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कर्नाटक सरकार ने सिनेमा हॉल टिकटों की अधिकतम कीमत तय की, 200 रुपये से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगे

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में सभी भाषाओं की फिल्मों के टिकट की अधिकतम कीमत 200 रुपये तय करने का प्रस्ताव रखा है. यह कीमत एंटरटेनमेंट टैक्स समेत होगी. कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को राज्यभर में फिल्मों के टिकट के दाम तय करने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यभर के सभी सिनेमा हॉल या मल्टीप्लेक्स में टिकट की कीमत ₹200 से ज्यादा नहीं ली जा सकेगी। इस कीमत में मनोरंजन कर भी शामिल होगा। सरकार की ओर से मंगलवार को इस संबंध में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया. इसमें कहा गया है, प्रस्तावित है कि राज्य के सभी थिएटर्स (मल्टीप्लेक्स समेत) में किसी भी भाषा की फिल्म के प्रत्येक शो का टिकट मूल्य एंटरटेनमेंट टैक्स समेत 200 रुपये से ज्यादा नहीं होगा. 200 रुपए में देख पाएंगे कोई भी फिल्म कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में कोई भी फिल्म आप सिर्फ 200 रुपये में देख सकते हैं। फिल्म किसी भी भाषा या किसी भी बैनर की हो, इससे फर्क नहीं पड़ेगा। न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, यह फैसला "कर्नाटक सिनेमा संशोधन नियम 2025" के तहत लिया गया है। यह आदेश गृह विभाग ने जारी किया है। सरकार को यह अधिकार "कर्नाटक सिनेमा अधिनियम 1964" की धारा 19 के तहत मिला है। ये आदेश प्रदेश में चलने वाले सभी प्रकार के सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स पर लागू होंगे। सरकार के इस कदम का उद्देश्य लोगों को थिएटर तक ज्यादा से ज्यादा मात्रा में प्रोत्साहित करना माना जा रहा है। सरकार ने इस साल बजट में किया था ऐलान कर्नाटक सरकार ने इस साल मार्च में पेश राज्य के बजट में मूवी टिकट के प्राइस के लिए 200 रुपये की सीमा तय करने का ऐलान किया था। 15 जुलाई को सरकार ने कर्नाटक सिनेमाज (रेगुलेशन) रूल्स, 2014 में संसोधन का ड्राफ्ट पब्लिश किया है। इसमें मल्टीप्लेक्स सहित सभी तरह के थिएटर्स के टिकट का मैक्सिमम प्राइस 200 रुपये तय करने की बात कही गई हैं। इस नियम के दायरे में सभी लैंग्वेज की फिल्में आएंगी। 15 दिन के अंदर दे सकते हैं सुझाव सरकार का आदेश प्रकाशित कर दिया गया है और इसके साथ ही ऑफिशियल गजट जारी होने के 15 दिनों के भीतर कोई आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। इस ड्राप्ट में कहा गया है कि नियम 55 में प्रावधान से जोड़ा जाएगा। इस आदेश के अनुसार राज्य के सभी सिनेमा घरों और मल्टीप्लेक्स में 200 रुपये से ज्यादा के टिकट नहीं बेचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त प्रस्तावित संशोधन में मौजूदा 2014 के नियम से नियम संख्या 146 को हटाना है। सरकार ने मांगी आपत्तियां और सुझाव… राज्य सरकार ने आम लोगों से इस प्रस्ताव पर 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. सरकार का कहना है कि कोई भी व्यक्ति अपना सुझाव और आपत्तियां भेज सकता है. आगे जो सुझाव और आपत्तियां प्राप्त होंगी, उन पर विचार किया जाएगा. सरकार ने कहा है कि सुझाव या आपत्तियां अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, विधानसभा, बेंगलुरु-560001 को भेजी जा सकती हैं.  

सीएम यादव के ससुर का निधन, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मुख्यमंत्री

 रीवा  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर, ब्रह्मदीन यादव का मंगलवार रात को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के विवेकानंद नगर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को रीवा ले जाया गया है, जहां बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह दुखद खबर सुनते ही स्थानीय भाजपा नेताओं और परिचितों का उनके आवास पर आना शुरू हो गया ताकि वे उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। बता दें कि सीएम मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव दुबई में हैं,उन्हें निधन की सूचना मिल गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साले, सदानंद यादव ने बताया, "उन्हें कोई बीमारी या ऐसी कोई समस्या नहीं थी। मोहन यादव अभी नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वे विदेश दौरे पर हैं। उन्हें यह जानकारी मिल गई है। अंतिम संस्कार यहीं रीवा में ही किया जाएगा।" ब्रह्मदीन यादव की तबीयत मंगलवार शाम को अचानक खराब हो गई थी। इससे पहले 27 जून को भी सांस और पेट संबंधी परेशानियों के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री यादव की पत्नी और उनकी बेटी, सीमा यादव, 28 जून को उनसे मिलने आई थीं। इसके कुछ ही समय बाद वह मध्य प्रदेश लौट गई थीं। कुछ समय के सुधार के बाद, ब्रह्मदीन यादव को 30 जून को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी और वे घर आ गए थे। हालांकि, मंगलवार शाम को उनकी तबीयत अचानक फिर बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 2023 में उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई और स्पेन के सात दिवसीय विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वे उद्योगपतियों, निवेशकों और फिल्म निर्माताओं के साथ बैठकें करने वाले हैं। उनकी पत्नी, सीमा यादव भी इस दौरे पर उनके साथ गई हैं। ब्रह्मदीन यादव के निधन की खबर मुख्यमंत्री के दुबई से स्पेन के लिए रवाना होने के बाद आई। सीएम डॉ. मोहन यादव सात दिन की दुबई और स्पेन यात्रा पर हैं। सीएम के साथ पत्नी सीमा यादव भी विदेश दौरे पर हैं। जिस वक्त उनके ससुर के निधन की खबर आई, उस दौरान सीएम दुबई से स्पेन के लिए रवाना हो चुके थे। वे जरूरी बैठकों और दूरी के कारण रीवा नहीं पहुंच पाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री के दोनों बेटे अभिमन्यु और वैभव अपनी बुआ कलावती यादव के साथ फ्लाइट से रीवा पहुंच रहे हैं। संघ से जुड़े थे, कई आंदोलन किए 27 जून की रात ब्रह्मादीन यादव का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। उन्हें सांस और पेट से संबंधित बीमारी के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के ICU वार्ड में एडमिट कराया गया था। 28 जून को उनकी बेटी और सीएम मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव अपनी बेटी के साथ उन्हें देखने पहुंची थीं। फिर वे मध्यप्रदेश लौट आई थीं।​​​​​​​ ब्रह्मादीन यादव शुरुआत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने कई आंदोलन किए। इसके बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए घर से भागकर मुंबई चले गए। उनका असली नाम ब्रह्मानंद था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने बाद में अपना नाम ब्रह्मादीन रख लिया। उन्होंने मुंबई में पढ़ाई शुरू की। पढ़ाई पूरी करके फिर यूपी आ गए। इसके बाद नौकरी के लिए मध्यप्रदेश के रीवा पहुंचे। यहां एक राजकीय स्कूल में नौकरी मिल गई। 1987 में वो प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड हुए थे। ब्रह्मदीन यादव अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ सुल्तानपुर में रहते थे। विवेकानंद यादव सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षा के शिक्षक (पीजीटी) के रूप में कार्यरत हैं। ब्रह्मदीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी थीं, जिनका नाम सीमा यादव है। सीमा यादव की शादी 1994 में उज्जैन में मोहन यादव से हुई थी। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोदरा ददवा गांव का रहने वाला है। अपनी छात्र जीवन के दौरान, ब्रह्मदीन यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहराई से जुड़े हुए थे और उन्होंने कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वे मुंबई चले गए और अपना नाम ब्रह्मानंद से बदलकर ब्रह्मदीन कर लिया। आंदोलन से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनकी पैतृक भूमि गांव में जब्त कर ली थी, जिससे परिवार के पास बहुत कम बचा था। मुंबई में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, ब्रह्मदीन उत्तर प्रदेश लौट आए और फिर मध्य प्रदेश के रीवा में एक सरकारी स्कूल की नौकरी के लिए चले गए। वे 1987 में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए। उनकी बेटी सीमा ने 1989 में रीवा से भूगोल में एमए किया था और वे लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी हुई थीं। उनकी मुलाकात मोहन यादव से 1984 में एक छात्र परिषद के कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जहां मोहन यादव राष्ट्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। परिवार की सहमति से, दोनों की शादी उसी साल उज्जैन में हुई। ब्रह्मदीन के सबसे बड़े बेटे, रामानंद यादव, भारतीय वायु सेना से रिटायर अधिकारी हैं और अब अपने परिवार के साथ जबलपुर में रहते हैं। दूसरे बेटे सदानंद यादव रीवा में विद्या भारती के साथ काम करते हैं। ब्रह्मदीन यादव का अंतिम संस्कार बुधवार को रीवा में किया जाएगा। बेटे के साथ रहते थे ब्रह्मादीन यादव रिटायर होने के बाद ब्रह्मादीन यादव सुल्तानपुर में अपने बेटे विवेकानंद यादव के साथ रहते थे। विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर में शारीरिक शिक्षक (पीजीटी) हैं। ब्रह्मादीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी हैं। इकलौती बेटी सीमा की शादी 1994 में मोहन यादव से उज्जैन में हुई थी। मूल रूप से परिवार अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोडड़ा डड़वा गांव से है। 30 जून को हालत में सुधार के बाद अस्पताल से उन्हें घर ले जाया गया था। मंगलवार शाम को अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। जब तक परिजन उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचते, उनकी सांसें थम गईं। साल 2023 में ब्रह्मादीन यादव की पत्नी का निधन हुआ था। विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में हुई थी मुलाकात उनकी बेटी सीमा यादव ने … Read more

पंचायतों को और सशक्त बनाने की दिशा में कदम, मंत्री पटेल ने की विभागीय समीक्षा

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बड़वानी जिले के सेंधवा के नगरपालिका भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल गंगा संवर्धन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, वाटर शेड, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन, श्रमोदय विद्यालय, पोषण शक्ति अभियान, आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत डगवेल रिचार्ज संरचनाएँ, कपिल धारा कूप निर्माण, मेढ़बंधान ,पशु शेड एवं बकरी शेड निर्माण आदि के संबंध में जानकारी दी। गोई एवं डेब नदियों के उद्गम स्थल पर भी वृक्षारोपण के कार्य की जानकारी दी। साथ ही आगामी दिनों में शुरू हो रहे एक बगिया माँ के नाम परियोजना के संबंध में भी बताया। मंत्री पटेल ने कहा कि यह परियोजना महिलाओं के रोजगार उन्मुखीकरण को लेकर प्रदेश सरकार की एक नवीन पहल है। जरूरी है कि सकारात्मक एवं जन उपयोगी परिणाम आये। बैठक के दौरान बताया गया कि 30 ट्राइबल हीलर को आयुष विभाग के माध्यम से आयुष वाटिका भी लगाई जा रही हैं। श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मकार मण्डल के श्रमिकों को बेहतर सूचनाएं प्राप्त हो। बैठक में सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक श्याम बरडे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवन्त सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

फ्री बिजली की सौगात: यूपी सरकार की नई योजना से इन लाभार्थियों को राहत

मेरठ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुक्कुट विकास नीति 2022 को लागू किया है। इस नीति के तहत जनपद के युवाओं को व्यापारी बनाना भी उद्देश्य है। इसलिए सरकार मुर्गी फार्म बनाने के लिए पांच साल के लिए बिजली का कनेक्शन फ्री दे रही है, जिसका कोई बिल भी नहीं देना होगा। व्यापार में सरकार ही लोन कराकर देगी और सात प्रतिशत तक ब्याज भी सरकार ही देगी। मेरठ में इस व्यापार को करने के लिए तीन लोग अभी तक आगे आए है। जिन्होंने आवेदन कर दिया है। उनके लोन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 10 मुर्गी वाला फार्म बनाएंगे तो खर्च होंगे एक करोड़ पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि इस नीति के तहत यदि कोई 10 हजार मुर्गी का फार्म बनाना चाहता है तो उसका लगभग 99.53 लाख रुपये खर्च होगा। जिसमें से लगभग 70 लाख का लोन हो जाएगा। व्यापारी, किसान, उद्यमी को केवल 30 लाख रुपये अपने से खर्च करने होंगे। 70 लाख रुपये का लोन सात प्रतिशत ब्याज तक होगा है तो पशुपालन विभाग इस ब्याज को भरेगा। यदि अधिक होता है तो खुद भरना होगा। 90 हजार मुर्गियों का फार्म बनाने तक है योजना पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि 10 से लेकर 90 हजार मुर्गियों तक का फार्म बनाने के लिए यह योजना है। 10 हजार मुर्गियों पर एक करोड़ खर्च हो रहे हैं तो 20 हजार पर लगभग दो करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह से 90 हजार मुर्गियों तक खर्च बढ़ जाएगा। 10 हजार मुर्गियों का फार्म बनाना चाहते हैं तो इसके लिए एक एकड़ जमीन का होना जरूरी है। पशुपालन विभाग में कर सकते हैं आवेदन जनपद के विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के आफिस में पहुंचकर मुर्गी फार्म के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां पर पशु चिकित्साधिकारी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। खरीदी गई जमीन पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यदि किसी के पास जमीन नहीं है और वह जमीन खरीदना चाहता है तो इस पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसके स्टांप शुल्क का खर्च पशुपालन विभाग ही उठाएगा।

जबलपुर में ध्वनि नियंत्रण के तहत कांवड़ यात्रा में DJ पर रोक, शांतिपूर्ण आयोजन पर ज़ोर

जबलपुर श्रावण मास के दूसरे सोमवार को निकलने वाली संस्कार कांवड़ यात्रा  को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस बार यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें आयोजन समिति और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि साउंड सिस्टम केवल विधिवत अनुमति के साथ लगाए जाएं और ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत तय नियमों का पालन हो। किसी भी झांकी, मंच या शोभायात्रा में दो से अधिक साउंड बॉक्स का उपयोग नहीं किया जाएगा। साथ ही स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं होना चाहिए और आवाज़ की सीमा 50 डेसिबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चोंगे (हॉर्न स्पीकर) का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा और यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का एनाउंसमेंट या विवादित गीत नहीं बजाए जा सकेंगे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। यात्रा 21 जुलाई को सुबह 7 बजे ग्वारीघाट से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कैलाशधाम, मटामर में समाप्त होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और शांति पूर्ण व अनुशासित यात्रा सुनिश्चित करें।

ट्रेन यात्रियों को झटका: 24 जुलाई से बदल गया रूट, कानपुर सेंट्रल पर नहीं होगा स्टॉप

नई दिल्ली रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। टाटानगर रेल मंडल से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (12801/12802) और हल्दिया-आनंद विहार एक्सप्रेस (12443/12444) अब कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। इन ट्रेनों का ठहराव अब गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर होगा। रेलवे प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बदलाव 24 जुलाई 2025 से लागू होगा। – ट्रेन संख्या 12802, जो नई दिल्ली से पुरी जाती है, वह सुबह 03:55 बजे गोविंदपुरी स्टेशन पर पहुंचेगी और 04:00 बजे रवाना होगी। – वहीं, पुरी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 12801, रात 10:00 बजे गोविंदपुरी स्टेशन पर पहुंचेगी और 10:05 बजे प्रस्थान करेगी। – इसी तरह, हल्दिया से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन संख्या 12443 भी अब गोविंदपुरी पर रुकेगी। यह ट्रेन सुबह 03:05 बजे पहुंचेगी और 03:10 बजे रवाना होगी। – जबकि ट्रेन संख्या 12444, जो आनंद विहार से हल्दिया जाती है, 29 जुलाई से गोविंदपुरी स्टेशन पर 01:00 बजे दोपहर में रुकेगी। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा और रेलवे संचालन में सुधार के उद्देश्य से किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले नया रूट और समय जरूर देख लें।

शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल, अब सुदूर क्षेत्रों के बच्चे भी होंगे लाभांवित

रायपुर : कोरबा जिले में डीएमएफ से 52 करोड़ से अधिक की लागत से 481 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को मंजूरी बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम, सुदूर क्षेत्रों में मिलेगा नया आयाम शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल, अब सुदूर क्षेत्रों के बच्चे भी होंगे लाभांवित रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बाल शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कोरबा जिला प्रशासन ने जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के प्रभावी उपयोग के तहत एक ऐतिहासिक पहल की है। कोरबा जिले में पहली बार 52 करोड़ 68 लाख 65 हजार रुपये की लागत से 481 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कदम जिले के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में शिशु शिक्षा और पोषण सेवाओं को नई दिशा देगा। इस स्वीकृति के तहत कोरबा जिले के सभी विकासखंडों में आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण होगा। कोरबा विकासखंड में 56 भवनों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 88 हजार, करतला में 78 भवनों के लिए 8 करोड़ 63 लाख 85 हजार, कटघोरा में 65 भवनों के लिए 7 करोड़ 56 लाख 16 हजार, पाली में 93 भवनों के लिए 10 करोड़ 17 लाख 6 हजार और पोड़ी उपरोड़ा में 189 भवनों के लिए 19 करोड़ 91 लाख 70 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन भवनों में बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने पूर्व में भी डीएमएफ निधि से नगरीय क्षेत्रों में 96 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 12 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की थी, जिसमें कोरबा नगर पालिका निगम के 88 और बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद के 8 भवनों का निर्माण शामिल है। इन भवनों में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल बालकों के समग्र विकास को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। कोरबा जिले में प्रारंभिक बाल विकास के क्षेत्र में यह अब तक की सबसे बड़ी निवेश योजना मानी जा रही है। इससे न केवल शिक्षा और पोषण सेवाएं सुदृढ़ होंगी, बल्कि माताओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, सुसज्जित और समर्पित केंद्रों का सृजन होगा।

एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति

मोहला : सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं की बनाए सूची, सुविधाए करें सुनिश्चित-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति – धरती आबा के तहत जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से करें लाभान्वित – एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक – 102 एवं 108 वाहने अपनी सेवाओ में करें सुधार, अन्यथा होगी कार्रवाई – कलेक्टर ने जनसामान्य को पानी उबाल कर पीने की अपील – कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक   मोहला  कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की।          कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विकास खंडवार स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी, आईपीडी की समीक्षा की। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देशित किया कि जिले के सुदूर क्षेत्र के पहुंच विहीन गांवों का चिन्हांकन कर गर्भवती महिलाओं की सूची बनाए, इसके साथ ही स्थानीय सुविधाओं के अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था करें, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश देते हुए सीएमएचओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन के तहत प्रसव सुविधा वाले स्वास्थ्य केंद्र में बोर्ड लगवाने की निर्देश दिए।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा धरती आबा अभियान अंतर्गत आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड से लाभान्वितो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना सुनिश्चित किया करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करें। एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने एनीमिक व्यक्तियों की चिन्हांकन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को खान-पान के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं विशेष स्वास्थ्य योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने परिवार नियोजन की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा अंतर्गत लोगों को जागरूक करें, साथ ही परिवार नियोजन के तहत प्रदत नि:शुल्क सामग्रियों को मितानिनों के पास उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा करते हुए कहा कि सिकल सेल मरीजों का रिपोर्ट कार्ड बनाने के साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान  करना सुनिश्चित करे। उन्होंने वेलनेस गतिविधियों की जानकारी लेते हुए सीएमएचओ को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामवार स्वच्छता पर आधारित कैंप लगाए एवं सरपंच, सचिवों को अनिवार्य रूप से कार्यक्रम में शामिल करें। इस दौरान उन्होंने जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय अंधत्व निवारण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, जन औषधि एवं निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा करते हुए विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित 102 एवं 108 वाहनों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की शिकायते आ रहीं है, इसे तत्काल सुधारे। उन्होंने 24 घंटे वाहनों की सुविधा प्रदान नहीं की जाने पर कार्यवाही की बात कही। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. विजय खोब्रागढ़े, डीपीएम राकेश वर्मा, समस्त बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। – बेहतर स्वास्थ्य के लिए पिए उबालकर पानी कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बारिश के मद्देनजर जिले वासियों से आग्रह करते हुए अपील की है कि जन सामान्य पानी पीने से पहले अवश्य उबाले। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान विभिन्न प्रकार के जल जनित बीमारियों की आशंका बनी रही रहती हैं। उन्होंने जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखने को कहा ताकि गंदे पानी जल स्त्रोत में ना मिले और जल स्त्रोत दूषित न हो। – सुपोषण के लिए करें जागरूक कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले के एनआरसी में सीटों की उपलब्धता एवं लाभान्वित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों के मितानिनों के माध्यम से कुपोषित बच्चों चिन्हांकन कर एनआरसी से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सुपोषण हेतु लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शिशु मृत्यु दर एवं बाल टीकाकरण की भी समीक्षा की। उन्होंने बाल टीकाकरण पर पालकों को जागरुक कर टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। – टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने सरपंचों को करें प्रेरित, बढ़ाएं निश्चय मित्र कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों को प्रेरित करने को कहा ताकि जनभागीदारी के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने सैंपल जांच बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि उनका ईलाज हो सकें। उन्होंने निश्चय मित्र बनाने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ब्लाकवार प्रकरण की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि जितने भी केस आ रहे है उनका त्वरित जांच एवं उपचार सुनिश्चित करें। – कलेक्टर ने ऑक्सीजन तकनीकी समिति को दिए सुरक्षात्मक निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने डिस्ट्रिक्ट ऑक्सीजन तकनीकी समिति की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि सभी जिले के सभी शासकीय जिला अस्पताल, सीएससी एवं पीएचसी में स्टोर प्रभारी द्वारा सिलेंडर लॉग बुक बनाकर प्रतिदिन अपडेट करना है। इसके अलावा प्रति 3 माह में जिला स्तरीय ऑक्सीजन तकनीकी समिति की बैठक की आयोजित करके, चर्चा संबंधी जानकारी, राज्य एवं संभागीय कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सुविधाजनक बनाने हेतु स्टोर प्रभारी खाली एवं भरे हुए सिलेंडर को अलग-अलग कोडिंग कर व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की साफ सफाई, संस्थानों द्वारा अग्नि सुरक्षा उपकरण और बाकी दिशा निर्देश को फाइल में संधारण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अन्य सुरक्षात्मक निर्देश दिए।

