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शुभमन गिल समेत तीन भारतीय फिसले रैंकिंग में, जो रूट ने मारी बाज़ी

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को टेस्ट प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने हमवतन हैरी ब्रूक से बादशाहत छीन ली है। रूट फिर से नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 888 रेटिंग अंक हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में शतक लगाने के अलावा 40 रनों की पारी खेली थी। ब्रूक ने पिछले हफ्ते रूट को पछाड़ा था लेकिन लॉर्ड्स में खराब प्रदर्शन (11, 23) के बाद अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनके 862 अंक हैं। न्यूजीलैंड के धाकड़ बल्लेबाज केन विलयमसन (867) दूसरे नंबर पर हैं। वहीं, कप्तान शुभमन गिल समेत तीन भारतीय बल्लेबाजों को घाटा झेलना पड़ा है। गिल तीन स्थान लुढ़ककर नौवें पर आ गए हैं। उनके 765 अंक हैं। गिल ने लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में कुल 22 रन बनाए। ओपनर यशस्वी जायसवाल (801) और विकेटकीपर ऋषभ पंत (779) को एक-एक पायदान का नुकसान हुआ। यशस्वी मैच में सिर्फ 13 रन बना सके। उनका दूसरी पारी में खाता नहीं खुला था। पंत ने पहली पारी में 74 रन जुटाए थे लेकिन दूसरी पारी में 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। भारत को लॉर्ड्स में 22 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इंग्लैंड पांच टेस्ट की सीरीज में 2-1 से आगे है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (816) जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 48 रन की पारी खेलने के बाद एक स्थान ऊपर चढ़े। वह अब चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 204 रनों का टारगेट देने के बाद महज 27 रन पर ढेर कर दिया था। यह टेस्ट इतिहास का दूसरा लोएस्ट टोटल है। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन 46 और 42 रन की पारी की बदौलत 16 स्थान की छलांग लगाकर 29वें स्थान पर पहुंच गए। जमैका में हैट्रिक लेने वाले कंगारू पेसर स्कॉट बोलैंड टेस्ट गेंदबाजों की सूची में करियर के सर्वश्रेष्ठ छठे स्थान पर आ गए हैं। वह पिंक टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज हैं। दूसरी ओर, तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क (9 रन देकर 6 विकेट) दमदार प्रदर्शन के बावजूद रैंकिंग में 10वें स्थान पर ही कायम हैं। हालांकि, बाएं हाथ के गेंदबाज के रेटिंग अंक बढ़कर 766 हो गए हैं। टॉप-10 गेंदबाजों में कुल पांच ऑस्ट्रेलिया के हैं। कप्तान पैट कमिंस तीसरे और जोश हेजलवुड चौथे स्थान पर बने हुए हैं। स्पिनर नाथन लियोन एक स्थान नीचे आठवें पर खिसक गए हैं। नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। उनके 901 अंक हैं। बुमराह ने लॉर्ड्स में सात विकेट हासिल किए थे। उन्होंने पहली पारी में पंजा खोला था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया

सदैव कार्य निष्ठा की शिक्षा और प्रेरणा मिली श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्रह्मानंद जी ने जीवन का हर क्षण मां भारती को न्यौछावर किया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले उनके पूज्य ससुर श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी से सदैव 'कार्य निष्ठा' की शिक्षा और प्रेरणा मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके देवलोकगमन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि गहन शोक की इस घड़ी में यही शिक्षा व प्रेरणा मुझे संबल प्रदान करती है कि मैं विदेश यात्रा पर मध्यप्रदेश के विकास के संकल्प को पूरा कर पाऊं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय ब्रह्मानंद यादव जी एक शिक्षक थे और उन्होंने जीवन का हर क्षण मां भारती की सेवा के लिए न्यौछावर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए प्रार्थना की है।  

विदिशा में GRP की बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से किया 20 बच्चों का रेस्क्यू , 6 तस्कर गिरफ्तार

