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मां की रोटी’ कैंटीन शुरू, गरीबों और छात्रों के लिए राहतभरा कदम

महासमुंद नगर में सामाजिक सरोकार की दिशा में बुधवार को एक प्रेरणादायक पहल हुई। स्टेशन रोड स्थित 'मां की रोटी' नामक महिला संचालित कैंटीन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू एवं उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने किया। इस कैंटीन का संचालन शहर की जय गंगा मैया महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनता को मात्र 50 रुपये में स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।   सस्ती दर पर मिलेगा भोजन इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि यह पहल न केवल लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तीकरण का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगी। महिला समूहों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है, और मुझे विश्वास है कि वे इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे। नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने महिला समूह को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे नगर की महिलाओं को यह अवसर मिलना गौरव की बात है। हम आशा करते हैं कि यह कैंटीन स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद तीनों मानकों पर खरा उतरेगी। लोगों को मिलेगा घर जैसा भोजन जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने महिला समूहों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह कोई भी कार्य मन से करे तो उसमें सफलता निश्चित होती है। ‘मां की रोटी’ से आमजन को घर जैसा भोजन मिलेगा, यह विश्वास है। कार्यक्रम में नगर के नेता प्रतिपक्ष नानू भाई, धनेंद्र चंद्राकर, नीरज चंद्राकर, पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार समेत कई गणमान्य नागरिक एवं मां फाउंडेशन मुंबई के विलास कांबले, गणेश गुली, संजय तारम उपस्थित रहे। मां फाउंडेशन ने इस कैंटीन में सहयोग प्रदान किया है। कैंटीन की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने बताया कि यह कैंटीन नगर पालिका की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत गठित महिला समूह द्वारा संचालित की जा रही है। समूह में कुल 12 सदस्य हैं। यहां प्रतिदिन केवल 50 में एक प्लेट चावल, तीन रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नाश्ते के विकल्प भी मौजूद हैं। अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हालनगर के गुरु घासीदास प्रतीक्षा बस स्टैंड में संचालित अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हाल है। यहां स्वच्छता पर जरा भी ध्यान नहीं है। यही नहीं सेंटर खुलने व बंद होने का समय भी निर्धारित नहीं है। नागरिकों ने बताया कि गिनती के लोग ही भोजन करते हैं। इसके बाद भोजन खत्म हो जाता है। यही हाल बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित दाल भात सेंटर का है। यहां के श्रमिकों ने बताया कि घंटेभर के लिए यहां का दाल भात केंद्र खुलता है। इस अवधि में कुछ ही लोग भोजन कर पाते हैं। बताया जाता है कि केंद्र संचालन में भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की भूमिका है। संचालन में परोक्ष रूप से जुड़े नेताजी के व्यवहार से श्रमिकों को भोजन नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर पार्टी की छवि भी जनमानस में बिगड़ रही है।

राष्ट्रव्यापी जातिगत गणना की मांग पर कांग्रेस करेगी व्यापक आंदोलन : सिद्धरमैया

बेंगलुरु कांग्रेस की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सलाहकार परिषद की बुधवार को हुई बैठक में केंद्र से तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित जातिगत गणना कराने का आह्वान किया गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व में यहां हुई दो दिवसीय बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया।सिद्धरमैया ने परिषद में पारित प्रस्तावों को ‘बेंगलुरु घोषणा’ नाम देते हुए कहा,‘‘जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति और जाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक, रोज़गार, राजनीतिक पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि दूसरा प्रस्ताव आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को समाप्त करने का था, जिससे शिक्षा, सेवा, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों में ओबीसी के लिए उपयुक्त आरक्षण सुनिश्चित हो सके। सिद्धरमैया ने बुधवार को बेंगलुरु में हुई परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। सिद्धरमैया ने कहा कि बैठक में पारित तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए आरक्षण होना चाहिए। सलाहकार परिषद ने सर्वसम्मति से ‘न्याय योद्धा’ राहुल गांधी को समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाने के लिए धन्यवाद दिया। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राहुल जी के दृढ़ निश्चय ने मनुवादी मोदी सरकार को भारत में जातिगत गणना की न्यायोचित और संवैधानिक मांग के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया। भारत के सभी पिछड़े वर्गों की ओर से, परिषद हृदय से उनकी सराहना करता है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राहुल गांधी के योगदान को श्रेय देता है।’’ जातिगत गणना को लेकर केंद्र द्वारा किये गए फैसले को मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतीय संविधान द्वारा परिकल्पित सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा सा कदम है। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘न्याय योद्धा राहुल गांधी जी के साहसी और अडिग नेतृत्व में, भारत सामाजिक सशक्तिकरण के अंतिम संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने और प्राप्त करने के लिए नियत है, जिससे हमारे महान राष्ट्र में एक समतावादी और समान समाज का निर्माण होगा।’’  

