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स्कूल भवन पर तालाबंदी, किराया विवाद में फंसे बच्चे – मकान मालिक ने उठाया ये कदम

इंदौर लोहा गेट पर निजी स्कूल में हंगामा हो गया। इमारत मालिक के रिश्तेदारों ने ताला लगाकर बच्चों को रोक दिया। पुलिस ने आपसी विवाद बता कर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। बच्चों को बगैर पढ़ाई के लौटाना पड़ा। घटना गली नंबर-8 की है। मेहरुन बी की इमारत में अल हीरा पब्लिक स्कूल का संचालन होता है। याकूब और अय्यूब मुल्तानी ने ताला लगा दिया सोमवार रात मेहरुन बी के भतीजें याकूब और अय्यूब मुल्तानी ने ताला लगा दिया। सुबह नर्सरी से आठवीं तक के बच्चे पढ़ने पहुंचे तो ताला लगा मिला। स्टाफ और बच्चे प्रांगण में प्रवेश ही नहीं कर सके। प्रिंसिपल याकूब मेनन के अनुसार इमारत साल 2008 में किराये पर ली थी। हर महीने 22 हजार रुपये किराये देते है। मेहरुन बी के भजीतों ने कहा कि किराया बढ़ाकर उन्हें दें। ताला लगाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित अनुबंध मेहरुन बी के नाम से होने के कारण मेनन ने मना कर दिया। सोमवार को वह थाने गया पर पुलिस ने कहा आपसी विवाद है। जिस इमारत में स्कूल संचालित होता है वह निजी संपत्ति है। किरायेदार और इमारत मालिक के विवाद में पुलिस नहीं बोल सकती है। मंगलवार को ताला लगाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई।

एम्स भोपाल से मरीजों को राहत, PET स्कैन से जुड़े खर्च होंगे कम

भोपाल अब एम्स भोपाल में भी कैंसर, हृदय और मस्तिष्क रोगों की पहचान के लिए अत्याधुनिक पीईटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है। निजी अस्पतालों में जहां इसकी कीमत 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंचती है, वहीं एम्स में यह जांच बेहद कम शुल्क में उपलब्ध होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में विशेष भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। यह सुविधा खासतौर से उन मरीजों के लिए राहत लेकर आएगी जिन्हें अब तक निजी अस्पतालों में महंगी जांच के लिए जाना पड़ता था। क्या है पीईटी स्कैन पीईटी स्कैन एक न्यूक्लियर इमेजिंग तकनीक है, जो शरीर के भीतर सेल स्तर की गतिविधियों को दिखाती है। इसमें एक रेडियोएक्टिव ट्रेसर इंजेक्ट किया जाता है, जो तेजी से सक्रिय अंगों में जाकर जमा होता है। ये ट्रेसर विशेष रूप से कैंसर कोशिकाओं, हृदय की क्षतिग्रस्त मांसपेशियों और मस्तिष्क के असामान्य हिस्सों में अधिक एकत्र होते हैं। स्कैनर इन सिग्नलों को पकड़कर 3डी इमेज बनाता है, जिससे बीमारी की सटीक स्थिति पता चलती है। कितना खर्च आता है निजी अस्पतालों में एक बार के पीईटी स्कैन पर 20,000 से 30,000 रुपये तक का खर्च आता है। जबकि एम्स भोपाल में यह सुविधा लगभग 2,000 से 3,000 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। एम्स का उद्देश्य इसे आम और गरीब मरीजों के लिए सुलभ बनाना है। इन बीमारियों में मददगार कैंसर: किस अंग में है, कितना फैला है, इलाज का असर हो रहा है या नहीं हृदय रोग: हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह की स्थिति मस्तिष्क विकार: अल्जाइमर, पार्किंसन, एपिलेप्सी आदि। क्या है इसकी खासियत जहां सीटी और एमआरआई केवल शरीर की संरचना दिखाते हैं, वहीं पीईटी स्कैन शरीर की कार्यप्रणाली और मेटाबोलिक गतिविधियों को भी दिखाता है। इससे डाक्टर इलाज की दिशा बेहतर तय कर पाते हैं।

70 साल बाद इस गांव में पहली बार पक्की रोड का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, ग्रामीणों जताई खुशी