विदिशा   मध्य प्रदेश के विदिशा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरपीएफ और सोशल वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। यह बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं, और इन्हें मुंबई होते हुए सूरत ले जाया जा रहा था, जहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में काम करवाया जाना था। ऐसे हुआ बच्चों का रेस्क्यू  विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की दीपा शर्मा ने बताया कि जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को ले जाया जा रहा है । जानकारी के आधार पर ये कार्रवाई की गई। हमारी टीम ने आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की, और सुबह करीब 5 बजे ट्रेन के पहुंचते ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के दौरान कुछ तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि 6 आरोपी को पकड़ लिया गया है। ट्रेन का स्टॉपेज दो मिनिट का था , चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया और 34 लोगों को उतारा गया, जिनमें से 20 बच्चे नाबालिक निकले । जानकारी ये भी है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं, जिन्‍हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू किया जाएगा। पकड़े गए लोगों से हो रही पूछताछ  रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा और फिर बाल संप्रेषण गृह में अस्थाई रूप से रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम, बच्चों को ले जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।  जानकारी के अनुसार ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं और इन्हें ट्रेन के ज़रिए मुंबई होते हुए गुजरात के सूरत शहर ले जाया जा रहा था। वहां इनसे साड़ी फैक्ट्रियों में जबरन मजदूरी करवाई जानी थी। विदिशा सोशल वेलफेयर सोसाइटी की प्रमुख दीपा शर्मा ने बताया कि संस्था को इन बच्चों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ के साथ मिलकर रात भर स्टेशन पर निगरानी की गई। सुबह करीब 5 बजे जैसे ही संदिग्ध ट्रेन स्टेशन पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई कर ट्रेन को चेन पुलिंग के ज़रिए रोका।  कार्रवाई के दौरान कुल 34 लोगों को ट्रेन से उतारा गया जिनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए। मौके पर हड़कंप मच गया, कुछ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले लेकिन 6 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दीपा शर्मा ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ बच्चे ट्रेन से आगे निकल चुके हैं जिन्हें उज्जैन स्टेशन पर रेस्क्यू करने की तैयारी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा और उसके बाद अस्थाई रूप से बाल संप्रेषण गृह में रखा जाएगा। फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह और उनकी टीम पकड़े गए तस्करों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने के लिए हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मानव तस्करी क्या है ("मानव तस्करी" का अर्थ)? मानव तस्करी एक संगठित अपराध है जिसमें लोगों को धोखे से, जबरदस्ती या लालच देकर उनका शोषण करने के लिए कहीं और ले जाया जाता है, जैसे कि जबरन मजदूरी या यौन शोषण के लिए। "मानव तस्करी" से कैसे बचा जा सकता है? लोगों को जागरूक बनाकर, बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखकर, और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस या सामाजिक संस्थाओं को देकर मानव तस्करी से बचा जा सकता है। "मानव तस्करी" की सूचना कहां दी जा सकती है? आप 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 100 (पुलिस) या किसी भी नजदीकी थाने या सामाजिक संस्था को "मानव तस्करी" की जानकारी दे सकते हैं। क्या बच्चों को काम पर लगाना "मानव तस्करी" में आता है? अगर किसी नाबालिग को जबरन या धोखे से मजदूरी करवाई जा रही है, तो वह मानव तस्करी और बाल शोषण दोनों की श्रेणी में आता है। क्या "मानव तस्करी" के लिए सज़ा का प्रावधान है? हाँ, भारत में "मानव तस्करी" एक गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।  

कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत, US से आ रहे रात के अंधेरे में भी हमला करने वाले अपाचे हेलिकॉप्टर