विश्वास सारंग का वार: दिग्विजय सिंह जानबूझकर कांवड़ यात्रा को बना रहे विवादित

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा और नमाज को लेकर जारी की गई तस्वीर पर युवा खेल व कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह की मंशा कांवड़ यात्रा को विवादास्पद बनाने की है। राज्य के मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट को लेकर कहा कि ‘मौलाना दिग्विजय सिंह’ केवल सनातन का विरोध करते हैं; ⁠कांवड़ यात्रा जैसे पावन पर्व को भी वह विवादास्पद बनाना चाहते हैं। उनसे इसके अलावा कोई अपेक्षा की ही नहीं जा सकती है। मंत्री सारंग ने पूर्व में दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जाकिर नायक को महिमामंडन करने वाले, आतंकवादियों को संरक्षण करने वाले, सेना के हर ऑपरेशन पर विवाद खड़ा करने वाले, पाकिस्तान परस्ती की बात करने वाले, तुष्टिकरण को आगे बढ़कर राजनीति करने वाले दिग्विजय सिंह से और कुछ अपेक्षा भी नहीं है। दिग्विजय सिंह को मौलाना दिग्विजय कहते हुए सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह हर समय हिंदू धर्म का, हिंदू धर्मावलंबियों का और हिंदू साधु-संतों के अलावा हिंदू त्योहारों का अपमान करते आए हैं, इसलिए उन्हें मौलाना दिग्विजय सिंह कहा जाता है। भगवा आतंकवाद वाले दिग्विजय सिंह के पुराने बयान का जिक्र करते हुए मंत्री सारंग ने आगे कहा कि ⁠भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का इजाद करके उन्होंने ही सनातन को इस दुनिया में बदनाम करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दिग्विजय सिंह से कहना चाहते हैं कि हिंदू और सनातन धर्म के किसी भी त्यौहार पर इस तरीके की टिप्पणी होगी, तो वह सहन नहीं की जाएगी। दिग्विजय सिंह को चाहिए कि वे इस पूरे मामले में माफी मांगें। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है जिसमें एक तरफ सड़क पर कांवड़ यात्रा है तो दूसरी तरफ सड़क पर नमाज करते लोगों की तस्वीर है, जिसमें लिखा है, एक देश, दो कानून।  

प्रयागराज-वाराणसी के लिए चेतावनी! IMD का यलो अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में पहले से बारिश जारी

नई दिल्ली  हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश ने खूब तबाही मचाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल में अब तक 55 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जान-माल का करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। आज कहाँ-कहाँ होगी बारिश? मौसम विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के लिए कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में आज यानी 16 जुलाई को बारिश की संभावना है। राजौरी गार्डन, मुंडाका, कंझावला, बवाना, बुद्ध जयंती पार्क, रोहिणी, पश्चिम विहार और दिल्ली कैंट जैसे इलाकों में बारिश हो सकती है। पिछले कई दिनों से राजधानी में बादल छाए हुए हैं, और 18 तारीख तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है. कहीं-कहीं बादलों की गरज भी सुनाई दे सकती है। उत्तर प्रदेश में बारिश का अपडेट उत्तर प्रदेश में, नोएडा समेत कई इलाकों में पिछले दिनों बारिश हुई थी, और आज भी यह सिलसिला जारी रहेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फरनगर, किठौर, संभल, गढ़मुक्तेश्वर, सियाना, जहांगीराबाद, बहजोई, नरौरा, प्रयागराज, वाराणसी, सहसवान, अनूपशहर, खतौली, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, कासगंज और एटा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हरियाणा के असंध, सफीदों, सोनीपत, खरखौदा, कैथल, राजौंद, पानीपत और गोहाना में भी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और अलर्ट हिमाचल प्रदेश के कई जिलों, जैसे कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और शिमला में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।  

अपनी ही रकम के लिए रिटायर्ड फौजी को देनी पड़ी घूस, पुलिस पर उठे सवाल, SP तक पहुंची शिकायत

