार जाती है तो उन्हें WTC पॉइंट्स टेबल में दोहरा झटका लग सकता है। जी हां, दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार टीम इंडिया अगर यह मैच हारती तो उन पर स्लो ओवर रेट के चलते 4 पॉइंट्स का फाइनल भी लग सकता था। सूत्र ने कहा कि जब भारतीय टीम ओवल में पांचवें दिन की सुबह जीत की रणनीति बना रही थी तब मैच रेफरी जेफ क्रो ने संदेश भिजवाया कि भारतीय टीम निर्धारित समय से छह ओवर पीछे है। अगर ये ओवर रेट नहीं सुधरा तो आपके चार अंक कटेंगे। या तो आपको इंग्लैंड को आलआउट करना होगा। यदि भारतीय टीम इंग्लैंड को आलआउट नहीं कर पाई, तो भारत के चार डब्ल्यूटीसी अंक कट जाएंगे। इस चेतावनी के बाद ड्रेसिंग रूम में कप्तान शुभमन गिल, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहायक कोच सितांशु कोटक सहित कुछ लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में एक सदस्य ने कहा कि प्रसिद्ध कृष्णा की चार गेंद होने के बाद ओवर रेट को सुधारने के लिए दोनों छोर से स्पिनरों रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को लगा देते हैं। इस रणनीति से भारत ओवर रेट सुधार सकता था, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाज जेमी स्मिथ और जेमी ओवरटन तेज गेंदबाजों की अनुपस्थिति में तेजी से रन बनाकर मैच पलट देते। सूत्र ने कहा कि कोच गौतम गंभीर ने साफ कहा कि मुझे ओवर रेट की चिंता नहीं है, अगर चार अंक कटते हैं तो कटें, लेकिन हम जीतने के लिए खेलेंगे। इसके बाद यह तय हुआ कि एक छोर से प्रसिद्ध कृष्णा और दूसरे छोर से मोहम्मद सिराज को लगातार आक्रमण पर लगाया जाएगा। कप्तान शुभमन गिल ने भी उस पर सहमति जताई। और भारत को जीत मिली।  

सैफ अली खान पैतृक संपत्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई अस्थायी रोक

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के के पूर्वजों से जुड़े संपत्ति विवाद में शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्लाह खान की शाही संपत्ति से जुड़े दशकों पुराने संपत्ति विवाद को नए सिरे से सुनवाई के लिए निचली अदालत को वापस भेज दिया था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया‌‌। बेंच ने नवाब हमीदुल्ला खान के बड़े भाई के वंशजों उमर फारुक अली और राशिद अली की याचिका पर नोटिस जारी किया, जो हाईकोर्ट के 30 जून के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें 14 फरवरी, 2000 के निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया गया था, जिसमें नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान, उनके बेटे मंसूर अली खान (पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान) और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों, अभिनेता सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा सुल्तान और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के संपत्ति पर विशेष अधिकार बरकरार रखे गए थे। हाईकोर्ट ने कहा था कि निचली अदालत का फैसला 1997 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर आधारित था, जिसे बाद में 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। हालांकि, 2019 के उदाहरण को लागू करने और मामले का निर्णायक रूप से फैसला करने के बजाय, हाईकोर्ट ने मामले को पुनर्मूल्यांकन के लिए वापस भेज दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश दीवानी प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत उल्लिखित प्रक्रियात्मक मानदंडों के विपरीत है। यह मामला 1999 में नवाब के विस्तारित परिवार के सदस्यों द्वारा दायर दीवानी मुकदमों से जुड़ा है, जिनमें दिवंगत बेगम सुरैया राशिद और उनके बच्चे, महाबानो (अब दिवंगत), नीलोफर, नादिर और यावर के साथ ही नवाब की एक और बेटी नवाबजादी कमर ताज रबिया सुल्तान शामिल हैं। वादियों ने नवाब की निजी संपत्ति के बंटवारे, कब्जे और न्यायसंगत निपटान की मांग की थी। निचली अदालत ने साजिदा सुल्तान के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के अधीन नहीं है और संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें हस्तांतरित की गई थी। सन 1960 में नवाब की मृत्यु के बाद, भारत सरकार ने 1962 का एक प्रमाण पत्र जारी किया, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 366(22) के तहत साजिदा सुल्तान को शासक और निजी संपत्ति की वास्तविक उत्तराधिकारी दोनों के रूप में मान्यता दी गई। हालांकि, वादी पक्ष ने तर्क दिया कि नवाब की निजी संपत्ति मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत सभी कानूनी उत्तराधिकारियों में बांटी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि 1962 के प्रमाण पत्र पर औपचारिक रूप से कोई विवाद नहीं था, लेकिन दावा किया कि यह न्यायसंगत विभाजन को नहीं रोकता। अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार सहित प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि उत्तराधिकार में ज्येष्ठाधिकार के नियम का पालन किया गया और साजिदा सुल्तान को शाही गद्दी और निजी संपत्ति, दोनों का वंशानुगत उत्तराधिकार प्राप्त हुआ था। निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए, हाईकोर्ट ने मामले को वापस भेज दिया था। याचिकाकर्ताओं ने मामले को वापस भेजने के आदेश को पलटने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।