नई दिल्ली अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी इसी सप्ताह होने जा रही है। पहली खेप के तहत कुल तीन अपाचे हेलिकॉप्टर मिलेंगे, जो रात के अंधेरे में भी टारगेट को खोजने और मार करने में सक्षम होंगे। अमेरिकी सेना में लंबे समय से तैनात इन हेलिकॉप्टरों की काफी डिमांड रही है। अब तक करीब 20 देशों को अमेरिका की ओर से इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार भारत इन हेलिकॉप्टरों को पाकिस्तान से लगती सीमा पर तैनात करने की तैयारी में है। 2 जुलाई को ही खबर आई थी कि इन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी का इंतजार खत्म होगा और इसी महीने ये भारत आ सकते हैं। इन हेलिकॉप्टरों को 'हवाई टैंक' भी कहा जाता है। अमेरिका से आने वाले AH-64Es अपाचे हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर होगी। भारतीय सेना की ओर से इन हेलिकॉप्टरों के लिए अलग से बेड़ा पहले ही तैयार कर लिया गया है। जोधपुर में 15 महीने पहले ही इसकी शुरुआत हो चुकी है। लेकिन हेलिकॉप्टरों की डिलिवरी अटक गई थी। इसकी वजह थी कि दुनिया के भू-राजनीतिक समीकरण बदल गए और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भी ट्रेड टैरिफ आदि में व्यस्त था। बता दें कि पहले ही इंडियन एयरफोर्स के पास दो स्क्वैड्रन पठानकोट और जोरहाट में ऐक्टिव हैं। बता दें कि 2015 में भी भारत सरकार ने 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की डील अमेरिका से की थी। उस ऑर्डर की पूरी डिलिवरी अमेरिका की ओर से जुलाई 2020 में कर दी गई थी। इसके बाद 2020 में भारत ने 6 हेलिकॉप्टर और खरीदने की डील की थी। इसके तहत पहली खेप की डिलिवरी मई से जून 2024 के बीच की जानी थी। लेकिन इसमें देरी होती गई। बता दें कि अमेरिकी कंपनी बोइंग और टाटा की ओर से भी एक जॉइंट वेंटर हैदराबाद में चल रहा है। यहां तैयार किया गया एक अपाचे हेलिकॉप्टर 2023 में भारतीय सेना को मिला था। इस हेलिकॉप्टर की खासियत यह है कि अंधेरे में भी यह अटैक कर सकता है। इसके अलावा किसी भी मौसम में यह सटीक डेटा हासिल कर सकता है। रात के अंधेरे में भी कर लेता है टारगेट की तलाश इन हेलिकॉप्टरों में नाइट विजन नेविगेशन सिस्टम है। इसके माध्यम से रात के अंधेरे में भी टारगेट की तलाश की जा सकती है। बता दें कि अपाचे हेलिकॉप्टरों को ना सिर्फ आक्रमण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इन्हें सुरक्षा और शांति ऑपरेशनों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।  

भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए: CDS जनरल अनिल चौहान

नई दिल्ली  CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं का विकास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने खासतौर से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने जानकारी दी है कि पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ चलाए गए ड्रोन नाकाम रहे थे और कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी दावा किया था कि पाकिस्तान की कार्रवाई में भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल चौहान ने कहा कि भारतीय बलों ने इस्लामाबाद की तरफ से चलाए गए ड्रोन्स को काइनैटिक और नॉन काइनैटिक साधनों से तबाह कर दिया था। उन्होंने कहा, '10 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने हथियार रहित ड्रोन का इस्तेमाल किया, इनमें से कोई भी भारतीय सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा सका।' उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ड्रोन सही सलामत हालत में भी बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया है कि भारत में बने काउंटर UAS सिस्टम भारत की जमीनी स्थिति और जरूरतों के हिसाब से बने हैं और सैन्य ऑपरेशन के दौरान काफी अहम हैं। उन्होंने कहा, 'विदेशी तकनीकों पर निर्भरता हमारी तैयारी को कमजोर करती है, उत्पादन बढ़ाने की हमारी ताकत को सीमित करती है। ऐसे में हर समय उपलब्ध रहने के लिए जरूरी पुर्जों की कमी हो जाती है।' पीटीआई के अनुसार, सीडीएस ने कहा, 'आज के युद्ध को अतीत के हथियारों से नहीं जीता जा सकता है। आज के युद्ध को कल की तकनीक से लड़ा जाना चाहिए।' NSA पहले ही खोल चुके पोल शुक्रवार को IIT मद्रास के एक कार्यक्रम में पहुंचे डोभाल ने कहा, 'पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे…। आप मुझे एक तस्वीर बता दें, जो दिखाता हो कि भारतीय क्षेत्र में कहीं नुकसान हुआ हो। वो लोग लिखते हैं, न्यूयॉर्क टाइम्स…, लेकिन तस्वीरें दिखाती हैं कि 10 मई के पहले और बाद में पाकिस्तान में 13 एयर बेस की हालत क्या थी।' उन्होंने कहा, 'हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'हमें बहुत गर्व है कि वहां बहुत सारा स्वदेशी सामान लगा था। ब्रह्मोस से लेकर रडार तक हमने पूरी तरह से भारतीय सामान का इस्तेमाल किया था। हमने पाकिस्तान के पास 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने का फैसला किया था। हम एक भी नहीं चूके। हमने वहां के अलावा कहीं भी हमला नहीं किया।'  