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी को उनका ही पैसा लौटाने के एवज में 10 हजार रुपया रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। फौजी का कहना है रिश्वत बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा ने मांगी है। एएसआई की इस हरकत का 15 जून को उन्होंने वीडियो भी बनाया है। उसमें एएसआई शर्मा बोलते हुए दिख रहे हैं कि “13 लाख रुपया नहीं देख रहे हो, 10 हजार रुपए की चिंता कर रहे हो”। जिसकी शिकायत पर पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है। प्लाट धोखाधड़ी से शुरू हुआ था मामला दअरसल, भिंड असहोना निवासी मुन्नालाल जोतिषी ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि उन्होंने दो साल पहले पत्नी बैजंती के नाम से बब्लू बुंदेला की पत्नी रागिनी से 25 गुणा 45 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख 90 हजार रुपये में खरीदा था। इसमें उनके साथ धोखा हो गया। उन्हें जो प्लॉट दिखाया गया, उसकी जगह रेंच वाले प्लॉट की रजिस्ट्री कर दी गई। इसकी शिकायत उन्होंने 2023 में एसपी दफ्तर में की थी।  ASI ने बिल्डर से चेक लेकर फरियादी को देने का किया वादा फिर पता चला कि रजिस्ट्री भी गड़बड़ है, तो उन्होंने अपने स्तर पर बब्लू बुंदेला पर दबाव बनाया तो उसने एक लाख रुपया तो तत्काल लौटा दिया था। बाकी रकम 12 लाख 50 हजार रुपये का चेक देने का वादा किया। मामले की जांच बड़ागांव चौकी प्रभारी एएसआई राजकुमार शर्मा के पास है। एएसआई शर्मा ने बबलू से उनके नाम का चेक तो ले लिया लेकिन फरियादी को नहीं दिया और उसके बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।  फोन कर फरियादी से कहा- पैसा दो चेक मिल जाएगा 15 जून को एएसआई राजकुमार शर्मा भिंड मिहोना आए थे। शर्मा ने फोन कर उन्हें बस स्टेंड पर बुलाया था। वहां सीधे कहा था “पैसा दो चेक मिल जाएगा’। मुन्नालाल के मुताबिक उन्होंने एएसआई शर्मा की घूस की डिमांड का वीडियो भी बनाया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दे दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिटायर्ड फौजी ने एएसआई पर घूस मांगने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच की जा रही हैं वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल मंडल में हुआ नया नेतृत्व,अभिराम खरे ने भोपाल मंडल का ADRM पदभार ग्रहण किया

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के नए अपर मंडल रेल प्रबंधक (ए.डी.आर.एम.) के रूप में अभिराम खरे ने विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान ए.डी.आर.एम. रश्मि दिवाकर से संभाली। महत्वपूर्ण पदों पर दे चुकी है अपनी सेवाएं अभिराम खरे भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के 2006 बैच के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर में वित्त सलाहकार (यातायात एवं निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे भोपाल में निर्माण विभाग में उप वित्त सलाहकार के रूप में तथा जबलपुर में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आपने अपने रेलवे कैरियर की शुरुआत जबलपुर मंडल में सहायक मंडल वित्त प्रबंधक (ADFM) के पद से की थी। कार्यकुशलता और गहन प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें वित्त, निर्माण तथा प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव अभिराम खरे ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से फार्मेसी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तथा कानून (LLB) में भी स्नातक डिग्री हासिल की है। उनके पास बहुविषयी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव है। भोपाल मंडल में ए.डी.आर.एम. के रूप में उनकी नियुक्ति पर मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मंडल को उनके नेतृत्व में नव ऊर्जा, नयी दृष्टि और सुव्यवस्थित प्रबंधन की अपेक्षा है।

मॉनसून सत्र विस्तार: सरकार लाएगी इनकम टैक्स सहित 8 बड़े बिल

नई दिल्ली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आगामी मॉनसून सत्र में कुल 8 नए विधेयक पेश करने और पारित कराने की तैयारी में है। यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर अब 19 अगस्त तक चलेगा। पहले संसद 12 अगस्त तक ही चलने वाली थी, जिसे बाद में एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने जिन प्रमुख विधेयकों की जानकारी दी है उनमें टैक्स, शिक्षा, खेल, और खनिज नीति जैसे क्षेत्रों से जुड़े विधेयक शामिल हैं। लोकसभा में मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025, भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025, भू-धरोहर स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रख-रखाव) विधेयक, 2025, खनिज और खान (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक (संशोधन), 2025 विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इनके अलावा, गोवा में अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों में पुन: प्रतिनिधित्व निर्धारण विधेयक, 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 और आयकर विधेयक, 2025 को पारित कराने के लिए पेश किया जाएगा। संसद की विधायी शाखा के अनुसार, इस बार सभी सांसदों को 'मेंबर्स पोर्टल' के माध्यम से ही समन और सूचनाएं भेजी गई हैं। सभी सांसदों को सत्र के शेड्यूल और विधायी कार्यक्रम की जानकारी डिजिटल रूप में दी गई है।  

निमिषा की मौत की घड़ी करीब? तलाल के भाई का दो टूक जवाब- समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली यमन में सजा-ए-मौत का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के लिए राहत का वक्त कुछ घंटे ही रहा। अब तलाल आबदो मेहदी के परिवार ने फिर से साफ कर दिया है कि वे ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। तलाल आबदो मेहदी पर आरोप है कि उसने निमिषा प्रिया का उत्पीड़न किया था और उसका पासपोर्ट रख लिया था। उसे हासिल करने के लिए ही निमिषा ने उसे ड्रग्स दिया था और उसकी ओवरडोज से वह मर गया था। इस मामले में निमिषा प्रिया को सजा-ए-मौत सुनाई गई है। उन्हें आज यानी 16 जुलाई के दिन सजा मिलनी थी, लेकिन केरल के ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दखल से इसे टाल दिया गया था। कहा गया कि निमिषा प्रिया के वकील और परिजनों को वक्त दिया जाएगा कि वे तलाल के परिवार को ब्लड मनी के लिए राजी कर लें। लेकिन ऐसा होता मुश्किल दिख रहा है। तलाल के भाई का कहना है कि वे ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। तलाल के भाई अब्देलफतेह मेहदी ने कहा कि हमारे परिवार ने समझौते के सभी ऑफर खारिज कर दिए हैं। हम चाहते हैं कि भाई की कातिल को सजा-ए-मौत ही मिले। माफी के सवाल पर अब्देलफतेह मेहदी ने कहा कि यह बेहद गंभीर अपराध है और इसमें कोई माफी नहीं दी जा सकती। हम इस मामले में 'दीयत' यानी ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। ब्लड मनी पर डील के लिए टाली गई है सजा, पर बढ़ गई मुसीबत यमन के कानून के अनुसार यदि मारे गए शख्स का परिवार आरोपी से मुआवजे के बदले माफी दे तो सजा खत्म की जा सकती है। अब्देलफतेह ने फेसबुक पर लिखी लंबी पोस्ट में कहा, 'आज क्या हो रहा है। मध्यस्थता और समझौते की बातें हो रही हैं। यह कोई नई बात नहीं है ना ही सरप्राइज वाली चीज है। इस साल फिर से कई बार समझौते की कोशिशें हुई हैं और ये नई नहीं हैं। हम पर काफी दबाव डाला गया है, लेकिन हमारी मांग में कोई बदलाव नहीं है। हम भी यही चाहते हैं कि उसे सजा-ए-मौत हो। फिलहाल सजा को टाल दिया गया है और हम इससे हैरान हैं। मध्यस्थता करने वाले समझ लें कि हम किसी भी तरह से समझौते के लिए तैयार नहीं हैं और ब्लड मनी स्वीकार नहीं है।' तलाल का भाई बोला- खून का कोई सौदा नहीं होता यही नहीं बेहद सख्त लहजे में तलाल आबदो मेहदी के भाई ने ब्लड मनी को खारिज कर दिया। अब्देलफतेह मेहदी ने लिखा, 'खून को खरीदा नहीं जा सकता। सजा को टाले जाने से हम नहीं रुकेंगे। किसी भी तरह के दबाव के आगे हम नहीं झुकेंगे। न्याय को भुलाया नहीं जा सकता। न्याय होगा और भले ही उसमें देर लगे। यह सिर्फ कुछ समय की बात है और अल्लाह हमारे साथ है।' बता दें कि सोमवार को भी अब्देलफतेह ने यही बात बीबीसी की अरबी सेवा से बातचीत के दौरान कही थी। उनका कहना है कि हम सिर्फ निमिषा की सजा-ए-मौत चाहते हैं।  

भोपाल सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हुआ महंगा, अब वसूले जाएंगे 10 रुपये

भोपाल  शहर में संचालित होने वाले सशुल्क सार्वजनिक शौचालय का शुल्क महंगा हो गया है। अब यहां जाने पर नागरिकों को छह के बजाए 10 रुपये देने होंगे। इसकी मंजूरी  महापौर मालती राय की अध्यक्षता वाली मेयर इन काउंसिल ने दे दी है। बैठक में इसके अलावा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर सहित नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा पर 25 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से नए विसर्जन घाट विकसित किए जाएंगे। कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी परम्परागत पुराने विसर्जन घाटों पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम ने यह जगह चिन्हित की हैं । वहीं बड़ा तालाब और कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी। आइएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में मेयर इन कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। एमआइसी के सामने करीब 15 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों पर मेंबरों ने चर्चा कर पास कर दिए। यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था ज्यादातर एचएफए के अधूरे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव लाए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समरधा में आवासीय सह व्यवसायिक काम्पलेक्स के बैलेंस वर्क को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 11 लाख के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई। जबकि कलखेड़ा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स एस्कान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन दिया गया है। फर्म को यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था। नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी वहीं भौंरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया फेस-एक, हिनोतिया आलम और रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट में नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी दी गई। आलम नगर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स सांई कंस्ट्रक्शन को 15 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 16 जून 2025 को पूरा होना था। इसी तरह रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स पैराडाइज को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 14 अप्रैल 2025 को पूरा होना था। बड़ा तालाब और कलियासोत डेम का होगा उद्धार अमृत 2.0 में कलियासोत नदी के रिज्युवेशन कार्य के लिए 36.68 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई । इसी तरह अमृत 2.0 में बड़ा तालाब के रिज्युवनेशन कार्य के लिए 14.91 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कलियासोत डेम में गर्मी के मौसम में पानी खत्म हो जाता है। इसमें पानी स्टोर रहे, इसके लिए स्टाप डेम बनाए जाएंगे। वहीं स्पॉट डेम में शुद्ध पानी रहे, इसके लिए आसपास बाउंड्री बनेगी। इसी तरह बड़ा तालाब में मिल रहे नालों की टेपिंग होगी। नालों के गंदी पानी को एसटीपी की तरफ मोड़ा जाएगा। अमृत मित्र को मिला एक्सटेंशन अमृत 2.0 में अमृत मित्र बनाए गए हैं। इसमें दो स्व सहायता समूह काम करते हैं, जो घर-घर जाकर पानी सेम्पल लेकर टेस्टिंग लैब में देते हैं । इन्हें हर सैम्पल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। अमृत मित्र का टेंडर 18 जून को खत्म हो गया है । इसलिए एमआइसी में एक साल एक्सटेंशन की फाइल रखी गई। हालांकि मेंबरों ने इसे तीने महीने करने को ही कहा है।  

1971 वॉर में शहीदों का बांग्लादेश ने 54 साल बाद अब किया सम्मान, जवान के घर भिंड पहुंचा स्मृति चिन्ह , पत्नी हुई भावुक

भिंड  चंबल को वीरों की भूमि कहा जाता है. इस क्षेत्र के अनेकों वीर सपूतों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. ऐसे ही भिंड के 12 वीर सपूतों ने 1971 के भारत-पाकिस्तान जंग में लड़ते हुए शहीद हो गए थे. पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा जो कि वर्तमान में बांग्लादेश है वह भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी. सन् 1971 के युद्ध के करीब 54 साल बाद बांग्लादेश की सरकार ने शहीद भारतीय जवानों को सम्मानित किया है. 54 साल बाद शहीद जवान को मिला सम्मान 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान जंग में भिंड के 12 वीर सपूत शहीद हुए थे, इसमें से एक शहीद राम लखन गोयल भी थे. दो दिन पहले अचानक भिंड शहर के सैनिक कॉलोनी में आर्मी की एक गाड़ी पहुंची. गाड़ी में मौजूद आर्मी के जवानों ने आवाज लगाई तो घर से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी गोयल बाहर निकली. लीला देवी अचानक घर के सामने आर्मी के जवानों के देख अचंभित रह गई. एक जवान ने उनसे पूछा कि क्या वे शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हैं? लीला देवी ने कहा कि हां, मैं शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हूं. वहां खड़े सेना के दो जवानों ने उनके पैर छुए और बताया कि वह उनके शहीद पति का सामान लेकर आया है. बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने किया सम्मानित सेना के जवानों ने गाड़ी से एक बॉक्स निकाला. जिसमें बांग्लादेश की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर, एक शील्ड और एक हफ्ता सहित एक पत्र था. वह लेटर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद की ओर से भेजा गया था. प्रमाण पत्र में लिखा हुआ था कि बांग्लादेश सरकार 1971 के भारतीय शहीद जवान का सम्मान कर रही है. यह सम्मान पत्र करीब 7 साल पहले जारी किया गया था. शहीद राम लखन गोयल की पत्नी लीला देवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा, "यह सम्मान तो अच्छा है, लेकिन बहुत देर कर दी. मेरे पति देश के लिए शहीद हो गए. उसके बाद से मैं अकेली रह रही हूं. मेरी शादी के कुछ ही दिन बाद वह शहीद हो गए थे. तार के माध्यम से पता चला था कि वह शहीद हो गए हैं. मेरा कोई बच्चा भी नहीं है. मैंने परिवार का भतीजा गोद लिया है."