एशिया कप 2025 में ट्रिपल इंडिया-पाक क्लैश का मौका, ये है पूरा गणित

मुंबई  भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ पर छूटकर खत्म हो चुकी है. टेस्ट क्रिकेट के इस तड़के के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी टी20 फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एश‍िया कप में खेलते दिखेंगे. एश‍िया कप इस बार 9 से 28 सितंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई और अबू धाबी के मैदानों पर होंगे.  एश‍िया कप 2025 का ओपन‍िंग मैच 9 सितंबर को अबू धाबी स्थित शेख जायद स्टेडियम में अफगानिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच होना है. वहीं च‍िर प्रत‍िद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित महामुकाबला 14 सितंबर (रविवार) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होगा. इस बार का फाइनल भी दुबई में 28 सितंबर को खेला जाएगा. भारत-पाकिस्तान यदि दोनों टीमें सुपर-4 राउंड के लिए क्वालिफाई करते हैं, तो 21 सितंबर को इनका फिर से आमना-सामना हो सकता है. और अगर दोनों फाइनल में पहुंचती हैं, तो 28 सितंबर को तीसरी बार दोनों के भ‍िड़ने की संभावना है.  पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी देखी गई थी. जिसके चलते विरोध के स्वर भी उठे. पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट का शेड्यूल और स्थान जस के तहस रहेंगे और सभी मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. एश‍िया कप 2025 में कुल कितनी टीमें?  एश‍िया कप 2025 में 8 टीमें भाग लेंगी. एश‍ियन क्रिकेट काउंस‍िल (ACC) के 5 फुल मेंबर देश अफगान‍िस्तान, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट के लिए ऑटोमेट‍िकली क्वालिफाई कर गए हैं और अब संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और हॉन्ग कॉन्ग भी इसमें शामिल होंगे, जो 2024 एसीसी पुरुष प्रीमियर कप में शीर्ष तीन में रहे थे.  टूर्नामेंट के ग्रुप और फॉर्मेट  पिछले टूर्नामेंटों से अलग होंगे, जिसमें आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुप में विभाजित किया जाएगा. प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सिंगल-ग्रुप सुपर फोर राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी. इस चरण की शीर्ष दो टीमें खेलेंगी. ऐसे में भारत पाकिस्तान की भ‍िड़ंत हो सकती है. एशिया कप 2025 के ग्रुप्स ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, यूएई, ओमान ग्रुप B: बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग एशिया कप 2025 का शेड्यूल 9 सितंबर- अफगानिस्तान vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 10 सितंबर- भारत vs यूएई, दुबई 11 सितंबर- बांग्लादेश vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 12 सितंबर- पाकिस्तान vs ओमान, दुबई 13 सितंबर- बांग्लादेश vs श्रीलंका, अबू धाबी 14 सितंबर- भारत vs पाकिस्तान, दुबई 15 सितंबर- यूएई vs ओमान, अबू धाबी 15 सितंबर- श्रीलंका बनाम हॉन्ग कॉन्ग, दुबई 16 सितंबर- बांग्लादेश vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 17 सितंबर- पाकिस्तान vs यूएई, दुबई 18 सितंबर- श्रीलंका vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 19 सितंबर- भारत vs ओमान, अबू धाबी 20 सितंबर- B1vs B2, दुबई 21 सितंबर- A1 VS A2, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव) 23 सितंबर A2 vs B1, अबू धाबी 24 सितंबर- A1 vs B2, दुबई 25 सितंबर- A2 vs B2, दुबई 26 सितंबर- A1 vs B1, दुबई 28 सितंबर- फाइनल, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव)

एशिया कप से पहले अच्छी खबर, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुरू की प्रैक्टिस

मुंबई  एशिया कप क्रिकेट 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा. एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कुछ दिनों में किया जाएगा. एशिया कप की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव फिट हो चुके हैं और वो मैदान पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की समाप्ति के बाद सूर्यकुमार ने जर्मनी में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी कराई थी. सर्जरी के चलते सूर्यकुमार को करीब 3 महीने मैदान से दूर रहना पड़ा. अब सूर्यकुमार यादव  ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अभ्यास शुरू कर दिया है. सूर्यकुमार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सूर्यकुमार पहले जिम में पसीना बहाते हैं. फिर वो नेट्स में बैटिंग करने पहुंचते हैं. नेट प्रैक्टिस के दौरान सूर्यकुमार बेहतरीन शॉट्स खेलते नजर आते हैं. 34 वर्षीय सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस (MI) के लिए शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने आईपीएल के पिछले सीजन में MVP (मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर) अवॉर्ड जीता, साथ ही हर मैच में कम से कम 25 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 65.18 के एवरेज से 717 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से 5 अर्धशतक निकले. सूर्यकुमार यादव इन चीजों पर कर रहे फोकस सूर्यकुमार यादव अब एशिया कप से पहले नेट्स में बल्लेबाजी के साथ-साथ फिटनेस ड्रिल्स और एरोबिक एक्सरसाइज पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि पूरी तरह मैच फिटनेस हासिल की जा सके. एशिया कप ना सिर्फ सूर्यकुमार यादव की मैदान पर वापसी का जरिए बनेगा, बल्कि भारतीय टीम के लिए अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों का भी अहम हिस्सा है. गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 क्रिकेट में हालिया समय में दमदार खेल दिखाया है. अब एशिया कप 2025 इस लय को बरकरार रखने का सुनहरा मौका होगा.