मैहर मैहर जनपद के रिगरा गांव में वर्षों पुराने सपने ने आखिरकार साकार रूप ले लिया है। गांव में पहली बार पीसीसी (पक्की) रोड का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, जिससे ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। दशकों से कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते आ रहे ग्रामीणों के लिए यह सड़क एक बड़ी सौगात बनकर आई है। ग्रामीणों ने दीप जलाकर किया खुशी का इजहार जानकारी के अनुसार, रिगरा गांव की स्थिति लंबे समय से दयनीय थी। गांव की मुख्य सड़क कच्ची होने के कारण बारिश में कीचड़ और फिसलन की समस्या आम थी। करीब 70 वर्षों से इस गांव की जनता बदहाली झेल रही थी, जहां पीढ़ियों ने कीचड़ से भरे रास्तों पर चलकर जीवन बिताया। लेकिन अब जब पहली बार पीसीसी रोड का निर्माण कार्य पूरा हुआ, तो गांव वासियों ने दीप जलाकर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने सरकार और अधिकारियों का आभार जताया महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने सड़क पर खड़े होकर एक-दूसरे को बधाई दी और इसे विकास की ओर पहला कदम बताया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि "इतने सालों में पहली बार हमारे गांव में सरकार की कोई योजना जमीन पर उतरी है। अब बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी और बीमारों को अस्पताल तक लाने में राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों का आभार जताया और आशा व्यक्त की कि इसी तरह अन्य आवश्यक सुविधाएं भी गांव में जल्द पहुंचेंगी।" 

दिल्ली-NCR में शांति व्यवस्था के लिए नया आदेश, लाउडस्पीकर और हथियारों पर पूरी तरह रोक

हापुड़ 11 जुलाई से श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उच्चाधिकारी विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। जिसके मद्देनजर इस बार कांवड़ पदयात्रा के दौरान तेज आवाज में लाउडस्पीकर और तेज ध्वनि यंत्र नहीं बजाया जा सकेगा। निर्धारित आवाज के साथ ही शिवभक्त भजनों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा कांवडिया अपने साथ अस्त्र या शस्त्र लेकर नहीं जा सकेंगे। नियम उल्लंघन कर कार्रवाई तक होगी। एसपी ज्ञानंजय ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। उच्चाधिकारियों से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में 11 जुलाई से प्रारंभ हो रही कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रावण के महीने में कांवड़ या जल लाने वाले कांवड़िया और श्रद्धालु शिव मंदिरों तक पदयात्रा करते हैं। पदयात्रा के दौरान धार्मिक भजन और संगीत बजाने के साथ ही कई बार नारेबाजी भी होती है। खुफिया विभाग से उच्चाधिकारियों को इनपुट मिला है कि पदयात्रा में लाउडस्पीकर, तेज ध्वनि यंत्र बजाने और नारेबाजी करने से तनाव उत्पन्न हो सकता है। इसके चलते कांवड़ यात्रा में कांवड़िया और शिविरों में श्रद्धालु निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर या तेज ध्वनि यंत्र से नहीं बजा सकेंगे। उल्लंघन करने पर इन्हें जब्त करने के साथ ही मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों में मनचाहा बदलाव किया जाता है। लेकिन इस पर भी पांबदी लगा दी गई है। बंद रहेंगी शराब और मांस की दुकान कांवड़ यात्रा के लिए रूट बनाए गए हैं। इन रूट पर पड़ने वाली मांस और शराब की दुकान बंद रहेंगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगी। इसके लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी तय होगी। अस्त्र-शस्त्र पर पूर्णत रहेंगे प्रतिबंधित कांवड़ यात्रा के दौरान अस्त्र-शस्त्र साथ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। कावड़िया अपने साथ लाठी-डंडे, नुकीले भाले समेत तमाम तरह के हथियार लेकर नहीं जा सकेंगे। ऐसा करने वाले कांवड़ियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। किसी भी हाल में कानून और शांति व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। कांवड़ रूट पर नहीं खड़े हो सकेंगे वाहन कांवड़ यात्रा के रूट पर ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य भारी वाहन खड़े होने की समस्या रहती हैं। इसको देखते हुए इन रास्तों पर वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगा दी है। कावड़ यात्रा के इसके अलावा कांवड़ियों के रूट पर कांवड़ शिविर सड़क से तय दूरी पर लगाए जा सकेंगे। कांवड़ शिविर हाइटेंशन लाइन के नीचे नहीं लगेंगे। तेज ध्वनि संचालकों को दिया नोटिस थानावार तेज ध्वनि यंत्र संचालकों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस जारी किए गया है। जिसमें तेज ध्वनि यंत्र से तेज आवाज में संगीत न बजाने के साथ अन्य सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। नियम उल्लंघन पर कार्रवाई तय होगी।  

महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल के रूप में मोर गांव मा पानी” अभियान को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित

रायपुर : 'मोर गांव मा पानी' अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा जनभागीदारी से निर्मित हुए 4 हजार से अधिक सोखता गड्ढे एवं 104 इंजेक्शन वेल  महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल के रूप में मोर गांव मा पानी” अभियान को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित रायपुर  महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल के रूप में “मोर गांव मा पानी” अभियान को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस अभियान ने जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में जनभागीदारी को एक नई गति प्रदान की है। जल संचयन को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए जिले में ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के समन्वय से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जन सहयोग से स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों में सोखता गड्ढों का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक जिले में 4 हजार से अधिक सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, वहीं 104 इंजेक्शन वेल के माध्यम से भूमिगत जल स्तर को पुनः तमबींतहम किया जा रहा है। यह पहल वर्षा जल को भूमिगत जल में परिवर्तित कर जल संकट की स्थिति से निपटने में सहायक सिद्ध हो रही है। सोखता गड्ढे मिट्टी की नमी बनाए रखने, सतही जल प्रवाह को नियंत्रित करने एवं आसपास के पर्यावरण को संतुलित रखने में भी कारगर साबित हो रहे हैं। “मोर गांव मा पानी” अभियान न केवल जल संचयन की दिशा में एक ठोस पहल है, बल्कि यह जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित कर रहा है। यह अभियान स्थायी जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है, जिससे आने वाले समय में जिले के जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जनसहयोग आधारित इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है और जल को लेकर समुदाय का दृष्टिकोण भी सकारात्मक रूप से परिवर्तित हुआ है। यह पहल राज्य शासन के जल संरक्षण के संकल्पों को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।

रेलवे की पहल: अब यात्री गाड़ियों में स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे लगाए जायेंगे, कटनी से सतना के बीच शुरुआत

जबलपुर कटनी-सतना रेलमार्ग (Katni Satna Rail Line) और उस पर दौड़ रही ट्रेनों पर अब तीसरी नजर रहेगी। इस रेलखंड पर ट्रेनों में पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। यात्रियों के सामान चोरी के मामले भी सामने आते रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। सतना से कटनी आउटर तक स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। 24 घंटे करेंगे काम… जानिए स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरों की खूबियां रेलखंड में स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरे सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। यह सीसीटीवी कैमरे चौबीस घंटे काम करेंगे। जीवंत दृश्य के साथ ही श्रव्य भी रिकार्ड करेंगे। इन सीसीटीवी कैमरों को पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है। संबंधित क्षेत्र के रेल सुरक्षा बल पोस्ट तक भी इन सीसीटीवी कैमरों की लाइव रिकॉर्डिंग पहुंचेगी। पश्चिम मध्य रेल की इस पहल ने संवेदनशील खंड में निवारक निगरानी और खुफिया-आधारित पुलिसिंग को काफी मजबूत किया है। दोनों स्टेशन के यार्ड भी नजर… बच नहीं पाएंगे अपराधी रेलवे के सीसीटीवी कैमरों की नजर में दोनों स्टेशन के यार्ड भी रहेंगे। स्टेशन में जगह नहीं होने पर कई ट्रेनें यार्ड में रुकती हैं। ट्रेन में चोरी, छीनाझपटी जैसी वारदात कर कई आरोपित ट्रेन के यार्ड में रुकने एवं धीरे होने पर उतरकर भाग जाते हैं। कई मामलों में आरोपी की पहचान तक नहीं हो पाती है। तीसरी नजर की सहायता से अब संदिग्धों की पहचान हो सकेगी। संदिग्ध गतिविधि के संदेह पर तुरंत कार्रवाई कर घटना को रोकना संभव होगा। नई डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से यात्रा और सुरक्षित होगी।  