स्वास्थ्य को चपत लगाने तीन गुना रफ्तार से आ रहा चिकनगुनिया, भोपाल में पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक

 भोपाल  भोपाल शहर में चिकनगुनिया ने डेंगू का पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा हैं। इसकी पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इसे कम रिपोर्टिंग का संकेत मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक चिकनगुनिया के 51 मरीज सामने आए हैं, जबकि डेंगू के 45 मामले हैं। पिछले तीन हफ्तों में चिकनगुनिया के केवल 192 टेस्ट किए गए, जिनमें तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए, वहीं डेंगू के 546 टेस्ट हुए और सिर्फ तीन नए मामले मिले। 2.47 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर आंकड़ों के अनुसार, चिकनगुनिया बढ़ने की दर 7.02 प्रतिशत रही, जबकि डेंगू के बढ़ने की दर केवल 2.47 प्रतिशत रही। इससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि चिकनगुनिया के कई मामले परीक्षण के बाहर छूट रहे हैं, यानी कम रिपोर्टिंग हो रही है। 28 जून को अंतिम सप्ताह में भी यही प्रवृत्ति दिखी। तब डेंगू के 272 जांच में से नौ ग्रस्त पाए गए। यानी 1.14 प्रतिशत डेंगू के मामले बढ़े। चिकनगुनिया की 57 जांच हुई और तीन संक्रमित पाए गए। ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण -अचानक तेज बुखार आना। -गंभीर जोड़ों का दर्द होना। -मांसपेशियों में दर्द दर्द और जकड़न होना। -तेज और लगातार सिरदर्द होना। -अत्यधिक थकान और कमजोरी होना। -शरीर पर लाल चकत्ते, जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं। -कुछ लोगों को मतली, उल्टी, आंखों में लाली और सूजन भी हो सकती है। स्वभाविक तौर से डेंगू की जांच अधिक हुई है और चिकनगुनिया की जांच कम हुई है। चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मामलों से सिर्फ छह ज्यादा है। हम देखते हैं कि कहां चूक हुई है।– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया- विराट और रोहित के ओडीआई भविष्य पर अनिश्चितता के छंटे बादल

नई दिल्ली विराट कोहली और रोहित शर्मा क्या अभी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की तरफ से खेलते दिखेंगे? दोनों ने टी20 और टेस्ट से संन्यास ले लिया है। माना जा रहा कि दोनों का लक्ष्य 2027 का एकदिवसीय विश्व कप खेलने और भारत को फिर चैंपियन बनाने का है। वे तब तक खेल पाएंगे? यह सवाल तो बाद में आएगा, अभी तो सवाल यही है कि क्या वे वनडे में दिखेंगे? इसे लेकर बीसीसीआई ने बड़ा अपडेट दिया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने विराट और रोहित के ओडीआई भविष्य पर अनिश्चितता के छंटे बादलों को साफ कर दिया है। शुक्ला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में दो टूक कहा कि टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके ये दोनों दिग्गज एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं इसे एकदम से स्पष्ट कर देना चाहता हूं।' राजीव शुक्ला ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर कहा, ‘हमें उनकी कमी हमेशा खलेगी, वो महान बल्लेबाज हैं और हमारे लिए अच्छी बात है कि वनडे के लिए वो सब उपलब्ध हैं।’ शुक्ला के दो टूक के बाद अब इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा 2027 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में दिख सकते हैं। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड के दौरे पर है जहां दोनों देशों के बीच 5 टेस्ट मैच की सीरीज चल रही है। 3 टेस्ट हो चुके हैं जिनमें भारत को एक में जीत और 2 में हार मिली है। सीरीज का अगला टेस्ट 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। आखिरी और पांचवा मैच 31 जुलाई से 4 अगस्त तक खेला जाएगा। इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज की मेजबानी करेगी। अगर टीम के अगले वनडे सीरीज की बात करें तो वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम 3 वनडे मैच की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। उम्मीद है कि उसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलते हुए नजर आएंगे।  

