samacharsecretary.com

हम नेतृत्व करेंगे, CM मैं ही बनूंगा – NDA सहयोगी दल का बड़ा बयान

चेन्नई  ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने  यहां कहा कि तमिलनाडु में पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) अटूट है और भाजपा समेत इसके घटक दलों के बीच फूट डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के संबंध में उनका निर्णय अंतिम होगा। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के ‘उंगलुदन स्टालिन’ संपर्क कार्यक्रम की भी आलोचना की और इसे एक 'नाटक' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु के लोगों को 'गुमराह' करना है। पलानीस्वामी ने पूछा कि इस सरकार के बचे हुए आठ महीनों में लोग अपने मुद्दों के क्या ही समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अगले साल राज्य में राजग के चुनाव जीतने पर गठबंधन सरकार बनाने संबंधी कथित टिप्पणी के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, पलानीस्वामी ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने केवल इतना कहा कि गठबंधन सत्ता में आएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'उनका कहना है कि हमारा गठबंधन सरकार बनाएगा। मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है — इस गठबंधन का नेतृत्व कौन कर रहा है? तो यह मेरा फैसला है, है ना? कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन सरकार बनाएगा – हम दोनों (शाह और मैं) यह स्पष्ट कर चुके हैं।' यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अन्नाद्रमुक राज्य में राजग का नेतृत्व करेगा और अगर गठबंधन विजयी होता है तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा, 'गठबंधन में फूट डालने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। यह एक अटूट गठबंधन है।' पलानीस्वामी ने दावा किया कि द्रमुक को यह उम्मीद नहीं थी कि अन्नाद्रमुक गठबंधन करेगा और इसलिए वह 'डर के कारण' विपक्षी गठजोड़ की आलोचना कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि द्रमुक ने अतीत में भाजपा के साथ गठबंधन किया था और सवाल किया कि क्या द्रविड़ पार्टी का तब ऐसा करना स्वीकार्य था, लेकिन अब अन्नाद्रमुक ने जब भाजपा के साथ गठबंधन किया है तो वह भाजपा को 'सांप्रदायिक' बता रही है।  रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि ईपीएस ने शाह से कह दिया है कि जीत की स्थिति में 'न्यूनतम स्तर पर' पावर शेयरिंग पर विचार किया जा सकता है। दरअसल, शाह ने साफतौर पर कहा था, 'हम चुनाव एडप्पाडी जी के नेतृत्व में लड़ेंगे।' साथ ही उन्होंने 'गठबंधन सरकार' का जिक्र किया था। कहा जा रहा है कि इसके चलते AIADMK नेताओं में हलचल तेज हुई थी। कहा जा रहा है कि ईपीएस की तरफ से इस बात पर जोर दिया जाना भाजपा और एआईएडीएमके के बीच एक समझ स्थापित होने के संकेत दे रहा है, जिसके तहत यह साफ हो चुका है कि चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की बात को बढ़ाना देना नुकसान करा सकता है। इसकी वजह कोर द्रविड़ मतदाताओं के विरोध का डर माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएस की टिप्पणियों को जनता की धारणा बदलने की ठोस कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अखबार को एक सूत्र ने बताया कि गठबंधन काफी प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दोनों पहले ही तय कर लिया है कि AIADMK नेतृत्व कर रहा है। ईपीएस सीएम बनेंगे। आप और क्या जानना चाहते हैं।' रिपोर्ट के अनुसार, AIADMK और भाजपा के बीच बातचीत की जानकारी रखने वाले राज्य के ही एक वरिष्ठ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य ने कहा था, 'अगर गठबंधन सरकार की बात होती है, तो AIADMK कैडर खुश नहीं होगा। ईपीएस ने शाह को बता दिया है कि वह जीत की स्थिति में अपनी पार्टी के नेताओं को पावर शेयरिंग के लिए मना लेंगे। इसकी घोषणा चुनाव से पहले करना आत्महत्या करने जैसा होगा। भाजपा इस पर सहमत हो गई है। हालांकि, शाह के बयान को किस तरह से लिया जा रहा है, इस पर असहमति हो सकती है।'

इजरायली एयरस्ट्राइक से स्वेदा में सैन्य ठिकानों पर कहर, स्वेदा में एयरस्ट्राइक से भारी तबाही,कई हथियार डिपो ध्वस्त