दिल्ली सरकार के नए नियमों पर आतिशी का हमला, बोलीं– मिडिल क्लास हो रहा बेहाल

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है और इस बार आप नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा की दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के तुगलकी फरमान से मिडिल क्लास बेहाल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजधानी दिल्ली में मिडिल क्लास परिवारों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली कटौती, पानी की समस्या और अब "एंड ऑफ लाइफ" वाहनों को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों ने जनता को परेशान कर दिया है। आप नेता आतिशी ने कहा, "भाजपा सरकार ने बीते छह महीने में मिडिल क्लास को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। कभी बिजली कटौती, कभी पानी की कमी, और अब पुरानी गाड़ियों को बंद करने का फरमान। यह फैसला मिडिल क्लास की जिंदगी को पूरी तरह से झकझोर देने वाला है।" उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास के लोग वर्षों की मेहनत से अपनी बचत से गाड़ियां खरीदते हैं। महिलाएं अपनी सुरक्षा और सहूलियत के लिए वाहन लेती हैं ताकि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने से बच सकें। बुजुर्ग छोटे-मोटे बाजार जाने और दवाइयां लाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कई लोग सेकंड हैंड गाड़ियां खरीदते हैं क्योंकि नई गाड़ी खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं होता। लेकिन भाजपा सरकार ने एक झटके में 10 साल पुरानी गाड़ियों को बेकार घोषित कर दिया, चाहे उनकी कंडीशन कितनी भी अच्छी क्यों न हो। यह फरमान सीधे तौर पर स्क्रैप कारोबारियों और वाहन निर्माता कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला है, न कि जनता को। आम आदमी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार जनता के विरोध के बाद अब कोर्ट जाने की बात कर रही है, लेकिन यह सब दिखावा है। आतिशी ने कहा, "यह ठीक वैसा ही है जैसे एक फिल्म आई थी 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', अब ये हो गया है 'सरकार कॉलिंग सरकार'। पहले आदेश निकालते हैं, फिर खुद ही चिट्ठी लिखते हैं कि हम रोक नहीं लगा सकते, और अब कोर्ट का सहारा ले रहे हैं।" आप पार्टी की स्पष्ट मांग है कि भाजपा सरकार इन 62 लाख पुराने वाहनों को बचाने के लिए तुरंत एक स्पष्ट कानून लेकर आए। यह कानून जनता के हितों को प्राथमिकता दे, न कि स्क्रैप डीलरों या गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती, तो यह साफ हो जाएगा कि वह बड़े कॉर्पोरेट हितों से जुड़ी है और आम आदमी की समस्याओं से उसे कोई सरोकार नहीं है। इस बीच दिल्ली जल बोर्ड को लेकर भी आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए कि भाजपा ने अधिकारियों के माध्यम से जल बोर्ड से निर्णय लेने की शक्तियां छीन ली थीं, जबकि दिल्ली सरकार ने 10 साल पहले ही जल बोर्ड को स्वायत्त निर्णय लेने की आजादी दी थी। 