वाराणसी के लाखों बच्चों के लिए बड़ी राहत, पेट के कीड़े निकालने की एल्बेंडाजोल दवा का वितरण

वाराणसी जनपद में 11 अगस्त को एक से 19 वर्ष के 18 लाख से अधिक बालक-बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत 18.60 लाख बच्चों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक से पांच साल तक के सभी आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 साल तक के स्कूल जाने वाले सभी बालक-बालिकाओं को शामिल किया गया है। सीएमओ डा. संदीप चौधरी ने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। दवा खिलाने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है। कृमि मुक्ति से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चों में एनीमिया पर नियंत्रण रहता है। कृमि मुक्ति से बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार होता है। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. संजय राय ने बताया कि लगभग 7.50 लाख शहरी क्षेत्र व लगभग 11.0 लाख बच्चे ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जिन्हें एल्बेन्डाजोल की दवा खिलायी जाएगी। इस कार्य में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्र तथा 2853 सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों से दवा खिलाने में सहयोग लिया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र में आरबीएसके टीम के चिकित्सक व शहरी क्षेत्र में समस्त अर्बन पीएचसी के चिकित्सक के साथ ही पूरे जिले की समस्त एएनएम तथा आशा कार्यकर्ती सहयोग करेंगी। अभियान में उन बच्चों को भी दवा खिलाई जाएगी जो स्कूल नहीं जाते हैं। इसके साथ ही ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। एक से दो साल के बच्चों को आधी गोली तथा दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली दवा खिलाई। इस दिवस पर छूट गए बच्चों के लिए 14 अगस्त को माप अप राउंड आयोजित किया गया है। इसमें छूटे हुए बच्चों को भी दवा देने के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।  

अल-अक्सा के मुफ्ती पर इजरायल का बैन, गाजा संबंधित वक्तव्य बनी वजह

तेल अवीव इजरायल ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर के ग्रैंड मुफ्ती शेख मोहम्मद हुसैन की एंट्री पर ही पाबंदी लगा दी है। वे मस्जिद परिसर में नहीं घुस सकते। गाजा को लेकर उन्होंने एक तकरीर दी थी, जिसमें इजरायल की नीतियों की आलोचना की थी। इसी के चलते इजरायल ने उनके ऊपर पाबंदी लगाई है। शेख हुसैन के वकील का कहना है कि पहले 8 दिन की पाबंदी उन पर लगाई गई थी। इसके बाद मुफ्ती पर पाबंदी की मियाद 6 महीनों के लिए और बढ़ा दी गई है। जुलाई के आखिरी में जुमे के मौके पर नमाज अदा किए जाने के बाद शेख मोहम्मद हुसैन ने एक तकरीर की थी। इसमें उन्होंने इजरायल की उस नीति का विरोध किया था, जिसके तहत गाजा में जरूरी चीजों, भोजन और दवा की सप्लाई नहीं हो पा रही थी। इसके चलते 20 लाख फिलिस्तीनियों के आगे भुखमरी तक का संकट पैदा हो गया था। अब इसी मामले में Wafa न्यूज एजेंसी के अनुसार इजरायल ने ऐक्शन लिया है। इजरायली अथॉरिटीज ने मुफ्ती को 27 जुलाई को समन जारी किया था। उन्हें कहा गया था कि वे अगले 8 दिनों तक यहां ना आएं। इस दौरान मस्जिद में कुछ काम भी हो सकता है। बुधवार को 8 दिन की लिमिट खत्म हुई तो अब इसे 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। फिलिस्तीन ने इजरायल सरकार के इस फैसले की निंदा की है। फिलिस्तीन का कहना है कि इजरायल की तरफ से लगाया गया यह बैन अल-अक्सा मस्जिद पर नियंत्रण का प्रयास है। फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने कहा कि इस तरह से अल-अक्सा मस्जिद से जुड़ी मजहबी अथॉरिटीज को किनारे लगाने की तैयारी हो रही है, जो इजरायल की नीतियों का विरोध करती रहती है। बता दें अल-अक्सा मस्जिद को लेकर सदियों से विवाद रहा है। इसके एक हिस्से पर इस्लाम के लोगों का दावा है तो वहीं यहूदी भी इसे पवित्र स्थल मानते हैं और एक हिस्से माउंट टेंपल कहते हैं।

दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 का ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार’ में ‘स्वर्ण’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार "Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation" श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।” भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के-वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।