स्वेदा  इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उसने सीरिया के स्वेदा क्षेत्र में सीरियाई सरकारी बलों पर अपने हमले जारी रखे हैं. शनिवार को जारी एक बयान में आईडीएफ ने इन हमलों का ताज़ा वीडियो भी जारी किया है, जिसमें सैन्य ठिकानों और वाहनों को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है.  सूत्रों के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने अपने इन ताजा हमलों में बख्तरबंद गाड़ियों और भारी मशीनगनों से लैस पिकअप ट्रकों को निशाना बनाया, जो स्वेदा शहर की ओर बढ़ रहे थे. यह शहर बहुसंख्यक द्रूज़ समुदाय का गढ़ माना जाता है और वहां इन दिनों गंभीर झड़पें हो रही हैं. आईडीएफ ने बताया कि केवल सैन्य वाहनों को ही नहीं, बल्कि सीरियाई सेना की चौकियों, हथियार डिपो और अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी दक्षिणी सीरिया में निशाना बनाया गया है. यह हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब सीरियाई सरकार विरोधी गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है और क्षेत्र में ईरानी समर्थक गुटों की मौजूदगी को लेकर इजरायल पहले से ही सतर्क है. स्वेदा में हालात गंभीर स्वेदा में द्रूज़ समुदाय के नागरिकों और सरकारी बलों के बीच हाल ही में तनाव और झड़पें बढ़ी हैं. इजरायल का कहना है कि उसने हमले आत्मरक्षा में किए हैं क्योंकि उसकी सीमाओं के पास सीरियाई और ईरानी गतिविधियां खतरा बन रही थीं. वीडियो किया जारी इससे पहले जब इजरायल ने मिसाइल के जरिए हमला किया था तो उसका वीडियो भी जारी किया था.  वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही इजरायली मिसाइल सैन्य मुख्यालय में गिरी तो उसके परखच्चे उड़ गए. मिसाइल का पेलोड कितना रहा होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि कुछ सेकेंड्स में पूरी इमारत धुएं का गुबार बन जाती है. जो इंपैक्ट साइट है वहां मलबा कई फीट ऊपर बिखर जाता है. इजरायल ने क्यों किया हमला? इसे लेकर इजरायल का कहना है कि सीरिया में द्रूज समुदाय के साथ वहां की फौज अमानवीय हरकत कर रही है. सीरियन फौज से लड़ाई में द्रूज समुदाय के 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. उसी का बदला लेने के लिए या यूं कहिए सीरिया की फौज को रोकने के लए इजरायल ने ये हमला किया है. इस बीच आज यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक भी आज बुलाई गई है.

किसानों की राहत से जुड़ी खबर: PM धन-धान्य कृषि योजना आधिकारिक रूप से स्वीकृत

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को मिली मंजूरी नई पहल: प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को मिली मंजूरी, किसानों को मिलेगा लाभ किसानों की राहत से जुड़ी खबर: PM धन-धान्य कृषि योजना आधिकारिक रूप से स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार भोपाल  केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना" को मंजूरी दे दी गई। देश के 100 जिलों के किसानों का जीवन बदलने वाली इस योजना की मंजूरी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ह्रदय से आभार जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा इस कृषि योजना को मिली स्वीकृति अत्यंत अभिनंदनीय है। देश के 100 जिलों के समग्र विकास को समर्पित यह विशिष्ट योजना' उन्नत कृषि- समृद्ध किसान' और 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने के संकल्प को नई दिशा और नई शक्ति देने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से देश के अन्नदाताओं के जीवन में एक नया सूर्योदय होगा। 11 विभागों की 36 योजनाओं एवं प्राईवेट पार्टनरशिप से होगी संचालित केंद्रीय मंत्रि-परिषद ने 16 जुलाई को जारी वित्त वर्ष 2025-26 से आरंभ होकर 6 वर्ष की कालावधि के लिए शुरू होने वाली 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को मंजूरी दी है, जो देश के 100 जिलों को कवर करेगी। योजना 11 विभागों की 36 मौजूदा योजनाओं, अन्य प्रादेशिक योजनाओं और निजी क्षेत्र के साथ पब्लिक पार्टनरशिप (जन साझेदारी) के जरिए लागू की जाएगी। इसमें 100 जिलों का चयन तीन प्रमुख संकेतकों यथा कम उत्पादकता, कम फसल तीव्रता और कम ऋण वितरण के आधार पर होगा। योजना के प्रभावी नियोजन, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक धन-धान्य जिले में योजना की प्रगति की निगरानी 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) के आधार पर की जाएगी। योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधिकरण और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देना है। पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसलोत्तर भंडारण को बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना तथा दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना भी योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।  

पैरामेडिकल कोर्सेस को हरी झंडी: जीवाजी विश्वविद्यालय में 13 अगस्त तक लें प्रवेश

ग्वालियर जीवाजी विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंसेज के अंतर्गत संचालित पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद, भोपाल द्वारा सत्र 2024-25 के लिए मान्यता प्रदान कर दी गई है। यह मान्यता 15 जुलाई को जारी की गई। साथ ही परिषद द्वारा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। इंस्टीट्यूट के समन्वयक प्रो नवनीत गरुड़ ने बताया कि छात्रों की रुचि और मांग को देखते हुए पिछले वर्ष सीटों में वृद्धि भी की गई थी। वर्तमान में संस्थान में तीन प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं- बीपीटी (बैचलर आफ फिजियोथेरेपी) साढे चार वर्ष, बीएमएलटी (बैचलर आफ मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) तीन वर्ष तथा डीएमएलटी (डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलाजी) दो वर्ष। विश्वविद्यालय के इन कोर्सेस की विशेषता यह है कि यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं तथा परीक्षाएं समय पर सम्पन्न कराई जाती हैं। इसके साथ ही छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से उन्हें जिला अस्पताल ग्वालियर में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। मान्यता मिलने के बाद इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे अंचल के छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर करियर विकल्प भी प्राप्त होंगे।  संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए तिथि बढ़ी     राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में सत्र 2025- 26 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई थी। इस तिथि में बदलाव कर अब इस बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से सूचना जारी की गई है। ये होंगी तय सीटें     कुलसचिव अरुण सिंह चौहान ने बताया कि सभी शासकीय और अशासकीय संगीत एवं कला महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में स्नातक स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 40 सीट और स्नातकोत्तर स्तर प्रति कक्षा प्रति विषय 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।     महाविद्यालयों व अध्ययनशाला विभागों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अतिरिक्त सीट का प्रविधान रहेगा।     इसके अलावा लोक संगीत, लोक वाद्य, लोक नृत्य, लोक नाट्य एवं लोक कलाओं पर आधारित विशेष तिमाही स्ववित्तीय शार्ट टर्म कोर्सेस में भी एडमिशन लिया जा सकता है। यह होगी पूरी प्रकिया सबसे पहले छात्रों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन फार्म को विश्वविद्यालय अध्ययनशाला अथवा संबंधित महाविद्यालयों में जमा कराना होगा। संबंधित कोर्स संबंधी आवश्यक योग्यताएं पूर्ण होने पर ही अभ्यर्थियों का प्रवेश दिया जाएगा।

हेल्पलाइन लापरवाही मामला: सरकार का बड़ा एक्शन, दो सचिवों पर गिरी गाज

श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा सीएम हेल्पलाइन के निराकरण को लेकर प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है तथा सभी को निर्देश गए गए हैं कि सीएम हेल्पलाइन का निराकरण तत्परतापूर्वक गंभीरता से किया जाए। इसी क्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं लेने एवं कार्यों में लापरवाही के चलते जहां दो पंचायत सचिवों के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।   13 अधिकारियों को नोटिस वहीं जनपद पंचायतों के 7 उपयंत्रियों, 3 एडीईओ सहित 13 पंचायतों के सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायत विजयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गोहर के सचिव सोबरन कुशवाह और ग्राम पंचायत जाखेर के पंचायत सचिव राजेश जादौन को शासकीय कार्यों में लापरवाही एवं सीएम हेल्पलाइन में रुचि नहीं लेने के चलते निलंबित किया गया है। इन अधिकारियों को भेजे गए नोटिस निलंबन अवधि में दोनों सचिवों का मुख्यालय जनपद पंचायत विजयपुर किया गया है। इसी प्रकार सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण नहीं करने पर जनपद पंचायत कराहल के उपयंत्री अजीत गिरी, जनपद पंचायत श्योपुर के दीपक धाकड़ एवं प्रेमनारायण राठौर, जनपद पंचायत विजयपुर के रामेश्वर गुप्ता, रामनिवास धाकड, शरद उच्चारिया एवं प्रियंका जादौन, सहायक विकास विस्तार अधिकारी जनपद श्योपुर अमन शिवहरे, एडीईओ विजयपुर अभिनंदन भदौरिया एवं देवेन्द्र प्रजापति को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत विजयपुर के ग्राम पंचायत पार्वती बड़ौदा, गसवानी, गढी, वीरपुर, रघुनाथपुर, देवरी, लाडपुरा, इकलौद, फरारा, सहसराम, कींजरी, आरोदा एवं मैदावली के पंचायत सचिवों और जीआरएस को नोटिस जारी किए गए हैं।

जबलपुर एवं ग्वालियर को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये मिलेगा मिनिस्ट्रियल अवार्ड

भोपाल नई दिल्ली में गुरुवार 17 जुलाई को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्‍य एवं केन्‍द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री राज्‍य मंत्री श्री तोखन साहू की उपस्थिति में प्रात: 11 बजे विज्ञान भवन में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में मध्यप्रदेश के आठ शहरों इन्दौर, उज्जैन, बुदनी, भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर एवं ग्वालियर को उनके उत्कृष्ट स्वच्छता प्रयासों के लिए विभिन्‍न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रदेश के विजेता शहरों के गौरवशाली पलों के साक्षी बनने के लिये नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी उपस्थित रहेंगी। प्रदेश के इन 8 शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। यह सम्मान उनके सतत प्रयासों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। उल्‍लेखनीय है कि इस आयोजन में स्‍वच्‍छ भारत मिशन (शहरी) अंतर्गत केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरों के अथक प्रयासों को मान्‍यता देते हुए शहरी भारत के सबसे स्‍वच्‍छ शहरों को पुरस्‍कृत किया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024, जो कि भारत में शहरी स्वच्छता के आंकलन का विश्व का सबसे बड़ा सर्वेक्षण है। यह सर्वेक्षण इस वर्ष अपने 9वें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष 'सुपर स्‍वच्‍छ लीग शहर, पाँच जनसंख्‍या श्रेणियों में शीर्ष, स्‍वच्‍छ शहर, विशेष श्रेणी : गंगा शहर, छावनी बोर्ड, सफाई मित्र सुरक्षा, महाकुंभ, राज्‍य स्‍तरीय पुरस्‍कार आदि श्रेणियों में पुरस्‍कार प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश के इन्‍दौर, उज्‍जैन एवं बुदनी को सुपर स्‍वच्‍छ लीग श्रेणी, भोपाल, देवास और शाहगंज को राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार, जबलपुर को विशेष श्रेणी एवं ग्‍वालियर को राज्‍य स्‍तरीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा। इसके अलावा कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और खुले में शौच से मुक्‍त शहरों की श्रेणियों (ओडीएफ++, वॉटर+) के परिणाम भी इसी दिन जारी किए जाएंगे। इस वर्ष का सर्वेक्षण “रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल” की थीम पर आधारित था। इसमें शहरी स्‍वच्‍छता और सेवा स्‍तर का आंकलन करने के लिए एक सजग, संरचित दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें 54 संकेतकों सहित 10 सुपरिभाषित मापदंडों पर शहरों में स्‍वच्‍छता और अपशिष्‍ट प्रबंधन के आधार पर लगभग 3 हजार से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा 45 दिनों तक देशभर के लगभग 4 हजार 500 से अधिक शहरों के प्रत्‍येक वार्ड का गहन निरीक्षण किया गया। स्‍वच्‍छता के विभिन्‍न मापदण्‍डों में समावेशिता, पारदर्शिता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता सहित 11 लाख से अधिक घरों का मूल्‍यांकन किया गया। यह राष्‍ट्रीय स्‍तर पर शहरी जीवन और स्‍वच्‍छता के मायने को समझने के लिए एक व्‍यापक और दूरगामी दृष्टिकोण को दर्शाता है। वर्ष-2024 के स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण के मूल्‍यांकन में लगभग 14 करोड़ देशवासियों द्वारा प्रत्‍यक्ष संवाद, स्‍वच्‍छता ऐप, माईगव और सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म के माध्‍यम से अपना फीडबैक भी दिया गया। स्‍वच्‍छता में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले शहरों के लिए एक नई पहल सुपर स्‍वच्‍छ लीग (एसएसएल) की शुरूआत की गई है। सुपर स्‍वच्‍छ लीग का उद्देश्‍य शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को स्‍वच्‍छता के उच्‍च मानकों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने के साथ ही अन्‍य शहरों को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करने और शीर्ष रैंकिंग के लिए प्रतिस्‍पर्धा करने के लिये प्रोत्‍साहित करना है। स्‍वच्‍छ शहर लीग में वे शहर शामिल होंगे, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में शामिल हुए हैं और वर्तमान में अपनी संबंधित जनसंख्‍या श्रेणी में शीर्ष 20 प्रतिशत में बने हुए हैं। इस अवसर पर देश के सभी शहरों के लिये कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग, खुले में शौच से मुक्ति ओडीएफ़ और उपयोगित जल के प्रबंधन के लिये वॉटर प्लस प्रमाणीकरण भी जारी किए जाएंगे। इनके अलावा 44 नगरीय निकायों ने वॉटर प्लस के लिये भी अपने दावे प्रस्तुत किए हैं। आठ शहरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विजेता शहरों को बधाई दी है। उन्होने अपने संदेश में इस उपलब्धि के लिए सभी सफाई मित्रों, नागरिकों, जन-प्रतिनिधियों, कर्मचारियों, अधिकारियों और सभी सहयोगियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्वच्छता का जो संकल्प लिया है, उसमें मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।’’ समारोह में महापौर इंदौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, महापौर उज्जैन श्री मुकेश टटवाल, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, महापौर ग्वालियर डॉ. शोभा सिकरवार, महापौर जबलपुर श्री जगत बहादुर सिंह और महापौर देवास श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल अपनी टीम के साथ भाग ले रहे हैं। इनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष बुदनी श्रीमती सुनीता अर्जुन मालवीय एवं अध्यक्ष शाहगंज सुश्री सोनम भार्गव भी अपने टीम सदस्यों के साथ पुरुस्कार समारोह में उपस्थित रहेंगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे, मिशन संचालक डॉ. परीक्षित झाड़े, नगर निगम आयुक्त और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों के साथ इस समारोह में शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन में अधिकारी, कर्मचारी, जन-प्रतिनिधि, स्वच्छता सहयोगियों और सफाई मित्रों सहित 100 से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधि मण्डल मध्यप्रदेश का नेतृत्त्व करेगा।  

WHO ने HIV की रोकथाम के लिए लेनाकापाविर के इस्तेमाल को मंजूरी दी

नई दिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ह्यूमन इम्युनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम (HIV) की रोकथाम के लिए लेनाकापाविर (Lenacapavir) के इस्तेमाल को मंदूरी दे दी है. यह दवा HIV की रोकथाम की दिशा में एक मील की पत्थर की तरह साबित हो सकती है. यह दवा उन लोगों के लिए खासतौर पर जीवनरक्षक है जिन्हें HIV एक्सपोजर का रिस्क ज्यादा होता है, यानी सेक्स वर्कर या ऐसे लोग एचआईवी मरीजों के इलाज या देखरेख के काम से जुड़े हैं. WHO ने वैश्विक एचआईवी रोकथाम के प्रयासों को मजबूत करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए और इस दौरान उन्होंने लॉन्ग टर्म सुरक्षा देने वाली इस एंटीरेट्रोवायरल दवाई को मंजूरी दी. लेनाकापाविर को मंजूरी घोषणा 14 जुलाई को पूर्व अफ्रीकी देश रवांडा की राजधानी किगाली में आयोजित 13वें अंतर्राष्ट्रीय एड्स सोसाइटी सम्मेलन में की गई. अमेरिका पहले ही दे चुका है मंजूरी हालांकि अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने लेनाकापाविर को पहले ही मंजूरी दे दी थी. एचआईवी की रोकथाम के लिए ये इंजेक्शन साल में दो बार प्री-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PrEP) उपचार की स्थिति में दिया जाता है. इस इंजेक्शन को 2022 में एचआईवी के इलाज के लिए मंजूरी मिली थी. यह ट्रायल के दौरान एचआईवी संक्रमण से बचाने में असरदार साबित हुआ है. Theweek.in की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि हालांकि एचआईवी का टीका अभी तक नहीं बन पाया है लेकिन यह नई दवा, जिसे साल में केवल दो बार बस लेने की जरूरत होती है, अभी की सबसे अच्छी नई दवा है. बढ़ता बोझ, घटती सुरक्षा यह कदम दुनिया भर में एचआईवी रोकथाम के वित्तपोषण में आ रही कमी के कारण उठाया गया है.  केवल 2024 में ही लगभग 13 लाख लोग एचआईवी से संक्रमित हुए. इनमें से ज्यादातर लोग सेक्स वर्कर, पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने वाले पुरुष, ट्रांसजेंडर, नशीली दवाओं का इंजेक्शन लगाने वाले लोग, जेल में बंद लोग और बच्चे व किशोर थे. लेनाकापाविर क्या है? लेनाकापाविर (LEN) अमेरिकी दवा को कंपनी गिलियड साइंसेज ने बनाया है. यह Capsid Inhibitor नामक दवाओं के एक नए समूह से संबंधित है जो HIV Replication Cycle के कई चरणों को बाधित करके एचआईवी से सुरक्षा देने का काम करता है. LEN पहला PrEP इंजेक्शन है जिसे साल में केवल दो बार दिया जा सकता है.  लंबे समय तक मानव शरीर में असरदार रहने वाला यह इंजेक्शन गोलियों और बाकी ट्रीटमेंट्स की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली है इसलिए यह उन लोगों के लिए काफी मददगार है जिन्हें एचआईवी संक्रमण होने का खतरा ज्यादा होता है.

दो नए एक्सप्रेसवे और ई-चार्जिंग स्टेशन से सजेगा यूपी, जानिए किन जिलों को होगा फायदा

आगरा  उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को दो नए-नए एक्सप्रेस का तोहफा मिला है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्वालियर और अलीगढ़ एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। इन दोनों एक्सप्रेस का निर्माण दो महीने में शुरू हो जाएगा, जो अगले लगभग दो साल तक चलेगा। आगरा के लिए अच्छी बात यह है कि दोनों एक्सप्रेसवे यहीं से शुरू होंगे। इन दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए दोनों तरफ फूड प्लाजा, एक से दो प्रेट्रोल पंप और सीएनजी पंप होंगे।   एक्सप्रेसवे पर मिलेगी चार्जिंग की सुविधा एनएचएआई ने मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को भी ध्यान रखा है और एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया है। एनएचएआई के अधिकारी ने खुद इसका कारण भी बताया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन का प्रयोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर सप्ताह नए-नए मॉडल पेश हो रहे हैं। यही वजह है कि हमने एक्सप्रेसवे चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला किया गया है। बताया गया है कि एक चार्जिंग प्वॉइंट में एक समय में दो वाहन चार्ज हो सकेंगे, जिसमें 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। छह लेन के होंगे दोनों एक्सप्रेसवे दोनों एक्सप्रेसवे छह लेन के होंगे, जिनका निर्माण एनएचएआई ग्वालियर और आगरा खंड द्वारा कराया जाएगा। ग्वालियर से रोहता, आगरा तक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 4200 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इस दौरान चंबल नदी पर हैंगिंग ब्रिज भी बनेगा। जब एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा तो आगरा से ग्वालियर की दूरी सिर्फ 88 किलोमीटर रह जाएगी, साथ ही सफर का समय भी घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे का रह जाएगा। इस समय इस सफर को तय करने में ढाई घंटे लगते हैं। अलीगढ़ एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बात करें खंदौली से अलीगढ़ तक बनने वाले एक्सप्रेसवे की तो यह 64 किलोमीटर लंबा होने वाला है, जिसे यमुना एक्सप्रेस से भी जोड़ा जाएगा। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो इससे लोगों को हाथरस और अलीगढ़ पहुंचना आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बताई जा रही है, जिसका निर्माण अक्टूबर से शुरू होना है।

सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, कहा- अगर हिम्मत है तो भेजो मुझे डिटेनशन सेंटर

कोलकाता  पश्चिम बंगल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान ममता ने कहा कि वो आगे से अब बंगाली ही बोलेंगी। यह रैली कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर धर्मतला के दोरीना क्रॉसिंग तक गई, जिसमें टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस रैली में शामिल हुए। लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्च के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। विरोध मार्च के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगालियों के प्रति भाजपा के रवैये से मैं शर्मिंदा और निराश हूं। सीएम ने कहा कि मैंने अब से ज्यादा बांग्ला में बोलने का फैसला किया है, अब इसके लिए अगर हो सके तो मुझे हिरासत शिविरों में बंद कर दो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मैड्रिड में श्री बेनीतेज़ ने की सौजन्य भेंट

आपसी सहयोग और निवेश संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार दिवसीय आधिकारिक स्पेन प्रवास के पहले दिन मैड्रिड में स्पेन के विदेश मामलों, यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्रालय के उप महानिदेशक (दक्षिण एशिया) श्री एमिलियो कोंत्रेरास बेनीतेज़ से सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान भारत और स्पेन के मध्य आपसी सहयोग, निवेश संभावनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश-अनुकूल वातावरण, पर्यटन, कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। श्री बेनीतेज़ ने मध्यप्रदेश के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए भविष्य में आपसी हित के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।