भारत को राहत: जून 2025 में व्यापार घाटे में गिरावट दर्ज

नई दिल्ली  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि इस साल जून में भारत का व्यापार घाटा कम होकर 18.78 अरब डॉलर रह गया, जबकि मई में यह 21.88 अरब डॉलर था। जून में भारत का निर्यात 35.14 अरब डॉलर पर स्थिर रहा है, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 35.16 अरब डॉलर था। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में देश का आयात 3.71 प्रतिशत घटकर 53.92 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले यह 56 अरब डॉलर था। हालांकि, देश के सेवा क्षेत्र ने जून में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान सर्विस ट्रेड सरप्लस 15.62 अरब डॉलर रह गया है। बीते महीने भारत ने 32.84 अरब डॉलर की सेवाओं का निर्यात किया है, जबकि 17.58 अरब डॉलर की सेवाओं का आयात किया है। जून में व्यापारिक वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 67.98 अरब डॉलर रहा, जबकि वस्तुओं और सेवाओं का कुल आयात 71.50 अरब डॉलर रहा। जून में शुद्ध व्यापार घाटा 3.51 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने पिछले महीने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि वैश्विक संघर्ष और अनिश्चितताएं भारतीय निर्यात को प्रभावित कर रही हैं, हालांकि सरकार शिपिंग और बीमा से संबंधित निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने के लिए उनके साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है। ये आंकड़े अमेरिका और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच आए हैं। अमेरिका अपने कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए देश में व्यापक बाजार पहुंच चाहता है, जो भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में एक बड़ा मुद्दा है, क्योंकि इससे भारत में बड़ी संख्या में छोटे किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं, अमेरिका ने अन्य देशों को व्यापार वार्ता के लिए और अधिक समय देते हुए टैरिफ बढ़ोतरी को 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है।

अंतरिक्ष मिशन से लौटे शुभांशु, भावुक हुए माता-पिता – ‘गर्व है हमारे बेटे पर’

लखनऊ  भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के सकुशल पृथ्वी पर लौट आने से देशवासियों में खुशी की लहर है। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला और माता आशा शुक्ला ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपनी भावनाएं साझा कीं। शंभू दयाल शुक्ला ने गर्व से कहा, "मेरे बेटे की अंतरिक्ष यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह देशवासियों के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से ही संभव हुआ।" उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्रम में जब मेरे बेटे शुभांशु को 'एस्ट्रोनॉट विंग' प्रदान किया गया था, तब से ही उसे गगनयात्री की उपाधि मिली थी। प्रधानमंत्री ने शुभांशु की तारीफ की और आशीर्वाद भी दिया था, जिससे उसका उत्साह और बढ़ गया। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। शुभांशु की माता आशा शुक्ला ने भावुक होकर कहा, "जब त्रिवेंद्रम में मेरे बेटे को एस्ट्रोनॉट विंग मिला, तो हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी थी। सभी लोग भावुक थे। पिछले चार साल से शुभांशु ने कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग की थी। जब प्रधानमंत्री ने उनके नाम का ऐलान किया, तो वह मेरे लिए गर्व का पल था।" उन्होंने आगे कहा, "शुभांशु अब केवल मेरा बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा है। देश की हर मां उसे आशीर्वाद दे रही हैं। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है। एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु ने 60 प्रयोगों में हिस्सा लिया, जिनमें से सात इसरो के थे। ” बता दें कि शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्री 20 दिन बाद स्पेस से पृथ्वी पर लौट आए हैं। 23 घंटे के सफर के बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंड किया। वहीं, स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ड्रैगन के सुरक्षित उतरने की पुष्टि हो गई है। पृथ्वी पर आपका स्वागत है!"