हमारी सरकार गरीब को गणेश मानकर कर रही सेवा – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण को समर्पित है और इसी भावना के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है जिसके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीब, किसान, युवा एवं महिला इन चारों जातियों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है तथा हम संकल्प पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा करेंगे जिससे उत्कृष्ट और विकसित राजस्थान की परिकल्पना को गति मिलेगी। श्री शर्मा मंगलवार को चूरू में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडे के तहत आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूरू अपनी अनूठी स्थापत्य कला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। साथ ही, तालछापर अभयारण्य के काले हिरण और प्रवासी पक्षियों का कलरव प्रकृति प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यहां की कलात्‍मक हवेलियां, भित्तिचित्र और अन्‍य ऐतिहासिक धरोहर चूरू के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास से रूबरू कराती हैं। आमजन को एक ही स्थान पर मिल रहा विभिन्न योजनाओं का लाभ- श्री शर्मा ने कहा कि इन शिविरों में रास्‍तों से अतिक्रमण हटाने, भूमि के स्‍वामित्‍व मिलने जैसे बरसों से लंबित काम पूरे हो रहे हैं। साथ ही, शिविरों के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना के तहत 10 हजार गांवों में बीपीएल परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को पौध वितरण, मृदा नमूनों के संग्रहण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण, पशुपालकों को मंगला पशु बीमा, पशुओं की जांच, इलाज और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी इन शिविरों में किए जा रहे हैं। गरीब कल्याण की योजनाओं से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का हो रहा उत्थान- मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में अभूतपूर्व परिवर्तन आए हैं। उनके द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की योजनाओं से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का उत्थान हो रहा है। साथ ही, उनके कुशल मार्गदर्शन में देश में अभूतपूर्व विकास कार्य के साथ-साथ आतंकवाद-नक्सलवाद का खात्मा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास की अवधारणा पर राज्य सरकार कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। महिला, युवा, किसान एवं गरीब के उत्थान के लिए हो रहा काम- श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार को गरीब के हित से कोई सरोकार नहीं था जबकि हम गरीब को गणेश मानकर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं। किसानों को हमारी सरकार गोपाल क्रेडिट कार्ड, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। वहीं, महिलाओं को लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, मेधावी छात्राओं को साइकिल वितरण, कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना, मा वाउचर सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्त किया जा रहा है। युवाओं को हम पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देंगे। उन्होंने कहा कि हमने शेखावाटी में यमुना जल लाने के लिए यमुना जल समझौते के लिए हरियाणा सरकार के साथ मिलकर टास्‍क फोर्स गठित की है। हमारे डेढ साल के कार्य पूर्ववर्ती सरकार के पूरे कार्यकाल से ज्यादा- मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केवल डेढ़ साल में ही प्रदेश के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं जोकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे 5 साल से भी ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ साल में ही विद्युत उत्पादन क्षमता में 4 हजार 270 मेगावाट की बढ़ोतरी की जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे पांच साल में केवल 3 हजार 948 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की। इसी तरह, हमने डेढ़ साल में किसानों को 253 लाख मीटर से अधिक तारबंदी के लिए अनुदान दिया तथा 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 113 लाख मीटर तारंबदी के लिए अनुदान दिया तथा केवल 29 हजार पौंड बनवाए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 55 पशु चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ , इसके मुकाबले पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे कार्यकाल में केवल 49 का ही क्रमोन्नयन किया। चूरू जिले का हो रहा समग्र विकास- श्री शर्मा ने कहा कि चूरू जिले के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए हमारी सरकार ने बजट में 834 करोड़ रुपये का प्रावधान किया तथा चूरू विधानसभा में 300 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये से रिंग रोड वाया तारानगर वाया बालेरी से सरदारशहर वाया रतनगढ़ वाया देपलसर से एनएच-52 बाइपास सड़क निर्माण करवाया जाएगा। साथ ही, 20 करोड़ रुपये से चूरू-जयपुर रोड ओवरब्रिज की मरम्मत की जा रही है। सिरसला रेलवे लाइन पर अंडरब्रिज, रामनगर तिराहा और ओम कॉलोनी में आरयूबी, चूरू शहर में एलीवेटेड रोड बनाने का काम भी किया जा रहा है। लोकार्पण और शिलान्‍यास- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चूरू में 3 करोड़ 62 लाख रुपये से बने मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह तथा 11 करोड़ 76 लाख रुपये से निर्मित 200 बेड क्षमता वाले अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया। साथ ही, श्री शर्मा ने 7 करोड़ 50 लाख रुपये से निर्मित चूरू में कृषि महाविद्यालय खांसोली का शिलान्यास भी किया।  

यूपी में ‘मैं हिंदू हूं’ पोस्टर से नया बवाल, कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ा नेम प्लेट विवाद

लखनऊ यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और पहचान अभियान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। पहले सभी दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने का आदेश हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने दुकानो पर छापेमारी करते हुए पहचान अभियान चलाया गया। दोनों पर रोक लगी तो अब मैं हिंदू हूं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर हिंदू महासभा के लोगों ने बरेली-बदायूं मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और खाने-पीने की चीजें बेचने वाले ठेलों पर लगाया है। महासभा का दावा है कि इससे कोई धर्म छिपाकर दुकानें नहीं चला पाएगा। हम लोग हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अब किसी कांवड़िए का व्रत खंडित नहीं होगा। हिंदू महासभा की इस कार्यवाही को मुस्लिम दुकानदारों ने गलत बताया है। इसे समाज को बांटने वाला और भेदभाव वाली राजनीति कहा है। इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश कहा है। दुकानों पर पोस्टर लगाने निकले हिंदू महासभा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज पाठक का कहना है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों के आगे पोस्टर लगवाए हैं। यूपी की योगी सरकार पिछले साल कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस साल यशवीर महाराज के कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर पहचान अभियान चलाया। हिंदू नाम से दुकान चलाने वाले कई दुकानदारों की पहचान की। एक दुकानदार का पैंट उतरवाकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा। अब मैं हिंदू हूं वाले पोस्टर से हंगामा मचने की आशंका है। सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवड़िए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक जाएंगे। इसे देखते हुए हिंदू महासभा ने यह अभियान शुरू किया है। महासभा का कहना है कि हमने कावड़ियों की आस्था की रक्षा और कावड़ खंडित न होने का संकल्प लिया है। सावन में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं। हिंदू महासभा के लोग कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों का आधार कार्ड से पहचान कर रहे हैं। इसके बाद दुकान पर मैं हिंदू हूं का पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। पंकज पाठक ने कहा कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी अगर होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे सकता है। उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस सकता है, जिससे कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है। इसी को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए।