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ट्रंप ने कोरियाई राष्ट्रपति के सामने जताई ताकत, कहा- चीन को बर्बाद करने की क्षमता है

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग बैठे थे. दक्षिण कोरिया और चीन तगड़े प्रतिद्वंद्वी हैं. इस दरम्यान डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं अगर वे चाहें तो चीन को बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे. ट्रंप ने कहा कि उनके पास ऐसे-ऐसे कार्ड्स जो चीन को तबाह कर सकता है.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका चीन के साथ "बेहतरीन संबंध" बनाए रखेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह ऐसे कदम नहीं उठाएंगे जो इस देश को तबाह कर दें. ट्रंप ने कहा, "चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध होंगे… उनके पास कुछ कार्ड हैं. हमारे पास तुरुप के कई पत्ते हैं, लेकिन मैं उन कार्डों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता. अगर मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल करता हूं, तो इससे चीन बर्बाद हो जाएगा. मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल नहीं करने वाला." कभी पुचकराना, कभी दुत्कारना ट्रंप की कूटनीति कभी पुचकराने तो कभी दुत्कारने की रही है. समय-समय पर वे इसका इस्तेमाल करते रहते हैं. ट्रंप ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि चीन को अपना मैग्नेट अमेरिका को देना ही पड़ेगा. अगर चीन ऐसा नहीं करता है कि उसे 200 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.  यहां मैग्नेट का अर्थ 'रेयर अर्थ मैग्नेट' या 'रेयर अर्थ एलिमेंट'से है.  ये मैग्नेट उच्च-तकनीकी और औद्योगिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण घटक हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन मोटर, पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिसाइल मार्गदर्शन प्रणाली जैसी रक्षा प्रणालियां शामिल हैं. चीन दुर्लभ 'रेयर अर्थ एलिमेंट' वैश्विक आपूर्ति में अग्रणी है, और दुनिया के लगभग 90% दुर्लभ रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन करता है. गौरतलब है कि जब से अमेरिका चीन पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहा है तब चीन ने भी रेयर अर्थ एलिमेंट के निर्यात को कंट्रोल कर दिया है. चीन ने इसे एक्सपोर्ट कंट्रोल की सूची में डाल दिया है इससे अमेरिका को इसका निर्यात बंद हो गया है और अमेरिका उद्योग प्रभावित हुए है.  उनके पास रेयर अर्थ है, हमारे पास टैरिफ राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर इस महत्वपूर्ण मैटेरियल की सप्लाई के लिए दबाव डालते हए कहा, "लेकिन हमारे पास टैरिफ जैसी बहुत शक्तिशाली चीज है. अगर हम 100% या 200% टैरिफ लगाना चाहें, तो हम चीन के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे. और अगर ऐसा करना पड़ा तो भी ठीक होगा. लेकिन जहां तक मैग्नेट की बात है हमारे पास उनके लिए बहुत शक्ति है, और उनके पास भी हमारे खिलाफ कुछ शक्ति है." राष्ट्रपति ट्रंप ने मैग्नेट को लेकर आगे का प्लान बताते हुए कहा कि हमारे पास बहुत सारे मैग्नेट होंगे. वास्तव में इतने ज्यादा होंगे कि हमें समझ नहीं आएगा कि उनके साथ क्या करना है. मैग्नेट की कहानी बहुत दिलचस्प है. यह इसलिए हुआ क्योंकि हमारे राष्ट्रपति बिजनेसमैन नहीं थे, इसलिए उन्होंने ऐसा होने दिया, जो नहीं होना चाहिए था.  उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बहुत बेहतर और बड़े विकल्प हैं. फिर भी मेरा मानना है कि हमारा चीन के साथ अच्छा रिश्ता है. मैंने हाल ही में राष्ट्रपति शी से बात की थी, और इस साल या उसके बाद, हम शायद चीन जाएंगे और वहां कुछ शानदार देखेंगे. यह एक महान देश है." बता दें कि अभी अमेरिका चीन से आने वाले अधिकांश वस्त्रों पर औसतन 145% टैरिफ वसूल रहा है, जबकि चीन अमेरिका से आयात होने वाली अधिकांश वस्तुओं पर 125% टैरिफ लगा रहा है.  अमेरिका ने अपने सुरक्षा, ड्रग तस्करी (फेंटेनल) और तकनीकी हितों के चलते टैरिफ बढ़ाए हैं, जिससे व्यापक तौर पर चीनी सामान पर 145% तक का टैरिफ लागू है. चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सामानों पर टैरिफ 125% तक बढ़ा दिए हैं, खासकर एग्रीकल्चर, ऑटो पार्ट्स और हाई-टेक प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए हैं. 

तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है

लोकतंत्र केवल शासन पद्धति नहीं, बल्कि जीवन की आत्मा है : तोमर तोमर का संदेश: लोकतंत्र सिर्फ शासन नहीं, यह जीवन की आत्मा है “लोकतंत्र जीवन की आत्मा है, केवल शासन पद्धति नहीं” – तोमर तोमर ने उजागर किया लोकतंत्र का असली महत्व, इसे बताया जीवन की आत्मा स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में तोमर का संबोधन भोपाल  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। यह एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक सत्य है कि भारत ने ही दुनिया को लोकतंत्र का बीज दिया। लोकतंत्र हमारे लिए केवल संविधान की देन नहीं है, बल्कि सबसे पुरानी जीवन परंपरा का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से हमारी संस्कृति, समाज और राजनीति का मार्गदर्शन करता आया है। तोमर दिल्ली विधानसभा में आयोजित केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर स्व. विट्ठल भाई पटेल शताब्दी वर्ष समारोह में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन सम्मेलन में “भारत−लोकतंत्र की जननी” विषय पर व्याख्यान सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र का विषय प्रवर्तन राज्यसभा के उपसभापति हरवंश ने किया। दो दिन चले व्याख्यान सत्र में देश के लगभग 12 विधानसभा अध्यक्षों/उपाध्यक्षों ने अपने विचार रखे। समापन सत्र के दौरान लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार एवं दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित थे। तोमर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन पद्धति भर नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की आत्मा है। लोकतंत्र की जड़ें बहुत गहरी रही हैं। आज दुनिया के अनेक लोग यह मानते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्य यूनान से शुरू हुए, लेकिन सच यह है कि भारत में उनकी नींव बहुत पहले पड़ चुकी थी। "ऋग्वेद" और "अथर्ववेद" में 'सभा' और 'समिति' जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है। ये संस्थाएँ सामूहिक विमर्श और निर्णय का प्रतीक थीं, जिनमें राजा तक को अपनी राय थोपने का अधिकार नहीं था। उपनिषद भी हमें यही शिक्षा देते हैं। "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः" जैसी प्रार्थनाएँ केवल धार्मिक मंत्र नहीं हैं। यह मानवता की साझी भलाई, समानता और समावेश का उद्घोष है। यही लोकतंत्र का मूल तत्व है। लोकतंत्र का मतलब केवल वोट देना और सरकार चुनना नहीं है। लोकतंत्र का मतलब है ऐसी व्यवस्था जिसमें सबका कल्याण, सबकी साझेदारी और सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। यही बात हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले कह दी थी। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि स्व. विट्ठलभाई पटेल ने तत्कालीन राजनीति को नए आयाम दिए और लोकतंत्र के नए मानदंड स्थापित किए। सभी राज्यों की विधानसभाओं को उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। तोमर ने कहा कि यह भवन विपिन चंद्र पाल एवं पं. मदन मोहन मालवीय की कर्म स्थली रही है। स्व. बटुकेश्वर दत्त और स्व. भगत सिंह के बम कांड की गवाही भी यह भवन देता है यह हमारी स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना है। तोमर ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। हर पाँच साल में करोड़ों नागरिक मतदान करके सरकार चुनते हैं। सत्ता का शांतिपूर्ण परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि जनता को चुनने और बदलने का अधिकार प्राप्त है। यही लोकतंत्र की आत्मा है -जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद भारत का लोकतंत्र मजबूत है। इसका कारण यही है कि यह लोकतंत्र केवल संविधान तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की जनता की चेतना और उसकी संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है। तोमर ने कहा कि अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त करें। लोकतंत्र का अर्थ केवल सरकार को चुनना नहीं, बल्कि नागरिक के रूप में अपने दायित्वों को निभाना भी है। सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विधान परिषदों के सभापति, उपसभापति एवं विधानसभा सचिवालयों के अधिकारी सम्मिलित हुए। सम्मलेन का शुभारंभ 24 अगस्त को गृहमंत्री भारत सरकार अमित शाह द्वारा किया गया। समापन दिवस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष रूप से उपस्थित थे। मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव ए पी सिंह भी उपस्थित थे।  

मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

भारतीय प्रतिभाएं, भारत के विकास में योगदान दें : केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान मप्र से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती है : उच्च शिक्षा मंत्री परमार विश्व एक परिवार है, वसुधैव कुटुंबकम् भारत की संस्कृति है : परमार भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) का द्वादश दीक्षांत समारोह भोपाल  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में सोमवार को आयोजित 'द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह' में उपाधि प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भारत की उज्ज्वलतम प्रतिभाओं को देश में ही बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से भावनात्मक आह्वान करते हुए कहा कि वे विदेशों में अवसर तलाशने के बजाय, भारत के विकास और नवाचार प्रणाली में सक्रिय योगदान दें। चौहान ने इस बात को रेखांकित किया कि सिलिकॉन वैली जैसे वैश्विक तकनीकी केंद्रों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रतिभाएं काम कर रही हैं। चौहान ने स्नातकों को प्रेरित किया कि वे अपनी योग्यता और कौशल का उपयोग भारत के हित में करें। उन्होंने 'ब्रेन ड्रेन' की प्रवृत्ति को उलटने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा देश में ही सफल करियर और उद्यम खड़े करें, जिससे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की नींव मजबूत हो। चौहान ने विद्यार्थियों को जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर, समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। चौहान ने स्थानीय उत्पादों और व्यवसायों के समर्थन की आवश्यकता पर भी बल दिया। चौहान ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाते और बढ़ावा देते हैं, तब न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं। यह प्रक्रिया ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों को सशक्त बनाती है और समावेशी विकास को बढ़ावा देती है। चौहान ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सभी मेधावी शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। परमार ने कहा कि विश्व एक बाजार नहीं, अपितु एक परिवार है। "वसुधैव कुटुंबकम्" का यही मूल भाव, भारत की संस्कृति है। यह भारतीय दृष्टिकोण विश्वमंच पर जितना प्रभावशाली एवं व्यापक होगा, वैश्विक परिधियों में लोक कल्याण का मार्ग उतना ही प्रशस्त होगा। परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक भारतीय भाषा सिखाने की कार्य योजना तैयार की जा रही है और इसका विद्यार्थियों को उनके मूल्यांकन में वेटेज देने की भी कार्ययोजना है। प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में भारतीय भाषाओं को पढ़ाने से देश भर में यह संदेश जाएगा कि भाषा जोड़ने का काम करती हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव, भारत की सभ्यता एवं विरासत है। किसी के कार्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करना, कृतज्ञता भाव रूपी भारतीय दर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है। परमार ने कहा कि पेड़ों, जलस्रोतों सूर्य आदि प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के पूजन एवं उपासना की पद्धति भारतीय समाज में परंपरागत रूप से विद्यमान है। यह परंपरा प्रकृति सहित समस्त ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए, उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भाव है। हम सभी कृतज्ञतावादी है, न कि रूढ़िवादी। समाज में विद्यमान परम्पराओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ समृद्ध करने की आवश्यकता है। हमारे पूर्वज सूर्य उपासक थे, प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता और महत्व को जानते थे। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर होकर अन्य देशों की भी पूर्ति करने में समर्थ होगा। साथ ही वर्ष 2047 तक खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्म निर्भर होकर अन्य देशों का भरण-पोषण करने में भी सामर्थ्यवान बनेगा। हम सभी की सहभागिता से अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए हमें स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास और ज्ञान के आधार पर हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। समारोह में संस्थान के विभिन्न संकायों बीएस में 51, बीएस-एमएस में 227, एम.एससी./एम.एस. में 56 एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम में 89, इस प्रकार कुल 423 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विशिष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में संस्थान द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रपति स्वर्ण पदक एवं निदेशक स्वर्ण पदक कौशिक मेधी (बीएस-एमएस) को दिया गया। समारोह में 16 छात्र- छात्राओं को प्रवीणता पदक और 6 विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में संस्थान की इनोवेशन मैगजीन का विमोचन भी हुआ। समारोह में संस्थान के शासक मंडल के अध्यक्ष प्रो. अरविंद ए नातू एवं संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के एचओडी, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।  

MP में विधायकों की तनख्वाह बढ़ सकती है 45% तक, विधानसभा में गूंजा प्रस्ताव

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर विधायकों की सैलरी बढ़ने के मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर मध्य प्रदेश में विधायकों की सैलरी 45 फीसदी बढ़ती है तो उन्हें मिलने वाली सैलरी 1 लाख से ज्यादा हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो राजस्थान से ज्यादा मध्य प्रदेश के विधायकों की सैलरी हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को भेजा गया है. इतना ही नहीं पूर्व विधायकों के पेंशन में भी इजाफा करने की मांग की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से भी यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश सरकार को भेजा गया है. अब 3 सदस्यीय समिति इस मुद्दे पर फैसला करेगी. इस समिति के अध्यक्ष एमपी के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा हैं. इस समिति में बीजेपी और कांग्रेस के एक-एक सीनियर विधायक भी शामिल होंगे. माना जा रहा है कि उनका चयन जल्द ही सरकार की तरफ से किया जाएगा. लंबे समय से चल रही मांग काफी लंबे वक्त से मध्य प्रदेश के विधायकों की तरफ से वेतन, भत्ते और विधायक निधि में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी. इसके लिए एक समिति भी बनी हुई है. इसकी अध्यक्षता रीवा की गुढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह कर रहे हैं. समिति ने सभी पक्षों पर चर्चा कर वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की सिफारिश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दी थी.  

एमपी में वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती लोकप्रियता, भोपाल रेल मंडल ने लिया अहम निर्णय

भोपाल एमपी में चल रहीं वंदेभारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की पहली वंदेभारत भोपाल निजामुद्दीन और बाद में चलनेवाली इंदौर नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की ऑक्यूपेंसी बेहतर होती जा रही है। रेलवे बोर्ड द्वारा वंदे भारत के संबंध में जोन और मंडलों से बुलाई गई रिपोर्ट के अनुसार भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में तो सीटों की जबर्दस्त कमी पड़ रही है। इसकी ऑक्यूपेंसी और पैसेंजर डिमांड को देखते हुए भोपाल रेल मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। मंडल ने भोपाल निजामुद्दीन वंदेभारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अब रेलवे बोर्ड की मंजूरी मांगी गई है। एमपी की राजधानी भोपाल को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़नेवाली रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेन नंबर 20171 रानी कमलापति-निजामुद्दीन की ऑक्यूपेंसी जहां 94 प्रतिशत है वहीं ट्रेन नंबर 20172 निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदेभारत 112 प्रतिशत की ऑक्यूपेंसी से चल रही है। ट्रेन में तेजी से बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कोच बढ़ाए जा रहे हैं। इससे रेल यात्रियों को खासी राहत मिल सकेगी। भोपाल रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड को वंदे भारत ट्रेन में 4 कोच बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। मंडल अधिकारियों के अनुसार बोर्ड से इसकी जल्द मंजूरी मिल सकती है। रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अभी 16 कोच की ट्रेन है। इसमें 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच और 14 एसी चेयर कार कोच हैं। इस प्रकार कुल 1128 सीटें हैं। 4 कोच बढ़ाने पर रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत में 432 सीटें बढ़ जाएंगी। 20 कोच से रोज 1560 यात्री कर सकेंगे सफर भोपाल रेल मंडल के अधिकारी बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने से इसमें रोज 1560 यात्री सफर कर सकेंगे। नया प्रस्ताव मंजूर होने पर ट्रेन में 2 एसी चेयर कार और 2 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच बढ़ जाएंगे। इस प्रकार रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल 4 एग्जीक्यूटिव क्लास और 16 चेयर कार कोच हो जाएंगे। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया बताते हैं कि रानी कमलापति–हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोच की करने का फैसला लिया गया है। रेलवे बोर्ड से जल्द ही इसकी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश में रोजगार का तोहफ़ा, सीएम यादव देंगे 1060 कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्युत कंपनियों के 1060 कर्मचारियों को देंगे नियुक्ति-पत्र मध्यप्रदेश में रोजगार का तोहफ़ा, सीएम यादव देंगे 1060 कर्मचारियों को अपॉइंटमेंट लेटर विद्युत कंपनियों में नई नियुक्तियाँ: सीएम डॉ. यादव बांटेंगे 1060 नियुक्ति-पत्र ऊर्जा मंत्री ने 26 अगस्त के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे रवीन्द्र भवन भोपाल में विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्त-पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में बिजली कंपनियों के लिए नवीन संगठनात्मक संरचना के तहत 51 हजार 711 नये स्थाई पदों की स्वीकृति के लिये मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया जायेगा। ऊर्जा विभाग की विभिन्न बिजली कंपनियों में रिक्त पदों की परीक्षा के बाद कर्मचारियों का चयन किया गया है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को मंत्रालय में 26 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्यक्रम स्थल का भी निरीक्षण किया। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई ने कार्यक्रम आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संकल्प-पत्र के आधार पर विभिन्न पदों पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भर्ती की गई है। चयनित पदों में बिजली इंजीनिय़र, सिविल इंजीनियर, लेखाधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक विधि अधिकारी, लाइन अटैंड़ेंट, सिक्य़ोरिटी ऑफिसर, पॉवर प्लांट  फार्मासिस्ट, केमिस्ट, एएनएम, ट्रेसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर, ईसीजी टैक्निशियन, पब्लिसिटी ऑफिसर, मेडिकल ऑफिसर आदि पद शामिल हैं। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश की विभिन्न बिजली कंपनियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही विद्युत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी कर्मचारी हितों और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर चर्चा भी की जाएगी। बैठक में एम.डी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अविनाश लवानिया और एम.डी. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

आज का राशिफल (26 अगस्त 2025): इन राशि वालों के लिए दिन रहेगा शुभ

मेष आज एनर्जी से भरपूर दिन आपका इंतजार कर रहा है, जो रचनात्मकता से भरपूर है। स्मार्ट तरीके से धन से जुड़े मामले हैन्डल करें। पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के रिश्तों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कम्युनिकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वृषभ आज के दिन खर्च को कंट्रोल करें। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है, हो सकता है आपने टॉप किया हो या आपको आपके फेवरेट कॉलेज में एडमिशन मिल गया हो। आज की एनर्जी आपको विचारों और प्रोजेक्ट्स को उत्साह के साथ आगे बढ़ाने के लिए मोटिवेट करती है। मिथुन आज के दिन पैसों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। बाहर का खाना आज खाने से बचें अगर सेहत रिलेटेड प्रॉब्लम है। आज का आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड कर सकते हैं। कर्क आज के दिन लव के मामले में साथी की बात सुनना बेहतर रहेगा। कुछ लोगों के लिए हलचल भरा ये दिन रहने वाला है। आज मुश्किलों पर काबू पाना आपके दिन को उजागर करता है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। सिंह आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं और अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। आपका इंट्यूशन ही आपका मार्गदर्शन करेगा। कन्या आज का दिन पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती ला सकता है। ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देती है। आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है। अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। तुला आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। वृश्चिक आज के दिन महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। यह दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। धनु आज के दिन काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। मकर आज के दिन लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ने वाले हैं। कुछ लोगों के लिए दिन थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। कुंभ आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। आपके लिए सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मीन आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है। नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे। बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है। नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे।

लाना की रंगीन दुनिया: WWE करियर से लेकर निजी रिश्तों तक सबकुछ रहा चर्चा में

वाशिंगटन  WWE की पूर्व सुपरस्टार लाना, जिन्हें CJ पेरी के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। एक सफल मैनेजर से लेकर एक लीजेंड्स कॉन्ट्रैक्ट तक, लाना हमेशा चर्चा में रही हैं। 2021 में कंपनी से रिलीज होने के बाद, उन्हें 2025 में एक लीजेंड्स डील के तहत फिर से साइन किया गया है। यहां हम उनके जीवन और करियर से जुड़ी तीन ऐसी बातों पर नजर डालेंगे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। 1. रुसेव के साथ संबंध और एक टैंक के अंदर का किस्सा WWE रिंग में लाना और रुसेव की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया। जल्द ही, यह ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री असल जिंदगी के प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी कर ली। 2019 में रुसेव ने यह कहकर सबको चौंका दिया था कि उन्होंने रेसलमेनिया 31 में अपनी एंट्री के लिए इस्तेमाल किए गए टैंक के अंदर दो बार संबंध बनाए थे। बाद में लाना ने खुद इसकी पुष्टि की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में यह भी बताया कि दोनों ने ब्लैक सी में भी ऐसा किया था। यह खुलासा उनकी निजी जिंदगी का एक ऐसा पहलू था जिसने फैंस को हैरान कर दिया। 2. डेमियन प्रीस्ट के साथ अफवाहें 2024 में जब लाना और रुसेव अलग हो गए, तो लाना का नाम पूर्व WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन डेमियन प्रीस्ट के साथ जोड़ा जाने लगा। दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया था, जिससे ये अफवाहें और तेज हो गईं। हालांकि, लाना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सिर्फ अच्छे दोस्त हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके दोस्तों की तस्वीरें पोस्ट करने पर भी लोग उन्हें उनका बॉयफ्रेंड समझ लेते हैं। 2025 की शुरुआत में लाना और रुसेव के फिर से एक साथ आने से इन अफवाहों पर विराम लग गया। 3. WWE द्वारा उन्हें अलग करने की कोशिश 2015 में WWE ने लाना और रुसेव को ऑन-स्क्रीन अलग करने का फैसला किया था। इस स्टोरीलाइन में लाना को डॉल्फ जिगलर के साथ और रुसेव को समर रे के साथ दिखाया गया था। रेसलिंग ऑब्जर्वर की एक रिपोर्ट के अनुसार, विंस मैकमेहन इस ऑन-स्क्रीन ब्रेकअप के जरिए उन्हें असल जिंदगी में भी अलग करना चाहते थे। लेकिन, यह स्टोरीलाइन तब बर्बाद हो गई जब लाना और रुसेव की सगाई की खबर सोशल मीडिया पर लीक हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, विंस को लगता था कि रुसेव जैसे किसी व्यक्ति को लाना जैसी लड़की नहीं मिलनी चाहिए। लाना फिलहाल WWE के साथ एक लीजेंड्स कॉन्ट्रैक्ट में हैं, लेकिन अभी तक वह टेलीविजन पर दिखाई नहीं दी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में वह कब और किस रूप में WWE में वापसी करती हैं।  

ताऊ देवीलाल जयंती की112वीं जयंती पर अभय चौटाला का वार, कांग्रेस-भाजपा को घेरा

जींद   इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने रोहतक में 25 सितंबर 2025 को होने वाली ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती के सम्मान समारोह की तैयारियों को लेकर खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने 90 विधानसभा क्षेत्रों में 27 बैठकें आयोजित की हैं, जिनमें 500 से 1500 कार्यकर्ता शामिल हुए। नरवाना की बैठक में 1000 जिम्मेदार कार्यकर्ता पहुंचे, जो पार्टी के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है। कांग्रेस-भाजपा पर हमला अभय चौटाला ने कांग्रेस और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आईएनएलडी को भाजपा की बी-टीम कहकर बदनाम किया, लेकिन असल में हुड्डा और उनके बेटे ने भाजपा की हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनवाने में मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो सालों में हुड्डा ने कभी भाजपा के खिलाफ नहीं बोला और केवल आईएनएलडी को वोट काटने वाली पार्टी बताकर प्रचार किया। अभय ने कहा, "1977 से 2000 तक हमने कांग्रेस की जड़ें काटीं और उसे सत्ता से बाहर रखा। इस बार रोहतक में लोग कांग्रेस की रीढ़ तोड़ेंगे।" जजपा की नाकामी  जननायक जनता पार्टी (जजपा) पर तंज कसते हुए अभय ने कहा कि जजपा ने झूठे वादे किए और भाजपा की गोद में जाकर बैठ गई। उन्होंने कहा कि लोगों ने जजपा का इलाज कर दिया। इस बार उनकी पार्टी 1 लाख वोट भी नहीं जुटा पाई, जबकि वे 17% वोट की बात करते थे। चौधरी ओम प्रकाश चौटाला की कमी  पहली बार ताऊ देवीलाल की जयंती चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के बिना मनाए जाने के सवाल पर अभय ने कहा कि उनकी कमी हर कार्यकर्ता को खल रही है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी कार्यकर्ता चौधरी साहब की देन हैं और उनकी अनुपस्थिति में भी पार्टी को मजबूती से आगे ले जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन पर टिप्पणी अभय ने दावा किया कि यदि आईएनएलडी इंडिया गठबंधन का हिस्सा होती, तो हरियाणा और केंद्र में भाजपा की सरकार नहीं बनती। उन्होंने कांग्रेस पर नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को गठबंधन से बाहर करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के दावों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा "चोर-चोर मौसेरे भाई" हैं। मनीषा हत्याकांड और अपराध  मनीषा हत्याकांड पर सीबीआई जांच के सवाल पर अभय ने कहा कि उन्हें हरियाणा पुलिस पर भरोसा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस को नहीं। उन्होंने सीबीआई को भाजपा की कठपुतली बताते हुए कहा कि हरियाणा में रोजाना 3-4 हत्याएं, 10 से ज्यादा अपहरण और बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि आईएनएलडी की सरकार बनी, तो 24 घंटे में अपराध खत्म हो जाएगा, जैसा चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के शासनकाल में था। वायरल वीडियो पर टिप्पणी सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और जुलाना विधायक विनेश फोगाट की अधिकारियों से बातचीत की वायरल वीडियो पर अभय ने कहा कि ये विधायक अधिकारियों से सम्मानजनक बातचीत नहीं करते और वीडियो बनाकर वायरल करते हैं, जो गलत है। नायब सैनी पर तंज अभय ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को "डमी मुख्यमंत्री" करार देते हुए कहा कि हरियाणा में अभी भी मनोहर लाल खट्टर का ही कार्यकाल चल रहा है। 25 सितंबर को विशाल रैली का दावा  अभय ने कहा कि 25 सितंबर को रोहतक में लाखों लोग जुटेंगे और भाजपा को सत्ता से बाहर कर आईएनएलडी को सत्ता में लाने का काम करेंगे। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल और उमर अब्दुल्ला को भी रैली में आमंत्रित करने की बात कही।

कट्टर दुश्मनी पर लगी मोहब्बत की मुहर, सेरेना विलियम्स ने शारापोवा को दिया ‘हॉल ऑफ फेम’ का समर्थन

लंदन  रूस की टेनिस स्टार मारिया शारापोवा (38) को अमेरिका के न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड में आयोजित समारोह में टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया. इसी कार्यक्रम में अमेरिका के दिग्गज डबल्स स्टार्स माइक और बॉब ब्रायन को भी यह सम्मान मिला. शारापोवा का करियर बेहद खास रहा है. वे ओपन एरा में सिंगल्स ग्रैंड स्लैम जीतने वाली सिर्फ 12 खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने कुल 5 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए. उनका सबसे यादगार पल 2004 का विम्बलडन फाइनल रहा, जब महज 17 साल की उम्र में उन्होंने सेरेना विलियम्स को 6-1, 6-4 से हराकर दुनिया को चौंका दिया था. आखिर सेरेना ने शारापोवा के बारे में क्या कहा? हॉल ऑफ फेम के मंच पर जब अमेरिकी दिग्गज सेरेना (43) ने अपने करियर की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कही जाने वाली शारापोवा को इंडक्ट करने का ऐलान किया, तो माहौल भावुक हो उठा. सेरेना बोलीं, 'शायद आप मुझे यहां देखने की उम्मीद नहीं कर रहे थे. सच कहूं तो कुछ साल पहले मैं भी ऐसा ही सोचती. लेकिन जब मारिया ने मुझे मैसेज कर पूछा कि क्या मैं उन्हें हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सकती हूं, तो मैंने तुरंत हां कहा. क्योंकि वो मारिया हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'मारिया और मैं एक-दूसरे की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी रहीं. लेकिन सच यह है कि हमारी चाहत एक जैसी थी- सबसे बेहतरीन बनना. हर बार जब ड्रॉ में उनका नाम मेरे सामने आता, मैं और कड़ी मेहनत करती. वो मेरे करियर की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से रहीं, जिन्होंने मुझे हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए मजबूर किया.' कोर्ट से बिजनेस और फैशन तक सेरेना ने यह भी कहा कि शारापोवा ने कोर्ट पर उत्कृष्टता दिखाई और फिर उसे बिजनेस, फैशन और ब्रांडिंग की दुनिया में भी उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ाया. समारोह के अंत में जब दोनों दिग्गज एक-दूसरे से गले मिलीं, तो यह पल सिर्फ टेनिस फैन्स ही नहीं, बल्कि खेल इतिहास के लिए भी अविस्मरणीय बन गया. सेरेना विलियम्स और मारिया शारापोवा टेनिस इतिहास की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वियों में गिनी जाती हैं. 2004 से 2019 तक दोनों के बीच 22 मुकाबले हुए, जिनमें से 20 बार जीत सेरेना के नाम रही. ग्रैंड स्लैम स्तर पर भी सेरेना का दबदबा रहा-जहां उनका रिकॉर्ड 8-1 रहा, जबकि फाइनल्स में भी उन्होंने 3-1 से बढ़त बनाई. 23 ग्रैंड स्लैम जीत चुकीं सेरेना विलियम्स 2027 में खुद भी हॉल ऑफ फेम इंडक्शन के लिए पात्र होंगी.लंदन