केंद्र सरकार ने MP में नए कॉलेजों को मान्यता देने से पहले काउंसिल के गठन की शर्त रखी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को तीन वर्ष बाद मान्यता मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 के सत्र के लिए 166 कॉलेजों को मान्यता के लिए चिह्नित किया है, इनमें 22 सरकारी हैं। मान्यता के लिए 32 नए कॉलेजों की तरफ से भी आवेदन आए थे, जिनमें 15 निरीक्षण में उपयुक्त पाए गए हैं, पर अभी यह असमंजस है कि नए कॉलेज खुलेंगे या नहीं। कारण, केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि जब तक हमारी काउंसिल नहीं बन जाती नए कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाए। इस पर बीच का रास्ता निकालकर नए कॉलेजों की मान्यता के संबंध इसी सप्ताह शासन स्तर पर निर्णय होना है। इसके अतिरिक्त 2024-25 के सत्र की मान्यता भी एक माह के भीतर जारी हो जाएगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बता दें, केंद्र सरकार द्वारा हेल्थ केयर एलाइड साइंस कमीशन के गठन में देरी के चलते मान्यता उलझी हुई थी। कुछ राज्यों में पैरामेडिकल काउंसिल थी और कुछ में नहीं। सभी जगह पाठ्यक्रम भी अलग-अलग चल रहे थे। इसमें एकरूपता लाने के लिए केंद्र ने नेशनल कमीशन फार एलाइड साइंस एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल (एनसीएचपी) बनाया है। इसके बाद राज्यों की काउंसिल और चयन, भर्ती, यूजी और पीजी के लिए चार अलग-अलग बोर्ड बनने थे। कमीशन बनने के बाद राज्यों ने अपनी काउंसिल भंग कर दी, पर केंद्र के रेगुलेशन अभी तक तैयार नहीं हो पाए, इस कारण प्रदेश में शिक्षा सत्र 2023-24 और सत्र 2024-25 की मान्यता नहीं दी गई। मार्च में कैबिनेट ने प्रदेश की पैरामेडिकल काउंसिल को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। अब नवंबर से 2025-26 का सत्र भी प्रारंभ होना है। इस तरह इस वर्ष तीन सत्रों के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जानी है। केंद्र के रेगुलेशन पर नई काउंसिल बनने के बाद यह होगा लाभ पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रदेश स्तर पर बोर्ड होगा। एक राज्य से डिग्री या डिप्लोमा करने वालों का दूसरे राज्यों में भी पंजीयन हो सकेगा। सभी राज्यों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता आ जाएगी।

कांवड़ यात्रा का असर: गाजियाबाद के सभी स्कूल 7 दिन रहेंगे बंद, पूरी जानकारी यहां

गाजियाबाद आज गाजियाबाद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कांवड़ यात्रा को लेकर शैक्षिक संस्थान बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक सभी बोर्ड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान सभी बंद रहेंगे। कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सावन महीना के 11 जुलाई से शुरू होने तथा जलाभिषेक 23 जुलाई को होने के कारण गाजियाबाद की सीमा से लेकर बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और सीमावर्ती में जाने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा बच्चों और स्कूल बसों के आवागमन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक से लेकर सभी बोर्ड के स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया गया है। ये सभी स्कूल 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक पूरी तरह से बंद रहेंगे।